राजस्थान के एक जज शर्माजी ने कहा था कि मोर सारी जिंदगी ब्रह्मचारी रहता है. वह रोता है तो उस के आंसू मोरनी पी लेती है और पेट से हो जाती है इसलिए मोर को राष्ट्रीय पक्षी बनाया गया है.