बचपन से कैमरे के सामने रहने के बावजूद जोया अफरोज का कैरियर आज भी ठोस पहचान के लिए जूझता दिखता है. मौडलिंग और ब्यूटी पैजेंट जीतने के बाद उन से उम्मीदें थीं, लेकिन फिल्मों में अब तक वे ऐसा किरदार नहीं दे पाईं जिसे याद रखा जाए.
बौलीवुड में कई ऐसे चेहरे आते हैं जो बचपन से ही कैमरे के सामने रहते हैं. लोग मान लेते हैं कि ऐसे कलाकारों के लिए आगे का रास्ता आसान होगा. जोया अफरोज भी उन्हीं में से एक हैं. उन्होंने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट अपने कैरियर की शुरुआत की थी, मौडलिंग की दुनिया में नाम कमाया, ब्यूटी पैजेंट जीते. इस के बावजूद उन का फिल्मी कैरियर आज भी एक ठोस पहचान की तलाश में नजर आता है.
चाइल्ड आर्टिस्ट से मौडलिंग तक
अभिनेत्री जोया अफरोज ने बहुत कम उम्र में फिल्मों और विज्ञापनों में काम किया. ‘हम साथसाथ हैं’, ‘मन’, ‘कुछ न कहो’ जैसी फिल्में और ‘सोनपरी’ जैसे शोज में बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट नजर आईं.
17 साल की उम्र में जोया ने पंजाबी मूवी ‘साडी गली आया करो’ से डैब्यू किया, जो 2012 में रिलीज हुई थी. फिर 2014 में ‘द एक्सपोज’ से बौलीवुड में कदम रखा जोकि बौक्स औफिस पर पिट गई थी. बाद में उन्होंने साउथ फिल्म इंडस्ट्री का भी रुख किया.
मौडल भी हैं जोया
जोया किंगफिशर के कैलेंडर पर 2020 में बतौर मौडल दिखीं. इस से पहले उन्होंने 18 साल की उम्र में फेमिना मिस इंदौर 2013 में हिस्सा लिया था और यह टाइटल अपने नाम किया. फेमिना मिस इंडिया की सैकंड रनरअप रहीं. जोया मिस इंडिया इंटरनैशनल 2021 की विनर भी रह चुकी हैं.
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