घर का फालतू प्राणी समझ कर जिस कमला को बेटे बहू ने वृद्धाश्रम भेज दिया था उसी कमला ने समाज के असहाय, अकेले बुजुर्गों के लिए ऐसा क्या किया कि उन के निराश चेहरों पर रौनक आने लगी.