मेरी बीवी पिछले 1 साल से मायके में रह रही है. मैं क्या करूं?

सवाल-

मेरी शादी को 5 साल हो गए हैं और मेरी एक बेटी भी है. मेरी बीवी पिछले 1 साल से मायके में रहती है. वह न मुझ से फोन पर बात करती है और न ही वापस आना चाहती है. मैं क्या करूं?

जवाब-

पहले घर वालों के जरीए बीवी के मायके में रहने की वजह मालूम करें और उसे दूर करने की कोशिश करें. इस पर भी वह न माने तो वकील और अदालत के जरीए उसे नोटिस दे सकते हैं.

बात न बने तो उसे तलाक दे कर किसी अच्छी लड़की से शादी कर लें, पर बेटी की जिम्मेदारी तो हर हाल में आप को उठानी पड़ेगी, इसलिए आप की पहली कोशिश बीवी की बेरुखी को जान कर उसे पूरी तरह दूर करने की होनी चाहिए.

ये है नपुंसकता का कारण, ऐसे बढ़ाएं सेक्स क्षमता

आजकल सारी दुनिया में नपुंसकता एक ऐसी समस्या बन गई है जिसके शिकार लोगों की संख्या तेज़ी से बढ़ती जा रही है. झिझक व हिचकिचाहट की वजह से महिलाएं ही नहीं पुरुष भी न तो अपनी यह समस्या किसी से कहते हैं, न ही सही चिकित्सक के पास जाकर इसका इलाज कराते हैं.

”नपुंसकता’ का मुख्य कारण है ‘एजुस्पर्मिया’. ये एक ऐसी स्थिति है जिसमें पुरुष के शरीर में उचित मात्रा में वीर्य नहीं बन पाता है. लेकिन विज्ञान ने इलाज खोज लिया है.

कैसे होता है एजुस्पर्मिया

शोध में ये साबित हुआ है कि पुरुषों में यह समस्या 12 से 20 प्रतिशत तक बढ़ी है. वीर्य कम होने की समस्या के पीछे कई कारण हो सकते हैं-

– फोलीक्यूलर स्टूमुलेटिंग हार्मोन का कम होना

– अनुवांशिक कारण

– कई बार कीमोथेरेपी या रेडियोथेरेपी भी एक कारण है

– गलत जीवनशैली, खानपान में गड़बड़ी, तनाव

इस समस्या की पहचान के लिए सीमन का टेस्ट, ब्लड टेस्ट, ट्रांसरीटल अल्ट्रासाउंड, टीएसएच व एलएच टेस्ट करवाये जाते हैं. इन टेस्टों के नतीजों के मुताबिक़ ही इलाज किया जाता है.

होम्योपैथिक चिकित्सक की मानें तो जिस तरह पोषक तत्वों की कमी को सप्लीमेंट से दूर ‌की जा सकती है वैसे ही होम्योपैथिक में भी इसका इलाज मौजूद है. हालांकि एलोपैथी में भी इसका प्रभावी उपचार मौजूद है लेकिन कई मामले ऐसे भी होते हैं जिसमें इलाज के दौरान साइड इफेक्ट भी बहुत होते हैं.

कैसे बढ़ाए सेक्स क्षमता

यह साबित किया जा चुका है कि प्यार करना उन कुछ चीज़ों में से एक है जिनके बारे में इन्सान सबसे ज्यादा सोचता है. लेकिन व्यस्त दिनचर्या और तगड़े रूटीन के चलते शायद ही आपको अपनी बीवी का हाथ तक पकड़ने का मौका मिलता हो. जिन्हें मिलता भी है, वह दिन भर की थकान और मानसिक तनाव के चलते इस बारे में दिलचस्पी नहीं दिखा पाते.

तो अगर आप भी उन नौजवानों में से हैं जो कुछ ऐसी चीज़ों की तलाश में हैं जो उनके इन मुश्किल से मिलने वाले खूबसूरत लम्हों में रंग भर दे तो परेशान न हों. क्योंकि यह चीजें आपकी किचन में ही हैं.

वैनीला – वैनीला उन कुछ चीज़ों में से एक है जिसकी बस खुशबू ही आपकी प्रेमिका के मूड को खुशगवार बनाने के लिए काफी है. इसकी प्यारी खुशबू आपकी थकान को कम करके आपको रोमेंटिक मूड में लाने में मदद करती है.

सीपी – समुद्र में पाया जाने वाला यह जीव यूं तो एक खूबसूरत मोती को बनाने में मददगार होता है. लेकिन साथ ही काम संबन्धी समस्याओं के बारे में भी यह बहुत उपयोगी है. समुद्री भोजन सीप स्त्री और पुरुष दोनों के लिए ही गज़ब का काम करता है. यह शरीर में जिंक की मात्रा बढ़ाकर शरीर उत्तेजना पैदा करता है.

चॉकलेट – चॉकलेट किसे नहीं पसन्द. तो ऐसे में अगर हम यह कहें कि चॉकलेट आपके लिए वह काम कर सकती है जो आप अक्सर सोचते हैं तो बेशक यह एक अच्छी ख़बर होगी. डार्क चॉकलेट में कुछ ऐसे कैमिकल होते हैं जो न सिर्फ आपके तनाव को कम करते हैं बल्कि आपके एक्साइटमेंट को बढ़ाने का भी काम करते हैं.

अनार – एक अनार सौ बीमार यह कहावत तो आपने सुनी ही होगी. ऑक्सीकारकों से युक्त यह फल शरीर में रक्त संचार को बढ़ा कर आपके जननांगों में संवेदनाओं की तरंगों को बढ़ा देता है. इससे आपके शरीर में प्रेम की उमंग कई गुना बढ़ जाती है.

जानें क्या है सेक्स में और्गेज्म

सेक्स में और्गेज्म शब्द बार-बार सुनने को मिलता है. इसे अलग-अलग नामों से भी जाना जाता है. कोई इसे चरमोत्कर्ष के नाम से जानता है, तो कोई चरम सुख के नाम से जानता. लेकिन सही मायने में ज्यादातर लोगों को और्गेज्म का सही मतलब नहीं पता है. सेक्स के पहले और्गेज्म के सही अर्थ की जानकारी रखना बहुत जरुरी है. इससे सेक्स का आनंद कई गुना बढ़ जाता है.

सेक्स के दौरान और्गेज्म यानी चरम सुख का अनुभव कई बार नहीं हो पाता है. जिससे सेक्स का पूरा मजा किरकिरा हो जाता है. इस स्थिति से महिला पुरुष दोनों को गुजरना पड़ता है. इस लिए इसके बारे में सही जानकारी रखना जरुरी हो जाता है जिससे खुद व पार्टनर को चरम सुख का एहसास कराया जा सके.

फिमेल और्गेज्म –

महिलाओं में चरम सुख का अनुभव एक अद्भुत एहसास है. यह तब होता है जब महिला सेक्स के दौरान अपने चरम पर होती है. इस दौरान अंग के पास तरल श्राव होने के साथ-साथ मांसपेशियों और अंग के पास तेजी से संकुचन होता है. और्गेज्म का अनुभव होने के दौरान फीमेल अपने पार्टनर को तेजी से अपने आगोश में भींच लेती है, और उसके दिल की धड़कने बढ़ जाती हैं.

इस दौरान शरीर में तेजी से बदलाव होता है. अगर सेक्स के दौरान फोर प्ले या आफ्टर प्ले का इस्तेमाल किया जाए तो सेक्स के दौरान एक से अधिक बार और्गेज्म का अनुभव कर सकती हैं. क्यों की कभी कभी फिमेल में और्गेज्म होने के बाद भी स्खलन (Ejaculation) नहीं होता है. इस लिए महिलायें सेक्स के दौरान एक से अधिक बार और्गेज्म का अनुभव कर सकती हैं.

मेल और्गेज्म –

जिस तरह से महिलाओं को और्गेज्म का एहसास होता है उसी तरह पुरुषों में भी और्गेज्म का एहसास होना चाहिए. लेकिन पुरुष एक बार सेक्स में चरम सुख का एहसास पाने के बाद उसे दुबारा और्गेज्म पाने के लिए कुछ समय लगता है. क्यों की महिलाओं की अपेक्षा पुरुष के अंगों में तनाव लाने के लिए पहले और्गेज्म के बाद कुछ समय का अंतराल रखना पड़ता है.

पुरुष जब और्गेज्म की तरफ बढ़ रहा होता है तो इस दौरान अंग के साथ-साथ मूत्रमार्ग, गुदामार्ग, पैल्विक मांसपेशियों, व प्रोस्टेट ग्रंथि में संकुचन होता है. जिसके बाद ही पुरुष में वीर्यपात (Ejaculation) की स्थिति आता है .

महिला और पुरुष को सेक्स के दौरान चरम सुख तक पहुंचने के लिए कुछ चीजों का ख्याल रखना चाहिए. जैसे की सेक्स के दौरान मूड को फ्रेस रखना चाहिए. साथ ही सेक्स के दौरान कुछ समय तक शरीर के नाजुक अंगों के साथ छेड़-छाड़ करना भी जरुरी है. इसके करने से चरम सुख को बढ़ाने वाले कई तरह के हार्मोन्स शरीर में निकल कर सक्रिय हो जातें हैं. यह हार्मोन्स शरीर की मांसपेशियों को उत्तेजित करने का काम करते हैं.

और्गेज्म सुख को पाने के लिए पुरुष को चाहिए की वह अपने पार्टनर के कान की लड़ियों, गर्दन, नितम्बों, उभारों वेजाइना, सहित नाजुक अंगों को प्यार से सहलाए.  सेक्सुअल इंटरकोर्स के पहले महिला को भी अपने पुरुष साथी के नाजुक अंगों के साथ खिलवाड़ करने में पीछे नहीं रहना चाहिए. अगर आप अपने पार्टनर के साथ ऐसा करतें है तो आप को चरम सुख पाने से कोई भी नहीं रोक सकता है.

मैं रेलवे में नौकरी करना चाहता हूं, उचित सलाह दें?

सवाल-

मैं बीए सैकंड ईयर का छात्र हूं. 10वीं जमात में मेरे 70 फीसदी, 12वीं जमात में 80 फीसदी और बीए फर्स्ट ईयर में 51 फीसदी नंबर आए हैं. मैं रेलवे में नौकरी करना चाहता हूं. उचित सलाह दें?

जवाब-

आप की पढ़ाई का रिकौर्ड अच्छा है और यह रेलवे में नौकरी करने का सुनहरा मौका भी है. रेलवे की नौकरी वाले इश्तिहारों पर नजर रखें और अपनी पढ़ाई करते रहें.

बीए के साथसाथ आईटीआई भी कर लें, तो और अच्छा रहेगा. नौकरी मिलने की उम्मीद बढ़ जाएगी.

 

मेरा दोस्त एक आंटी के चक्कर में पड़ गया है, उसे निकालने के लिए मैं क्या करूं?

सवाल-

मेरा एक दोस्त है जो एक आंटी के चक्कर में पड़ गया है. वह 23 साल का और आंटी 42 साल की हैं. मुझे नहीं पता कि लड़कियों से हट कर उस का इंटरैस्ट आंटी में कैसे आ गया. मुझे उस की बहुत चिंता हो रही है, कहीं वह किसी प्रौब्लम में न पड़ जाए. जब से वह उन आंटी के साथ रिलेशन में है, तब से न तो उस का पढ़ाई में ध्यान है और न वह किसी और दोस्त से मिलना ही चाहता है. वे आंटी शादीशुदा हैं पर उन्हें कोई बच्चा नहीं है. वे काफी मौडर्न किस्म की औरत हैं. मेरे दोस्त की मम्मी और वे आंटी अच्छी दोस्त हैं, और इसी के चलते मेरा दोस्त उन के चक्कर में पड़ा है. सैक्स तो इन दोनों के लिए नौर्मल हो चुका है. मुझे डर है कि इन संबंधों की वजह से उस की जिंदगी पर कोई गहरा असर न पड़ जाए.

जवाब-

यह तो लोगों की अपनी-अपनी प्रेफ्रैंस है कि उन्हें लड़की पसंद आती है या आंटी. आप का दोस्त उस कैटेगरी में है जिन्हें आंटी पसंद आती हैं. आप की फिक्र सही है क्योंकि ऐसे केसेस में जब औरत के पति को उस के अफेयर के बारे में पता चलता है तो उस के आशिक को भी आड़ेहाथों लिया जाता है. अपने दोस्त को समझाने की कोशिश करें कि इन चक्करों में शुरुआत में बड़ा मजा आता है लेकिन यदि वे आंटी उस के पीछे पड़ गईं तो उसे लेने के देने पड़ जाएंगे. एक तो वे उस की खुद की मम्मी की दोस्त हैं, ऊपर से शादीशुदा हैं और उम्र में दोगुनी भी हैं. इस रिश्ते में सैक्स के अलावा कुछ है ही नहीं. अपने दोस्त को कैसे भी कर के समझाएं. अगर वह न समझे तो उसे उस के घरवालों को सब बताने की धमकी दें. तब तो शायद वह समझ ही जाएगा. उसे यह बात भी समझा दें कि चुपचाप इस रिश्ते को खत्म करना कितना बेहतर है बजाय सब की नजरों में गिर कर अलग होने के.

डेटिंग टिप्स: सेक्स को लें गंभीरता से

कालेज में पढ़ने वाले युवाओं को सेक्स संबंध बनाना हो या फिर लिव इन रिलेशनशिप में रहना हो, उन्हें इस बारे में अधिक सोचविचार की आवश्यकता नहीं होती. एक समय था जब विवाहपूर्व सेक्स के बारे में सोचना गलत माना जाता था, लेकिन आज तमाम सर्वे पर नजर डालें तो न सिर्फ युवा बल्कि किशोरकिशोरियों को भी सेक्स से कोई परहेज नहीं है. यह बात सही हो सकती है, लेकिन बिना सोचेसमझे सेक्स और इसे गंभीरता से लिए बिना कोई कदम उठाना सही नहीं है. इस से खुद को ही नुकसान हो सकता है. इसलिए सेक्स को मजाक न समझें, बल्कि गंभीरता से लें.

यह मजाक नहीं है

कई बार युवा अपने दोस्तों की देखा देखी या फिर दोस्तों में लगी शर्त को पूरा करने के चक्कर में सेक्स संबंध स्थापित करते हैं, ताकि वे अपने दोस्तों के बीच दबदबा बना सकें. लेकिन उन्हें इस बात का पता ही नहीं रहता कि कुछ पलों के हंसीमजाक के चलते उन्होंने अपनी जिंदगी का कितना अहम कदम बिना सोचेसमझे उठा लिया है. इसलिए सेक्स को गंभीरता से लें.

शादी के बाद होगी मुश्किल

शादी के बाद पति को भी इस का पता चल सकता है. यदि अपनी किशोरावस्था में आप ने सेक्स को गंभीरता से नहीं लिया और अपने फ्रैंड से कई बार सेक्स संबंध बनाए तो हो सकता है शादी के बाद पति को इस बात की किसी तरह भनक लग जाए और अगर ऐसा हुआ तो आप की खुशहाल जिंदगी क्या करवट लेगी, कुछ कहा नहीं जा सकता.

यौन संबंधी बीमारियों का डर

आमतौर पर विवाहपूर्व सेक्स संबंध शारीरिक और भावनात्मक स्तर पर सुरक्षित नहीं माने जाते. असुरक्षित सेक्स से कई यौन रोग भी गले पड़ सकते हैं, जो जानलेवा होते हैं. यदि कम उम्र में ऐसे संबंध स्थापित किए जाते हैं तो इस का असर शारीरिक विकास पर पड़ता है. इस के साथ ही सामाजिक संबंधों पर भी इस का गहरा असर पड़ता है.

साथी के साथ ही करें सेक्स

सेक्स हमेशा उसी के साथ करें जिसे आप ने जीवनसाथी बनाना है. कोशिश करें कि शादी से पहले अपने बौयफ्रैंड से सेक्स संबंध न बनाएं, क्योंकि उस के मन में यह विचार आ सकता है कि जो लड़की मेरे साथ सेक्स कर सकती है उस ने औरों के साथ भी संबंध बनाए होंगे. किसी अजनबी के साथ सेक्स संबंध बनाना न तो ठीक है और न ही सुरक्षित. सेक्स संबंधों में जल्दबाजी न करें बल्कि जिस के साथ सेक्स करना है उस के बारे में अच्छी तरह जान कर व सोचसमझ कर ही आगे बढ़ें. यह भी ध्यान रहे कि वह संबंध बनाने की बात दूसरों को न बता दे.

जगह का चुनाव करें

सेक्स कहां कर रहे हैं, यह भी काफी माने रखता है. वह जगह सेफ न हुई या किसी ने होटल के कमरे में वीडियो क्लिपिंग बना ली तो क्या होगा, इसलिए जहां मन हुआ सेक्स कर लिया ऐसा नहीं होना चाहिए. सेक्स करने से पहले गंभीरता से सोचें कि इसे कहां किया जाए.

ब्लैकमेलिंग से बचें

बौयफ्रैंड के पास आप के कुछ पर्सनल फोटो हो सकते हैं, जिन से आगे चल कर वह आप को ब्लैकमेल भी कर सकता है, इस बात का भी ध्यान रखें, फिर चाहे वह बौयफ्रैंड हो या कोई और. सेक्स  से पहले यह बात जरूर सोच लें कि इस वजह से कहीं आप ब्लैकमेलिंग का शिकार न हो जाएं, इसलिए इन बातों का विशेष खयाल रखें.

प्रैग्नैंसी का खतरा

इस बात पर भी विचार करना जरूरी है कि अगर आप ने बिना सोचेविचारे जल्दबाजी में सेक्स संबंध बनाने का फैसला किया और उस दौरान कोई सावधानी नहीं बरती तो गर्भ ठहरने का खतरा भी बना रहता है. यदि ऐसा होता है तो आप मानसिक तनाव से घिर जाएंगी, क्योंकि इस का दुष्प्रभाव आप की पूरी जिंदगी पर पड़ेगा.

डिप्रैशन न हो जाए

जब कई बार इन संबंधों में दरार पड़ती है तो दोनों पक्षों को ही गहरा मानसिक आघात पहुंचता है. ऐसे में सामाजिक और नैतिक बंधनों के चलते विवाहपूर्व सेक्स संबंध बनाने की शर्म, ग्लानि, अविश्वास, तनाव तथा एकदूसरे के प्रति सम्मान की कमी जैसे कारक मुख्य भूमिका निभाते हैं.

डेटिंग को डेटिंग ही रहने दें

कई बार डेटिंग के दौरान भी सेक्स संबंध बन जाते हैं. जहां डेटिंग का मकसद एकदूसरे को भलीभांति जानना होता है वहीं वे उस मकसद को भूल सेक्स संबंध स्थापित कर लेते हैं. सेक्स के लिए तो पूरी जिंदगी पड़ी है, लेकिन अभी समय एकदूसरे को जाननेसमझने का है. यह वक्त दोबारा नहीं आएगा, इसलिए पहले दोनों एकदूसरे को भलीभांति समझ लें और अपने रिश्ते को कुछ समय दें. उस के बाद इस पायदान पर आएं.

अच्छा नहीं उतावलापन

सेक्स के लिए उतावलापन अच्छा नहीं है इसलिए आप को प्रोफैशनल या बाजारू महिला या पुरुष के साथ सेक्स संबंध बनाने से बचना चाहिए. यह पूरी तरह गलत है. इस से आप गलत लोगों के चंगुल में भी फंस सकते हैं.

जबरदस्ती सेक्स न करें

सेक्स जबरन नहीं करना चाहिए. आप को किसी के दबाव या किसी अन्य कारण से सेक्स करने से बचना चाहिए. साथ ही किसी डर की वजह से भी सेक्स नहीं करना चाहिए. मन के सारे भ्रम और आशंकाएं निकालने के बाद ही सेक्स संबंध बनाएं.

सही कदम

  • हर चीज समय पर ही अच्छी लगती है और सही भी रहती है. माना कि दिल किशोरावस्था में प्रेम की पींगें बढ़ाने को बेताब रहता है. प्रेम करना गलत नहीं है अवश्य करें, लेकिन सेक्स के लिए सही वक्त का इंतजार भी जरूरी है. तभी उस का असली मजा और आनंद ले पाएंगे वरना वह कुछ पलों का आनंद तो देगा लेकिन बाद में मन का सुकून भी छीन लेगा.
  • अगर फिर भी आप ने सेक्स का मन बना ही लिया है तो समय और स्थान का ऐसा चुनाव करें जो आप के लिए पूरी तरह सुरक्षित हो और बाद में किसी मुसीबत में फंसाने वाला न हो, इसलिए किसी भी कमजोर पल में सेक्स करने का फैसला न लें बल्कि यदि सेक्स करना भी है तो सोचीसमझी योजना के तहत करें.
  • सेक्स के बाद यदि प्रैग्नैंसी आदि का वहम हो रहा है तो बिना डाक्टर को दिखाए खुद ही किसी नतीजे पर न पहुंचें, बल्कि सब से पहले इस बारे में अपने घर पर बड़ी बहन, मां आदि को बताएं. यह सच है कि आप को बताने में हिचकिचाहट होगी, डर भी लगेगा और शायद शर्मिंदगी भी होगी, लेकिन यह शर्मिंदगी उस मुसीबत से कम होगी जो न बताने पर आप को झेलनी पड़ सकती है. वह आप के घर वाले हैं, इस बात को सुन कर चाहे लाख नाराज हों, आप को डांटें, लेकिन इस मुसीबत से निकालने की जिम्मेदारी लेने में उन्हें देर नहीं लगेगी. उस समय वह वही करेंगे जो आप के लिए उचित होगा. इसलिए उन पर विश्वास कर हिम्मत कर के एक बार उन से सच कह डालिए, फिर देखिए कैसे आप की परेशानी हल होती है.
  • अगर आप का कोई बौयफ्रैंड है जिस पर आप बहुत विश्वास करती हैं तो भी उसे अपना कोई वीडियो आदि न बनाने दें चाहे कुछ भी हो जाए. वह रिश्ता तोड़ने की धमकी देता है तो न डरें, क्योंकि जो युवक आप से ऐसी बात कह रहा है वह किसी भी तरह का रिश्ता रखने के लायक नहीं है.
  • अगर सेक्स करना भी है तो इस बात का खयाल रखें कि उस की वजह से आप की पढ़ाई में कोई बाधा न आए. यह समय आप के भविष्य बनाने का है. इस में किसी भी तरह का कोई व्यवधान नहीं आना चाहिए. सेक्स कर के कहीं हर वक्त उसी में खोए रह कर पढ़ाई करना न भूलें. पढ़ाई आप की पहली जरूरत है, बाकी सब बाद में.

सेक्स रिलेशनशिप: मजा कम, मुसीबतें ज्यादा

अमेरिकी यूनिवर्सिटी के एक शोध से पता चला है कि कम उम्र में सेक्स संबंध बनाने वाली युवतियां, युवकों के मुकाबले ज्यादा परेशान होती हैं जबकि बड़ी उम्र की युवतियां सेक्स में ऐक्टिव होती हैं, पर उन के साथ धोखे की आशंका कम होती है. फिल्म ‘दृश्यम’ में युवक द्वारा युवती को ब्लैकमेल करने का सीन फिल्म का केंद्रबिंदु है, जिस पर पूरी फिल्म की कहानी बुनी हुई है.

फिल्म में भले ही युवकयुवती एकदूसरे से प्यार नहीं करते पर सहपाठी व हमउम्र जरूर है. यहां बात युवक और युवती के रिलेशनशिप को ले कर हो रही है कि कैसे एक युवक युवती की मजबूरी का फायदा उठाना चाहता है. एमएमएस या अश्लील  वीडियो नैट पर डालने वाली बातें ज्यादातर युवकों का हथियार बन चुकी हैं. युवती को न केवल ब्लैकमेलिंग का डर सताता रहता है बल्कि एक बार संबंध बन जाने पर अनेक मुसीबतों से खुद ही निबटना पड़ता है.

डेट पर जाना पड़ता है भारी

गर्लफ्रैंडबौयफ्रैंड का डेट पर जाना कोई नई बात नहीं, लेकिन उस दौरान पार्टनर के साथ सावधानी बरतने की जरूरत है. डेटिंग के दौरान वे एकदूसरे के बेहद नजदीक आ जाते हैं. केवल मौजमस्ती के लिए बनाया गया संबंध आगे चल कर युवतियों के लिए मुसीबतों का सबब बन जाता है. यदि बिना सावधानी बरते सेक्स करते हैं तो बाद में युवतियों को ही कई तरह के जोखिमों का सामना करना पड़ता है, क्योंकि युवकों को तो सिर्फ ऐंजौयमैंट से मतलब होता है और वे बाद में इस से युवतियों के समक्ष आने वाली परेशानियों से पल्ला झाड़ लेते हैं. इसलिए सावधानी बरतना जरूरी है.

आइए, जानें क्या हैं वे मुसीबतें

अनचाहे गर्भ का डर

सेक्स के दौरान गर्भनिरोधी उपाय अपनाएं, अन्यथा आप को यह डर जीने नहीं देगा कि कहीं डेट न मिस हो जाए, इस बार गर्भ न ठहरे, अगली बार मैं अवश्य इस दौरान सावधानी बरतूंगी. इस के अलावा आईपिल का प्रैशर डालेंगी. अगर बौयफ्रैंड ने ला कर नहीं दी तो आप तो फंस गई समझो. खुद खरीदने जाएंगी नहीं. डेट मिस होने पर आप ऐबौर्शन किट का प्रयोग करेंगी पर उस को खरीदने में भी आप को कई तरह का गणित लगाना पड़ेगा.

संक्रमण का खतरा

असुरक्षित सेक्स से संक्रमण का खतरा बना रहता है. जल्दबाजी के चक्कर में तमाम युवा असुरक्षित सेक्स करने के आदी हो जाते हैं. उन का बजट इतना नहीं होता कि वे अच्छे होटल में जाएं. सस्ते होटल में जाने से वहां का गंदा टौयलेट, गंदा बिस्तर और तमाम तरह की अन्य चीजों से आप को इन्फैक्शन का खतरा हमेशा बना रहता है. अगर बौयफ्रैंड के घर जा रही हैं और वह अकेला रहता है तो भी आप को गंदगी का सामना करना पड़ेगा और आप चाह कर भी इस गंदगी से अपनेआप को बचा नहीं पाएंगी. असुरक्षित सेक्स से आप को एसटीडी (सैक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज) होने का खतरा भी रहता है.

डिप्रैशन का शिकार

असुरक्षित सेक्स के साथ छिप कर बौयफ्रैंड के साथ कहीं जाने का प्लान हो या फिर परिचितों के मिलने से भेद खुलने का डर, इन सभी बातों से आप का मन कभी शांत नहीं रह पाएगा. इस के साथ ही आप को बारबार लगेगा कि कहीं आप प्रैगनैंट तो नहीं. यह खयाल आप को डिप्रैशन का शिकार भी बना सकता है.

असुरक्षा का डर सताता है

बौयफ्रैंड के साथ रिलेशनशिप जरूरी नहीं कि अच्छी ही हो, हो सकता है वह आप को किसी और के लिए चीट या झूठ बोल रहा हो. यह डर आप के मन में चौबीसों घंटे कौंधता होगा, इसलिए जल्द से जल्द ऐसी रिलेशनशिप से बाहर निकलें या फिर अपने मन का वहम खत्म करें.

कंगाल न हो जाएं आप

यह जरूरी नहीं कि बौयफ्रैंड को ही खर्च करना पड़ता है. समयसमय पर गर्लफ्रैंड बौयफ्रैंड की जेबें भी भरती है. अगर युवती कामकाजी है और युवक बेरोजगार तो वहां भी गर्लफ्रैंड को कई बार अपने बौयफ्रैंड को पैसे देने पड़ेंगे. कुछ बौयफ्रैंड अकसर पौकेटमनी खत्म होने का बहाना बना कर, उधारी की जिंदगी काटना चाहते हैं. ऐसे में तब गर्लफ्रैंड को अपनी पौकेट खाली करनी पड़ जाती है. अगर आप ने गलती से अपने बौयफ्रैंड को हजारों रुपए उधार दिए हैं तो समझो बे्रकअप के बाद वह भी नहीं मिलेंगे. इसलिए सोचसमझ कर ही कदम उठाएं.

पेरैंट्स से झूठ छिपाना पड़ता है भारी

एक झूठ छिपाने के लिए हजार झूठ बोलने पड़ते हैं. पहले तो बौयफ्रैंड के साथ रात बिताने के लिए आप अपने पेरैंट्स से झूठ बोलती हैं कि आज आप और आप की सहेली रात भर पढ़ेंगे इसलिए आप उस के घर जा रही हैं. मान लीजिए, वहां पहुंच कर कुछ अनहोनी हो जाए तो पेरैंट्स से उस बात को छिपाने का फैसला भारी लगने लगता है. साथ ही पेरैंट्स से तमाम तरह के झूठ बोल कर आप हमेशा शर्मिंदगी भी महसूस करेंगी इसलिए अच्छा है कि सच को छिपाएं नहीं.

पलपल होती ब्लैकमेलिंग का शिकार

आप का एमएमएस बन जाने पर आप को पलपल ब्लैकमेलिंग का शिकार होना पड़ सकता है. हो सकता है कि आप का बौयफ्रैंड ऐसा न करे, पर होटल में लगे छिपे कैमरे या कुछ अराजक तत्त्व मिल कर आप को ब्लैकमेल कर पैसा और आप की आबरू दोनों को अपना हथियार बना सकते हैं. इस मुसीबत का सामना करने वाली कुछ युवतियां सुसाइड तक कर लेती हैं या कुछ अपने हक के लिए ताउम्र अपनी लाइफ कानूनी पचड़ों में पड़ कर खराब कर देती हैं. इस से बाहर निकलना बहुत मुश्किल हो जाता है.

सिंगल रहने के फायदे

  • पहरेदारी से आप को छुटकारा मिलेगा. कोई रोकेगाटोकेगा नहीं. आप अपनी लाइफ खुल कर जी सकेंगी.
  • बौयफ्रैंड से देर रात तक चैट या बात करने से छुटकारा मिलता है. आप जब चाहें जागें और जब चाहे सोएं.
  • अपनेआप को जानने का मौका मिलेगा. आप के पास इतना समय होगा कि आप अपने लक्ष्य, अपनी पर्सनैलिटी, कमजोरी व स्टै्रंथ को पहचान पाएंगी. इस से आप को एक नई राह मिलेगी.
  • सिंगल रहने पर आप को कोई झूठ या बहाना नहीं मारना पड़ेगा. इस से आप का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा. हिम्मत आएगी और आप का फोकस सिर्फ आप के कैरियर और परिवार पर ही रहेगा.
  • आप हमेशा बिजी नहीं रहेंगे. इस से आप ज्यादा से ज्यादा बाहर जा कर अपने दोस्तों व परिचितों से मिल पाएंगे और सोशल बनेंगे.

सिंगल रहने के वैज्ञानिक तर्क

हैल्दी हार्ट

जनरल औफ मैरिज ऐंड फैमिली 2006 में प्रकाशित एक खबर के अनुसार, ‘‘9 हजार मध्यम आयुवर्ग के वयस्कों पर एक रिसर्च की गई जिस में पाया गया कि कुंआरे लोगों को सब से कम दिल की बीमारियां होती हैं.’’

बौडी फिट तो आप हिट

अमेरिकी जनरल औफ प्रिवैनटेटिव मैडिसन में हुए शोध के मुताबिक 13 हजार पुरुषों और महिलाओं पर जिन की उम्र 18 से 64 वर्ष के बीच है, एक सर्वे हुआ. सर्वे के नतीजों से पता चला कि जिन की शादी नहीं हुई वे अपने काम में फिट रहते हैं और उन की बौडी भी आकर्षक दिखती है.

समझौता नहीं करना पड़ेगा

मनोवैज्ञानिक और ऐजिंग की प्रकाशित 1,649 लोगों पर हुई स्टडी के अनुसार, ‘सिंगल लोगों को कम समझौते करने पड़ते हैं, जिन की वैवाहिक जिंदगी अच्छी नहीं चलती, उन्हें तमाम समझौते करने पड़ते हैं व तनाव से गुजरना पड़ता है और उन की उम्र भी अधिक लगने लगती है.’

बौलीवुड सैलिब्रिटीज की बात

हम अकसर फिल्में देख कर ऐक्टर व ऐक्ट्रैस के स्टाइल को कौपी करते हैं, लेकिन उन की लाइफ को नजरअंदाज कर देते हैं. आइए, जानें वह सिंगल रह कर अपनी लाइफ किस तरह ऐंजौय कर रहे हैं : बौलीवुड स्टार सलमान खान का कहना है, ‘‘मैं सिंगल ही ठीक हूं. डबल रह कर मुझे मुसीबत नहीं लेनी.’’ यह सिंगल रहने वाली बात सलमान खान ने ‘प्रेम रतन धन पायो’ फिल्म के प्रमोशन के दौरान एक इंटरव्यू में कही थी. ऐक्ट्रैस अदिति राव हैदरी ने भी एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि मुझे सिंगल रह कर अपनी लाइफ को ऐंजौय करना ज्यादा पसंद है इसलिए फिलहाल मेरा शादी का कोई प्लान नहीं है. ऐक्ट्रैस बिपाशा बसु का ही उदाहरण लें. अपने सीरियस रिलेशनशिप से बे्रकअप के बाद फिल्मों में जल्द मूवऔन करने की उन की कोशिश भी काबिलेतारीफ है. वे अब अपनी लाइफ को अधिक ऐंजौय कर पा रही हैं. हालांकि अब उन्होंने शादी कर ली है.

अभिनेता रितिक रोशन पत्नी सुजैन से तलाक के बाद सिंगल हैं. वैसे रितिक और सुजैन अब अपनी लाइफ को ज्यादा खुल कर ऐंजौय कर रहे हैं. शायद सिंगल रहने वाली बात दोनों को देर से समझ आई. घुटघुट कर जीने से बेहतर है कि अकेले रहें और अपनी लाइफ को अपने अनुसार चलाएं.

 

सेक्स में तन के साथ जरूरी है मन की तंदुरुस्ती

सेक्स पतिपत्नी के रिश्ते को मजबूत बनाता है, यह हम सभी जानते हैं. मगर सफल सेक्स के लिए स्वस्थ शरीर के साथसाथ मन का स्वस्थ होना भी बहुत जरूरी है. आज हम आपको बताऐंगे सेक्स में कब कब नाकामी मिलती है, और सेक्स में नाकामी मिलना एक पुरुष के लिए काफी गंभीर बात हो सकती है.

  • शिथिलता : सेक्स की इच्छा होने पर पुरुष इंद्रिय की ओर रक्तसंचार का प्रभाव बढ़ता है, जिस से इंद्रिय में उत्थान और कठोरता आती है. यदि आप का पार्टनर भय, चिंता, तनाव से परेशान हो तो इंद्रिय की कठोरता समाप्त या फिर कम हो जाती है. ऐसे पतियों को मानसिक रूप से नपुंसक कहा जाता है.
  • मानसिक तनाव : सेक्स में नाकामी का एक कारण मानसिक भी है. इंद्रिय उत्थान नर्वस स्टिम्युलेशन पर आधारित होता है. जब संवेदना नहीं मिलती है तब उत्थान का अभाव होता है. सेक्स की प्रबल इच्छा होते हुए भी पति इंद्रिय शिथिलता के कारण सेक्स करने में असमर्थ होता है.
  • तीखे, गरम, खट्टे का अधिक सेवन : तीखी, खट्टीमीठी, गरम चीजों का अधिक सेवन करने से वीर्य विकृत हो जाता है. परिणामस्वरूप पतिपत्नी सेक्स का पूरी तरह से आनंद नहीं उठा पाते हैं.
  • प्रजनन अंग में रोग : प्रजनन अंग का रोग भी इंद्रिय उत्थान क्रिया में बाधा डालता है, जिस से पतिपत्नी दोनों ही सेक्स को ऐंजौय नहीं कर पाते हैं. कई बार पति के अंग में चोट लगने से भी उत्थान नहीं हो पाता है. इस के अलावा कई बार मन और शरीर दोनों का कामावेग से उत्तेजित होने पर सहवास क्रिया में प्रवृत्त होने पर पति अतिशीघ्र स्खलित हो जाता है.
  • पत्नी के सहयोग का अभाव : यदि पत्नी सहवास के दौरान पति को पूर्णरूप से सहयोग नहीं करती है या फिर अपने सजनेसंवरने अथवा शरीर की साफसफाई का ध्यान नहीं रखती है तो इस से भी पति के मन में सेक्स के प्रति अरुचि पैदा हो जाती है.
  • गैरजरूरी नियम बनाना : कई बार संबंध बनाने के दौरान पत्नी कुछ गैरजरूरी नियम बना लेती है जैसे लाइट औफ न करना, नए तरीके आजमाने के लिए मना करना, जल्दी करो की रट लगाना आदि से भी संबंध बनाने में नाकामी का सामना करना पड़ता है.
  • कभी पहल न करना : परिणय संबंध के लिए पत्नी द्वारा हमेशा पति की ही बाट जोहना, खुद कभी पहल न करना भी पति को अच्छा नहीं लगता है. पति भी चाहता है कि पत्नी भी पहल करे.
  • उत्साह की कमी : सहवास के दौरान पतिपत्नी दोनों को उत्साह के साथ हंसतेबोलते, चुहलबाजी करते हुए सहयोग करना चाहिए. यदि पत्नी ऐसा नहीं करती, तो पति को लगता है कि पत्नी केवल औपचारिकता निभा रही है.
  • और्गेज्म की परवाह न करना : जिस तरह पत्नी चाहती है कि वह सेक्स में पति को पूरी तरह संतुष्ट कर सके, ठीक उसी तरह पति भी चाहता है कि वह पत्नी को पूर्णरूप से संतुष्ट कर सके, मगर यह तभी संभव हो सकता है जब दोनों ही मानसिक व शारीरिक रूप से एकदूसरे से जुड़ कर सेक्स का आनंद लें.
  • इम्युनिटी बढ़ाता है : सेक्स पूरे शरीर को प्रभावित करता है. यह दिलदिमाग के साथसाथ रोगप्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है.
  • जकड़न से छुटकारा : यदि पति या पत्नी स्टिफनेस की समस्या से परेशान रहते हों तो सहवास क्रिया उन की मदद करेगी. दरअसल, यह एक ऐसी क्रिया है, जिस से शरीर की सभी मसल्स की एक्सरसाइज हो जाती है, स्टिफनेस जैसी तकलीफ से भी छुटकारा मिलता है. कोलेस्टेराल नियंत्रित रहता है, रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, सर्दीजुकाम की समस्या कम होती है.
  • पेनकिलर है : शरीर के किसी भी हिस्से में दर्द हो तो सेक्स से परहेज न करें, क्योंकि सेक्स करने से दर्द से राहत मिलेगी. यह तनाव भी दूर करता है.
  • खूबसूरती : यदि पतिपत्नी दोनों ही खुल कर सेक्स सुख को अपनाते हैं, तो इस से उन की खूबसूरती ही नहीं बढ़ती, अपितु उम्र भी बढ़ती है.

सेक्स की कमजोरी में टेस्टोस्टेरान का प्रयोग किया जाता है. यानी पुरुष हारमोन से इलाज किया जाता है. यह उन रोगियों के लिए ही उपयोगी सिद्ध होता है, जिन के शरीर में सचमुच कामोत्तेजना की कमी होती है. इस तरह सेक्स की नाकामी को दूर कर के सुखद सेक्स जिंदगी जीना आज की भागमभाग वाली जिंदगी के लिए बेहद महत्त्वपूर्ण है.

मेरी बीवी पिछले 2 साल से मायके में हैं, मैं क्या करुं?

सवाल 

मैं 24 साल का एक शादीशुदा नौजवान हूं. मेरी शादी को 6 साल हो गए हैं. मेरा एक बेटा भी है. छोटी सी लड़ाई के चलते मेरी बीवी पिछले 2 साल से मायके में रह रही है. बहुत समझाने पर भी वह वापस नहीं आ रही है. मैं क्या करूं?

जवाब

आप एकदम पत्नी को समझाने के लिए उस के पीछे न पड़ें. इस से उस के भाव और बढ़ेंगे. ससुराल वालों को समझाएं कि सवाल आप की परेशानी के साथसाथ बेटे के भविष्य का?भी है. इस पर भी वह न माने तो आप उसे घर आने के लिए वकील के जरीए नोटिस दे सकते हैं.

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मेरी भाभी चाहती हैं कि मैं उनका मां बनने में साथ दूं, मैं क्या करूं?

सवाल

मैं विवाहित पुरुष हूं. विवाह को 8 वर्ष हो गए हैं. 7 साल का एक बच्चा है. मैं बच्चे व पत्नी से बहुत प्यार करता हूं. मेरी समस्या मेरी दूर के रिश्ते की भाभी को ले कर है. उन के विवाह को 10 वर्ष हो गए हैं लेकिन वे अभी तक मां बनने का सुख हासिल नहीं कर पाई हैं.

मैडिकल जांच में भाभी के पति में कमी पाई गई है. भाभी चाहती हैं कि मैं उन का साथ दूं ताकि वे मां बनने का सुख हासिल कर सकें. मुझे समझ नहीं आ रहा कि मैं क्या करूं, सलाह दें.

जवाब

आप अपने वैवाहिक जीवन में सुखी हैं तो फिर बैठे बिठाए अपने वैवाहिक जीवन को क्यों बरबाद करना चाहते हैं. आप की भाभी का मां बनने को ले कर आप से जो प्रस्ताव है वह पूरी तरह से गलत है. ऐसा करने से आप की हंसती खेलती गृहस्थी बरबाद हो जाएगी.

जहां तक भाभी के मां बनने का सवाल है उस के लिए मैडिकल औप्शन उपलब्ध है जैसे आईवीएफ. वे इस उपाय को अपना सकती हैं. इस से आप की खुशहाल गृहस्थी में भी कोई आंच नहीं आएगी और आप की भाभी मां बनने का सुख हासिल भी कर सकेंगी. आप भूल कर भी अपनी भाभी के प्रस्ताव को न स्वीकारें. इस से न केवल आप पति पत्नी के रिश्ते में दरार आएगी, बल्कि आप के अपने दूर के भाई से भी संबंध बिगड़ते देर नहीं लगेगी.

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