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मैंने एक दिन स्कर्ट पहने हुए अपनी गर्लफ्रैंड की तारीफ की थी, उस दिन के बाद से वह नाराज है, मैं क्या करूं?

सवाल
मैं अपनी गर्लफ्रैंड जोकि मेरी ही क्लास में पढ़ती है, से बहुत प्यार करता हूं, लेकिन कुछ दिन से वह मुझ से बात नहीं करती. हमारे बीच झगड़ा हो गया है, क्योंकि मैं ने उस के स्कर्ट में आने पर उस की टांगों की सुंदरता की तारीफ कर दी. मैं उस से दूर नहीं जाना चाहता. ऐग्जाम्स भी आने वाले हैं. मैं क्या करूं?

जवाब
भई, सब से पहले तो आप यह बताइए कि आप उस से प्यार करते हैं या उस के शरीर से. आप की बातों से तो लगता है आप का प्यार शारीरिक आकर्षण है, जो इस उम्र में हो जाता है वरना आप का उस की टांगों की सुंदरता की ओर ही ध्यान क्यों गया? वह भी आप से इसी वजह से नाराज है.

बहरहाल, आप उस से अपनी गलती की माफी मांग मामला सुलटाइए. फिर प्यार में एकदूसरे की मदद पढ़ाई के जरिए कीजिए. शारीरिक आकर्षण से ध्यान हटाएंगे तो पढ़ाई पर भी ध्यान दे पाएंगे वरना पेपर भी बकवास जाएंगे और अगर पढ़ाई न हुई तो महबूबा भी हाथ से जाएगी. अत: एकदूसरे का संबल बनिए, पढ़ाई कर कैरियर बनाइए, ताकि सारी उम्र साथ निभा सकें.

मेरी दोस्त की बहन गलत रास्ते पर जा रही है, क्या मुझे अपने दोस्त को इस बारे में बताना सही होगा?

सवाल

मेरा एक दोस्त है जिस की बहन मेरे ही कालेज में पढ़ती है. मेरे दोस्त ने मुझ से कहा था कि मैं उस की बहन पर नजर रखूं और उसे अपनी बहन जैसा ही मानूं. मैं ने ऐसा ही किया और मैं अपने दोस्त की बहन को अपनी छोटी बहन जैसा ही समझता हूं. कालेज का नया टर्म शुरू हुआ तो मैं ने जाना कि दोस्त की बहन कुछ बिगड़े हुए लड़कों से दोस्ती रखती है जो सही नहीं है, मैं ने उसे समझाया भी कि वे लड़के सही नहीं हैं लेकिन उस ने मेरी बात नहीं मानी. अब मैं सोच रहा हूं अपने दोस्त यानी उस के भाई को इस बारे में बता दूं पर ऐसा करना सही होगा या नहीं, यह समझ नहीं पा रहा.

जवाब

आप ने एक भाई होने के नाते दोस्त की बहन को समझा दिया, अच्छा किया. लेकिन आप की यह बात कि आप यह बात उस के भाई से भी कहेंगे, सही नहीं है. आप खुद सोचिए वह बालिग है और यह उस की जिंदगी और उस का फैसला है कि वह किस से बात करना चाहती है और किस से नहीं. आप किसी की लाइफ में इतना दखल तो नहीं दे सकते. कम से कम दोस्त चुनना तो हमारी खुद की मरजी होनी चाहिए. आप खुद को उस की जगह  रख कर देखिए तो शायद आप को समझ आए. एक दोस्त या भाई के तौर पर नजर रखने की कोई तुक नहीं बनती, और फिर आप तो जासूसों जैसी बातें कर रहे हैं. वे उस के दोस्त हैं और शायद वह इतना जानतीसमझती तो होगी कि दोस्त किसे बनाना चाहिए.

मेरे पति नियमित सेक्स चाहते हैं जबकि घर की देखभाल से मैं बेहद थक जाती हूं, क्या करूं?

सवाल-

मैं 23 साल की महिला हूं. मेरा डेढ़ साल का एक बच्चा है. शादी के बाद से ही पति मेरे साथ सेक्स संबंध को ले कर संतुष्ट नहीं रहते हैं. वे नियमित सेक्स करना चाहते हैं जबकि घर और बच्चे की देखभाल से मैं बेहद थक जाती हूं और रात में जल्द ही मुझे नींद आ जाती है. पति मुझे बहुत प्यार करते हैं, इसलिए मैं उन्हें नाराज भी नहीं देख सकती. कृपया बताएं मैं क्या करूं?

जवाब-

बच्चे पैदा होने के बाद सेक्स संबंध को ले कर महिलाएं आमतौर पर उदासीन हो जाती हैं, जबकि बच्चों की परवरिश के साथ-साथ पति के साथ सेक्स संबंध दांपत्य जीवन को खुशहाल बनाता है.

इस में कोई दोराय नहीं कि एक गृहिणी घर और बच्चों की देखभाल में इतनी व्यस्त रहती है कि खुद के लिए भी समय नहीं निकाल पाती. ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि आप घर के कामों को पति के साथ बांट लें. घर की साफसफाई, कपड़े धोना आदि कार्य प्यार से पति से करा सकती हैं. इस से आप पर काम का बोझ ज्यादा नहीं पड़ेगा. इस से न केवल आप खुद के लिए वक्त निकाल पाएंगी, बल्कि पति के साथ भी ज्यादा समय बिताने को मिलेगा. फिर जैसाकि आप ने बताया कि आप का बच्चा अब डेढ़ साल का हो चुका है और अब आप शारीरिक रूप से फिट भी हो चुकी हैं, तो ऐसे में सेक्स संबंध का लुत्फ उठा सकती हैं.

मेरी पत्नी निहायत ही झगड़ालू और क्रोधी है और हमेशा मेरी मां के साथ लड़ती रहती है, मैं क्या करूं?

सवाल

मैं सरकारी स्कूल में शिक्षक हूं. घर में किसी चीज की दिक्कत नहीं है पर मेरी परेशानी मेरी पत्नी है, जो निहायत ही झगड़ालू और क्रोधी है. घर में मेरी मां के साथ वह हमेशा लड़ती रहती है और मुझ पर दबाव डालती है कि कहीं और फ्लैट ले लो, मुझे तुम्हारी मां के साथ नहीं रहना. मैं किसी भी हाल में अपनी मां को खुद से अलग नहीं कर सकता. बताएं मैं क्या करूं?

जवाब-

पहले तो आप यह जानने की कोशिश करें कि आप की पत्नी ऐसा क्यों चाहती है? तह तक जाए बगैर फिलहाल कोई निर्णय लेना सही नहीं होगा. पत्नी को समझाबुझा सकते हैं. संभव हो तो पत्नी के मातापिता को भी मध्यस्थ बनाएं. पत्नी के साथ अधिक से अधिक समय बिताएं और साथ घूमनेफिरने जाएं. इन सब से पत्नी सही रास्ते पर आ सकती है.

पति-पत्नी के झगड़ों ने लिया भयानक रूप

मियांबीवी के ?झगड़े आम हैं पर कभीकभार हत्या में भी तबदील हो जाते हैं. दिल्ली में एक मेकैनिक का घर बेचने को ले कर हो रहे ?झगड़े में मर्द ने औरत पर किसी तेज चीज से हमला कर दिया और शायद यह एहसास होने पर कि कुछ गलत हो गया है, उस ने खुद को भी घायल कर लिया. दोनों की अपने बड़े बच्चों के सामने मौत हो गई.

कुएं में कूद जाऊंगी, आग लगा लूंगी, जहर पी लूंगा, घर छोड़ कर भाग जाऊंगा जैसे बोल अकसर मियांबीवी के ?झगड़ों में ?ाल्ला कर बोले जाते हैं. मर्द और औरत में कौन सही है, कौन गलत, इस का फैसला नहीं होता. ?झगड़ा तो किस की चलेगी पर होता है. पहले हमेशा मर्दों की चलती रही है पर अब औरतें भी बराबर होने लगी हैं.

यह बात दूसरी है कि आम आदमी को पट्टी पढ़ाई जाती है कि औरत पैर की जूती है, वहीं रखो. यही सीख जो मांबाप देते हैं, पंडेपादरी देते हैं, समाज देता है, रिश्तेदार देते हैं, ?झगड़ों को मारपीट की हद तक ले जाते हैं.

जिस भी बात पर 2 जनों की राय एक न हो वहां कौन सही है, कौन गलत का पूरा फैसला कभी नहीं हो सकता. हर मामले के कई पहलू होते हैं और हरेक अपनी समझ  से अपना मन बनाता है. अच्छे पतिपत्नी वे होते हैं जो एकदूसरे की पूरी तरह सुनते हैं और बिना अकड़ लाए तय करते हैं कि क्या सही है, क्या गलत है. अगर पतिपत्नी में से कोई तीसरे से चिपक भी रहा है तो मरनामारना कोई तरीका नहीं है. आज किसी को मार कर उस की लाश को निबटाना आसान नहीं है. अगर बच्चे हों तो मारने वाला भी जेल में रहता है तो बच्चों की देखभालके लिए कोई बचता नहीं. तीसरे के साथ जुड़ाव होने पर घर से अलग होना सब से सही है.

हमारे समाज में पतिपत्नी के ?झगडे़ मारपीट में इसलिए ज्यादा तबदील होते हैं कि यहां शादी को तोड़ना आसान नहीं है. अगर ?झगड़े के बाद आदमी या औरत कुछ दिन अपना अकेले का घर बना सकते हों तो उन्हें जल्दी ही एहसास हो जाए कि वजह कुछ भी रही हो, वे एकदूसरे के बिना अधूरे हैं. इस के लिए जरूरी है कि मर्द और औरत हमेशा बाहर काम करते रहें और अपने पैरों पर खड़े हों.

दूसरी जरूरत यह हो कि कानून यह मजबूर करे कि कोई मकान मालिक अकेले आदमी या अकेली औरत को मकान किराए पर देने से मना न करेगा. चाहे मकान बड़ा हो या छोटी खोली, आजकल अकेलों को घर मिलना मुश्किल होता जा रहा है.

मुश्किल यह है कि सरकारें तो धर्म, हिंदूमुसलिम, मूर्तियों, नारों में इतनी लगी हैं कि समाज की सब से बड़ी जरूरत, घर, सुखी घर, पर उन का कोई ध्यान नहीं है.

मैं पिछले कुछ दिनों से एक लड़की को पसंद करने लगी हूं, मैं क्या करूं?

सवाल-

मैं एक 15 साल की लड़की हूं. पिछले कुछ दिनों से मैं एक लड़की को पसंद करने लगी हूं, जो उम्र में मुझसे 3 साल बड़ी है. अब मैं उसे दीदी भी नहीं कहती हूं और उस के पास ही रहने को मचलने लगती हूं.

वह लड़की भी इस बात को जानती है और कभीकभार वह मेरे नाजुक अंगों को सहला देती है. इस में मुझे बड़ा मजा आता है. ऐसा क्यों है? क्या यह कोई बीमारी है?

जवाब-

नहीं, यह कोई बीमारी नहीं है. कई लड़कियों को लड़कियों के साथ ही मजा आता है और कई तो आपस में शादियां कर के सुकून से रह भी रही हैं. ऐसे समलैंगिक संबंधों को अब कानून ने भी मंजूरी दे दी है.

आप अपनी सहेली से खुल कर बात करें. अगर उसे भी आप जितना ही मजा आ रहा हो तो आगे और मजा ही मजा है. इस का बेहिचक लुत्फ उठाएं और मन में कोई शक न रखें.

मैं और मेरी गर्लफ्रैंड कुछ ऐक्साइटिंग करना चाहते हैं, इसके लिए हम क्या करें?

सवाल

मुझे और मेरी गर्लफ्रैंड को रिलेशनशिप में रहते 2 साल हो गए हैं. पिछले साल हम बहुत मिलतेजुलते थे, घूमते थे. बहुत अच्छा टाइम स्पैंड करते थे. लेकिन इस साल लौकडाउन व कोरोना वायरस की वजह से हमारा मिलनाजुलना बहुत कम हो गया. लेकिन स्थिति में कुछ सुधार हुआ तो पूरे प्रीकौशंस के साथ हम फिर से डेटिंग कर रहे हैं. मुझे लगता है कि कुछ नया, कुछ ऐक्साइटिंग किया जाए ताकि हमारी रिलेशनशिप ज्यादा स्पाइसी हो, दोनों के बीच रोमांच बना रहे. बताइए कि मुझे क्या नया करना चाहिये?

जवाब

आप के रिलेशनशिप को 2 साल हो चुके हैं. एकदूसरे को काफी हद तक जान चुके होंगे. इस रिलेशनशिप को आप तरोताजा और ऐक्साइटमैंट से भरा रखना चाहते हैं तो अब डेटिंग में कुछ नए एक्सपैरिमैंट कर सकते हैं, जैसे नाइट कैंपिंग कर सकते हैं. खुले आसमां और नैचुरल इन्वायरमैंट में समय बिताना काफी रोमांटिक होगा.

गर्लफ्रैंड के साथ लौंग ड्राइव पर निकलें. मौसम के हिसाब से और सिचुऐशन देखते हुए ही सबकुछ प्लान करें. गर्मी में किसी ठंडी जगह पर जाएं. सर्दी के मौसम में घूमनेफिरने के बहुत से औप्शंस हैं, जैसे गार्डन, ऐडवैंचर पार्क, विंडो शौपिंग के बाद ओपन साइड लंच करें. कई बार मौसम के कारण भी डेटिंग बेमजा हो जाती है. डेटिंग डैस्टिनेशन बदलते रहें. भले ही कोई जगह आप को बहुत प्यारी लगती हो लेकिन बारबार एक ही जगह पर जा कर बोरियत हो सकती है.

इस के अलावा कुछ ऐसा भी करें जो पहले नहीं किया, जैसे अगर अब तक डांस नहीं किया है तो कपल डांस करें. एकदूसरे के लिए गाना गाएं, गेम खेलें. किस, हग इत्यादि करने का तरीका बदलें. ऊपर बताए रोमांटिक डेट आइडिया अपना कर देखें, मुलाकातें ज्यादा मजेदार हो जाएंगे 

मेरे बौयफ्रेंड ने मेरे साथ सेक्स करते हुए जरूरी ऐहतियात नहीं बरता, अब मुझे क्या करना चाहिए?

सवाल

मैं 21 वर्षीय युवती हूं. पिछले कई महीनों से मैं अपने बौयफ्रैंड के साथ उस के फ्लैट पर जाया करती थी. वहां हम दोनों के बीच शारीरिक संबंध बन गए. इस दौरान बौयफ्रैंड ने जरूरी ऐहतियात नहीं बरता, बल्कि मेरे बारबार आग्रह करने पर वह मुझ से नाराज हो जाता था. मैं मजबूर थी कहीं मैं उसे खो न दूं. लेकिन अब मुझे डर है कि कहीं मैं प्रैगनैंट न हो जाऊं. अब मुझे क्या करना चाहिए?

जवाब

यदि संबंध बनाने के बाद आप को मासिकधर्म नहीं हुआ है तो डरने की जरूरत है. मासिकधर्म न होने पर आप प्रैगनैंसी टैस्ट किट का इस्तेमाल कर के जांच कर सकती हैं. यह जांच आप घर पर खुद भी कर सकती हैं. यदि जांच के बाद किट में 2 लाल लकीरें दिखें तो आप जल्द ही डाक्टर से कंसल्ट करें. यदि आप के और आप के बौयफ्रैंड के बीच रिलेशन गहरे हैं तो आप को जल्द ही शादी कर लेनी चाहिए. यदि आप का बौयफ्रैंड शादी के लिए राजी नहीं है तो उस के न कहने की वजह जानने की कोशिश करें और उस के हाथों इमोशनली ब्लैकमेल होने से बचें. यदि आप अपनी इच्छा से संबंध बनाती हैं तो हर हाल में प्रोटैक्शन यूज करें.

मेरी शादी हुए 8 वर्ष हो गए हैं लेकिन मेरे पति मुझे बातबात पर डांटा करते हैं, मै क्या करूं?

सवाल-

मैं 38 वर्षीया हूं, शादी हुए 8 वर्ष हो गए हैं. शुरुआत में तो पति मेरी बहुत केयर करते थे लेकिन अब वे मुझे बातबात पर डांटा करते हैं, आनेजाने वालों के सामने मेरी बेइज्जती करते हैं. इस से मेरा मन बहुत दुखी होता है. आप बताएं कि मुझे क्या करना चाहिए?

जवाब-

शादी के बाद के जीवन की शुरुआत में हम किसी के स्वभाव से उस के व्यक्तित्व को नहीं जान पाते, धीरेधीरे जब हम उस की आदतों से वाकिफ होते हैं तब उस के व्यक्तित्व की असली पहचान हो पाती है.

आप के पति में शायद ईगो बहुत है और वे समझते हैं कि वे ही सबकुछ हैं. इसलिए वे आप को सब के सामने अपमानित करते हैं. उन्हें लगता है कि इस से दूसरों पर यह प्रभाव पड़ेगा कि उन की घर में कितनी चलती है. ऐसे में आप उन्हें समझाएं कि उन का ऐसा रवैया आप को बिलकुल अच्छा नहीं लगता और अगर वे फिर भी न सुधरें तो आप सख्ती अपनाएं, न कि घुटघुट कर जिएं. अगर आप खुद को अबला दिखाएंगी तो हर कोई आप पर हावी होगा ही, इसलिए हिम्मत से इस परिस्थिति का मुकाबला कर पति को ट्रैक पर ले आइए.

मेरी पत्नी काफी खूबसूरत है और सब मेरी पत्नी की तारीफ करते हैं पर मेरी नहीं, मैं क्या करूं?

सवाल-

मेरी पत्नी काफी खूबसूरत है और जब भी कोई हमारे घर आता है तो वह मेरी पत्नी की खूबसूरती की तारीफ किए बिना नहीं रह पाता. मुझे पत्नी से चिढ़ होने लगी है, क्योंकि उस के कारण कोई मेरी तरफ देखता भी नहीं है. समझ नहीं आ रहा है कि मेरी सोच सही है या नहीं?

जवाब-

आप को तो खुश होना चाहिए था कि आप की वाइफ इतनी खूबसूरत है. असल में ऐसी भावना मन में तब आती है जब दोनों में से एक कम खूबसूरत होता है और हम उसे देख कर बस, यही सोचते हैं कि काश, हम भी इतने खूबसूरत होते कि सैंटर औफ अट्रैक्शन बन पाते. लेकिन आप को यह समझना होगा कि यह सब कुदरत का दिया हुआ होता है जिस पर हमारा बस नहीं चलता. इसलिए इसे पौजिटिव लेते हुए खुशी से जिएं.

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