LPG News: गैस एजेंसी कर्मी बनकर बाइक सवार चोर दो सिलेंडर उठा ले गये

LPG News: ग्रेटर नोएडा में दो चोरों ने कमाल कर दिया. दो स्मार्ट बाइक सवार गैस एजेंसी के यूनिफॉर्म में सजे-धजे सीधे एक घर की रसोई में घुस गए. “मैडम, सिलेंडर चेक करना है,” कहकर दो भरे-पूरे एलपीजी सिलेंडर कंधे पर लादा और बाइक पर सवार होकर गायब हो गए. इन सिलेंडर लुटेरों को पुलिस अभी तक तलाश रही है यानी चोरों ने न सिर्फ सिलेंडर चुराए बल्कि सरकार की कानून-व्यवस्था की भी धज्जियां उड़ा दीं.

सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत करोड़ों सिलेंडर बांट दिए. सिलेंडर पर सब्सिडी से महिलाओं को सशक्त बनाने का दावा किया लेकिन अब चोर भी उसी सिलेंडर को अपना उज्ज्वल भविष्य बनाने के लिए बड़ी आसानी से घर से उठा रहे हैं और पुलिस उन्हें ढूंढ भी नहीं पा रही. सरकार की माने तो पूरा देश डिजिटल इंडिया बन चुका है, आधार से हर चीज लिंक है लेकिन रसोई में घुसकर सिलेंडर चोरी करने वाले को पकड़ने में पुलिस को क्लू चाहिए. आखिरकार, चोरों ने जो किया, वो तो सरकार की नीति का ही परिणाम है ना? सस्ता गैस सबको चाहिए लेकिन सुरक्षा का इंतजाम? वो तो आम आदमी के जिम्मे है न? बेरोजगारी इतनी की चोरियाँ बढ़ रही हैं और महंगाई इतनी की सिलेंडर चोरी हो रहे हैं.

सरकार कहती है अपराध दर घटा है, विकास हो रहा है लेकिन हकीकत ये है कि अब चोर भी प्रोफेशनल हो गए हैं. पहले तो वे रात में चोरी करते थे, अब दिन-दहाड़े रसोई में घुसकर सामान उठा ले जाते हैं. ये चोरी नहीं सरकार की अच्छे दिन का नतीजा है.

औरतें जो रोज़ चूल्हे पर खड़ी होकर खाना बनाती हैं उनके लिए ये सिलेंडर जीवन-रेखा हैं लेकिन सरकार के लिए तो बस आंकड़े हैं “हमने इतने सिलेंडर सब्सिडी दिए” और चोर उन्हें बिना सब्सिडी के फ्री में उठा ले गए. क्या सबका साथ, सबका विकास यही है?

Superstition Crime: अंधविश्वास की आड़ में हत्या

Superstition Crime, लेखक –  वीरेंद्र कुमार खत्री

पढ़ाईलिखाई के प्रचारप्रसार के बावजूद हमारा समाज आज भी अंधविश्वास जैसी बुराई से उबर नहीं पाया है. इस की आड़ में हत्याएं हो रही हैं.

बिहार के नवादा जिले में एक शर्मनाक घटना घटी. डायन के आरोप में भीड़ ने पहले तो एक पतिपत्नी का मुंडन किया, उन पर चूना लगा कर गांवभर में घुमाया और फिर पेड़ से बांध कर बुरी तरह से मारपीट की, जिस में पति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई.

मीडिया रिपोर्ट से पता चला है कि मुसहरी टोला में मारे गए उस आदमी के पड़ोसी के घर छठीयारी समारोह मनाया जा रहा था, जिस में डीजे बारबार बंद हो रहा था.

लोगों ने इसे जादूटोना कर दिए जाने का आरोप लगा कर पीडि़त पतिपत्नी को घर से बाहर निकाला और मारपीट की.

गौर करें तो ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, जब जादूटोना करने के आरोप में लोगों को मौत की नींद सुलाने की खबरें अखबारों की सुर्खियां बनी हैं. आएदिन इस तरह की खबरें समाज के सामने आती रहती हैं.

दूसरी घटना यह सामने आई कि एक ओ झा के कहने पर औलाद की चाहत में एक बुजुर्ग का सिर काट कर धड़ को होलिका दहन में जला कर बलि दे दी और सिर को तालाब में गड्ढा खोद कर गाड़ दिया.

यह घटना बिहार के औरंगाबाद जिले के मदनपुर थाना के जलवन गांव की है. इस साल होली से पहले होलिका दहन की जगह से जो हड्डियां पुलिस ने बरामद कीं, उन की जांच में बुजुर्ग की हड्डियां होने की तसदीक हुई.

इस से पहले झारखंड के गुमला के एक गांव में डायन आरोप लगा कर 4 लोगों की पीटपीट कर हत्या कर दी गई. खबरों के मुताबिक, गांव के लोगों ने सामूहिक रूप से पहले बैठक कर उन्हें मार डालने का फैसला लिया और फिर 1-1 कर चारों को घर से निकाल कर लाठीडंडे से पीटपीट कर मार डाला.

पिछले साल झारखंड की राजधानी रांची के निकट एक गांव की 5 औरतों की डायन के शक में हत्या कर दी गई थी. झारखंड में ही एक 80 साल की बूढ़ी औरत को डायन बता उस के भतीजे ने मार दिया था.

हत्यारे का मानना था कि उस के बेटे की बीमारी के लिए वह बूढ़ी औरत ही जिम्मेदार थी.

बिहार और झारखंड ही नहीं, बल्कि देश के दूसरे राज्यों में भी इसी तरह की हैवानियत देखने को मिलती रहती है. पिछले साल उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में डायन होने के शक में एक औरत की जीभ काट दी गई.

अंधविश्वास की ज्यादातर निर्मम घटनाएं उन्हीं राज्यों में देखी जा रही हैं जहां तालीम पूरी तरह पहुंच नहीं सकी है. अमूमन इन इलाकों में रहने वाले लोग अभी भी पढ़ाईलिखाई के मामले में पिछड़े हैं. वे अपनी बीमारी की मूल वजह सम झने के बजाय इसे भूतप्रेत और डायन का असर मान रहे हैं. इस का बुरा नतीजा यह है कि डायन की आड़ में घटनाएं घट रही हैं.

आदिवासी बहुल राज्य झारखंड की ही बात करें तो यहां अंधविश्वास की जड़ें काफी गहरी हैं और उस का सब से ज्यादा खमियाजा औरतों को भुगतना पड़ रहा है.

एक गैरसरकारी संस्था ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि देश में तकरीबन हर साल सैकड़ों से ज्यादा औरतों की हत्या डायन के नाम पर होती है. पिछले डेढ़ दशक में देश में डायन के नाम पर तकरीबन 2,000 से भी ज्यादा औरतों की हत्या हो चुकी है.

देखा जाए तो दिल दहलाने वाली ये घटनाएं मामूली नहीं हैं. जहां एक ओर देश में औरतें पंचायतों में अहम सहभागी बन रही हैं, नई बुलंदियों को चूम रही हैं और संसद में भी अपना लोहा मनवा रही हैं, वहीं डायन के नाम पर उन की बेरहमी से हत्या हो रही है. समाज के ठेकेदार डायन के नाम पर उन्हें बिना कपड़ों के घुमा रहे हैं और रेप कर रहे हैं.

समाज में फैली इन कुरीतियों और अंधविश्वासों के खिलाफ जनजागरण चलाने की जरूरत है. साथ ही, इन घटनाओं को अंजाम देने वालों को भी कड़ी सजा मिलनी चाहिए. समाज में ऐसे लोगों को रहने का हक नहीं है, जो अपना मतलब साधने के लिए अंधविश्वासों को बढ़ावा दे रहे हैं.

देश के लोगों को सम झना होगा कि अंधविश्वास को खत्म करने की जिम्मेदारी सिर्फ सरकार की ही नहीं है. इसे उखाड़ फेंकने के लिए समाज को भी आगे आना होगा.

उन क्षेत्रों की पहचान करनी होगी, जहां ऐसी घटनाएं बारबार हो रही हैं. उन वजहों को भी तलाशना होगा, जिन के चलते इन घटनाओं को बढ़ावा मिल रहा है.

हसपुरा के समाजसेवी डाक्टर विपिन कुमार का कहना है कि कम पढ़ेलिखे लोग अकसर गंभीर बीमारियों से निबटने के लिए अस्पतालों में जाने के बजाय तांत्रिकों की शरण लेते हैं. तांत्रिक उन के अंधविश्वास का फायदा उठा कर उन्हें लूटते तो हैं ही, उन्हें अपराध करने के लिए भी उकसाते हैं.

बेहतर होगा कि सरकार और स्वयंसेवी संस्थाएं पिछड़े और सुविधाहीन क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करें. इस से अफवाहों और अप्रिय घटनाओं पर रोक लगेगी और समाज अंधविश्वास से छुटकारा पा लेगा.

सब से जरूरी बात यह है कि ऐसी वारदातों को अंजाम देने वालों को कानून कड़ी से कड़ी सजा दे. Superstition Crime

Radhika Yadav Murder: ‘बेटी की कमाई खाता है’ – टैनिस प्लेयर को पिता ने मारी गोली

Radhika Yadav Murder: हरियाणा के गुरुग्राम में हुई राधिका यादव की हत्या से सभी को एक गहरा सदमा लगा है. हर कोई इसी सोच में डूबा है कि आखिर कोई ऐसा कैसा कर सकता है. जहां एक तरफ लड़कियों को लड़कों की बराबरी करने का हौसला दिया जाता है, वहीं दूसरी तरफ कुछ ऐसे लोग भी हैं जो लड़कियों को आगे बढ़ता नहीं देख सकते. जी हां, गुरुग्राम से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है जहां स्टेट लैवल टैनिस प्लेयर रह चुकी राधिका यादव को उसी के बाप ने गोलियां मार कर उस की हत्या कर दी.

हैरानी की बात यह भी है कि राधिका यादव के बाप दीपक यादव ने उस पर गोलियां तब चलाईं जब वह किचन में सब के लिए खाना बना रही थी.

खबरों की मानें तो दीपक यादव पुलिस को हत्या करने की अलगअलग वजहें बता रहा है. कभी वह कहता है कि वह अपनी बेटी राधिका के सोशल मीडिया पर ज्यादा एक्टिव रहने के चलते परेशान था, तो कभी वह बताता है कि जब उस की बेटी राधिका ने एकेडमी खोली तो सब ने उसे ताने मारने शुरू कर दिए कि वह अपनी ही बेटी की कमाई खाता है.

जिस बात पर एक बेटी के बाप को गर्व महसूस होना चाहिए वह समाज की बातों में आ कर अपनी ही बेटी का हत्यारा बन चुका है. एफआईआर में राधिका यादव के बाप दीपक यादव ने बताया कि वह अपनी बेटी की टैनिस एकेडमी खोलने से काफी नाराज था और उस ने कई बार राधिका को एकेडमी बंद करने के लिए भी समझाया था, पर वह नहीं मानी. इसी के चलते जब वह गांव में बाहर जाता था तो लोग उसे अकसर कहते थे कि उस की बेटी तो काफी अच्छी कमाई कर रही है. दीपक ने लोगों के तानों के चलते अपनी ही बेटी राधिका के ऊपर 5 गोलियां चलाईं, जिन में से राधिका को 3 गोलियां लगीं.

पुलिस ने मौके से लाइसैंसी रिवाल्वर बरामद कर ली है. खबरों की मानें तो राधिका यादव सोशल मीडिया इंफ्ल्यूएंसर भी बनना चाहती थी और उस के बाप को उस का रील्स बनाना भी नहीं पसंद था, जिस की वजह से दोनों बापबेटी के बीच तनाव का माहौल रहता था. राधिका की उम्र मात्र 25 साल थी और ऐसे में वह आगे चल कर अपनी फील्ड में अच्छा नाम कमा सकती थी, लेकिन समाज से क्या उस के खुद के पिता से यह बरदाश्त नहीं हुआ. Radhika Yadav Murder

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