राजस्थान के नागौर जिले के एक गांव पांचौड़ी में चोरी के आरोप में 2 दलित नौजवानों को इतनी बुरी तरह पीटा गया कि देखने वालों के होश फाख्ता हो गए. उन दलित लडक़ों को अपनी जान बचाने के लाले पड़ गए. जो हुआ सो हुआ, पर इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई.

पीडि़त ने अपनी शिकायत में कहा है कि वह 16 फरवरी को अपने चचेरे भाई के साथ बाइक की ठीक कराने के लिए करणु गांव में एजेंसी में गया था. वहां कुछ लोगों ने उन पर ही चोरी का आरोप लगा दिया. जब उन युवकों ने कहा कि उन्होंने ऐसा नहीं किया तो वे उन दोनों युवकों को एजेंसी के पीछे ले गए और वहां जम कर पिटाई की. इतना ही नहीं, आरोपियों ने पेट्रोल से गीले कपड़े को पेचकस से लपेट कर उनके प्राइवेट पार्ट में डाल दिया. भयावह नजारा. वहां मौजूद लोग तमाशबीन बने रहे. परंतु इस बेरहमी का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और राजनीतिक सियासत गरमा गई.

वीडियो हुआ वायरल…

वीडियो वायरल होते ही एक ओर जहां भारतीय जनता पार्टी ने राजस्थान में कांग्रेस शासित सरकार पर हमला किया, वहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और राहुल गांधी से भी इस घटना को ले कर सवाल भी पूछे गए. पर वे सटीक जवाब नहीं दे पाए. इतना ही कहा कि राजस्थान सरकार इस घटना पर फौरन कार्यवाही करे.

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राहुल गांधी ने किया ट्ववीट…

राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में लिखा है कि राजस्थान के नागौर में 2 दलित लडक़ों को बुरी तरह से पीटने का मामला सामने आया है. मैं राज्य सरकार से आग्रह करता हूं कि वह इस घटना को संज्ञान में ले कर कार्यवाही करे, ताकि पीडि़तों को इंसाफ मिल सके.

The recent video of two young Dalit men being brutally tortured in Nagaur, Rajasthan is horrific & sickening. I urge the state Government to take immediate action to bring the perpetrators of this shocking crime to justice.

— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 20, 2020

वहीं, उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता शलभमणि त्रिपाठी ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि ‘राहुल जी, प्रियंका जी, ये भी दलित हैं. बस, फर्क केवल इतना है कि ये बर्बर अत्याचार आप की हुकूमत वाले राजस्थान में हो रहा है, इसीलिए इन का दर्द आप को नजर नहीं आएगा. सहानुभूति का सियासी नाटक फैलाने के लिए तो आप को भाजपा शासित राज्य चाहिए. हद है इस ओछी सियासत की.’

अशोक गहलोत ने दी सफाई…

जैसे ही विपक्ष ने इस मामले पर कांग्रेस को घेरा, तो तुरंत ही राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सफाई दी कि नागौर में हुई भयावह घटना के बाद तुरत कार्यवाही करते हुए सभी सातों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. कानून के मुताबिक अपराधियों को सजा मिलेगी.

In the horrific incident in Nagaur, immediate and effective action has been taken and seven accused have been arrested so far. Nobody will be spared. The culprits will be punished according to the law and we will ensure that the victims get justice.

— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) February 20, 2020

पर ऐसा करने से पहले उन्हें आगापीछा भी सोचना चाहिए. यह तो बेरहमी की हद ही है. इन दलित लडक़ों का क्या कुसूर जो बिना वजह का आरोप इन पर थोपा गया.  यह तो आने वाला समय ही बताएगा कि आरोपियों की सजा क्या तय हुई, पर इन दलित नौजवानों के साथ जो हुआ, बहुत बुरा हुआ.

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