मौत के दरवाजे पर खड़ी भाभीजान की ख्वाहिश पूरी करने के लिए जाकिर मियां ने अपनी बेटी अफरोज का निकाह हारून से कर दिया. लेकिन समझदार होने पर अफरोज ने अपने बड़ों के निर्णय को मानने से इनकार कर दिया.