Humor. अगर आप बूढ़े नहीं हैं तो बीचबीच में थाईलैंड जाते रहिए. अगर आप बीचबीच में थाईलैंड नहीं जाते हैं तो लोग आप को यकीनन बूढ़ा मान लेंगे. जिस तरह मार्केट में तरहतरह के जैल और गोलियां आ गई हैं और अगर आप उन का इस्तेमाल करते हैं, बावजूद इस के अगर आप बीचबीच में एकदो बार थाईलैंड की यात्रा कर लेते हैं तो लोग आप को बूढ़ा मानने से इनकार कर देंगे यानी अगर आप मर्द हैं तो बीचबीच में थाईलैंड की यात्रा पर जाते रहें.

इस से आप की बूढ़ापे में भी मर्दानगी बची रहेगी, ऐसा एहसास कम से कम लोगों को तो जरूर होगा. अगर आप सालभर में दोचार बार थाईलैंड आतेजाते रहते हैं.

थाईलैंड जाने के फायदे :

* आप अभी बिलकुल जवान हैं.

* आप अपनेआप खुराफाती हो जाएंगे.

* आप का चेहरा सवाना के घास के मैदान की तरह हरा हो जाएगा.

* आप के शरीर के कसबल ढीले नहीं पड़े हैं.

* पड़ोसी खासकर मर्द जो थाईलैंड जा कर मजा लेना चाहते हैं, वे जलभुन कर रह जाएंगे.

* आप गोलियां ले रहे हों, जैल का इस्तेमाल करते हों यानी अगर आप 60-70 साल के हो गए हैं, तब भी एक बार थाईलैंड हो कर आइए. लोग मान लेंगे कि आप जवान हैं.

* अगर आप 50 साल के हैं और आप बारबार थाईलैंड जा रहे हैं, तो सैक्सोलौजी के मुताबिक आप की उम्र 25 साल की है.

थाईलैंड का नाम सुनते ही हम मर्दों के मन में गुदगुदी मच जाती है. इतनी खुशी होती है, इतनी खुशी होती है कि उसे शब्दों में बता पाना नामुमकिन है. थाईलैंड और उस की कुदरती खूबसूरती, वहां के नजारे, वहां के पहाड़, वहां की नदियां…

खैर, हम कुदरती खूबसूरती को देख रहे होते हैं, वहीं पत्नियों के दिमाग में बस उसी का खयाल आता है, जिस के बारे में लोग थाईलैंड को जानते हैं. सब को लगता है कि हम मर्द बस उसी के लिए थाईलैंड की यात्रा करना चाहते हैं.

थाईलैंड का नाम सुनते ही सब से पहले पत्नियों के कान खड़े हो जाते हैं. थाईलैंड बवासीर की बीमारी की तरह है. जैसे अगर आप को बवासीर की बीमारी है तो केवल और केवल आप को और आप के डाक्टर को ही पता होनी चाहिए. अगर दूसरे ईष्ट मित्रों को पता चल जाए तो आप हंसी के पात्र हो जाते हैं.

अगर आप थाईलैंड जा रहे हैं तो आप को अपने घर में यही बताना है कि आप किसी दूसरे एशियाई देश जैसे जावा, सुमात्रा की यात्रा पर जा रहे हैं. और थाईलैंड तो बिलकुल भी नहीं जा रहे हैं.

थाईलैंड का नाम लेते ही लोग आप को उस नजर से देखने लगते हैं. क्या कोई आदमी अपने घर में बता कर जा सकता है कि वह थाईलैंड जा रहा है? औरत अगर किसी काम से थाईलैंड जाए तो चल सकता है. यह बहुत मामूली बात है. लेकिन मर्द जाए तो बस वही बात है कि थाईलैंड जहां पैट्रोल है, वहीं मर्द आग है. थाईलैंड अगर मांस का टुकड़ा है तो मर्द बाघ. बाघ के भरोसे कोई मांस नहीं छोड़ सकता.

वहीं अगर मर्द थाईलैंड जा रहा है तो घर वालों के कान खड़े हो जाते हैं. अड़ोसियोंपड़ोसियों को अगर पता चल जाए कि आप थाईलैंड जा रहे हैं तो पूछिए ही मत. बस वे आप को देख कर मुसकराते हैं. यकीन मानिए उन की मुसकराहट तब इतना बेइज्जत करती है कि पूछिए ही मत.

आप को कोई घर से धक्के मार कर निकाल दे तब भी उतना दुख नहीं होगा  जितना थाईलैंड का नाम सुन कर लोग आप को मुसकरा कर देखते हैं. आप की कोई जूतमपैजार कर दे. तब भी उतना दुख नहीं होगा जितना दुख आप को तब होगा जब आप थाईलैंड की यात्रा पर जा रहे हैं और आप को देख कर आप का कोई पड़ोसी मुसकरा भर दे. लगता है जैसे किसी ने घड़ों पानी उड़ेल दिया हो.

थाईलैंड की यात्रा अगर मर्द कर रहा है तो लोगों के मन में पटाया के बीच और खूबसूरत थाई लड़कियां आने लगती हैं. अगर आदमी थाईलैंड चला जाए और आ कर गंगा में डुबकी लगा कर भी यह कहे कि उस ने थाईलैंड में जा कर डुबकी नहीं लगाई है तो लोग मानने को तैयार नहीं होते. दरअसल, हमारी मर्द जाति के लोगों ने हमारा चरित्र कुछ ऐसा बिगाड़ दिया है कि लोग हमें शक की नजरों से देखते हैं.

पत्नियां और जगह तो हमें अकेला जाने की इजाजत दे देती हैं लेकिन थाईलैंड जाने की बात सुनते ही उन के कान खड़े हो जाते हैं. थाईलैंड की यात्रा ऐसी है कि आप किसी को बता भी नहीं सकते.

इधर मैं औफिस के काम से थाईलैंड जाने को तैयार हुआ. तय समय पर मुझे  टिकट भी मिल गया और अगले दिन मु?ो थाईलैंड की यात्रा पर जाना था. दोतीन दिन का काम था. मैं ने यह बात हालांकि सब से छिपा कर रखी थी कि मैं थाईलैंड की यात्रा पर जा रहा हूं पर कैसे न कैसे यह बात मेरी पत्नीजी को पता चल गई, लिहाजा पत्नीजी की मुझ  से ठन गई.

वे बोलीं, ‘‘थाईलैंड में ऐसा भला कौन सा काम है जो आप को जाना है? मैं भी साथ चलूंगी.’’

मैं ने समझाया, ‘‘औफिस के काम से जाना है. मेरा टूर एंड ट्रैवल का काम है. कभीकभी जाना पड़ता है वहां. साल में जा कर एक बार हिसाबकिताब करना पड़ता है. लेनदेन का मामला होता है.’’

पत्नीजी बोलीं, ‘‘मैं खूब समझ  रही हूं इस लेनदेन को. तुम टेस्ट बदलने जा रहे हो. घर में आलू और साग खा कर बोर हो गए हो, इसलिए चोरों की तरह बाहर जा कर चिकन और बिरयानी खाने जा रहे हो. लेकिन तुम्हारा यहां चलने वाला कोई जोर नहीं है. या तो मुझे  साथ ले चलो या टिकट कैंसिल करवाओ.’’

खैर, काम जरूरी था, इसलिए मेरा थाईलैंड जाना जरूरी था. पत्नीजी गुस्सा हो कर नाकमुंह फुला चुकी थीं. दोतीन दिन के बाद थाईलैंड से लौटना था.

मैं थाईलैंड से 3 दिन बाद लौट आया. औफिस गया तो सब दोस्त मुझे  देख कर मुसकरा रहे थे. कोई कुछ कह नहीं रहा था, लेकिन मैं उस मुसकराहट का मतलब समझ रहा था.  Humor

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