बौलीवुड में शुक्रवार को बौक्स औफिस पर फिल्म की कामयाबी कलाकार व फिल्मकार को अचानक स्टार बना देती है. मगर फिल्म ‘धुरंधर’ की जबरदस्त कामयाबी के बावजूद हीरो रणवीर सिंह (Ranveer Singh ) के कैरियर का ग्राफ आज एक ऐसे चौराहे पर खड़ा है, जहां उन का स्टारडम गंभीर संकट में है.
एक तरफ जहां ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर 2’ के ब्लौकबस्टर आंकड़े इतिहास रच रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इस बड़ी कामयाबी का क्रेडिट साथी कलाकारों के खाते में चला गया.
इस के साथ ही फरहान अख्तर के साथ फिल्म ‘डौन 3’ को ले कर हुआ 45 करोड़ रुपए का कानूनी विवाद, सुपरहीरो प्रोजैक्ट ‘शक्तिमान’ का डब्बाबंद होना और राजनीतिक व धार्मिक शरण लेने के बावजूद नई फिल्मों का न मिलना रणवीर सिंह को खुद निर्माता बनने पर मजबूर कर चुका है. अब उन की खुद की फिल्म ‘प्रलय’ को मात देने के लिए करन जौहर और कार्तिक आर्यन ने भी मोरचा खोल दिया है.
रणवीर सिंह के कैरियर का सफर
रणवीर सिंह ने साल 2010 में ‘यशराज फिल्म्स’ के बैनर तले बनी फिल्म ‘बैंड बाजा बरात’ से बौलीवुड में कदम रखा था. अपनी गजब की ऊर्जा और एक्टिंग के दम पर उन्होंने जल्द ही फिल्म इंडस्ट्री में अपनी धाक जमा ली.
संजय लीला भंसाली की फिल्मों ‘गोलियों की रासलीला : रामलीला’, ‘बाजीराव मस्तानी’ और ‘पद्मावत’ ने उन्हें सुपरस्टारडम के शिखर पर पहुंचाया. ‘सिंबा’ और ‘गली बौय’ जैसी फिल्मों ने साबित किया कि वे क्लास और मास दोनों को एकसाथ साध सकते हैं.
हालांकि, साल 2020 के बाद रणवीर सिंह के कैरियर में एक बड़ा ढलान आया. ‘83’, ‘जयेशभाई जोरदार’ और ‘सर्कस’ जैसी फिल्में बौक्स औफिस पर पूरी तरह ढेर हो गईं. ‘रौकी और रानी की प्रेमकहानी’ ने कुछ हद तक राहत दी, लेकिन रणवीर सिंह को एक ऐसी ब्लौकबस्टर की तलाश थी जो उन्हें फिर से नंबर वन की रेस में खड़ा कर सके. यह तलाश फिल्म ‘धुरंधर’ पर जा कर खत्म तो हुई, लेकिन इस कामयाबी ने उन के अकेले के दम पर फिल्म हिट कराने के स्टारडम पर कई सवालिया निशान लगा दिए.
‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर 2’ : कामयाबी का क्रेडिट किस का
आदित्य धर के डायरैक्शन में बनी और ‘जियो स्टूडियोज’ व अंबानी परिवार के सहयोग से तैयार हुई ‘धुरंधर’ फ्रैंचाइजी ने बौक्स औफिस पर नोटों की बारिश कर दी. दोनों फिल्मों ने मिल कर 3,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का कलैक्शन किया. ‘धुरंधर’ ने दुनियाभर में 1,400 करोड़ रुपए से ज्यादा का कारोबार किया.
हालांकि, रणवीर सिंह इस फिल्म में मुख्य भूमिका में थे, लेकिन सिनेमाघरों से निकलने के बाद दर्शकों और समीक्षकों की जबान पर केवल अक्षय खन्ना का नाम था.
अक्षय खन्ना की इंटैंस एक्टिंग और स्क्रीन प्रेजेंस ने रणवीर सिंह के किरदार को फीका कर दिया. पूरी चर्चा और फिल्म की कामयाबी का क्रेडिट अक्षय खन्ना के खाते में चला गया. फिर आई ‘धुरंधर : द रिवैंज’ ने रिलीज होते ही इतिहास रच दिया और 1,850 करोड़ रुपए से ज्यादा की रिकौर्ड तोड़ कमाई की.
लेकिन यहां भी इतिहास खुद को दोहरा गया. इस भाग में अर्जुन रामपाल ने अपने दमदार अभिनय और विलेन के खतरनाक अवतार से पूरी महफिल लूट ली. दोनों फिल्मों की इतनी बड़ी कामयाबी के बावजूद रणवीर सिंह एक ‘अकेले नायक’ के रूप में खुद को स्थापित नहीं कर पाए. दोनों ही फिल्मों की कामयाबी और तारीफों का बड़ा हिस्सा सहकलाकारों के पाले में गिर गया. यहां तक कि अयोध्या से नागपुर तक चक्कर लगाना भी काम न आया.
जी हां, रणवीर सिंह ने अपने कैरियर को संवारने के लिए सबकुछ कर लिया. उन्होंने अयोध्या के भव्य राम मंदिर का दौरा किया और वहां पूजाअर्चना की. इस के ठीक बाद, अप्रैल, 2026 में वे अचानक नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के हैडक्वार्टर जा पहुंचे.
वहां उन्होंने संघ प्रमुख मोहन भागवत से तकरीबन 90 मिनट तक गुप्त मुलाकात की और डाक्टर हेडगेवार स्मृति मंदिर में उन्हें श्रद्धांजलि दी. फिल्म गलियारों में इस बात की गंभीर चर्चा रही कि रणवीर अपनी ‘एंटी नैशनल’ या ‘फ्लौप’ इमेज को सुधारने और सत्ता के करीबी फिल्म डायरैक्टरों की फिल्मों में जगह पाने के लिए इन जगहों के चक्कर काट रहे थे.
हालांकि देशभक्ति से जुड़ी फिल्म ‘धुरंधर’ की कामयाबी के बाद इस मुलाकात को उन की छवि को और मजबूत करने के तौर पर देखा जा रहा था. लेकिन मोहन भागवत से रणवीर सिंह की मुलाकात ने बौलीवुड के भीतर दबेछिपे वैचारिक ध्रुवीकरण को हवा दे दी.
कुछ लिबरल मेकर्स और खासतौर पर ‘डौन 3’ के निर्माता फरहान अख्तर की प्रोडक्शन कंपनी ‘एक्सैल एंटरटेनमैंट’ के साथ रणवीर सिंह के रिश्ते इस के बाद और तनावपूर्ण होते चले गए. हकीकत तो यही है कि रणवीर सिंह की यह ‘पौलिटिकल और रिलिजियस इंजीनियरिंग’ भी काम नहीं आई. इस बड़ी कवायद के बाद भी बौलीवुड के बड़े कौर्पोरेट घरानों और दिग्गज डायरैक्टरों ने उन्हें नई फिल्मों के औफर नहीं दिए.
संजय लीला भंसाली से अलगाव
आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर’ मिलते ही रणवीर सिंह हवा में उड़ने लगे थे. नतीजतन, संजय लीला भंसाली से उन का मनमुटाव हो गया. इन दोनों के बीच विवाद की शुरुआत तब हुई जब संजय लीला भंसाली ने अपनी भव्य प्रेम त्रिकोण फिल्म ‘लव एंड वार’ की घोषणा की.
चर्चा थी कि इस फिल्म के लिए पहले रणवीर सिंह से बात की जा रही थी, लेकिन बाद में संजय लीला भंसाली ने रणवीर सिंह की जगह रणबीर कपूर, आलिया भट्ट और विकी कौशल को मुख्य भूमिकाओं में साइन कर लिया.
कहा यह भी जाता है कि फिल्म ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ की शूटिंग के दौरान संजय लीला भंसाली को अहसास हुआ कि वे दीपिका पादुकोण की ही तरह आलिया भट्ट से भी काम करवा सकते हैं, इसलिए ‘लव एंड वार’ में उन्होंने आलिया भट्ट को जोड़ने का फैसला किया.
इस से रणवीर सिंह खुश नहीं थे. कहा जाता है कि आलिया भट्ट की ही वजह से रणबीर कपूर ने संजय लीला भंसाली के साथ ‘सांवरिया’ के बाद पहली बार इस फिल्म में काम करना स्वीकार किया.
हम याद दिला दें कि संजय लीला भंसाली ने ही रणबीर कपूर को साल 2007 में अपनी फिल्म ‘सांवरिया’ में ब्रेक दिया था. पर इस फिल्म ने बौक्स औफिस पर पानी तक नही मांगा था, तब से रणबीर कपूर ने संजय लीला भंसाली से दूरी बना रखी थी.
जब संजय लीला भंसाली ने अपनी फिल्म ‘लव एंड वार’ में रणवीर सिंह को शामिल नहीं किया, तो दोनों के बीच की बातचीत पूरी तरह बंद हो गई और सालों पुरानी यह दोस्ती टूट के कगार पर पहुंच गई.
रणवीर सिंह और संजय लीला भंसाली के बीच मनमुटाव को ले कर कई दूसरी बातें भी की जा रही हैं. कहा जा रहा है कि संजय लीला भंसाली और रणबीर कपूर के रिश्ते फिल्म ‘सांवरिया’ के समय से ही बहुत गहरे रहे हैं. वहीं आलिया भट्ट ने संजय लीला भंसाली की ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ को अपने कैरियर की सब से बड़ी हिट बनाया था.
बौलीवुड की अंदरूनी खेमेबाजी का शिकार
रणवीर सिंह के कैरियर की बरबादी के पीछे एक वजह बौलीवुड की अंदरूनी खेमेबाजी भी है. रणवीर सिंह का काम पहले ‘यशराज फिल्म्स’ के कर्ताधर्ता आदित्य चोपड़ा की टैलेंट कंपनी संभाल रही थी. पर अचानक 2022 में रणवीर सिंह ने आदित्य चोपड़ा की टैलेंट कंपनी को धता बता कर करन जौहर की टैलेंट कंपनी के साथ हाथ मिला लिया. तब करन जौहर ने उन्हे अपनी ‘धर्मा प्रोडक्शन’ की फिल्म ‘रौकी और रानी की प्रेम कहानी’ दे दी. इस फिल्म ने बौक्स औफिस पर पानी नहीं मांगा और रणवीर सिंह ने करन जौहर की कंपनी को भी छोड़ दिया.
इस तरह ‘यशराज फिल्म्स’ और ‘धर्मा प्रोडक्शन’ से उन्होंने दुश्मनी मोल ले ली. बौलीवुड के गलियारो में हो रही चर्चाओं पर यकीन किया जाए तो इसी वजह से रणवीर सिंह से सभी बड़े फिल्म निर्माता दूर हो गए हैं. आदित्य चोपड़ा और करन जौहर आपस में रिश्तेदार हैं.
शतरंजी चालें चलने में करन जोहर को माहिर माना जाता है. उन की और आलिया भट्ट की करीबी जग जाहिर है, इसीलिए यह भी माना जा रहा है कि आलिया भट्ट भी रणवीर सिंह के कैरियर में कील ठोंकने का काम करने में हिचक नहीं रही हैं.
‘धर्मा प्रोडक्शन’ और ‘यशराज फिल्म्स’ से पंगा लेने के बाद रणवीर सिंह का कैरियर ठप पड़ गया, तब बामुश्किल उन्हें ‘उरी’ फेम फिल्म डायरैक्टर आदित्य धर से हाथ मिलाना पड़ा.
‘धुरंधर’ की कामयाबी में किस का सब से बड़ा हाथ रहा, यह किसी से छिपा नहीं है, इसलिए रणवीर सिंह को लगा कि अगर वे पूरी तरह से हिंदुत्व की राह पकड़ लेंगे तो उन का कैरियर आसमान पर पहुंच जाएगा. इसी सोच के साथ आस्था नहीं, बल्कि महज मुनाफे के लिए रणवीर सिंह ने अयोध्या के राम मंदिर से ले कर स्वयंसेवक संघ के हैडक्वार्टर के चक्कर काटे.
फिल्म ‘डौन’ का विवाद
इसी बीच फरहान अख्तर की फिल्म ‘डौन 3’ करने से इनकार कर मुसीबत में फंस गए रणवीर सिंह. उन के कैरियर का सब से बड़ा विवाद तब खड़ा हुआ जब उन्होंने फरहान अख्तर की फिल्म ‘डौन 3’ से अचानक अपने पैर पीछे खींच लिए, क्योंकि वे सत्ता के करीब पहुंच बनाना चाहते थे.
फरहान अख्तर ने रणवीर सिंह के साथ एक एमओयू साइन करने के बाद शाहरुख खान की जगह ‘डौन’ के रूप में रणवीर के नाम का आधिकारिक ऐलान कर दिया था. लेकिन शूटिंग शुरू होने से ठीक पहले रणवीर ने फिल्म छोड़ दी.
खबरों के मुताबिक, रणवीर सिंह ने दावा किया कि वे फिल्म की स्क्रिप्ट और अपने लुक को ले कर पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे, इसलिए ‘डौन 3’ छोड़ दी. साथ ही, वे अपनी फीस और मुनाफे में बड़ी हिस्सेदारी चाहते थे. फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी की प्रोडक्शन कंपनी ‘एक्सैल एंटरटेनमैंट’ इस पर सहमत नहीं हुई, जिस के चलते दोनों के बीच तीखी बहस और मनमुटाव हो गया.
रणवीर सिंह के अचानक फिल्म छोड़ने से ‘एक्सैल एंटरटेनमैंट’ को भारी नुकसान हुआ, क्योंकि वे प्रीप्रोडक्शन और 120 लोगों के कौन्ट्रैक्ट्स पर मोटी रकम खर्च कर चुके थे. फरहान अख्तर ने इस के हर्जाने के रूप में रणवीर सिंह पर 45 करोड़ रुपए का मुआवजा दावा ठोंक दिया. मामला प्रोड्यूसर्स गिल्ड और फिल्म फैडरेशन तक पहुंचा, जहां रणवीर सिंह पर असहयोग आंदोलन तक की तलवार लटक गई.
रणवीर सिंह की लीगल टीम ने इस पर कोर्ट जाने की चेतावनी दी, जिस ने इस झगड़े को और ज्यादा कड़वा बना दिया है. लेकिन जैसे ही रणवीर सिंह निर्माता बन कर अपनी फिल्म ‘प्रलय’ शुरू की, वैसे ही अब यह मामला ‘इंपा’ पहुंच गया है.
कुछ अलग और चुनौतीपूर्ण किरदार निभाने की फिराक में रणवीर सिंह ने ‘शक्तिमान’ बनना चाहा, मगर उन्हें एक और बड़ा झटका उस वक्त लगा, जब भारत के सब से बड़े देशी सुपरहीरो ‘शक्तिमान’ पर बनने वाली फिल्म ठंडे बस्ते में चली गई.
‘शक्तिमान’ बन चुके मुकेश खन्ना ने तो साफ कह दिया कि वे रणवीर सिंह को ‘शक्तिमान’ नहीं बनने देंगे. जब बड़े बैनर्स ने हाथ खींच लिए और फरहान अख्तर से पंगा हो गया, तो रणवीर सिंह के पास खुद ही रास्ता निकालने के अलावा कोई औप्शन नहीं बचा.
खुद बने प्रोड्यूसर
अपनी साख बचाने के लिए अब रणवीर सिंह खुद प्रोड्यूसर बन गए हैं और फिल्म ‘प्रलय’ की शूटिंग मुंबई में शुरू कर दी है, जिस में वे एक्टिंग भी कर रहे हैं. 300 करोड़ के बजट वाली इस फिल्म का डायरैक्शन जय मेहता कर रहे हैं. इस फिल्म की कहानी महामारी और जौम्बी आउटब्रेक पर है, जिस में रणवीर सिंह के साथ साउथ की कल्याणी प्रियदर्शन नजर आएंगी.
पर खुद के पैसे लगा कर बनाई जा रही रणवीर सिंह की फिल्म ‘प्रलय’ को बौक्स औफिस पर मात देने के लिए फिल्म इंडस्ट्री के सब से बड़े खिलाड़ी करन जौहर ने मोरचा संभाल लिया है. उन्होंने रणवीर सिंह के धुर विरोधी और मौजूदा दौर के हिट मशीन कार्तिक आर्यन के साथ हाथ मिला लिया है.
करन जौहर और कार्तिक आर्यन की जोड़ी ठीक उसी सब्जैक्ट पर फिल्म बना रही है जिस पर रणवीर (Ranveer Singh) की ‘प्रलय’ बन रही है. कार्तिक आर्यन इस फिल्म को रणवीर सिंह की फिल्म से पहले सिनेमाघरों में रिलीज करने की योजना बना रहे हैं, ताकि रणवीर सिंह (Ranveer Singhकी फिल्म का नयापन खत्म हो जाए और उन्हें बड़ा नुकसान उठाना पड़े. अब देखते हैं कि रणवीर सिंह के कैरियर को ‘प्रलय’ कितना सहारा देती है यह फिर हाहाकार मचाएगी.




