Pawan Tejpratap: पवन सिंह और तेज प्रताप यादव के रिश्ते कैसे हुए खराब

Pawan Tejpratap: काजल राघवानी के पवन सिंह और तेज प्रताप यादव के रिश्ते पर पूछे गए सवाल से भोजपुरी बवाल शो में बवाल, पवन गुस्से में माइक निकालकर शो के सेट से चले गए.

भोजपुरी बवाल शो का प्रोमों रीलीज हुआ जिससे इंटरनेट पर बवाल मचा हुआ है, जिसमें भोजपुरी सिनेमा के पावर स्टार—पवन सिंह, एक्ट्रेस आम्रपाली दुबे, सुपरस्टार दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ और एक्ट्रेस काजल राघवानी के साथ बिहार के पूर्व मंत्री और जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव भी शामिल हैं, जो शो में अपने बेबाक और अनोखे अंदाज़ में नज़र आ रहे हैं.

शो में काजल राघवानी ने पवन सिंह से तेज प्रताप यादव की तरफ इशारा करते हुए पूछा आप दोनो के रिश्ते अच्छे नही चल रहे इसपर पवन अपनी सीट से खड़े हो जाते हैं,  इस नोकझोंक के दौरान वहां मौजूद तेज प्रताप यादव भी अपने तेवर दिखाते हैं। पवन गुस्से में खड़े हो जाते है, तेज प्रताप यादव कहते हैं, “चंद लोग हमारा नाम खराब करते हैं।” हालांकि, प्रोमो में यह साफ़ नहीं हुआ है कि उनका इशारा किसकी तरफ था।

बात बात में बहस बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, तो आम्रपाली दुबे, दिनेशलाल यादव निरहुआ,” अपनी सीट से उठकर निकलने लग जाते हैं। उनके जाने के बाद पवन सिंह कहते है हे माइक निकाल रे कहकर खड़े हो जाते है, और तेज प्रताप यादव भी गुस्से में सेट से उठकर बाहर चले जाते हैं।

क्या है दोनो के बीच का बवाल?

तेज प्रताप यादव और भोजपुरी स्टार पवन सिंह के बीच का विवाद काफी चर्चा में रहा है, तेज प्रताप यादव ने भोजपुरी सुपर स्टार पवन सिंह के राजनीति में आने के सामाचार से पवन सिंह के  बारे में अजीबो गरीब बयान दिया है.. उन्होंने कहा कि इन लोगों की रोजी रोटी नाचने गाने से चलती है. अगर चुनाव लड़ना चाहते हैं तो आकर लड़ें.

तेज प्रताप ने पवन सिंह के लिए कुछ विवादित बातें कही थीं. एक इंटरव्यू में तेज प्रताप यादव ने पवन सिंह पर तंज कसते हुए कहा था कि ये लोग (पवन सिंह जैसे कलाकार) नाचने-गाने वाले हैं और उनकी रोजी-रोटी नाचने-गाने से ही चलती है। उन्होंने यह भी कहा था कि वे सिर्फ कलाकार हैं और उन्हें कलाकारी करनी चाहिए पॉलिटिक्स में उन्हें नहीं आना चाहिए. तेज प्रताप ने आगे कहा था कि पवन सिंह हमेशा किसी न किसी सहारे रहते हैं और एक समय था जब वे उनके (तेज प्रताप के) पैरों में गिरे रहते थे.

बता दें कि दोनों अक्सर अपने बयानों के जरिए एक-दूसरे पर वार पलटवार करते थे, लेकिन इसके बावजूद ये दोनों पवन सिंह और तेजप्रताप यादव ओटीटी जियोहॉटस्टार, और कलर्स टीवी के रियलिटी शो ‘भोजपुरी बवाल’ में  एक साथ नजर आयेंगे. शो पूरी तरह से भोजपुरी फ्लेवर, एंटरटेनमेंट और ड्रामे से भरपूर होने वाला है.  ‘भोजपुरी बवाल’ 2 अगस्त से शुरू हो रहा है, जिसे दर्शक ओटीटी प्लेटफॉर्म जियो हॉटस्टार और कलर्स टीवी चैनल पर देख सकेंगे.

Kajal Raghawani Heartbreak:एक्ट्रेस काजल राघवानी के पिता के निधन से टूटा दुखों का पहाड़

Kajal Raghawani Heartbreak: भोजपुरी की मशहूर एक्ट्रेस काजल राघवानी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। एक्ट्रेस के पिता का निधन हो गया है। इसकी जानकारी काजल ने खुद एक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए दी है। काजल ने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में पिता को श्रद्धांजलि देते हुए उनके जाने को एक असहनीय क्षति बताया।

काजल ने बताया असहनीय क्षति
इंस्टाग्राम पर पिता के निधन के बारे में जानकारी देते हुए काजल राघवानी ने लिखा, ‘पापा आपका जाना मेरे जीवन के लिए एक असहनीय क्षति है। आपके द्वारा दिए गए संस्कार और आपकी यादें हमेशा हमारे साथ रहेंगी। भावभीनी श्रद्धांजलि!’
भोजपुरी सिनेमा की एक्ट्रेस काजल राघवानी के पिता के निधन से पूरी इंडस्ट्री और उनके फैंस गहरे सदमे में हैं। काजल ने जैसे ही सोशल मीडिया पर यह दुखद खबर साझा की, उनका पोस्ट देखते ही देखते वायरल हो गया। इस मुश्किल घड़ी में फैंस और सेलिब्रिटीज लगातार एक्ट्रेस के पिता को श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

सेलेब्स जता रहे हैं दुख
आम्रपाली दुबे, दिनेश लाल यादव निरहुआ, रिंकु घोष, देव सिंह, गीतांजली मिश्रा, मनोज सिंह, शिल्पी राज समेत कई कलाकार ने गहरा दुख जाहिर किया है। वहीं, काजल के फैंस भी लगातार कमेंट्स के जरिए उन्हें सांत्वना दे रहे हैं।

काजल राघवानी रिएलिटी शो ‘भोजपुरी बवाल’ में नजर आएंगी
काजल राघवानी भोजपुरी सिनेमा का एक बड़ा और बेहद पौपुलर चेहरा हैं, जिन्होंने इंडस्ट्री को कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं। प्रोफेशनल फ्रंट की बात करें, तो काजल जल्द ही अपकमिंग रियलिटी शो ‘भोजपुरी बवाल’ में अपने दमदार अंदाज में नजर आने वाली हैं। यह शो जियो सिनेमा और कलर्स टीवी पर स्ट्रीम किया जाएगा। यह शो 2 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। हाल ही में रिलीज हुए धमाकेदार टीज़र में काजल का बेहद बिंदास और बेबाक अंदाज देखने को मिला है। इस शो में उनके अलावा पवन सिंह, दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’, आम्रपाली दुबे और तेजप्रताप यादव जैसी बड़ी हस्तियां भी धमाल मचाती नजर आएंगी।

Sadhvi Prem Baisa Case : भक्ति से मौत तक लापरवाही का सच

Sadhvi Prem Baisa Case. राजस्थान के जोधपुर जिले के एक शांत आश्रम में उस दिन सबकुछ सामान्य था. भजन की मधुर आवाज, श्रद्धालुओं की भीड़ और आस्था से भरा माहौल. लेकिन कुछ ही घंटों में यह सुकून एक ऐसी घटना में बदल गया, जिस ने पूरे राजस्थान को झकझोर कर रख दिया.

साध्वी प्रेम बाईसा. एक ऐसा नाम, जो भक्ति और कथावाचन के जरीए हजारों लोगों के दिलों में बस चुका था. उन की आवाज में ऐसा असर था कि लोग दूरदूर से उन्हें सुनने आते थे. एक श्रद्धालु ने कहा, जब बाईसा भजन गाती थीं, तो मन को एक अलग ही शांति मिलती थी.

लेकिन इस शांति के पीछे बीते कुछ समय से एक अलग ही तनाव पनप रहा था. कुछ महीनों पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने साध्वी प्रेम बाईसा की छवि को ?ाटका दिया. आलोचना शुरू हुई. सवाल उठे. एक करीबी ने बताया, वे अंदर से टूट रही थीं, लेकिन बाहर खुद को संभालने की कोशिश करती थीं. यह मानसिक दबाव धीरेधीरे साध्वी प्रेम बाईसा की जिंदगी का हिस्सा बनता जा रहा था.

28 जनवरी का दिन. आश्रम में अचानक हलचल बढ़ गई. साध्वी प्रेम बाईसा को सांस लेने में तकलीफ होने लगी. हालात गंभीर थे. लेकिन इस समय जो फैसला लिया गया, वही आगे चल कर सब से अहम साबित हुआ.

डाक्टर को बुलाने के बजाय एक परिचित कंपाउंडर को बुलाया गया. कंपाउंडर देवी सिंह आश्रम पहुंचा. उस ने साध्वी प्रेम बाईसा की हालत देखी और उन्हें एक इंजैक्शन लगा दिया. इस के बाद दूसरा इंजैक्शन भी दिया गया. कुछ समय तक लगा कि हालत संभल रही है, लेकिन फिर अचानक हालत तेजी से बिगड़ने लगी.

एक ने बताया, इंजैक्शन के बाद थोड़ी राहत लगी थी, लेकिन फिर अचानक सांस तेज हो गई और बेचैनी बढ़ गई. हालात बिगड़ती देख कर साध्वी प्रेम बाईसा को तुरंत अस्पताल ले जाया गया. लेकिन अस्पताल पहुंचने तक बहुत देर हो चुकी थी. डाक्टरों ने बताया कि वे नहीं रहीं.

यहीं से यह मामला एक सामान्य मौत से निकल कर सवालों के घेरे में आ गया. जांच शुरू हुई तो सब से पहले इंजैक्शन पर सवाल उठे. कंपाउंडर देवी सिंह ने कहा, मैं ने डाक्टर की परची के आधार पर ही इंजैक्शन लगाया था. लेकिन जब डाक्टर से पूछा गया तो जवाब बिलकुल अलग था. डाक्टर ने साफ कहा, मैं ने कोई इंजैक्शन नहीं लिखा था.

यह विरोधाभास जांच का सब से बड़ा केंद्र बन गया. इस के साथ ही मौत की टाइमिंग को ले कर भी अलगअलग बयान सामने आए. पिता वीरमनाथ ने कहा, इंजैक्शन लगने के कुछ ही मिनट बाद हालत बिगड़ गई थी. वहीं कंपाउंडर का कहना था, मैं आश्रम से निकल गया था. करीब 20-25 मिनट बाद फोन आया कि हालत ज्यादा खराब हो गई है.

इन बयानों के अंतर ने जांच को और गंभीर बना दिया. लिहाजा, पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया. तकरीबन 46 लोगों से पूछताछ की गई. आश्रम से जुड़े लोगों, परिवार और वहां मौजूद दूसरे के बयान दर्ज किए गए. घटनास्थल से सैंपल लिए गए. सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए. मोबाइल फोन जब्त कर डिजिटल जांच शुरू की गई.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार था, लेकिन शुरुआती रिपोर्ट में मौत की वजह क्लियर नहीं हो पाया. इस के बाद विसरा जांच कराई गई. तकरीबन 18 दिनों के बाद मैडिकल बोर्ड की बड़ी रिपोर्ट सामने आई. रिपोर्ट में बताया गया कि साध्वी प्रेम बाईसा की मौत की वजह कार्डियक अरैस्ट और सांस की बीमारी थी.

पुलिस के अनुसार साध्वी प्रेम बाईसा को पहले से अस्थमा जैसी समस्या थी, लेकिन जांच में एक और अहम बात सामने आई. इंजैक्शन बिना डाक्टर की परची के लगाया गया था. यही इस पूरे मामले का सब से बड़ा लापरवाही वाला पौइंट बन कर उभरा. पुलिस कमिश्नर ने प्रैस कौन्फ्रैंस में कहा, यह एक गंभीर लापरवाही का मामला है. संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

उन्होंने यह भी बताया कि कंपाउंडर के अधिकार और उस की भूमिका की जांच की जा रही है. अब यह मामला पूरी तरह स्पष्ट दिशा में आ चुका था. हत्या की आशंका तकरीबन खत्म हो गई, लेकिन लापरवाही का एंगल बेहद मजबूत हो कर सामने आया.

इस पूरे घटनाक्रम ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए. क्या यह मौत टाली जा सकती थी? क्या समय पर डाक्टर को बुलाया जाता तो नतीजा अलग होता? क्या बिना जांच के इंजैक्शन देना एक बड़ी गलती थी?

एक स्थानीय आदमी ने कहा, छोटे शहरों और गांवों में आज भी लोग डाक्टर के बजाय जानपहचान वाले लोगों पर ज्यादा भरोसा कर लेते हैं. यही भरोसा कई बार खतरनाक साबित होता है. इस मामले में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला. इस केस में सोशल मीडिया का एंगल भी सामने आया.

साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के बाद इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट डाली गई, जिस से इस मुद्दे पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं. लेकिन पुलिस ने साफ किया, यह पोस्ट पिता के कहने पर डाली गई थी और इस के पीछे कोई दुर्भावनापूर्ण इरादा नहीं था.

इस से एक भ्रम जरूर खत्म हुआ, लेकिन इस घटना ने जो सवाल खड़े किए, वे अब भी मौजूद हैं. यह मामला सिर्फ एक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत का नहीं है. यह उस सोच का आईना है, जहां कई बार लोग चिकित्सा और विज्ञान से ज्यादा भरोसा अनुभव और अनुमान पर कर लेते हैं.

साध्वी प्रेम बाईसा की मौत हमें यही सिखाती है कि समय पर लिया गया सही फैसला जिंदगी बचा सकता है, और एक छोटी सी लापरवाही जान ले सकती है. Sadhvi Prem Baisa Case.

लेखक : राकेश खुडिया

लोगों को दीवाना बना रहा इस लड़की का डांस, देखें वीडियो

साल 2017 में रिलीज हुई फिल्म ‘मशीन’ का एक गाना ‘तू चीज बड़ी है मस्त-मस्त’ लोगों के बीच काफी मशहूर हुआ था. आपको बता दें, यह गाना 23 साल पहले आई फिल्म ‘मोहरा’ की है, जिसमें अक्षय कुमार और रवीना टंडन का डांस काफी लोकप्रिय हुआ था, आज भी लोगों के बीच इस गाने की लोकप्रियता बनी हुई है. लोगों को यह गाना इतना पसंद आया कि वे इस गाने पर अपने डांस के वीडियो बनाकर इंटरनेट पर अपलोड करने लगे. ‘मशीन’ में इसी गाने को थोड़ा नए अंदाज में पेश किया गया.

एक यूट्यूब चैनल मनप्रीत तूर  ने 2017 को एक वीडियो अपलोड किया था, जिसे अब तक इंटरनेट पर तेजी के साथ देखा जा रहा और यही वजह है कि इस वीडियो को अब तक एक करोड़ से ज्यादा बार देखा जा चुका है. वीडियो में दिए गए डिटेल के मुताबिक डांस करने वाली लड़की का नाम गुरप्रीत धालीवाल है. ‘तू चीज बड़ी है मस्त-मस्त’ गाने पर गुरप्रीत अपने पार्टनर के साथ मिलकर जबरदस्त डांस करती नजर आ रही हैं, जो इन दिनों इंटरनेट पर लोगों को दीवाना बना रहा है.

फिल्म ‘मशीन’ में  ‘तू चीज बड़ी है मस्त मस्त’ गाने को नेहा कक्कड़ और उदित नारायण ने मिलकर गाया है. इसी साल 3 अप्रैल को यूट्यूब को अपलोड किए गए इस गाने को अब तक 5 करोड़ से ज्यादा बार देखा जा चुका है.

अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिएसब्सक्राइब करें