Marrycom Life: भारतीय मुक्केबाजी में जब भी किसी महिला को याद किया जाएगा, सब से ऊपर एमसी मैरी कौम का नाम रहेगा, जिन्होंने रिकौर्ड 6 बार एआईबीए वुमन वर्ल्ड बौक्सिंग चैंपियनशिप जीती है.
इतना ही नहीं, एमसी मैरी कौम ने साल 2012 के लंदन ओलिंपिक में ब्रौन्ज मैडल और साल 2018 के क्वींसलैंड कौमनवैल्थ गेम्स में गोल्ड मैडल जीता था. साल 2014 के इंचियोन एशियन गेम्स में गोल्ड मैडल जीतने वाली वे पहली भारतीय महिला बौक्सर बनी थीं. उन्होंने 5 बार एशियन वुमन बौक्सिंग चैंपियनशिप में भी गोल्ड मैडल जीता था.
एमसी मैरी कौम को साल 2020 में पद्म विभूषण, साल 2013 में पद्म भूषण, साल 2006 में पद्मश्री, साल 2009 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न और साल 2003 में अर्जुन पुरस्कार दिया गया था. एमसी मैरी कौम को साल 2016 में भारत की राष्ट्रपति द्वारा राज्यसभा के सदस्य के रूप में मनोनीत किया गया था. वे साल 2007 में जुड़वां बच्चों की मां बनने के बाद भी शानदार प्रदर्शन करने के लिए जानी जाती हैं.
पर हाल ही में एमसी मैरी कौम अपनी घरेलू जिंदगी में आए तूफान से दोदो हाथ करती नजर आईं. एक शो में उन्होंने अपने पूर्व पति करुंग ओन्खोलर पर ‘पत्नी की कमाई’ खाने के आरोप लगाए, उन्हें नकारा बताया और सरेआम उन की बेइज्जती की. ऐसा कहने की वजह क्या थी? इस सवाल का जवाब ढूंढ़ने से पहले यह जान लें कि यह पारिवारिक और निजी ?ागड़ा पब्लिक डिबेट का हिस्सा कैसे बन गया.
एक बड़ी न्यूज एजेंसी से बात करते हुए एमसी मैरी कौम ने अपनी निजी जिंदगी में मची उथलपुथल पर बताया कि यह संकट 2022 कौमनवैल्थ गेम्स से पहले लगी चोट के बाद शुरू हुआ. वे कई महीनों तक बिस्तर पर रहीं और बाद में उन्हें वौकर का सहारा लेना पड़ा. इसी दौरान उन्हें उन सब बातों का सामना करना पड़ा, जिन्हें वे लंबे समय से नजरअंदाज करती आ रही थीं.
मैरी कौम ने बताया कि इसी दौर में उन का अपने पूर्व पति करुंग ओन्खोलर पर से भरोसा उठ गया था. वैसे, साल 2023 में उन दोनों का तलाक हो गया था. एमसी मैरी कौम ने बताया, ‘‘मैं नहीं चाहती थी कि यह पूरी दुनिया के लिए तमाशा बने, इसलिए मैं ने कई बार आपसीतौर पर सुल?ाने की कोशिश के बाद तलाक का फैसला लिया. दोनों परिवारों को इस फैसले की जानकारी थी और उन्होंने इसे सम?ा भी,
लेकिन हालात तब बिगड़ गए, जब मेरी निजी जिंदगी से जुड़ी बातें मीडिया खबरों और सोशल मीडिया पर आने लगीं. मु?ो लालची कहा गया… ऐसे लोगों द्वारा जिन्हें यह तक नहीं पता कि मैं किन हालात से गुजरी हूं.’’ एमसी मैरी कौम ने आरोप लगाया कि उन के साथ करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी हुई और उन्होंने अपनी ही कमाई से खरीदी गई जमीन का कब्जा खो दिया.
उन का दावा है कि उन की जायदाद और मणिपुर की जमीन पर लोन लिया गया, जिसे बाद में वसूली के लिए स्थानीय समूहों ने जब्त कर लिया. हालांकि, इसी रिपोर्ट में उन के पूर्व पति करुंग ओंखोलर ने किसी भी तरह की गलत हरकत से इनकार किया है. मैरी कौम ने आगे कहा कि इस पूरे मामले में सब में सब से दर्दनाक बात यह थी कि सार्वजनिक तौर पर उन के कैरेक्टर पर सवाल उठाए गए. वे अंदर से टूट चुकी हैं, लेकिन उन्हें शोक मनाने की भी इजाजत नहीं है.
यह विवाद तब और बढ़ गया जब एमसी मैरी कौम ने टैलीविजन शो ‘आप की अदालत’ में इस बात को खारिज कर दिया कि उन के पति ने उन की बौक्सिंग यात्रा का समर्थन करने के लिए अपने कैरियर का ‘बलिदान’ कर दिया था. मैरी कौम ने दावा किया कि ओन्खोलर कभी भी परिवार का भरणपोषण करने वाला नहीं था और वह अपना ज्यादातर समय ‘घर पर सो कर’ बिताता था, जबकि वे परिवार के लिए कमाती थीं.
उन्होंने ओन्खोलर पर बिना रजामंदी के बड़ी रकम (एक बार में 10 लाख रुपए तक) निकालने और उस की एसैट्स को गिरवी रखने का आरोप लगाया. उन्होंने अपने पति के सियासी सपनों को पूरा करने के लिए तकरीबन 5-6 करोड़ रुपए खर्च किए. अपने पति को ले कर मैरी कौम ने तब यह भी कहा था ‘‘कैसा सफल कैरियर (पति का) वह तो गलियों में फुटबौल खेला करता था. सच कहूं तो वह एक रुपया भी नहीं कमाता था. कुछ भी नहीं, कहां बलिदान किया? सुबहशाम सोता रहता था.
‘‘वह एक लड़की की कमाई पर जी रहा था. मु?ो बहुत दुख हुआ. मैं बहुत कमा रही थी, मेरा सारा भरोसा और विश्वास उसी पर टिका था. बाद में मु?ो पता चला कि मेरा खाता तकरीबन खाली था. ओन्खोलर ने किया पलटवार मैरी कौम के पूर्व पति करुंग ओन्खोलर ने भी अपने ऊपर लगाए गए आरोपों के साथ पलटवार किया.
समाचार एजेंसी आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में करुंग ओन्खोलर ने कहा, ‘‘मैं बताऊंगा कि उन्होंने लोक अदालत में क्या कहा. सब से पहले, साल 2013 में उस का एक जूनियर बौक्सर के साथ अफेयर था. हमारे परिवारों में ?ागड़ा हुआ था और उस के बाद हम ने सम?ाता कर लिया. ‘‘इस के बाद साल साल 2017 से उस का ‘मैरी कौम बौक्सिंग एकेडमी’ में काम करने वाले किसी शख्स के साथ रिश्ता है. मेरे पास उस के व्हाट्सऐप मैसेज सुबूत के तौर पर हैं. मेरे पास उस शख्स के नाम के साथ सुबूत है जिस के साथ उस का अफेयर था. मैं चुप रहा.’’
साथ ही, करुंग ओन्खोलर ने दिल्ली में किराए के मकान में रहने की अपनी वर्तमान हालत का हवाला देते हुए यह साबित करने की कोशिश की कि उन्होंने ‘करोड़ों’ रुपए नहीं चुराए हैं. करुंग ओन्खोलर ने आगे कहा, ‘‘उस ने (मैरी कौम) कहा कि चुनाव लड़ने की चाह में मैं ने बहुत पैसा खर्च किया. दरअसल, उस ने ही मु?ो चुनाव लड़ने के लिए प्रेरित किया था. 2016 में उसे राज्यसभा के लिए सांसद के रूप में मनोनीत किया गया था. जब उस का बतौर सांसद कार्यकाल पूरा हो रहा था, तब उस ने मु?ो चुनाव लड़ने के लिए प्रोत्साहित किया.
‘‘जब हमारी मुलाकात हुई थी, तब मैं यूपीएससी की तैयारी कर रहा था. मैं एक कौन्ट्रैक्ट फुटबौल खिलाड़ी भी था… उस ने (मैरी कौम) मु?ा से अपना कैरियर छोड़ने और उस का साथ देने का अनुरोध किया.
‘‘उस ने मु?ा से बच्चों की देखभाल करने को कहा. उसे बौक्सिंग का बहुत शौक था और मैं उस से प्यार करता था, इसलिए मैं ने सोचा कि उस का शौक हमारा शौक है. ‘‘वह हफ्तों और महीनों तक घर से दूर रहती थी. मैं ने बच्चों की देखभाल की. मैं ने उन्हें नहलाया, खाना खिलाया, कोचिंग ले गया और घर का सारा काम संभाला.’’
सोशल मीडिया पर फजीहत इस ?ागड़े से सोशल मीडिया पर लोगों की राय के 2 धड़े बन गए. एक धड़े ने पति का साथ दिया कि उस ने वाकई अपने कैरियर की कुरबानी दी और उसे मिली अपनी पत्नी की बेवफाई. मैरी कौम की हिम्मत कैसे हुई उसे ‘औरत की कमाई खाने वाला’ कहने की. उस ने तो अपनी पत्नी के सपनों को पूरा करने के लिए खुद को परिवार पालने में ?ांक दिया.
दूसरी तरफ एक धड़े ने मैरी कौम के दर्द को सम?ा और कहा कि जब किसी औरत का विश्वास टूटता है तो वह अपने पति को भी सही सबक सिखा सकती है. पर यहां सवाल उठता है कि क्यों कोई औरत या लड़की अपनी कमाई का खुद ध्यान नहीं रख सकती?
भारत में ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में हर कामयाब औरत की कमाई का हिसाबकिताब शादी से पहले उस का पिता या भाई रखता है और शादी के बाद पति. इस की सब से बड़ी वजह है औरत या लड़की की बुनियादी सोच जिस में उस के पैदा होने से ही भर दिया जाता है कि उस की सिक्योरिटी कोई मर्द ही कर सकता है. वह हमेशा इसी डर में जीती है.
एमसी मैरी कौम ने अपने इंटरव्यू में कहा कि इतने साल से उन्होंने अपने अकाउंट्स तक चैक नहीं किए. इसी बात का उन्हें बहुत बड़ा नुकसान हुआ. इस मामले से यह बात सम?ा में आई कि हर औरत और लड़की को अपनी कमाई का हिसाबकिताब खुद रखना चाहिए. क्या और कितना कमाया, कहां इन्वैस्ट
किया, आप का फाइनैंशियल स्टेटस क्या है, हर छोटी से छोटी बात पर नजर रखनी चाहिए.
याद रखें कि महिलाएं किसी भी सूरत में पुरुषों से कम नहीं हैं. जो औरत हर क्षेत्र में नाम और दाम कमा रही हैं, क्या वे पैसे का हिसाब नहीं रख सकतीं? बिलकुल रख सकती हैं. परिवार पर लगाम लगा कर रखने में कोई बुराई नहीं है. महिलाओं को अपने हकों के बारे में पता होना चाहिए. उन्हें किसी
की जीहुजूरी करने की जरूरत नहीं है.
वे अपना ख्याल खुद रख सकती हैं और अपने लिए गए किसी फैसले पर उन्हें कभी भी अफसोस नहीं होना चाहिए. फिलहाल चाहे एमसी मैरी कौम पर लोग उंगली उठा रहे हैं, पर इस महिला ने अपने जीवट से दुनियाभर में नाम कमाया है. भारतीय महिला मुक्केबाजी को नई ऊंचाइयां दी हैं. शायद इसीलिए उन्हें ‘मैग्निफिसैंट मैरी’ कहा जाता है और वे हमेशा यही रहेंगी.




