शीली ने विभव के साथ सुखद गृहस्थी बसाने के कितने हसीन सपने बुने थे लेकिन स्वार्थी विभव के दोटूक जवाब ने उस के सपनों को चूरचूर कर दिया था. अचानक 8 साल बाद विभव का फिर से उस का इंतजार करना शीली को शूल सा चुभ रहा था.