Inspirational Hindi Story. राजा भाई ने पानी की तरह लाखों रुपए बहा कर चुनाव लड़ने का टिकट पा लिया था. कितने ही नेताओं की शराबशबाब से सेवा की थी, नोटों की थैलियां भेंट में दी थीं, तब कहीं जा कर हाईकमान ने उसे यह मौका दिया था.

राजा भाई को अपने माफिया दोस्तों पर पूरा भरोसा था कि वे उस के हलके के वोटरों को डराधमका कर उस के पक्ष में कर लेंगे. वोटिंग के समय तमाम बूथों को अपने कब्जे में ले कर वोटिंग मशीनों को अपने ढंग से इस्तेमाल करने की पूरी योजना थी.

राजा भाई ने सोच लिया था कि मंत्री बनते ही पहले तो करोड़ों रुपए खर्च होने की भरपाई अरबों रुपए कमा कर करेगा, उस के बाद अपने दुश्मनों को ठिकाने लगाएगा.

पिछले चुनाव में राजा भाई को विपक्ष से टिकट मिला था. वह बुरी तरह से हार गया था. उस ने तो जीतने के लिए पूरा जोर लगा दिया था, मगर अचानक उस के छोटे भाई ने स्कूली छात्रा के साथ बलात्कार कर उस की हत्या कर दी थी. उस का बनाबनाया खेल बिगड़ गया था.

इस बार राजा भाई पूरी तरह सावधान था. उस ने अपने तमाम चचेरेमौसेरे भाइयों व परिवार के लड़कों को समझा दिया था कि चुनाव में जीत होने तक मारपीट, अपहरण और हत्या जैसे अपराधों से दूर रहें.

बस, रात वाली करतूत मन में दहशत पैदा कर रही थी. कमलनाथ से भूल हो गई थी. वह अभी भी नशे में था. नई लड़की को पहचानता भी वही था. नाजिमा एकदम गायब हो गई थी. अचानक उस के पीछे चलते हुजूम में भगदड़ मच गई. पुलिस की दर्जनभर गाडि़यों से पुलिस निकली और राजा भाई को उस के समर्थकों के साथ थाने में बंद कर दिया. वह सरेआम बेइज्जत हो गया था.

अपना अपराध पूछने पर एसपी शर्मा ने गरजते हुए बताया कि उस के खिलाफ ‘हसीना’ नामक बीयरबार में मासूम लड़कियों के साथ बलात्कार, हत्या, देह धंधा व ब्लू फिल्में बनाने के आरोप हैं.

पिंकी बीए के आखिरी साल की छात्रा थी. उसी के साथ एक और छात्रा नाजिमा भी पढ़ती थी. वह इतनी खूबसूरत नहीं थी, फिर भी तमाम तरह के फैशन करती. अपनेआप को सजानेसंवारने पर बहुत पैसा खर्च करती थी. महंगेमहंगे कपड़े पहनती. तकरीबन 10 हजार रुपए की कीमत का मोबाइल हमेशा हाथ में रखती. उस के पास नए मौडल की स्कूटी भी थी.

पिंकी का मन भी करता कि वह अच्छेअच्छे कपड़े पहने, मनपसंद चीजें खरीदे, पर्स में हर समय हरेहरे नोट हों, महंगे रैस्टोरैंट में खाना खाए, मगर अपने घर की गरीबी के चलते उसे अपने मन को मारना पड़ता था.

नाजिमा पिंकी की सब से अच्छी सहेली थी. वह अकसर कैंटीन या बाजार में जाती, तो अपने खर्चे पर पिंकी को खूब खिलातीपिलाती थी. कई बार तो जरूरत की चीजें उसे खरीद कर भी दी थीं.

एक दिन पिंकी पूछ बैठी कि वह खुले हाथ से इतने रुपए कैसे खर्च कर लेती है? क्या उस के पापा बहुत बड़े अफसर हैं या किसी बड़ी फैक्टरी के मालिक हैं?

अपनी सहेली की बात सुन कर नाजिमा मुसकरा उठी. उस की आंखों की चमक गहरी हो गई. वह यों ही पिंकी पर दिल खोल कर रुपए नहीं खर्च कर रही थी. यह उस की गहरी चाल थी.

‘‘अरे यार, मेरी ऐसी किस्मत कहां? मेरे पापा 3 हजार रुपए महीना तनख्वाह पाने वाले मामूली से प्राइवेट मुलाजिम हैं. मैं अपने ऊपर जो दिल खोल कर खर्च करती हूं, वे सब मेरी अपनी कमाई के रुपए होते हैं,’’ नाजिमा ने बताया, तो पिंकी हैरान रह गई.

‘‘ऐसा क्या काम करती हो, जो कुबेर का खजाना तुम्हारे हाथ लग गया है?’’ पिंकी ने हैरान होते हुए अपनी दिलचस्पी जाहिर की.

‘‘मेरी जान, तुझे क्या पता, मैं महीनेभर में 20-25 हजार रुपए कमा लेती हूं. मुझे रुपए की कमी नहीं रहती. अगर तू मेरा साथ दे, तो हम दोनों खूब रुपए कमा सकती हैं,’’ नाजिमा ने सहज भाव से बताया, तो पिंकी हैरत के मारे चौंक उठी.

‘‘रुपए कमाना इतना आसान है क्या?’’

‘‘मेरी बुलबुल, हैरान क्यों होती हो? तुम जैसी खूबसूरत हसीना तो महीने में 50-60 हजार रुपए से कम नहीं कमाएगी. बस, थोड़ा दिमाग से काम लेना होगा,’’ नाजिमा ऐसे बता रही थी, मानो रुपए कमाना मामूली काम हो.

‘‘मुझे भी बता ऐसा काम. मगर मैं ऐसावैसा गलत काम नहीं करूंगी, जिस से बदनामी हो.’’

‘‘काम तुम्हारी पसंद का है.’’

‘‘साफसाफ बताओ कि ऐसा कौन सा काम है, जो मुझे भी पसंद है?’’ पिंकी ने पूछा.

‘‘तुझे ‘हसीना’ बीयरबार में शाम 7 बजे से रात 12 बजे तक डांस प्रोग्राम देना होगा. रोजाना 2 से 3 हजार रुपए मिल सकते हैं. वैसे भी तुम ने कालेज में अपने डांस से न जाने कितने इनाम जीते हैं,’’ नाजिमा ने पिंकी की तारीफ करते हुए कहा, तो उस ने हां कह दी.

शाम को छुट्टी हुई, तो पिंकी नाजिमा के साथ हाईवे वाले कमानी चौक पर आ गई. 5-10 मिनट के इंतजार के बाद एक मारुति वैन उन के सामने रुकी. उस में 50 साल का एक अधेड़ गाड़ी का स्टेयरिंग थामे सवालिया निगाहों से नाजिमा की तरफ देखने लगा.

नाजिमा उस के करीब पहुंची. धीमी आवाज में कुछ कहा और पिंकी की तरफ इशारा किया.

‘‘अरे, यह चिडि़या तो खूबसूरत और जवान है. एकदम फ्रैश माल है. अपने राजा भाई तो इसे पाने के लिए पागल हो उठेंगे. इस की अगर ब्लू फिल्म बना ली जाए, तो मार्केट में अच्छे दाम मिल जाएंगे. बदनाम होने के बाद तमाम रास्ते बंद. सिर्फ हमारे बीयरबार का चमकता रास्ता खुला रहेगा,’’ पिंकी को देखते ही वैन में बैठे कमलनाथ ने अपना अंदाजा जाहिर किया.

‘‘तभी तो अपने बीयरबार में डांस प्रोग्राम देने के लिए बड़ी मुश्किल से राजी किया है. अपने रंग में रंगने के लिए हजारों रुपए खर्च किए हैं,’’ शातिर अंदाज में नाजिमा धीरे से बोली.

‘‘तुझे तो 10 हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा.’’

‘‘10 हजार में काम नहीं चलेगा. ऐसी बुलबुल जाल में फंसाई है कि पूरे 50 हजार लूंगी. एक रुपया कम नहीं. मंजूर है, तो अभी 25 हजार लूंगी, बाकी 25 हजार कल मिलने चाहिए, वरना मैं इसे ‘आरोमा’ बीयरबार के मालिक मुन्ना भाई के पास ले जाऊंगी,’’ नाजिमा ने तीखे तेवर दिखाए, तो कमलनाथ ने चुपके से 25 हजार रुपए उस को पकड़ा दिए.

‘‘पिंकी, इधर आओ…’’ नाजिमा ने पिंकी को अपने पास बुलाया. वह थोड़ा शरमाते हुए करीब आ गई. वैन में बैठे कमलनाथ को नमस्ते किया, तो नाजिमा ने परिचय कराया, ‘‘पिंकी, ये हैं हमारे बीयरबार के मैनेजर कमलनाथजी. नई लड़कियों को बीयरबार में काम इन की मेहरबानी से मिलता है. तुम्हारे डांस प्रोग्राम को पेश करने के रोजाना 2 हजार रुपए देना मान गए हैं.’’

‘‘थैंक यू सर. मगर अभी तक आप ने मेरा डांस प्रोग्राम तो देखा नहीं है. पहले देख लेते, फिर कोई फैसला करते,’’ पिंकी गंभीर लहजे में बोली.

‘‘ओ ब्यूटीफुल बेबी, तुम्हारी खूबसूरत जवानी देख कर लोग वैसे ही पागल हो जाएंगे. जैसा भी नाचोगी, अच्छा ही होगा. वैसे भी नाजिमा जिस की सिफारिश कर दे, हम मना नहीं कर सकते,’’ कहते हुए कमलनाथ ने बड़े प्यार से नाजिमा के गाल को थपथपाया.

‘‘कमलनाथजी, खाली बातों से काम नहीं चलेगा. पहले हमारी पिंकी को कम से कम 10 हजार रुपए दे दो, फिर बात पक्की होगी.’’

‘‘यह लो पूरे 10 हजार रुपए. कल शाम से काम पर आ जाओ,’’ कमलनाथ ने कहा.

‘‘इतने रुपए… ये तो बहुत ज्यादा हैं,’’ पिंकी बोली.

‘‘अरे पिंकी, ये रुपए तुम रख लो. इस का मतलब है कि तुम्हें काम मिल गया है. अपने कमलनाथ से तुम्हारी गरीबी देखी नहीं गई. अपने लिए अच्छे कपड़े, जरूरी सामान वगैरह खरीद लेना,’’ नाजिमा ने उसे समझाते हुए कहा.

पिंकी के घर की हालत अच्छी नहीं थी. पापा छोटी सी दुकान चलाते थे. पिंकी को जेबखर्च मिलता नहीं था. छोटीछोटी जरूरतों के लिए भी वह तरसती थी.

पिंकी पापा से कुछ कह नहीं पाई. मां को जरूर बताया कि उसे बीयरबार में पार्ट टाइम डांस प्रोग्राम देने का काम मिल गया है. 10 हजार रुपए मिले हैं. महीने में 40-50 हजार रुपए कमा लेगी.

दूसरे दिन शाम को पिंकी नाजिमा के साथ कालेज से बाहर निकल कर बड़ी सड़क पर आई. कमलनाथ गाड़ी ले कर वहां आ गया था. तकरीबन 20 मिनट में वे दोनों ‘हसीना’ बीयरबार में पहुंच गईं.

अंदर हाल में पहुंचते ही पिंकी अलग सा माहौल देख कर हैरानी से भर उठी. अंदर अंधेरा था. बाहर की रोशनी बिलकुल नहीं आ रही थी. शाम के 6 बजने को थे, मगर हाल में रंगबिरंगी रोशनी और कामुकता से भरे तेज संगीत पर कुछ लड़कियां कम कपड़े पहने फूहड़ ढंग से थिरक रही थीं.

कमलनाथ, पिंकी और नाजिमा खाली कुरसियों पर बैठ गए. कमलनाथ ने वेटर को 3 बीयर लाने को कहा, तो पिंकी ने बीयर पीने से मना कर दिया. वह तो इसी समय वापस घर जाना चाहती थी. उस ने सोच लिया था कि कमलनाथ के दिए 10 हजार रुपए वापस कर देगी.

‘‘आप हमारी मेहमान हैं. हमें अपनी सेवा का मौका नहीं देंगी. अब तो आप हमारे बीयरबार की सदस्य बन गई हैं. आप के पास कला है, खूबसूरती है, जवानी है. कातिल अदाएं दिखा कर दोनों हाथों से रुपए कमाओ. हम आप के साथ हैं,’’ कहते हुए कमलनाथ ने बीयर वापस ले जाने व स्पैशल जूस लाने को कहा.

थोड़ी ही देर बाद वेटर एक ट्रे रख गया, जिस में 3 गिलास थे. गिलासों में शायद फ्रूट जूस था. मगर एक गिलास में जूस जरा गहरे रंगे का था, जिसे पिंकी ने देख लिया था. कमलनाथ ने गहरे रंग के जूस वाला गिलास उस की तरफ बढ़ाया, तो वह बोली, ‘‘नहींनहीं, मैं नशे वाला जूस नहीं पीती.’’

‘‘नो बेबी, यह शराब नहीं है. संतरे और गाजर का जूस है. सेहत के लिए अच्छा होता है. यह पीने से तुम्हारी खूबसूरती और बढ़ जाएगी,’’ कहते हुए कमलनाथ ने गिलास पिंकी के हाथ में पकड़ा दिया.

तभी हाल में शोर मच गया. शायद किसी शराबी ने डांस करती एक लड़की को सरेआम दबोच लिया था. वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई थी. नाजिमा और कमलनाथ भी उसी तरफ लपके. मौका देख कर पिंकी ने अपने गिलास में भरा अजीब सा जूस आधाआधा नाजिमा और कमलनाथ के गिलासों में उड़ेल दिया.

खाली गिलास को मुंह से लगाते हुए पिंकी ऐसे नाटक कर रही थी, मानो उसे नशा होने लगा था, तभी नाजिमा और कमलनाथ वापस आ गए. उन्होंने खाली गिलास पिंकी को मुंह से लगाए देखा और महसूस किया कि उस का तनबदन नशे के मारे झूमने लगा है.

नाजिमा ने पिंकी का हाथ पकड़ा और कमलनाथ के साथ एक खुफिया केबिन में आ गई. पिंकी घबरा रही थी. अगर वह होश में आने का नाटक करती है, तो यकीनन कमलनाथ उसे भागने नहीं देगा. वह मौका देख कर चुपके से निकलना चाहती थी. वह नाजिमा को भी वहां से निकालना चाहती थी.

जैसे ही वे केबिन में अंदर आए, तो दरवाजा अपनेआप बंद हो गया. अंदर धीमी रोशनी जल रही थी. केबिन 2 हिस्सों में बंटा हुआ था. एक हिस्से में कीमती कुरसियांमेजें सजी थीं, दूसरे हिस्से में बैडरूम का सामान सजा था.

पिंकी तो नशे में होने का नाटक कर रही थी, मगर सामने बैठे कमलनाथ और नाजिमा असलियत में बेहोशी के आलम में डूबने लगे थे.

तभी कमलनाथ का फोन बज उठा. उस ने कांपते हाथों से मोबाइल जेब से निकाला और कान के पास ले जाते ही मस्ती में चहकते हुए बोलने की कोशिश की, ‘‘हां… हां… राजा भाई, सारा काम पूरा हो रहा है. चिडि़या बेहोश है. मैं नाजिमा के साथ हाल में जा रहा हूं.’’

इतना कह कर कमलनाथ ने खड़ा होने की कोशिश की, तो नशा ज्यादा होने के चलते धड़ाम से फर्श पर गिर गया. मोबाइल हाथ से छूट गया. मोबाइल का स्पीकर औन था.

दूसरी तरफ से आवाज गूंजी, ‘अरे हां कमलनाथ, कैमरा सैट कर देना. जब तक राजा भैया मौजमस्ती में होंगे, तब तक कैमरा औफ रखना. बाद में शेरा और खान जब अपना खेल शुरू करें, तो फिल्म अच्छी तरह शूट करना. आने वाले तीनों खिलाड़ी नशे में हैं.’

पिंकी के दिमाग में एक तरकीब आ गई. उस ने कमलनाथ को घसीट कर पलंग के नीचे छिपा दिया. अब वह किसी तरह बेहोश नाजिमा को वहां से निकालना चाहती थी कि तभी 3 आदमी केबिन में आ गए. पिंकी पलंग के नीचे छिप गई.

आने वाले तीनों शराब के नशे में चूर थे. केबिन में गहरी गुलाबी रोशनी में बेहोश नाजिमा को नई चिडि़या समझ कर उठाया और पलंग पर पटक दिया.

‘‘अरे शेरा, कमलनाथ कहीं नजर नहीं आ रहा. कहां गया वह?’’

‘‘लगता है, हाल में शराब पीने चला गया होगा राजा भाई,’’ नशे में झूमते हुए शेरा ने कहा.

‘‘ठीक है, पहले कैमरे को औफ कर दे. तुम्हारा नंबर लगेगा, तो औन कर लेना. आज तो ज्यादा ही पी ली. खड़ा भी नहीं रहा जा रहा है,’’ कहते हुए राजा भाई बेहोश नाजिमा को पिंकी समझ कर उतावला हो उठा.

शेरा लड़खड़ाते कदमों से आगे बढ़ा. वह भी नशे में चूर था. कैमरा औफ नहीं हो पाया. दोनों लड़खड़ाते हुए केबिन से बाहर आ गए. आपस में बातें करने लगे.

तकरीबन आधा घंटे बाद राजा भाई लड़खड़ाते कदमों से केबिन से बाहर आते हुए बोला, ‘‘तुम यहां खड़ेखड़े क्या कर रहे हो? जाओ, कमलनाथ को ढूंढ़ कर लाओ. पता नहीं, हाल में बैठा कितनी पी गया होगा,’’ कहते हुए राजा भाई चला गया. शेरा और खान दोनों कमलनाथ को तलाश करने हाल में आ गए.

इधर नाजिमा को होश आने लगा था. अपनेआप को बिना कपड़ों में देख वह फौरन समझ गई कि आज तो उस की भी ब्लू फिल्म बन चुकी है. पिंकी ने भी अपना गुस्सा जाहिर किया, तो नाजिमा को गलती का एहसास हुआ.

‘‘नाजिमा, जल्दी चलो, वे दोनों वापस आने वाले हैं,’’ पिंकी ने कहा, तो नाजिमा ने कैमरे से कैसेट निकाली और पिंकी का हाथ थाम कर बीयरबार से बाहर निकल आई.

नाजिमा की नशे के चलते हालत ठीक नहीं थी. उस ने वह कैसेट पिंकी के हवाले कर दी. साथ ही, कैसेट बरबाद करने को कहा.

रात को नाजिमा ने राजा भाई का असली रूप देखा था. अगर ऐसे ऐयाश सत्ता में आएंगे, तो जवान बहिनबेटियों की जिंदगी कैसे महफूज होगी?

दूसरे दिन उन्होंने अपने कालेज के प्रिंसिपल को कैसेट दिखाई, तो तुरंत पुलिस को इस की सूचना दे दी गई. प्रशासन में हड़कंप मच गया. शहरभर में दर्जनों बीयरबार खुले थे. राजा भाई की काली करतूत कैसेट में कैद हो चुकी थी.

पिंकी ने अपनी सूझबूझ से कुछ काले चेहरों को बेनकाब कर दिया था.

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