प्यार में जरूरी है किसिंग

संसार भर के सारे चिकित्सकों, मनोवैज्ञानिकों और दार्शनिकों का यह मानना है कि एक प्यारभरा किस दिल को फिर से जवान बना देता है और 2 लोगों के बीच की दूरियों को मिटा देता है. प्यार  में मिठास घोलनी है तो किस करना भी जरूरी है. यदि किसी उदास मन को एक पल का स्नेहिल प्यारभरा किस दिया जाए तो यह उस की मनोदशा को भी सुधार सकता है. एक अध्ययन में कहा गया है, जो युगल नियमित रूप से एकदूसरे को प्यार से किस कर अपना प्रेम जाहिर करते हैं. वे औरों से अधिक आत्मविश्वास से भरे रहते हैं. इस के अलावा स्वास्थ्य की दृष्टि से भी किस का बहुत महत्त्व है. चुंबन युवा होने का प्रतीक है, इसी कारण प्यार को सशक्त बनाने में इस की लोकप्रियता बहुत ज्यादा है.

यों किसिंग करना तो एक क्षणिक घटना है पर इस का स्रोत कोई निरंतर बहता प्रेम  झरना है जो 2 जीवों के साथ  झर झर कर बह रहा है. कुछ पलों के बाद जब किस करने का यह दस्तूर पूरा हो जाता है तब भी वह प्रेम तो वहां रह ही जाता है जैसे हवा कभी खिले फूल को छू कर गुजर जाती है तो आगे जाने पर भी उस की बदलीबदली महक में वह फूल देर तक रहता है. किस करने के बाद भी जो बचा रह जाएगा वह है अनुभूति. यह एहसास सर्वव्यापी है.

प्रेम को सम झने के लिए जरूरी है किस को सम झना. भंवरे का हौले से फूल को छू लेना, हवा का समंदर की सतह चूम कर लहर पैदा करना, बूंद का धरा को अभिवादन और धरा का बूंद को अपने आंचल में जगह देना यह सब इतने सुंदर प्रतीक हैं कि प्रेमिल नजरें रखने वाले इन्हें न केवल देख सकते बल्कि महसूस भी कर सकते हैं.

मनोवैज्ञानिक कहते हैं कि कुछ सैकंड ही सही, लवेबल किस के लेनदेन के दौरान जब आप की आंखें बंद होती हैं तो उस अंधकार में आप के सभी अनुभव और ज्यादा गहरे हो जाते हैं क्योंकि बंद आंखों से यह संपूर्ण अनुभव और बढ़ जाता है. आंखें बंद कर के जोड़े खुद के ज्यादा करीब आ जाते हैं. बंद आंखों से एकाग्रता बढ़ जाती है, दूसरी चीजों में ध्यान नहीं बंटता. खुली आंखों की अपेक्षा बंद आंखों में आप अपने प्रेमी की आंतरिक ऊर्जा के थोड़े ज्यादा नजदीक होते हैं. व्यक्ति अगर लिप किस करता है तो निश्चित है कि अब उस से आगे भी वह जाएगा. तो किस एक शुरुआत होती है और आंखें बंद कर दोनों व्यक्ति आगे का इमेजिनेशन कर रहे होते हैं. अगर आंखें बंद न हों तो यह कन्फर्म है कि उस पल का कोई मजा नहीं ले सकता.

किसिंग केवल प्रेम करने की कला नहीं, बल्कि यह विशुद्ध विज्ञान भी है. एक किस के दौरान शरीर की लगभग डेढ़ सौ मांसपेशियां सक्रिय होती हैं. तो, किस एक तरह का व्यायाम भी है. इस संदर्भ में कितने ही शोध हुए हैं. उन में ये बातें सामने आईं कि जिन के दांपत्य जीवन में नियमित किस की जगह होती है वे दूसरों के मुकाबले ज्यादा खुश व सेहतमंद रहते हैं. ऐसे प्रेमी जोड़े तनाव से भी बचे रहते हैं. यह तो सिद्ध हो चुका है कि किस करने से दिमाग में तनाव के लिए जिम्मेदार कोरटिसोल हार्मोन कम होता है और सिरोटोनिन का स्तर बढ़ता है. यह थकान को दूर करता है. यों किस का मतलब समर्पण है, फिर भी इस के कई दूसरे फायदे भी हैं :

1. मिलती है आंतरिक खुशी

प्यार में किस करने से रक्तप्रवाह अच्छा हो जाता है. साथ ही, यह अच्छा महसूस कराने वाले हार्मोन इंडोर्फिन को बढ़ाता है. इस से प्रेमी कुछ ही पलों के बाद अच्छा महसूस करने लगते हैं. यह एक स्ट्रैस बस्टर है. अपने पार्टनर को बांहों में भरें और उन्हें प्यार से किस करें, देखिए आप का तनाव कैसे गायब होता है.

2. स्वस्थ रहने के लिए जरूरी

यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है. इस से आप का शरीर आसानी से संक्रमण की चपेट में नहीं आता. किस करने से दांतों में होने वाली कैविटी भी धीरेधीरे ठीक हो जाती है क्योंकि किस के दौरान मुंह की लार तेजी से बनती है जो दांतों की कैविटी को ठीक करती है.

3. प्यार के हार्मोन को बढ़ाए   

किस करने से शरीर में प्यार के लिए जरूरी माने जाने वाला हार्मोन औक्सिटोसिन के स्तर में इजाफा होता है. इस के अलावा इस से शरीर में होने वाले दर्द में भी राहत मिलती है. किस के दौरान आप के मुंह में बनने वाली लार से दर्द को कम करने वाली एनस्थिटिक मिलती है. वहीं आप को आनंद प्रदान करने वाला डोपेमाइन तत्त्व भी सक्रिय हो जाता है.

4. रिश्ते में नजदीकियां

किस प्यार करने वालों को एकदूसरे के करीब लाती है और आपसी नजदीकियां बढ़ने लगती हैं. यह दोनों के रिश्ते को भी बहुत गहरा व मजबूत बनाता है और दोनों के बीच की हर तरह की दूरी को कम करता है.

हिंदी फिल्मों में तो किस करना छाया हुआ है. मिसाल के तौर पर, गीतों के ये मुखड़े कि-

‘‘तेरे चुंबन में च्यवनप्राश है…’’

‘‘जुम्मा चुम्मा दे दे…’’

‘‘होंठों से छू लो तुम…’’

‘‘छू लेने दो नाजुक होंठों को…’’

‘‘एक चुम्मा तू हम को उधार दे दे…’’

सौ फीसदी सच ही है कि हर किस अश्लील नहीं होता. यह प्रेम प्रदर्शित करने का  खूबसूरत माध्यम है. कई बार तो सार्वजनिक रूप से लिया गया स्नेहिल किस भी अशिष्ट नहीं होता.

5. सहज किस एक अनोखी खुशी

किसी अच्छी और सुहाती सी बात पर अचानक गाल या माथे पर लिया और दिया किस माहौल को खुशनुमा बना देता है.

6. परंपरा के लिए किया गया किस

संसारभर के अनगिनत आदिवासी समाजों में ऐसी प्रथा है जहां पर युवक को सब के सामने अपनी मंगेतर को किस करना होता है. अगर यह अभद्रता होती तो अनगिनत कबीले इस को आज तक क्यों निभाते? बस्तर के आदिवासी इलाके में जा कर देखिए और जानिए कि युवकयुवतियों में किस एक अभिव्यक्ति है. वहां अश्लील और ओछापन कहीं नहीं दिखता. बस, एक स्नेहिल अभिवादन किस के माध्यम से प्रकट किया जाता है.

7. भावनात्मक लगाव

किसी रिश्ते की शुरुआत करने के लिए आप माथे पर एक किस कर सकते हैं. किसी से दोस्ती होने पर ही इस तरह से प्रेम अभिव्यक्त किया जाता है. यह किस सच्चे रिश्ते के प्रति प्रेमी जोड़ों की अच्छी भावनाओं को दिखाता है.

8. हाथों पर किस

साथी के हाथ की हथेली के पीछे वाले हिस्से पर किस करना बेहद ही खास होता है. यह आपसी रिश्ते में छिपी इंटीमेसी को दिखाता है.

9. गालों पर किस 

गालों पर किसिंग मतलब है कि सामने वाला आप से बेहद प्यार करता है. अभिभावक भी अपने बच्चों को इस तरह से किस कर के अपने स्नेह की अंतरंगता व रिश्तों की गर्माहट को दिखाते हैं. पतिपत्नी के बीच यह किस रोमांस को बढ़ा देता है.

10. बंद आंखों पर किस

एकदूसरे की बंद आंखों पर किसिंग असुरक्षा से मुक्ति दिला कर सच्चा भरोसा उत्पन्न करता है. अपने प्यार को जताने का यह एक बेहद ही कारगर तरीका है. मां भी तो अकसर अपने बच्चों के सो जाने पर उन को इस तरह चूमा करती है.

11. प्यार जाहिर करने का बेहतरीन तरीका

जिंदगी रिचार्ज करता हुआ किस  कहता है कि मुबारक हो प्यार और जुड़ाव. किस करना जरूरी है क्योंकि इस से प्यार करने वालों का रिश्ता मजबूत होता है. किस केवल दो होंठों का ही मिलन नहीं बल्कि यह दो दिलों का मिलन है.

सेक्स और प्यार!

सच्चे प्रेम से खिलवाड़ करना किसी बड़े अपराध से कम नहीं है. प्रेम मनुष्य को अपने अस्तित्व का वास्तविक बोध करवाता है. प्रेम की शक्ति इंसान में उत्साह पैदा करती है. प्रेमरस में डूबी प्रार्थना ही मनुष्य को मानवता के निकट लाती है.

मुहब्बत के अस्तित्व पर सेक्स का कब्जा

आज प्रेम के मानदंड तेजी से बदल रहे हैं. त्याग, बलिदान, निश्छलता और आदर्श में खुलेआम सेक्स शामिल हो गया है. प्रेम की आड़ में धोखा दिए जाने वाले उदाहरणों की शृंखला छोटी नहीं है और शायद इसी की जिम्मेदारी बदलते सामाजिक मूल्यों और देरी से विवाह, सच को स्वीकारने पर डाली जा सकती है. प्रेम को यथार्थ पर आंका जा रहा है. शायद इसी कारण प्रेम का कोरा भावपक्ष अस्त हो रहा है यानी प्रेम की नदी सूख रही है और सेक्स की चाहत से जलराशि बढ़ रही है.

विकृत मानसिकता व संस्कृति

आज के मल्टी चैनल युग में टीवी और फिल्मों ने जानकारी नहीं मनोरंजन ही परोसा है. समाज द्वारा किसी भी रूप में भावनाओं का आदर नहीं किया जाता. प्रेम का मधुर एहसास तो कुछ सप्ताह तक चलता है. अब तन के उपभोग की अपेक्षा है.

क्षणिक होता मुहब्बत का जज्बा

प्रेम अब सड़क, टाकीज, रेस्तरां और बागबगीचों का चटपटा मसाला बन गया है. वर्तमान प्रेम क्षणिक हो चला है, वह क्षणभर दिल में तूफान ला देता है और अगले ही पल बिलकुल खामोश हो जाता है. युवा आज इसी क्षणभर के प्रेम की प्रथा में जी रहे हैं. एक शोध के अनुसार, 86% युवाओं की महिला मित्र हैं, 92% युवक ब्लू फिल्म देखते हैं, तो 62% युवक और 38% युवतियों ने विवाहपूर्व शारीरिक संबंध स्थापित किए हैं.

यही है मुहब्बत की हकीकत

एक नई तहजीब भी इन युवाओं में गहराई से पैठ कर रही है, वह है डेटिंग यानी युवकयुवतियों का एकांत मिलन. शोध के अनुसार, 93% युवकयुवतियों ने डेटिंग करना स्वीकार किया. इन में से एक बड़ा वर्ग डेटिंग के समय स्पर्श, चुंबन या सहवास करता है. इस शोध का गौरतलब तथ्य यह है कि अधिकांश युवक विवाहपूर्व यौन संबंधों के लिए अपनी मंगेतर को नहीं बल्कि किसी अन्य युवती को चुनते हैं. पहले इस आयु के युवाओं को विवाह बंधन में बांध दिया जाता था और समय आने तक जोड़ा दोचार बच्चों का पिता बन चुका होता था.

अमीरी की चकाचौंध में मदहोश प्रेमी

मृदुला और मनमोहन का प्रेम कालेज में चर्चा का विषय था. दोनों हर जगह हमेशा साथसाथ ही दिखाई देते थे. मनमोहन की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी. वह मध्यवर्गीय परिवार से था, लेकिन मृदुला के सामने खुद को थोड़ा बढ़ाचढ़ा कर दिखाने की कोशिश में रहता था. वह मृदुला को अपने दोस्त की अमीरी और वैभव द्वारा प्रभावित करना चाहता था. दूसरी ओर आदेश पर भी अपना रोब गांठना चाहता था कि धनदौलत न होने पर भी वह अपने व्यक्तित्व की बदौलत किसी खूबसूरत युवती से दोस्ती कर सकता है. लेकिन घटनाचक्र ने ऐसा पलटा खाया कि जिस की मनमोहन ने सपने में भी कल्पना नहीं की थी. उस की तुलना में अत्यंत साधारण चेहरेमुहरे वाला आदेश अपनी अमीरी की चकाचौंध से मृदुला के प्यार को लूट कर चला गया.

मनमोहन ने जब कुछ दिन बाद अपनी आंखों से मृदुला को आदेश के साथ उस की गाड़ी से जाते देखा तो वह सोच में पड़ गया कि क्या यह वही मृदुला है, जो कभी उस की परछाईं बन उस के साथ चलती थी. उसे अपनी बचकानी हरकत पर भी गुस्सा आ रहा था कि उस ने मृदुला और आदेश को क्यों मिलवाया. कालेज में मनमोहन की मित्रमंडली के फिकरों ने उस की कुंठा और भी बढ़ा दी.

प्रेम संबंधों में पैसे का महत्त्व

प्रेम संबंधों के बीच पैसे की महत्ता होती है. दोस्ती का हाथ बढ़ाने से पहले युवक की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रख कर निर्णय लेना चाहिए. प्रेमी का यह भय सही है कि यदि वह अपनी प्रेमिका को महंगे उपहार नहीं देगा तो वह उसे छोड़ कर चली जाएगी. कोई भी युवती अपने प्रेमी को ठुकरा कर एक ऐसा नया रिश्ता स्थापित कर सकती है, जिस का आधार स्वाभाविक प्यार न हो कर केवल घूमनेफिरने और मौजमस्ती करने की चाह हो. युवकों को पैसे के अनुभव के बावजूद अपनी प्रेमिकाओं और महिला मित्रों को प्रभावित करने के लिए हैसियत से ज्यादा खर्च करना होगा.

प्रेम में पैसे का प्रदर्शन, बचकानी हरकत

छात्रा अरुणा का विचार है कि अधिकतर युवक इस गलतफहमी का शिकार होते हैं कि पैसे से युवती को आकर्षित किया जा सकता है. यही कारण है कि ये लोग कमीज के बटन खोल कर अपनी सोने की चेन का प्रदर्शन करते हैं. सड़कों, पान की दुकानों या गलियों में खड़े हो कर मोबाइल पर ऊंची आवाज में बात करते हैं या गाड़ी में स्टीरियो इतना तेज बजाते हैं कि राह चलते लोग उन्हें देखें.

हैसियत की झूठी तसवीर पेश करना घातक

अरुणा कहती है कि कुछ लोग प्रेमिका से आर्थिक स्थिति छिपाते हैं तथा अपनी आमदनी, वास्तविक आय से अधिक दिखाने के लिए अनेक हथकंडे अपनाते हैं. इसी संबंध में उन्होंने अपने एक रिश्तेदार का जिक्र किया जो एक निजी कंपनी में नौकरी करते थे. विवाह के तुरंत बाद उन्होंने पत्नी को टैक्सी में घुमाने, उस के लिए ज्वैलरी खरीदने तथा उसे खुश रखने के लिए इस कदर पैसा उड़ाया कि वे कर्ज में डूब गए. कर्ज चुकाने के लिए जब उन्होंने कंपनी से पैसे का गबन किया तो फिर पकड़े गए. परिणामस्वरूप अच्छीखासी नौकरी चली गई. इतना ही नहीं, पत्नी भी उन की ऐसी स्थिति देख कर अपने मायके लौट गई. अगर शुरू से ही वह चादर देख कर पैर फैलाते, तो यह नौबत न आती.

समय के साथ बदलती मान्यताएं

मीनाक्षी भल्ला जो एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं, का कहना है कि प्यार में प्रेमीप्रेमिका दोनों ही जहां एकदूसरे के लिए कुछ भी कर गुजरने की भावना रखते हैं, वहीं अपने साथी से कुछ अपेक्षाएं भी रखते हैं.

व्यापार बनता आज का प्रेम

इस प्रकार के रवैए ने प्यार को एक प्रकार का व्यापार बना दिया है. जितना पैसा लगाओ, उतना लाभ कमाओ. कुछ मित्रों का अनुभव तो यह है कि जो काम प्यार का अभिनय कर के तथा झूठी भावुकता दिखा कर साल भर में भी नहीं होता, वही काम पैसे के दम पर हफ्ते भर में हो सकता है. अगर पैसे वाला न हो तो युवती अपना तन देने को तैयार ही नहीं होती.

नोटों की ऐसी कोई बौछार कब उन के लिए मछली का कांटा बन जाए, पता नहीं चलेगा. ऐसी आजाद खयाल या बिंदास युवतियों का यह दृष्टिकोण कि सच्चे आशिक आज कहां मिलते हैं, इसलिए जो भी युवक मौजमस्ती और घूमनेफिरने का खर्च उठा सके, आराम से बांहों में समय बिताने के लिए जगह का इंतजाम कर सके, उसे अपना प्रेमी बना लो.

सेक्स रिलेशनशिप: मजा कम, मुसीबतें ज्यादा

अमेरिकी यूनिवर्सिटी के एक शोध से पता चला है कि कम उम्र में सेक्स संबंध बनाने वाली युवतियां, युवकों के मुकाबले ज्यादा परेशान होती हैं जबकि बड़ी उम्र की युवतियां सेक्स में ऐक्टिव होती हैं, पर उन के साथ धोखे की आशंका कम होती है. फिल्म ‘दृश्यम’ में युवक द्वारा युवती को ब्लैकमेल करने का सीन फिल्म का केंद्रबिंदु है, जिस पर पूरी फिल्म की कहानी बुनी हुई है.

फिल्म में भले ही युवकयुवती एकदूसरे से प्यार नहीं करते पर सहपाठी व हमउम्र जरूर है. यहां बात युवक और युवती के रिलेशनशिप को ले कर हो रही है कि कैसे एक युवक युवती की मजबूरी का फायदा उठाना चाहता है. एमएमएस या अश्लील  वीडियो नैट पर डालने वाली बातें ज्यादातर युवकों का हथियार बन चुकी हैं. युवती को न केवल ब्लैकमेलिंग का डर सताता रहता है बल्कि एक बार संबंध बन जाने पर अनेक मुसीबतों से खुद ही निबटना पड़ता है.

डेट पर जाना पड़ता है भारी

गर्लफ्रैंडबौयफ्रैंड का डेट पर जाना कोई नई बात नहीं, लेकिन उस दौरान पार्टनर के साथ सावधानी बरतने की जरूरत है. डेटिंग के दौरान वे एकदूसरे के बेहद नजदीक आ जाते हैं. केवल मौजमस्ती के लिए बनाया गया संबंध आगे चल कर युवतियों के लिए मुसीबतों का सबब बन जाता है. यदि बिना सावधानी बरते सेक्स करते हैं तो बाद में युवतियों को ही कई तरह के जोखिमों का सामना करना पड़ता है, क्योंकि युवकों को तो सिर्फ ऐंजौयमैंट से मतलब होता है और वे बाद में इस से युवतियों के समक्ष आने वाली परेशानियों से पल्ला झाड़ लेते हैं. इसलिए सावधानी बरतना जरूरी है.

आइए, जानें क्या हैं वे मुसीबतें

अनचाहे गर्भ का डर

सेक्स के दौरान गर्भनिरोधी उपाय अपनाएं, अन्यथा आप को यह डर जीने नहीं देगा कि कहीं डेट न मिस हो जाए, इस बार गर्भ न ठहरे, अगली बार मैं अवश्य इस दौरान सावधानी बरतूंगी. इस के अलावा आईपिल का प्रैशर डालेंगी. अगर बौयफ्रैंड ने ला कर नहीं दी तो आप तो फंस गई समझो. खुद खरीदने जाएंगी नहीं. डेट मिस होने पर आप ऐबौर्शन किट का प्रयोग करेंगी पर उस को खरीदने में भी आप को कई तरह का गणित लगाना पड़ेगा.

संक्रमण का खतरा

असुरक्षित सेक्स से संक्रमण का खतरा बना रहता है. जल्दबाजी के चक्कर में तमाम युवा असुरक्षित सेक्स करने के आदी हो जाते हैं. उन का बजट इतना नहीं होता कि वे अच्छे होटल में जाएं. सस्ते होटल में जाने से वहां का गंदा टौयलेट, गंदा बिस्तर और तमाम तरह की अन्य चीजों से आप को इन्फैक्शन का खतरा हमेशा बना रहता है. अगर बौयफ्रैंड के घर जा रही हैं और वह अकेला रहता है तो भी आप को गंदगी का सामना करना पड़ेगा और आप चाह कर भी इस गंदगी से अपनेआप को बचा नहीं पाएंगी. असुरक्षित सेक्स से आप को एसटीडी (सैक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज) होने का खतरा भी रहता है.

डिप्रैशन का शिकार

असुरक्षित सेक्स के साथ छिप कर बौयफ्रैंड के साथ कहीं जाने का प्लान हो या फिर परिचितों के मिलने से भेद खुलने का डर, इन सभी बातों से आप का मन कभी शांत नहीं रह पाएगा. इस के साथ ही आप को बारबार लगेगा कि कहीं आप प्रैगनैंट तो नहीं. यह खयाल आप को डिप्रैशन का शिकार भी बना सकता है.

असुरक्षा का डर सताता है

बौयफ्रैंड के साथ रिलेशनशिप जरूरी नहीं कि अच्छी ही हो, हो सकता है वह आप को किसी और के लिए चीट या झूठ बोल रहा हो. यह डर आप के मन में चौबीसों घंटे कौंधता होगा, इसलिए जल्द से जल्द ऐसी रिलेशनशिप से बाहर निकलें या फिर अपने मन का वहम खत्म करें.

कंगाल न हो जाएं आप

यह जरूरी नहीं कि बौयफ्रैंड को ही खर्च करना पड़ता है. समयसमय पर गर्लफ्रैंड बौयफ्रैंड की जेबें भी भरती है. अगर युवती कामकाजी है और युवक बेरोजगार तो वहां भी गर्लफ्रैंड को कई बार अपने बौयफ्रैंड को पैसे देने पड़ेंगे. कुछ बौयफ्रैंड अकसर पौकेटमनी खत्म होने का बहाना बना कर, उधारी की जिंदगी काटना चाहते हैं. ऐसे में तब गर्लफ्रैंड को अपनी पौकेट खाली करनी पड़ जाती है. अगर आप ने गलती से अपने बौयफ्रैंड को हजारों रुपए उधार दिए हैं तो समझो बे्रकअप के बाद वह भी नहीं मिलेंगे. इसलिए सोचसमझ कर ही कदम उठाएं.

पेरैंट्स से झूठ छिपाना पड़ता है भारी

एक झूठ छिपाने के लिए हजार झूठ बोलने पड़ते हैं. पहले तो बौयफ्रैंड के साथ रात बिताने के लिए आप अपने पेरैंट्स से झूठ बोलती हैं कि आज आप और आप की सहेली रात भर पढ़ेंगे इसलिए आप उस के घर जा रही हैं. मान लीजिए, वहां पहुंच कर कुछ अनहोनी हो जाए तो पेरैंट्स से उस बात को छिपाने का फैसला भारी लगने लगता है. साथ ही पेरैंट्स से तमाम तरह के झूठ बोल कर आप हमेशा शर्मिंदगी भी महसूस करेंगी इसलिए अच्छा है कि सच को छिपाएं नहीं.

पलपल होती ब्लैकमेलिंग का शिकार

आप का एमएमएस बन जाने पर आप को पलपल ब्लैकमेलिंग का शिकार होना पड़ सकता है. हो सकता है कि आप का बौयफ्रैंड ऐसा न करे, पर होटल में लगे छिपे कैमरे या कुछ अराजक तत्त्व मिल कर आप को ब्लैकमेल कर पैसा और आप की आबरू दोनों को अपना हथियार बना सकते हैं. इस मुसीबत का सामना करने वाली कुछ युवतियां सुसाइड तक कर लेती हैं या कुछ अपने हक के लिए ताउम्र अपनी लाइफ कानूनी पचड़ों में पड़ कर खराब कर देती हैं. इस से बाहर निकलना बहुत मुश्किल हो जाता है.

सिंगल रहने के फायदे

  • पहरेदारी से आप को छुटकारा मिलेगा. कोई रोकेगाटोकेगा नहीं. आप अपनी लाइफ खुल कर जी सकेंगी.
  • बौयफ्रैंड से देर रात तक चैट या बात करने से छुटकारा मिलता है. आप जब चाहें जागें और जब चाहे सोएं.
  • अपनेआप को जानने का मौका मिलेगा. आप के पास इतना समय होगा कि आप अपने लक्ष्य, अपनी पर्सनैलिटी, कमजोरी व स्टै्रंथ को पहचान पाएंगी. इस से आप को एक नई राह मिलेगी.
  • सिंगल रहने पर आप को कोई झूठ या बहाना नहीं मारना पड़ेगा. इस से आप का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा. हिम्मत आएगी और आप का फोकस सिर्फ आप के कैरियर और परिवार पर ही रहेगा.
  • आप हमेशा बिजी नहीं रहेंगे. इस से आप ज्यादा से ज्यादा बाहर जा कर अपने दोस्तों व परिचितों से मिल पाएंगे और सोशल बनेंगे.

सिंगल रहने के वैज्ञानिक तर्क

हैल्दी हार्ट

जनरल औफ मैरिज ऐंड फैमिली 2006 में प्रकाशित एक खबर के अनुसार, ‘‘9 हजार मध्यम आयुवर्ग के वयस्कों पर एक रिसर्च की गई जिस में पाया गया कि कुंआरे लोगों को सब से कम दिल की बीमारियां होती हैं.’’

बौडी फिट तो आप हिट

अमेरिकी जनरल औफ प्रिवैनटेटिव मैडिसन में हुए शोध के मुताबिक 13 हजार पुरुषों और महिलाओं पर जिन की उम्र 18 से 64 वर्ष के बीच है, एक सर्वे हुआ. सर्वे के नतीजों से पता चला कि जिन की शादी नहीं हुई वे अपने काम में फिट रहते हैं और उन की बौडी भी आकर्षक दिखती है.

समझौता नहीं करना पड़ेगा

मनोवैज्ञानिक और ऐजिंग की प्रकाशित 1,649 लोगों पर हुई स्टडी के अनुसार, ‘सिंगल लोगों को कम समझौते करने पड़ते हैं, जिन की वैवाहिक जिंदगी अच्छी नहीं चलती, उन्हें तमाम समझौते करने पड़ते हैं व तनाव से गुजरना पड़ता है और उन की उम्र भी अधिक लगने लगती है.’

बौलीवुड सैलिब्रिटीज की बात

हम अकसर फिल्में देख कर ऐक्टर व ऐक्ट्रैस के स्टाइल को कौपी करते हैं, लेकिन उन की लाइफ को नजरअंदाज कर देते हैं. आइए, जानें वह सिंगल रह कर अपनी लाइफ किस तरह ऐंजौय कर रहे हैं : बौलीवुड स्टार सलमान खान का कहना है, ‘‘मैं सिंगल ही ठीक हूं. डबल रह कर मुझे मुसीबत नहीं लेनी.’’ यह सिंगल रहने वाली बात सलमान खान ने ‘प्रेम रतन धन पायो’ फिल्म के प्रमोशन के दौरान एक इंटरव्यू में कही थी. ऐक्ट्रैस अदिति राव हैदरी ने भी एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि मुझे सिंगल रह कर अपनी लाइफ को ऐंजौय करना ज्यादा पसंद है इसलिए फिलहाल मेरा शादी का कोई प्लान नहीं है. ऐक्ट्रैस बिपाशा बसु का ही उदाहरण लें. अपने सीरियस रिलेशनशिप से बे्रकअप के बाद फिल्मों में जल्द मूवऔन करने की उन की कोशिश भी काबिलेतारीफ है. वे अब अपनी लाइफ को अधिक ऐंजौय कर पा रही हैं. हालांकि अब उन्होंने शादी कर ली है.

अभिनेता रितिक रोशन पत्नी सुजैन से तलाक के बाद सिंगल हैं. वैसे रितिक और सुजैन अब अपनी लाइफ को ज्यादा खुल कर ऐंजौय कर रहे हैं. शायद सिंगल रहने वाली बात दोनों को देर से समझ आई. घुटघुट कर जीने से बेहतर है कि अकेले रहें और अपनी लाइफ को अपने अनुसार चलाएं.

 

डेटिंग टिप्स: क्यों जरूरी है डेट

आज की व्यस्त जिंदगी में प्यार की राह में कदम बढ़ाने से पहले लड़का और लड़की एकदूसरे के बारे में काफी कुछ जान लेना चाहते हैं. इस के लिए वे डेट पर जाने का प्लान करते हैं. वैसे भी कुछ मुलाकातें किसी भी प्यार भरे रिश्ते को पूरा करने के लिए बहुत जरूरी होती हैं. ये मुलाकातें ही तय करती हैं कि आप का फ्यूचर कैसा होगा.

1. फिल्म लाइफ इन मैट्रोका हीरो

इरफान खान और हीरोइन कोंकणा सेन प्लान कर के पहली डेट पर मिलते हैं. लेकिन पहली बार मिलने पर इरफान की नजर कोंकणा पर कम उस के कपड़ों और फीगर पर ज्यादा होती है. ऐसे में कोंकणा का मूड खराब हो जाता है और वह सोचने लगती है कि कैसा है यह? इस का तो मेरे कपड़े और फीगर पर ही ध्यान है. अत: कोंकणा सेन को डेट पसंद नहीं आती है.

ऐसे में अगर आप अपनी डेट को यादगार बनाना चाहती हैं, तो जानिए कुछ खास बातें जो न सिर्फ आप के प्यार को परवान चढ़ाएंगी वरन चंद मुलाकातों में ही नजदीकियां भी बढ़ जाएंगी.

2. क्यों जरूरी है डेटिंग

मनोचिकित्सक प्रांजलि मल्होत्रा बताती हैं, ‘‘किसी अपोजिट सैक्स से मिलने की जो खुशी होती है वह किसी भी व्यक्ति को रोमांच से भर देती है. डेटिंग ही व्यक्ति को अपने रूटीन काम से हटा कर लाइफ में स्पार्क देती है और इसी से अच्छी फीलिंग्स आने लगती हैं. आप खुद पर न सिर्फ पूरी तरह से ध्यान देने लगती हैं वरन अपने कपड़ों, बिहेवियर पर भी ध्यान देने लगती हैं. दरअसल, हम सब में एक सैक्सुअल ऐनर्जी होती है, जो मनमस्तिष्क में रोमांच भर देती है. जब किसी से मिलने की खुशी होती है, तो वह ऐसी फीलिंग देती है कि उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता. उसे लगता है कि वह किसी के लिए इतना इंर्पोटैंट है या समाज में डिजायरेबल है. तभी कोई उस से मिलना चाहता है. डेटिंग हमें सोशल ऐटिकेट्स भी सिखाती हैं.’’

3. डेटिंग करें जम कर

डेटिंग चाहे पार्टनर चुनने की हो या फ्रैंडशिप की, डेटिंग जम कर करें. डेट पर जाना अपनेआप में एक दिलचस्प अनुभव होता है. इस के जरीए एकदूसरे को समझनेपरखने का मौका मिलता है.

4. फर्स्ट डेट

डेट पर जाना किसी बड़े टास्क से कम नहीं होता है. यह किसी भी लड़के या लड़की के लिए महत्त्वपूर्ण पल होता है. फिर जब बात हो पहली डेट पर जाने की तो यह और भी जरूरी हो जाता है कि आप अपनी फर्स्ट डेट को यादगार बनाएं. फर्स्ट डेट पर आप अपना इंप्रैशन ऐसा दें कि सामने वाला आप से दोबारा मिलने को बेताब हो उठे. इस के लिए इन बातों का ध्यान रखें:

– समय और स्थान का चुनाव पहले ही कर लें और अपने तय समय से पहले पहुंच जाएं.

– पहली बार डेटिंग पर जा रही हैं, तो ज्यादा भड़कीले कपड़े पहनने के बजाय सिंपलसोबर बन कर जाएं. मेकअप भी कम से कम करें.

– पहली बार मिलने पर अपने पार्टनर के लिए गिफ्ट ले जाना न भूलें और गिफ्ट ऐसा हो जो उसे पसंद आए.

– पहली डेट पर ज्यादा ऐक्साइटमैंट न दिखाएं. अपने बिहेवियर को कंट्रोल में रखें. उस में बनावटीपन न लाएं.

5. डेटिंग को सफल बनाएं ऐसे

ड्रैस का चुनाव: आप ऐसे कपड़ों का चुनाव करें, जिन में न सिर्फ आप की पर्सनैलिटी में निखार आए, बल्कि आप कंफर्टेबल भी महसूस कर सकें.

6. डेटिंग के लिए स्थान व समय: फर्स्ट

डेट के लिए किसी सार्वजनिक स्थान का चयन करें ताकि आप सहज और सुरक्षित महसूस करें. फर्स्ट डेट पर ज्यादा समय न बिताएं. संभव हो तो मील लंच पर ही मिलें. इस से आप का पार्टनर आप के टाइम की वैल्यू भी समझेगा. फर्स्ट डेट पर जो बिल आए उसे शेयर जरूर करें.

7. क्या न करें

– डेटिंग को सिर्फ टाइमपास या मौजमस्ती न समझें, बल्कि सामने वाले को जाननेसमझने का मौका दें.

– डेटिंग के दौरान फ्लर्टिंग न करें.

– डेटिंग के दौरान धूम्रपान व नशीले पदार्थों का सेवन न करें.

– फर्स्ट डेट में ही ज्यादा करीब जाने की कोशिश न करें.

– अगर पार्टनर की कोई बात पसंद नहीं आ रही है तो चुप रहें. किसी बात पर बहस न करें.

– फर्स्ट डेट में फिजिकल होने की कोशिश न करें.

– फर्स्ट डेट में खुद ही न बोलती जाएं, बल्कि उस की भी सुनें.

– डेटिंग को इंटरव्यू न बनाएं और हंसीमजाक भी सोचसमझ कर करें.

7. जब पार्टनर हो नापसंद

किसी से मिलने से पहले आप उस के बारे में पौजिटिव ही सोचते हैं. लेकिन मिलने के बाद असलियत पता चलती है कि उस का लुक बिहेवियर कैसा है. दूर से सभी अच्छे लगते हैं. यदि पार्टनर पसंद न आए तो इन बातों पर गौर फरमाएं:

– फर्स्ट डेट को इक्वल टु शादी न समझें. पसंद न आने पर सिर्फ फ्रैंडशिप भी रख सकती हैं.

– पसंद न आने पर उस के साथ ज्यादा टाइम स्पैंड न करें.

– फर्स्ट डेट पर पसंद न आने पर भी अपनी नापसंद उस पर जाहिर न होने दें.

– जब भी किसी से फर्स्ट डेट पर मिलें पहले से ही उस के बारे में जानकारी ले लें कि वह कैसा है, तब प्रौब्लम नहीं होगी.

8. डेटिंग को बनाएं रोमांचक

आप अपनी फर्स्ट डेटिंग को इस तरह रोमांचक बना सकती हैं:

लौंग ड्राइव: युवाओं में लौंग ड्राइव का बहुत क्रेज होता है. आप अपने पार्टनर को ऐसी जगह ले जाएं जहां आप दोनों लौंग ड्राइव का भरपूर मजा ले सकें.

मूवी या पार्क: डेटिंग के दौरान मूवी देखने जा सकते हैं. यदि मूवी देखना पसंद न हो तो पार्क में बैठ सकते हैं.

इन्ट्रैस्टिंग उपाय: डेटिंग को रोमांचक बनाने के लिए आप बोटिंग, फिशिंग या और भी इन्ट्रैस्टिंग साधन ढूंढ़ सकते हैं.

विंडो शौपिंग: मस्ती और फन के साथ विंडो शौपिंग या फिर हौट शौपिंग भी कर सकते हैं. इस से आप एकदूसरे की पसंदनापसंद को भी जान पाएंगे.

गैटटुगैदर: किसी को जाननेसमझने का सब से अच्छा औप्शन है गैटटुगैदर. आप अपने पार्टनर को अधिक कंफर्टेबल महसूस करवाने के लिए घर पर भी कुछ और फ्रैंड्स के साथ गैटटुगैदर कर सकते हैं. आप चाहें तो घर पर ही कैंडल लाइट डिनर भी कर सकते हैं.

Dating में भूलकर भी न पूछें ये 8 सवाल

डेटिंग पर जाना अब रूटीन बन गया है. आप एक क्यूट युवक से पार्टी में मिलीं और अगले ही दिन उस ने आप को डेट पर बुलाया तो आप मना करने से रहीं. हां, उस से मिलने जाने से पूर्व इतना जरूर सोचेंगी कि क्या पहनूं, मेकअप कैसा करूं और ऐक्सैसरीज में क्या अलग करूं. माना कि आप का आउटलुक महत्त्वपूर्ण है, आप के दिखने से आप का स्टेटस बनताबिगड़ता है, लेकिन इस से भी ज्यादा फर्क इस बात से पड़ेगा कि आप वहां क्या बातें करेंगी, किस अंदाज से बोलेंगी, बातचीत के टौपिक क्या होंगे.

अगर यह आप की पहली औफिशियल डेट है तो आप यह भी नहीं चाहेंगी कि आप की बातों से उसे कुछ गलत सिगनल मिले या बनतेबनते बात बिगड़ जाए और पहली डेट आखिरी बन कर रह जाए. तो जानिए, क्या बोलना है, कितना बोलना है? साथ ही यह भी कि कौनकौन सी बातें आप को कम से कम ‘फर्स्ट डेट’ पर कभी नहीं पूछनी चाहिए?

1. क्या आप किसी और को भी डेट कर रहे हैं?

अगर आप सीरियस रिलेशनशिप चाहती है तो आप के लिए यह जानना बेहद जरूरी है, लेकिन निश्चित तौर पर यह पहली डेट पर पूछा जाने वाला सवाल नहीं है. अभी आप एकदूसरे के लिए अजनबी हैं. पहली डेट आप के लिए पहला कदम है, एकदूसरे के बारे में छोटीमोटी बातें जानने, पसंदनापसंद जानने तथा यह जानने के लिए कि ‘एज ए परसन’ वह कैसा है, लेकिन पहली डेट पर हद से ज्यादा पर्सनल होना लड़के को इरिटेट कर सकता है.

2. आप की सैलरी कितनी है?

यह बेहद पर्सनल और सैंसिटिव इश्यू है कि एक व्यक्ति कितना कमाता है, जिस तरह किसी युवती से उस की उम्र नहीं पूछनी चाहिए उसी तरह किसी युवक से उस की अर्निंग के बारे में सवाल करना ठीक नहीं. ऐसा ‘फर्स्ट डेट’ पर कतई न पूछें. कुछ ही युवक होते हैं जो इस सवाल का जवाब कूल हो कर देंगे. युवक कितना कमाते हैं, इस बात को ले कर बेहद ‘टची’ होते हैं. यह सवाल ईगो को ठेस पहुंचा सकता है.

3. मैं सीरियस रिलेशनशिप में यकीन रखती हूं क्या आप भी रखते हैं?

जिंदगी में सीरियस होना, रिश्तों को गंभीरता से निभाना बेहद जरूरी है और अपने लिए उस एक स्पैशल इंसान की तलाश करना जिस के साथ आप अपनी पूरी जिंदगी बिताना चाहें, भी कुछ गलत नहीं है. यह ठीक नहीं कि आप पहली ही डेट पर यह जानना चाहें कि वह भी उतना ही सीरियस है कि नहीं. डेटिंग को ले कर युवक ज्यादा सीरियस नहीं होते, लेकिन फिर भी पहली डेट पर ही आप सीरियस कमिटमैंट की चाह रखती हैं, तो गलत होगा. उसे धीरेधीरे समझें और परखें फिर आप को यह पूछने की जरूरत भी महसूस नहीं होगी.

4. क्या आप जल्दी शादी प्लान करने की सोच रहे हैं?

क्या होगा अगर आप के सीधे सवाल के जवाब में उस ने भी सीधेसीधे ‘नहीं’ कह दिया? तो क्या आप उसी पल उठ कर रैस्टोरैंट से बाहर चली जाएंगी, नहीं न? दरअसल, शादी एक लौंग लाइफ डिसीजन है. पहली डेट पर तो कोई इस बारे में सोचता ही नहीं. हां, अगर आप को युवक पसंद आ गया है और अपने लिए मिस्टरराइट लग रहा है या आप पहली डेट को शादी तक ले जाने की सोच रही हैं तो बात अलग है. फिर भी 4-5 डेट तो सिर्फ यह जानने में लग जाती हैं कि आप दोनों एकसाथ आगे वक्त बिता सकते हैं या नहीं.

5. मुझे बच्चे पसंद हैं और आप को?

कैरियर ओरिएंटेड युवतियां शादी की कल्पना करते ही बच्चे के बारे में प्लान कर बैठती हैं, लेकिन पहली डेट पर ही उस से बेबीज के बारे में बात करेंगी तो उस का दिल करेगा कि उसी पल वह आप को छोड़ कर भाग जाए.  पहली डेट पर हलकाफुलका फ्लर्ट, रोमांटिक बातें, आंखों ही आंखों में कहनेसुनने की उम्मीद ले कर युवक युवती से मिलने आता है और आप जानना चाहती हैं कि वह आप के मिजाज का है या नहीं. जिंदगी के बारे में बातें कीजिए, फिल्म, फैशन, मौसम, कैरियर की बातें कीजिए पर बच्चे जैसे टौपिक पर नहीं.

6. क्या आप किसी के साथ फिजिकली इन्वौल्व्ड थे?

बेशक आप बेहद मौडर्न, बोल्ड युवती हों, जिस के लिए लव, सैक्स कोई टैबू नहीं और जिसे आप डेट कर रही हों, वह युवक भी यूएस रिटर्न्ड हो, फिर भी पहली डेट पर इतना पर्सनल, अंतरंग सवाल न पूछें. अभी आप एकदूसरे के इतने करीब नहीं आए कि दूसरे के नितांत निजी पलों को जानने का हक रखें. वैसे भी ‘सैक्स टौक’ बेहद निजी सब्जैक्ट है, सोचिए अगर आप से वह ऐसा ही सवाल पूछ ले तो?

7. हम दोबारा कब मिल रहे हैं?

अगर आप का पार्टनर आप से दोबारा मिलना चाहता है तो निश्चिंत रहिए, वह खुद आप को दोबारा कौल कर इन्वाइट करेगा, आप को बेकरार हो कर उसी वक्त उस से पूछने की जरूरत नहीं है. इस की जगह पहले अपनेआप से पूछिए कि क्या आप उस युवक के साथ दोबारा डेट पर जाना चाहेंगी. यदि आप की ओर से हां है तो भी पहली डेट का आकलन कर लें कि कैसा अनुभव रहा.

8. क्या मैं तुम्हें पसंद हूं?

अगर पहली डेट पर ही आप को ऐसा लग रहा है कि आप को जिस की तलाश थी वह यही है, आप को अपना ड्रीमबौय मिल गया है, तो भी सब्र रखिए और उस की ओर से क्या जवाब आता है यह जानिए. क्या उस के ख्वाबों की ताबीर आप हैं? क्या वह भी आप को अपनी मंजिल मान रहा है? इस बारे में जान कर ही आगे बढि़ए और पूछिए कि क्या वह आप को पसंद करता है?

पहली डेट पर ही मुहर लगाना और लगवाना दोनों ही गलत हैं. थोड़ा इंतजार कीजिए कुछ और मुलाकातों का. इंतजार का भी तो अपना मजा है. दरअसल, डेटिंग में आप को क्या, कैसे करना है इस का निर्णय तो आप को स्वयं ही लेना है और डेटिंग के लिए आप तभी आगे बढि़ए जब आप में इतनी परिपक्वता आ जाए.

लेखिका- निधि निगम

50+पुरुष डेटिंग के वक्त फिर से घर बसाने की नहीं सोचता!

55 वर्षीय राजेश की पत्नी का देहांत करीब 5 साल पहले हो गया था. राजेश के दो बच्चे हैं, दोनो की शादी हो चुकी है. दोनों वेल सेटेल्ड हैं. राजेश सरकारी कर्मचारी है. दिखने में अभी भी शरीर लम्बा-चैड़ा और सुडौल है. चूंकि राजेश बच्चों से अलग रहता है इसलिए अपनी शारीरिक जरूरतों के लिए किसी महिला दोस्त की तलाश में भी रहता है और इर्दगिर्द तांकझांक भी करता है. लेकिन इस उम्र में वह शादी नहीं करना चाहता. उसे महिला दोस्त तो चाहिए, मगर जीवनसंगिनी नहीं.

कहने की बात यह है कि 50 साल पार करने के बाद महिला व पुरुष की सोच में जमीन-आसमान का अंतर आ जाता है. महिला 50 साल बाद भी यदि अपनी जिंदगी को नए सिरे से शुरुआत करती हैं तो वह कोशिश करती है कि किसी के साथ सेटेल हो. जबकि 50+का पुरुष मौज मस्ती और जिंदगी जीने पर यकीन रखता है. इसमें कोई दो राय नहीं है कि 25 वर्षीय युवा और 50 वर्षीय अधेड़ पुरुषों की सोच में अच्छा खासा पफर्क होता है. 50 साल का व्यक्ति ज्यादा समझदार, व्यवहारिक और लॉजिकल तरीके से सोचते वाला होता है. इसलिए दोनो का डेटिंग फंडा भी एक दूसरे से भिन्न होता है.

लेकिन जहां तक बात महिलाओं की है तो वह पुरुषों से बिल्कुल उलट होती हैं. महिलाएं हमेशा खुद को सामाजिक रीति रिवाजों से अलग नहीं कर पातीं. अब आप 53 वर्षीय सीमा को ही लें. सीमा बचपन से ही बहुत महत्वाकांक्षी रही हैं. नतीजतन बहुत कम उम्र में उसने सरहानीय सपफलता हासिल कर ली. लेकिन इसका घातक परिणाम उसकी निजी जिंदगी में देखने को मिला. उसकी उम्र के लड़के या तो अभी सफलता की सीढ़िया चढ़ रहे थे या फिर  प्रारंभ कर रहे थे. नतीजतन उसे कोई लड़का नहीं भाया. इसके बावजूद उसके माता-पिता ने उसकी शादी एक अधेड़  उम्र के पुरुष से कर दी जिसके साथ घूमना-फिरना, रोमांस करना उसे कतई पसंद नहीं आया.

आखिरकार उसने उससे तलाक ले लिया. जिंदगी में इतने उतार चढ़ाव के बाद 50 साल के पड़ाव से गुजरते हुए सीमा को किसी साथी की कमी बहुत खलती है. यही कारण है कि 50 साल का होने के बाद भी वह अपने लिए किसी ऐसे पार्टनर की तलाश कर रही है जो उसकी जिंदगी मंे ठहराव ला सके. सीमा अकेली ऐसी महिला नहीं है जिसे ठहराव के लिए किसी साथी की कमी न खलती हो. असल में हर महिला ऐसा ही चाहती है. पुरुष जहां इस उम्र में जिंदगी की तमाम जद्दोजहद, परेशानियों  असफल वैवाहिक आदि से तनावग्रस्त होकर फिर से शादी के बंधन में नहीं बंधना चाहते, वे नए सिरे से परिवार बनाना, बच्चों की परवरिश करना, पत्नी के नाज नखरे सिर पर उठाने जैसी चीजों से ऊब हो चुके होते हैं.

वहीं महिलाएं इस उम्र में भी शुरु से शुरु करना चाहती हैं. शायद इसलिए क्योंकि महिला स्वभाव से ही केयर करने वाली होती है. वह चाहे मां की भूमिका में हो, बहन की भूमिका में हो, पत्नी की भूमिका में हो या गर्लप्रफेंड की भूमिका में. वह हर रूप में पुरुष की बच्चे की तरह देखरेख करना चाहती है. 50 वर्षीय पुरुषों को इन सब बातों से कोफ़्त  होने लगती है. मनोविदों का मानना है कि महिलाओं की ऐसी छवि के पीछे प्रमुख वजह यह है कि महिलाएं हमेशा से ही पुरुषों पर आश्रित रहती हैं. उन्हें हर कदम पर ऐसे व्यक्ति की जरुरत होती. जो उनकी दूसरों से रक्षा कर सके. जबकि पुरुषों को किसी के अंडर रहने की आवश्यकता नहीं होती.

62 वर्षीय अजय मागो के मुताबिक, ‘आज से 15 साल पहले मेरी पत्नी मुझे बिना तलाक दिये छोड़कर चली गई थी. खैर, वह मेरा गुजरा हुआ कल है. इसलिए उसे याद करके कोई फायदा नहीं है. अगर चाहता तो शायद तब शादी कर सकता था. मगर जैसे जैसे उम्र निकलती गई, मेरा इस बारे में विश्वास दृढ़ होता गया कि आप 50-55 साल के बाद नए सिरे से घर नहीं बना सकते. इसके पीछे कई वजहें हैं. पहली तो समाज इसकी इजाजत नहीं देता.

अगर मैं ऐसा करता तो निश्चित रूप से मेरे बच्चों को कापफी बुरा लगता. उनके दोस्त उन्हें ताना देते हुए अजीबोगरीब कमेंट करते. सो, मैं अपनी खुशी के लिए उन्हें दांव पर नहीं लगा सकता. इसके अलावा नए सिरे से घर की शुरुआत यानी एक और पत्नी, उसके बच्चे और उसके बच्चे की जिम्मेदारी. कुल मिलाकर बात यह हुई कि 80 साल की उम्र तक मैं बच्चों की परवरिश से जूझता रहूं. मेरे हिसाब से यह मुमकिन नहीं है. अतः मैं 50 साल के बाद नये सिरे से घर की शुरुआत करने के पक्ष में नहीं हैं.’

लब्बोलुआब यह कि महिला चाहे उम्र के किसी भी पड़ाव में क्यों न हो उसे हर वक्त सहारे की जरुरत होती है. जबकि पुरुषों की सोच 50 साल बाद बिल्कुल उलट जाती है. विशेषकर उन पुरुषों की जिनके साथ जिंदगी की असपफल दास्तानें जुड़ी हुई हैं. सो, महिलाएं ध्यान रखें अगर आप किसी 50$ पुरुष के साथ डेटिंग कर रही हैं तो उससे शादी करने का इरादा न बना लें. क्योंकि वह आपको अपनी संगिनी बनाना नहीं चाहता. वह तो सिपर्फ अपने आपको इंटरटेन कर रहा है. इसके उलट पुरुष भी इस बात का खास ख्याल रखें कि यदि 50+महिला आपके साथ डेटिंग कर रही है तो वह उस उम्र में भी आपको अपना जीवनसाथी बनाने की चाहत रखती है. 50 साल से ज्यादा उम्र का पुरुष परिपक्व होता है, माहौल से परिचित होता है, उसके लिए कोई चीज नई नहीं होती. इसलिए उनकी सोच अलग होती है, चाहत अलग होती है.

जब बौयफ्रैंड करे चीटिंग तो अपनाएं ये उपाय

रीयल लाइफ में ऐसे कई कपल हैं, जो रिलेशनशिप में होते हुए भी एकदूसरे को चीट करते हैं और जब उन की सचाई सामने आती है तो पार्टनर को बहलानेफुसलाने लगते हैं.कई बार तो ऐसा होता है कि पार्टनर की सचाई सामने आने पर समझ नहीं पाते कि क्या करें, क्या नहीं.

अगर आप का बौयफ्रैंड भी आप को चीट कर रहा है या धोखा दे रहा है तो इन बातों पर ध्यान दें :

  • सुसाइड करने की कोशिश न करें : अगर आप का बौयफ्रैंड किसी और के साथ नजदीकियां बढ़ा रहा है तो इस का यह मतलब नहीं है कि आप की लाइफ खत्म हो गई है, इस के बाद आप की लाइफ का क्या होगा, यह सोच कर आप उलटीसीधी हरकतें न करें बल्कि खुद को आगे बढ़ाने की कोशिश करें.
  • सोशल साइट्स पर न निकालें भड़ास: जब पार्टनर से लड़ाई होती है या पार्टनर चीट करते हैं तो अकसर युवतियां फेसबुक पर डाल देती हैं, अजीबअजीब से इलजाम लगा कर भड़ास निकालती हैं. अगर आप भी ऐसा करने की सोच रही हैं तो एक बात अच्छे से समझ लें, ऐसा करने से आप के पार्टनर के साथसाथ आप की भी बदनामी होगी इसलिए बेहतर है कि सोशल साइट्स के बजाय आपस में झगड़े को सुलझाएं.
  • मारपीट कर हंगामा न करें : पार्टनर को जब हम किसी दूसरे के साथ देखते हैं तो झगड़ने लगते हैं, जोरजोर से चिल्लाने लगते हैं, उस लड़की को गाली देने लगते हैं, पागलों की तरह बिहेव करने लगते हैं. लेकिन ऐसा करने के बजाय आप वहां से चुपचाप चली जाएं. अपने बौयफ्रैंड को अपनी गलती का एहसास होने दें, क्योंकि मारपीट, लड़ाईझगड़े से कोई चीज सुधरती नहीं है बल्कि बिगड़ती जाती है.
  • बदला लेने के बजाय दूरी बनाएं : अगर आप ने अपने बौयफ्रैंड को किसी के साथ पकड़ा है, तो दोनों से बदला लेने की कोशिश न करें, न ही उन के सामने चिल्लाचिल्ला कर पूछें कि आखिर क्यों किया मेरे साथ ऐसा? ऐसा कर के आप खुद को कमजोर दिखाती हैं.
  • अपनी प्रौब्लम अपने तक रखें : पार्टनर का झूठ सामने आने पर गुस्से में उस के पेरैंट्स व दोस्तों को इस बारे में बताने की गलती न करें. उस ने आप के साथ जो भी किया हो, पर उस प्रौब्लम को खुद हैंडल करने की कोशिश करें.
  • प्यार में अंधी न हो जाएं : आप प्यार करती हैं इस का यह मतलब नहीं है कि आप प्यार में एकदम अंधी हो जाएं, गलतियों को अनदेखा कर दें. ऐसा भी हो सकता है कि इस से पहले भी वह आप की पीठ पीछे इस तरह की हरकत कर चुका हो, लेकिन आप को पता न चला हो. खुद को कमजोर न दिखाएं.

जब बौयफ्रैंड की धोखाधड़ी का पता चलता है तब कुछ युवतियां तो बोल्डली हैंडल कर लेती हैं, लेकिन कुछ इमोशनली टूट जाती हैं और उन्हें रोते देख बौयफ्रैंड उन की कमजोरी का फायदा उठाते हैं. इसलिए खुद को कमजोर दिखाने के बजाय कौन्फिडैंट बनें.

शादीशुदा जोड़े के लिए 9 बैडरूम सीक्रेट

शादीशुदा जिंदगी में प्यार के रंग भरने में बैडरूम की अहम भूमिका होती है. ज्यादातर आराम के लिए पतिपत्नी बैडरूम को ही चुनते हैं. इसलिए बीचबीच में बैडरूम में थोड़ा सा बदलाव कर रोमांटिक जीवन को लंबे समय तक बरकरार रख सकते हैं.

1. दीवारों पर कलर:

बैडरूम में दीवारों के रंग का भी अपना अलग महत्त्व होता है. मुहब्बत के रंग को गाढ़ा करने के लिए अपनी दीवारों पर हलके गुलाबी रंग, आसमानी हलके हरे रंगों का प्रयोग करें, क्योंकि रंग भी अपनी भाषा बोलते हैं. रोमांस में प्यार का भाव जगाते हैं रंग.

2. लुभावनी तसवीरें लगाएं:

बैडरूम में अच्छी और रोमांटिक तसवीर लगाएं. बीभत्स, ऊर्जाहीन, शेर, दौड़ते घोड़े आदि की तसवीरें न लगाएं. बर्ड, हंस, गुलाब के फूलों की तसवीरें लगाएं. इस तरह की तसवीरें आप के जीवन को रोमांस और मुहब्बत से भर देंगी.

3. लाइट:

रोमांस जगाने के लिए रोशनी की अहम भूमिका होती है. बैडरूम में गुलाबी हलके आसमानी रंग की लाइट का प्रयोग करें. लाइट बैडरूम में डायरैक्ट नहीं, बल्कि इनडायरैक्ट पड़नी चाहिए. लैंपशेड, कौर्नर लाइट का भी प्रयोग किया जा सकता है. इस से बैडरूम में मादकता और मुहब्बत का समावेश होता है. कमरे में जितनी कम लाइट होती है, एकदूसरे के प्रति आकर्षण उतना ही गहरा होता है.

4. खुशबू:

मुहब्बत और रोमांस को बरकरार रखने के लिए कई तरह की खुशबुओं का प्रयोग किया जा सकता है. लैवेंडर, मोगरा, चंदन आदि की खुशबू से पतिपत्नी का मूड बन जाता है. कमरे में गुलदस्ते रखें. रोमांस बढ़ाने के लिए अरोमा कैंडल जलाएं. खुशबू इनसान के अंदर कई तरह के भाव पैदा करती है. कैंडल की लाइट न केवल बैडरूम को सौंदर्य प्रदान करती है, बल्कि एकदूसरे को रोमांस के लिए भी उकसाती है.

5. बिस्तर:

मन और मूड को बनाने में बिस्तर का बहुत बड़ा योगदान होता है. गद्दे चुभने वाले न हों, बैड की आवाज आप को डिस्टर्ब न करे. बैडशीट का रंग और कोमलता दोनों मुहब्बत को, रोमांस को भड़काने वाले होने चाहिए.

6. डिस्टर्बैंस न हो:

बैडरूम के बाहर कोई ऐसी बेल न लगाएं जो आप को बारबार डिस्टर्ब करे. अलार्म क्लौक, मोबाइल, सिंगिंग खिलौने आदि दूर रखें. बैडरूम को ऐसा बनाएं ताकि आप अपने पार्टनर को कंफर्टेबल फील करा सकें.

7 . फ्रूट्स:

अंगूर, केला, स्ट्राबैरी, सेब, चीकू आदि की खुशबू मादक होती है. ऐसे में अगर आप ऐसे फ्रूट्स रखते हैं, खाते हैं तो इस का असर आप के रोमांस पर भी पड़ता है.

8. बैडरूम को सजा कर रखें:

रोमांस, मुहब्बत के लिए पार्क, बगीचा, समुद्री किनारा, खुला आसमान आदि प्रेमियों को आकर्षित करते हैं. अत: बैडरूम को वैसा ही लुक देने की कोशिश करें. परदे ऐसे लगवाएं जिन से आसमान नजर आए. हलके रंग के परदे ही लगाएं. हलकी रोशनी ही कमरे में आए ताकि आप का मूड ज्यादा से ज्यादा रोमांटिक बने.

9. बैडरूम को रोमांटिक लुक दें:

अपने बैडरूम में आर्टिफिशियल फाउंटेन, बड़े पेड़ या चित्र लगाएं. बैड, सोफा, अलमारी आदि की जगह बदलती रहें ताकि आप के पार्टनर को रूम पुराना न लगे. मुहब्बत, रोमांस का बैडरूम से मजबूत रिश्ता होता है, जो जीवन में नयापन लाते रहते हैं.

कौलेज लाइफ में रोमांस का तड़का

कालेज की मौजमस्ती जिंदगीभर याद रहती है. वहां बनाए दोस्त, टीचर, घूमनाफिरना सब यादगार लमहों में शामिल होते हैं पर कालेज का रोमांस जिंदगी का ऐसा हिस्सा होता है, जिसे याद कर हर समय रूमानियत महसूस होती है और लगता है कालेज में रोमांस नहीं किया तो क्या किया… कालेज लाइफ के लमहे जीवन के अनमोल लमहे होते हैं. उस दौरान हम कई अलगअलग अनुभवों से गुजरते हैं. एक तरफ दिल धड़कता है तो दूसरी तरफ कैरियर को ले कर टैंशन होती है. वहीं दोस्तों के साथ मस्ती वाले पल गुजरते हैं. इन पलों को अच्छे से जी लेना चाहिए क्योंकि यही वह समय होता है जब हमें पहलीपहली बार प्यार का एहसास होता है. कई बार हम बताने में डरते हैं तो कई बार जल्दबाजी में गड़बड़ भी कर देते हैं. सो, जरूरी है कि अपने क्रश को अपने दिल की बात बताने में देरी न करें, न ही हिचकिचाएं.

उसे अपने दिल का हाल इस तरह बताएं कि वह मान ही जाए. तो आइए जानते हैं कि कालेज में कैसे करें मस्ती. शरीफों वाली इमेज छोड़ें यार अगर मैं ने लड़की से फ्रैंडशिप कर ली और पापा को पता चल गया तो क्या होगा, इस बात पर मम्मी बहुत गुस्सा होंगी, अगर बहन को पता चला तो वह मु झ से बात करना छोड़ देगी. यह सब सोचसोच कर यानी आप की शरीफों वाली इमेज के कारण अगर आप ने कालेज लाइफ नहीं जी तो आप बाद में बहुत पछताएंगे. ये दिन वापस लौट कर नहीं आने वाले. इसलिए अपनी सीधेपन वाली इमेज को छोड़ कर अपने बाकी फ्रैंड्स की तरह मस्ती करने में पीछे न रहें.

लड़की से दोस्ती करने में हिचकिचाएं नहीं. दोस्ती करते समय आप की पर्सनैलिटी काफी बोल्ड व अच्छी होनी चाहिए ताकि लड़की को आप में कोई बात नजर आए. वह यह न सोचे कि यार, यह तो अभी ही इतना डरपोक है, आगे दोस्ती कैसे निभाएगा, सो, इस से दूर रहने में ही भलाई है. प्रपोज करने में देरी न करें यार, वह क्या सोचेगी, कहीं बुरा न मान जाए या फिर मन के डर के कारण अगर आप ने अपने क्रश को प्रपोज करने में काफी समय लगा दिया तो हो सकता है कि आप की वाली किसी और की हो जाए क्योंकि आप का जिस पर क्रश है, हो सकता है उसे भी किसी पर क्रश हो जाए. ऐसे में बहुत ही ‘जैंटल वे’ में लड़की को प्रपोज करें. उस से बोलें, ‘मु झे तुम्हारी मासूमियत बहुत पसंद है, तुम्हारी स्माइल पर मैं फिदा हो गया हूं. क्या तुम मु झ से दोस्ती करोगी.’ अगर लड़की की भी हां हुई तो आप के मजे आ जाएंगे. फिर तो कालेज लाइफ को जीने का जो मजा आएगा उस की बात ही अलग होगी. लेकिन अगर वह इस दोस्ती के लिए न करे तो जबरदस्ती न करें और उसे सोचने के लिए थोड़ा समय दें.

हो सकता है कि धीरेधीरे उसे भी आप पसंद आने लगें. एकदूसरे के साथ खूबसूरत समय बिताएं अगर आप स्कूल की तरह कालेज में भी किताबी कीड़ा बन कर रहेंगे तो लाइफ को खुल कर एंजौय नहीं कर पाएंगे. इसलिए खुल कर जिएं इन दिनों को. अगर आप ने कालेज में गर्लफ्रैंड नहीं बनाई तो जिंदगी फीकीफीकी सी लगेगी. इसलिए गर्लफ्रैंड बनाएं क्योंकि इस में कोई बुराई नहीं है और जब साथ में खूबसूरत लड़की का साथ होता है तो उस की बात ही अलग होती है. अगर पहलीपहली बार गर्लफ्रैंड बनाई है तो उस के साथ खूबसूरत समय बिताएं. उसे कहीं आउटिंग पर ले कर जाएं, उस की पसंद का फूड और्डर करें. कहीं शांत जगह पर एकदूसरे को जानने की कोशिश करें, जिस से दोस्ती और गहरी हो सके. जब एकदूसरे को जानते हैं तो रिश्ता और गहरा बनता है. बस, दिल से किसी बात को न लगाएं

और खुल कर इस टाइम को एंजौय करें. बोरिंग बन कर न रहें फ्रैंड्स के कहने पर कालेज में गर्लफ्रैंड तो पटा ली लेकिन उस के साथ इतने बोरिंग बने रहे कि उसे ही आप से दोस्ती करने में पछतावा होने लगे और वह मौका पा कर आप से छुटकारा पाने के लिए सोचने लगे. इसलिए आप जब गर्लफ्रैंड बनाएं तो आप को अपना बोरिंग व्यवहार छोड़ना पड़ेगा. उस के साथ रोमांटिक बातें करें. अगर दोस्ती थोड़ी गहरी हो गई है तो पार्टनर की मरजी से ‘किस’ करने का मौका भी न छोड़ें. उसे जब घुमाने ले जाएं तो हाथ में हाथ डाल कर उस के साथ रोमांटिक बातें करें. अपनी भी सुनाएं और उस के मन की भी सुनें. इस से रिश्ते में बोरियत नहीं रहेगी और यह दोस्ती दिल को एक सुकूनभरा एहसास देने का काम करेगी. सरप्राइज से स्पैशल फील करवाएं हर लड़की को सरप्राइज अच्छे लगते हैं लेकिन अगर गर्लफ्रैंड होने के नाते वह ही आप को हमेशा सरप्राइज देती रहेगी तो उसे भी आप के साथ अच्छा फील नहीं होगा. इसलिए अपनी इस दोस्ती को स्पैशल बनाने के लिए कभी उसे लंच डेट पर ले जा कर सरप्राइज दें तो कभी उसे छोटी ही सही लेकिन शौपिंग करवा कर उस को आप से प्यार करने पर मजबूर कर दें. लड़कियां शौपिंग की दीवानी होती हैं, कोई भी उन की इस इच्छा को पूरा कर देता है तो वे उस की हो कर रह जाती हैं. फिर तो आप उस के लिए काफी खास हैं. यकीन मानिए जब आप उसे उस के फेवरेट रैस्तरां में लंच करवाने के साथसाथ शौपिंग करवा देंगे तो वह आप को हग किए बिना नहीं रह पाएगी.

इसलिए इस दोस्ती को फीकाफीका रखने के बजाय पार्टनर को सरप्राइज दे कर स्पैशल बनाएं. दोस्त की मदद लें अगर आप को पहलीपहली बार प्यार हुआ है, पहलीपहली बार आप इस तरह के रिलेशन में बंधे हैं, पहलीपहली बार कुछ खास एहसास हुआ है और आप को कुछ सम झ नहीं आ रहा कि कैसे अपनी पार्टनर को खुश रखें, उस के लिए क्या कुछ स्पैशल प्लान करूं, उसे कहां घुमाने ले जाऊं तो इस के लिए अपने दूसरे दोस्त की मदद लें. वह आप को अच्छे से गाइड करने के साथसाथ आप को कुछ हैल्पफुल टिप्स देगा. जिस से आप को अपने इस रिलेशन को आगे बढ़ाने में आसानी होगी. न करें यह गलती कालेज का क्रश हो या फिर कालेज का प्यार, अकसर कालेज की तरह ही शौर्ट टर्म होता है. इसलिए इस में एक बार दोस्ती होने पर जोश में आ कर होश न खोएं. पार्टनर के साथ रोमांस, मीठेमीठे पल जरूर बिताएं. लेकिन जितना हो सके, संबंध बनाने से बचें और अगर दोस्ती काफी गहरी हो गई है और रिलेशन बनाना भी चाहते हैं तो अनसेफ सैक्स करने से बचें. वरना बाद में पछताने के सिवा कुछ नहीं बचेगा.

Girlfriend को चैटिंग पर करना हो इंप्रेस, तो करने होंगे बस ये काम

अपनी गर्लफ्रैंड को इंप्रेस करने के तो कई तरीके है लेकिन डेट पर जाने से पहले ही चैटिंग पर इंप्रेस करना इतना आसान नहीं है उसके लिए कुछ ऐसे टिप्स है जिन्हे आप अपनाकर लड़की को इंप्रेस कर सकते है और उसके लिए ज़रुरी है कि आप किसी भी बात से डरे नहीं, आत्मविश्वास की कोई कमी कभी भी  नहीं हो.

ऐसा कई बार होता है कि आप चैटिंग से अपनी बात शुरु करते है जिसके लिए जरुरी है आप इंप्रेसिव चैटिंग करें, जो किसी डेट से कम ना हो. तो क्या आप जानते है चैटिंग के वो टिप्स जिनसे आप अपनी गर्लफ्रेंड को इंप्रेस कर सकते है. तो आज हम आपके लिए लेकर आए हैं कुछ आसान और प्रभावी टिप्स, जिससे आप चैट के दौरान किसी लड़की को इंप्रेस कर सकते हैं.

1. उसे बात करने दें

चैट करने के दौरान ये ज़रुरी है कि लड़की को पहले अपनी पूरी बात करने दें, यदि आप बीच में ही रोक देते है या कुछ कह देते है तो वह आगे अपनी बात करने से संकोच फील करेगी. इसके लिए जरुरी है कि पहले आप उसकी बात सुन लें वो, अपनी पूरी बात कह दें, तब आप कुछ बोलिए और अगर आप अपनी ही बात करने में लगे रहेंगे तो, उसे लगेगा कि आपको उसमें बात करने में रुचि नहीं है. इसलिए लड़की को पूरी बात करने का मौका ज़रुर दें.

2. मजेदार टॉपिक्स पर बात करें

आप उससे उसके पसंदीदा टीवी शो या मजेदार मनोरंजक चीजों के बारे में बात कर सकते हैं या कुछ मजेदार विषयों के बारे में सोच सकते हैं, जो उसे उत्साहित करेंगे. यह पता करने की कोशिश करें कि क्या वह साहसी किस्म की है, जिसे रॉक क्लाइम्बिंग या बंजी जंपिंग पसंद है या वो अपना वीकेंड बिस्तर पर चुपके से बिताना पसंद करती है. यदि वह ट्रैवल करना पसंद करती है, तो केवल उन सभी स्थानों के बारे में बात न करें जहां आप गए हैं, इसके बजाय उसे शामिल करें और इस बारे में बात करें कि आप उन सभी स्थानों के बारे में कितने उत्साहित हैं, जिन्हें आप भविष्य में उसके साथ देखना चाहते हैं.

3. धैर्य रखे

अपनी पहली चैट पर किसी लड़की को प्रभावित करने की कुंजी है, धैर्य रखना. आपके लिए अपने मन की बात कहना भी उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना उसके मन की बात सुनना. उसे पूरी तरह खुलने का मौका देना भी महत्वपूर्ण है. हो सकता है कि आप दोनों पहली बार में नर्वस हों, इसलिए उसे जवाब देने के लिए स्पेस और टाइम दें.

4. ज्यादा घमंड ना करें

चैट की शुरुआत में अधिकांश पुरुष सबसे बड़ी गलती जो करते हैं, वो है अपने बारे में झूठ बोलना ताकि सामने वाले पहला इंप्रेशन जबरदस्त हो. यह एक छोटा सा झूठ बाद के वर्षों में बड़ी समस्याओं में बदल सकता है. किसी भी रिश्ते में झूठ बोलना आपके लिए समस्या हो सकता है और अंततः परेशानी का कारण बन सकता है. इसलिए ईमानदार रास्ता चुनें. अगर बात आगे बढ़नी ही है, तो आपके सच से भी बढ़ेगी और आपका रिश्ता बिना कुछ किए ही खिल उठेगा.

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