Smriti Pawan: महीने के 25 दिन दारू में टुल। मां के अलावा हर लड़की नंगी दिखती है, स्मृति सिन्हा

Smriti Pawan: भोजपुरी सिनेमा की अभिनेत्री स्मृति सिन्हा ने हाल ही में ‘अभय के पॉडकास्ट’ में दिए अपने एक इंटरव्यू से इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है।

इस पॉडकास्ट में उन्होंने बिना किसी का नाम लिए भोजपुरी के कलाकारों की शराब की लत और महिलाओं के प्रति उनके रवैये पर ऐसी बात बोल दी, जिसने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। इंटरव्यू के दौरान जब एंकर अभय ने स्मृति सिन्हा से सवाल किया कि नार्थ इंडिया  के कलाकार या बाहरी एक्टर्स की पहली पसंद भोजपुरी इंडस्ट्री क्यों नहीं बनती?”

इस सवाल का जवाब देते हुए स्मृति सिन्हा ने कहा कि यहां के एक्टर्स खुद को फलाना स्टार‘, ‘ढिमकाना स्टारकहते हैं। ये महीने के 25 दिन दारू पीकर टुल  रहते हैं। इनको अपनी मां के अलावा हर लड़की बिना कपड़ों की दिखती है। आए दिन इनके वीडियोज वायरल होते है, जो लोग आज इस इंडस्ट्री को रिप्रेजेंट कर रहे हैं, उन्होंने अपनी जिम्मेदारियां समझी ही नहीं। जब अंदर इतनी गंदगी होगी, तो बाहर से देखने वालों को यही गंदगी दिखेगी।”

स्मृति का यह बयान उन बड़े कलाकारों पर निशाना साधता है जो खुद को भोजपुरी सिनेमा का चेहरा मानते हैं, लेकिन उनके आचरण ने इंडस्ट्री की साख को नुकसान पहुंचाया है। हालांकि स्मृति सिन्हा ने अपने पूरे बयान में किसी भी स्टार का नाम नहीं लिया, लेकिन पॉडकास्ट का यह क्लिप वायरल होते ही सोशल मीडिया पर कयासों का दौर शुरू हो गया।

स्मृति के इस बयान के बाद पावरस्टार पवन सिंह के फैंस सोशल मीडिया पर काफी आक्रामक हो गए हैं और स्मृति सिन्हा को ट्रोल कर रहे हैं। स्मृति सिन्हा और पवन सिंह के बीच कई प्रोजेक्ट्स को लेकर मतभेदों की खबरें मीडिया में रही हैं। इसके अलावा, पवन सिंह की निजी जिंदगी, शादियों और विवादों को लेकर अक्सर मीडिया में खबरें आती रही हैं। इसी के कारण फैंस को लगा कि यह इशारा पवन सिंह की ओर है।

स्मृति का इशारा  भोजपुरी सिनेमा के समूचे सुपरस्टार कल्चर और मेल डॉमिनेंसपर था, जहां कुछ कलाकार अपनी जिम्मेदारियों से भटक चुके हैं और सेट का माहौल खराब करते हैं। स्मृति सिन्हा का यह बयान किसी एक स्टार के खिलाफ व्यक्तिगत भड़ास से ज्यादा भोजपुरी सिनेमा की अंदरूनी कमियों पर एक ‘वेक-अप कॉल’  है। सोशल मीडिया पर फैंस इसे अपने पसंदीदा स्टार  पवन सिंह से जोड़कर देख रहे हैं.

Controversy: कास्टिंग काउच से शुरू हुआ विवाद एक्ट्रेस अंजना सिंह के चप्पल तक पहुंचा

Controversy: भोजपुरी सिनेमा इन दिनों अपनी फिल्मों या गानों की वजह से नहीं, बल्कि कलाकारों के बीच छिड़ी जुबानी जंग और गालीगलौज को लेकर चर्चा में है. सुपरस्टार खेसारी लाल यादव और भोजपुरी की मशहूर एक्ट्रेस अंजना सिंह के बीच शुरू हुआ यह विवाद पूरी इंडस्ट्री को दो धड़ों में बांट चुका है. सोशल मीडिया पर फैंस की ‘ट्रॉल आर्मी’ और एक्टर्स के बीच तमीज की सारी सीमाएं लांघ दी गई हैं.

विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
इस पूरे विवाद की चिंगारी एक पॉडकास्ट से सुलगी. दरअसल, कुछ समय पहले खेसारी लाल यादव ने कास्टिंग काउच को लेकर एक बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था: “हर एक्ट्रेस कहती है कि कास्टिंग काउच होता है, लेकिन कोई यह नहीं कहती कि मेरे साथ हुआ है, तो फिर शिकार कौन हुआ?”
जब एक पॉडकास्ट के दौरान अंजना सिंह से खेसारी के इस बयान पर जवाब मांगा गया, तो अंजना ने खेसारी को आड़े हाथों लेते हुए सीधे शब्दों में कहा— “वह (खेसारी) तो कुछ भी कहते हैं.” अंजना सिंह का यह बयान खेसारी लाल यादव के फैंस को नागवार गुजरा. इसके बाद खेसारी के फैंस ने सोशल मीडिया पर अंजना सिंह को बुरी तरह ट्रोल करना शुरू कर दिया. हद तो तब हो गई जब ट्रोलर्स ने अंजना और उनकी मासूम बेटी को लेकर बेहद भद्दे और अश्लील कमेंट्स किए.

इस ट्रोलिंग से तंग आकर अंजना सिंह सोशल मीडिया पर लाइव आईं. उन्होंने गुस्से में चप्पल दिखाते हुए कहा कि वह किसी के आगे हाथ जोड़ने या भीख मांगने वाली नहीं हैं और सबको सबक सिखाएंगी.
अंजना ने खेसारी लाल यादव और उनके फैंस पर सीधा हमला बोलते हुए अपने टोलर्स यानी खेसारी के फैन्स को ‘माउगा आर्मी’ और खेसारी को ‘माउगास्टार’  कह डाला.
अंजना ने दावा किया कि यह ट्रोलिंग इसलिए हो रही है क्योंकि उन्होंने ‘पावरस्टार’ पवन सिंह की तारीफ की थी. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “क्या तारीफ करूं उनकी (खेसारी की)? ये कि वो अपनी पत्नी को अपनी बहन मानते हैं?”

खेसारी के समर्थन में डिंपल सिंह और अखिलेश कश्यप की एंट्री कैसे हुई?
अंजना के इस तीखे प्रहार के बाद खेसारी लाल यादव के समर्थन में एक्ट्रेस डिंपल सिंह और मशहूर गीतकार और लेखक अखिलेश कश्यप उतर आए. हालांकि, अखिलेश कश्यप के बयान ने इस विवाद की आग में घी डालने का काम किया.
अखिलेश कश्यप ने लाइव आकर अंजना सिंह के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया. उन्होंने अंजना को ‘चाची’ और ‘बुढ़िया’ कहा, उन्हें थप्पड़ मारने और लखनऊ में आकर मिलने की धमकी दी, की साथ ही अंजना की बेटी के लिए भी बेहद अपमानजनक और भद्दे शब्द बोले.

एक्स-हस्बैंड यश कुमार का अंजना को  समर्थन
जब बात अंजना सिंह की बेटी पर आई, तो अंजना के पूर्व पति और भोजपुरी एक्टर यश कुमार ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए अंजना के समर्थन में आ गए. यश कुमार ने एक वीडियो जारी कर अपनी बेटी पर अभद्र टिप्पणी करने वालों को सख्त लहजे में चेतावनी दी.
यश ने अखिलेश कश्यप को आड़े हाथों लेते हुए कहा: “तुम अंजना को थप्पड़ मारोगे? ऐसी नीच हरकत की उम्मीद तुमसे नहीं थी। और मारो तुम अंजना को थप्पड़, वो शेरनी तुम्हें बता देगी कि तुम्हारा पाला किससे पड़ा है. आगे से किसी भी महिला के बारे में बोलने से पहले हजार बार सोचना.”

“गाली-गलौज ही भोजपुरी की पहचान बन गई है” — देव सिंह
इंडस्ट्री में मचे इस घमासान पर भोजपुरी के अभिनेता देव सिंह ने गहरी चिंता और दुख व्यक्त किया है. एक्टर देव सिंह ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा आज भोजपुरी इंडस्ट्री की पहचान सिर्फ गाली-गलौज बनकर रह गई है. फैंस के नाम पर लोग एक-दूसरे की मां-बहन को गालियां दे रहे हैं. देव सिंह ने कहा कि इस कीचड़ उछालने के खेल में कोई यह नहीं सोच रहा है कि भोजपुरी सिनेमा का उत्थान कैसे होगा. कलाकारों को इन फालतू बातों को छोड़कर सिनेमा को आगे ले जाने पर ध्यान देना चाहिए.
सच ही है कि एकदूसरे पर आरोप लगाने से किसी को फायदा नहीं होता लेकिन हम अपने मकसद से भटक जाते हैं.

Bhojpuri Cinema: मैं दिखावे में यकीन नहीं करती-रिंकू भारती गोस्वामी

Bhojpuri Cinema:भोजपुरी सिनेमा में अपने दमदार किरदारों के जरीए राज करने वाली रिंकू भारती गोस्वामी का जादू इन दिनों 28 करोड़ भोजपुरिया दर्शकों के दिलों पर छाया हुआ है. वे भोजपुरी फिल्मों में अकसर किसी किसी दमदार रोल से दर्शकों का मनोरंजन करती दिखाई देती हैं. वे फिल्मों में सैकंड लीड समेत बतौर सपोर्टिंग एक्ट्रेस चाची, बहन और भाभी के रोल में छाई हुई हैं.

रिंकू भारती गोस्वामी का भोजपुरी फिल्मों में भाभी का रोल इस तरह पसंद किया जाने लगा है कि अब फिल्म इंडस्ट्री समेत भोजपुरिया दर्शक भी उन्हेंरिंकू भाभीके नाम से ही पुकारने लगे हैं.
रिंकू भारती गोस्वामी एक्टिंग के लिए तो सुर्खियां बटोरती ही हैं, साथ ही अपने बेबाक और बिंदास अंदाज के लिए भी जानी जाती हैं. वे हर मुद्दे पर खुल कर अपनी राय रखती हैं.
सरस सलिल भोजपुरी सिने अवार्ड्सशो के दौरान रिंकू भारती गोस्वामी से हुई एक मुलाकात में उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री और अपने एक्टिंग कैरियर पर बेबाक बातें साझा कीं. पेश हैं, उन से हुई बातचीत के खास अंश :
आप का सिवान जैसे छोटे शहर से सिनेमा की दुनिया का सफर कैसा रहा है?
यह सफर आसान तो बिलकुल नहीं था. छोटे शहर से आने पर सब से पहले लोगों की सोच से लड़ना पड़ता है. लेकिन मैं ने हमेशा अपने सपनों पर भरोसा रखा. मुश्किलें आईं, लेकिन वे ही मुझे मजबूत
बनाती गईं.
आप ने टीवी से शुरुआत की और फिर भोजपुरी सिनेमा में पहचान बनाई. इस सफर को आप कैसे देखती हैं?
मेरे लिए यह एक सीखने का प्रोसैस रहा है. टीवी ने मुझे कैमरे के सामने खड़ा होना सिखाया और भोजपुरी सिनेमा ने मुझे असली पहचान दी. हर पड़ाव ने मुझे निखारा है.
लोग आप को ‘रिंकू भाभी’ कह कर बुलाते हैं. इस पहचान को आप कैसे लेती हैं?
यह मेरे लिए बहुत बड़ा प्यार है. जब लोग आप को आप के किरदार के नाम से पहचानने लगें, तो समझ लीजिए आप ने कुछ सही किया है. ‘रिंकू भाभीमेरे दिल के बहुत करीब है. इतने सालों तक भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में काम करने के
बाद आप को बैस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का अवार्ड मिला. इस खुशी को कैसे सैलिब्रेट किया?
यह अवार्ड जीतना मेरे लिए बहुत खास बात है. मैं ने इसे अपने परिवार और टीम के साथ सैलिब्रेट किया. यह सिर्फ मेरी नहीं, हम सब की मेहनत का फल है. आप को भोजपुरी फिल्मों में अकसर भाभी, चाची, बहन जैसे सैकंड लीड किरदारों में देखा जाता है.
क्या आप की कभी लीड रोल की चाह नहीं होती?
हर कलाकार के मन में लीड रोल का सपना होता है, तो जाहिर है कि मेरा सपना भी है, लेकिन मेरे लिए किरदार की अहमियत ज्यादा है.
आप अपने बेबाक अंदाज के लिए जानी जाती हैं. क्या इस से कभी विवाद भी हुए हैं?
हां, कई बार विवाद हुए हैं. लेकिन मैं वही बोलती हूं जो मुझे सही लगता है. मैं किसी तरह के दिखावे में यकीन नहीं करती, इसलिए लोग मुझे असली मानते हैं.
अगर आप को एक फिल्म में लीड रोल चुनने का मौका मिले, तो कैसा किरदार निभाना चाहेंगी?
मैं एक ऐसी महिला का किरदार निभाना  चाहूंगी जो समाज के खिलाफ जा कर अपनी पहचान बनाती है. उस में स्ट्रगल भी हो, इमोशन भी और एक मजबूत संदेश भी.
फिल्म सैट पर कोई ऐसा मजेदार या यादगार किस्सा जो आज भी आप को हंसा देता हो?
एक बार शूटिंग के दौरान मेरा इमोशनल सीन था और पीछे से किसी ने मजाक कर दिया, पूरा सीन हंसी में बदल गया. मुझे वह दिन आज भी याद आता है.
अगर आप को अपनी अब तक की यात्रा को एक लाइन में बयान करना हो, तो क्या कहेंगी?
संघर्ष से सफलता तक, और अभी सफर जारी है.                    

बृहस्पति कुमार पांडेय

Bhojpuri Hot Actresses: ये हैं भोजपुरी सिनेमा की सब से हौट ऐक्ट्रैसेस

Bhojpuri Hot Actresses: भोजपुरी सिनेमा और भोजपुरी फिल्मों के चाहने वालों की संख्या लाखोंकरोड़ों मे है. ज्यादातर उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों को भोजपुरी सिनेमा काफी पसंद आता है और इस का सबसे बड़ा कारण यह भी है कि भोजपुरी ऐक्ट्रैसेस दिखने में काफी हौट होती हैं और परदे पर भी उन का अंदाज काफी बोल्ड रहता है. देखा जाए तो भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में अब बोल्ड सीन पहले के मुकाबले काफी कम देखने को मिलते हैं लेकिन आज भी उत्तर प्रदेश और बिहार के लोग भोजपुरी स्टार्स के दीवाने हैं.

आज हम आप को बताएंगे उन हसीनाओं के बारे में जिन्होंने भोजपुरी सिनेमा में अपने हुस्न से तबाही मचा रखी है.

नम्रता मल्ला (Namrita Malla)

नम्रता मल्ला भोजपुरी सिनेमा का जानामाना नाम हैं और इन्होंने तो अपनी अदाओं से लाखों लोगों को दीवाना बना रखा है. नम्रता मल्ला सोशल मीडिया पर काफी ऐक्टिव रहती हैं और आएदिन अपनी हौटनैस से फैंस को अपनी तरफ आकर्षित करती रहती हैं. नम्रता मल्ला ऐक्ट्रैस होने के साथसाथ एक अच्छी डांसर भी हैं और अपने हौट अंदाज में डांस कर वे किसी को भी अपना दीवाना बना सकती हैं.

मोनालिसा (Monalisa)

 

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भोजपुरी इंडस्ट्री की बात हो और मोनालिसा का नाम न आए ऐसा हो नहीं सकता. मोनालिसा को भोजपुरी इंडस्ट्री की क्वीन कहा जाता है. मोनालिसा भी सोशल मीडिया पर काफी ऐक्टिव रहती हैं और अपने बोल्ड फोटोशूट्स फैंस के साथ शेयर करती रहती हैं. मोनालिसा ने न सिर्फ भोजपुरी फिल्मों में काम किया है, बल्कि उन्होंने हिंदी सीरियल्स में भी काम कर अपनी पहचान बनाई है.

रानी चटर्जी (rani Chatterjee)

भोजपुरी सिनेमा की रानी मुखर्जी कहे जाने वाली ऐक्ट्रैस रानी चटर्जी की फैन फौलोइंग के तो क्या ही कहने. रानी चटर्जी ने भोजपुरी फिल्मों में एक से एक बोल्ड सीन दिए हैं. और तो और वे अपनी फिटनैस का भी काफी खयाल रखती हैं. रानी चटर्जी के चार्म की तो दुनिया दीवानी है और लुक्स के साथसाथ उन की ऐक्टिंग भी फैंस को काफी पसंद आती है.

अक्षरा सिंह (Akshara Singh)

 

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भोजपुरी इंडस्ट्री की जानीमानी ऐक्ट्रैस अक्षरा सिंह की एक झलक पाने के लिए उन के फैंस हर समय बेकरार रहते हैं. अक्षरा सिंह ने भोजपुरी फिल्मों में ऐक्टर पवन सिंह के साथ काफी बार बोल्ड सीन किए हैं. अक्षरा सिंह दिखने में भी काफी हौट हैं और उन के फिगर के तो क्या ही कहने. अक्षरा सिंह अकसर सोशल मीडिया पर अपने बोल्ड फोटोशूट्स और वीडियोज फैंस के साथ शेयर करती रहती हैं, जिन्हें फैंस भी जम कर पसंद करते हैं.

Saras Salil Bhojpuri Cine Awards: अरविंद अकेला और अंजना सिंह बने बेस्ट एक्टर-एक्ट्रेस

Saras Salil Bhojpuri Cine Awards 2025, लखनऊ, 10 अप्रैल 2025 : भोजपुरी सिनेमा की जगमगाती दुनिया के सितारों और परदे के पीछे के कलाकारों को सम्मानित करने के लिए सरस सलिल के छठे भोजपुरी सिने अवार्ड्स 2025 का भव्य आयोजन उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में किया गया. सभी लोगों के लिए यह एक यादगार शाम रही, जहां भोजपुरी फिल्म स्टार्स, मेकर्स और क्रू सभी ने इंडस्ट्री में अपने अद्भुत योगदान का जश्न मनाया.

अरविंद अकेला ‘कल्लू’ को उनकी फिल्म कसमे वादे के लिए बेस्ट एक्टर का अवार्ड मिला और फिल्म बड़की दीदी के लिए अंजना सिंह को बेस्ट एक्ट्रेस का खिताब मिला. वहीं फिल्म हिंदुस्तानी के लिए विजय कुमार यादव और फिल्म सूर्यवंशम के लिए निशांत उज्ज्वल को बेस्ट फिल्म का अवार्ड को दिया गया. रजनीश मिश्र को फिल्म सूर्यवंशम के लिए बेस्ट डायरेक्टर का पुरस्कार मिला. इन पुरस्कारों का स्वागत जोरदार तालियों की गड़गड़ाहट के साथ इस साल की फिल्मों के पीछे की कहानियों और प्रतिभा की सच्ची सराहना के साथ किया गया.

इस अवार्ड नाइट के दौरान केवल विजेताओं ने ही ध्यान आकर्षित नहीं किया, बल्कि बृजेश पाठक, उपमुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश; संदीप बंसल, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के सदस्य; प्रभुनाथ राय, सदस्य, अखिल भारतीय भोजपुरी समाज; मुकेश बहादुर सिंह, अध्यक्ष, इंडो अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स, लखनऊ; पवन सिंह चौहान, अध्यक्ष, एसआर ग्रुप ऑफ एजुकेशन और सदस्य, विधानसभा परिषद; राजेश राय, सदस्य सूचना विभाग; सुरेंद्र सिंह राजपूत, राष्ट्रीय प्रवक्ता, कांग्रेस; और अनीता सहगल, एंकर और अभिनेत्री ने भी अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम स्थल की शोभा बढ़ाई.

भोजपुरी सिने अवार्ड की बात जो सबसे अलग थी, वह थी काम पर ध्यान केंद्रित करना, खासकर बैकस्टेज का काम जिस पर अक्सर किसी का ध्यान नहीं जाता। एडिटर्स, सेट डिजाइनर्स, लाइटिंग क्रू, लेखकों और बैकग्राउंड स्कोर कलाकारों को भी मंच पर वास्तविक सराहना मिली.

इस साल के पुरस्कारों में 50 से ज़्यादा श्रेणियां शामिल थीं, जिनमें एक्टिंग, डायरेक्टिंग, राइटिंग, म्यूजिक, प्रोडक्शन डिजाइन, एडिटिंग और कई अन्य क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को सम्मानित किया गया. मुख्य पुरस्कारों के अलावा, विशेष सम्मान भी प्रदान किए गए, जिसमें लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड विजय खरे को दिया गया, जिनका भोजपुरी सिनेमा पर दशकों तक प्रभाव रहा है.

इस अवसर पर बोलते हुए दिल्ली प्रेस के एडिटर इन चीफ और पब्लिशर परेश नाथ ने कहा, “हमें भोजपुरी सिनेमा को इतना बेहतरीन बनाने वाले लोगों को सम्मानित करने पर गर्व है. ये पुरस्कार उनकी कड़ी मेहनत और प्रतिभा का प्रतिबिंब हैं. अपने पसंदीदा कलाकारों और फिल्मों का जश्न मनाने के लिए पूरे समुदाय को एक साथ आते देखना बहुत खुशी की बात होती है.”

सरस सलिल के बारे में

सरस सलिल भारत की अग्रणी हिंदी पत्रिकाओं में से एक है, जिसे दिल्ली प्रेस द्वारा प्रकाशित किया जाता है. यह अपने बेहतर लेखों के लिए जानी जाती है, जिनमें सिनेमा, लाइफस्टाइल, संस्कृति और सामाजिक मुद्दों सहित कई विषयों को शामिल किया जाता है. भारत और उसके बाहर के पाठकों के साथ सरस सलिल भोजपुरी सिनेमा पर विशेष ध्यान देने के साथ अलग-अलग रीजनल फिल्म इंडस्ट्री को बढ़ावा देने और उनका जश्न मनाने में सबसे आगे रही है. अपने पुरस्कारों के माध्यम से, सरस सलिल प्रतिभा, कड़ी मेहनत और रचनात्मकता के लिए मान्यता का प्रतीक बनी हुई है, जो दर्शकों का मनोरंजन करने और उन्हें प्रेरित करने वाली फिल्में बनाने में जाता है.

विजेताओं की पूरी सूची और कार्यक्रम से जुड़ी सभी जानकारी लिए सरस सलिल भोजुपुरी सिने अवार्ड्स की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं.

Saras Salil Bhojpuri Cine Awards 2025: यूपी के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने भोजपुरी सितारों की जमकर की तारीफ़

Saras Salil Bhojpuri Cine Awards 2025

लखनऊ : 10 अप्रैल, 2025 की शाम को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में दिल्ली प्रेस की पत्रिका सरस सलिल द्वारा छठे सरस सलिल भोजपुरी सिने अवार्ड शो का आयोजन कराया गया, जिसमें भोजपुरी फिल्मों के कलाकारों, फिल्मकारों, निर्देशकों और टेक्नीशियनों को वर्ष 2024 में प्रदर्शित फिल्मों के आधार पर विभिन्न श्रेणियों में अवार्ड दिए गए.

दर्शकों से भरे इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में भोजपुरी कलाकारों के अलावा उत्तर प्रदेश की कई बड़ी हस्तियों ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई, जिनमें ब्रजेश पाठक, उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री, उत्तर प्रदेश, दिनेश प्रताप सिह, कृषि राज्यमंत्री, उत्तर प्रदेश, संदीप बंसल, अध्यक्ष, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल, प्रभुनाथ राय, अध्यक्ष, अखिल भारतीय भोजपुरी समाज, मुकेश बहादुर सिंह, चेयरमैन, इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स, लखनऊ, पवन सिंह चौहान, चेयरमैन, एसआर ग्रुप ऑफ एजुकेशन और सदस्य, विधानसभा परिषद, राजेश राय, सूचना विभाग, श्वेता सिंह, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष, भाजपा, अवध प्रांत, डाक्टर नीरज बोरा, सदस्य, विधानसभा, उत्तर प्रदेश, आनंद शेखर सिंह, चेयरमैन, बाबू सुंदर सिंह ग्रुप ऑफ एजुकेशन, लखनऊ, सुरेंद्र सिंह राजपूत, राष्ट्रीय प्रवक्ता, कांग्रेस, अनीता सहगल, एंकर एवं फिल्म अभिनेत्री, श्री पंकज त्रिपाठी, ग्रिप म्यूजिक आदि शामिल थे.

उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने सभी विजेता कलाकारों को अवार्ड जीतने की बधाई दी. उन्होंने दिल्ली प्रेस की पत्रिकाओं खासकर सरस सलिल की समाज के प्रति उस की जिम्मेदारी को सराहा.

दिल्ली प्रेस के संपादक और प्रकाशक परेश नाथ ने दिल्ली प्रेस के इतिहास पर प्रकाश डाला कि किस तरह यहां से प्रकाशित होने वाली पत्रिकाएं हर वर्ग का प्रतिनिधित्व करती हैं और सफलतापूर्वक अपनी बात सब के सामने रखती हैं.

इस अवार्ड नाइट में भोजपुरी के नामचीन कलाकार रहे विजय खरे को (मरणोपरांत) लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड दिया गया. अंजना सिंह को फिल्म बड़की दीदी के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का अवार्ड मिला. अरविंद अकेला कल्लू को फिल्म कसमे वादे के लिए बेस्ट पॉपुलर एक्टर का अवार्ड मिला.

अनूप अरोड़ा को फिल्म सूर्यवंशम के लिए बेस्ट कैरेक्टर एक्टर क्रिटिक, आर्यन बाबू को फिल्म बड़ी मां छोटी मां के लिए बेस्ट चाइल्ड एक्टर, स्वास्तिक राय को फिल्म जया के लिए बेस्ट चाइल्ड एक्ट्रेस, विमल पांडेय को फिल्म हमार बड़की माई के लिए बेस्ट एक्टर जूरी, पल्लवी गिरि को फिल्म छठ मईया गोदिया भर दी हमार के लिए बेस्ट एक्ट्रेस जूरी, देव सिंह को फिल्म भैया मेरे राखी के बंधन को निभाना के लिए बेस्ट एक्टर फैमिली वेलयूज, संजय पांडेय को फिल्म भैया मेरे राखी के बंधन को निभाना के लिए बेस्ट एक्टर नेगेटिव रोल, के. के. गोस्वामी को फिल्म राजाराम के लिए बेस्ट कैरेक्टर एक्टर जूरी दिया गया.

सरस सलिल ने Bhojpuri Cine Awards के छठे संस्करण की घोषणा की

Bhojpuri Cine Awards: लखनऊ, 28 मार्च 2025: भारत की सबसे अधिक पढ़ी जाने वाली हिंदी पत्रिकाओं में से एक सरस सलिल, 10 अप्रैल 2025 को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सरस सलिल भोजपुरी सिने अवार्ड्स 2025 के छठे संस्करण का आयोजन लखनऊ में करेगी. भोजपुरी सिनेमा की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को सम्मानित करने के लिए इस भव्य समारोह का आयोजन होने जा रहा है.

सरस सलिल भोजपुरी सिने अवॉर्ड्स एक ऐसा खास कार्यक्रम बन गया है, जहां फिल्म निर्माताओं, अभिनेताओं, टेक्निशियन और भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के अन्य सदस्यों के बेहतरीन काम को सराहा और सम्मानित किया जाता है. इस साल के पुरस्कार समारोह में 50 से ज़्यादा कैटेगरी में भोजपुरी सिनेमा में अवार्ड दिए जाएंगें, जिसमें एक्टिंग, डायरेक्टिंग, संगीत, सिनेमा और अन्य क्षेत्रों में उपलब्धियों को पुरूस्कृत किया जाएगा. इसके अंतर्गत सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म, सर्वश्रेष्ठ निर्देशक और सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (पुरुष और महिला) शामिल हैं.

इस अवसर पर भोजपुरी सिनेमा के कुछ सबसे बड़े नाम शामिल होंगे, जिनमें दिनेश यादव निरहुआ, अरविंद अकेला कल्लू, आम्रपाली दुबे, अंजना सिंह, संजय पांडे, केके गोस्वामी, समर सिंह, रक्षा गुप्ता, यामिनी सिंह, देव सिंह, विमल पांडे, सीपी भट्ट, विनोद मिश्रा, शुभम तिवारी, पल्लवी गिरी, राधा सिंह, माही खान, ऋचा दीक्षित और विद्या सिंह शामिल हैं. उनकी मौजूदगी भोजपुरी सिनेमा के इस भव्य उत्सव की शोभा को बढ़ाएगी.

ये पुरस्कार न केवल भोजपुरी सिनेमा के सितारों को बल्कि पर्दे के पीछे के उन नायकों को भी पहचान दिलाने का मंच प्रदान करते हैं जो फिल्मों को सफल बनाते हैं. निर्माता और निर्देशक से लेकर टेक्निशियन, कोरियोग्राफर और साउंड इंजीनियर तक, फिल्म की सफलता में योगदान देने वाले हर व्यक्ति को पहचाना और सम्मानित किया जाता है.

परेश नाथ, दिल्ली प्रेस के एडिटर-इन-चीफ और पब्लिशर ने कहा, “सरस सलिल भोजपुरी सिने अवार्ड सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं है; यह भोजपुरी सिनेमा को आकार देने वाले जुनून और रचनात्मकता को पुरूस्कृत करता है. हमें इंडस्ट्री के विकास और सफलता में योगदान देने वाली अविश्वसनीय प्रतिभा को पहचानने और सम्मानित करने पर गर्व है. इस साल का आयोजन और भी शानदार होगा, जिसमें उन सितारों और गुमनाम नायकों को सराहा जाएगा जो सिनेमा को एक बेहतरीन कला के रूप में लोगों के सामने लेकर आते हैं.”

पुरस्कारों के लिए नामांकन प्रक्रिया बहुत ही सावधानीपूर्वक होती है. इस साल के पुरस्कारों के लिए 1 जनवरी, 2024 से 31 दिसंबर, 2024 के बीच रिलीज़ होने वाली सभी फ़िल्में शामिल हैं. इंडस्ट्री के विशेषज्ञों, आलोचकों और सिनेमा जगत की प्रमुख हस्तियों का एक पैनल नामांकितों का मूल्यांकन करेगा और प्रत्येक श्रेणी से विजेताओं का चयन करेगा.

पुरस्कार समारोह में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और अभिनेत्री, साथ ही सहायक कलाकारों के लिए पुरस्कार दिए जाएंगे. इसके अलावा, सर्वश्रेष्ठ सिनेमेटोग्राफी और एडिटिंग जैसे तकनीकी पुरस्कार और सर्वश्रेष्ठ स्क्रीनप्ले और संगीत जैसे रचनात्मक पुरस्कार भी शामिल होंगे. इनके अलावा, लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड, उभरती प्रतिभा और साल की सर्वश्रेष्ठ भोजपुरी फिल्म जैसी खास श्रेणियां भी होंगी, जिसमें इंडस्ट्री के दिग्गजों और नए कलाकारों की उपलब्धियों को सम्मानित किया जाएगा.

सरस सलिल अवार्ड्स के बारे में अधिक जानने और नए समाचारों से अपडेट रहने के लिए, उनकी आधिकारिक वेबसाइट सरस सलिल पुरस्कार पर जाएं.

सरस सलिल के बारे में

सरस सलिल भारत की अग्रणी हिंदी पत्रिकाओं में से एक है, जिसे दिल्ली प्रेस द्वारा प्रकाशित किया जाता है. यह अपनी बेहतर लेख के लिए जानी जाती है, जिसमें सिनेमा, लाइफस्टाइल, संस्कृति और सामाजिक मुद्दों सहित कई विषयों को शामिल किया जाता है. भारत और उसके बाहर के पाठकों के साथ, सरस सलिल भोजपुरी सिनेमा पर विशेष ध्यान देने के साथ अलग-अलग रीजनल फिल्म इंडस्ट्री को बढ़ावा देने और उनका जश्न मनाने में सबसे आगे रहा है. अपने पुरस्कारों के माध्यम से, सरस सलिल प्रतिभा, कड़ी मेहनत और रचनात्मकता के लिए मान्यता का प्रतीक बना हुआ है, जो दर्शकों का मनोरंजन करने और उन्हें प्रेरित करने वाली फिल्में बनाने में जाता है.

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Bhojpuri Interview: भोजपुरी में छोटी और कुंठित फिल्में बन रही हैं – अवधेश मिश्रा

Bhojpuri Interview: भोजपुरी सिनेमा इंडस्ट्री में खलनायक का किरदार निभाने वाले कई ऐसे चेहरे हैं, जिन को परदे पर देख कर डर लगने लगता है. उन्हीं एक्टरों में से एक हैं अवधेश मिश्र, जो रविकिशन के बाद भोजपुरी के ऐसे ऐक्टर है, जिन्होंने भोजपुरी के साथसाथ तमिल सिनेमा और बौलीवुड में भी अपने दमदार रोल से दर्शकों के ऊपर अमिट छाप छोड़ी है.

अवधेश मिश्रा खलनायक के रूप में जितनी बार भी परदे पर नजर आते हैं, दर्शकों का रोमांच उतना ज्यादा बढ़ता जाता है. भोजपुरी सिनेमा इंडस्ट्री में खलनायक का किरदार निभाने में उन का कोई सानी नहीं है. उन की खलनायकी से दर्शक स्क्रीन के सामने जोश में भर उठते हैं. भोजपुरिया बैल्ट में विलेन के रूप में अवधेश मिश्र की तुलना बौलीवुड के अमरीश पुरी और आशुतोष राणा जैसे ऐक्टरों से की जाती है. उन्होंने साल 2014 में तमिल फिल्म ‘पूजाई’ और साल 2015 में बौलीवुड फिल्म ‘डर्टी पौलिटिक्स’ में लीड विलेन के रूप में दर्शकों का मन मोह लिया था. उन के फिल्मी सफर को ले कर लंबी बातचीत हुई. पेश हैं, उसी के खास अंश :

भोजपुरी फिल्मों में आप का शुरुआती सफर कैसा रहा?

जब मैं ने सिनेमा इंडस्ट्री में कदम रखा, तो शुरुआती दिनों में काफी संघर्ष का सामना करना पड़ा. लेकिन उस बुरे वक्त में मेरी पत्नी ने हाथ थाम कर मेरा मनोबल बढ़ाया. फिर समय ने पलटी ली और मुझे भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री सहित तमिल और हिंदी फिल्मों में लीड विलेन के तौर पर काम मिलना शुरू हुआ.

आज भोजपुरी सिनेमा केवल टैलीविजन और यूट्यूब तक ही सिमट कर रह गया है. इस की क्या वजह है?

भोजपुरी में पहले जब फिल्में बनती थीं, तो सिनेमाहाल में रिलीज होती थीं. आजकल भोजपुरी में फिल्में ही नहीं, बल्कि टैली फिल्में बन रही हैं, जो टैलीविजन पर प्रसारित और रिलीज होती हैं. इस की 80 फीसदी औडियंस औरतें हैं. जब किसी खास औडियंस को ध्यान में रख कर एक ही ढर्रे पर फिल्में बनेंगी, तो ये फिल्में सिनेमाहाल तक नहीं जा पाती हैं. यही वजह है कि भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री दूसरी फिल्म इंडस्ट्री से काफी पीछे छूट गई है.

आप ने दूसरी फिल्म इंडस्ट्री से भोजपुरी के पिछड़ने की बात कही है. भोजपुरी फिल्में कहां पीछे छूट रही है?

भोजपुरी फिल्में साउथ और बौलीवुड की फिल्मों से बहुत पीछे छूट चुकी हैं. दूसरी फिल्म इंडस्ट्री में माहिर डायरैक्टर और कलाकार होते हैं, वहां सिनेमा को बहुत ऊंचा दर्जा दिया जाता है, जबकि भोजपुरी सिनेमा को नाम और पैसा कमाने का जरीया मान लिया गया है. दूसरी फिल्म इंडस्ट्री के लोग सिनेमा के लिए कुछ भी कर सकते हैं, जबकि भोजपुरी वाले खुद के लिए कुछ भी कर सकते हैं.

आप भोजपुरी सिनेमा इंडस्ट्री को किस मुकाम पर देख पा रहे हैं?

पहली बात तो यह कि भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री नाम की कोई चीज बची ही नहीं है, क्योंकि कुछ लोगों ने इसे फिल्म इंडस्ट्री से अलबम इंडस्ट्री बना दिया है.

क्या वजह है कि भोजपुरी फिल्मों के मूल दर्शक भोजपुरी सिनेमा से कटते जा रहे हैं?

यहां के सिंगर्स ने भोजपुरी सिनेमा को दर्शक की जगह श्रोता बना दिया है. इसलिए भोजपुरी के लिए अच्छा सोचने और करने वालों को फिर से भोजपुरी सिनेमा के लिए लंबी लड़ाई लड़नी पड़ेगी. मैं ने भोजपुरी सिनेमा के जीवनकाल में एक भोजपुरी कलाकार, निर्माता और निर्देशक के तौर पर बहुत अच्छा काम किया है, लेकिन अब लड़ाई और भी गंभीर है.

पिछले कुछ सालों से सासबहू वाले एकजैसे टाइटिल की बाढ़ सी आ गई है. इस की क्या वजह है?

भोजपुरी फिल्मों का टाइटिल जो है, भोजपुरिया बैल्ट की औरतों को देख कर तय किया जा रहा है. भोजपुरिया बैल्ट में सास, बहू, ननद, भौजाई वगैरह के रिश्ते में खटास और कुंठा बढ़ती जा रही है. समाज जिस कुंठा से घिरा हुआ है, भोजपुरी में उसी कुंठा को टारगेट कर के फिल्में बन रही हैं.

महिला दर्शक फिल्मों के कैरेक्टर की जगह खुद को रख कर देखती हैं, इसलिए सासबहू वाली फिल्में ज्यादा पसंद की जा रही हैं. मेरा मानना है कि भोजपुरी में छोटी और कुंठित फिल्में बन रही हैं.

जब फिल्में सिनेमाहाल में रिलीज नहीं हो रही हैं, तो इन की कामयाबी का पैमाना कैसे मापा जाता है?

भोजपुरी फिल्मों की कामयाबी का पैमाना आजकल टैलीविजन के पैमाने पर निर्भर है, जिसे हम टीआरपी और जीआरपी के नाम से जानते हैं. लेकिन फिल्में कामयाबी मापने का यह पैमाना मु?ो मजाक जैसा लगता है.

आप की तुलना अमरीश पुरी और आशुतोष राणा जैसे दिग्गज विलेन से की जाती है. यह सुन कर आप को कैसा लगता है?

मेरी तुलना जब भी अमरीश पुरी और आशुतोष राणा जैसे कलाकारों से होती है, तो दुख होता है. क्योंकि यहां एक घटिया से घटिया अलबम भी मिलियन में देखा जाता है और अच्छे विषय, अच्छे कलाकारों व तकनीकी के साथ बनी फिल्म को दर्शक ही नहीं मिलते हैं. टीआरपी, जीआरपी और मिलियन के जमाने में सब मजाक लगने लगा है. इसलिए मेरा मानना है कि मैं अवधेश मिश्र ही रहूं और उसी रूप में मेरी पहचान हो.

उत्तर प्रदेश की तुलना में बिहार में भोजपुरी फिल्मों की शूटिंग न होने की कोई खास वजह?

पिछले कई सालों से बिहार में भोजपुरी फिल्मों की शूटिंग थम सी गई गई है. फिल्मकार बिहार सरकार के असहयोगी रवैए के चलते बिहार का रुख नहीं करते हैं, जबकि बिहार में सब से ज्यादा भोजपुरी फिल्में देखी जाती हैं.

हाल ही में भोजपुरी जगत के कुछ लोगों ने बिहार सरकार से मुलाकात की थी. आशा है, जल्दी ही बिहार में फिर से भोजपुरी शूटिंग की शुरुआत होगी. फिल्म प्रोत्साहन के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार बहुत अच्छी है.

भोजपुरी सिनेमा को पीछे धकेलने में आप किस को दोषी मानते हैं?

भोजपुरी सिनेमा को पीछे धकेलने में केवल दोषी आजकल के सिंगर्स हैं, जिन्होंने भोजपुरी को बहुत पीछे धकेल दिया है.

Saras Salil Bhojpuri Cine Award : सितारों की सजेगी महफिल

Saras Salil Bhojpuri Cine Award : भोजपुरी फिल्में तकरीबन 35 करोड़ लोगों द्वारा देखी जाती हैं. यह आबादी केवल उत्तर प्रदेश और बिहार तक ही सीमित नहीं है, बल्कि भोजपुरिया बैल्ट के लोग दिल्ली, गुजरात, महराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, पंजाब, हरियाणा समेत देश के कोनेकोने में फैले हुए हैं.

भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में हर साल सैकड़ों फिल्में बनती हैं और रिलीज होती हैं, जिन्हें दर्शकों का भरपूर प्यार भी मिलता है. लेकिन दूसरी फिल्म इंडस्ट्रीज की तरह भोजपुरी सिनेमा के लिए फिल्म फेयर या राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार की तर्ज पर कोई अवार्ड नहीं होता था, जिस से भोजपुरी कलाकारों, फिल्म निर्माताओं और फिल्म निर्माण से जुड़े टैक्निशियंस का हौसला बढ़ाया जा सके.

ऐसे में देश के सब से बड़े प्रकाशन समूह दिल्ली प्रैस से प्रकाशित पत्रिका ‘सरस सलिल’ द्वारा साल 2020 में पहली बार ‘सरस सलिल भोजपुरी सिने अवार्ड’ की शुरुआत की गई थी, जो देखते ही देखते भोजपुरी सिनेमा के लिए दिए जाने वाले सब से बड़े पुरस्कार के रूप में अपनी पहचान बना चुका है.

अभी तक ‘सरस सलिल भोजपुरी सिने अवार्ड’ के 5 संस्करणों का आयोजन सफलतापूर्वक किया जा चुका है, जिस में 2 बार उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में और 3 बार अयोध्या में आयोजन हुआ है.

‘सरस सलिल भोजपुरी सिने अवार्ड’ की तुलना भोजपुरी के औस्कर और भारत सरकार द्वारा प्रदान किए जाने वाले राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से की जाती है, इसलिए भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े हर किसी का सपना रहता है कि उसे एक बार ‘सरस सलिल भोजपुरी सिने अवार्ड’ में पुरस्कार जरूर मिले.

सोशल मीडिया पर छाया

तीसरे ‘सरस सलिल भोजपुरी सिने अवार्ड’ में ‘बैस्ट ऐक्टर’ का अवार्ड मिलने के बाद भोजपुरिया बैल्ट के लोगों को अपनी ऐक्टिंग से कायल बना चुके भोजपुरी सुपरस्टार अरविंद अकेला कल्लू ने सोशल मीडिया पर लिखा था, ‘कहा जाता है कि सब्र का फल मीठा होता है और पुरस्कार हमेशा कलाकार का मनोबल बढ़ाता है. अपने अभिनय जीवन के 11 साल गुजारने के बाद मु झे कल रात फिल्म ‘प्यार तो होना ही था’ के लिए ‘सर्वश्रेष्ठ नायक 2021’ का अवार्ड मिला.

‘यह अवार्ड मैं अपने पिता के उस संघर्ष को समर्पित करता हूं, जिस के कारण आज मैं हूं. मेरे साथ मेरी इस फिल्म को 12 अवार्ड मिलने पर मेरी खुशी दोगुनी हो गई है. पूरी टीम को बधाई. हमारी मेहनत रंग लाई.

‘मैं उन तमाम निर्माताओं और निर्देशकों का आभारी हूं, जिन के कारण मेरी अभिनय यात्रा सतत चलती रही है और आगे भी उन का प्यार और आशीर्वाद बना रहे.

‘मैं ‘सरस सलिल’ का आभारी हूं, जिस के कारण मु झे यह सुखद अनुभूति हुई. मेरे तमाम दर्शकों को दिल
से प्रणाम. अपना प्यार और आशीर्वाद बनाए रखें.’

अरविंद अकेला कल्लू की इस पोस्ट को लाखों लोगों के लाइक्स मिले थे.

तीसरे अवार्ड शो में दिए गए अवार्डों को ले कर ‘बताशा चाचा’ के नाम से मशहूर ऐक्टर और कौमेडियन मनोज सिंह टाइगर ने बाकायदा एक वीडियो जारी कर के कहा था कि इस वीडियो को बनाने के पीछे का खास मकसद है. कुछ ऐक्सप्रैशंस देखे, कुछ वीडियो देखे, विनोद मिश्राजी का, कल्लू का, सुनील मां झी और तमाम सारे कलाकारों को स्टेज पर बोलते हुए देखा.

‘सरस सलिल’ का अवार्ड फंक्शन जो बस्ती में हुआ, बड़ी खुशी हुई कि यार, ये भी टैलेंटेड हैं. कल्लू 11 साल से सिनेमा कर रहा है और यह बात मेरे दिमाग में ही नहीं आई कि 11 साल से उस बच्चे को अवार्ड ही नहीं दिया गया. एक ऐक्टर के तौर पर क्या उस ने कोई काम ही नहीं किया था कि उसे पुरस्कार मिले?

विनोद मिश्रा इतने उच्च कोटि के कलाकार हैं, इतने सालों में उन्हें कभी मंच पर बुलाया ही नहीं गया था अवार्ड के लिए. यह सोचने वाली बात है. ‘सरस सलिल’ ने ऐसे कलाकारों को बुला कर अवार्ड दिए, इस से मुझे दिल से खुशी मिली है.

मनोज सिंह टाइगर के इस वीडियो को फेसबुक पर लाखों लोगों नें देखा और सराहा था.

जानेमाने ऐक्टर संजय पांडेय ने पिछले संस्करणों में अवार्ड मिलने पर अपनी फेसबुक वाल पर लिखा था कि कल मैं ‘सरस सलिल’ के अवार्ड शो में था. अच्छा लगा. बहुत कमियां भी थीं, बहुत खूबियां भी थीं.

आसान होता है किसी व्यक्ति विशेष या आयोजन पर टिप्पणी करना. सिर्फ शब्द ही फेंकने हैं और एक लंबी बहस शुरू हो जाती है. उस में पैसा नहीं लगता, पर फिर भी अगर हम उन कमियों की ओर इशारा न करें तो वे और बढ़ेंगी.

इस बात की मैं तारीफ करूंगा कि ‘सरस सलिल’ में इस बार कुछ अवार्ड ऐसे थे, जो काबिलेतारीफ थे, जैसे इतनी फिल्में करने के बाद कल्लूजी को अवार्ड देना. जो खुशी उन के चेहरे पर दिख रही थी, वह अद्भुत थी और वे इस के हकदार भी थे. और एक कलाकार, जिन का मैं बहुत बड़ा फैन हूं, वे हैं विनोद मिश्रा.

उन्होंने जो मंच पर कहा, वह लाइन तो कमाल थी. हिल गया मैं सुन कर. आप से सा झा कर रहा हूं. हमारी श्रीमतीजी हम से हमेशा कहती रहीं कि एजी, सब के अवार्ड मिलेला, आप के काहे नईखे मिलत. राउर कौनो जुगाड़ नईखे का ओईजा. ता देख ला हो आज हमरो जुगाड़ लाग गईल, ता ला हे वंदना मिश्रा तोरे पगला के भी आज अवार्ड मिल गईल.

अरे सुन रही हो, आज मु झे भी अवार्ड मिल गया. आंखें भर आईं उन की ये बातें मंच पर सुन कर, आईना दिखा दिया उन्होंने, फिर भी अगर बात सम झ में न आए तो अफसोस.

अवार्ड चयन की प्रक्रिया

‘सरस सलिल भोजपुरी सिने अवार्ड’ के लिए ‘सरस सलिल’ पत्रिका की तरफ से अवार्ड के लिए नौमिनेशन आमंत्रित किए जाते हैं, जिस में 1 जनवरी से 31 दिसंबर के बीच प्रदर्शित फिल्मों को शामिल किया जाता है.

इस में सालभर के भीतर रिलीज भोजपुरी फिल्मों के आधार पर लीड ऐक्टर्स, ऐक्ट्रैसेज, सपोर्टिंग ऐक्टर्स समेत फिल्मों में काम करने वाले टैक्निशियंस से जुड़ी दर्जनों कैटेगरी शामिल होती हैं.

आवेदन की अंतिम तिथि तक ‘सरस सलिल’ पत्रिका द्वारा आवेदन के लिए जारी आधिकारिक ईमेल आईडी पर फिल्मों के नामांकन विभिन्न कैटेगरी में भेजने होते हैं.

इन प्राप्त आवेदनों के आधार पर अवार्ड की जूरी टीम द्वारा की गई स्क्रीनिंग अलगअलग कैटेगरी के अवार्डों के लिए नामों को फाइनल करती है और चयनित अवार्ड की घोषणा अवार्ड सैरेमनी के दिन मंच पर की जाती है.

इन को मिला सम्मान

पिछले 5 संस्करणों में जिन भोजपुरी हीरोहीरोइनों के साथ फिल्म निर्माण से जुड़े लोगों को विभिन्न कैटेगरी में अवार्ड प्रदान किया गया है, उन में दिनेशलाल यादव ‘निरहुआ’, प्रदीप पांडेय ‘चिंटू’, अरविंद अकेला कल्लू, समर सिंह, विमल पांडेय, गुंजन सिंह, आम्रपाली दुबे, रितु सिंह, अंजना सिंह, रक्षा गुप्ता, अनारा गुप्ता, श्रुति राव, पल्लवी गिरी, पाखी हेगड़े, यामिनी सिंह, कनक पांडेय, संजना सिल्क, मधु सिंह राजपूत, निशा सिंह, कनक यादव, संजय पांडेय, देव सिंह, अनूप अरोरा, बृजेश त्रिपाठी, सीपी भट्ट, प्रियंका सिंह, अंतरा सिंह ‘प्रियंका’, कविता यादव, अलका झा, संजोली पांडेय, ममता राऊत, अनुपमा यादव, ओम झा, विनय बिहारी, राज प्रेमी, संतोष श्रीवास्तव, शुभम तिवारी, देवेंद्र तिवारी, आरआर सिंह, बृजेश त्रिपाठी, प्रिंस सिंह राजपूत, मनोज सिंह ‘टाइगर’, आरके गोस्वामी, रोहित सिंह ‘मटरू’, लोटा तिवारी, धामा वर्मा, रजनीश मिश्र, संजय कुमार श्रीवास्तव, राजकुमार आर. पांडेय, पराग आर. पाटिल खास थे.

पिछले 5 अवार्ड शो के दौरान बैस्ट फिल्म डायरैक्टर, बैस्ट आर्ट डायरैक्टर, बैस्ट फिल्म प्रोड्यूसर, बैस्ट फिल्म स्टोरी राइटर, बैस्ट म्यूजिक डायरैक्टर, बैस्ट कोरियोग्राफर जैसी तकरीबन 50 कैटेगिरी में भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े 200 से ज्यादा लोगों को अवार्ड दिए जा चुके हैं.

जल्द करें नौमिनेशन

छठे ‘सरस सलिल भोजपुरी सिने अवार्ड’ के लिए नौमिनेशन के लिए अंतिम तिथि की घोषणा की जा चुकी है, जिस में 1 जनवरी, 2024 से 31 दिसंबर, 2024 के बीच कोई भी भोजपुरी फिल्म जो सिनेमाघर या टैलीविजन पर पहली बार रिलीज की गई है, का नामांकन 15 मार्च, 2025 तक भेजा जा सकता है.

ऐतिहासिक होगा अवार्ड शो

इस बार छठे ‘सरस सलिल भोजपुरी सिने अवार्ड’ का आयोजन उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के आडिटोरियम में किया जाएगा, जो अप्रैल महीने के पहले सप्ताह में आयोजित होने जा रहा है.

इस अवार्ड सैरेमनी में भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के सभी बड़े ऐक्टरों को आमंत्रण भेजे जाने शुरू किए जा चुके हैं.

इन में दिनेशलाल यादव ‘निरहुआ’, खेसारीलाल यादव, पवन सिंह, प्रदीप पांडेय ‘चिंटू’, अरविंद अकेला कल्लू, यश मिश्रा, रितेश पांडेय, समर सिंह, विमल पांडे, विक्रांत सिंह, संजय पांडेय, देव सिंह जैसे नाम शामिल हैं.

इस के अलावा हीरोइनों में आम्रपाली दुबे, मेघाश्री, अक्षरा सिंह, रानी चटर्जी, अंजना सिंह, रक्षा गुप्ता, मनी भट्टाचार्य, काजल राघवानी, यामिनी सिंह, संचिता बनर्जी, गुंजन पंत, रिचा दीक्षित आदि को भी आमंत्रण भेजा जा रहा है.

रंगारंग होगा कार्यक्रम

लखनऊ में होने जा रहे छठे ‘सरस सलिल भोजपुरी सिने अवार्ड’ में दर्शक अपने पसंदीदा कलाकारों की लाइव पेशकश का लुत्फ उठाएंगे. इस अवार्ड सैरेमनी के लिए कोई भी प्रवेश टिकट या प्रवेश शुल्क नहीं होगा.

पिछले कई सालों से इस अवार्ड शो से जुड़े भोजपुरी गायक व कलाकार विवेक पांडेय इस बार भी इस आयोजन को कामयाब बनाने में कड़ी मेहनत कर रहे हैं.

भव्य होगा छठा ‘Saras Salil Bhojpuri Cine Award’, लखनऊ में होगा रंगारंग आयोजन

Saras Salil Bhojpuri Cine Award : दिल्ली प्रेस की देश चर्चित पत्रिका ‘सरस सलिल’ द्वारा प्रत्येक वर्ष ‘सरस सलिल भोजपुरी सिने अवॉर्ड’ का आयोजन किया जाता है. इस साल ‘सरस सलिल भोजपुरी सिने अवॉर्ड’ का छठा साल होगा.

इस आयोजन के संदर्भ में प्रेस क्लब बस्ती में आयोजित प्रेस वार्ता में दिल्ली प्रेस के दिल्ली कार्यालय से आए भानु प्रकाश राणा ने बताया कि इस बार के अवॉर्ड समारोह में भोजपुरी के सभी बड़े और चर्चित एक्टर और एक्ट्रेस के साथसाथ चरित्र अभिनेताओं, फिल्मों से जुड़े टेक्नीशियंस को निर्धारित कैटेगिरी में जूरी के निर्णय के आधार पर सम्मानित किया जाएगा. इस के लिए नॉमिनेशन की प्रक्रिया चालू है. भोजपुरी फिल्म निर्माता साल 2024 में रिलीज हुई अपनी फिल्मों का नॉमिनेशन भेज सकते हैं.

‘ढेला बाबा’ के नाम से विख्यात भोजपुरी फिल्मों के चर्चित अभिनेता और कॉमेडियन सीपी भट्ट ने कहा कि वे ‘सरस सलिल भोजपुरी सिने अवॉर्ड’ के सभी एडिशन से जुड़े रहे हैं. इस बार भी वे अपने चुलबुले अंदाज में दर्शकों को गुदगुदाने आएंगे. उन्होंने बताया कि वे इस बार एंकरिंग टीम का हिस्सा भी रहेंगे.

भोजपुरी गायक और अभिनेता के साथसाथ ‘सरस सलिल भोजपुरी सिने अवॉर्ड’ के आयोजन से जुड़े विवेक पांडेय ने बताया कि इस अवॉर्ड समारोह में भोजपुरी के सभी जानेमाने सिंगर शिरकत कर रहे हैं.

आयोजन से जुड़े समाजसेवी नितेश शर्मा ने कहा कि हर साल की तरह इस साल भी सभी के लिए प्रवेश निःशुल्क होगा. अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि आयोजन में सुरक्षा के मद्देनजर सरकारी और गैर सरकारी एजेंसियां भी मुस्तैदी से जिम्मेदारी संभालेंगी. भोजपुरी गायक अमरेश पाण्डेय अमृत नें भी तैयारिओं को लेकर अपनी बात रखा.

अंत में इस समारोह से जुड़े बृहस्पति कुमार पांडेय ने बताया कि ‘सरस सलिल भोजपुरी सिने अवॉर्ड‘ का पहला और तीसरा आयोजन बस्ती में हुआ था. बाकी सालों में यह आयोजन अयोध्या में किया गया था, जिस में भोजपुरी के टॉप हीरो दिनेशलाल यादव ‘निरहुआ’, प्रदीप पांडेय ‘चिंटू’, अरविंद अकेला ‘कल्लू’, समर सिंह, विमल पांडेय के अलावा गुंजन सिंह, आम्रपाली दुबे, रितु सिंह, अंजना सिंह, रक्षा गुप्ता, अनारा गुप्ता, श्रुति राव, पल्लवी गिरी, पाखी हेगड़े, कनक यादव, कनक पांडेय, संजना सिल्क, मधु सिंह राजपूत, निशा सिंह, यामिनी सिंह जैसी हीरोइनों ने भी शिरकत की थी.

बृहस्पति कुमार पांडेय ने यह भी बताया कि भोजपुरी फिल्मों में विलेन के तौर पर अपनी छाप छोड़ रहे संजय पांडेय, देव सिंह, सुशील सिंह, अनूप अरोरा, बृजेश त्रिपाठी, सीपी भट्ट, सिंगर प्रियंका सिंह, अंतरा सिंह, प्रियंका, कविता यादव, अलका झा, संजोली पांडेय, ममता राउत, अनुपमा यादव, कॉमेडियन मनोज सिंह टाइगर, केके गोस्वामी, आरके गोस्वामी, रोहित सिंह मटरू, सीपी भट्ट, लोटा तिवारी, धामा वर्मा जैसे नामचीन एक्टर और एक्ट्रेस के साथसाथ तमाम भोजपुरी फिल्म टेक्नीशियंस भी शामिल होते रहे हैं. इस बार का आयोजन और ज्यादा भव्य और रंगारंग होगा.

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