⚲

Sexual Health : हमारी यौन कुंठा का कारण- बॉडी नहीं, बॉडी इमेज होती है

Sexual Health. आइये आपको संजना और श्वेता का किस्सा सुनाते हैं. मगर रुकिये, संजना और श्वेता न तो बहनें थीं, न घनिष्ठ सहेलियां. इन्हें तो एक-दूसरे के वजूद के बारे में भी कुछ पता नहीं था. ये तो हम इनका दो पात्रों के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं. खैर आगे बढ़ते हैं. इन दोनों लड़कियों में कुछ बातें बिल्कुल एक जैसे थी, कुछ एक दूसरे से अलग. पहली जो बात एक जैसे थी, वह यह कि ये दोनों मोटी थीं. कुछ ज्यादा मोटी कि चाहे तो आप बेडौल भी कह सकते हैं. लेकिन इस मोटोप के अलावा इनमें सब कुछ एक दूसरे से बिल्कुल अलग था. संजना गहरे सांवले रंग की थी, तो श्वेता अपने नाम की ही तरह गोरी. श्वेता के जहां नाक-नक्श तीखे और आकर्षक थे, वहीं संजना की नाक मोटी थी, आंखें छोटी थी और होंठ भी मोटे. मतलब यह कि मजाक उड़ाने के लिए व्यंग्य में जो कुछ भी कहा जा सकता था, संजना उन सबकी मालकिन थी.

सिर्फ इन दोनों लड़कियों के व्यक्तित्व में ही फर्क नहीं था, उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि भी एक दूसरे से भिन्न थी. श्वेता के पिता एक मध्यम दर्जे के के सरकारी मुलाजिम थे. वेतन कम तो नहीं था, लेकिन एक जमाने में उसके मुकाबले सपने इतने बड़े थे कि इस वेतन से कभी वो संतुष्ट ही नहीं हुए. श्वेता की मां भी किसी चिड़चिड़ी गृहिणी का जीता जागता किरदार थी, शायद उसमें ये चिड़चिड़ापन श्वेता के मोटापे को लेकर बनी असुरक्षा से ही पैदा हुआ था. उसे श्वेता तो फूटी आंख भी नहीं सुहाती थी, कारण कि उसे लगता था उसकी कभी शादी नहीं होगी.

ये भी पढ़ें- Sexting: बड़े काम की है सेक्सटिंग की कला

दूसरी तरफ संजना की पृष्ठभूमि बिल्कुल अलग थी. संजना अपने माता-पिता की दो संतानों में एक थीं. उसका छोटा भाई अपने में मस्त रहने वाला खुशमिजाज लड़का था. मां स्कूल में पढ़ाती थी और पिता एक प्राइवेट कंपनी में प्रोडक्शन मैनेजर थे. घर में पढ़ने लिखने के साथ-साथ जागरूकता का माहौल था. संजना के मम्मी पापा ने बचपन से लेकर जवानी तक उसे कभी यह एहसास दिलाने की कोशिश नहीं की थी कि मोटापा उसके भावी वैवाहिक जीवन के लिए अशुभ है बल्कि उसे हमेशा इस बात के लिए प्रेरित किया था कि वह अपनी मोटापे पर सोचने की जगह अपने अंदर तमाम गुण विकसित करे और संजना ने ऐसा ही किया था. श्वेता की हीनभावना और उसके परिवार का उसे लेकर असुरक्षाबोध ने जहां उसके दिल दिमाग में ऐसा दबाव बनाया कि वह 12वीं के आगे पढ़ ही न सकी. वहीं संजना ने न सिर्फ कौलेज से मास्टर डिग्री हासिल की बल्कि वह हमेशा लीडर की तरह रही.

परिवार के वातावरण के चलते संजना में गजब का आत्मविश्वास था. अगर कभी किसी ने उसके मोटापे को लेकर कोई ताना मारा तो वह पलटकर ऐसा करारा जबाव देती कि मजाक करने वाले को दोबारा ऐसे मजाक के नाम से भी घबराहट होती. घर के माहौल से मिले आत्मविश्वास के कारण संजना ने अपनी काया को हमेशा ऐसे सकारात्मक नजरिये से देखा कि उसे कभी सपने भी इस सुरक्षाबोध ने नहीं दबोचा कि उसकी शादी नहीं होगी. दूसरी तरफ न सिर्फ श्वेता इस असुरक्षा से बल्कि उसके मां-बाप भी हर समय इसी असुरक्षाबोध से ग्रस्त रहते कि उनकी लड़की से भला कौन शादी करेगा. बहरहाल जिंदगी ने फिर सबक देने वाला खेल खेला. दोनो लड़कियों की शादी हुई. दोनों के लिए ही लड़के उनके मां-बाप ने चुने थे. संयोग से श्वेता और संजना दोनो को ही उनकी उम्मीदों से ज्यादा बेहतर वर मिले. श्वेता का पति सर्वगुण संपन्न एक बड़ी कंपनी में इंजीनियर था, तो संजना का पति भी हंसमुख, उसी की तरह आत्मविश्वास से लबालब एक सरकारी विभाग में हेड क्लर्क था. लड़कियों के विपरीत दोनो ही लड़के सामान्य वजन के थे और आश्चर्यजनक ढंग से अपनी पत्नियों को लेकर खुश थे. दोनो में से किसी को पत्नियों के मोटापे को लेकर कोई समस्या नहीं थी.

संजना के तो जीवन में चार चांद लग गये. शादी के रात से ही दोनों में ऐसी बनी कि लोग उन्हें दो जिस्म, एक जान कहने लगे. लेकिन श्वेता यहां भी अपने असुरक्षाबोध के चलते परेशान ही रही. संजना ने जहां अपनी सुशिक्षित मां के मार्गदर्शन में अपने भावी वैवाहिक जीवन की तैयारियां की थीं और सेक्स को उसने एक विज्ञान की तरह लिया था, वहीं श्वेता ने हर समय इसे डर और दहशत के रूप में अपने दिल दिमाग में पाला था. संजना ने जहां अपने मोटे होने की समस्या को यौन जीवन में आड़े नहीं आने दिया, वह जब भी अपने पति से अगतंरंग हुई, खुलकर हुई और जो समस्याएं आयीं उनके विकल्प ढूंढ़ लिये. वहीं श्वेता ने छप्पर फाड़कर मिली खुशी को भी मन ही मन घुलने वाले दुख में बदल दिया. श्वेता के मन में अपने मोटापे को लेकर मौजूद हीनग्रंथियों ने उसके पति की तमाम अच्छाईयों, संवेदनशीलता को भी बेमतलब कर दिया. श्वेता के पति का उसके मोटापे से कोई समस्या नहीं थी. उसने एक बार भी मोटापे के चलते उसके प्रति आकर्षित न हुआ हो, ऐसा कभी नहीं हुआ. उसने हमेशा बिस्तर में अपने से ज्यादा श्वेता का ख्याल रखा. श्वेता के प्रति उसके पति में पूर्ण समर्पण था. लेकिन श्वेता ने कभी बिस्तर में खुशी ही नहीं जतायी. हमेशा उसका मूड थका थका बिगड़ा बिगड़ा रहा. भले वह पति से कभी लड़ी न हो, लेकिन धीरे धीरे दोनो के बीच सेक्स दहशत का विषय बन गया.

ये भी पढ़ें- जुराब पहनकर करेंगे सेक्स तो दोगुना हो जाएगा मजा

श्वेता के मन में कभी यौन उत्सुकता ही नहीं जगी.  अपनी बौडी को लेकर हीनभावना ने हमेशा उसे डरा डरा, बुझा बुझा रखा. वह जब भी बाथरूम में होती शीशे में अपने आपको देखकर कहती ‘तुझे कोई प्यार नहीं करता’, तुझे तो खुश करने के लिए समर्पण की भीख दी जा रही है’. मतलब यह कि उसने अपने पति के सारे अच्छे व्यवहार को भी शून्य कर दिया. जबकि हकीकत यह थी कि श्वेता का पति सचमुच उसकी तमाम खूबियों पर मोहित था. उसके दिमाग में कभी मोटापे की बात आती नहीं थी. वह तो उसके गोरे बदन, चमकती त्वचा, तीखे नाक-नक्श और उसकी सुरीली आवाज पर फिदा था. लेकिन वह उसे अपने व्यवहार से कभी खुश ही नहीं कर सका. अंत में उसे श्वेता को यौन मनोचिकित्सक के पास ले जाना पड़ा और करीब एक साल की थैरेपी के बाद श्वेता अपने जीवन में वह सब पा सकी जो पहले से ही मौजूद था.

दो स्थूलकाय लड़कियों की यह कहानी हमें बताती है कि हमारे यौन जीवन की सफलता में काया से ज्यादा काया के प्रति हमारी धारणाओं में निहित. दरअसल हम सेक्स और काया का कुछ ज्यादा ही रिश्ता जोड़ते हैं. जबकि ऐसा कुछ होता नहीं. वास्तव में काया के प्रति हमारी यह धारणा जिसे मनोवैज्ञानिक बौडी इमेज कहते हैं, यह हमारे अपने, हमारे इर्दगिर्द के लोगों और उस समाज की बनायी हुई होती है, जहां हमारी परवरिश होती है. हकीकत में इसका यौन जीवन की बाधाओं से कोई लेना देना नहीं है. हमारे रूप, रंग और मोटे, पतले का हमारे सेक्स लाइफ से उतना ज्यादा रिश्ता नहीं है, जितना बौडी इमेज की धारणा से है. सकारात्मक ‘बौडी इमेज’ हमें सुख और सफलता देती है और नकारात्मक ‘बौडी इमेज’ हमारी सुख और सफलताओं को भी दुख और असफलताओं में बदल देती है. अपनी काया को आप अपनी नजरों में कितनी खूबसूरत देखती हैं या कितना बदसूरत समझती हैं कि इस बात से ही हमारी खुशी और हमारे यौन जीवन के आनंद का रिश्ता होता है.

यौन विशेषज्ञों का मानना है कि यौन संतुष्टि का रिश्ता सांचे में ढले बदन या दूध जैसी रंगत से नहीं होता बल्कि हमारी सोच से होता है. ऐसा होता तो यूरोप के बाहर की लड़कियां कभी खुश ही नहीं होतीं, विशेषकर अफ्रीकन लड़कियां क्योंकि वो तो काली भी होती हैं, मोटी भी होती हैं और कई देशों में बहुत दुबली भी होती हैं. मगर अमरीका में 35 फीसदी से ज्यादा मौडल अश्वेत हैं, चाहे वह लड़कियां हों या लड़के. अनेक मोटे नाक-नक्श वाली अफ्रो-अमरीकी लड़कियों को पूरे आत्मविश्वास के साथ सौंदर्य प्रतियोगिताओं में शामिल होते देखा जा सकता है. इनमें लबलबाता हुआ आत्मविश्वास उनके हर अंदाज से झलकता है. अमरीका की विश्व प्रसिद्ध टीवी प्रेेजेन्टर ओपरो विनफ्रे को ही देख लीजिए अगर हम सुंदरता के पारंपरिक पैमाने पर परखें तो उसकी दशा एक ऐसी मोटी, भद्दी और काली लड़की की होनी चाहिए, जो अपनी ‘असुंदरता’ के कारण हीनभावना से ग्रस्त होकर घर के से निकलते हुए घबराए. जबकि ओपरा के लिए पुरुषों की दीवानगी का एक जमाने में आलम यह रहा है कि जाने कितने करोड़पति युवकों ने उसके सामने शादी का प्रस्ताव रखा और ओपरा ने उन्हें ठुकरा दिया.

ये भी पढ़ें- क्या आपने भी सुने हैं सेक्स से जुड़े ये 6 मिथ, जानें क्या है सच

कुछ लोग अपने मोटापे के कारण विपरीत लिंगियों के समक्ष हीनभावना के एहसास से ग्रस्त रहते हैं, तो कुछ लोगों की यही परेशानी उनके जरूरत से ज्यादा दुबलेपन के कारण रहती है. कोई लड़की अपने छोटे कद को लेकर अपने आपको पुरुष के योग्य नहीं मानती, तो कोई युवक अपने भद्दे नाक-नक्श के आधार पर यह मान बैठता है कि कोई लड़की उससे अपनी खुशी से शादी करना नहीं चाहेगी. ये सब एक नकारात्मकता के कारण जमीनी सच्चाई से वे अपना संबंध तोड़ बैठते हैं. उपरोक्त सारे तथ्यों को गहराई से देखें तो इनका आपके जीवन विशेषकर यौन जीवन से कोई विशेष फायदा या नुकसान नहीं होता. अगर आप (स्त्री या पुरुष) साधारण चेहरे-मोहरे वाले हैं, अगर आपकी कद-काठी आदर्श कही जा सकने के योग्य नहीं है या अगर आपने जीवन के मैदान में कोई बड़ा तीर नहीं मारा है, तो इस बात को लेकर नकारात्मक ‘बौडी इमेज’ बनाने की जरूरत बिल्कुल नहीं है. आपका साधारण, काला, मोटा या अत्यधिक दुबला होना यौन जीवन के लिए कोई बाधा नहीं है.

Sex Tips: कितना जरूरी सैक्स में अंगों को चूमना

Sex Tips: रेनू महीने में 26 दिन अपने पार्टनर के साथ सैक्स करती थी और शायद ही कोई दिन ऐसा जाता होगा जब वह पूरी तरह संतुष्ट नहीं होती थी. उसे अपनी सैक्स लाइफ बहुत शानदार लग रही थी.

‘‘डार्लिंग, जल्दी करो न… मैं अब और इंतजार नहीं कर सकती,’’ रेनू अपने पार्टनर को अपने प्राइवेट पार्ट पर अपना मुंह रख कर ओरल सैक्स के लिए जोश में लाती थी.

‘‘बस 2 मिनट और मेरी जान, नीचे भी पहुंच ही जाऊंगा, बस थोड़ा ऊपर से भी मजे लेने दो न,’’ कह कर रेनू का पार्टनर उस के स्तनों को चूमने और सहलाने में मस्त हो जाता था. इस सब में रेनू इतनी ज्यादा जोश में भर जाती थी कि वह जबरदस्ती अपने पार्टनर को नीचे धकेल कर उस के सिर को नीचे की तरफ झुका कर अपने अंग पर प्यार करने को कहने लगती.

‘‘बोलो मेरी जान, अब आ रहा है न मजा,’’ रेनू का पार्टनर जीभ अंदर डाल कर एक बार उस से पूछता.

रेनू बिना कोई शब्द कहे केवल ‘हम्म’ में जवाब देती. इस से उस का पार्टनर समझ जाता कि अब रेनू गहरे प्रेम सागर का मजा ले रही है और जब रेनू ऐसे शांत हो जाती थी, तो बस खेल एक मिनट का रह जाता था. इस शांति के बाद रेनू एक मिनट बाद ही अपने पार्टनर को बस करने को कहती. उस का पार्टनर समझ जाता था कि अब रेनू पूरी तरह संतुष्ट हो चुकी है.

सैक्स के इस पूरे खेल में रेनू को जिस घड़ी का इंतजार सब से ज्यादा रहता था, वह यही था कि कब उस का पार्टनर उस की छाती सहलाने के बाद उस के अंग पर अपनी जीभ चला कर उस की आग को शांत करे और उस का पार्टनर इस मामले में बिलकुल परफैक्ट था, जिसे रेनू की पलपल की टाइमिंग का पूरा अंदाजा रहता था कि कब वह किस लैवल तक जोश में आ रही है और कब उस के निजी अंगों में प्रीसैक्स लुब्रिकेशन (चिकनाहट आना) हो रहा है.

लेकिन अगर हम भारतीय माहौल में सैक्स संबंधों की बात करें, तो एक सवाल उठता है कि आखिर कितनी औरतें हैं जो रेनू की तरह अपनी सैक्स लाइफ में संतुष्ट होती हैं? कितने पार्टनर अपनी लव पार्टनर के निजी अंगों पर ओरल सैक्स ट्राई करते हैं?

अगर हम विज्ञान और कुदरत के सैक्स से जुड़े नियम देखें तो बहुत सी बातें चौंकाने वाली हैं. जिस प्रोसैस को को आम आदमी गंदा समझता है, असल में वह गंदा नहीं है.

अगर आप को लगता है कि सैक्स अंगों को होंठों से चूमा जाए या उन पर जीभ का इस्तेमाल किया जाए तो आप बीमार पड़ जाएंगे, तो आप गलत हैं. दरअसल, होता क्या है कि जब हम अपनी पार्टनर के स्तनों को सहलाना शुरू करते हैं और साथ ही साथ उस की कमर, जांघ और स्तनों के बीच के हिस्से को चूमते और चाटते हैं, तो उस के द्वारा औरत के शरीर में जो सैंसेशन बनता है, उस से उस के निजी अंगों में लुब्रिकेशन शुरू हो जाता है.

यूएस लाइब्रिकेशन में लैक्टबेसिलस नाम का बैक्टीरिया होता है जो उस के इर्दगिर्द पहले से जमा बैक्टीरिया को मारने की ताकत रखता है और साथ ही साथ इस की टाइमिंग देखें तो हम जब फोरप्ले के द्वारा अपनी पार्टनर को जोश में लाते हैं, तो उसी दौरान जैसे ही हम उस के निजी अंग की तरफ अपना
मुंह ले कर जाते हैं, हमारे मुंह में लार बनती है, जिस के चलते हम खुद इतना उत्सुक हो जाते हैं कि औरत के निजी अंग पर जीभ लगाने को उतावले हो जाते हैं.

यह वह कुदरती क्रिया है, जिस के द्वारा पार्टनर जैसे ही महसूस करती है कि उस के निजी अंग के अंदर उस के पार्टनर की जीभ ने प्रवेश किया है, तो वह इतनी उत्सुक हो जाती है कि सैक्सुअल इंटरकोर्स के किए इंतजार नहीं कर पाती. यह वह पल होता है जब वह सैक्स की शुरुआत के बाद केवल एक या 2 मिनट में संतुष्टि पा लेती है. Sex Tips

रात को बैड पर जाने से पहले करें ये काम, Sex Life बन जाएगी खुशहाल

Sex Life: अकसर शादी के कुछ समय बाद पतिपत्नी की सैक्स लाइफ में फीकापन आने लगता है, जिस से पतिपत्नी का रिश्ता कमजोर होने लगता है. दोनों एकदूसरे से इरिटेट होने लगते हैं और इस का कारण है नौर्मल और बोरिंग सैक्स रूटीन. आज हम आप को बताएंगे कुछ ऐसे टिप्स, जिन्हें आप अगर बैड पर जाने से पहले ट्राई करेंगे, तो आप की सैक्स लाइफ में कभी कोई प्रौब्लम नहीं आएगी.

पत्नियां अकसर घर के कामों में थक जाती हैं और वे काम निबटा कर सीधे बैड पर आ जाती हैं, जिस से कि पतियों को उन के अंदर कोई इंट्रस्ट नहीं आता, लेकिन वहीं अगर पत्नी घर के कामों से फ्री होकर नहा ले और एक सैक्सी सी ड्रैस पहन कर परफ्यूम लगा कर बैड पर आएं, तो पति खुद को उस के करीब आने से रोक नहीं पाएगा.

दूसरी तरफ पति को अपने काम और नौकरी की थकावट को कुछ देर के लिए भूल कर पत्नी के साथ समय बिताना चाहिए, जिस से कि उन दोनों के बीच की दूरियां कम हो सकें. कुछ आदमी अपनी थकावट के बाद शराब का सहारा लेते हैं और खाना खा कर सो जाते हैं, तो ऐसा करने से वे आपना शादीशुदा जीवन बरबाद कर देते हैं. आदमी को घर आ कर अपनी पत्नी के साथ प्यारभरी बातें करनी चाहिए, जिससे कि वे दोनों एकदूसरे से कनैक्टिड फील करें.

अपने काम को कुछ समय के लिए भूल कर पतिपत्नी को एकदूसरे के साथ घूमने भी जाना चाहिए जैसा कि किसी रोमांटिक कैंडल लाइट डिनर या फिर लौंग ड्राइव पर, ताकि दोनों के बीच का प्यार कभी कम न हो पाए और दोनों को किसी और की जरूरत महसूस न हो. हमेशा ऐसा लगे कि अगर उन का पार्टनर साथ है, तो उन्हें किसी तीसरे की जरूरत नहीं है.

लव बाइट्स : Sex Life के लिए है कितना जरूरी

हर इंसान की सैक्स को ले कर कोई न कोई फैंटेसी तो जरूर होती है. किसी को सैक्स करते समय रोल प्ले करना पसंद होता है तो किसी को सैक्स के कुछ ऐसे प्रोडक्ट्स यूज करने का शौक होता है जिस से कि उस के पार्टनर को एक अलग ही सुख की प्राप्ति हो.

आप ने ऐसी कई फिल्म्स देखी या सुनी होंगी जिस में सैक्स फैंटेसीज के बारे में दिखाया गया है.

प्यार में लव बाइट्स हैं जरूरी

हम सब ने जानेअनजाने एक न एक बार तो अपने पार्टनर को लव बाइट्स तो जरूर दी होंगी या अपने पार्टनर से लव बाइट्स ली होंगी. अकसर आप ने देखा होगा कि लड़के या लड़की के गले पर लाल रंग का हलका सा निशान नजर आता है जिसे लव बाइट कहा जाता है.

कुछ लोग इसे छिपाने की कोशिश करते नजर आते हैं, तो वहीं कुछ लोगों को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि उन की लव बाइट किसी को दिख रही है या नहीं.

लव बाइट्स करती हैं कपल्स को उत्तेजित

ऐसा सुना और देखा गया है कि जब लड़के सैक्स या रोमांस करते समय लड़कियों के गले पर किस करना शुरू करते हैं तो इसे लड़कियां काफी ऐंजौय करती हैं. यह नहीं कि लड़के इस चीज का ऐंजौय नहीं करते बल्कि कई लड़कों को भी काफी पसंद आता है जब लड़कियां उन के गले पर किस करती हैं.

अकसर लव बाइट्स गले पर ही नजर आती हैं क्योंकि गले पर किस करने से कपल्स इतने उत्तेजित हो जाते हैं और उन्हें इतना मजा आने लगता है कि वे इस तरह किस करते हैं जिस से निशान पड़ जाता है.

हैल्दी सैक्स लाइफ की निशानी है लव बाइट्स

यह निशान ज्यादा समय तक नहीं रहता बल्कि 4-5 दिनों में चला जाता है पर इन 4-5 दिनों में वे जब भी आईने में अपनी लव बाइट देखते होंगे तो यह निशान उन्हें उस पल की याद जरूर दिलाता होगा जब उन के पार्टनर ने उन्हें यह लव बाइट दी होगी.

लव बाइट्स देना कोई गलत बात नहीं है बल्कि यह तो प्यार की वह निशानी है जिसे देख पता चलता है कि आप की लव लाइफ काफी अच्छी चल रही है.

कहीं भी दे सकते हैं लव बाइट्स

ऐसा जरूरी भी नहीं है कि आप अपने पार्टनर को सिर्फ उन के गले पर ही लव बाइट्स दे सकते हैं बल्कि आप अपने पार्टनर की बौडी के किसी भी पार्ट पर लव बाइट दे सकते हैं पर आप को ध्यान रखना होगा कि लव बाइट देते समय आप के पार्टनर को कोई तकलीफ न हो और वे आप के लव बाइट देने के तरीके को ऐंजौय करें.

रखें इस बात का खयाल

आप को खयाल रखना होगा कि आप लव बाइट देते समय इतना भी मदहोश न हो जाएं कि आप काफी जोर से अपने पार्टनर को किस करते चले जाएं जिस वजह से आप के पार्टनर को दर्द होने लगे और आप अनजाने में लव बाइट देने के बजाए अपने पार्टनर को जख्म दे बैठें.

Sex Fantasy : जरूरी है मियां बीवी के लिए

आज के समय में हर इंसान यह चाहता है कि उस की मैरिड लाइफ बिल्कुल भी बोरिंग ना हो. पहले के समय में हम ने देखा है कि लोगों कि मैरिड लाइफ काफी बोरिंग रहती थी क्योंकि हसबैंडवाइफ एकदूसरे से हर बात को शेयर और डिस्कस नहीं कर पाते थे. और तो और पहले के जमाने में पत्नियां अपने पति से काफी शर्माती भी थीं और अपनी निजी या सैक्स से जुड़ी इच्छाओं को शेयर करने में सकुचाती थी, उन्हें यह लगता था कि अपनी इच्छाओं को सामने लाने पर पति उसके चरित्र पर संदेह करेगा पर अब ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. आज के मौडर्न समय में लड़कियां लड़कों से भी आगे निकल चुकी हैं. मौडर्न कपल्स एकदूसरे से सारी बातें और प्रौब्लम्स शेयर कर लेते हैं और अपनी सैक्स से जुड़ी इच्छाओं को भी .

गुड सैक्स मतलब गुड मैरिड लाइफ

मैरिड लाइफ को इंटरस्टिंग बनाने के लिए सबसे पहले जरूरी है हमें अपनी सैक्स लाइफ को रोचक बनाना होगा. सैक्स हमारे बौडी कि ऐसी जरूरत है जिसे हम चाह कर भी इग्नोर नहीं कर सकते. सैक्स करने से कपल्स के बीच का बौंड और ज्यादा स्ट्रौंग बनता है. हम अकसर अपनी बाकी बातों में उलझ कर सैक्स के बारे में नहीं सोच पाते और अपनी सैक्स लाइफ बोरिंग बना बैठते हैं.

अच्छी सैक्स लाइफ के लिए अपनाएं सैक्स फैंटसीज

हर इंसान के लिए सैक्स फैंटसीज जरूर होती हैं और हम सब को सैक्स में नई नई चीजें ट्राई करना बेहद पसंद होता है लेकिन फिर भी किसी ना किसी वजह से हम नहीं कर पाते हैं और बस सोचते रह जाते हैं. हमें अपनी सैक्स लाइफ में फैंटेसीज का तड़का लगाना चाहिए. कई लोग पौर्न वीडियोज देख नई नई चीजें ट्राई करते हैं और अपने पार्टनर्स को एक अलग सी सुख देने की कोशिश करते हैं. आप को हमेशा अपने पार्टनर से सैक्स के बारे में बात करनी चाहिए और उन से पूछना चाहिए कि हम अपनी सैक्स लाइफ और बहतर कैसे बना सकते हैं. इससे आप के बीच का कम्युनिकेशन भी ठीक होगा

पार्टनर से बात कर बनाएं फैंटसीज

हमें अपने पार्टनर से सैक्स के बारे में जरूर बात करनी चाहिए और जानना चाहिए कि हमारे पार्टनर की सैक्स डिजायर्स या सैक्स फैंटसीज कैसी हैं और क्या हम अपने पार्टनर को वो एंजौयमेंट दे पा रहे हैं जो उन्हें चाहिए. अगर आप के या अपने पार्टनर की कोई सैक्स फैंटसीज नही हैं तो आपकी सैक्स लाइफ बोरिंग हो जाएगी. इस बोरियत के आने के पहले दोनों को सैक्स फैंटसीज बनानी चाहिए और अलगअलग पोजीशन्स ट्राई करनी चाहिए. उस के बाद यह भी डिस्कस करें कि आप का अनुभव कैसा रहा.

ट्राई करें ओरल सैक्स

सैक्स लाइफ में तड़का लगाने के लिए सैक्स को सिर्फ एक प्रोसेस ना मानें बल्कि सैक्स को पूरी फीलिंग के साथ करें. ओरल सैक्स से आप अपने पार्टनर को वो सुख दे सकते हैं जो आप दोनों ने कभी एक्सपीरिंस नहीं किया होगा. सैक्स करने से पहले अपने पार्टनर को इस कदर प्यार दें कि दोनों को सैक्स से पहले ही इतना आनंद मिल जाए कि बस दोनों पार्टनर्स सैक्स करने पर मजबूर हो जाएं और सैक्स किए बिना रह न पाएं. सैक्स से पहले अपने पार्टनर की पूरी बौडी अपने हाथों से सहलाएं और अपनी जीभ का इस्तेमाल कर अपने पार्टनर की पूरी बौडी पर जम कर किस करें और साथ ही उन्हें इतना जोर से गले लगाएं कि आप दोनों एक दूसरे की दिल की धड़कनें तक महसूस कर पाओ.

सैक्स में कुछ नयापन लाने से दोनों को एक अलग ही सुख की प्राप्ति होगी जो अब से पहले आप दोनों को नहीं हुई होगी. ऐसा करने से आप की सैक्स लाइफ और भी ज्यादा बेहतरीन बन सकती है और साथ ही आप की मैरिड लाइफ आप को कभी भी बोरिंग नहीं लगेगी.

बोझिल सेक्स, बोझिल रिश्ता: कैसे बनेंगे संबंध

हर काम युवा जल्दबाजी में करना चाहते हैं. युवा ऊर्जा और जोश की यह खासीयत भी है कि गरम खून और उत्साह से भरी यह पीढ़ी हर काम को खुद करना जानती है. प्रेम भी युवा खुल कर करते हैं. समाज की सीमाओं से परे इन के रिश्ते दकियानूसी दौर को पार कर चुके हैं और सैक्स संबंधों के लिए किसी से परमिशन नहीं लेनी पड़ती.

एक शोध में पाया गया कि शारीरिक संसर्ग की गुणवत्ता बोझिल होने से रिश्ते बोझ लगने लगते हैं और युवा भूल जाते हैं कि असल रोमांस क्या है. आजकल युवाओं में बढ़ती थकान, दबाव या निराशा के कारण अपनी गर्लफ्रैंड के साथ सैक्सुअल रिलेशन बोझिल होते जा रहे हैं, जिस का नकारात्मक असर उन के रिश्ते पर भी दिखता है.

युवकयुवती के बीच अगर सैक्स संबंधों में मधुरता है तो दोनों के रिश्तों में नई ऊर्जा का भी संचार होता है, लेकिन अगर सैक्स संबंध ही बोझिल हो चुके हैं तो रिश्ता भी बोझिल हुआ समझो. आइए, जानते हैं कि सैक्स संबंधों की बोझिलता दूर कर किस तरह युवा अपने रिलेशन में नई जान फूंक सकते हैं :

खुल कर करें इजहार

युवाओं के बीच अगर सैक्स में डिजायर्स नहीं है तो रिश्ते में भी ऊष्मा नहीं आएगी. ज्यादातर युवतियां अपने साथी से संकोचवश सैक्स के बारे में अपनी फीलिंग्स छिपाती हैं, जिस के चलते उन्हें उस तरह का सैक्सुअल प्लेजर नहीं मिल पाता जिस की उन्हें चाहत होती है. मन की बात मन में ही रह जाती है. पार्टनर के सामने खुल न पाने के चलते सैक्स संबंध बोझिल लगने लगते हैं. अगर आप चाहते हैं कि रिश्तों में रोमांस का तड़का लगा रहे तो अपनी डिजायर्स पार्टनर से शेयर करें, जो अच्छा लग रहा है, उसे बताएं और बुरी फीलिंग्स को भी छिपाएं नहीं. अपने साथी के साथ हर बात शेयर करें और सैक्सुअल रिलेशन बनाते समय संकोच को किनारे कर उस का पूरा आनंद लें, आप पाएंगे कि रिश्तों की खोई ऊष्मा वापस आ रही है.

जराजरा टचमी… टचमी…

स्पर्श प्रेम और सैक्स का सब से अहम टूल होता है. एक स्पर्श अंगअंग में गुदगुदी भर सकता है जबकि गलत तरीके से किया गया स्पर्श मन को घृणा से भर देता है. सैक्स संबंध बनाते समय अगर अपने साथी को स्पर्श करने की कला आप को आती है तो सैक्स का आनंद कई गुणा बढ़ जाता है. सैक्स ऐक्सपर्ट मानते हैं कि स्पर्श का प्यार और सैक्स से गहरा रिश्ता है. इस के पीछे वजह है कि स्किनटूस्किन कौंटैक्ट से आप का औक्सिटोसिन लैवल बढ़ेगा. इस से आप रिलैक्स महसूस करेंगी और अपने पार्टनर के और करीब जाएंगी. थोड़ा तन से छेड़छाड़ और तन से तन का स्पर्श ही कामइच्छा को जागृत करता है. स्पर्श से कामइच्छा में इजाफा होता है और संबंधों में प्रगाढ़ता आती है. पार्टनर को प्रेमस्पर्श देना सब से कारगर तरीका है. पार्टनर का मूड बनाने के लिए कान के पीछे, आंखों पर किस भी कर सकते हैं.

शरारती बातें और चाइनीज फुसफुस

सैक्स एक कला है और इस में जितने प्रयोग किए जाएं यह उतनी निखरती है. इसलिए जब भी आप सैक्स संबंध बनाएं नए प्रयोग आजमाने से हिचकें नहीं. जब भी आप को मौका मिले पार्टनर को फोन मिलाएं और रोमांटिक तथा शरारत भरी बातें करें साथ ही उन्हें हिंट दें कि शाम को जब आप दोनों की मुलाकात होगी, तो क्या सरप्राइज मिलने वाला है. इशारा सैक्स को ले कर हो तो ज्यादा मजेदार होगा. अगर और प्लेजर खोज रहे हैं तो कान में फुसफुस वाला गेम भी खेल सकते हैं. इसे चाइनीजविस्पर गेम कहा जाता है. इस खेल को कइयों ने बचपन में खेला होगा. इस में नौटी बातों का तड़का लगा कर खेलेंगे तो मजा दोगुना हो जाएगा. जब अपने पार्टनर के साथ यह खेल खेलें तो उस के कानों में कुछ सिडक्टिव बातें कहें.

माहौल हो खुशनुमा

सैक्स कहीं भी और कभी भी करने वाली क्रिया नहीं है. जिस तरह खाना बिना भूख और स्वाद के गले नहीं उतरता, बेस्वाद लगने लगता है, ठीक उसी तरह सैक्स भी जबरन या गलत मूड और माहौल में करने से बेहद नीरस लगने लगता है. जिस से कई बार रिश्ते बोझिल लगने लगते हैं. सैक्स में माहौल और मूड जरूरी फैक्टर्स हैं. पुराने समय में तरहतरह के इत्र का इस्तेमाल होता था, क्योंकि सुगंध का सैक्स से रोचक रिश्ता है. महकता बदन और मदहोश करने वाली सुगंध से सैक्स की डिजायर और बढ़ जाती है. इसलिए अपने कमरे या जहां भी सैक्स करते हैं, वहां का माहौल खुशनुमा बना लें, कमरा सजाएं. कमरे का इंटीरियर बदलें. कमरे की लाइट डिम हो और रोमांटिक म्यूजिक चला हो, फिर दिनभर की थकान दूर करने के लिए पार्टनर की मसाज करें.

रोल प्ले और साथ में बाथ

रोजरोज एक ही काम करने से उस में बोझिलता आना स्वाभाविक है. हर रिश्ता कुछ नया और एडवैंचर्स की मांग करता है. कई बार उस के लिए खुद को बदलना भी पड़ता है. सैक्सुअल रिलेशन में इसी काम को रोल प्ले भी कहते हैं. इस में कुछ फिक्शन और नौन फिक्शन किरदारों को मिला कर एक किरदार बना लें और अपने साथी के साथ सैक्स के दौरान उस किरदार में रहें. आप पाएंगे कि आप को सैक्स की कुछ अलग अनुभूति हो रही है और नया रोमांचकारी अनुभव भी मिलेगा. पार्टनर के साथ एक रोमांटिक कहानी बनाएं, दोनों रोल बांट लें और बैडरूम में रोल प्ले करें या फिर रोल निभाएं, जो आप निभाना चाहते हैं. एकदूसरे के करीब आने का यह क्रिएटिव तरीका है. साथ ही अपनी सैक्स अपील उभारने के लिए ट्रांसपेरैंट ड्रैसेज और इरोटिक लिंजरी का सहारा लेने से भी सैक्स में तड़का लगता है. सैक्स ड्राइव बढ़ाने के लिए यह भी एक नायाब तरीका हो सकता है. बाथरूम में अच्छा परफ्यूम स्प्रे करें. बाथटब में एकसाथ बाथ लें.

स्ट्रैसफ्री सैक्स, पोर्न की लत और हैल्दी फूड

युवाओं में काम की टैंशन, नौकरी का तनाव और थकान सैक्स को बेमजा करते हैं. लिहाजा, रिश्ते भी अपना आकर्षण खोने लगते हैं. इसलिए किसी भी तरह खुद को रिलैक्स करिए तभी स्वस्थ सैक्स का मजा ले सकेंगे. जब स्ट्रैसफ्री रहेंगे तभी अपने साथी की डिजायर समझेंगे और उसे सैक्स का पूरा आनंद दे सकेंगे वरना सैक्स तो होता है, लेकिन एकतरफा और अधूरा सा रहता है, जिस में एक साथी असंतुष्ट रहता है. जिस का गुस्सा उस रिश्ते को खराब भी कर सकता है. सैक्स का स्वस्थ खाने और हैल्थ से भी कनैक्शन है. वैसे तो स्वास्थ्य के लिहाज से भी यही सलाह दी जाती है. यहां भी हम यही सुझाव देंगे. यदि आप सैक्स करना चाहते हैं तो कम खाना खाएं या फिर घंटेभर पहले खाना खा लें. इस से बैड पर आप को आलस नहीं आएगा.

पोर्न की लत को ले कर सैक्स ऐक्सपर्ट्स का कहना है कि एक सीमा तक पोर्न देखना रिलेशनशिप के लिए अच्छा है. लेकिन शोध बताते हैं कि सैक्स में आती बोझिलता के चलते रिश्तों की गर्माहट खत्म हो रही है, जिस के नतीजे ब्रेकअप के रूप में सामने आ रहे हैं.

Boyfriend के इन 5 सवालों से कतराती हैं लड़कियां

कहा जाता है कि लड़कियों को समझ पाना बहुत मुश्किल काम होता हैं, जो कि एक हद तक सही बात हैं. क्योंकि लड़कियों के मन में कब क्या चल रहा होता है, कोई नहीं जान पाता है. लेकिन कुछ बातें ऐसी होती हैं जो हर लड़की के मन में छिपी हुई होती हैं और लड़कियां कतराती है कि कहीं उनका बौयफ्रेंड उनसे ये सवाल ना पूछ ले.

जी हां, आज हम आपको उन्हीं कुछ सवालों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनका जवाब देने से लड़कियां कतराती हैं और चाहती हैं कि उनका बौयफ्रेंड उनसे कभी भी ये सवाल ना पूछे. तो आइये जानते हैं इन सवालों के बारे में.

क्या मैं तुम्हारा पहला प्यार हूं?

हर लड़का अपनी गर्लफ्रैंड से यह सवाल तो जरूर पूछना चाहता है कि क्या वह उसका पहला प्यार है. मगर लड़कियों को अपने बौयफ्रैंड से पहले कोई और जरूर पसंद होता है, चाहे वह उसका क्रश ही क्यों न हो.

ये भी पढ़ें- पुरुषों की इन 4 बातों पर मर मिटती हैं औरतें, क्या आपको हैं मालूम?

क्या तुम मेरी मौम के साथ शौपिंग पर जाओगी?

हर लड़का चाहता है कि उसकी गर्लफ्रैंड उसकी मौम के साथ शौपिंग पर जरूर जाए, ताकि वह इसी बहाने उन्हें अच्छे से जान लें. मगर लड़कियां अपने बौफ्रैंड की मौम के साथ शौपिंग पर जाने से बहुत डरती है.

तुम्हारे पैरेंट्स मुझे पसंद करेंगे या नहीं?

अपनी गर्लफ्रैंड के पेरेंट्स से मिलना लड़कों के लिए सबसे मुश्किल काम होता है और वह पहले ही अपने पार्टनर से यह सवाल करने लगते हैं. मगर लड़कियां इस बात को लेकर खुद इतनी टेंशन में होती है कि वह सवाल से बचना चाहती हैं.

मेरी फ्रैंड या बहन कितनी क्यूट है न!

हर लड़का अपनी गर्लफ्रैंड से यह जरूर पूछता है कि उसकी बहन या दोस्त उसे कैसे लगती है. मगर लड़कियां ऐसी बातों से दूर रहना ही पसंद करती हैं.

तुम अब किसी दूसरे लड़के को डेट तो नहीं करोगी?

लड़कों के मन में हमेशा यह डर रहता है कि उसकी पार्टनर किसी बात को लेकर गुस्सा न हो जाए. ऐसे में अपनी इस इनसिक्योरटी के चलते अपनी गर्लफ्रैंड से यह सवाल पूछ बैठते हैं.

ये भी पढ़ें- सैक्स स्टार्वेशन से खुद को बचाएं

इनफर्टिलिटी, आईवीएफ से लेकर सेक्सुअल लाइफ तक, यहां मिलेगा हर प्रौब्लम का सोल्यूशन

Sexual Problems: आज की भागम भाग वाली जिंदगी और खराब किस्‍म के खान पान के चलते हमें ऐसी कई समस्याओं के शिकार हो जाते हैं जिसका असर हमारी सेक्सुअल लाइफ पर पड़ता है. इनफर्टिलिटी, संतान होने में देरी, सेक्स की कमी या फिर यौन दुर्बलता ऐसी ही कई समस्याओं से लोगों को सामना होता है जिसका इलाज करवाने के लिए वो अलग-अलग जगह जाते हैं लेकिन अगर आपको एक ही जगह इन सभी समस्याओं का समाधान एक ही डॉक्टर के पास मिल जाए तो.

ऐसे ही एक डॉक्टर है लखनऊ के डॉक्टर ए. के. जैन, जो पिछले 40 सालों से इन सभी समस्याओं का इलाज कर रहे हैं. तो आप भी पाइए अपनी सभी  सेक्स समस्या का बेहतर इलाज
अंतर्राष्ट्रीय ख्याति एवं मान्यता प्राप्त डॉ. ए. के. जैन द्वारा.

आइए जानते हैं डॉक्टर ए, के. जैन के चुनिंदा कामों के बारे में…

  1. इनफर्टिलिटी

इनफर्टिलिटी एक बहुत गंभीर समस्‍या है. जिसके कारण बहुत से कपल्‍स की गोद सूनी ही रह जाती है. मौजूदा लाइफस्टाइल की वजह से इनफर्टिलिटी की समस्‍या आम बात हो गई है. इनफर्टिलिटी का मुख्य लक्षण प्रेग्नेंट न हो पाना है. अगर आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं तो संपर्क करिए लखनऊ के डॉक्टर जैन से जो पिछले 40 सालों से इसका इलाज कर रहे हैं.

  1. आईवीएफ

निःसंतानता एक दम्पती के लिए अभिशाप के समान है. संतान न होने से एक दम्पती न सिर्फ निजी तनाव महसूस करता है बल्कि उसके ऊपर सामाजिक व पारिवारिक दबाव भी रहते हैं. निःसंतान दम्पतियों को भारतीय समाज में हमेशा से दोयम दर्जे का समझा जाता है, बावजूद इसके कि संतान न होने में उन दम्पतियों की कोई गलती नहीं होती, फिर भी उन्हें हमेशा इसकी सजा मिलती रहती है. खासतौर से महिलाओं को इसका अत्यधिक नुकसान भुगतना पड़ता है.

संतान न होने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे की आनुवांशिक कारण, जीवनशैली, महिला के गर्भधारण में समस्या या फिर पुरुष के शरीर में कोई समस्या लेकिन वर्तमान समय में आईवीएफ जैसे उपाय से आप बिना किसी खतरे के संतान सुख प्राप्त कर सकते हैं.

  1. सेक्सुअल प्रॉब्ल्म

हम सभी एक ऐसा समाज में रहते हैं जहां शारीरिक संबंध बनाने, संभोग करने या फिर सेक्‍स को लेकर बात ही नहीं की जाती. यहीं वजह है कि अक्‍सर लोग यौन जीवन (Sex Life) का सुख पूरी तरह ले ही नहीं पाते. क्‍योंकि जब इस विषय पर खुलकर बात ही नहीं कि जाती तो यौन समस्‍याओं (Sex Problems) पर भी लोगों को अधिक जानकारी नहीं होती. अगर आपको भी ऐसी ही किसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है तो डॉक्टर जैन आपके सभी सवालों का जवाब देने के लिए सबसे सही व्यक्ति होंगे.

  1. मैरिड लाइफ प्रॉब्लम

प्यार करते हैं तो सेक्स से परहेज क्यों? क्या आप सेक्स से दूरियाँ बना रहे हैं? यदि आप ऐसा कर रहे हैं तो सावधान हो जाये क्योकि ये आपके और आपकी पत्नी के बीच के प्यारे रिश्ते के लिए अच्छा नहीं. एक सर्वे रिपोर्ट्स की मानें तो भारत में 70 फीसदी तलाक, अच्छी सेक्सुअल लाइफ ना होने के कारण होते हैं.

Sex Problem: क्या आपकी पत्नी को भी हैं ये 5 सैक्स समस्याएं

कहते हैं कि सफल दांपत्य जीवन में सैक्स एक बहुत बड़ी भूमिका निभाता है और विवाह के बिखराव का एक कारण सेक्स भी हो सकता है. आम धारणा है कि पुरुष को ही सैक्स में ज़्यादा रुचि होती है और महिला अमूमन इससे बचती है. लेकिन ऐसा नहीं है. पुरुष की तरह महिलाओं की भी सेक्स इच्छा होती है. अधूरा और सही समय पर संभोग के पूरा न होने पर महिलाओं को शारीरिक और मानसिक परेशानी होती है. दरअसल महिलाओं का सेक्स केवल संभोग तक सीमित नहीं होता, बल्कि स्पर्श, चुंबन आदि से भी उन्हें संतुष्टि मिलती है.

आइए हम आपको बताते है कि कौन कौन सी सैक्स समस्याएं आती है और उनका समाधान क्या है.

सैक्स में कमी

महिलाओं में सेक्स में कमी डिप्रेशन, थकान या तनाव की वजह से हो सकती है. इसके अलावा और भी वजह हो सकती है जैसे पार्टनर जिस तरह छूता है, वह पसंद नहीं आना, पसीना से या उसके मुंह से पान-तंबाकू वगैरह की बदबू आना आदि. कई महिलाओं को शरीर के कुछ खास हिस्सों पर हाथ लगाने से दर्द महसूस होता है या अच्छा नहीं लगता. इससे भी वे सेक्स से बचने लगती हैं.

लुब्रिकेशन की कमी

महिलाओं के जनन अंग (vagina) में लुब्रिकेशन (गीलापन) को उत्तेजना का पैमाना माना जाता है. कुछ महिलाओं को कम लुब्रिकेशन की शिकायत होती है और ज़ाहिर है ऐसे में सैक्स काफी तकलीफदेह हो जाता है. लुब्रिकेशन में कमी तीन वजहों से हो सकती है. इन्फेक्शन, हार्मोंस में गड़बड़ी या फिर तरीके से फोर प्ले न करना.

सैक्स के दौरान दर्द

कुछ महिलाओं को सैक्स के दौरान दर्द होता है. कई बार यह दर्द बहुत ज़्यादा होता है और ऐसे में महिला सेक्स से बचने लगती है. साथी को इस दर्द का अहसास नहीं होता और उसे लगता है कि साथी महिला की दिलचस्पी नही है या फिर सहयोग नहीं कर रही है.

और्गेज्म न होना

महिलाओं में यह शिकायत आम होती है कि उनका पार्टनर उन्हें संतुष्ट नहीं कर पाता यानी उनका और्गेज्म नहीं हो पाता. कुछ को और्गेज्म नहीं होता और कुछ को होता तो है पर महसूस नहीं होता. कुछ महिलाओं को लुब्रिकेशन के दौरान ही जल्दी ऑर्गेज्म हो जाता है. कुछ को बहुत देर से और्गेज्म होता है.

वैजाइनल पेन

कभी-कभी महिलाओं को नाभि के नीचे और प्यूबिक एरिया के आसपास दर्द महसूस होता है. यह दर्द वैसा ही होता है, जैसा पीरियड्स के दौरान होता है. इसकी वजह यह है कि उत्तेजना होने पर प्राइवेट पार्ट के आसपास खून का बहाव होता है. ऐसे में लुब्रिकेशन होता है पर क्लाइमैक्स नहीं होता. इससे इस एरिया में खून जम जाता है और दर्द होने लगता है.

समाधान

सैक्स समस्या का सबसे बड़ा कारण है पति-पत्नी का सैक्स समस्याओं के बारे में बात ही नहीं करना. पति और पत्नी दोनों को इस मामले में खुलकर बात करनी चाहिए और कोई भी छुपाना नहीं चाहिए. हो सकता है इस मामले में पत्नी पहल न करें तो ऐसे में पति को चाहिए कि उनका व्यवहार ऐसा हो कि उनकी पत्नी उनसे हर बात शेयर कर सकें. यदि आप चाहते हैं कि आप अपने साथी से सभी समस्याओं खासकर सेक्स समस्याओं के बारे में बातचीत कर सकें तो आपको अपने साथी को विश्वास में लेना होगा. यदि आप अपने साथी को अपनी कोई सैक्स समस्या के बारे में बताना चाहते हैं तो आप उसे सीधे-सपाट शब्दों में ना कहें बल्कि उसके लिए थोड़ा समय लें और अपने साथी को बातचीत और प्यार से सहज करें. इसके बात सामान्य बातचीत के बाद ही अपनी समस्या बताएं.

क्या आप भी करते हैं मन मार कर सैक्स?

आप दिन भर के थके हुए घर लौटे हैं और आप के मन में सैक्स का खयाल दूरदूर तक नहीं हैं. लेकिन जैसे ही आप बिस्तर पर लेटते हैं, यह साफ हो जाता है कि आप के साथी के मन में आज सैक्स के अलावा कुछ भी नहीं है. उस को मना करने के बजाय आप अनमने मन से उस के साथ सैक्स कर लेते हैं. शायद आप यह उस की खुशी के लिए करते हैं या शायद इसलिए क्योंकि आप को पता है कि मना करने से उस का मूड खराब हो जाएगा.

अपना मन मारना

मन ना होने पर भी सैक्स करने को शोधकर्ताओं ने ‘अनुवर्ती सैक्स’ का नाम दिया है. अध्ययन से पता चला है कि पुरुषों की तुलना में ऐसा महिलाएं ज्यादा करती हैं. अनुवर्ती सैक्स और जबरदस्ती करे जाने वाले सैक्स में फर्क है. इस में आप इसलिए यौन संबंध नहीं बनाते क्योंकि आप का साथी आप के साथ जोरजबरदस्ती करता है, बल्कि यहां तो आप के साथी को यह पता ही नहीं चलता कि आप सैक्स नहीं करना चाहते और केवल उस का मन रखने के लिए कर रहे हैं, चाहे अपना मन मार कर ही सही.

तो ऐसा महिलाएं क्यों करती हैं? यह जानने के लिए अमेरिकी शोधकर्ताओं के एक समूह ने विश्विद्यालय में पढ़ने वाली 250 लड़कियों से संपर्क किया. उन्हें औनलाइन एक सर्वे भरने को कहा गया जिस में उन्हें अपने उस समय के अनुभव के बारे में बताना था जब उन्होंने अपना मन मार कर सैक्स किया. यहां सैक्स का मतलब था प्रवेशित सैक्स, गुदा और मुख मैथुन. शोधकर्ता यह भी जानना चाहते थे कि सैक्स करते हुए उन का व्यक्तित्व कैसा रहता है और अपने रिश्ते में वो अपने साथी से किस तरह से पेश आती हैं.

परिणाम आने के बाद शोधकर्ताओं को पता चल चुका था कि लगभग आधी महिलाओं ने कभी ना कभी मन मार कर सैक्स किया है. 30 प्रतिशत महिलाएं ऐसी थी जिन्होंने यह अपने वर्तमान साथी के साथ किया था या फिर उस साथी के साथ जिस के साथ उन का रिश्ता सब से लंबा चला था.

60 प्रतिशत महिलाओं का कहना था कि उन्होंने यह किया तो है लेकिन उन का मानना था कि ऐसा बहुत कम होता है. लेकिन 4 में से एक महिला ऐसी भी थी जिन्होंने लगभग 75 प्रतिशत से ज्यादा बार अपना मन मार कर सैक्स किया था.

तो यह लोग ऐसा क्यों कर रहे थे? इसका एक कारण तो यह था कि उन की नजर में ऐसा करने से उन का रिश्ता बेहतर और मजबूत होगा. एक महिला अपने साथी के साथ केवल इसलिए सैक्स के लिए तैयार हो जाती है क्योंकि उसे पता है कि उसे लगे ना लगे उस के साथी को यह अच्छा लगेगा. एक और कारण जो इतना सामान्य नहीं है, वो यह है कि महिलाओं को लगता है कि सैक्स करने से उन का रिश्ता चलता रहेगा – उन्हें यह डर रहता है कि कहीं उन के मना करने से उन का साथी उन्हें छोड़ कर ना चला जाए.

सैक्स को ले कर बातचीत

अध्ययन से यह भी पता चला कि जो महिलाएं अपने साथी को अपनी कामुक पसंद और नापसंद के बारे में बता कर रखती थी, उन के ‘अनुवर्ती सैक्स’ करने की संभावना कम थी क्योंकि जब उन का सैक्स करने का मूड नहीं होता था तब भी वो मन मारने के बजाय, वो बात अपने साथी को बता देती थीं.

अगर यह सब आप को जाना पहचाना लग रहा है तो शायद आप को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि कैसे आप अपनी यौन इच्छाओं को अपने साथी को बता सकें और उस बारे में भी, जब आप सैक्स नहीं करना चाहते हों. इस से आप को बेहद फायदा होगा.

पुरुष भी इस का खयाल रख सकते हैं. अगली बार सैक्स करते हुए ध्यान दें कि क्या आप का साथी पूर्ण रूप से कामोत्तेजक है और क्या उसे सच में मजा आ रहा या फिर वो केवल आप का मन रखने के लिए यौन क्रिया में लिप्त हो रही है. यह जानने का सब से आसान तरीका जानते हैं क्या है? सीधा ही उस से पूछ न लो मेरे भाई. शानदार सैक्स की ओर यह आप का पहला कदम होगा.

अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिएसब्सक्राइब करें