जिंदगी के उतारचढ़ावों को झेलती कनीजा बी के जीने का एकमात्र सहारा नदीम ही था. लेकिन उन के पड़ोसियों को उन की यह खुशी नागवार लगने लगी थी. इसलिए नन्हे नदीम के कान भरने शुरू कर दिए थे. पढि़ए, मुहम्मद इसराईल शेख की कहानी.