Romantic Story. इंटरनैट का दौर अभी शुरू ही हुआ था. चैटिंग के जरीए मेरी मुलाकात गडि़या के एंड्रूज कालेज की एक लड़की शुभा से हुई. उसी समय मेरी नौकरी साउदर्न एवेन्यू के एक मारुति शोरूम में सेल्स एग्जीक्यूटिव के तौर पर लग चुकी थी. जिंदगी नईनई खुशियों से भर रही थी. एक तरफ कैरियर की शुरुआत, दूसरी तरफ शुभा जैसी दोस्त का साथ.
समय के साथ हमारी दोस्ती गहरी होती गई. तभी एक दिन शुभा ने बताया कि उस की सहेली नैना को मेरी मदद की जरूरत है. बिना ज्यादा सोचे मैं ने उस की मदद कर दी. शायद वहीं से मेरी जिंदगी ने एक नया मोड़ लिया.
कुछ समय बाद नैना मुझ से मिलने गरियाहाट आई. एक कौफी शौप में हमारी पहली मुलाकात हुई. उस ने ‘थैंक यू’ कहा, लेकिन उस की आंखों में जो भाव थे, वे शब्दों से कहीं ज्यादा गहरे थे.
https://youtube.com/shorts/kPyJAtsM7Rg?si=iv11_Zd5S6bUjBGV
इस तरह की और वीडियो देखने के लिए सरस सलिल का चैनल सब्सक्राइब करें
बातचीत के दौरान नैना ने अपने संघर्षों के बारे में बताया.पिता के न रहने के बाद मां के साथ मामा के घर रहना, मां की सरकारी नौकरी से घर चलना और खुद के बड़े सपने.
नैना की सादगी, उस की आंखों का दर्द और उस के भीतर का जुनून, सबकुछ मुझे छू गया. धीरेधीरे हमारी बातचीत बढ़ी और कब यह रिश्ता दोस्ती से आगे बढ़ गया, पता ही नहीं चला.
वक्त बीता, कालेज खत्म हुआ और नैना ने कलकत्ता यूनिवर्सिटी में स्नातकोत्तर में दाखिला लिया. मैं ने उसे अपनी मां से भी मिलवाया. लेकिन शायद यहीं से मेरी जिंदगी की सब से बड़ी भूल शुरू हुई. मैं अपने परिवार और अपने प्यार के बीच बैलेंस नहीं बना पाया.
आगे की कहानी पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें
डिजिटल + 24 प्रिंट मैगजीन
सरस सलिल सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं
- सरस सलिल मैगजीन का सारा कंटेंट
- 1000 से ज्यादा सेक्सुअल हेल्थ टिप्स
- 5000 से ज्यादा अतरंगी कहानियां
- चटपटी फिल्मी और भोजपुरी गॉसिप
- 24 प्रिंट मैगजीन
डिजिटल
सरस सलिल सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं
- सरस सलिल मैगजीन का सारा कंटेंट
- 1000 से ज्यादा सेक्सुअल हेल्थ टिप्स
- 5000 से ज्यादा अतरंगी कहानियां
- चटपटी फिल्मी और भोजपुरी गॉसिप




