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Bhojpuri Superstars : मनोज तिवारी और रवि किशन मार रहे हैं एकदूसरे को ताने

Bhojpuri Superstars. अभिनेता से नेता बने भोजपुरी के दो सुपरस्टार मनोज तिवारी और रवि किशन के बीच के वर्चस्व की लड़ाई किसी से छिपी नहीं हैं. दोनों अक्सर सार्वजनिक मंचों से एकदूसरे पर कटाक्ष करते रहते हैं. हाल ही में मनोज तिवारी ने एक पॉडकास्ट में उस बात पर अपनी प्रतिक्रिया दी है, जो रवि किशन ने कुछ समय पहले कपिल शर्मा के शो बोली थी और रवि किशन को आड़े हाथों लिया. क्या हुआ था कपिल शर्मा के शो में?

दरअसल, पावर स्टार पवन सिंह, ‘निरहुआ’ यानी दिनेश लाल यादव और मनोज तिवारी कपिल शर्मा के शो पर गए थे. वहां कपिल शर्मा ने ‘निरहुआ’ से पूछा कि आप राजनीति में किसको देखकर आए? आपको कौन लाया? मनोज तिवारी या रवि किशन? तब दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ ने कहा कि रवि किशन भैया को भी राजनीति में मनोज जी ही लेकर आए हैं. इस पर मनोज तिवारी ने कहा कि अब भी वे मानें तब न. उनका इशारा रवि किशन की तरफ था कि वे मनोज तिवारी को राजनीति में लाने का क्रेडिट नहीं देते हैं.
इसके बाद जब रवि किशन कपिल शर्मा के शो में पहुंचे, तो वहां कपिल ने रवि किशन को ‘निरहुआ’ और मनोज की स्टेटमेंट वाली वह क्लिप दिखाई. इसे देखने के बाद रवि किशन ने कहा कि “ए लोग गांवगांव गाते थे, इन लोगों को ब्लैक कॉफी पीनी सिखाई मैंने, इन लोगों को कैमरा दिखाया मैंने.”

रवि किशन ने मनोज की मिमिक्री करते हुए कहा कि कैमरा देखते ही मनोज बोले “बाप रे, एतना बड़का कैमरा.” कैमरे के सामने इनके पैर थरथर कांपते थे.

रवि किशन के इस बयान पर अब मनोज तिवारी ने टिप्पणी करते हुए कहा है कि बिल्कुल रवि किशन ने हमें कैमरा दिखाया है. लेकिन हमें रवि किशन ने नहीं प्रोड्यूसर ने काम करने के लिए बुला कर कहा था कि बहुत दिन से इन लोगों (रवि किशन) को ढो रहे हैं, अब आप ही कुछ कीजिए. मनोज तिवारी ने कहा इनको 25,000 हजार रुपए मिलते थे एक फिल्म के जो 30 दिनों में पूरी होती थी यानी 800 रोज का और मुझे 1,50,000 रुपए एक दिन के मिलते थे. मुझे बहुत बुरा लगता था कि हमारे हीरो को 800 रुपए दिन पर काम करना पड़ रहा है. अब रवि किशन ऐसा बोल रहे है, यह सुन कर बुरा लग रहा है. Bhojpuri Superstars

Akhilesh Yadav Family : प्रतीक यादव और अपर्णा यादव के रिश्ते में आयी दरार

Akhilesh Yadav Family :  उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष और मुलायम सिंह यादव व साधना यादव की बहू अपर्णा यादव और उन के पति प्रतीक यादव का रिश्ता अब खत्म होने के कगार पर दिखाई दे रहा है.

प्रतीक यादव ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपर्णा यादव  को ‘फैमिली डिस्ट्रॉयर’ (घर तोड़ने वाली) तक कह दिया और कहा कि उनकी मानसिक स्थिति इस समय बहुत खराब है. उन्होंने अपर्णा पर कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं. अंदाजा लगाया जा रहा है कि एक बेहद खूबसूरत प्रेम कहानी अब अंत की ओर बढ़ रही है. वह रिश्ता, जो कभी ईमेल के जरिए शुरू हुआ था, अब इंस्टा पोस्ट से खत्म होता दिख रहा है.

अपर्णा और प्रतीक की प्रेम कहानी. स्कूल के दिनों से शुरू हो गई थी. अपर्णा और प्रतीक की मुलाकात एक दोस्त की जन्मदिन पार्टी में हुई. पार्टी के दौरान बात बढ़ी और दोनों ने ईमेल आईडी शेयर की. यह साल 2001 की बात है. उस समय अपर्णा हर रोज ईमेल चेक नहीं कर पाती थीं, लेकिन प्रतीक ने उनके लिए अपने प्रेम को शब्दों में पिरोना शुरू कर दिया. जब अपर्णा ने अपनी मेल आईडी चेक की, तो उनके इनबॉक्स में प्रतीक के प्रेम भरे मेल्स की भरमार थी. इसके बाद अपर्णा ने जवाब दिया और दोनों का प्यार बढ़ता गया.

शुरुआत में अपर्णा को प्रतीक के मुलायम सिंह यादव का बेटा होने की जानकारी नही थी. 2001 में शुरू हुई इस प्रेम कहानी ने करीब 10 साल तक साथ निभाया. इस दौरान दोनों ने एक-दूसरे को जाना और परिवारों के बारे में जानकारी हासिल की. इसके बाद दोनों ने परिवार की सहमति से शादी करने का फैसला किया और 4 दिसंबर, 2011 को प्रतीक और अपर्णा परिणय सूत्र में बंध गए.

इस शादी में अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, अनिल अंबानी जैसे वीवीआईपी शामिल हुए. लखनऊ से सैफई तक इस शादी का भव्य जश्न मनाया गया.

प्रतीक यादव फिटनेस फ्रीक और बॉडी बिल्डिंग एक्सपर्ट हैं. उन्होंने रियल एस्टेट में भी कदम रखा. वहीं, अपर्णा यादव प्रशिक्षित क्लासिकल सिंगर हैं और उन्होंने मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल रिलेशन और पॉलिटिक्स में डिप्लोमा प्राप्त किया है. शादी के बाद उन्होंने राजनीति में रुचि दिखाई. दोनों के दो बच्चे भी हैं.

अपर्णा यादव की राजनीति में रुचि थी. मुलायम सिंह यादव ने उन्हें 2017 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर लखनऊ कैंट से चुनाव लड़ाया, लेकिन वे भाजपा की रीता बहुगुणा जोशी से हार गईं. इसके बाद उन्होंने भाजपा का रुख किया और 2022 से पहले सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हो गईं. कहा जाता है कि इस बदलाव से मुलायम परिवार में मतभेद बने. राजनीति, महत्वाकांक्षा और निजी मतभेदों के चलते जन्मजनमांतर का वादा अब टूटता दिखाई दे रहा है. Akhilesh Yadav Family

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