आ प ने ‘मुल्लमा’ शब्द तो सुना ही होगा. किसी धातु पर सोने या चांदी की पतली परत चढ़ाना, जिस से वह चमकने लगे और कीमती दिखे, जैसे ‘कलई’ या ‘गिलट’. पर क्या आप ने यह सुना है कि एक मांबाप ने अपनी ही बेटी को मार कर उस की लाश को वहां रखा, जहां वे अपने पालतू पशु बांधते थे और पकड़े जाने की सूरत में पुलिस को गुमराह करने के लिए उस लाश पर जानवरों का गोबर लगा दिया गया था?
इज्जत की खातिर अपनी औलाद को मारने का यह सनसनीखेज मामला उत्तर प्रदेश के मैनपुरी इलाके का है. औनर किलिंग की भेंट चढ़ी उस लड़की का नाम ज्योति था, जिस की लाश 20 जनवरी, 2023 को गांव के चौकीदार मनोज कठेरिया ने बरामद की थी. उस का परिवार भोगांव के मौजेपुर गांव में अपने घर से गायब था.
दरअसल, अशोक यादव नाम के एक शख्स की 24 साल की बेटी ज्योति के पास ही के एक गांव के रहने वाले नौजवान से प्रेम संबंध थे और वह उसी से शादी करना चाहती थी, पर परिवार वाले इस बात पर राजी नहीं थे. इसी तनातनी के चलते अशोक यादव ने अपनी पत्नी और बेटों की मदद से 19 जनवरी, 2023 की रात के 12 बजे ज्योति की गला दबा कर हत्या कर दी और पास ही बने अहाते में गड्ढा खोद कर लाश को दबा दिया था.
इस घटना के दूसरे दिन अशोक यादव के घर में ताला लगा देख कर गांव वालों ने इस की सूचना पुलिस को दी. घटना की एफआईआर गांव के ही चौकीदार मनोज कठेरिया ने अशोक यादव, उन की पत्नी रामा देवी, बेटे अमित, अनुज और अवनीश के खिलाफ दर्ज कराई थी.
लेकिन ट्रायल के दौरान ज्योति के मांबाप ने दावा किया था कि उस ने खुदकुशी की थी. उन्होंने आरोप लगाया कि मनोज कठेरिया ने सिंचाई को ले कर हुए एक झगड़े के चलते एफआईआर दर्ज कराई थी, क्योंकि उस की खेती की जमीन उन की जमीन से सटी हुई थी.
पर सुबूतों और गवाहियों के बाद अब उत्तर प्रदेश की मैनपुरी कोर्ट के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज जहेंद्र पाल सिंह ने ज्योति के मांबाप को उस की गला घोंट कर हत्या करने और लाश को खेत में दफनाने के जुर्म में उम्रकैद की सजा सुना दी. इतना ही नहीं, कोर्ट ने सुबूतों की कमी के चलते ज्योति के तीनों भाइयों को बरी कर दिया और हर कुसूरवार पर 60,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया. Honour Killing




