Hindi Story. उस ने आज फिर शाम होते ही खुद को अपने कमरे में बंद कर लिया और मुझे उलझन होने लगी. मैं खुद को रोक नहीं पाया और अब मैं उस के दरवाजे पर दस्तक दे रहा था.
थोड़ी देर में उस ने दरवाजा खोला, ‘‘क्या है अजय? मैं कुछ देर अकेला रहना चाहता हूं. प्लीज, मुझे छोड़ दो,’’ और वह अजीब सी दयनीय सूरत बना कर एक तरह से मुझ से निवेदन करने लगा.
मुझे यह देख कर घबराहट होने लगी. मैं ने उस के कमरे में लगभग दाखिल होते हुए पूछा, ‘‘क्यों इतनी परेशानी हो रही है? मैं दोस्त हूं तुम्हारा, मुझे अपना दर्द बताओ. कहने से दर्द कम हो जाता है. अकेले घुटघुट कर सहने से अच्छा है कि दर्द को कह दिया जाए,’’ मैं देख रहा था कि उस की आंखें भर आई थीं और लग रहा था कि अभी वह रो देगा.
https://youtube.com/shorts/t8vNzSaE6ao?si=nV6bJ-G5ehAfau_g
मैं ने उस की बांह पकड़ कर सोफे पर बैठा दिया और खुद उस के पास ही बैठ गया, ‘‘रवि, मुझेबताओ क्या है जिस ने तुम्हें इतना अकेला बना दिया है कि तुम मुझे अपने बचपन के दोस्त से भी नहीं बताना चाहते? इस तरह से घुटते रहोगे तो बीमार पड़ जाओगे. मुझे अपना सारा दर्द बताओ. हम जरूर कुछ मदद कर सकते हैं,’’ मैं ने उसे समझाया.
र वि इतना सुनते ही रो पड़ा और बच्चों की तरह फूटफूट कर रोते हुए लिपट गया, ‘‘अजय, मैं जीना नहीं चाहता हूं. मेरी जिंदगी में अब कुछ नहीं बचा है. मेरे जीने का मकसद ही खत्म हो गया है.’’
आगे की कहानी पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें
डिजिटल + 24 प्रिंट मैगजीन
सरस सलिल सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं
- सरस सलिल मैगजीन का सारा कंटेंट
- 1000 से ज्यादा सेक्सुअल हेल्थ टिप्स
- 5000 से ज्यादा अतरंगी कहानियां
- चटपटी फिल्मी और भोजपुरी गॉसिप
- 24 प्रिंट मैगजीन
डिजिटल
सरस सलिल सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं
- सरस सलिल मैगजीन का सारा कंटेंट
- 1000 से ज्यादा सेक्सुअल हेल्थ टिप्स
- 5000 से ज्यादा अतरंगी कहानियां
- चटपटी फिल्मी और भोजपुरी गॉसिप




