Sex Fantasy : जरूरी है मियां बीवी के लिए

आज के समय में हर इंसान यह चाहता है कि उस की मैरिड लाइफ बिल्कुल भी बोरिंग ना हो. पहले के समय में हम ने देखा है कि लोगों कि मैरिड लाइफ काफी बोरिंग रहती थी क्योंकि हसबैंडवाइफ एकदूसरे से हर बात को शेयर और डिस्कस नहीं कर पाते थे. और तो और पहले के जमाने में पत्नियां अपने पति से काफी शर्माती भी थीं और अपनी निजी या सैक्स से जुड़ी इच्छाओं को शेयर करने में सकुचाती थी, उन्हें यह लगता था कि अपनी इच्छाओं को सामने लाने पर पति उसके चरित्र पर संदेह करेगा पर अब ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. आज के मौडर्न समय में लड़कियां लड़कों से भी आगे निकल चुकी हैं. मौडर्न कपल्स एकदूसरे से सारी बातें और प्रौब्लम्स शेयर कर लेते हैं और अपनी सैक्स से जुड़ी इच्छाओं को भी .

गुड सैक्स मतलब गुड मैरिड लाइफ

मैरिड लाइफ को इंटरस्टिंग बनाने के लिए सबसे पहले जरूरी है हमें अपनी सैक्स लाइफ को रोचक बनाना होगा. सैक्स हमारे बौडी कि ऐसी जरूरत है जिसे हम चाह कर भी इग्नोर नहीं कर सकते. सैक्स करने से कपल्स के बीच का बौंड और ज्यादा स्ट्रौंग बनता है. हम अकसर अपनी बाकी बातों में उलझ कर सैक्स के बारे में नहीं सोच पाते और अपनी सैक्स लाइफ बोरिंग बना बैठते हैं.

अच्छी सैक्स लाइफ के लिए अपनाएं सैक्स फैंटसीज

हर इंसान के लिए सैक्स फैंटसीज जरूर होती हैं और हम सब को सैक्स में नई नई चीजें ट्राई करना बेहद पसंद होता है लेकिन फिर भी किसी ना किसी वजह से हम नहीं कर पाते हैं और बस सोचते रह जाते हैं. हमें अपनी सैक्स लाइफ में फैंटेसीज का तड़का लगाना चाहिए. कई लोग पौर्न वीडियोज देख नई नई चीजें ट्राई करते हैं और अपने पार्टनर्स को एक अलग सी सुख देने की कोशिश करते हैं. आप को हमेशा अपने पार्टनर से सैक्स के बारे में बात करनी चाहिए और उन से पूछना चाहिए कि हम अपनी सैक्स लाइफ और बहतर कैसे बना सकते हैं. इससे आप के बीच का कम्युनिकेशन भी ठीक होगा

पार्टनर से बात कर बनाएं फैंटसीज

हमें अपने पार्टनर से सैक्स के बारे में जरूर बात करनी चाहिए और जानना चाहिए कि हमारे पार्टनर की सैक्स डिजायर्स या सैक्स फैंटसीज कैसी हैं और क्या हम अपने पार्टनर को वो एंजौयमेंट दे पा रहे हैं जो उन्हें चाहिए. अगर आप के या अपने पार्टनर की कोई सैक्स फैंटसीज नही हैं तो आपकी सैक्स लाइफ बोरिंग हो जाएगी. इस बोरियत के आने के पहले दोनों को सैक्स फैंटसीज बनानी चाहिए और अलगअलग पोजीशन्स ट्राई करनी चाहिए. उस के बाद यह भी डिस्कस करें कि आप का अनुभव कैसा रहा.

ट्राई करें ओरल सैक्स

सैक्स लाइफ में तड़का लगाने के लिए सैक्स को सिर्फ एक प्रोसेस ना मानें बल्कि सैक्स को पूरी फीलिंग के साथ करें. ओरल सैक्स से आप अपने पार्टनर को वो सुख दे सकते हैं जो आप दोनों ने कभी एक्सपीरिंस नहीं किया होगा. सैक्स करने से पहले अपने पार्टनर को इस कदर प्यार दें कि दोनों को सैक्स से पहले ही इतना आनंद मिल जाए कि बस दोनों पार्टनर्स सैक्स करने पर मजबूर हो जाएं और सैक्स किए बिना रह न पाएं. सैक्स से पहले अपने पार्टनर की पूरी बौडी अपने हाथों से सहलाएं और अपनी जीभ का इस्तेमाल कर अपने पार्टनर की पूरी बौडी पर जम कर किस करें और साथ ही उन्हें इतना जोर से गले लगाएं कि आप दोनों एक दूसरे की दिल की धड़कनें तक महसूस कर पाओ.

सैक्स में कुछ नयापन लाने से दोनों को एक अलग ही सुख की प्राप्ति होगी जो अब से पहले आप दोनों को नहीं हुई होगी. ऐसा करने से आप की सैक्स लाइफ और भी ज्यादा बेहतरीन बन सकती है और साथ ही आप की मैरिड लाइफ आप को कभी भी बोरिंग नहीं लगेगी.

जबसे मैंने गर्लफ्रैंड को नहाते देखा है तबसे उसके साथ सैक्स करना चाहता हूं.

अगर आप भी अपनी समस्या भेजना चाहते हैं, तो इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें..

सवाल –

मेरी उम्र 21 साल है और मेरी एक फीमेल बैस्ट फ्रैंड है जो मेरे साथ स्कूल टाइम से है और अब हम दोनों का कालेज भी सेम ही है तो हम दोनों साथ में खूब मौजमस्ती करते हैं. हम दोनों के घर वालों को भी हमारी दोस्ती के बारे में पता है. रोज हम दोनों कालेज साथ जाते हैं और मैं उस को उस के घर से पिक करता हूं. करीब 1 हफ्ता पहले मैं उस के घर के नीचे पहुंचा और उस को कौल किया पर उस ने कौन पिक नहीं किया. उस के घर का गेट खुला हुआ था तो मैं उस के घर के अंदर चला गया. उस के मम्मीपापा दोनों वर्किंग हैं तो उस समय दोनों अपने औफिस गए हुए थे. जैसे ही मैं उस के घर पहुंचा तो वह मुझे कहीं नहीं दिखी. मैं चैक करने बाथरूम गया तो अंदर का नजारा देख कर दंग रह गया. मेरे सामने मेरी बैस्ट फ्रैंड बिना कपड़ों के खड़ी थी और मदहोश हो कर नहा रही थी. मैं ने उस का फिगर देखा और किसी तरह अपनेआप को बड़ी मुश्किल से रोका. मैं बिना कुछ कहे उस के घर के नीचे आ गया और ऐसा बिहेव किया जैसा मैं ऊपर गया ही नहीं था. फिर कुछ मिनटों बाद उस को कौल किया तब उस ने कौल उठा लिया और वह करीब 10-15 मिनट में नीचे आ गई और फिर हम कालेज चले गए. तब से ले कर अब तक मेरे दिमाग में बस उसी के खयाल आ रहे हैं और मेरा उस के साथ संबंध बनाने का मन कर रहा है. मैं क्या करूं?

जवाब –

आप ने अनजाने ही सही जो किया बिलकुल गलत किया. जब आप को पता था कि आप की फ्रैंड के पेरैंट्स वर्किंग हैं तो आप को उन के घर ऐसे नहीं जाना चाहिए था बल्कि थोड़ी देर अपनी फ्रैंड का कौल पिक करने का इंतजार करना चाहिए था. अगर आप अंदर चले भी गए तो ऐसे में आप को उस को आवाज देनी चाहिए थी और फिर उस के बाथरूम में जाना चाहिए था.

जैसाकि आप ने बताया आप दोनों की दोस्ती काफी पुरानी है तो ऐसे में आप को अपने मन में ऐसे विचार बिलकुल नहीं लाने चाहिए क्योंकि समय के साथ एक लड़की का विश्वास बढ़ता चला जाता है और अगर उसे पता चला कि आप ने उसे ऐसी अवस्था में देखा है तो वह आप को कभी माफ नहीं कर पाएगी.

आप को सोचना चाहिए कि वह आप की बैस्ट फ्रैंड है और उस के घर वाले भी आप के ऊपर भरोसा करते हैं तो ऐसे में आप को किसी का भरोसा नहीं तोड़ना चाहिए.

जो कुछ भी आपने देखा उसे भूल जाइए और इस बात का किसी को पता मत लगने दीजिएगा कि कभी आप ने ऐसा कुछ देखा भी था. अगर आप को उस लड़की से प्यार है तो आप सब से पहले अपने प्यार का इजहार कीजिए और उस लड़की को विश्वास दिलाइए कि आप उस से मोहब्बत करते हैं और उस के बाद ही किसी तरह के संबंध बनाने की कोशिश कीजिए.

हां, अगर आप सिर्फ जिस्मानी संबंध बनाने के लिए ऐसा करने वाले हैं तो आप को ऐसा बिलकुल नहीं करना चाहिए क्योंकि आप के कुछ देर के आनंद के लिए किसी की जिंदगी भी खराब हो सकती है तो अगर सच में प्यार है तभी कदम आगे बढ़ाइए वर्ना जैसा चल रहा है वैसे ही चलने दें.

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आखिर क्या है आपकी प्रेमिका की सेक्सुअल चाहते, जानें यहां

प्रेमी प्रेमिका के संबंध सिर्फ सेक्स तक ही सीमित नहीं होने चाहिए. सेक्स के अलावा भी दुनिया में बहुतकुछ ऐंजौय करने को है. संबंधों में प्रगाढ़ता और केयरिंग होना भी जरूरी है. प्रेमिका द्वारा नई ड्रेस पहन कर आने पर उस की प्रशंसा करना, उसे सराहते हुए उस के हाथों को चूम लेना, बात करने के तरीके को सराहना आदि बातें मन को गहराई तक छू जाने वाली हैं. रिश्तों में मजबूती के लिए ये बातें बेहद जरूरी हैं. प्रेमिका को जताएं कि आप उसे सिर्फ सेक्स के लिए ही नहीं चाहते बल्कि सेक्स से भी अहम है आप का उस के प्रति प्रेम और लगाव.

आज प्रेम के मापदंड तेजी से बदल रहे हैं. युवावस्था में विपरीतलिंग के प्रति आकर्षण युवकयुवती को एकदूसरे के प्रति प्रेम के बंधन में बांधता है और फिर बातें, मुलाकातें और एकदूसरे के प्रति समर्पित होने तक का रिश्ता बनता है. प्रेमसंबंधों के चलते युवकयुवतियां एकांत मिलते ही संबंध बनाने से भी गुरेज नहीं करते. प्रेमी जहां सेक्स के लिए जल्दी तैयार हो जाते हैं और सेक्स करने को तत्पर रहते हैं वहीं प्रेमिका का रुझान सिर्फ दैहिक सुख तक नहीं रहता बल्कि उन पलों के रोमांच को समेट लेने का भी करता है.

ऐसे में जहां प्रेमी सिर्फ संबंध बना कर अपने प्यार के इजहार की इतिश्री समझ लेते हैं वहीं प्रेमिका दिलोजान से एकदूसरे को चाहने, मीठी बातें, छेड़छाड़ और सेक्स के बाद भी प्रेमी की बांहों में खुद को महफूज समझने जैसी भावनाओं को प्यार की अभिव्यक्ति समझती है. साथ ही यह भी चाहती है कि उस का प्रेमी उस की सैक्सुअली इच्छाओं को खुद ब खुद समझे व जाने.

ऐसा ही कुछ रूपम के साथ हुआ. कालेज में साथ पढ़ते रूपम को रोहन से कब प्यार हो गया पता ही न चला. मिलनेमिलाने का सिलसिला चला तो वे एकांत भी तलाशने लगे. ऐसे में जब भी रोहन एकांत पाता तो बस रूपम को बांहों में जकड़ लेता और सेक्स को उन्मुख होता. ऐसे में उन के बीच सेक्स संबंध भी बन गए पर रूपम इस से संतुष्ट न थी. उसे अपनी भावनाओं की अभिव्यक्ति कैसे करनी है, अच्छी तरह पता था, लेकिन रोहन से बेइंतहा प्यार के बावजूद उन की सेक्स लाइफ में जरा भी रोमांच न था. इस बारे में वह रोहन से बात भी न कर पाती. दरअसल, वह समझ नहीं पा रही थी कि रोहन से किस तरह बात करे कि उसे बुरा न लगे.

रूपम की तरह ज्यादातर युवतियां चाहती हैं कि उन की कुछ सैक्सुअल चाहतें उन के प्रेमियों को खुद समझनी चाहिए. नौर्थवैस्टर्न यूनिवर्सिटी इलिनौयस की सेक्सुअलिटी प्रोग्राम की थेरैपिस्ट पामेला श्रौफ कहती हैं कि ज्यादातर प्रेमी अपनी प्रेमिका की सेक्सुअल चाहतों और प्राथमिकताओं को नहीं समझते. पामेला ने इस विषय पर प्रेमिकाओं के मन की बात जानी तो उन्हें कुछ ऐसी सेक्स प्राथमिकताएं पता चलीं जिन्हें प्रेमिका अपने प्रेमी से कहना तो चाहती थी, पर कह नहीं पाई.

मजेदार सेक्स नहीं रोमांटिक अंदाज चाहिए

युवतियों को आनंददायक सेक्स के लिए सिर्फ इंटरकोर्स की नहीं बल्कि अपने प्रेमी के साथ बिताए हर क्षण में अच्छी फीलिंग और अनुभव की जरूरत होती है. प्रेमिका को यह बात कतई अच्छी नहीं लगती कि प्रेमी जब भी उन से मिले सिर्फ पढ़ाई, कैरियर के बारे में बात करे या फिर एकांत मिलते ही उसे दबोच ले.

इस से प्रेमिका के मन में ऐसी भावना आती है कि वह एक भोग की वस्तु है. ऐसे में वह अपने प्रेमी को बेहद स्वार्थी और खुद को भोग की वस्तु समझने लगती है. हर प्रेमिका चाहती है कि उस का प्रेमी उसे केवल सेक्स के लिए ही नहीं बल्कि मन से भी उतना ही प्यार करे, उस पर ध्यान दे, उस के साथ अपनी बातें शेयर करे, प्रेमपूर्वक बातें करे, उस की भावनाओं को जाननेसमझने की कोशिश करे.

कुछ समाजशास्त्रियों का कहना है कि युवतियां अपनी जिंदगी के हर पहलू को एकदूसरे से जोड़ कर देखती हैं, जबकि युवक समझते हैं कि स्ट्रैस और झगड़े को सेक्स के वक्त एकतरफ रख देना चाहिए. इन चीजों या अन्य समस्याओं को सेक्स से नहीं जोड़ना चाहिए.

सच यह है कि सेक्स का असली मजा अफैक्शन के कारण ही आता है. मानसिक रूप से अपनापन, प्यार और नजदीकियां होती हैं तभी सेक्स संबंध सही माने में उत्तेजनापूर्ण होते हैं.

जब कोई प्रेमी अपनी प्रेमिका को समयसमय पर छोटेमोटे उपहार देता है, उसे कौफी हाउस ले जाना, लंचडिनर करवाना और सिनेमा दिखाना आदि ऐसी बातें हैं जो दर्शाती हैं कि प्रेमी अपनी प्रेमिका को महत्त्व देता है और अपनी जिंदगी का अहम हिस्सा मानता है. ऐसे में सेक्स का मजा भी कई गुणा बढ़ जाता है.

प्रेमिका में भी पूर्ण समर्पण की चाह

कई अध्ययनों से स्पष्ट हुआ है कि सिर्फ 60 फीसदी प्रेमिकाएं ही ऐसी हैं जिन्होंने जितनी बार अपने प्रेमी से संभोग किया, उस से कम से कम आधी बार ही चरम आनंद का अनुभव किया. लेकिन उन्हें प्रेमी की खुशी के लिए सेक्स के दौरान चरम आनंद का दिखावा करना पड़ा. ऐसे में कई बार तो उन के मन में अपराधबोध आ जाता है कि कहीं उन्हीं में तो कोई कमी नहीं.

दरअसल, युवतियों में भी अपने अंगों की बनावट, आकार और साफसफाई को ले कर तुलनात्मक हीनता की भावना होती है, इसीलिए वे अंधेरे में ही निर्वस्त्र होना चाहती हैं. ऐसे में वे अपने प्रेमी से अपने अंगों और सौंदर्य की प्रशंसा की अपेक्षा रखती हैं. कई प्रेमी अपनी प्रेमिका को मोटी, काली जैसे संबोधनों से नवाजते हैं. ऐसे में प्रेमिका का तनावग्रस्त होना स्वाभाविक है. ऐसी प्रेमिकाएं अपने प्रेमी के साथ सेक्स संबंध बनाने से भी कतराती हैं. जाहिर है, उन का यौन जीवन नीरस और आनंदविहीन हो जाता है.

झूठी प्रशंसा की जरूरत नहीं

समझदार प्रेमी वही है जो अपनी प्रेमिका की त्वचा की कोमलता, आंखों की खूबसूरती, होंठों, लंबे घने बालों, उस की मांसल टांगों, वक्ष, नितंब आदि की खूबसूरती व सेक्सुअली अट्रैक्शन की प्रशंसा कर प्रेमिका का आत्मविश्वास बढ़ाए और हंसीठिठोली करे ताकि प्रेमिका पूर्ण समर्पण व सहयोग करे.

सेक्स के बाद भी चाहिए अटैंशन

कई बार प्रेमी प्रेमिका के साथ एकांत पाते ही अंतरंग क्षणों का जम कर आनंद उठाते हैं और फिर चरम पर पहुंच कर स्खलित होते ही मुंह फेर कर प्रेमिका को घरहोस्टल छोड़ने या फिर जाने को कहते हैं, मानो उन्हें अब प्रेमिका से कोई मतलब ही नहीं. उन्हें मतलब तो उस से सिर्फ सेक्स की दरकार थी.

ऐसे में प्रेमिका खुद को बेहद अकेली, उपेक्षित और यूज ऐंड थ्रो वाली वस्तु समझती है. उसे लगता है कि बस सेक्स प्रेमी का अंतिम उद्देश्य था. प्रेमिका चाहती है कि सेक्स और स्खलन के बाद भी प्रेमी उसे चूमे, उस के अंगों को सहलाए ऐसा करतेकरते प्रेमिका को बांहों में भरते हुए उसे वापसी के लिए कहे या छोड़ कर आए. इस से प्रेमिका को आत्मसंतोष महसूस होता है.

चाहिए नौन सेक्सुअल टच

युवतियों को यह बात बिलकुल अच्छी नहीं लगती कि मिलने पर उन का प्रेमी उन्हें एक बार भी छुए या चूमे नहीं और बस एकांत पा कर फोरप्ले के लिए ही बढ़े बल्कि प्रेमिका चाहती है कि जब प्रेमी उस से मिले तो उसे छुए, चूमे लेकिन यह टच नौन सेक्सुअल हो. वह छेड़छाड़ या हंसीमजाक के लिए या अपनापन जताने के लिए छुए. कभी उस के बालों को सहलाए, उस की पीठ पर हाथ फेरे, उस के गालों को चूमे, थपथपाए, होंठों को चूमे.

अत: रिश्ते में मजबूती के लिए ये बातें बेहद जरूरी हैं. प्रेमिका को जताएं कि आप उसे सिर्फ सेक्स के लिए नहीं चाहते बल्कि सेक्स से भी अहम है आप का उस के प्रति प्रेम व लगाव.

उत्तेजना के लिए रोमांटिक बातें जरूरी

एकांत पाते ही प्रेमिका को जकड़ लेना और उत्तेजित हुए बिना ही सेक्स करना प्रेमिका को बिलकुल नहीं भाता. इस के विपरीत वह अपने प्रेमी से एकांत के समय मीठी छेड़छाड़, रोमांटिक बातें और गुदगुदाने वाले सैक्सी किस्से सुनना पसंद करती है जो उसे भीतर तक भनभना दें. इस से उस का मूड बनता है.

इसी प्रकार सेक्स के दौरान प्रेमिका की प्रशंसा, उस के साथ प्यार का इजहार और उस का नाम ले कर आहें भरना, गरम सांसें लेना प्रेमिका को उत्तेजना से भर देता है. सेक्स थेरैपिस्ट लिन एटवाटर का कहना है, ‘‘युवतियों को शारीरिक संबंधों से ज्यादा दिलचस्पी मानसिक उत्तेजना और मानसिक संबंधों में नजर आती है.’’

यूनिवर्सिटी औफ कैलिफोर्निया मैडिकल स्कूल की साइकोलौजिस्ट लोनी बारबच कहती हैं, ‘‘अकसर पढ़ाई और अगर जौब है तो औफिस वर्क के दबाव के बीच किसी युवती को सब से ज्यादा जरूरत सहानुभूति और प्रेमपूर्ण बातों की ही होती है. उसे शरीर सहलाने से जितना मजा मिलता है उस से कई गुणा ज्यादा मजा उस का मन सहलाने से मिलता है. हर प्रेमिका चाहती है कि उस का प्रेमी उस के साथ रोमांटिक बातें करें.

आखिर क्या है सेक्स फैंटेसी, पढ़ें खबर

शारीरिक संबंधों में अनावश्यक सहना या अपनेआप समय गुजरने के साथ उन में तबदीली हो जाने की गुंजाइश मान कर चलना भ्रम है. यह इन संबंधों के सहज आनंद को कम करता है. कुछ महिलाओं ने बताया कि उन्हें पति की आक्रामकता पसंद नहीं आती थी. लेकिन लज्जा या संकोचवश कुछ कहना अच्छा नहीं लगता था.

कुछ महिलाओं का कहना है कि पति को खुद भी समझना चाहिए कि पत्नी को क्या पसंद आ रहा है, क्या नहीं. मगर इस पसंदनापसंद के निश्चित मानदंड तो हैं नहीं, जिन से कोई अपनेआप ही समझ जाए और आनंद के क्षण जल्दी और ज्यादा मिल जाएं.

सेक्स को ले कर जितने आतुर मर्द रहते हैं उतनी महिलाएं भी होती हैं. हां यह बात अलग है कि वे इस का जिक्र कभी किसी से नहीं करती हैं. बात अगर स्पैशल रात की हो तो मर्दों से ज्यादा महिलाओं में ऐक्साइटमैंट होता है. यह कहानी सिर्फ हीरो का इंतजार करती हीरोइन की नहीं, बल्कि हर उस लड़की की है जो बेसब्री से इंतजार करती है.

कोई रिश्ता परफैक्ट नहीं

सचाई यह है कि कोईर् भी रिश्ता परफैक्ट नहीं होता. यदि आप यह सोचती हैं कि रिश्ते में सब कुछ आप की मरजी के अनुसार या किसी फिल्मी कहानी की तरह होना चाहिए, तो चोट लगनी लाजिम है. हर रिश्ता अलग होता है. यही नहीं हर रिश्ते को आप के प्यार, समर्पण, श्रम और साथ के खादपानी की जरूरत होती है. कई बार रिश्ता टूटने की वजह बेमानी ही होती है.

वह हमेशा सही बातें करेगा

ऐसा नहीं होगा और न ही आप उस से ऐसी उम्मीद रखें. वह परफैक्ट नहीं है और न ही वह किसी रोमानी फिल्म का हीरो है, जो हमेशा सही और अच्छी बातें ही करेगा. वह भी इंसान है और आम इंसानों की तरह वह भी गलतियां करेगा. वह ऐसी बातें कर सकता है, जो उसे नहीं करनी चाहिए.

और्गैज्म

पति हो या पत्नी, दोनों में से किसी भी एक का तरीका यदि आक्रामक व नैगेटिव हो तो उस के भावों पर ध्यान देना चाहिए. बहुत सी पत्नियां अपने पति से कहतीं कि तुम स्वार्थी हो, तुम्हें सिर्फ अपने आनंद की पड़ी होती है, तुम्हें मेरी परवाह नहीं. इस का सीधा मतलब है अभी उस का और्गैज्म पर पहुंचना बाकी है या आप उस के और्गैज्म पर पहुंचने की परवाह नहीं करते. जल्दीजल्दी और बारबार कही गई बात चिढ़ाने और सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली हो सकती है.

इसलिए जब भी जितना कुछ कहा जाए वह किया भी जाए. तभी वह सार्थक और असरदार बदलाव लाने वाला होता है. निजी संबंधों को कहनेसुनने की कुशलता सिर्फ बैडरूम तक ही सीमित नहीं रहती. वह जीवन में घरबाहर भी सार्थक बातचीत का सिस्टम पैदा करती है और उसे बढ़ावा देती है.

सेक्स कोरी क्रिया नहीं, एक खूबसूरत कला है. इसे सदियों से काम कला का स्थान प्राप्त है. इस में हर बार कुछ नया, कुछ अनोखा किए जाने का स्कोप रहता है. पतिपत्नी के रिश्ते में प्यार और सेक्स दांपत्य की इमारत को खड़ा करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले मजबूत पिलर हैं.

सेक्स फैंटेसी को लेकर लोगों की बदलती सोच, पढ़ें खबर

सेक्स को ले कर महिलाओं पर रूढिवादी सोच हमेशा हावी रही है. लेकिन अब समय के साथ यह टूटने लगी है. अब पुरुषों की ही तरह महिलाएं भी सेक्स को पूरी तरह ऐंजौय करना चाहती हैं. इसे ले कर उन के मन में कई तरह के सपने भी होते हैं. अब ये बातें भी पुरानी हो गई हैं कि कौमार्य पति की धरोहर है. अब शादी के पहले ही नहीं शादी के बाद भी सेक्स की वर्जनाएं टूटने लगी हैं. शादी के बाद पतिपत्नी खुद भी ऐसे अवसरों की तलाश में रहते हैं जहां वे खुल कर अपनी हसरतें पूरी कर सकें.

परेशानियों से बचाव

सेक्स के बाद आने वाली परेशानियों से बचाव के लिए भी महिलाएं तैयार रहती हैं. प्लास्टिक सर्जन डाक्टर रिचा सिंह बताती हैं, ‘‘शादी से कुछ समय पहले लड़कियां हमारे पास आती हैं, तो उन का एक ही सवाल होता है कि उन्होंने शादी के पहले सेक्स किया है.

इस बात का पता उन के होने वाले पति को न चले, इस के लिए वे क्या करें? लड़कियों को जब इस बारे में सही राय दी जाती है तो भी वे मौका लगते ही सेक्स को ऐंजौय करने से नहीं चूकतीं. शादी के कई साल बाद महिलाएं हमारे पास इस इच्छा से आती हैं कि वे शारीरिक रूप से कुंआरी सी हो जाएं.’’

विदेशों में तो सेक्स को ले कर तमाम तरह के सर्वे होते रहते हैं पर अपने देश में ऐसे सर्वे कम ही होते हैं. कई बार ऐसे सैंपल सर्वों में महिलाएं अपने मन की पूरी बात सामने रखती हैं. इस से पता चलता है कि सेक्स को ले कर उन में नई सोच जन्म ले रही है. डाक्टर रिचा कहती हैं कि शादी से पहले आई एक लड़की की समस्या को एक बार सुलझाया गया तो कुछ दिनों बाद वह दोबारा आ गई और बोली कि मैडम एक बार फिर गलती हो गई.

सेक्स रोगों की डाक्टर प्रभा राय बताती हैं कि हमारे पास ऐसी कई महिलाएं आती हैं, जो जानना चाहती हैं कि इमरजैंसी पिल्स को कितनी बार खाया जा सकता है. कई महिलाएं तो बिना डाक्टर की सलाह के इस तरह की गोलियों का प्रयोग करती हैं. कुछ महिलाएं तो गर्भ ठहर जाने के बाद खुद ही मैडिकल स्टोर से गर्भपात की दवा ले कर खा लेती हैं. मैडिकल स्टोर वालों से बात करने पर पता चलता है कि बिना डाक्टर की सलाह के इस तरह की दवा का प्रयोग करने वाले पतिपत्नी नहीं होते हैं.

बदल रही सोच

सेक्स अब ऐंजौय का तरीका बन गया है. शादीशुदा जोड़े भी खुद को अलगअलग तरह की सेक्स क्रियाओं के साथ जोड़ना चाहते हैं. इंटरनैट के जरीए सेक्स की फैंटेसीज अब चुपचाप बैडरूम तक पहुंच गई है, जहां केवल दूसरे मर्दों के साथ ही नहीं पतिपत्नी भी आपस में तमाम तरह की सेक्स फैंटेसीज करने का प्रयास करते हैं.

इंटरनैट के जरीए सेक्स की हसरतें चुपचाप पूरी होती रहती हैं. सोशल मीडिया ग्रुप फेसबुक और व्हाट्सऐप इस में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं. फेसबुक पर महिलाएं और पुरुष दोनों ही अपने निक नेम से फेसबुक अकाउंट खोलते हैं और मनचाही चैटिंग करते हैं. इस में कई बार महिलाएं अपना नाम पुरुषों का रखती हैं ताकि उन की पहचान न हो सके. वे चैटिंग करते समय इस बात का खास खयाल रखती हैं कि उन की सचाई किसी को पता न चल सके. यह बातचीत चैटिंग तक ही सीमित रहती है. बोर होने पर फ्रैंड को अनफ्रैंड कर नए फ्रैंड को जोड़ने का विकल्प हमेशा खुला रहता है.

इस तरह की सेक्स चैटिंग बिना किसी दबाव के होती है. ऐसी ही एक सेक्स चैटिंग से जुड़ी महिला ने बातचीत में बताया कि वह दिन में खाली रहती है. पहले बोर होती रहती थी. जब से फेसबुक के जरीए सेक्स की बातचीत शुरू की है तब से वह बहुत अच्छा महसूस करने लगी है. वह इस बातचीत के बाद खुद को सेक्स के लिए बहुत सहज अनुभव करती है. पत्रिकाओं में आने वाली सेक्स समस्याओं में इस तरह के बहुत सारे सवाल आते हैं, जिन्हें देख कर लगता है कि सेक्स की फैंटेसी अब फैंटेसी भी नहीं रह गई है. इसे लोग अपने जीवन का अंग बनाने लगे हैं.

तरहतरह के लोग

फेसबुक को देखने, पसंद करने और चैटिंग करने वालों में हर वर्ग के लोग हैं. ज्यादातर लोग गलत जानकारी देते हैं. व्यक्तिगत जानकारी देना पसंद नहीं करते. छिबरामऊ की नेहा पाल की उम्र 20 साल है. वह पढ़ती है. वह लड़के और लड़कियों दोनों से दोस्ती करना चाहती है. 32 साल की गीता दिल्ली में रहती है. वह नौकरी करती है.

उस की किसी लड़के के साथ रिलेशनशिप है. वह केवल लड़कियों से सैक्सी चैटिंग पसंद करती है. उस की सब से अच्छी दोस्त रीथा रमेश है, जो केरल की रहने वाली है. वह दुबई में अपने पति के साथ रहती है. अपने पति के साथ शारीरिक संबंधों पर वह खुल कर गीता से बात करती है.

ऐसे ही तमाम नामों की लंबी लिस्ट है. इन में से कुछ लड़कियां अपने को खुल कर लैस्बियन मानती हैं और लड़कियों से दोस्ती और सैक्सी बातों की चैटिंग करती हैं. कुछ गृहिणियां भी इस में शामिल हैं, जो अपने खाली समय में चैटिंग कर के मन को बहलाती हैं. कुछ लड़केलड़कियां और मर्द व औरतें भी आपस में सैक्सी बातें और चैटिंग करते हैं.

कई लड़केलड़कियां तो अपने मनपसंद फोटो भी एकदूसरे को भेजते हैं. फेसबुक एकजैसी रुचियां रखने वाले लोगों को आपस में दोस्त बनाने का काम भी करता है. एक दोस्त दूसरे दोस्त को अपनी फ्रैंडशिप रिक्वैस्ट भेजता है. इस के बाद दूसरी ओर से फ्रैंडशिप कन्फर्म होते ही चैटिंग का यह खेल शुरू हो जाता है. हर कोई अपनीअपनी पसंद के अनुसार चैटिंग करता है.

कुछ लड़कियां तो ऐसी चैटिंग करने के लिए पैसे तक वसूलने लगी हैं. वाराणसी के रहने वाले राजेश सिंह कहते हैं, ‘‘मुझ से चैटिंग करते समय एक लड़की ने अपना फोन नंबर दिया और कहा इस में क्व500 का रिचार्ज करा दो. मैं ने नहीं किया तो उस ने सैक्सी चैटिंग करना बंद कर दिया.’’

इसी तरह से लखनऊ के रहने वाले रामनाथ बताते हैं, ‘‘मेरी फ्रैंडलिस्ट में 4-5 लड़कियों का एक ग्रुप है, जो मुझे अपने सैक्सी फोटो भेजती हैं. मेरे फोटो देखना भी वे पसंद करती हैं. कभीकभी मैं उन का नैटपैक रिचार्ज करा देता हूं. इन से बात कर मैं बहुत राहत महसूस करता हूं. मुझे यह अच्छा लगता है, इसलिए मैं कुछ रुपए खर्च करने को भी तैयार रहता हूं.’’ फेसबुक के अलावा अब व्हाट्सऐप पर भी इस तरह की चैटिंग होने लगी है.

कहीं अंधकार में न धकेल दे आनंद की यह छलांग!

हिमांशी हाय!

कुनाल : हैलो— आप—?

हिमांशी : मेरा नाम हिमांशी है और आपका?

कुनाल : मेरा नाम कुनाल है, क्या तुम मुझसे दोस्ती करोगी?

हिमांशी : क्यों नहीं? अगर न करनी होती तो तुम्हारे चैट बौक्स में थोड़े आती.

कुनाल : ओ, तो ये बात है.

हिमांशी : हां, यही बात है.

कुनाल : सो, ये बताओ तुम्हें किस चीज में दिलचस्पी है?

हिमांशी : लड़कों से दोस्ती करने में.

कुनाल : अच्छा अगर मैं लड़की होती तो तुम मुझसे दोस्ती नहीं करती ?

हिमांशी : नहीं, ऐसा नहीं है। फिर मैं उसे दूसरे तरह से ट्रीट करती—।

कुनाल : इसका क्या मतलब है?

हिमांशी : जाने दो, तुम नहीं समझोगे—।

कुनाल : तुम्हें मैं पागल लगता हूं क्या? मैं इतना भी नासमझ नहीं हूं।

हिमांशी : अच्छा काफी समझदार हो—।

कुनाल : आजमा लो

हिमांशी :  देख लो! मौके में धोखा तो नहीं दोगे।

कुनाल : कुछ भी करवा लो। अगर बीच चैराहे पर छोड़ जाऊं तब तुम मुझे लड़का ही मत समझना–

हिमांशी : क्या! क्या! क्या! लड़का ही न समझूं. कहीं वाकई कोई अबनॉर्मलिटी तो नहीं है? मुझे तो लग रहा है कि कुछ न कुछ गड़बड़ जरुर है.

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कुनाल : यहां कुछ दिखा नहीं सकता वरना सब कुछ दिखा देता.

हिमांशी : कर तो सकते हो

कुनाल : करवा लो, इंतजार किस बात का कर रही हो? चले क्या बेडरूम में.

हिमांशी : मैं कब से इसी बात का तो इंतजार कर रही हूं.

कुनाल : चलो फिर. मेरे बेडरूम में राउंड बेड है और मैंने चारो तरफ कैंडल जलायी हुई है. धीमे स्वर में संगीत बज रहा है.

हिमांशी : वाव! मुझे यहां सुकून मिल रहा है. मैंने कभी इतनी खूबसूरत डेटिंग नहीं की. तुम्हारी खिड़की खुली हुई है.

कुनाल : रुक जाओ लगाकर आता हूं.

हिमांशी : नहीं रहने दो. यहां से बहुत प्यारी हवा आ रही है। ये हवा मेरे पूरे जिस्म में सनसनी फैला रही है.

कुनाल : तुम्हें अच्छा लग रहा है तो ठीक है. मैं नहीं लगा रहा हूं. मैं तो तुम्हें घूर रहा हूं.

हिमांशी : मेरी आंखें शर्म से नीचे हो रही हैं.  मुझमें तुम्हारी आंखों से आंखें मिलाने की हिम्मत नहीं हो रही.

कुनाल : कोई बात नहीं. ऐसा तो लड़कियों के साथ होता ही है.

हिमांशी : तुम्हें तो लड़कियों के बारे में काफी जानकारी है.

कुनाल : हां, खैर ये बताओ कि तुमने पहना क्या है? मुझे उतारना है.

हिमांशी : मैंने मिनी स्कर्ट: ऊपर टॉप है. पीछे से इसके हुक है और तुमने—?

कुनाल : मैंने जीन्स पहना है, ब्लू कलर का और शर्ट है, व्हाईट कलर की. मेरी हाइट 5-10 इंच है. शौर्ट हेयर है, फेयर कलर है.

हिमांशी : मेरी हाइट 5-5 इंच है. 34, 26, 34 मेरा साइज है.

कुनाल : क्या बात है. तुम तो बहुत सेक्सी हो.

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हिमांशी : हां, कोई लड़का कॉम्पलीमेंट करता है तो ऐसा ही लगता है. मैंने अपने होंठों पर लाल रंग की लिपस्टिक लगाई है और बालों में पोनी बना रखी है. मेरी लटें मेरी आंखों में गिर रही है.

कुनाल : तुम्हारी लटें जो हवा से तुम्हारे चेहरे पर आ गिरी, उसे मैंने धीरे से तुम्हारे कान के पीछे कर दिया है और अब तुम्हारे गालों पर एक किस कर रहा हूं.

हिमांशी : हाय! मै शर्म से लाल हो गई.

कुनाल : मेरी जान इतना शर्माओगी तो आगे के काम कैसे करोगी?

हिमांशी : मैं तुम्हारे होंठों का रस पी रही हूं.

कुनाल : मजेदार है. तुम्हारे होंठ बड़े मीठे हैं. साथ ही तीखापन भी मौजूद है. जाने अंदर का माल कितना स्वादिष्ट होगा?

हिमांशी : चुप नालायक.

कुनाल : मैं अपने हाथ तुम्हारे पीठ पर सहला रहा हूं.

हिमांशी : मुझे गुदगुदी हो रही है. मैंने अपनी उंगलियां तुम्हारे बालों में फंसायी हुई है.

कुनाल : मैंने अपना हाथ तुम्हारी टॉप के अंदर घुसा दिया.

हिमांशी : हां, मुझे ठंडक महसूस हो रही है.

कुनाल : चेन खोल दिया. तुम्हारी ब्रा का हुक मुझे चुभ गया

हिमांशी : ध्यान से करो. मैंने ब्लैक कलर की ब्रा पहनी है.

कुनाल : लगता है तुम्हारी हुक टूटी हुई हैं

हिमांशी : हां, आज सुबह हैंगर से निकाल रही थी तभी टूट गई थी.

कुनाल : तुम बिना टॉप के कितनी खूबसूरत लग रही हो. मैं शब्दों में बयान नहीं कर सकता.

हिमांशी : मैं तुम्हारी शर्ट के बटन खोल रही हूं. मैं तुम्हारे अंदर के माचो मैन को देखना चाहती हूं.

कुनाल : मैं भी चाहता हूं कि तुम जल्द से जल्द खोल दो. तुम खोलती रहो. मैं तुम्हारे गर्दन का रस चूस रहा हूं.

हिमांशी : मुझे बहुत मजा आ रहा है. मैं, मानों सातवें आसमान पर हूं. मैंने तुम्हारी पूरी शर्ट खोल दी है. तुम्हारा सीना तेरे सामने है. मैं तुम्हारे सीने को चूम रही हूं.

कुनाल : मैं गीला हो रहा हूं. मुझसे रहा नहीं जा रहा. मैं तुम्हारी स्कर्ट के बटन खोल रहा हूं.

हिमांशी : मुझे भी तुम्हारे खूबसूरत औजार को देखने का मन हो रहा है. मैं अपना हाथ तुम्हारे पैंट के अंदर डाल रही हूं.

कुनाल : तुम्हारी स्कर्ट मेरे हाथ में है.

हिमांशी : क्या!

कुनाल : हां, तुम टू पीस में बिल्कुल मेरी मल्लिका लग रही हो.

हिमांशी : मेरे हाथ में कुछ आ गया. यह बहुत टाइट है.

कुनाल : तुम्हारे प्यार का नतीजा है. इतनी देर जो कर रही हो, उसके चलते यह सब हो रहा है.

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हिमांशी : तुम तो बिल्कुल गीले हो चुके हो. तुम अब और किसका इंतजार कर रहे हो जो करना है जल्दी कर लो. मैं और इंतजार नहीं कर सकती. मेरे सब्र का इम्तहान मत लो. मेरी धड़कनें और मत बढ़ाओ. मैं तुम्हारी पूरी पैंट उतार रही हूं.

कुनाल : जल्दी करो.

हिमांशी : कर दिया. अमेजिंग. मैंने ऐसा आज से पहले कभी महसूस नहीं किया था.

कुनाल : मैं तुम्हारे सीने को दो उभारों को ब्रा से निकाल चुका हूं और उन्हें दबाने में बेहद आनंद आ रहा है. बिल्कुल ऐसा लग रहा है मानो मुलायम बॉल्स हैं.

हिमांशी : खोल दो!

कुनाल : खोल चुका हूं. लगता है तुम तो मुझसे भी ज्यादा उत्तेजना महसूस कर रही हो.

हिमांशी : मेरे गले से आवाज नहीं निकल रही.

कुनाल : मैं तुम्हें अपने बाहों में भरकर बेड में लिटा रहा हूं. तुम मेरी गोद में बिल्कुल एक बच्ची जैसी लग रही हो. सिर्फ तुम्हारी पैंटी उतारने की देरी थी. शिट! पैंटी क्यों नहीं उतारी?

हिमांशी : अब उतार दो. मैं तो कह ही रही थी कि उतार दों

कुनाल : मैं चलता हूं तो तुम्हारे दो उभार हिलते हैं, ऐसा नजारा प्रकृति की और किसी चीज में मौजूद नहीं हैं.

हिमांशी : हां, तुम चल रहे हो और तुम्हारा औजार सीधा खड़ा है.

कुनाल : बिल्कुल सही पहचाना, उसे अपनी जगह चाहिए

हिमांशी : लेकिन उससे पहले मेरा मुंह सूख रहा है. क्या मेरी प्यास नहीं बुझाओगे.

कुनाल : मैं कौन होता हूं तुम्हें रोकने वाला. तुम तो मेरी रानी हो, मेरी शहजादी हो.

हिमांशी : ये कितना नमकीन है. कितना रसीला है.

कुनाल : तेजी से करो और तेज और भी—

हिमांशी : कर रही हूं. इससे तेज नहीं कर सकती.

कुनाल : रुक जाओ. अब इसे इसकी जगह पर पहुंचा दो. हमारे प्यार को अंतिम सीमा तक पहुंचा दो.

हिमांशी : अरे, लगता है कुछ गिर गया.

कुनाल : क्या?

हिमांशी : एक कैंडल गिर गई.

कुनाल : जाने दो. फिलहाल यहां-वहां नजर मत दौड़ाओ.

हिमांशी : अरे मेरे राजकुमार अगर आग लग गई तो?

कुनाल : लो मैंने मोमबत्ति बुझा दी.

हिमांशी : मुझे प्यास लग रही है.

कुनाल : तुम क्या चाहती हो.

हिमांशी : वही जो तुम चाहते हो.

कुनाल : तो करने क्यों नहीं देती?

हिमांशी : मैं तो बस तुम्हारा सब्र देख रही थी.

कुनाल : फिलहाल मैं हार चुका हूं. करने दो मुझे

हिमांशी : मैं भी! और तेज और तेज और भी—. मुझे दर्द हो रहा है.

कुनाल : सॉरी! क्या तुम्हें दुख रहा है.

हिमांशी : हां, बहुत तेजऋ लेकिन मुझे मजा आ रहा है. तुम लगे रहो. करो और भी तेज. अपनी पूरी ताकत लगा दो. अपने अंदर का जंगली जानवर जगा दो. अअअअअअ—-.

कुनाल : तुम्हारी ये सिसकियां मेरी जान लेकर रहेंगी.

हिमांशी : मैं रुक नहीं सकती. अअअअअअअअ.

……और ये बातें अंत तक चलती रहीं जब तक दोनों क्लाइमेक्स पर पहुंच गए.

आज से करीब सात साल पहले यह मुंबई के दो टीनएजर की इंटीमेट चैट थी, जो वायरल हो गई थी. इसमें नाम काल्पनिक हैं बाकी बातचीत वही है, जो उस समय दोनों के बीच हुई थी. हिमांशी और कुनाल यूं तो फेसबुक के मैसेज बाक्स में उन दिनों बातचीत कर रहे थे, मगर ये सिर्फ बातचीत नहीं थी. दोनों इसके जरिये अपनी सेक्सअुल फंतासी इंज्वॉय कर रहे थे. वास्तव में ऐसी ही अंतरंग बातचीत के जरिये साइबर सेक्स की शुरुआत हुई थी, जो आज वर्चुअल इंटरकोर्स तक पहुंच चुका है. साइबर सेक्स को कम्पयूटर सेक्स, इंटरनेट सेक्स, नेट सेक्स, मड सेक्स, टाइनी सेक्स आदि कई नामों से जाना जाता है. इसके तहत हम व्यवहारिक तौरपर भले कुछ नहीं करते हैं, लेकिन वर्चुअल तौरपर या कहें कि बातों और कल्पनाओं में सारी हदें तोड़ देते हैं. सबसे बड़ी बात ये है कि नेट सेक्स में लोग अपने नेट फ्रेंड के जरिये तो यह सब करते ही हैं, साथ ही अजनबी लोगों के साथ भी अंगतरंगता का लुत्फ उठाते हैं. नेट सेक्स दरअसल फीलिंग की दुनिया है. बातों से और अब तो लाइव होकर बिल्कुल असली की तरह यह सब किया जाता है. नेट सेक्स महज झूठमूठ की एक्टिंग भर नहीं होता बल्कि इससे लोग वैसे ही संतुष्ट होते हैं, जैसे सचमुच का सेक्स करने से होते हैं.

मीठे मीठे दर्द की अनुभूति, सिसकियों की धीमी धीमी आवाज निकालकर और बदन के वैसे ही हाव भाव निकालकर साइबर सेक्स के जरिये भरपूर संतुष्ट हुआ जाता है. यही नहीं साइबर सेक्स अपनी फंतासियों के पूरा करने का भी एक कृत्रिम जरिया है. वास्तव में साइबर जगत एक ऐसी दुनिया बन गई है, जहां अपनी किसी भी कल्पना को वर्चुअल तरीके से अंजाम दे दिया जाता है. हालांकि अब इसमें कई तरह के अपराधिक तौर तरीके भी जुड़ गये है मसलन- कुछ पॉर्न वेबसाइटें सचमुच में लाइव सेक्स का प्रसारण करते हैं. मतलब यह कि लोग सेक्स की जो तमाम फंतासियां पहले पॉर्न फिल्मों के जरिये देखते थे, अब उन्हें न केवल लाइव भी दिखाया जाता है बल्कि दोहरे कम्युनिकेशन की व्यवस्था से दूर बैठे देखने वाले लोग इस पूरी प्रक्रिया को अपनी इच्छा के मुताबिक करने के लिए कह सकते हैं.

लेकिन जब इस दोहरे संवाद की सुविधा नहीं थी, तब भी साइबर सेक्स के दीवाने वेबकैम और हैड फोन का इस्तेमाल करते हुए, लाइव तरीके से हस्तमैथुन तक करने लगते थे. हालांकि आज पूरी दुनिया में बढ़ते साइबर सेक्स को लेकर बहुत चिंताएं जतायी जा रही हैं, लेकिन समाजशास्त्रियों का नजरिया इसमें बंटा हुआ है. कुछ का मानना है कि इस पर तुरंत सख्त पाबंदी लगनी चाहिए. क्योंकि यह बलात्कार की घटनाओं के लिए माहौल तैयार करता है. जबकि कुछ समाजशास्त्रियों का मानना है कि इसके जरिये तमाम यौन अपराध होने से बच जाते हैं, क्योंकि लोग कृत्रिम तरीके से अपनी सेक्सुअल जरूरतें पूरी कर लेते हैं. हालांकि यह कभी न खत्म होने वाली बहस है. लेकिन जिस तरह साइबर सेक्स धीरे धीरे ड्रग्स की तरह लत बन जाता है, उसके मद्देनजर इससे एक अनुशासित दूरी बनाकर रखना जरूरी है. पॉर्न तब तक बीमारी नहीं है बल्कि तरोताजा होने का उपाय है, जब तक पॉर्न देखने की फ्रीक्वेंसी पर हमारी इच्छा का नियंत्रण है. लेकिन अगर हम पॉर्न देखने की इच्छा पर नियंत्रण रखने में असफल हों तो इसके जबरदस्त नुकसान हैं. असल में तब यह एक ऐसी लाइलाइज बीमारी में तब्दील हो जाती है, जिससे उबरना मुश्किल होता है.

पिछला दशक पूरी दुनिया में साइबर सेक्स की फंतासियों का इंज्वाय करने वाला दशक था. लेकिन पिछले पांच छह सालों से पूरी दुनिया में साइबर पॉर्न के तमाम जाने अंजाने खतरे सामने आये हैं, जिनसे समाजशास्त्री बहुत चिंतित हैं. वास्तव में अमरीका और यूरोप जहां आज हर एक लाख की आबादी के बीच औसतन एक ऐसा क्लिनिक खुल गया है, जहां साइबर सेक्स के एडिक्शन का इलाज हो रहा है, उससे इसके खतरे का जबरदस्त तरीके से भान हुआ है. समाजशास्त्रियों के मुताबिक साइबर सेक्स एक ऐसी लत है, जो हमें तमाम व्यवहारिक दुनिया से न सिर्फ काट देती है बल्कि उस दुनिया का आनंद लेने में भी अरूचि पैदा कर देती है. हाल के सालों में अमरीकी हाईवेज में पांच से सात फीसदी रोड एक्सीडेंट बढ़े हैं. समाजशास्त्रियों का मानना है कि इनमें कार चलाते हुए, पॉर्न देखने की लत का एक बड़ा हिस्सा है. यही नहीं पॉर्न देखने में औसतन हर व्यक्ति दिन के कम से कम दो घंटे बरबाद करता है. इस श्रम का एक मौद्रिक मूल्य तो है ही. इसका एक भावनात्मक मूल्य भी है. हर दिन औसतन दो घंटे पॉर्न देखने वाले 90 फीसदी लोग निराशा और बेचैनी से घिरे रहते हैं. इनकी उत्पादन क्षमताओं पर साफ साफ इसका असर दिखता है. सबसे बड़ी बात यह है कि यूरोपियन साइक्रेटिक एसोसिएशन का मानना है कि इसके कारण बहुत तेजी से मानसिक रोगियों की संख्या बढ़ी है. कुल मिलाकर साइबर सेक्स एकांत में भले मजा देने का सुरक्षित तरीका हो, लेकिन इसके जो नुकसान सामने आ रहे हैं, उसको देखते हुए तो यही ठीक है कि इससे बचा जाए.

आखिर कौनसी सेक्स पोजीशन है सबसे खतरनाक, पढ़ें खबर

साइंटिस्ट्स ने सबसे कौमन सेक्स पोजीशंस में से एक को सबसे खतरनाक बताया है. साइंटिस्ट्स के मुताबिक, आधे से ज्यादा पीनाइल फ्रैक्चर्स के लिए वूमन औन टौप पोजीशन जिम्मेदार है. ब्राजील के रिसर्चर्स ने तीन हौस्पिटल्स में केसेज की स्टडी के बाद ये खुलासा किया है.

इस पोजीशन में महिलाएं अपने पूरे बौडी वेट के साथ पेनिस को कंट्रोल करती हैं. अगर पेनेट्रेशन में जरा भी गड़बड़ी हुई तो मर्द कुछ नहीं कर पाते. इसमें महिलाओं को तो दर्द नहीं होता लेकिन पेनिस को चोट पहुंचती है. डौगी स्टाइल सेक्स भी 29 परसेंट फ्रैक्चर्स के लिए जिम्मेदार माना गया है.

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रिसर्च में, मिशनरी पोजीशन सेक्स के लिए सेफेस्ट पोजीशन के तौर पर सामने आई है. रिसर्चर्स ने हौस्पिटल में इलाज कराने आए 44 पुरुषों का अध्ययन किया. इनमें से 28 फ्रैक्चर्स हेट्रोसेक्सुअल सेक्स से हुए, 4 होमोसेक्सुअल से और 6 पेनिस मैनिपुलेशन से. हालांकि बाकी 4 फ्रैक्चर्स का कारण डौक्टर्स को समझ नहीं आया.

रिसर्चर्स ने नोट किया कि केसेज में चोट अनकौमन है और जिन्हें फ्रैक्चर होता है, वे बताने से डरते हैं. ऐसे में इस तरह के फ्रैक्चर्स की असल संख्या और ज्यादा हो सकती है. रिसर्च पेपर के कंक्लूजन में लिखा है, “हमारी स्टडी के मुताबिक, वूमन औन टौप पोजीशन के साथ सेक्सुअल इंटरकोर्स पीनाइल फ्रैक्चर्स के लिए सबसे रिस्की है. जब एक मर्द मूवमेंट को कंट्रोल करता है तो वो पेनेट्रेशन के दौरान पेनिस में दर्द को रोकने की स्थिति में होता है.”

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