पति बना पत्नी का काल, फरसे से काट दिया गला

दिल्ली में शराबी पति ने पत्नी से मांगे शराब के लिए 500 रुपए, इनकार करने पर घोंप दिया पेट में चाकू. पत्नी की मौत.

बरेली में शराब के लिए रुपए न देने पर पत्नी को पत्थर से सिर कुचल कर मौत के घाट उतारा.

बरेली में नाजायज संबंधों के शक के चलते पति ने खाना बना रही पत्नी की फरसा से गला काट कर हत्या कर दी.

इटावा में रहने वाले आभूषण कारोबारी ने अपनी प्रेमिका के लिए अपनी बीवी, बेटे और बेटी का किया कत्ल.

ये वरदातें किसी फिल्म का सीन नहीं हैं, बल्कि हकीकत हैं हमारे समाज की  जहां औरतों पर शादी के बंधन में बंध कर जोरजुल्म तो हो ही रहा है, साथ में ऐसे पति उन का कब काल बन जाएं, इस बात का भरोसा भी नहीं है.

आज औरतों को जागरूक होने की जरूरत है, क्योंकि सहन करने से न सिर्फ उन की जिंदगी बरबाद हो रही है, बल्कि उन के बच्चों की भी जिंदगी अधर में लटक जाती है. ऐसे में समझना होगा कि जब संबंध में जहर घुलने लगे, तो उस रिश्ते से निकलने में ही भलाई है. आप की भी व आप के परिवार की भी.

ज्यादातर औरतों के चरित्र में शुमार होता है बरदाश्त करना, लेकिन एक सीमा से ज्यादा सहन करना सबकुछ बरबाद कर सकता है, तो जरूरी है कि आप को मालूम हो कि आप का रिश्ता बरबादी की राह पर है :

-अगर आप के पति का दूसरी औरतों के साथ नाजायज संबंध है, तो इस बात की समय रहते छानबीन करें व परिवार के सदस्यों से भी बातचीत करें. पति आप की बात को समझे, तो खुल कर अपने हक के साथ अलग होने की बात रखें. जरूरत पड़े तो पुलिस की मदद जरूर लें, क्योंकि ऐसे पति कब आप की जान के दुश्मन बन जाएं समझ पाना मुश्किल होता है.

-किसी के पति में अगर कोई बुरी लत है, जैसे वह नशीली चीजों का सेवन करता है, शराब पीता है या जुआ खेलने का आदी है, तो ऐसे पतियों से सावधान रहना बहुत जरूरी है, क्योंकि जब उन के खिलाफ कदम उठाने की कोशिश की जाती है, तो उन की लत उन पर इस कदर  हावी होती है कि वे आप को नुकसान ही नहीं, बल्कि कत्ल करने से भी पीछे नहीं हटेंगे, इसलिए समय रहते कड़े कदम लेना आप के और आप के बच्चों के लिए बहुत जरूरी है.

-जब किसी मर्द के अहम को चोट पहुंचती है या उसे ऐसा लगता है कि उस की पत्नी उस से ज्यादा कामयाब है और हर तरह से उस से ज्यादा काबिल है तब भी वह उस से बदले की भावना रखने लगता है और हर वक्त उस के लिए अपने मन में नफरत और जलील करने का भाव रखता है. कब वह कत्ल जैसा अपराध कर रिश्तों को तार तार कर दे, समझना मुश्किल है. ऐसे रिश्तों में सतर्क रहना बहुत जरूरी है.

क्या मास्टरबेट करने से मैं बच्चा पैदा नहीं कर पाउंगा ?

सवाल 

मैं 24 वर्षीय नौजवान हूं शादी को दो साल हो गए हैं . मैं घर से दूर रहकर नौकरी करता हूं और साल में 4-5 बार ही घर जा पाता हूं. कुछ घरेलू वजहों के चलते अभी पत्नी को साथ नहीं ला पा रहा हूं. मेरी समस्या यह है कि सेक्स की तलब लगने और पत्नी की याद आने पर मैं संतुष्टि के लिए मास्टरबेट करता हूं पर यह सोच कर चिंतित हूं कि कहीं मास्टरबेट करने से मैं बच्चा पैदा कर पाऊंगा या नहीं.

जवाब

आपकी चिंता फिजूल है मास्टरबेट करने से बच्चा पैदा करने की क्षमता पर कोई फर्क नहीं पड़ता है इसलिए आप सेक्स की जरूरत पूरी करने निसंकोच मास्टरबेट करते रहें. अच्छी बात यह है कि शरीर की भूख मिटाने आप काल गर्ल्स के पास नहीं जाते. वे महंगी भी पड़ती हैं और उनके पास जाने में खतरे भी बहुत रहते हैं इसलिए आप ने संतुष्टि के लिए बेहतर रास्ता चुना है.

हां इतना जरूर ध्यान रखें कि यह रोज रोज न करें . रही चिंता बच्चे पैदा करने की तो उसे दिल से निकाल दें क्योंकि शादी से पहले 99 फीसदी लोग मास्टरबेट करते हैं और शादी के बाद पिता भी बनते हैं. शादी के बाद पत्नी से दूर रहने पर भी सेहत या क्षमता पर कोई फर्क नहीं पड़ता इसलिए जरूरत पड़ने पर आप बेहिचक मास्टरबेट करते रहें और बीवी को जल्द अपने पास लाने की कोशिश करें क्योंकि जो हालत आप की है वही उसकी भी होगी.

शादी के बाद हसबैंड-वाइफ पूरे करे ये वादे, मजबूत बनेगा रिश्ता

शादी एक बहुत खूबसूरत रिश्ता है. जिसे जितना सच्चाई और प्यार के साथ निभाया जाएं वो रिश्ता उतना ही ज्यादा खूबसूरत बनता चला जाता है. इसलिए पति पत्नी के लिए कुछ ऐसी बातें है जो उन्हे शादी के बाद जरूर निभानी चाहिएं. इससे आपका रिश्ता भी स्ट्रौंग बनेगा और प्यार भी बना रहेगा.

शादी के बाद वैसे तो हस्बैंड और वाइफ के बीच कुछ भी प्राइवेट नहीं रहता है, लेकिन इसके बावजूद हर इंसान का एक प्राइवेट स्पेस होता है. ये एक ऐसा दायरा है जिसे कभी नहीं लांघना चाहिए. पति या पत्नी की कुछ बातें प्राइवेट हो सकती हैं, जैसे दोस्तों के राज, माता पिता या भाई बहनों का रिश्ता. ऐसे में बेवजह आपको उनके रिश्तों के बीच में नहीं आना चाहिए.

एक दूसरे के प्रोफेशन की रिस्पेक्ट करना

हो सकता है कि दुनिया की नजर में आपके लाइफ पार्टनर के प्रोफेशन की कोई खास अहमियत न हो, लेकिन इसकी वजह से आप उनका मजाक नहीं उड़ा सकते. किसी भी काम को छोटा समझना बड़ी भूल होती है. शादी के बाद आपके लिए जरूरी है कि अपने लाइफ पार्टनर के काम को कम न समझते हुए उन्हें बेहतर होने का अहसास दिलाएं.

एक-दूसरे की बात को सुनना

भले ही आपके लाइफ पार्टनर की बातें कितनी भी अजीब और गैरजरूरी क्यों न लगे, ये जरूरी है कि आप उनकी बातों को गौर से सुनें ताकी उनको ये अहसास हो कि कम से कम उनकी केयर करने वाला इस दुनिया में कोई तो है.

सपने पूरे करने में मदद करना

हर इंसान की जिंदगी का एक मकसद होता है. शादी के बाद वो उम्मीद करता है कि उसे लाइफ पार्टनर की तरफ से सपने पूरे करने में फुल सपोर्ट मिले, ऐसा न होने पर रिश्तों में दरार पड़ना लाजमी है. अगर आप उनकी फाइनेंशियल हेल्प नहीं कर सकते तो कम से कम मानसिक तौर पर समर्थन जरूर करें.

क्वालिटी टाइम स्पेंड करना

आजकल लाइफ काफी बिजी हो चुकी है, करियर और फ्यूचर को संवारने की कोशिश में हस्बैंड और वाइफ को एक दूसरे के लिए मुकम्मल वक्त नहीं मिल पाता. इसके बावजूद कपल को क्वालिटी टाइम बिताना चाहिए और इसके लिए शेड्यूल को मैनेज करना जरूरी है.

मैं पत्नी के साथ सैक्स तो करता हूं, लेकिन ज्यादा एन्जौय नहीं कर पाता हूं क्यों?

सवाल

मैं 30 साल का हूं, मेरी हाल में शादी हुई है. मैं अपनी वाइफ से शादी से पहले भी मिला हूं. हम दोनों साथ में घूमनेफिरने भी बाहर गए हैं . हम दोनों में प्यार भी बहुत है लेकिन शादी के बाद हम दोनों के बीच जब सैक्स होता है तो मैं सैक्स को पूरी तरह एंजौय नहीं कर पाता हूं. ऐसा क्यों होता है, यह मुझे समझ में नहीं आ रहा है और मैं इस बात से परेशान रहने लगा हूं. मुझे डर लग रहा है कि इसका असर मेरी शादीशुदा जिंदगी पर न पड़े?

जवाब

आपका परेशान होना जायज है. कभीकभी हम सैक्स करते हैं लेकिन उसे पूरी तरह महसूस नहीं कर पाते हैं. ऐसा फील होता है कि हम एंजौय नहीं कर रहे हैं लेकिन यह एक नौर्मल बात है. हो सकता है शादी के कारण आप किसी तरह के तनाव में हो या फिर आप पहली बार सैक्स कर रहे हो. अमूमन ऐसा होता है कि आप पहली बार सैक्स करते हैं तो इस तरह क चीजें को अच्छी तरह से समझ नहीं पाते हैं. इससे नतीजा ये होता है कि आप सैक्स कर भी लेते हैं और आपको वो महसूस ही नहीं होता है.इसके लिए जरूरी है कि आप पहले सैक्स करने का माहौल बनाएं.

किस तरह एंजौय करे हर पल

सैक्स से पहले आप खुद को और वाइफ को तैयार करें. अपने अंदर और वाइफ के अंदर प्यार की फीलिंग्स लाएं यानी कि आप पहले वाइफ से अच्छी और रोमांटिक बातें करें. रोमांस का माहौल बनाएं. साथ ही सैक्स से पहले फोरप्ले करना बिलकुल न भूलें. क्योंकि अगर आप फोरप्ले नहीं करते हैं तो यह सैक्स को पूरी तरह एंजौय करने की सबसे बड़ी कमी है. सैक्स में हमेशा फोरप्ले जरूर करें.

फोरप्ले में कपल को एकदूसरे को कस कर बांहों में भींचना चाहिए. एकदूजे को जीभर कर चूमें और एकदूसरे को प्यार से छेड़े. याद रहे आपके प्यार की यह कहानी बेड से शुरू हो कर बेड पर ही खत्म होनी चाहिए. यह बेहद जरुरी होता है कि आप अपने पार्टनर के साथ सैक्स से पहले उनसे प्यार जताएं. अगर आपको इन चीजों की जानकारी नहीं है तो आप सैक्स से जुड़ी मैगजीन, किताबें, वेबसाइट खोल कर पढ़ सकते हैं. चाहे तो किसी करीबी दोस्त या रिश्तेदार से सलाह भी ले सकते है. फोरप्ले न होना सैक्स की एंजौयमेंट की कमी है.

मेरे पति मुझसे संतुष्ट नहीं रहते हैं, मैं क्या करूं?

सवाल

मैं 21 साल की महिला हूं. मेरा डेढ़ साल का एक बच्चा है. शादी के बाद से ही पति मेरे साथ सैक्स संबंध को ले कर संतुष्ट नहीं रहते हैं. वे नियमित सैक्स करना चाहते हैं जबकि घर और बच्चे की देखभाल से मैं बेहद थक जाती हूं और रात में जल्द ही मुझे नींद आ जाती है. पति मु झे बहुत प्यार करते हैं, इसलिए मैं उन्हें नाराज भी नहीं देख सकती. कृपया बताएं मैं क्या करूं?

जवाब

बच्चे पैदा होने के बाद सैक्स संबंध को ले कर महिलाएं आमतौर पर उदासीन हो जाती हैं, जबकि बच्चों की परवरिश के साथसाथ पति के साथ सैक्स संबंध दांपत्य जीवन को खुशहाल बनाता है.
इस में कोई दोराय नहीं कि एक गृहिणी घर और बच्चों की देखभाल में इतनी व्यस्त रहती है कि खुद के लिए भी समय नहीं निकाल पाती. ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि आप घर के कामों को पति के साथ बांट लें. घर की साफसफाई, कपड़े धोना आदि कार्य प्यार से पति से करा सकती हैं.

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इस से आप पर काम का बो झ ज्यादा नहीं पड़ेगा. इस से न केवल आप खुद के लिए वक्त निकाल पाएंगी, बल्कि पति के साथ भी ज्यादा समय बिताने को मिलेगा. फिर जैसाकि आप ने बताया कि आप का बच्चा अब डेढ़ साल का हो चुका है और अब आप शारीरिक रूप से फिट भी हो चुकी हैं, तो ऐसे में सैक्स संबंध का लुत्फ उठा सकती हैं.
अगर आपकी भी ऐसी ही कोई समस्या है तो हमें इस ईमेल आईडी पर भेजें- submit.rachna@delhipress.biz
 
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मैं पढ़ना चाहती हूं पर मेरे घरवाले खर्चा नहीं उठा सकते हैं, मैं क्या करूं?

सवाल

मैं एक 21 साल की लड़की हूं और पढ़ाई में बहुत अच्छी हूं. मेरे घर वाले भी मुझे आगे पढ़ाना चाहते हैं, पर वे इतना ज्यादा खर्च नहीं उठा सकते हैं. हमारे यहां ट्यूशन का भी ज्यादा स्कोप नहीं है और अगर मैं कोई नौकरी करती हूं, तो इस से मेरी पढ़ाई पर बुरा असर पड़ेगा. मैं क्या करूं?

जवाब

करना तो आप को ही कुछ पड़ेगा. हमा री सलाह यह है कि आप घर से ही कोई छोटामोटा बिजनैस शुरू करें, मसलन छोटा ब्यूटीपार्लर खोल लें, साड़ी बेचना शुरू कर दें, जो आप को थोक दुकानदार उधारी में दे सकते हैं. अचारपापड़ जैसे आइटम भी आजकल खूब बिकते हैं.

आप अपने आसपास देखेंगी तो ऐसे ढेर सारे काम दिख जाएंगे, जिन से ठीकठाक आमदनी हो जाती है और पढ़ाई पर भी बुरा असर नहीं पड़ेगा. अपने शहर के एनजीओ से भी संपर्क करें, जो पढ़ने के लिए गरीब बच्चों की मदद करते हैं.

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क्या आपका पति कर रहा है आपसे बेवफाई? जानें 5 Tricks

सभी को सच्चा प्यार मिले मुमकिन नहीं है. हसबैंड का प्यार किसी को मिलता है तो किसी नहीं मिल पाता है. लेकिन पार्टनर आपके साथ कितना वफादार है ये जानना भी जरूरी है. ये कुछ ट्रिक्‍स की मदद से वुमन यह जान सकती है कि पति कितना लॉयल है. इनसे पता चलाना आसान होगा कि पति‍ आपसे बेवफाई तो नहीं कर रहा है साथ ही रिश्‍ते में बेवफाई की वजह क्‍या है, दिन का चैन और रातों की नींद छिनने वाली इस प्रौब्‍लम को कैसे दूर किया जा सकता है.

 

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-अगर हमेशा आपके आसपास घूमने वाला पति दूर-दूर रहा रहा है. आपके बीच फिजिकल रिलेशनशिप ना के बराबर अचानक से हो गया है. तो समझ जाएं ये एक बड़ा लक्षण है कि वो किसी और के प्यार में हो सकता है. ध्यान दें कि रात के समय आपका पार्टनर किसके साथ बातचीत कर रहा है, ये बातचीत फोन के अलावा लैपटॉप पर भी चिट चैट के जरिए हो सकती है.

-अगर अपना पानी का गिलास तक मांगने वाला पति अचानक मददगार हो जाए. आपको घर से बाहर जाने या दोस्तों के साथ वक्त बिताने के लिए कहें. तो भी सतर्क रहें. ये बदला हुआ बर्ताव आपकी सुविधा के लिए नहीं बल्कि उसकी खुद की सुविधा के लिए है.

-पहले काम के बाद फोन या लैपटॉप को हाथ ना लगाने वाला पति अगर अचानक लैपटॉप या फोन से ज्यादा प्यार दिखाने लगे. तो आपके लिए ये परेशानी हो सकता है और अगर पासवर्ड भी बदल जाए तो भी आपको सर्तक रहने की जरूरत है.

-अगर पति घर से या फिर आप से दूर रहने के बहाने बनाने लगा है. या घर से बाहर ज्यादा समय बिताने लगा है तो इसका मतलब है कि वो आपको धोखा दे रहा है. बहाने भी ऐसे होंगे की आपको पहली बार में ही शक हो जाएगा.

-अगर पहले पड़ोस के सैलून में जाने वाला पति दूर के सैलून में जाने लगे. अपनी मोटी तोंद और थुलथुल शरीर को जिम में संवारने लगे. खुद पर कॉस्मेटिक का यूज और मंहगे परफ्यूम छिड़कने लगें. हमेशा क्लीन शेव या लेटेस्ट हेयरस्टाल में रहना पसंद करने लगे. तो ये खतरे की घंटी है.

पति कर रहा है बेवफाई तो क्या करें

– कुछ लोग ये सोचने लगते हैं कि कहीं उनकी किसी गलती के कारण तो नहीं पार्टनर ने धोखा दिया है या छोड़ने का फैसला लिया है. इस तरह के विचार मन में आना बेहद स्वाभाविक होता है, लेकिन यह आपकी गलती नहीं है, इसलिए ऐसा बिल्कुल भी ना सोचें.

– कभी कभी आप पति के साथ रह कर अपने मायका का जिक्र ज्यादा करती है ये भी एक कारण आपके पति को आपसे दूर करता है.

– कई बार आप फैमिली में इतना बीजी हो जाती है कि अपने ऊपर ध्यान नहीं दे पाती है जिस वजह से भी आपके पति का ध्यान किसी ओर की तरफ आकर्षित होता है. तो इसलिए ज्यादा से ज्यादा समय अपने ऊपर दें.

– आमने सामने बिठा कर बात करें. अगर ये स्थिति भी नहीं रहती है तो फिर पीछा करना भी अच्छा विकल्प हो सकता है. देंखे की वो कहां जा रहा है और क्या कर रहा है. बेवफाई का सबूत मिलते ही या तो पति को प्यार से समझाएं. वरना सख्त रवैय्या आपके लिए आखिरी तरीका है. ये सब आपके लिए मुश्किल भरा हो सकता है. लेकिन झूठ के साथ जीनें से अच्छा है, सच्च के साथ जिया जाएं और बात को सुलझाया भी जाएं.

पति-पत्नी के रिश्ते में कायम रखें रोमांस

सुमित और पूजा के विवाह को हुए 10 साल बीत चुके हैं. लेकिन दोनों के बीच का प्यार देख कर लगता है जैसे कुछ ही अरसा हुआ है. दोनों का कहना है कि आज भी दोनों अपने रिश्ते में वही ताजगी और नयापन महसूस करते हैं जैसे शुरुआती दिनों में. दरअसल, उन्होंने अपने रिश्ते को बो िझल नहीं बनने दिया. एकदूसरे की खुशी का खयाल रखा. सिर्फ शारीरिक नहीं, भावनात्मक रिश्ता इतना मजबूत बनाया हुआ है कि उस में ‘मैं’ की भावना नहीं है. लेकिन हर पतिपत्नी सुमित और पूजा की तरह खुशमिजाज नहीं होते.

अकसर पतिपत्नी में विवाह के कुछ वर्षों बाद ही आपसी  झगड़े, तेरामेरा, रूठनामनाना शुरू हो जाता है. ऐसा नहीं है कि पतिपत्नी के रिश्ते के बीच में छिटपुट  झगड़े, रूठनामनाना हो ही न, लेकिन, किस तरह के हों और उन्हें कैसे खत्म किया जाए, यह माने रखता है.

खराब रिश्ते की सब से बड़ी निशानी है एकदूसरे के साथ रहने के बाद भी खुश न रह पाना. साथी को खुश करने का सिर्फ यही मतलब नहीं है कि अपने पार्टनर की सारी बात मान लें बल्कि अपने साथी के साथ हंसीमजाक करने से भी खुशी मिलती है. देखा जाता है जिन कपल्स के बीच कुछ समय तक साथ रहने के बाद हंसीमजाक नहीं हो पाता है, उन को एकदूसरे के साथ बोरियत होने लगती है.

  1. एकदूसरे को पूरा समय देना : पतिपत्नी के रिश्ते को गहरा करने के लिए एकदूसरे के साथ समय बिताएं. उन की बातें सुनें, उन्हें जानने की कोशिश करें. साथी के साथ समय बिताते समय ध्यान रखें कि आप जितना उन को सहज महसूस करवाएंगे उतना ही आप दोनों का रिश्ता करीब होगा और रिश्ते में मजबूती आएगी.

2. साथी की अहमियत समझें : जिस तरह का बरताव आप अपने साथी से करेंगे वैसा ही वह भी करेगा. इसलिए एकदूसरे की रिस्पैक्ट करें. खुद को सही साबित करने के चक्कर में अपने पाटर्नर की इंसल्ट न करें और न ही नीचा दिखाने की कोशिश करें. रिश्ते की शुरुआत में आप दोनों ने एकदूसरे को खुश रखने का वादा किया था, इसलिए दोनों को एकदूसरे की जरूरतों को पूरा करना होगा और अपने होने का एहसास कराना होगा.

3. एकदूसरे को धोखा न देना : दांपत्य की नींव है विश्वास जिस पर पतिपत्नी का रिश्ता टिका होता है. इस में एक बार शक घर कर जाए तो नींव में ऐसा घुन लगता है कि वह चरमरा जाती है. एकदूसरे की बातों पर विश्वास करना और धोखा न देना ही रिश्ते को सफल बनाता है.

4. रिश्ते में खुलापन रखें : पतिपत्नी के रिश्ते में खुलापन बहुत जरूरी है ताकि दोनों अपनी कोई भी बात कहने में  िझ झकें नहीं. अगर आप की कोई फरमाइश है तो अपने पार्टनर को बताएं. यह न सोचें कि वह आप के कहे बगैर ही सम झ जाए, हर कोई अंतर्यामी नहीं होता.

5. तारीफ जरूरी है : अपने साथी की खूबियों की तारीफ करें और इस तारीफ को हो सके तो घरवालों के सामने भी कहें. इस से आत्मविश्वास बढ़ता है. यही नहीं, उस की कमजोरियों को दूर करने में उन की मदद करें.

6. अपशब्द न बोलें : कई बार किसी मामूली बात को ले कर भी  झगड़ा हो जाता है. ऐसे में अपने साथी को अपशब्द बोलने से बचें और बातचीत बंद न करें. इस से रिश्ता खराब होता है. इसलिए तर्कवितर्क करते समय आपा न खोएं.

7. माफी मांगना सीखें : ‘सौरी’ छोटा सा शब्द है. लेकिन यह बिगड़ी बात बना देता है. इसलिए, गलती होने पर माफी जरूर मांग लें. इस से  झगड़ा आगे नहीं बढ़ता.

8. सरप्राइज दें : अपने साथी की रुचियों को सम झें और उस में अपनी रुचि दिखाएं, इसलिए बीचबीच में पार्टनर को सरप्राइज जरूर दें. अगर आप के पार्टनर को लौंगड्राइव का शौक है तो कभीकभी उसे बिना बताए लौंगड्राइव का प्रोग्राम बना सकते हैं. छोटेछोटे गिफ्ट सरप्राइज भी दे सकते हैं जिस से आप का बजट भी न बिगड़े और पार्टनर भी सरप्राइज देख कर खुश हो जाए.

9. प्यार को कभी खत्म न होने दें : ‘आई लव यू’. 3 शब्दों का यह वाक्य सारे गुस्से को खत्म कर देता है. इसलिए, इसे कहने से न चूकें. शादी को तरोताजा, जोश से भरने के लिए डेटिंग जैसी चीज को खत्म न करें. डेटिंग आप को पुराने वाले दिन लौटा देती है. पुरानी यादें ताजा होती रहती हैं. सब परेशानी घर पर छोड़ कर रात को दोनों कभी डिनर पर जाएं. यह संभव न हो, तो दिन में दोनों कहीं साथ में वक्त गुजारें. जिंदगी में कुछ लमहे अपने लिए जीने बहुत जरूरी हैं.

पत्नी की बात मानना नहीं है दब्बूपन की निशानी

पुरुषप्रधान समाज में आज महिलाएं हर क्षेत्र में नेतृत्व कर रही हैं. ऐसे में पढ़ीलिखी, योग्य व समझदार पत्नी की राय को सम्मान देना पति का गुलाम होना नहीं, बल्कि उस की बुद्धिमत्ता को दर्शाता है.

कपिल इंजीनयर हैं. लोक सेवा आयोग से चयनित राकेश उच्च पद पर हैं. विभागीय परिचितों, साथियों में दोनों की इमेज पत्नियों से डरने, उन के आगे न बोलने वाले भीरु या डरपोक पतियों की है. पत्नियों का आलम यह है कि नौकरी संबंधी समस्याओं की बाबत मशवरे के लिए पतियों के उच्च अधिकारियों के पास जाते समय वे भी उन के साथ जाती हैं.

उच्चाधिकारियों से मशवरे के दौरान कपिल से ज्यादा उन की पत्नी बात करती है. सोसाइटी में कपिल की दयनीय स्थिति को ले कर खूब चर्चाएं होती हैं. वहीं, राकेश ने अपनी स्थिति को जैसे स्वीकार ही कर लिया है और उन्हें इस से कोई दिक्कत नहीं है. असल में, उन्हें पत्नी की सलाह से बहुत बार लाभ हुए. बहुत जगह वह खुद ही काम करा आती. वे सब के सामने स्वीकार करते हैं कि शादी के बाद उन की काबिल पत्नी ने बहुत बड़ा त्याग किया है. वे घर व बाहर के सभी काम खुशीखुशी करते हैं, पत्नी की डांट भी खाते हैं और कभी ऐसा नहीं लगता कि वे खुद को अपमानित महसूस करते हों.

वास्तव में जो पतिपत्नी आपस में अच्छी समझ रखते हैं और मिलजुल कर निर्णय लेते हैं उन के घर में आपसी सामंजस्य और हंसीखुशी का माहौल रहता है. जरूरत इस बात की है कि पति हो या पत्नी, दोनों एकदूसरे की राय को बराबर महत्त्व व सम्मान दें और कोई भी निर्णय किसी एक का थोपा हुआ न हो. यदि पत्नी ज्यादा समझदार, भावनात्मक रूप से संतुलित व व्यावहारिक है तो पति अगर उस की राय को मानता है तो इस में पति को दब्बू न समझ कर, समझदार समझा जाना चाहिए.

इस के विपरीत, महेश और उन की पत्नी का दांपत्य जीवन इसलिए कभी सामान्य नहीं रह पाया क्योंकि उन्होंने अपनी दबंग पत्नी के सामने खुद को समर्पित नहीं किया. उन का सारा वैवाहिक जीवन लड़तेझगड़ते, एकदूसरे पर अविश्वास और शक करते हुए बीता. इस के चलते उन के बच्चे भी इस तनाव का शिकार हुए.

कई परिवार ऐसे दिख जाएंगे जिन में पति की कोई अस्मिता या सम्मान नहीं दिखेगा और पत्नियां पूरी तरह से परिवार पर हावी रहती हैं. ये पति अपने इस जीवन को स्वीकार कर चुके होते हैं और परिस्थितियों से समझौता कर चुके होते हैं. ऐसे में प्रश्न उठता है कि क्या ये दब्बू या कायर व्यक्ति हैं जिन का कोई आत्मसम्मान नहीं है? या फिर किन स्थितियों में उन्होंने हालात से समझौता कर लिया है और अपनी स्थिति को स्वीकार कर लिया है? अगर गहन विश्लेषण करें तो इन स्थितियों के कारण सामाजिक, पारिवारिक ढांचे में निहित दिखते हैं, जिन के कारण कई लोगों को अवांछित परिस्थितियों को भी स्वीकार करना पड़ता है.

समाज में एक बार शादी हो कर उस का टूटना बहुत ही खराब बात मानी जाती है. विवाह जन्मजन्मांतर का बंधन माना जाता है. और फिर बच्चों का भविष्य, परिवार की जगहंसाई, समाज का संकीर्ण रवैया आदि कई बातें हैं जिन के कारण लोग बेमेल शादियों को भी निभाते रहते हैं. कर्कशा और झगड़ालू पत्नियों के साथ  पति सारी जिंदगी बिता देते हैं. ऐसी स्त्रियां बच्चों तक को अपने पिता के इस तरह खिलाफ कर देती हैं कि बच्चे भी बातबात पर पिता का अपमान कर मां को ही सही ठहराते हैं और पुरुष बेचारे खून का घूंट पी कर सब चुपचाप सहन करते रहते हैं. समाज का स्वरूप पुरुषवादी है और यदि वह पत्नी की बात मानता है, उस की सलाह को महत्त्व देता है तो परिवार व समाज द्वारा उस पर दब्बू होने का ठप्पा लगा दिया जाता है.

बच्चे भी तनाव के शिकार

श्रमिक कल्याण विभाग के एक औफिसर की पत्नी ने पति की सारी कमाई यानी घर, प्रौपर्टी हड़प कर, बच्चों को भी अपने पक्ष में कर के गुंडों की मदद से पति को घर से निकलवा दिया और वह बेचारा दूसरे महल्ले में किराए का कमरा ले कर रहता है, कभीकभार ही घर आता है. आखिर, इस तरह के एकतरफा संबंध चलते कैसे रहते हैं?  इतना अपमान झेल कर भी पुरुष क्यों  ऐसी पत्नियों के साथ निभाते रहते हैं?

वास्तव में सारा खेल डिमांड और सप्लाई का है. भारतीय समाज में शादी होना एक बहुत बड़ा आडंबर होने के साथसाथ एक सामाजिक बंधन ज्यादा है. चाहे उस बंधन में प्रेम व विश्वास हो, न हो, फिर भी उसे तोड़ना बहुत ही कठिन है. वैवाहिक संबंध को तोड़ने पर समाज, रिश्तेदारों, आसपास के लोगों के सवालों को झेलना और सामाजिक अवहेलना को सहन करना बहुत ही दुखदायी होता है. और एक नई जिंदगी की शुरुआत करना तो और भी दुष्कर होता है. ऐसे में व्यक्ति अकेला हो जाता है और मानसिक रूप से टूट जाता है.

बच्चों का भी जीवन परेशानियों से भर जाता है. उन की पढ़ाई, कैरियर सब प्रभावित होते हैं, साथ ही, बच्चे मानसिक रूप से अस्थिर हो कर कई तरह के तनावों का शिकार हो जाते हैं

इन परिस्थितियों में अनेक लोग इसी में समझदारी समझते हैं कि बेमेल रिश्ते को ही झेलते रहा जाए और शांति बनाए रखने के लिए चुप ही रहा जाए. जब पति घर में शांति बनाए रखने के लिए चुप रहते हैं और पत्नी के साथ जवाबतलब नहीं करते तो इस तरह की अधिकार जताने वाली शासनप्रिय महिलाएं इस का फायदा उठाती हैं और पतियों पर और ज्यादा हावी होने की कोशिश करने लगती हैं. ऐसी पत्नी को इस बात का अच्छी तरह भान होता है कि यह व्यक्ति उसे छोड़ कर कहीं नहीं जा सकता. अगर पति कुछ विरोध करने की कोशिश करता भी है तो वह उस पर झूठा इलजाम लगाने लगती है. यहां तक कि उसे चरित्रहीन तक साबित कर देती है.

ऐसी हालत में पुरुष की स्थिति मरता क्या न करता की हो जाती है. इधर कुआं तो उधर खाई. पति को अपने चंगुल में रखना ऐसी स्त्रियों का प्रमुख उद्देश्य होता है. वे घर तो घर, बाहर व चार लोगों के सम्मुख भी पति पर अपना अधिकार व शासन प्रदर्शित करने से बाज नहीं आतीं. और धीरेधीरे यह उन की आदत में आ जाता है. स्थिति को और ज्यादा हास्यास्पद बनने न देने के लिए पतियों के पास चुप रहने के सिवा चारा नहीं होता. इसे उन का दब्बूपन समझ कर उन पर दब्बू होने का ठप्पा लगा दिया जाता है. यह इमेज बच्चों की नजरों में भी पिता के सम्मान को कम कर देती है और ये औरतें बच्चों को भी अपने स्वार्थ व अपने अधिकार को पुख्ता बनाने के लिए इस्तेमाल करती हैं. समस्या की जड़ हमारे समाज का दकियानूसी ढांचा है जहां व्यक्ति इस संबंध को तोड़ने की हिम्मत नहीं कर पाता और अपना सारा जीवन इसी तरह काट देता है.

हमेशा केवल स्त्रियों की त्रासदी का जिक्र किया जाता है. कई पुरुषों का जीवन भी त्रासदीपूर्ण होता है, ऐसा गलत स्त्री से जुड़ जाने के कारण हो जाता है. ऐसे पुरुषों के प्रति भी सहानुभूति रखनी चाहिए और वैवाहिक जीवन को डिमांड व सप्लाई का खेल न बना कर प्रेम व एकदूसरे के प्रति सम्मान की भावना से पूर्ण बनाना चाहिए.

पतिपत्नी गाड़ी के 2 पहिए

इस समस्या को दूसरे पहलू से भी देखा जाना चाहिए. एक धारणा बना रखी गई है कि पुरुष हमेशा स्त्री से ज्यादा समझदार होते हैं. समाज ने पारिवारिक, आर्थिक व सामाजिक सभी तरह के निर्णय लेने के अधिकार पुरुष के लिए रिजर्व कर दिए हैं. जबकि, यह तथ्य हमेशा सही नहीं हो सकता कि पुरुष ही सही निर्णय ले सकते हैं, स्त्री नहीं. जो स्त्री सारा घर चला सकती है, उच्चशिक्षा ग्रहण कर बड़ेबड़े पद संभाल सकती है वह पति को निर्णय लेने में अपनी सलाह या मशवरा क्यों नहीं दे सकती?

कई बार देखा गया है कि स्त्रियां परिस्थितियों को ज्यादा सही ढंग से समझ पाती हैं और अधिक व्यावहारिक निर्णय लेती हैं. ऐसे में यदि पति अपनी पत्नी की राय को सम्मान देता है, उस के मशवरे को मानता है तो उस पर दब्बू होने का ठप्पा लगा देना कैसे उचित है?

परिवार में केवल एक के द्वारा लिए गए फैसले एकतरफा और जल्दबाजी में लिए गए भी हो सकते हैं. जब कहते हैं कि, पतिपत्नी एक गाड़ी के 2 पहिए हैं, तो भला एक पहिए से गाड़ी कैसे चल सकती है? पत्नी को पति की अर्धांगिनी कहा जाता है लेकिन वही अर्धांगिनी अपनी बात मानने को या उस की राय पर विचार करने को कहे तो उसे शासन करना कहा जाता है. अब वह समय आ गया है कि दकियानूसी धारणाओं को छोड़ परिवार के निर्णयों को लेने में स्त्री की राय को भी प्राथमिकता दी जाए और उसे पूरा महत्त्व दिया जाए.

एकतरफा नहीं, दोनों की मंजूरी से Enjoy करें सेक्स

पार्टनर के साथ संबंध बनाना एक सुखद अनुभूति प्रदान करता है. लेकिन इसमें आनंद के लिए शारीरिक जुड़ाव के साथसाथ भावनात्मक लगाव होना भी बहुत जरुरी होता है तभी इसका जी भरकर मज़ा लिया जा सकता है. लेकिन कई बार पार्टनर को सेक्स के दौरान इतना अधिक दर्द महसूस होता है कि वे सेक्स से कतराने लगती है और यह पल उसके लिए खुशी देने के बजाए दर्द देने वाला एहसास बनकर रह जाता है. ऐसे में अगर आप इस पल का बिना किसी रूकावट आनंद लेना चाहते हैं तो अपनाएं ये टिप्स.

1. लुब्रीकेंट से लें मजा

प्लेज़र के लिए कुछ भी करने से शर्माए नहीं बल्कि वो सब करें जिससे दोनों को मज़ा आए और आप उस पल को याद कर पूरा दिन खुद को फ्रेश फील कर सकें. जैसे आप लुब्रीकेंट का इस्तेमाल करें. ये आपको जेल फौर्म, सिलिकौन फौर्म या ऑयल बेस्ड फौर्म में मिल जाएगा. इसे सेक्स के दौरान महिला व पुरुष दोनों इस्तेमाल कर सकते है. इसके इस्तेमाल से पेनिटेशन के दौरान वेजिना सेक्स के लिए पूरी तरह तैयार हो जाती है. क्योंकि इससे खिंचाव व इरिटेशन जो कम होती है. कई महिलाओं को सेक्स के दौरान यह समस्या आती है कि उनकी वेजिना ड्राई हो जाती है. ऐसा अक्सर एस्ट्रोजन लेवल के कम होने के कारण होता है.

2. दोनों का मूड होना जरूरी

सेक्स का आनंद तभी भरपूर लिया जा सकता है जब दोनों की मरज़ी हो वरना सेक्स एकतरफा बनकर रह जाता है. इसके लिए जब आप पार्टनर के करीब जाएं तो उसकी इच्छा व मूड जानें. अगर लगे कि मूड सेक्स के अनुकूल है तो सेक्स आपको वो मज़ा दे देगा जिसकी आपको इच्छा थी. यकीन मानिये ये अनुभूति आपको दर्द का अनुभव भी नहीं होने देगी.

3. माहौल हो अनुकूल

शादी के बाद कपल हनीमून पर बेहतर जगह व माहौल में एकदूसरे के करीब आने के साथ एकदूसरे को जानने की कोशिश करते हैं और उनके ये दिन उनकी ज़िन्दगी के यादगार पल बन जाते हैं. ऐसे में जब भी आप पार्टनर के साथ संबंध बनाएं और उसे यादगार बनाना चाहे तो ध्यान रखें कि कमरे का माहौल खुशनुमा व सैक्स के अनुकूल हो. इससे पार्टनर दिल से उस पल को एन्जॉय कर पाएगा. और यह सभी जानते हैं कि जो चीज़ दिल से महसूस होती है उसमें दर्द की नहीं बल्कि प्यार की अनुभूति होती है.

4. करें प्यार से शुरुआत

सेक्स के लिए लुब्रिकेशन बहुत जऱूरी होता है और इसके लिए पहले पार्टनर के साथ आप शारीरिक जुड़ाव बनाएं. जैसे उसके हाथपैरों पर स्पर्श आदि करें . इससे पार्टनर सेक्स के लिए तैयार हो जाता है और फिर पार्टनर के साथ सेक्स का जो मज़ा आता है उसका कहना ही क्या.

5. प्यारप्यारी बातों से लाएं करीब

जब भी आपका सेक्स का मूड हो तो अपने पार्टनर से प्यार भरी बातें करें. जैसे तुम आज बहुत खूबसूरत लग रही हो, तुम्हारे हाथ कितने सौफ्ट हैं , तुम्हे तो आज जी भरकर देखने को दिल कर रहा है. आपकी ऐसे बातें न चाहते हुए भी उसे सेक्स करने के लिए मजबूर कर देगी और वे खुद ब खुद आपके करीब आने को मज़बूर हो जाएगी. आप भी तो यही चाहते है न.

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