Hindi Story. अमीना ने लाइन से लेटे हुए अपने बच्चों की बेमतलब गिनती करनी शुरू कर दी, तो हैरान रह गई.
इन 14 सालों में अमीना ने 7 बच्चों को पैदा कर लिया था. उसे खुद पर तरस आने लगा कि क्या वह मशीन थी? बच्चों का भविष्य क्या था? शायद कुछ भी नहीं था.
अमीना खुद से जिरह करती हुई अपनी 3 साल की बेटी के पास लेटी ही थी, तभी उस का पति अख्तर किराने की दुकान से लौट आया. रात के 10 बजे थे.
अख्तर पेशे से मकान बनाने का मिस्त्री था. सुबह 8 बजे से ले कर शाम 5 बजे तक वह काम करता था. उस के बाद वह महल्ले में ही जमीर अहमद की किराने की दुकान पर बैठा करता था. वह पैसे भी बहुत खर्च कर देता था.
‘‘रुपए कहां हैं?’’ उसे देखते ही अमीना ने कड़वे लहजे में पूछा.
‘‘काहे के रुपए,’’ अख्तर ने मुंह खोला, तो अमीना को तेज बदबू आई. अख्तर ने शराब पी रखी थी.
‘‘तुम ने आज फिर शराब पी है. अब तुम्हारे बच्चों को मैं क्या खिलाऊंगी?’’ अमीना को गुस्सा आ गया था.
‘‘बेशर्म… मैं ने कहा था इतने बच्चे पैदा करने को,’’ अख्तर उसे गालियां देते हुए पीटने लगा.
उन की लड़ाई का शोर सुन कर सभी बच्चे उठ कर रोने लगे.
‘‘जब से तू आई है, तब से मेरी जिंदगी जहन्नुम हो गई है. अब मैं अपनी शन्नो से शादी करूंगा और खुश रहूंगा. तु झे तो…’’ अख्तर कुछ ज्यादा ही नशे की हालत में था, इसलिए उलटे मुंह पलंग पर गिर पड़ा. वह कुछ देर तक बड़बड़ाता रहा, फिर सो गया.
तब खिसिया कर अमीना ने सातों बच्चों को पीटना शुरू कर दिया. शन्नो का नाम सुन कर उस के तनबदन में आग लग जाती थी.
अख्तर का पिछले एक साल से शन्नो से इश्क का चक्कर चल रहा था. शन्नो को ले कर घर में अकसर लड़ाई होती रहती थी. वह आधी से ज्यादा कमाई शन्नो पर खर्च कर देता था. इस वजह से बच्चे एक दिन खाना खाते, तो दूसरे दिन भूखे ही सो जाते थे.
अब अमीना ने तय कर लिया था कि अपने पति की सारी करतूतें बस्ती वालों को बताएगी और अपने ऊपर हो रहे जोरजुल्मों का हिसाब मांगेगी.
अमीना ने बस्ती वालों को सबकुछ बता दिया. वे सभी उस के साथ हो गए. उन्होंने अख्तर की अच्छी पिटाई कर दी थी. कुछ औरतों को शन्नो के घर भी भेज दिया था.
‘‘अच्छेभले घर की है, तु झे शर्म नहीं आई? बोल, तू खिलाएगी अमीना के बच्चों को? ममता का सहारा दे सकेगी?’’ एक औरत ने इतना कहा ही था, बाकी औरतों ने शन्नो के बाल पकड़ कर उसे बुरी तरह पीट दिया.
शन्नो के तो होश ठिकाने आ चुके थे, मगर अख्तर के अभी बाकी थे.
बस्ती वालों ने सोचा कि अब अख्तर की अक्ल ठिकाने आ जाएगी, लेकिन हुआ उलटा. अख्तर ने अमीना के साथ बच्चों को भी घर से निकाल दिया.
अमीना का जिस्म सुन्न पड़ गया. तब उस से कुछ सोचे न बना, तो वह बच्चों को ले कर शन्नो के कदमों में आ पड़ी, ‘‘शन्नो, मु झे बरबाद होने से बचा लो. मैं कहां जाऊंगी? मेरे बच्चों को अनाथ होने से बचा लो. मैं तुम्हारे आगे हाथ जोड़ती हूं,’’ अमीना गिड़गिड़ाने लगी.
‘‘तुम बस्ती वालों को इकट्ठा करो,’’ शन्नो ने कहा और उस के सामने से हट गई. आधे घंटे में तकरीबन सभी बस्ती वाले इकट्ठा हो गए थे.
एक कोने में खड़ी अमीना अपने बच्चों को दाएंबाएं दबोचे खड़ी थी, जैसे कोई उस के बच्चों को छीन कर मार डालेगा.
सामने जीत की मुसकान लिए अख्तर खड़ा था. वह सोचने लगा था कि वह शन्नो को जीत चुका है, लेकिन शन्नो के अगले जुमले पर तमाम बस्ती वालों के होंठों पर चुप्पी लग गई.
‘‘तुम मु झे कितना चाहते हो?’’ शन्नो ने अख्तर से पूछा. ‘‘बहुत ज्यादा,’’ अख्तर बोला.
‘‘मेरे लिए क्या कर सकते हो?’’ ‘‘घर, बीवी, यहां तक कि बच्चों को भी छोड़ सकता हूं,’’ अख्तर ने कहा.
इस पर शन्नो जोर से हंसी, फिर नजरों को तलवार से भी ज्यादा तेज करते हुए बोली, ‘‘तु झ जैसे शैतान से मैं निकाह करूंगी. ऐसे आदमी की तरफ देख कर शन्नो थूके भी नहीं, जो अपनी बीवी और 7-7 बच्चों को किसी के लिए भी छोड़ दे. क्या भरोसा, कल को तू मु झे भी छोड़ दे.’’
‘‘शन्नो,’’ अख्तर ने कहा, तो शन्नो ने पूरी ताकत से अख्तर के मुंह पर अपनी दाईं हथेली जमा दी. उसे दिन में तारे नजर आने लगे. उस की इश्कबाजी उड़नछू हो गई.
शन्नो एक नजर अमीना पर डाल कर चली गई और अगले दिन वह बस्ती से हमेशा के लिए जा रही थी, तब अमीना ने शन्नो की आंखों में आंसू देखे थे, मगर वह कुछ कह नहीं सकी थी. हां, अमीना के लिए उस के मन में बहुत इज्जत जरूर बढ़ गई थी. Hindi Story




