डार्क चॉकलेट हो या अंडे, सेक्स ड्राइव बढ़ाने में फायदेमंद हैं किचन में मौजूद ये 11 आइटम

दैनिक आहार में कुछ महत्त्वपूर्ण खाद्यपदार्थ शामिल कर आप अपने उन खास पलों के रोमांच को किस तरह बढ़ा सकते हैं, जरूर जानिए:

सामन:

सामन ओमेगा-3 फैटी ऐसिड डीएचए और ईपीए का एक ज्ञात प्राकृतिक स्रोत है. इस से मस्तिष्क में डोपामाइन स्तर बढ़ने में मदद मिलती है, जिस से उत्तेजना पैदा होती है. ओमेगा-3 डोपामाइन की उत्पादन क्षमता बढ़ाता है. यह मस्तिष्क के लिए एक महत्त्वपूर्ण रसायन है, जो व्यक्ति के चरमसुख की भावना को ट्रिगर करता है.

कद्दू के बीज:

कद्दू के बीज जस्ता (जिंक) का एक बड़ा स्रोत हैं, जो टेस्टोस्टेरौन को बढ़ा देते हैं. इन में आवश्यक मोनोअनसैचुरेटेड वसा भी होती है, जिस से शरीर में कोलैस्ट्रौल बनता है. यौन हारमोन को ठीक से काम करने के लिए कोलैस्ट्रौल की जरूरत पड़ती है.

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बैरीज:

स्ट्राबैरी, ब्लैकबैरी, नीले जामुन ये सभी प्राकृतिक मूड बूस्टर हैं. स्ट्राबैरी में पर्याप्त विटामिन सी और बी होता है. ब्लैकबैरी और नीले जामुन फाइटोकैमिकल युक्त होते हैं, जो व्यक्ति के मूड को रामांटिक बनाते हैं.

केला:

केला पोटैशियम का प्राकृतिक स्रोत है. पोटैशियम एक महत्त्वपूर्ण पोषक तत्त्व है, जो मांसपेशी संकुचन को बढ़ाता है और उन खास पलों में बहुत अहम होता है. साथ ही केला ब्रोमेलैन से समृद्ध होता है, जो टेस्टोस्टेरौन उत्पन्न करने के लिए जिम्मेदार होता है.

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तरबूज:

तरबूज में 92% पानी है, लेकिन बाकी 8% पोषक तत्त्वों से भरा होता है. तरबूज का शांत प्रभाव रक्तवाहिकाओं को शांत करता है. यह स्त्री और पुरुष दोनों के अंगों में रक्तप्रवाह सुधारता है.

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लहसुन:

रोजमर्रा के जीवन में इस्तेमाल किए जाने वाला खास आहार लहसुन ऐलिकिन समृद्ध होता है, जो पुरुषों और महिलाओं दोनों के यौन अंगों में रक्तप्रवाह को बढ़ाता है. रात में शहद में भिगो कर रखा गया कच्चा लहसुन खाना लाभप्रद होता है.

छोटा मर्दाना अंग, चिंता की कोई बात नहीं

ऐसे तमाम लोग हैं, जो अपने अंग के आकार को ले कर तहतरह की चिंताएं और डर मन में पाले रहते हैं. कुछ लोग तो अपने अंग के आकार को ले कर हीनभावना का शिकार हो जाते हैं. यही वजह है कि लोगों द्वारा मन के समाधान के लिए सैक्सोलौजिस्ट से सब से ज्यादा पूछा जाने वाला यह सामान्य सवाल है. कभीकभी तो पिता अपने लिए ही  नही, अपने बेटे के लिए भी डाक्टर से पूछता है.

अपने अंग के आकार को ले कर चिंतित ज्यादातर लोग सैक्सोलौजिस्ट से किसी दूसरी समस्या के बहाने से मिलना पसंद करते हैं. इस बारे में चिंता करने वाले ज्यादातर लोग 20 से 40 साल की उम्र के बीच के होते हैं. छोटे अंग को ले कर चिंता होना तो वाजिब है, पर यह कोई समस्या नहीं है.

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सामान्य व असामान्य आकार

जिस तरह हर आदमी की नाक, आंखें और सिर का आकार अलग अलग होता है, उसी तरह हर आदमी के अंग की लंबाई, मोटाई और तनाव के समय उस का आकार अलग अलग होता है. किसी भी आदमी के आत्मविश्वास के लिए अंग का आकार बहुत अहमियत रखता है. ज्यादातर मर्द अपने अंग के छोटे आकार को ले कर चिंतित रहते हैं.

तकरीबन 45 फीसदी मर्द चाहते हैं कि उन का अंग बड़ा हो, जबकि एक सर्वे से पता चला है कि मर्दों से संबंध बनाने वाली 85 फीसदी औरतें अपने पार्टनर के अंग के आकार और उस से मिलने वाले शारीरिक सुख से संतुष्ट होती हैं.

तमाम लोगों को अंग के तनाव के बाद उस के आकार यानी लंबाई को ले कर चिंता सताती है, तो कुछ ऐसे भी लोग हैं, जिन्हें बिना तनाव वाले अंग के आकार को देख कर चिंता होती है.

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अब सवाल यह उठता है कि अंग का सामान्य आकार क्या है? अंग छोटा है या बड़ा, यह कैसे तय किया जाए?

औरत के अंग की लंबाई तकरीबन 15 सैंटीमीटर होती है, जिस में बाहर के भाग में तकरीबन 5 सैंटीमीटर ही कोई चीज महसूस करने की ग्रंथियां होती हैं, जबकि अंदर के बाकी 10 सैंटीमीटर भाग में तकरीबन कुछ महसूस नहीं होता है, इसलिए बिना तनाव वाले मर्दाना अंग के आकार को ले कर चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उस का इस्तेमाल महज पेशाब करने के लिए ही होता है.

पूरी तरह तनाव वाला अंग ही सैक्स करने के लिए इस्तेमाल होता है. इस तरह अंग की मोटाई कोई अहमियत नहीं रखती. औरत का अंग छोटी सी उंगली से ले कर बच्चे के सिर जितना चौड़ा हो सकता है. वह अपने अंदर प्रवेश किए मर्दाना अंग की मोटाई और आकार के मुताबिक खुद में बदलाव कर लेता है.

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मर्दाना अंग का नाप जानने के लिए सब से सही तरीका एसपीएल यानी स्ट्रैच्ड पेनिस लैंथ के रूप में जाना जाता है. जिस मर्द का एसपीएल जितना लंबा उस का अंग उतना लंबा माना जाता है.

ज्यादातर जवान मर्दों के अंग की लंबाई 5.24 इंच होती है. अंग की लंबाई के बारे में ज्यादातर सर्वे में यही लंबाई बताई गई है, तो फिर बड़ा अंग किसे कहा जाएगा? महज 0.6 फीसदी मर्दों का एसपीएल 6.8 इंच या इस से ज्यादा होता है, जबकि ज्यादा लंबा अंग होने पर चिंता करने की जरूरत नहीं है.

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