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मेरे बचपन का दोस्त खुलकर बात नहीं करता, मैं क्या करूं?

सवाल

मैं दिल्ली में एक एमएनसी में काम करती हूं. कुछ दिनों पहले मेरे स्कूल में पढ़ने वाले लड़के ने मेरी कंपनी जौइन की है. मैं जानती हूं वह स्वभाव से शर्मीला है. लेकिन अब उस में काफी बदलाव आ गया है. वह काफी आत्मविश्वास के साथ बोलता है. फिर भी मुझे लगता है वह मुझ से खुल कर बात नहीं करता. हम एकदूसरे के काफी नजदीक आ गए हैं और मुझे यकीन है कि वह मुझ से प्यार करने लगा है, लेकिन बोलने में हिचक रहा है. मैं उस के बोलने का इंतजार कर रही हूं. क्या मुझे पहल करनी चाहिए?

जवाब

आप जानती हैं कि आप का बौयफ्रैंड स्वभाव से शर्मीला है तो आई लव यू बोलने की पहल आप कर के उस की झिझक को खत्म कर सकती हैं. रही बात कि वह आप से खुल कर बात नहीं करता, तो हो सकता है आप उस पर हावी रहती हों.

रिलेशनशिप में बातचीत करना बेहद खास होता है. एकदूसरे से सवाल पूछें, इस से बौंडिंग बेहतर होती है और आप को अपने पार्टनर के साथसाथ खुद के बारे में काफी कुछ पता चलता है व अपनी कमियों के बारे में पता चलता है.

ब्रौयफ्रैंड को पूरी तरह अपने भरोसे में लें. इस से वह अपनी बातें शेयर करने में झिझक महसूस नहीं करेगा. कुछ सवाल, जैसे ‘क्या उसे खुद को बदलने की जरूरत है? या क्या मैं ने कभी तुम्हारी फीलिंग हर्ट की है?’ पूछ कर अपने बारे में उस की राय जानें. इस से एक तो पार्टनर का दिल हलका हो जाता है और आप को भी इस बात का एहसास होता है कि कब आप अपने इमोशंस में बह कर लिमिट क्रौस कर देती हैं.

जब आप अपने पार्टनर से यह बात करें तो अपनेआप पर कंट्रोल रखें. हो सकता है कि जब आप का पार्टनर अपने दिल की बातें कहे तो उन में कुछ ऐसी बातें भी हों जो आप को अच्छी न लगें. लेकिन उस दौरान सब्र से उस की बातें सुनें और उस की हालात को समझने की कोशिश करें.

मेरा बौयफ्रेंड मेरे साथ सेक्स करना चाहता है, मैं क्या करूं?

सवाल

मैं एक साल से एक लड़के से प्यार करती हूं. वह भी मुझे बेहद चाहता है. हमेशा मेरी इच्छाओं का सम्मान करता है. ऐसा कोई काम नहीं करता जो मुझे नागवार गुजरता हो. मगर अब कुछ दिनों से वह शारीरिक संबंध बनाने को कह रहा है पर साथ ही यह भी कहता है कि यदि तुम्हारी मरजी हो तो. मैं ने उस से कहा कि ऐसा करने से यदि मुझे गर्भ ठहर गया तो क्या होगा? इस पर उस का कहना है कि ऐसा कुछ नहीं होगा. कृपया राय दें कि मुझे क्या करना चाहिए?

जवाब

दोस्ती में एकदूसरे की इच्छाओं को तवज्जो देना जरूरी होता है. तभी दोस्ती कायम रहती है. इस के अलावा आप का बौयफ्रैंड अभी आप का विश्वास जीतने के लिए भी ऐसा कर रहा है. जहां तक शारीरिक संबंधों को ले कर आप की आशंका है तो वह पूरी तरह सही है. यदि आप संबंध बनाती हैं तो गर्भ ठहर सकता है, इसलिए शादी से पहले शारीरिक संबंध बनाने से हर हाल में बचना चाहिए.

मेरी पत्नी के सेक्स संबंध उसी के औफिस में एक सहकर्मी के साथ हैं, मैं क्या करूं?

सवाल-

मैं 34 वर्षीय और 5 साल की एक बेटी का पिता हूं. शादी के कुछ सालों तक हमारी वैवाहिक जिंदगी आराम से चली. इधर 1-2 साल से पत्नी कुछ बदलीबदली सी लगती है. सेक्स संबंध बनाए महीनों हो जाते हैं. मेरी इच्छा होती भी है तो पत्नी बहाना बना जाती है. उस के बदले व्यवहार को देखते हुए मैं ने पड़ताल की, तो पता चला कि पत्नी के संबंध उसी के औफिस में एक सहकर्मी से हैं. मैं ने पत्नी को रास्ते पर लाने की पूरी कोशिश की पर असफल रहा. अब मैं चाहता हूं कि इस रिश्ते को खत्म कर दूं और पत्नी से तलाक ले लूं. कृपया सलाह दें?

जवाब-

वैवाहिक जीवन में पति अथवा पत्नी द्वारा सेक्स के प्रति उदासीनता, सेक्स संबंध बनाने से इनकार करना तलाक का आधार बनता है. आप ने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की पर पत्नी नहीं मानी, इसलिए आप चाहें तो तलाक ले सकते हैं पर यह आप की निजी राय हो सकती है.

जो भी निर्णय करें सोचसमझ कर करें, क्योंकि आप की 5 साल की बेटी भी आप दोनों की जिम्मेदारी है. उस पर तलाक का बुरा असर पड़ सकता है. तलाक आसान नहीं और आप को अधर में टांग सकता है. जिस हक की चाह आप को है, संभव है मिले ही नहीं.

जब पति ना लगाना चाहे कंडोम तो क्या करें

रीना और दिनेश की शादी को 3 महीने ही हुए हैं. उन की सेक्स लाइफ मस्त है बस एक ही दिक्कत है कि सेक्स के दौरान दिनेश को कंडोम का इस्तेमाल सिरदर्द लगता है, जबकि रीना ऐसा कोई रिस्क नहीं लेना चाहती, जिस से वह समय से पहले गर्भवती हो जाए. वह कम से कम 2 साल तक मां नहीं बनना चाहती है.

इस बारे में रीना और दिनेश की खूब बातें हो चुकी है, बहस भी हो चुकी है पर दिनेश को रीना की समस्या समझ नहीं आ रही है या वह जानबूझ कर उस के अरमानों की अनदेखी कर रहा है.

ऐसा अकसर होता है कि सेक्स संबंधों में भी औरत को ही समझौता करना पड़ता है कि वही गर्भनिरोधक का कोई साधन इस्तेमाल करे, मर्द को तो खुला खेल चाहिए, किसी तरह की रुकावट न आए रात को बिस्तर पर.

लेकिन कंडोम केवल बच्चा रोकने के लिए ही नहीं बनाया गया है, बल्कि यह सेक्स संबंधों के दौरान होने वाली बीमारियों की भी रोकथाम करता है. एड्स जैसी जानलेवा बीमारी को यह कम कीमत की रबड़ की पतली दीवार पनपने से पहले ही रोक देती है. यह ठीक है कि बिना इस के इस्तेमाल से सेक्स का मजा शानदार रहता है पर यह है बड़े काम की चीज.

अब तो कई वैरायटी के कंडोम

कंडोम का बाजार बहुत बड़ा है और कौम्पिटिशन भी ज्यादा है इसलिए अपने ग्राहकों को लुभाने के लिए कंडोम बनाने वाली कंपनियां पतले से पतले कंडोम बाजार में उतार रही हैं, ताकि उस के पहने जाने का अहसास ही न हो. इतना ही नहीं बाजार में तरह तरह के ऐसे कंडोम बिक रहे हैं जिन में डौट लगे होते हैं ताकि रगड़ का अनूठा अहसास हो.

इस के अलावा अब बाजार में अलग अलग फ्लेवर के कंडोम बिक रहे हैं जैसे स्ट्रौबेरी, बनाना, चौकलेट, वनीला, बबल गम कौफी और न जाने क्या क्या. पैकेट से इन के खुलते है माहौल में मस्त खुशबू घुल जाती है जिस से सेक्स करना और भी मादकता भरा हो जाता है.

अगर खुशबू वाले कंडोम न भाएं तो अन्फ्लेवर्ड, रिब्ड, लौन्ग लास्टिंग, बिग हेड, एक्स्ट्रा लुब्रिकेटेड, वार्म, अल्ट्रा थिन और एलोवेरा कंडोम भी बाजार में आप की राह देख रहे हैं.

सौ बात की बात, मर्दों को सेक्स संबंध बनाते समय कंडोम का इस्तेमाल हौव्वा नहीं समझना चाहिए, बल्कि एक बार इस की आदत पड़ जाए तो यह सेक्स का समय भी बढ़ा देता और पत्नी खुश रहती है सो अलग.

अगर सुरक्षित होने के नजरिए से भी देखा जाए तो कंडोम का कोई बुरा असर नहीं पड़ता है. अगर कभी किसी कंडोम के इस्तेमाल से कोई एलर्जी हो तो माहिर डौक्टर की सलाह लें.

मेरी गर्लफ्रैंड शादी नहीं करना चाहती है, मैं क्या करूं?

सवाल

मैं अपनी गर्लफ्रैंड से बहुत प्यार करता हूं. वह भी मुझे बहुत चाहती तो है लेकिन मुझ से शादी नहीं कर सकती. जबकि मैं शादी कर के लाइफ में सैटल होना चाहता हूं. मैं उस के बगैर जिंदगी नहीं गुजार सकता. कुछ समझ नहीं आ रहा, क्या करूं. कोई निर्णय नहीं ले पा रहा. आप ही कुछ सुझाएं.

जवाब

आप ने यह नहीं लिखा कि लड़की आप से शादी क्यों नहीं कर सकती. खैर, वजह जो भी हो, यह साफ है कि आप की ख्वाहिश गर्लफ्रैंड के साथ पूरी नहीं हो सकती.

आप को यह समझना होगा कि हर लवस्टोरी का दि एंड शादी नहीं होता और न ही हर लवस्टोरी हैप्पी एंडिग वाली होती है. कभीकभी इतने ज्यादा अप्स एंड डाउंस आते हैं कि ऐसा लगता है मानो अब सब खत्म हो गया है लेकिन ‘द शो मस्ट गो औन.’  किसी के आने या जाने से कभी जिंदगी न रुकी है न कभी रुकेगी. जीना तो हर हाल में पड़ता है तो क्यों न मुसकरा कर जिया जाए.

आप लाइफ में सैटल होना चाहते हैं तो इस रिलेशनशिप पर स्टौप लगा दें. आप दोनों का अलग होना ही ठीक है. कोई और लाइफपार्टनर ढूंढ़िए और लाइफ में आगे बढ़िए. जीने का यही सही तरीका है.

अगर आपकी भी ऐसी ही कोई समस्या है तो हमें इस ईमेल आईडी पर भेजें- submit.rachna@delhipress.biz
 
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पोर्न के साइड इफैक्ट्स : हैं भी या नहीं?

24 साल की नेहा मल्टीनैशनल कंपनी में काम करती है. उसे काम के सिलसिले में विदेश जाना पड़ता है. वह अभी अविवाहित है. पोर्नोग्राफी के बारे में पूछे गए सवाल पर वह कहती है, ‘‘दूसरी लड़कियों का तो मुझे पता नहीं लेकिन मेरा जब मूड होता है, पोर्न मूवी देखती हूं. कई बार हम पार्टी भी करते हैं. नाइट पार्टी में अगर बौयज हैं तो कुछ न कुछ हो सकता है. ऐसे में मैं पार्टी से पहले पोर्न देखती हूं. मुझे इस में कोई बुराई नजर नहीं आती. यह मेरे जीवन का निजी हिस्सा है. मैं कभी किसी के साथ इस विषय पर कोई बात नहीं करती, अपनी सहेलियों से भी नहीं.’’

पोर्न आज के दौर में एक बड़ी इंडस्ट्री बन गया है, जिस का सालाना टर्नओवर अरबों डौलर का है. विश्व के अधिकतर लोगों ने कभी न कभी पोर्न फिल्में देखी होंगी. भारत में युवाओं में पोर्न देखने का चलन बढ़ता जा रहा है. इस का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भारत पिछले 2-3 वर्षों में सब से ज्यादा पोर्न देखने वाले देशों में 10वें से तीसरे स्थान पर आ गया है.

अति तो किसी भी चीज की बुरी होती है. पोर्न की लत किसी नशे की तरह है, जो आसानी से पीछा नहीं छोड़ती. पोर्न देखने में उतनी बुराई नहीं पर पोर्न का एडिक्शन होना बुरा होता है. यह सामाजिक, शारीरिक और मानसिक हर रूप में जीवन पर बुरा प्रभाव डालता है. एक रिसर्च में पाया गया कि जो व्यक्ति ज्यादा पोर्न फिल्में देखते हैं, उन का दिमाग सिकुड़ जाता है.

यदि व्यक्ति के दिमाग का स्ट्रेटम छोटा है तो उसे ज्यादा नुकसान हो सकता है. इसी अध्ययन में यह भी पता चला है कि पोर्न फिल्में देखने वाला व्यक्ति अपनी निजी जिंदगी में भी उसी तरह सैक्स करना चाहता है, लेकिन अकसर ऐसा हो नहीं पाता क्योंकि पोर्न फिल्मों को जानबूझ कर ज्यादा भड़काऊ और आकर्षक बनाया जाता है. वैसा करना आम आदमी के बस की बात नहीं. इस का नुकसान यह होता है कि व्यक्ति को कभी संतुष्टि नहीं मिल पाती. व्यक्ति के स्वभाव में क्रूरता और उग्रता आ जाती है जिस से वह चिड़चिड़ा हो जाता है.

पोर्न से दूर होते दोस्त और परिवार

नेहा ने बताया कि हम दोस्तों से भले ही हर बात शेयर करते हों पर यह नहीं बताते कि हम पोर्न देखते हैं. असल में पोर्न के शिकार युवा दोस्तों से दूरी बनाने लगते हैं. वे हमेशा नया पोर्न देखने का लिए प्रयासरत रहते हैं.

पोर्न न देखने का कारण बताते हुए शिविका कहती है, ‘‘पोर्न देखने से सैक्स की जानकारी होती है क्योंकि जिंदगी में सैक्स का काफी महत्त्व है. हमारे समाज में सैक्स पर खुल कर बात नहीं होती है. सैक्स में सावधानी और संयम की बहुत जरूरत है. पोर्न देखने वाले युवा एकाकी स्वभाव के होते हैं.’’

ऐसे युवा परिवार में भी अलगथलग रहने की कोशिश करते हैं. वे अपने पेरैंट्स से दूर होते जाते हैं. धीरेधीरे वे अपने भाईबहन से भी दूर होने लगते हैं. वे हमेशा एकांत की तलाश में रहते हैं. अब मोबाइल, लैपटौप और कंप्यूटर पर इस की सुविधा होने से पोर्न देखना आसान हो गया है. आज मोबाइल पर सब से ज्यादा पोर्न देखा जाता है. युवा अपने मोबाइल इसी कारण दूसरों से दूर रखते हैं. कई बार किसी को दूसरी फिल्में या फोटो भेजने की जगह पर पोर्न फिल्में गलती से चली जाती हैं जिस से इमेज खराब होती है.

सेहत और पढ़ाई पर प्रभाव   

युवावस्था कैरियर बनाने के लिहाज से सब से अहम होती है. इस दौरान युवाओं का पोर्न की तरफ आकर्षित होना कैरियर पर बुरा प्रभाव डालता है. मनोविज्ञानी बताते हैं कि इसे देखने वाले युवाओं का मन भटक  जाता है. वे हमेशा इस के प्रभाव में रहते हैं. ऐसे में उन का कैरियर खराब हो जाता है. आमिर खान की फिल्म ‘थ्री इडियट्स’ में यह दिखाया गया है कि साथी अपने ही दोस्तों का ध्यान पढ़ाई से हटाने के लिए होस्टल में उन्हें पोर्न किताबें दे देते थे जिस से साथी के नंबर कम आएं या वह फेल हो जाए.

पोर्न देखने वाले ज्यादातर युवा अप्राकृतिक सैक्स के आदी हो जाते हैं. वैसे मैडिकली यह बुरा नहीं है पर अगर सही तरह और हाईजीन का ध्यान रख कर नहीं किया जाएगा तो यह हैल्थ की नजर से खराब होता है.

सैक्स जीवन पर असर

लगातार पोर्न देखने से व्यक्ति अपने पार्टनर से वैसी ही उम्मीद रखने लगता है जैसा पोर्न फिल्मों में दिखाया जाता है लेकिन इसे हकीकत में उतारना मुमकिन नहीं होता. इस का नुकसान यह होता है कि व्यक्ति का अपने पार्टनर के प्रति अलगाव पैदा होने लगता है. जब लड़कियां ऐसे पोर्न देखती हैं और शादी के बाद उन्हें ऐसे हालात नहीं मिलते तो उन का वैवाहिक जीवन खराब होने लगता है.

पोर्न देखने से सैक्स को ले कर विकृत नजरिया बन जाता है. शादी के बाद तमाम लड़कियों को यह शिकायत होती है कि उन के पति ने अप्राकृतिक सैक्स की डिमांड की या जोरजबरदस्ती की. औक्सिटौसिन दिमाग में पाया जाने वाला एक शक्तिशाली हार्मोन है जिसे ‘लव हार्मोन’ भी कहा जाता है. यह हार्मोन पुरुष और महिलाओं दोनों को बंधन में बांधने में मदद करता है. अगर सैक्स पोर्न फिल्मों की तरह किया जाए तो यह हार्मोन काम नहीं करता जिस का असर रिश्तों पर पड़ता है.

सैक्स को पोर्न फिल्मों की तरह करने वाले व्यक्ति फोरप्ले ठीक ढंग से नहीं कर पाते. फोरप्ले के दौरान जोड़े चरम सुख लेते हैं जिस से उन में काफी निकटता आती है पर पोर्न वाली मानसिकता के कारण यह कहीं खो जाती है.

कुछ लोग उत्तेजित होने के लिए पोर्न का सहारा लेने लगते हैं और धीरेधीरे यह उन की आदत बन जाती है. इस का नुकसान यह होता है कि व्यक्ति प्राकृतिक तौर पर उत्तेजित होने में नाकाम होने लगता है जिस का आगे चल कर नुकसान होता है. अवैध संबंधों के लिए पोर्न काफी हद तक जिम्मेदार है. ज्यादा पोर्न देखने वाले लोग अकसर किसी के साथ अवैध संबंध बनाने के बारे में सोचते रहते हैं जो समाज के लिए काफी नुकसानदेह साबित हो रहा है और कई बार मर्यादा तारतार होने की भी आशंका रहती है. पोर्न देखने का यह सब से बड़ा नुकसान है.

प्यार में हद पार करने का खतरनाक नतीजा

अगस्त, 2016 की सुबह मध्य प्रदेश के जिला ग्वालियर के थाना पुरानी छावनी के खेरिया गांव के अटल गेट के पास खेत में 24-25 साल के एक युवक की लाश पड़ी होने की सूचना गांव वालों ने पुलिस को दी तो अधिकारियों को सूचना दे कर थानाप्रभारी प्रीति भार्गव पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंच गईं. वह घटनास्थल और लाश का निरीक्षण कर रही थीं कि एसपी हरिनारायण चारी मिश्र और एएसपी दिनेश कौशल भी घटनास्थल पर पहुंच गए. घटनास्थल पर गांव वालों की भीड़ लगी थी.

थानाप्रभारी प्रीति भार्गव ने लाश और घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद वहां मौजूद लोगों से लाश की शिनाख्त करानी चाही, लेकिन कोई भी मृतक को पहचान नहीं सका. इस से साफ हो गया कि मृतक वहां का रहने वाला नहीं था. मृतक की जेबों की तलाशी ली गई तो उस की पैंट की जेब से मोटरसाइकिल की चाबी मिली. लाश से थोड़ी दूरी पर एक मोटरसाइकिल खड़ी थी. पुलिस ने मृतक की जेब से मिली चाबी उस मोटरसाइकिल में लगाई तो वह स्टार्ट हो गई. इस से पुलिस को लगा कि इस मोटरसाइकिल से मृतक की शिनाख्त हो सकती है.

पुलिस ने मोटरसाइकिल जब्त कर अन्य तमाम काररवाई निपटा कर लाश को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया. लेकिन जब पुलिस ने आरटीओ औफिस से मोटरसाइकिल के बारे में पता किया तो पता चला कि वह मोटरसाइकिल विनयनगर, सेक्टर 3, पत्रकार कालोनी के रहने वाले संतोष किरार की थी.

पुलिस ने उस के घर जा कर पता किया तो घरवालों ने बताया कि संतोष एक अगस्त की सुबह अपनी मोटरसाइकिल से निकला है तो अब तक घर लौट कर नहीं आया है. इस से पुलिस को लगा कि खेत में पड़ी लाश संतोष की हो सकती है. लेकिन जब पुलिस ने वह लाश उस के पिता रामकिशोर को दिखाई तो उन्होंने बताया कि यह लाश उन के बेटे संतोष की नहीं है. इस के बाद पुलिस को लगा कि इस हत्याकांड में संतोष की कोई न कोई भूमिका जरूर है.

प्रीति भार्गव लाश की शिनाख्त कराने की कोशिश कर रही थीं कि शाम को थाना हजीरा के रहने वाले तुलसीराम पिछली शाम से गायब अपने बेटे की तलाश करतेकरते उन के पास आ पहुंचे. दरअसल, पिछली शाम को घर से निकला उन का बेटा शीतल न लौट कर आया था और न उस का फोन मिला था, तब परेशान हो कर वह थाना हजीरा में उस की गुमशुदगी दर्ज कराने पहुंच गए थे.

वहां से जब उन्हें बताया गया कि थाना पुरानी छावनी पुलिस ने एक लड़के की लाश बरामद की है तो वह थाना पुरानी छावनी पहुंच गए थे. थाना पुरानी छावनी पुलिस ने तुलसीराम को बरामद लाश दिखाई तो वह फफकफफक कर रोने लगे. इस के बाद उन्होंने खेतों में मिली लाश की शिनाख्त अपने बेटे शीतल की लाश के रूप में कर दी थी.

प्रीति भार्गव ने हत्यारे का पता लगाने के लिए तुलसीराम से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि उन की किसी से ऐसी दुश्मनी नहीं थी कि उन के बेटे की इस तरह हत्या कर दी जाती. उन से पत्रकार कालोनी के रहने वाले संतोष के बारे में पूछा गया तो उन्होंने उस के बारे में जानने से मना कर दिया. तुलसीराम के बताए अनुसार, उन की किराने की दुकान थी. दोपहर को दुकान पर उन का बेटा शीतल बैठता था. इस तरह वह पिता के कारोबार में हाथ बंटाता था.

पुलिस ने हत्याकांड के खुलासे के लिए जितने भी लोगों से पूछताछ की, उन में से कोई भी ऐसी बात नहीं बता सका, जिस से वह हत्यारे तक पहुंच पाती. प्रीति भार्गव की समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर शीतल खेरिया गांव क्यों गया? अगर वह संतोष के साथ वहां गया था तो उन के बीच ऐसा क्या हुआ कि संतोष ने उसे मौत के घाट उतार दिया? यह सब जानने के लिए पुलिस को संतोष की तलाश थी. आखिर आठवें दिन काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया.

पुलिस पूछताछ में वह असलियत छिपा नहीं सका और उस ने शीतल की हत्या का अपना अपराध स्वीकार कर लिया. इस के बाद उस ने शीतल की हत्या की जो कहानी सुनाई वह हैरान करने वाली तो थी ही, साथ ही आज के युवाओं में स्त्रीसुख की जो लालसा उपजी है, उस की हकीकत बयां करने वाली थी. पत्रकार कालोनी का रहने वाला इलेक्ट्रिशियन संतोष 31 जुलाई, 2016 की शाम घर लौट रहा था तो रेलवे स्टेशन के बाहर सड़क पर खड़े एक युवक ने उसे हाथ दे कर रोक कर कहा, ‘‘भाई साहब, मैं यहां काफी देर से किसी सवारी का इंतजार कर रहा हूं, लेकिन कोई सवारी मिल नहीं रही है. अगर आप मुझे अपनी मोटरसाइकिल से लिफ्ट दे दें तो बड़ी मेहरबानी होगी.’’

संतोष ने उसे मोटरसाइकिल पर बैठा लिया. इस के बाद उस युवक ने अपना नाम शीतल बताते हुए कहा, ‘‘हजीरा के इंद्रनगर में मेरे पिता की किराने की दुकान है. मैं उसी पर बैठता हूं. लेकिन अब मेरा मन दुकान पर बैठने को नहीं होता, इसलिए मैं नौकरी खोज रहा हूं. इंटरव्यू देने ही मैं झांसी जा रहा था, लेकिन दुर्भाग्य से मेरी ट्रेन छूट गई.’’

‘‘कोई बात नहीं, यार, मैं तुम्हारी नौकरी यहीं लगवा दूंगा.’’ संतोष ने कहा. विजयनगर पहुंचतेपहुंचते दोनों में ऐसी दोस्ती हो गई कि उन्होंने पीनेपिलाने का प्रोग्राम बना डाला. फिर इस नई दोस्ती के नाम पर दोनों में एकदूसरे को शराब पिलाने की होड़ लग गई, जिस में करीब 500 रुपए खर्च हो गए. शराब के नशे ने अपना असर दिखाया तो संतोष ने जाने कितनी बार शीतल को भरोसा दिलाया कि जल्द ही वह उस की नौकरी ग्वालियर में लगवा देगा. उसे यह शहर छोड़ कर कहीं दूसरी जगह जाना नहीं पड़ेगा.

संतोष शीतल से बातें कर रहा था, तभी उस की प्रेमिका रेखा (बदला हुआ नाम) का उस के मोबाइल पर फोन आ गया. शीतल से उस की दोस्ती हो ही चुकी थी, इसलिए उस से बिना कुछ छिपाए वह रेखा से अश्लील यानी शारीरिक संबंधों की बातें करने लगा. संतोष रेखा से जो बातें कर रहा था, उन्हें सुनसुन कर शीतल उत्तेजित हो उठा. तब उस ने बिना किसी संकोच के संतोष से कहा, ‘‘कल तुम अपनी प्रेमिका से मिलने जा रहे हो न, मुझे भी कल उस से मिलवा दो.’’

‘‘तुम उस से मिल कर क्या करोगे?’’ संतोष ने कहा तो जरा भी झिझके बिना शीतल ने कहा, ‘‘जो तुम करोगे, वही मैं भी करूंगा.’’

इस पर संतोष नाराज होते हुए बोला, ‘‘रेखा ऐसी लड़की नहीं है. वह केवल मुझ से ही बातें करती है और केवल मुझ से उस के शारीरिक संबंध हैं.’’ उस समय तो संतोष ने शीतल को समझाबुझा कर उस के घर भेज दिया. लेकिन सुबह होते ही शीतल संतोष को फोन कर के कहने लगा कि वही उस का सच्चा दोस्त है. सिर्फ एक बार वह अपनी प्रेमिका से उसे भी मौजमजा ले लेने दे. यही नहीं, उस ने यहां तक पूछ लिया कि वह कितनी देर में रेखा को उस के पास भिजवा रहा है.

नए दोस्त के मुंह से सुबहसुबह प्रेमिका के बारे में ऐसी बातें सुन कर संतोष को गुस्सा आ गया. किसी तरह अपने गुस्से पर काबू पाते हुए उस ने कहा, ‘‘एक घंटे के भीतर तू मेरे घर आ जा, आज मैं तुझे रेखा से मिलवा ही देता हूं. तू भी याद करेगा कि कोई दोस्त मिला था.’’ शीतल के आने से पहले संतोष ने तय कर लिया था कि प्रेमिका पर बुरी नजर रखने वाले शीतल को अब वह जिंदा नहीं छोड़ेगा. जैसे ही शीतल उस के घर पहुंचा, वह उसे ले कर निकल पड़ा.

संतोष ने ठेके से शराब की 2 बोतलें खरीदीं और मोटरसाइकिल से शीतल को ले कर पुरानी छावनी की ओर चल पड़ा. वहां एक पेड़ के नीचे बैठ कर दोनों ने शराब पी. अपनी योजना के अनुसार संतोष ने शीतल को कुछ ज्यादा शराब पिला दी थी. शीतल को जैसे ही शराब का नशा चढ़ा, उस ने कहा, ‘‘चलो बुलाओ रेखा को. तुम ने उस के साथ बहुत मजा लिया है, आज मैं उस के साथ ऐसा मजा लूंगा कि वह भी याद करेगी.’’

संतोष रात से ही शीतल की इन बातों से जलाभुना बैठा था. उस ने पैंट की जेब में रखा चाकू निकाला और एक ही झटके में शीतल का गला रेत कर उस की हत्या कर दी. इस के बाद उस ने शराब की बोतल उठा कर एक ही सांस में पूरी शराब पी ली और शीतल की लाश को वहीं अटल गेट के पास एक खेत में छोड़ कर चला आया. मोटरसाइकिल वह इसलिए नहीं ला सका, क्योंकि उस की मोटरसाइकिल रास्ते में शीतल ने चलाने के लिए ले ली थी और उस की चाबी उस ने अपनी जेब में रख ली थी.

इसलिए शीतल की हत्या करने के बाद जब संतोष ने अपनी जेब में मोटरसाइकिल की चाबी देखी. चाबी न पा कर नशे में होने की वजह से उसे लगा कि चाबी कहीं गिर गई है. हड़बड़ाहट में वह गाड़ी वहीं छोड़ कर घर चला और घर से कानपुर चला गया. उसे उम्मीद थी कि पुलिस उस तक कभी नहीं पहुंच पाएगी. एक सप्ताह तक वह निश्चिंत हो कर कानपुर में रहा. लेकिन शायद उसे पता नहीं था कि अपराध चाहे कितनी भी चालाकी से क्यों न किया जाए, एक न एक दिन उस का राज खुल ही जाता है. पैसे खत्म होने के बाद संतोष पैसे लेने के लिए जैसे ही घर आया, थानाप्रभारी प्रीति भार्गव ने उसे पकड़ लिया. संतोष से पूछताछ में पता चला कि उस ने शीतल की हत्या जिस खेत में की थी, लाश वहां नहीं मिली थी.

पुलिस ने खेत की रखवाली करने वाले सोनू कुशवाह से पूछताछ की तो उस ने बताया कि उस ने लाश पड़ी देखी तो डर के मारे उस ने अपने रिश्तेदार सैकी कुशवाह की मदद से लाश ले जा कर खेरिया मोड़ पर अटल गेट के पास रमेश शर्मा के खेत में फेंक दी थी. पुलिस ने सोनू और सैकी को हिरासत में ले लिया. इन का दोष यह था कि इन्होंने लाश पड़ी होने की सूचना पुलिस को नहीं दी थी, इस के अलावा सबूत नष्ट किए थे. पूछताछ के बाद पुलिस ने तीनों को अदालत में पेश किया, जहां से सभी को जेल भिजवा दिया गया.

– कथा पुलिस सूत्रों पर आधारित

सहयोग : रंजीत सुर्वे

मैं शादीशुदा हूं लेकिन अपनी भाभी को पसंद करता हूं, क्या यह सही है?

सवाल

मैं 28 वर्षीय शादीशुदा हूं. मेरी पत्नी बहुत अच्छी है और मैं भी उस से बहुत खुश हूं. लेकिन पता नहीं कब और कैसे मैं अपनी पड़ोस की भाभी से प्यार करने लगा और हम यहां तक आगे बढ़ गए कि मर्यादा की सारी सीमाएं तोड़ बैठे. अब भाभी जोर दे रही हैं कि हम दोनों तलाक ले कर शादी कर लें. खासी दुविधा में पड़ गया हूं. समझ नहीं आ रहा क्या करूं?

जवाब

जरा सोच कर देखें यदि आप की पत्नी ने किसी और से रिश्ता बनाया होता और आप के सामने तलाक के कागज रख दिए होते तो आप पर क्या गुजरती.

एक गलती आप कर चुके हैं, दूसरी तो मत कीजिए. तलाक लेना आसान नहीं और आप पत्नी से बिना उस की कोई गलती पर तलाक मांगेंगे, तो क्या वह आसानी से दे देगी? वह अपनी पर आ जाए तो आप वकीलों के चक्कर लगाते रह जाएंगे.

खैरियत इसी में है कि आप कोई न कोई बहाना बना कर घर बदल लें और भाभी से कोई संबध न रखें. भाभी आप का कुछ नहीं बिगाड़ सकतीं. वे खुद शादीशुदा हैं. आप दोनों ने जो कुछ किया, छिप कर किया. तभी तलाक ले कर शादी की बात कर रही थीं.

हमारी सलाह मान कर भाभी से दूर रहें और अपनी शादीशुदा जिंदगी को संभाल कर चलें.

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पहली बार सेक्स करते वक्त ध्यान में रखें ये 10 बातें

सेक्स के बारे में बात करने से चाहे आप कितना भी कतराएं, यकीन मानिए इसमें डूब जाने जितना मज़ा किसी और में नहीं. फिर चाहे आप बौयफ्रेंड के साथ अपने रिश्ते को आगे बढ़ाना चाहती हों या फिर शादी के बाद की पहली रात हो, यह एहसास बहुत खास होता है. लेकिन पहली बार की घबराहट भी उतनी ही होती है, जितना की उत्साह.

दोस्तों के बीच टौयलेट जोक्स और लूज टौक करने में आप अव्वल हैं. फिल्म हो या टीवी, बेड सीन्स देखने में बड़ा मजा आता है. मगर जब खुदकी बारी आई तो टांय टांय फिस्स. आप तो कागज की शेर निकलीं. इतना घबराएंगी तो जीत कैसे हासिल होगी. सेक्स है कोई रौकेट सांइस नहीं. आइए जानते हैं कि वो कौन सी 10 बातें हैं, जिनका ध्यान पहली बार सेक्स करते समय जरूर रखना चाहिए.

मन से तैयार हों तभी बढ़ें आगे

पहला मिलन हमेशा रहता है याद यह जुमला बहुतों से सुना होगा और इससे जुड़ी कई कहानियां भी. कहानियों पर न जाएं. व्यावहारिक होकर सोचें कि क्या वाकई पहली बार सेक्स करना इतना रोमांचित करने वाला होता है! बेशक हो सकता है बशर्ते, पूरी तैयारी के साथ यह कदम उठाया जाए. जब कान्फिडेंट होंगी तभी इसका आनंद ले पाएंगी. क्या मैं इसके लिए तैयार हूं? यह सवाल उतना ही अहम है, जितना आपका सांस लेना. बौयफ्रेंड हो या पति, सोच समझकर, कम्फर्टेबल होने पर ही आगे बढ़ें.

महकी महकी हों आप

चर्चित सेक्सोलौजिस्ट डा. प्रकाश कोठारी की सलाह है, “साथ तभी महकेगा जब आप खुशबू से सराबोर होंगे. कोई अच्छी फ्रेगरैंस लगाएं, क्योंकि सुगंध का आपके मन मस्तिष्क पर बहुत असर पड़ता है. किसी को परफ्यूम पसंद आता है, तो किसी को शरीर की गंध उत्तेजित करती है.” खूशबू आप दोनों को एक दूसरे की ओर आकर्षित करने के साथ साथ एक दूसरे के सामने सहज भी बनाएगी.

जोश पर तनाव हावी न होने दें

क्या पहली बार में दर्द होगा? डा. कोठारी के मुताबिक़, यह एक मिथक है. पहली बार की उत्सुकता और घबराहट इतनी ज्यादा होती है कि हल्की सी छुअन भी हमारे पूरे शरीर में सिहरन पैदा कर देती है. क्या होगा, क्या नहीं, इस घबराहट में हमारे नर्व्स भी तनाव में आ जाते हैं. दूसरा हम अपने प्राइवेट पार्ट्स को भी कसकर बंद कर लेते हैं, क्योंकि हम सहज नहीं होते. इसलिए प्रवेश करने में काफी दिक्कत होती है. और हम मान बैठते हैं कि पहली बार में दर्द होता है. आप जितनी ज्यादा सहज और तनाव मुक्त रहेंगी, उतना ज्यादा बेहतर होगा आपका अनुभव.

आर्गैज्म की राह न ताकें

हो सकता है पहली बार में आपको आर्गैज्म न मिले, तो घबराएं नहीं. क्योंकि शुरुआत में हमें पता ही नहीं होता, कि किस तरह से हमें आर्गैज्म मिलेगा. अलग अलग पोजिशन्स ट्राई करें. कई शोध तो यह भी कहते हैं कि लड़कियों को इंटरकोर्स से पूरा सुख या आर्गैज्म मिलता ही नहीं है. इसकी परवाह न करें, केवल उस पल का आनंद उठाएं.

ड्रेसिंग का भी रखें ख्याल

कपड़ों की भी अहम भूमिका होती है. इसलिए अपने पार्टनर की पसंद का या आकर्षक ड्रेसिंग ज़रूर करें. खुद को मेंटेन रखें, ताकि आप कान्फिडेंट महसूस कर सकें. यह बात लड़कों पर भी लागू होती है. दाढ़ी मूंछ ट्रिम करना न भूलें. किस करते समय सोचिए आपकी पार्टनर का क्या हाल होगा? सेक्सी कपड़े पहनने का मतलब यह नहीं कि कुछ ऐसा पहन लें, जिसमें आप सहज ही न हों. ज्यादा मेकअप करने से भी बचें.

बातचीत है सेक्स की पहली सीढ़ी

जी हां, बातचीत. इसे सेक्स का चार अक्षरों का पर्यायवाची कहा जाता है. यानी बातचीत से ही सेक्स की शुरुआत होती है. इसे संभोग यूं ही नहीं कहा जाता. संभोग यानी सम भोग. जहां दोनों मिलकर इसका बराबर आनंद उठाते हैं. जहां कोई एक्स्पर्ट या नौसिखिया नहीं है. पहली बार सेक्स कर रहे हैं, इसलिए घबराहट थोड़ी होगी. बात करें, धीरे धीरे हिचक कम होगी. बातों बातों में एक दूसरे का हाथ पकड़ लें. धीरे धीरे फोरप्ले की ओर बढ़ें.

हो सकता है शुरुआत करने में थोड़ा अजीब लगे, लेकिन सेक्स कोई अछूता विषय नहीं है. यह आपकी जिंदगी का एक अभिन्न हिस्सा है, यह बात भूले नहीं. हो सके तो एक दो दिन पहले से ही सेक्स के बारे में बातें करना शुरू कर दें. सेक्स के दौरान अपने पार्टनर को बताएं कि शरीर के किस हिस्से में आप सबसे ज्यादा उत्तेजना महसूस करती हैं और उनसे भी यही सवाल करें.

फोरप्ले है अहम

यह समझ लें, जो मज़ा सफ़र में है, वो मंजिल में नहीं. जल्दबाजी की तो आप चोटिल भी हो सकती हैं, इसलिए अपने प्राइवेट पार्ट में नैचुरल लूब्रिकेशन आने दें. और यह तभी संभव है जब आप और आपका पार्टनर फोरप्ले को खुलकर एन्जौय कर पाएंगे. फोरप्ले जितना लंबा चलेगा आप उतना कम्फर्टेबल महसूस करते जाएंगे. दरअस्ल, स्पर्श से हमारे मस्तिष्क में औक्सिटोसिन नामक हार्मोन रिलीज़ होता है. इसे रिलीज़ होने दें और फोरप्ले से सेक्स की शुरुआत करें.

कंडोम पहनना न भूलें

एक दूसरे में खोने का अर्थ यह नहीं कि आप लापरवाही करें. माना कि पहली बार करने की हड़बड़ाहट में यह ग़लती सबसे आम है. लेकिन यह गलती जोखिम भरी है. महिलाओं के लिए विशेष कंडोम बनाए गए हैं. मेडिकल स्टोर्स में यह उपलब्ध हैं. पहले से ही प्रैक्टिस करें, ताकि उस दिन आपका मजा किरकिरा न हो. यदि आपकी बजाय आपका पार्टनर प्रोटेक्शन इस्तेमाल करनेवाले हैं, तो उन्हें याद दिलाना न भूलें.

बाहरी लूब्रिकेशन से गुरेज न करें

पहली बार में घबराहट की वजह से कई बार लूब्रिकेशन ठीक तरह से नहीं निकलता. इसलिए आप कृत्रिम लूब्रिकेशन्स का विकल्प चुन सकती हैं. पेट्रोलियम जेली से लेकर नारियल तेल तक ऐसे कई सुरक्षित विकल्प हैं, जो आपके घर में आसानी से उपलब्ध होंगे. इसके अलावा बाजार में भी कई तरह के लूब्रिकेंट्स हैं, जिन्हें आप खरीद सकती हैं.

सेफ्टी का रखें ध्यान

सुरक्षा बहुत जरूरी है. ऐसी जगह ढूंढ़ें, जो पूरी तरह सेफ हो. यदि शादी से पहले सेक्स के बारे में सोच रही हैं तो किसी होटल या दोस्त के घर न जाएं. पार्टनर या आपका घर सबसे सुरक्षित जगह है. यदि आप जगह को लेकर असहज रहेंगी, तो आपका पूरा ध्यान सेक्स पर नहीं होगा. डर आपको सफल भी नहीं होने देगा. बेडरूम में कैंडल्स हों तो कहना ही क्या. फूलों से घर को महकाएं, ताकि सहजता बढ़े.

पहली बार इन पोजिशन्स को आज़माएं

मिशनरीः यह सबसे बुनियादी और आसानी से की जा सकने वाली पोजिशन है.

साइड बाय साइड पोजिशनः इस पोजिशन में पुरुष को आसानी से प्रवेश करने का मौका मिलेगा और आप भी कम्फर्टेबल रहेंगी.

गर्ल औन टौपः यदि आप सहज हों, तो इस पोजिशन को भी चुन सकती हैं. यह पोजिशन आपके पार्टनर को जल्दी उत्तेजित महसूस कराएगी और नियंत्रण भी आपके हाथों में होगा.

बॉयफ्रेंड मुझसे उखड़ा रहता है, मेरी हर बात को टाल देता है. क्या करूं?

सवाल

मैं 20 साल की एक खूबसूरत लड़की हूं. मेरा 30 साल के एक शादीशुदा मर्द के साथ चक्कर चल रहा है. हमारा तकरीबन हर रोज जिस्मानी रिश्ता बनता है. पर पिछले कुछ समय से उस का मन मुझ से उखड़ सा गया है. अगर मैं पूछती हूं तो वह टाल जाता है. मैं क्या करूं?

जवाब

बेहतर होगा कि आप उस पर किसी भी बात के लिए जोर न डालें. मुमकिन है वह अपनी किसी निजी परेशानी में उलझा हो, लेकिन ज्यादा संभावना इस बात की है कि अब वह आप से कन्नी काटना चाहता है. चूंकि जिस्मानी रिश्ता आप की मरजी से बना था, इसलिए आप ज्यादा चूंचपड़ न करें और प्यार से पेश आएं. हां, रोजरोज के सैक्स से बचें.

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आजकल शादी की औसत उम्र लड़कियों के लिए 25 से 35 के बीच हो गई है. दूसरी ओर खानपान और बदलते परिवेश में लड़केलड़कियों को 15 साल की उम्र में ही सेक्स का ज्ञान होने लगता है. 15 से 30 साल की आयुवर्ग की लड़कियों में नियमित पीरियड्स होने लगते हैं, जिस से उन में हारमोनल बदलाव होने लगते हैं. ऐसे में उन के अंदर सेक्स की इच्छा बढ़ने लगती है. वे इस इच्छा को पूरी तरह से दबाने का प्रयास करती हैं. उन पर सामाजिक और घरेलू दबाव तो होता ही है, कैरियर और शादी के लिए सही लड़के की तलाश भी मन पर हावी रहती है. ऐसे में सेक्स कहीं दब सा जाता है.

इसी आयुवर्ग के लड़कों में सेक्स के लिए जोश भरा होता है. कुछ नया करने की इच्छा मन पर हावी रहती है. उन की सेहत अच्छी होती है. वे हर तरह से फिट होते हैं. ऐसे में शादी, रिलेशनशिप का खयाल उन में नई ऊर्जा भर देता है. वे सेक्स के लिए तैयार रहते हैं, जबकि लड़कियां इस उम्र में अपनी इच्छाओं को दबाने में लगी रहती हैं.

वह अपनी किसी निजी परेशानी में उलझा हो, लेकिन ज्यादा संभावना इस बात की है कि अब वह आप से कन्नी काटना चाहता है. चूंकि जिस्मानी रिश्ता आप की मरजी से बना था,

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