क्या इन 5 जगहों पर सैक्स करना है सेव

21वीं सदी में एक ओर तो लोग सेक्स को लेकर जागरुक हो रहे हैं, तो दूसरी तरफ अलग-अलग प्रयोग करने से बाज नहीं आते. ज्यादातर हमारे युवा वर्ग इसे फैंटसी समझते हैं और इसलिए सेक्स को लेकर कई तरह के प्रयोग करते रहते हैं. पर आप ये नहीं जानते की इन प्रयोगों से आप ई. कोलाई जैसी बीमारी को न्यौता दे रहे हैं.

फेकल बेक्टीरिया, नोरोवॉयरस और एमआरएसए कुछ ऐसी गंदगी हैं जो भीड़भाड़ वाले इलाके में जमे रहते हैं और आपके शरीर के संपर्क में आते ही आपके लिए खतरनाक साबित होते हैं. इसी संदर्भ में एरीजोना विश्वविद्यालय के अणुजीव वैज्ञानिक चार्ल्स गर्बा (पीएच.डी) ने ऐसे 5 जगहों के बारे में बताया है जिनसे आज आपको हम अवगत कराएंगे.

हवाई जहाज के बाथरूम

चार्ल्स गर्बा के मुताबिक छोटे से हवाई जहाज के बाथरूम बीमारी फैलाने के बहुत बड़े दोषी हैं. करीब 100 से भी ज्यादा लोग बिना सफाई हुए एक बार में बाथरूम इस्तेमाल करते हैं और कई लोग तो अपने हाथ भी नहीं धोते हैं. इसलिए हवाई जहाज के बाथरूम में ई.कोलाई का पाया जाना कोई आश्चर्यजनक बात नहीं है.

जिम का लौकर रूम

एमआरएसए, स्ट्रेप, नोरोवॉयरस, रिंगवार्म ऐसे बेक्टीरिया हैं जो जिम के लॉकर रूम के गर्म और नम वातावरण में आसानी से पनपते हैं. इसलिए कभी भी जिम के लॉकर रूम में नंगे पांव नहीं घूमना चाहिए वर्ना आप किसी संक्रामक बीमारी से ग्रसित हो सकते हैं.

सिनेमा हौल

सिनेमा हौल के गंदे फ्लोर को अगर आप वार्निंग के तौर पर नहीं ले रहे हैं तो गर्बा आपको बताना चाहते हैं कि सिनेमा हॉल की सीट और हैंडरेल कभी-कभार ही साफ होते हैं इसलिए इनपर बेक्टीरिया का पाया जाना बहुत ही कॉमन बात है. इनके नमूने को टेस्ट करने पर स्टैफ डिटेक्ट किया गया है. जब भी लाइट डिम हो एक-दूसरे के करीब जाने से बचें.

प्लेग्राउंड और पार्क

क्या आपने कभी प्लेग्राउंड या पार्क में लगे झूलों को साफ होते देखा है. नहीं, शायद ही कभी हममें से किसी ने ये होते हुए देखा हो. गर्बा के मुताबिक कोल्ड और फ्लू के कीटाणु के साथ ही मनुष्य और जानवरों के मल भी पूरे पार्क के आसपास पाए जाते हैं. इसलिए अगली बार स्विंग से नीचे आने से पहले आप ये ज़रूर याद कर लें कि आपसे पहले वहां करीब 20 से भी ज्यादा बच्चों ने अपनी नाक पोछी होगी.

समुद्री बीच

बीच पर कचड़ा, नाला, चिड़ियों के मल औऱ फन संबंधी कई चीजें बिखरे हुए मिलेंगे जो कि बीच के बालू को गंदा बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते. अध्ययन से पता चला है कि ये सतह पानी से भी खतरनाक होता है जिससे डायरिया, इंफेक्शन या रैसेस हो सकता है. इनके साथ ही आपको ये नहीं भूलना चाहिए कि बीच पर आपको टिक का भी खतरा हो सकता है जो आपके निचले हिस्से से आपके शरीर पर पहुंच सकता है और लाइम डिजीज से प्रभावित हो सकते हैं.

मकान मालिक की पत्नी मेरे साथ रिश्ता बनाना चाहती है, मैं क्या करूं?

सवाल-

मैं दिल्ली में किराए के मकान में रहता हूं और बीए की तैयारी कर रहा हूं. मेरे मकान मालिक का किसी दूसरी औरत के साथ नाजायज रिश्ता है, ऐसा उस की पत्नी मु झे बताती है. वह अपने पति को सबक सिखाने के लिए मेरे साथ रिश्ता बनाना चाहती है. वह औरत भरेपूरे बदन की है. उसे देख कर मेरा भी ईमान डगमगाने लगता है. मैं क्या करूं?

जवाब-

अपने ईमान को काबू में रखें. आप के मांबाप ने दिल्ली में आप को पढ़ने के लिए भेजा है, भरेपूरे बदन का नाप लेने नहीं. अगर सबकुछ बिना किसी अड़ंगे के हो जाए तो अपनी ख्वाहिश पूरी कर लें, वरना ऐसे मामलों में कई बार लेने के देने भी पड़ जाते हैं, खासतौर से छात्रों का तो कैरियर बरबाद हो जाता है.

मुमकिन है कि आप की मकान मालकिन आप को हासिल करने के लिए पति के बाबत  झूठ बोल रही हो और इस के लिए वह आप के लिए अभी कुछ भी करने को तैयार हो सकती है. अब यह आप के सब्र और सम झ के ऊपर है कि आप हालात का फायदा कैसे उठाते हैं, भरेपूरे बदन के साथ कुछ और भी हासिल कर पाते हैं.

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क्या इमोजी बता सकते है कि आपकी दिमाग में है कितना सैक्स

आज के जमाने में वौट्सऐप, फेसबुक या किसी अन्य मेसेजिंग सर्विस के जरिये हम दोस्तों को न सिर्फ संदेश भेजते हैं बल्कि इमोजी भी लगाकर अपनी अपनी भावना प्रकट करते हैं. एक नये रिसर्च के मुताबिक आप मेसेज में कितने इमोजी इस्तेमाल करते हैं ये बता सकता है कि आप सैक्स के बारे में कितना सोचते हैं.

रिसर्च के अनुसार अगर आप कोई भी टेक्स्ट बिना इमोजी (emoji) के नहीं भेजते हैं तो सैक्स आपके दिमाग पर कुछ ज़्यादा हावी हो सकता है. हम आपको बता रहे हैं रिसर्च कैसे किया गया और कैसे निष्कर्ष निकाले गये.

डेटिंग वेबसाइट मैच डौट कौम ने किया है रिसर्च

ये रिसर्च डेटिंग वेबसाइट मैच डौट कौम ने किया है. इसके रिसर्च के मुताबिक वे लोग, जो अपने लगभग हर टेक्स्ट मेसेज में इमोजी का इस्तेमाल करते हैं, उनके दिमाग में ज्यादातर वक्त सैक्स की बातें भरी रहती हैं.

रिसर्च का अहम हिस्सा रही हेलेन फिशर ने बताया कि इमोजी इस्तेमाल करने वाले न केवल अधिक सैक्स करते हैं बल्कि डेट्स खूब करते हैं. इनकी शादी की संभावना भी इमोजी का इस्तेमाल कम या बिल्कुल नहीं करने वाले लोगों की तुलना में दोगुनी होती है.

इन लोगों पर हुआ रिसर्च

25 देशों में 8 अलग-अलग भाषाओं में काम कर रही इस वेबसाइट ने इसके पहले भी एक रिसर्च किया था. इस रिसर्च के मुताबिक सर्वे में शामिल आधे से भी ज़्यादा महिला और पुरुष फ्लर्ट करते समय ‘विंक’ इमोजी का इस्तेमाल करते थे. शोध में यह भी पाया गया कि इस तरह की बातचीत में दूसरी सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली प्रचलित इमोजी ‘स्माइली’ थी.

5000 लोगों पर हुए इस रिसर्च में 36 से 40 प्रतिशत लोग ऐसे थे, जो हर मेसेज में एक से अधिक इमोजी का इस्तेमाल करते थे. पाया गया कि ये लोग दिन में कई बार सेक्स के बारे में सोचते थे. वहीं, जो लोग सेक्स के बारे में कभी नहीं सोचते थे, उनके मेसेज में इमोजी का इस्तेमाल ना के बराबर था.

वहीं कई लोग ऐसे भी थे जो सैक्स के बारे में दिन में बस एक बार सोचते थे और इमोजी का इस्तेमाल तो करते थे लेकिन हर मेसेज में नहीं. इस शोध के मुताबिक इस रिसर्च में शामिल 54 प्रतिशत लोग, जो अपने मैसेज में इमोजी का इस्तेमाल करते थे, उन 31 प्रतिशत लोगों की तुलना में अधिक सैक्स करते थे जो इमोजी का इस्तेमाल नहीं किया करते थे.

वहीं एक दूसरी वेबसाइट (DrEd.com) के हाल ही के रिसर्च के अनुसार सेक्शुअली चार्ज्ड इमोजी के तौर पर केले से ज्यादा बैंगन वाली इमोजी का इस्तेमाल किया जाता है. अगर लिंग आधारित आंकड़ों पर गौर फरमाएं तो महिलाएं केले वाली इमोजी का इस्तेमाल ज्यादा करती हैं और पुरुष बैंगन वाली इमोजी का. वहीं जब बात रोमांस की आती है तो दिल बनी आंखों वाली इमोजी सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाती है.

होटल में सैक्स से मिलता है चरम सुख

पार्टनर के बीच प्यार,बातें और हर चीज शेयर हो लेकिन शारिरीक सुख न हो तो पार्टनर एक दूसरे से परेशान होने लगते है. दो पार्टनर के लिए ये जरूरी है कि उन्हे सैक्स का आनंद जरुर मिले. जिसके लिए वे कभी या कभी गार्डन या होटलों में सैक्स करना पसंद करते है लेकिन कहां कब ज्यादा सुख मिल सकता है इस बात की जानकारी इस आर्टिकल में देंगे.

जी हां, सुनकर आपको हैरानी हो लेंकिन पार्ट्नर्स को सैक्स का सुख होटल के कमरे में मिलता है. अक्सर लोग महसूस करते हैं कि होटल के कमरे में अपने साथी के साथ बनाया गया सैक्स संबंध घर के बेडरूम की तुलना में ज्यादा आनंददायक और संतुष्टि भरा होता है. यह किसी एक या दो व्यक्ति की सोच नहीं है, बल्कि 11 देशों में 2,200 लोगों पर किए गए शोध के दौरान यह बात सामने आई थी.

निष्कर्ष के मुताबिक, अधिकांश लोगों का जवाब था कि होटल में बनाए गए सेक्सुअल रिलेशन की अवधि घर की अपेक्षा काफी ज्यादा लगभग 25 से 49 मिनट के बीच रही. और यही नहीं, तीन में से एक के मुताबिक, घर की तुलना में होटल में सैक्स के दौरान उन्हें चरम सुख मिला.

इस शोध में कनाडा और ओस्ट्रेलियाई लोगों का पता चला कि वे घर से ज्यादा होटल में सैक्स रिलेशन बनाना पसंद करते है. उनकी सैक्स पावर भी घर के रुम से ज्यादा लिमिटेड टाइम पर होती है. जिससे वे सैक्स का भरपूर आनंद ले पाते ैहै.

ऐसा भारत देश में भी है ज्वाइंट फैमिली, सिंगल फैमिली होते है औरत और मर्द संबंध बनाने के लिए रात को इंतजार करते है और एक समय निधारित करते है इससे आप एक कंट्रोल में आ जाते है जबकि सैक्स एक प्राकृतिक एनर्जी की तरह काम करती है जो किसी भी वक्त हो सकती है.

घर का माहौल ही पारिवारिक होता है जहां बच्चा बूढ़ा सभी होते है तो सैक्स का अच्छा समय बाहर रूमे में करना होता है. इससे सैक्स में फोकस भी बना रहता है और आप अपने पार्टनर के साथ अच्छे से सैक्स भी कर सकते है. इससे आपको सैक्स में सुख मिलेगा और सैक्स के बाद होने वाली खुशी भी मिलेंगी. इसके साथ ही आप कुछ रोमांटिक पोज भी ट्राएं कर सकते है.

  • बटरफ्लाई सैक्स पोजीशन
  • डौगी स्टाइल
  • स्टैंडिंग अप

होटल का माहौल

सैक्स ड्राइव का मजा लेने के लिए होटल का माहौल बहुत ज्यादा मायने रखता है. आरामदायक बिस्तर , धीमी सी लाइट किसी को भी उत्साहित करने के लिए काफी है. होटल के कमरे में मिनीबार वहां का एक और आकर्षण हो सकता है जो आपके प्रवास के दौरान यौन कामेच्छा को बढ़ाएगा.

महिलाओं और पुरुषों के ये अंग छुने से सैक्स में होते है उत्तेजित

सेक्स सभी के जीवन का एक महत्पूर्ण हिस्सा है. लेकिन इसको करने के तरीके अलग-अलग होते हैं. अक्सर देखा जाता है कि सेक्स के दौरान महिला को उत्तेजित होने में अधिक समय लगता है. वहीं दूसरी ओर पुरुष साथी जल्द उत्तेजित हो जाते हैं. ऐसे में महिलाएं सेक्स का पूरा आनंद नहीं उठा पाती हैं. लेकिन व्यक्ति के शरीर में कुछ अंग ऐसे होते हैं, जहां पर छूने से शरीर में उत्तेजना शुरू हो जाती है.

महिलाओं को उत्तेजित करने के लिए पुरुष फोरप्ले आदि तरीकों को सहारा लेते हैं. यदि पुरुषों के द्वारा फोरप्ले करते समय इन अंगों पर ध्यान दिया जाए, तो महिलाएं जल्द ही उत्तेजना के शिखर पर पहुंचकर और्गेज्म और चरम सुख को पा लेती हैं. उत्तेजना करने वाले यह अंग महिला व पुरुषों में दोनों में होते हैं. आगे आपको इन्हीं अंगों के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है.

  1. उत्तेजित करने वाले अंग का क्या मतलब है

सेक्स से पूर्व महिलाओं व पुरुषों में उत्तेजना होती है. उत्तेजना के आधार पर ही महिला और पुरुष सेक्स के आनंद को ले पाते है. जब महिला और पुरुष सेक्स के लिए शारीरिक और मानसिक रुप से तैयार होते हैं तो उन दोनों के शरीर में उत्तेजना होना शुरु हो जाती है. आपको बता दें कि व्यक्ति के शरीर के कुछ अंग ऐसे भी होते हैं जिनको छूने या सहलाने मात्र से शरीर में उत्तेजना शुरु हो जाती है.

महिलाओं व पुरुषों के शरीर के इन अंगों के बारे में आप सभी को पता होना बेहद जरूरी है. इससे आप सभी सेक्स के आनंद को पूरी तरह से महसूस कर पाएंगे. तो आइये जानते हैं, महिलाओं व पुरुषों के इन विशेष अंगों के बारे में.

2. महिलाओं को उत्तेजित करने के तरीके

महिलाओं को उत्तेजित करने के लिए फोरप्ले एक बेहतर तारीका है. सेक्स से पूर्व महिलाओं को उत्तेजित करने की क्रिया को फोरप्ले कहा जाता है. फोरप्ले के दौरान यदि आप महिला को उत्तेजित करने वाले अंगों पर ध्यान देते हैं, तो इससे आप दोनों ही सेक्स का भरपूर आनंद ले पाते हैं. तो आइये जानते हैं कि महिलाओं के शरीर में मौजूद ये कौन से अंग हैं और इनसे किस तरह से महिला को उत्तेजित किया जा सकता है.

3. महिलाओं को उत्तेजित करने के लिए करें कानों में हरकत

कान को अति संवेदनशील माना जाता है. कानों को ऐसा इसीलिए कहा जाता है, क्योंकि इनके पास से कई नसें गुजरती हैं. लड़की या महिला के कानों के पीछे किस (चुंबन) करने या इस जगह पर प्यार से हल्का काटने से वह उत्तेजित हो जाती हैं. इसके अलावा अपनी अंगुलियों को धीरे-धीरे कान के पीछे घुमाने से भी लड़की के अंदर उत्तेजना जागृत हो जाती है.

4. महिलाओं को उत्तेजित करने में गर्दन की भूमिका

आप सोच रहें होंगे गर्दन से महिलाएं कैसे उत्तेजित होती होंगी, तो आपको बता दें कि कई सर्वे इस बात को साबित कर चुकें हैं कि महिलाओं के गर्दन के पीछे किस करने से या उसको प्यार से सहलाने से, उनमें जल्द ही उत्तजेना होना शुरू हो जाती है. एक अध्ययन में इस बात का पता चला कि गर्दन पर बेहद हल्के हाथ से छूने या सहलाने से महिलाओं में उत्तेजना होने लगती है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि गर्दन की त्वचा संवेदनशील होती है.

5. होठों पर किस करने से भी महिलाएं होती हैं उत्तेजित

किस (चुंबन) को लेकर कई तरह के शोध हो चुके हैं. विशेषज्ञों ने इसके फायदे और नुकसान दोनों ही बातों को उजागर किया है. लेकिन यह बात सही है कि किस करने से प्यार बढ़ता है. इसके साथ ही रिश्ते में नजदीकियां भी बढ़ती है. अध्ययन इस बात को बताते हैं कि महिलाओं व लड़कियों के होंठ उनमें तीव्र उत्तेजना जगाने वाली जगह है. इस पर किस करने से लड़कियों व महिलाओं में उत्तेजना के स्तर में वृद्धि होती है.

6. ब्रेस्ट (स्तन) और निप्पल से जल्द उत्तेजित होती हैं महिलाएं

लड़कियों व महिलाओं के ब्रेस्ट (स्तनों) और निप्पल को छूना मर्दों को अच्छा लगता है और यह दोनों महिलाओं में उत्तेजना बढ़ाने वाले अंग माने जाते हैं. स्तनों पर किस करना और उनको प्यार से सहलाना लड़कियों के अंदर उत्तेजना बढ़ाने का काम करता है. इसके साथ ही निप्पल पर जीभ लगाना व चुबंन करना भी उत्तेजना जागृत करता है. निप्पल पर दांतों से हल्का काटना भी महिलाओं के शरीर में तेजी से प्रतिक्रिया करता है. स्तनों व निप्पल से कई नसें मस्तिष्क तक जुड़ी होती हैं जिनके छूने से मस्तिष्क को संकेत मिलना शुरु हो जाते हैं और लड़की या महिला में उत्तेजना होना शुरु हो जाती है.

7. पेट का निचला हिस्सा है उत्तेजना का केंद्र

पेट का निचला हिस्सा (Cervix) भी उत्तेजित करने वाली जगहों में शामिल हैं. योनि से ऊपर और पेट के नीचे के भाग को छूने या चुंबन करने से महिला उत्तेजति होने लगती है. योनि की कई नसें इस भाग से होकर गुजरती हैं, इन नसों से ही योनि में सक्रियता आती है. महिलाओं पर हुए अध्ययन भी इस बात को साबित कर चुकें हैं कि सेक्स से पूर्व यदि इस अंग पर पुरुषों द्वारा ध्यान दिया जाए तो महिला सेक्स में चरम आनंद को आसानी से महसूस कर पाती है. (और पढ़ें – सेक्स के दौरान ऐंठन होने का कारण)

8. भगशेफ या क्लिटोरिस को छूने से महिलाओं में होती है उत्तेजना

भगशेफ या क्लिटोरिस (Clitoris; योनि के ऊपर का उभरा हुआ भाग) महिला को उत्तेजित करने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है. कई रिसर्च इस बात को बताती हैं कि भगशेफ महिलाओं को उत्तेजित करने और उनको और्गेज्म तक आसानी से पहुंचाने का काम करता है. इस अंग पर दबाव डालने व कंपन करने से महिलाओं में उत्तेजना शुरू हो जाती है. जबकि कुछ रिसर्च यह भी कहते हैं कि इस भाग को हल्के छूने मात्र से भी महिलाओं में उत्तेजना होने लगती है.

9. योनि से होती है महिलाओं में उत्तेजना

ऐसा माना जाता है कि महिलाओं की योनि के अंदर जी-स्पौट होता है. इसको महिलाओं की पूर्ण संतुष्टि प्रदान करने वाला अंग माना जाता है. लेकिन कई विशेषज्ञ इसकी उपस्थिति को नकारते भी है. जबकि कई लोगों द्वारा महिलाओं में अधिक उत्तेजना और और्गेज्म के लिए इसे जरूरी समझा जाता है. इसके अलावा योनि के बाहरी भाग को हल्के हाथों से छूने से महिलाओं में उत्तेजना होने लगती है.

10. पुरुषों में उत्तेजना को बढ़ाने वाले अंग

जिस तरह के कुछ अंग महिलाओं की उत्तेजना को बढ़ाते हैं, ठीक उसी तरह से कई अंगों द्वारा पुरुषों की उत्तेजना के स्तर में भी बढ़ोतरी की जा सकती है. वैसे महिलाओं की अपेक्षा पुरुष जल्द ही उत्तेजित हो जाते हैं. लेकिन फिर भी महिलाओं को पुरुषों को उत्तेजित करने वाले इन अंगों के बारे में पता होना चाहिए. ऐसा इसलिए भी जरूरी है कि कभी महिलाओं का मन सेक्स करने का हुआ और पुरुष किसी वजह से इसमें शामिल नहीं होना चाहते, तो महिलाएं इन अंगों की सहायता से पुरुषों को उत्तेजित कर सकती हैं. तो आइये जानते हैं पुरुषों के इन विशेष अंगों के बारे में.

  •  कान महिलाओं की तरह ही कान पुरुषों में भी उत्तेजना बढ़ाने वाला अंग माना जाता है. पुरुषों के संवेदनशील अंगों पर चर्चा की जाए तो अंडकोष के बाद कान ही दूसरे नंबर पर उत्तेजना को बढ़ाने वाला अंग कहा जा सकता है. कान से मस्तिष्क तक कई नसें गुजरती है. इन नसों से ही मस्तिष्क तक उत्तेजना के संकेत पहुंचते हैं.
  •  किस करना –पुरुषों को उत्तेजित करने के लिए महिलाएं उनके होठों पर किस करें. किस करने के भी कई तरीके होते हैं, इसके लिए महिलाओं को साथी पुरुष के होठों पर हल्के से किस करते हुए अपने होठों को उनके होठों पर थोड़ी देर तक रखना होगा. किस करने से शरीर में कई तरह के बदलाव होना शुरू हो जाते हैं. किस करने से शरीर के अंदर ऑक्सीटोसिन नामक हार्मोन स्त्रावित होने लगता है. इस हार्मोन को प्यार की भावना को जागृत करने वाला हार्मोन कहा जाता है.
  •  निप्पल बेशक पुरुषों के निप्पल में महिलाओं के निप्पल की तरह उभार न हो, लेकिन इस अंग को बेकार समझना आपकी भूल होगी. पुरुषों के निप्पल में भी कई तरह की नसें जुड़ी होती है. कई महिलाओं को पुरुषों के इस उत्तेजित करने वाले अंग के बारे में पता भी नहीं होता, लेकिन इसको छूने और जीभ लगाने से पुरुषों में उत्तेजना तेजी से बढ़ने लगती है.
  • लिंग इस बात को अधिकतर महिलाएं जानती ही होंगी कि लिंग पुरुषों को उत्तेजित करने का एक महत्पूर्ण अंग है. इस विषय पर हुए सर्वे और रिसर्च से पता चलता है कि पुरुषों को यौन संतुष्टि के लिए लिंग से उत्तेजित किया जा सकता है. आपको बता दें कि खतना होने से पुरुषों की उत्तेजना में किसी तरह का कोई फर्क नहीं पड़ता है.
  • अंडकोष पुरुषों के जननांग के ठीक नीचे अंडकोष होते हैं. इसको छूने या सहलाने से पुरुषों में उत्तेजना का स्तर बढ़ जाता है. इसको यौन उत्तेजना व यौन संतुष्टि प्रदान करने वाला अंग माना जाता है. ऐसा इसलिए भी होता है, क्योंकि अंडकोष से पुरुषों के लिंग व सेक्स में हार्मोन व वीर्य स्त्रावित करने वाले कई अंगों की नसों का जुड़ाव होता है.

मैं डायबिटीज का मरीज हूं, मैं अपने खाने पीने पर कंट्रोल कैसे करूं?

सवाल-

मेरी उम्र 48 साल है और मैं पिछले कई साल से डायबिटीज का मरीज हूं. इस के बावजूद मेरा मन उन्हीं चीजों को खाने का ज्यादा करता है, जिन्हें डाक्टर मुझे खाने से मना करते हैं. मैं इस समस्या से कैसे छुटकारा पाऊं?

जवाब-

जब आप टाइप 2 डायबिटीज से पीडित हों तो आप जो खाते हैं, उस से आप को ब्लड शुगर को कंट्रोल करने, भूख को कम करने में मदद मिलती है और लंबे समय तक पेट के भरे होने का अहसास होता है.

डायबिटीज तब होती है, जब आप का ब्लड शुगर या ग्लूकोज लैवल सामान्य से ज्यादा होता है. कार्बोहाइड्रेट से भरपूर चीजें जैसे रोटियां, अनाज, चावल, पास्ता, फल, दूध और मिठाई की वजह से इस की बढ़ोतरी होती है. इन का ज्यादा सेवन करने से बचें.

आप के खाने में फाइबर से भरपूर प्रोटीन और कम वसा वाली चीजें होनी चाहिए. आप को हमेशा डाक्टरी सलाह ले कर कम मात्रा में ऐसा खाना चाहिए जो आप को पसंद हो.

मेरी पत्नी दूसरे मर्दों से ज्यादा हंसबोल लेती है जिससे मुझे बहुत परेशानी होती है, मैं क्या करूं?

सवाल-

मेरी उम्र 28 साल है और मैं 2 बच्चों का पिता हूं. मेरी पत्नी वैसे तो मुझ से बहुत प्यार करती है और घर को भी अच्छी तरह से संभालती है, पर वह दूसरे मर्दों से भी हंसबोल लेती है, जिस से मुझे बड़ी पीड़ा होती है. मैं उसे समझाता हूं तो वह कहती है कि मुझे उस के किरदार पर शक नहीं करना चाहिए. मैं बहुत तनाव में रहता हूं. मैं क्या करूं?

जवाब-

पराए मर्दों से हंसबोल लेना कोई गुनाह नहीं है. आप अपनी पत्नी पर बेवजह शक या गुस्सा कर रहे हैं. उसे प्यार से समझाएं कि आप को यह पसंद नहीं और इस से आप को पीड़ा होती है, तो वह मान भी सकती है. लेकिन याद रखें कि यह उस के साथ ज्यादती ही होगी.

यह अकेले आप ही की नहीं, बल्कि कई पतियों की पीड़ा है, जिन की पत्नियां दूसरे मर्दों से हंसबोल लेती हैं. हर पति अपनी पत्नी को जायदाद या चाबी वाली गुडिया समझता है, जो उस की ख्वाहिश के मुताबिक चले. इस सोच से खुद को बचा कर रख पाएं, तो आप की समस्या अपनेआप हल हो जाएगी.

कहीं आप भी सैक्स से दूर तो नहीं भाग रहे

वर्तमान में विवाहित जोड़ों के जीवन से सैक्स बाहर होता जा रहा है. यह समस्या दिनदूनी रात चौगुनी गति से बढ़ रही है, जबकि बैस्ट सेलर उपन्यास ‘हाउ टु गैट द मोस्ट आउट औफ सैक्स’ के लेखक डैविड रूबेन का कहना है, ‘‘यदि सैक्स सही है तो सब कुछ सही है और यदि यह गलत है तो कुछ भी सही नहीं हो सकता. यही कारण है कि यह सहीगलत का समीकरण बहुतों के जीवन पर हावी हो रहा है.’’

27 वर्षीय माया त्यागी के जीवन पर भी यह समीकरण हावी हो रहा है. कुछ माह पहले हुए इस विवाह ने युवा मीडिया प्रोफैशनल के जीवन में सब गड़बड़ कर दिया, क्योंकि माया का पति कार्य के प्रति पूर्णतया समर्पित है, इसलिए उन के आपसी संबंधों पर काफी गहरा प्रभाव पड़ा है. माया का पति हमेशा व्यस्त रहता है. शाम को भी घर देर से आता है और इतना थका होता है कि उस के लिए कुछ भी करना मुश्किल होता है. शादी के बाद भी उस का व्यस्त कार्यक्रम नहीं बदला.

माया कहती है,‘‘वैसे, शुरू में सैक्स ज्यादा बड़ी समस्या नहीं थी. जब भी हम साथ होते थे तो सैक्स होता था और मुझे यह जीवनशैली बुरी नहीं लगती थी. लेकिन धीरेधीरे हमारे यौन संबंधों में कुछ दिन का अंतराल आने लगा और फिर धीरेधीरे यह अंतराल बढ़ता चला गया. मेरे पति को इस बात से जैसे अब कोई मतलब नहीं रहा. अब हम मुश्किल से महीने में 1 बार सैक्स करते होंगे और वह भी आननफानन में.’’

पहली रात में अलगाव

बहुत सारे ऐसे केस हैं जहां शारीरिक समस्याएं पहली रात से ही शुरू हो जाती हैं. सुनील व रेशमा के साथ ऐसा ही हुआ. वे शादी के बंधन में बंधने से पहले ही अच्छे दोस्त बन चुके थे. उन के बीच से अजनबीपन पूरी तरह से मिट गया था. लेकिन पहली बार बिस्तर पर सैक्स करने के बाद ही उन की समस्या की शुरुआत हो गई.

29 वर्षीय सुनील उस रात प्यार की सारी सीमाएं तोड़ना चाहता था, जबकि उस की मित्र से पत्नी बनी रेशमा अपनी सुंदर दोस्ती को बरबाद नहीं होने देना चाहती थी. रेशमा के प्रतिकार की वजह से उस रात उन्होंने कुछ नहीं किया और फिर यही सामान्यतया रोज होने लगा. आदमी रोजाना जिद करे और पत्नी मना करे तो क्लेश होता ही है.

कुछ माह के बाद सुनील ने तलाक का केस दायर कर दिया. जब भी वह अलगाव का मुद्दा छेड़ता तो उस के विवाहित साथी उसे अलग होने को कहते जबकि अविवाहित साथी सुनील से कहते कि वह धैर्य रखे, उदास न हो, क्योंकि उस के पास पत्नी के रूप में एक बहुत अच्छी दोस्त है, जिस के साथ वह सब कुछ बांट सकता है और सैक्स तो वैसे भी कुछ सालों में हवा हो जाता है.

इन सब परेशानियों के होते हुए भी सुनील व रेशमा बाहर फिल्म, कला प्रदर्शनी देखने जाते, भोजन के लिए जाते. खास मौकों पर एकदूसरे को तोहफा भी देते. बल्कि रेशमा ने तो सुनील के जन्मदिन व विवाह की वर्षगांठ को भी बड़े अच्छे तरीके से मनाया. अब 3 साल बाद दोनों के रिश्ते में सैक्स भी है और प्यार भी.

सुनील का कहना है ,‘‘मैं रेशमा के साथ खुश हूं. वह एक बहुत अच्छी दोस्त है. मैं उसे औफिस में क्या हुआ से ले कर मां से लड़ाई तक सब कुछ बता सकता हूं. यद्यपि शुरू में हमारे बीच लड़ाई होती थी. मैं उस के साथ सैक्स करना चाहता था, परंतु वह कहती थी कि दोस्ती और सैक्स हमेशा साथ नहीं चल सकते. तब मेरी मरजी थी. हम में से किसी का विवाहेतर संबंध नहीं था, परंतु स्वयं आनंद भी अनदेखा नहीं किया जा सकता.’’

सैक्स में कमी क्यों

आज सैक्स शहरीकरण की बहुत बड़ी समस्या है. विशेषज्ञ शहरी जोड़ों में सैक्स से दूरी के अलगअलग कारण बताते हैं. कुछ जोड़ों की डबल इनकम, आलीशान जीवनशैली, उच्च वेतन वाली नौकरियां, ब्रैंड लेबल आदि सब सैक्स की कमी के लिए जिम्मेदार हैं. उच्च आय वाले कामकाजी जोड़े अपने बैडरूम से ज्यादा समय अपने औफिस में बिताते हैं. उन का व्यस्त जीवन सैक्स के लिए जगह नहीं छोड़ता और फिर वे कोशिश करने में भी पीछे रह जाते हैं. हर चीज से मिलने वाली तुरंत संतुष्टि एक आदत बन जाती है.

डा. मन्नु भोंसले का कहना है कि आज के युवा जोड़ों के पास अपने साथी को यौन संतुष्टि प्रदान करने के लिए समय का अभाव होता है तथा घंटों काम करने से होने वाली शारीरिक थकान उन्हें सैक्स से दूर करती है, नशा भी सैक्स से दूरी बढ़ाता है. पत्नी की सैक्स में रुचिहीनता भी एक कारण है, क्योंकि ज्यादातर पुरुष औनलाइन सैक्स व खुद आनंद के आदि हो जाते हैं. ध्यान रखें सैक्स पतिपत्नी के लिए एकदूसरे के करीब आने का जरूरी माध्यम है. इसे नजरअंदाज करना दोनों के अलगाव का कारण बन सकता है.

शादी की पहली रात ये 7 चीजें करते हैं दूल्हा-दुल्हन

शादी से पहले हर लड़का-लड़की अपनी पहली सुहागरात के बारे में काफी कुछ सोचते हैं. उन्‍हें अपनी शादी से जितनी ज्‍यादा उम्मीदें होती हैं उतनी ही पहली रात के बारे में सोच कर घबराहट भी होती है. पहली रात का मतलब केवल यही नहीं होता कि अपने नए नवेले पति या पत्‍नी के साथ हमबिस्‍तर हो कर गुजारेंगे. अगर आप लोगों के मन में भी यही विचार आतें हैं, तो हम आपको बता दें, कि जरुरी नहीं है कि सबकी सुहागरात ऐसे ही गुजरे.

वे लोग जो शादी से अभी कोसों दूरी पर हैं, उनके मन में सुहागरात के बारे में कई विचार आते हैं. आज हम आपका इंतजार यहीं पर खत्म करते हैं क्‍योंकि हम आपको बताने जा रहें हैं कि भारतीय शादियों में वर-वधु शादी की अपनी पहली रात को क्या करते हैं.

1. थकान की वजह से सो जाते हैं

हमारे भारतीय समाज में शादी के बहुत सारे विधि विधान होते हैं और यह सब ज्यादातर वर-वधू ही करते हैं. जिन्हें करते-करते वे इतना थक जाते हैं कि अपने कमरे में पहुँचते ही वे सोने की तैयारी करते हैं.

2. शादी के कपड़ों और सामान से निजात पाना

शादी के कपड़े काफी भारी होते हैं, फिर चाहे वह लड़के की शेरवानी हो या लड़की का लहंगा. वे दोनों ही यह कपडे काफी देर तक पहने रहते हैं. इसलिए वे जैसे ही अपने कमरे में पहुँचते हैं, तो सब कुछ उतारने लग जाते हैं. लड़के के लिए तो आसान है लेकिन लड़की को सिर्फ अपना लहंगा या गहने ही नहीं उतारने पड़ते हैं, बल्कि उसके जूड़े में लगी ढेर सारी पिन भी निकलनी पड़ती हैं जिसमें लड़का भी मदद करता है.

3. दोस्‍तों और रिश्‍तेदारों की मजाक मस्‍ती से निपटना

हर नव वर वधू को दोस्तों और चचेरे भाई बहनो के कुछ अनचाहे मज़ाक झेलने पड़ते हैं, जैसे आधी रात फोन करना, घड़ी का अलार्म बजाना और दरवाजा खटखटाना. यह सब पूरी रात चलता रहता है.

4. दिल खोल कर बातें करना

जैसे जैसे शादी का दिन नज़दीक आता है, दोनों लड़का और लड़की अपनी-अपनी तैयारियों में इतना मशरूफ हो जाते हैं, कि उन्हें एक दूसरे से बात भी करने का समय नहीं मिलता है. इसलिए यह देखा गया है कि शादी की पहली रात को दोनों एक दूसरे से दिल खोल कर बात करतें हैं.

5. दुल्हन के उपहारों को खोलना

थोड़ी आश्चर्य की बात तो है लेकिन हैं सच है कि दुल्हन अपने पति के लिए बहुत सारे उपहार लती है और उन्हें दिखने के लिए वे दोनों शादी की पहली रात सारे ही सरे गिफ्ट्स खोल कर देखते हैं.

6. शादी के बारे में बात करते हैं

इतना लंबा समय बिताने के बाद शादी की पहली रात को दोनों अकेले एक साथ होते हैं, और शादी के दुरान गुज़ारे अच्छे पालों को याद करते हैं. एक दूसरे के करीब आने के बजाये वे उन पलों के बारे में बात करते हैं.

7. सेक्स के बारे में सोचना

जो वर वधू शादी की पहली रात को कुछ अनचाहे कारणों से एक दूसरे के करीब ना आ सके, वे आराम से शर्माते हुए सो जाते हैं. अपनी अगली सुबह के इंतज़ार में.

आखिर लड़कों से क्यों नहीं पूछी जाती वर्जिनिटी

हर युवक या बौयफ्रैंड अपने लिए वर्जिन युवती या गर्लफ्रैंड ही चाहता है. भले ही वह खुद कितनी ही युवतियों की वर्जिनिटी भंग कर चुका हो. साथ ही यह माना जाता है कि यदि युवती वर्जिन है तो ही वह चरित्रवान है, लेकिन युवक के लिए ऐसी कोई शर्त ही नहीं है. उसे तो हमेशा ही वर्जिन माना गया है. आखिर वर्जिनिटी क्या है? युवक क्यों देते हैं इसे इतनी अहमियत? इस का युवती के चरित्र से क्या संबंध? ऐसे बहुत सारे सवालों के जवाब और गलतफहमियों को समझने की जरूरत है.

पिछले साल की बहुचर्चित फिल्म ‘पिंक’ में जब वकील कोर्ट में खुलेआम तापसी पन्नू के किरदार से सवाल करता है कि उस की वर्जिनिटी कब खोई थी, तो वहां सन्नाटा पसर जाता है. भारत में युवकयुवती का फर्क सिर्फ लिंगभेद तक ही सीमित नहीं रहता  बल्कि वर्जिनिटी के सवाल को ले कर भी है.

सेक्स और वर्जिनिटी

गर्लफ्रैंड जब अपने बौयफ्रैंड से मिलती है तो जाहिर है कि आज की जनरेशन सेक्स से परहेज नहीं करती. इसलिए दोनों में उन्मुक्त सेक्स होता है और पारंपरिक रोमांस भी, जब तक दोनों का अफेयर चलता है, कायदे से दोनों ही अपनी वर्जिनिटी खो चुके होते हैं.

बौयफ्रैंड चाहे कितनी ही बार सेक्स कर ले, कितनी ही युवतियों का दिल तोड़े, उस से कभी उस की वर्जिनिटी को ले कर सवाल नहीं पूछा जाता. युवती की शादी में भी कई सवाल पूछे जाते हैं, लेकिन युवक वर्जिन है या नहीं, इस सवाल को कोई नहीं उठाता. वहीं युवती का हर दूसरा बौयफ्रैंड यही उम्मीद रखता है कि उस की गर्लफ्रैंड वर्जिन हो यानी उस ने किसी के साथ सेक्स न किया हो. भले ही युवक ने अपनी ऐक्स गर्लफ्रैंड के साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए हों पर युवती उसे वर्जिन चाहिए.

युवक भी वर्जिन होते हैं

कालेज और क्लास में अकसर स्टूडैंट्स के बीच आम बहस का टौपिक होता है कि उन की गर्लफ्रैंड या क्लासमेट ने अपनी वर्जिनिटी कब खोई थी. बड़े दिलचस्प अंदाज में युवक अंदाजा लगाते हैं कि फलां युवती वर्जिन है या नहीं. अपनी गर्लफ्रैंड बनाने की पहली प्राथमिकता भी वह एक वर्जिन युवती को ही देते हैं, लेकिन वे खुद के गिरेबान में कभी झांक कर नहीं देखते कि वे वर्जिन कहां हैं?

अमिताभ बच्चन इस विषय पर अपनी राय रखते हुए कहते हैं कि अगर युवतियों से उन की वर्जिनिटी, कौमार्य या कुंआरेपन को ले कर सवाल पूछे जाते हैं तो युवकों से भी ये सवाल पूछे जाने चाहिए. इस में कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए. वे आगे कहते हैं कि अगर किसी युवती से कुछ पूछा जाता है तो उस पर सवालिया निशान लगता है जैसे उस ने कोई गलत काम कर दिया है, लेकिन जब युवकों का मामला हो तो सवाल विस्मयादिबोधक चिह्न के साथ आता है जैसे उन्होंने कोई महान काम कर दिया हो.

वर्जिनिटी टैस्ट में फेल तो…

आएदिन अखबारों में इस तरह की खबरें पढ़ने को मिल जाती हैं, जहां वर्जिनिटी टैस्ट करने के नाम पर युवती की शादी टूट जाती है या फिर उसे प्रताडि़त किया जाता है. गर्लफ्रैंड और बौयफ्रैंड के रिश्ते भी इसी बात के आधार पर टूट जाते हैं. पिछले दिनों यह खबर आई थी कि महाराष्ट्र के नासिक में एक पति ने शादी के 2 दिन बाद ही अपनी पत्नी को सिर्फ इसलिए छोड़ दिया, क्योंकि वह वर्जिनिटी टैस्ट में फेल हो गई.

इतना ही नहीं युवती वर्जिन है या नहीं इस का फैसला करने के लिए पंचायत के सदस्यों द्वारा शादीशुदा जोड़े को बिस्तर पर सफेद चादर बिछा कर सेक्स करने के लिए कहा जाता है. सेक्स के बाद अगर चादर पर खून के धब्बे नहीं मिलते, तो युवती को वर्जिन नहीं माना जाता. इस मामले में युवक ने अपनी पत्नी के वर्जिनिटी टैस्ट का प्रमाण पंचायत को सौंपा. युवक ने सुबूत के तौर पर वह चादर पंचायत के सामने पेश की. इस चादर पर खून के धब्बे न होने पर पंचायत के सदस्यों ने पति को शादी खत्म करने की अनुमति दे दी.

वर्जिन टैस्ट और भ्रम

आम धारणा है कि जिस युवती ने पहली बार सेक्स कर लिया उस की फीमेल रिप्रोडक्टिव और्गन में पाई जाने वाली हाइमन झिल्ली फट जाती है और ब्लड निकल जाता है. अगर वह झिल्ली न फटे तो उसे वर्जिन होने की निशानी माना जाता है. बस, इसी बात को ले कर गलतफहमी है कि पहली बार सेक्स करते समय गर्लफ्रैंड को ब्लीडिंग हुई तो वह वर्जिन वरना नहीं, जबकि गाइनोकोलौजिस्ट और सेक्स ऐक्सपर्ट मानते हैं कि हाइमन झिल्ली का सेक्स संबंध और वर्जिनिटी से कोई वास्ता नहीं है. 90त्न युवतियों की यह झिल्ली साइकिलिंग, घुड़सवारी, डांस या अन्य शारीरिक क्रियाओं के दौरान फट जाती है. ऐसे में यह कहना कि युवती ने सेक्स किया है, गलत है.

बौयफ्रैंड की भी वर्जिनिटी जांचें

अगर बौयफ्रैंड बातबात पर वर्जिन होने का सुबूत मांगे तो उस का भी वर्जिनिटी का परीक्षण करना चाहिए. इस से न सिर्फ उसे सबक मिलेगा बल्कि वह वर्जिन जैसी बेमतलब की बातों को दोबारा नहीं पूछेगा. लेकिन यह कैसे पता करें? यदि आप को भी बौयफ्रैंड की वर्जिनिटी चैक करनी है तो उस से सवाल करें और उस के व्यवहार को समझें. मसलन, अगर बौयफ्रैंड वर्जिन है तो आप के साथ सेक्स करने में जल्दबाजी नहीं करेगा. सेक्स के दौरान भी काफी असहज दिखेगा. पहली बार संबंध बनाते समय घबराता है या फिर वह पोजीशन नहीं जमा पाता. वह आप के साथ संबध बनाने से कतराएगा, जबकि पहले से सेक्स संबंध बना चुका बौयफ्रैंड आसानी से सेक्स करेगा. वर्जिन बौयफ्रैंड गर्लफ्रैंड से एक दूरी बना कर बात करेगा और कई बार घबराएगा भी, जबकि वर्जिनिटी खो चुका बौयफ्रैंड खुल कर गर्लफ्रैंड को टच करेगा और जबतब सेक्स करने के मौके खोजेगा.

कुल मिला कर युवकयुवती का संबंध प्रेम पर टिका हो न कि सेक्स और वर्जिनिटी के सवाल पर. वर्जिन कोई नहीं होता. किसी ने सेक्स किया होता है और कोई पोर्न फिल्में देख कर खयाली सेक्स करता है इसलिए गर्लफ्रैंडबौयफ्रैंड का रिश्ता भरोसे पर टिका हो और जो युवक युवती से उस की वर्जिनिटी को ले कर सवाल करे उसे पहले युवती को अपनी वर्जिनिटी का सुबूत देना चाहिए.

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