मध्य प्रदेश से विभाजन के पश्चात छत्तीसगढ़ निर्माण के दरम्यान मुख्यमंत्री की रेस में तीन नाम थे पहला राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित पंडित विद्याचरण शुक्ल का दूसरा अजीत प्रमोद कुमार जोगी का और तीसरे प्रमुख रूप से दौड़ में शामिल थे डा. चरणदास महंत .