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Relationship Drama : पत्नी से दूर पत्नी के पास

Relationship Drama. झोंपड़ी के भीतर उस समय 4 लोग ही थे. हरबिलास, उस की पत्नी दुर्गा और 2 नन्हे बच्चे. बच्चे दुर्गा से चिपट कर सोने की जिद कर रहे थे.

हरबिलास ढिबरी की रोशनी में उबले चावल और मछली का शोरबा खा रहा था. दुर्गा ने बांस की चटाई बिछाई और बच्चे उस पर लेट गए.

हरबिलास जल्दीजल्दी कौर निगल रहा था. उसे मालूम था कि दुर्गा अभी फट पड़ेगी. यह उस का हर रात का सिलसिला जो था.

कुछ देर दुर्गा बड़बड़ करती रही, फिर बरतन समेट कर सोने चली गई. थोड़ी देर बाद हरबिलास भी सोने चला गया. महीनों से हर दिन यही होता.

अगली सुबह दुर्गा ठेकेदार रामा के खेमे में छोटे बच्चे को गोद में उठाए चली गई. वहां गांव की कच्ची सड़क पक्की होने वाली थी. भला हो ठेकेदार का, जिस ने दुर्गा की जिंदगी की डूबती नैया को किनारे लगाया.

तब हरबिलास का काम होता पंचायतघर के पास वाली पान की दुकान में कैरम खेलना, जहां कुछ अनपढ़ किसान और मनचले लड़के आ धमकते. वहीं पर हरबिलास का दूसरा बच्चा उन के खेल से अनजान मिट्टी में खेलता. धूप के चढ़ते ही वे घर लौट आते… ठीक उसी समय दुर्गा भी काम से लौट आती.

घर आते ही दुर्गा चौकाबरतन संभालती. कुछ दालभात बना देती, मछली भी पका देती, तब बच्चों को कुछ ढंग का खाना मिलता. ऐसा कई महीनों से चल रहा था.

उस शाम वह अपने पति पर बरस ही पड़ी, ‘‘तुम मेरी न सोचो, पर इन बच्चों की तो सोचो. बस, उधार की चाय पीना और बीड़ी फूंकना… और तेरा फर्ज पूरा हो गया… दूसरों को देख, जो हजारों रुपए कमा रहे हैं… इसी जमीन से जो सरकार ने तुम्हें दी है… हाय, मेरी तो जिंदगी ही तबाह हो गई है…’’ और वह दोनों बच्चों को गोद में ले कर रोने लगी.

आखिर वह करती भी क्या. पति निठल्ला ही सही, पति ही तो है न… उस ने भात परोस दिया. उसे खा कर हरबिलास मस्त पड़ा रहा… और सोचने लगा, ‘ये औरतें हमेशा मर्दों के पीछे क्यों पड़ी रहती हैं…’ ऐसे ही रात बीत गई.

जब हरबिलास सुबह उठा, उस के मन में नए जज्बे ने जन्म ले लिया था. अपनी विरासत में मिली जमीन को वह बहुत देर तक देखता रहा… और कोई अहम फैसला ले कर लौटा.

उस दिन के बाद से हालात बदलते जा रहे थे. हरबिलास ने अब नदी वाली उस मैदानी जमीन में सब्जी उगाने की सोची. उस ने कई किस्म की सब्जियों के बीज खरीदे और अपने खेतों में बो दिए, फिर जीजान से खेतों की देखभाल में जुट गया.

ऐसा लगा, जैसे सुहाने दिन फिर लौट आए थे. खेत के पास की नदी में पानी की कमी न थी… सिंचाई की सुविधा का ही नतीजा था कि 3-4 महीनों के बाद सब्जियों की भरपूर फसल तैयार हो गई.

अब हरबिलास साइकिलरिकशे में माल लाद कर बहुत सवेरे सब्जी हाट पहुंच जाता. कभीकभी शाम का बाजार लगते ही दोबारा पहुंचता… अब तो उस की पौबारह हो गई… सब्जियों की बिक्री जोरों पर चल निकली.

चूंकि हरबिलास सीधे बाजार में सब्जी बेचता था, तो दाम भी अच्छे मिलने लगे… सरकारी बाबुओं और औरतों की भीड़ उस की दुकान में उमड़ पड़ती थी. मोहिनी उन में से एक थी…

मोहिनी हर दूसरे दिन उस की दुकान पर सब्जी खरीदने चली आती… मोहिनी के घर में सिर्फ उस का बूढ़ा बाप था… छोटेमोटे घरेलू काम कर के जैसेतैसे मोहिनी का गुजारा होता था. कभीकभी हरबिलास उसे सब्जी और अंडे उधार भी देता था. वह उस की खूबसूरती पर फिदा था. मोहिनी भी उस की ओर खिंची जा रही थी.

हरबिलास के हाथों में फड़फड़ाते नोटों से मोहिनी हैरान होती जा रही थी. हरबिलास पर उस का जादू इस तरह से छाया कि वह सोतेजागते उस के सपने देखने लगा था, पर दुर्गा हरबिलास के मन में उठ रहे ज्वारभाटे से अनजान थी.

इसी बीच मोहिनी का बूढ़ा बाप ‘बुखार’ से चल बसा. हरबिलास ने ही दाहसंस्कार का सारा बंदोबस्त किया. तब मोहिनी एकदम अकेली हो गई थी.

हरबिलास ने ही दया कर के सबकुछ संभाल लिया था. वह अब दुर्गा के पास कम ही जाया करता था, पर उसे मासिक खर्चे की सारी रकम दे देता था. बच्चों से मिलने का मन होता, तो उधर चला जाता.

दुर्गा क्या कहती भला. दोनों बच्चे सहमे से उस की गोद में आ बैठते. दुर्गा आंसू बहाती रहती. हरबिलास फिर लौट जाता अपनी मोहिनी के पास. मोहिनी ने भी उसे अपना सबकुछ मान लिया था.

मोहिनी के साथ जिंदगी का सफर अब उसे अच्छा लग रहा था. उन दिनों उसे यों लगा था, जैसे वह आज तक जिया ही इन्हीं दिनों के लिए था. वह जो कहती, हरबिलास उसे ले देता. घरेलू कामकाज वह जल्दी ही निबटा देती, फिर उस के पास बहुत समय होता और तब उसे ऊब होने लगती.

समय गुजारने के लिए हरबिलास ने बगीचे में एक चाय की दुकान खोल दी. अब सुबहशाम मोहिनी दुकान संभालने लगी.

मोहिनी की चंपई रंगत और लुभावनी अदाएं देख कर हर कोई उस से बातें करना चाहता. अब तो मोहिनी की दुकान में मनचले छोकरों और बाबुओं की भीड़ उमड़ने लगी.

पास ही सरकारी बाबुओं की जो कालोनी थी… वहीं एक नौजवान मनमोहन नयानया आया था, जो किसी दफ्तर में काम करता था.

पहले दिन ही जब वह आया, मोहिनी उसे देखती ही रह गई. उस ने नीली जींस और सफेद कमीज पहन रखी थी. पैरों में चमड़े के जूते चमचमा रहे थे.

आते ही वह दुकान की बैंच पर बैठ गया. उस ने एक चाय का और्डर दिया. मोहिनी जल्दी ही चाय बना लाई. चाय देते समय दोनों के हाथ एकदूसरे से छू गए. मोहिनी एक पल के लिए सिहर सी गई.

दोनों की नजरें मिलीं और मनमोहन के होंठों पर अनजाने में ही एक मुसकान बिखर गई. मोहिनी भी मुसकरा उठी. उस के मन में एक गुदगुदी सी उठी. अब मनमोहन सुबहशाम दुकान में आने लगा.

इधर हरबिलास काम के बोझ से थकामांदा घर लौटता. अब वह थोड़ी जिस्मानी कमजोरी भी महसूस करने लगा था. रात का भोजन करते ही वह बिस्तर पर गिर पड़ता और खर्राटे लेने लगता. मोहिनी की स्वाभाविक इच्छाओं से वह अनजान ही रहता.

एक रविवार को मनमोहन तैयार हो कर मोहिनी के घर जा पहुंचा. वह अकेली थी. उस ने बहुत बढि़या भोजन तैयार कर रखा था. भात, मछली का शोरबा, सरसों का साग, अचार वगैरह. वह प्यार से परोसती रही और वह खाने लगा.

मनमोहन के कहने पर मोहिनी भी साथ बैठ कर खाने लगी. वह उसे कनखियों से निहारती रही. खाना खाने के बाद मोहिनी ने मनमोहन को मीठे पान का बीड़ा दिया. फिर उस ने सारे बरतन समेट लिए और दोनों खाट पर बैठ कर बतियाने लगे.

बातों के बीच में मोहिनी ने वह सारा किस्सा सुना दिया कि कैसे हरबिलास ने उस से ब्याह रचाया… उस की पत्नी और 2 बच्चे हैं. उन के पास वह कभीकभार जाया करता है. इधर कुछ दिनों से मोहिनी के लिए उस के पास समय ही नहीं होता. बातें करते हुए मोहिनी उस से खुलती चली गई… जिंदगी में ऐसा नौजवान उसे पहली बार ही तो मिला था.

‘‘क्या तुम ने किसी से प्यार किया है?’’ मोहिनी पूछ बैठी.

‘‘प्यार… प्यार के बारे में सिर्फ सुना है. किया कभी नहीं,’’ उस ने उदास हो कर कहा.

‘‘थोड़ी हिम्मत करोगे, तो प्यार कर भी सकोगे,’’ उस ने शरारत व शोख अदा से कहा और तिरछी नजर से मनमोहन को देखती रही. मनमोहन भी ठहरा जवान व मनचला, जोश को वह भी कहां रोक सकता था भला.

‘‘सच…’’ इतना कह कर उस ने मोहिनी का हाथ पकड़ लिया और उसे भींच कर चूम लिया. उस ने कुछ न कहा और अगले क्षण वे भीतर के कमरे में एकदूसरे में समा गए.

अब जब भी मौका मिलता, मोहिनी मनमोहन से जिस्मानी रिश्ता बना लेती. किसी तरह हरबिलास के कानों में यह खबर पहुंची कि उस की नई पत्नी उस के पीछे क्या गुल खिला रही है.

यह सब सुन कर अधेड़ उम्र का हरबिलास मन मसोस कर रह गया. अब वह शराब के नशे में धुत्त रहने लगा था. वह देर से घर लौटने लगा. ऐसे क्षणों में उसे दुर्गा की बेहद याद आने लगी.

एक दिन जब मन बोझिल हो गया, तो वह दुर्गा के पास चला आया. उस ने पति का खूब स्वागत किया. साथ ही, आंसू भी बहाती रही. बच्चे सहम कर उस की गोद में आ बैठे.

मोहिनी के साथ रह कर उसे क्या मिला, तनावभरी रातें और पछतावे के आंसू…

लौटते वक्त दुर्गा ने हरबिलास से कहा, ‘‘सत्यानाश हो उस चुड़ैल का… अब भी लौट आइए, अगर आप का मन भर गया हो…’’

आज सुबह से ही हरबिलास की सेहत कुछ ठीक नहीं थी. वह कुछ कमजोरी महसूस कर रहा था. सब्जियों की पैदावार भी कुछ कम हो गई थी. उस ने जल्दी ही घर लौटने का फैसला किया. उस ने दुकान बंद की, घर का कुछ सामान लिया और धीरेधीरे घर की ओर चलता रहा.

शाम घिर आई थी. घर पहुंच कर उस ने सामान सामने के कमरे में मेज पर रखा और भीतर के कमरे की ओर बढ़ा… उस ने सोचा, मोहिनी शायद भीतर लेटी हो.

उस ने दरवाजे का परदा हटाया और भीतर झांका. वह नजारा हरबिलास के लिए बिलकुल हैरान कर देने वाला था. उस का मुंह फटा का फटा रह गया… एक गूंगे की तरह वह देख रहा था. मोहिनी के ऊपर कोई नौजवान झुका उसे चूम रहा था… अपनी पत्नी के चरित्रहीन होने का उसे और क्या सुबूत चाहिए था… उस ने परदा छोड़ दिया.

उन दोनों ने शायद उसे न देखा हो. उस ने अब तक कानों से सुना भर था… अब तो आंखों से देख भी लिया.

एक पल के लिए उस ने सोचा कि अपनी चरित्रहीन पत्नी का गला अपने हाथों से घोंट डाले… या फिर उस नौजवान के सीने में चाकू उतार दे… पर मोहिनी के साथ जीना अब नामुमकिन होगा. दूसरे ही पल उस ने फैसला कर लिया.

बढ़ते कदम उसे मोहिनी से दूर लिए जा रहे थे, जो उस की दूसरी पत्नी बनी थी. उस के मन में दुर्गा की छवि उभर रही थी, जिस ने सारे तिरस्कारों के बावजूद उसे अपना सबकुछ मान लिया था… उसी के पास वह वापस जा रहा था… एक नए और अच्छे जीवन की उम्मीद लिए, जिस में दुर्गा का सच्चा प्यार होगा. दोनों मासूम बच्चों का दिल खुश कर देने वाला अपनापन उसे नई जिंदगी देगा. Relationship Drama

–श्रीधरन चंद्र

Readers Problem: मेरा बौयफ्रैंड मुझे चीट कर रहा है

Readers Problem: मैं अपने बौयफ्रैंड से बहुत प्यार करती हूं, लेकिन हाल ही में उस की जिंदगी में एक और लड़की आ गई है. वह उस से ज्यादा बात करने लगा है और  दूरी बनाने लगा है. मैं अंदर से टूट रही हूं. मैं क्या करूं?

आप का टूटना स्वाभाविक है, क्योंकि यह सिर्फ किसी इंसान को खोने का डर नहीं, बल्कि अपनी जगह छिनते जाने का दर्द है. जब हम किसी से सच्चा प्यार करते हैं और अचानक महसूस होता है कि उस की जिंदगी में कोई और अहम होने लगा है तो आत्मसम्मान, सुरक्षा और भविष्य तीनों एकसाथ हिल जाते हैं. इस दर्द में खुद को कमजोर या दोषी ठहराना ठीक नहीं है.

 यह  जरूरी है कि प्यार में तीसरे व्यक्ति का आना संयोग नहीं, बल्कि संकेत होता है. यह संकेत इस बात का कि आप का बौयफ्रैंड या तो भ्रम में है या भावनात्मक रूप से स्पष्ट नहीं या फिर आप के रिश्ते को ले कर उतना गंभीर नहीं रहा. उस की दूरी आप की कमी का प्रमाण नहीं है. किसी और से ज्यादा बात करना और आप से कटते जाना उस के चुनाव हैं, आप की असफलता नहीं.

ऐसे समय में खुद को तोड़ कर, चुपचाप सब सह लेना प्रेम नहीं होता. शांत और स्पष्ट शब्दों में उस से बात करना जरूरी है आरोप नहीं, लेकिन सच्चाई के साथ. यह जानना आप का अधिकार है कि वह क्या चाहता है और आप उस के जीवन में कहां खड़ी हैं. अगर वह टालता है, भ्रम में रखता है या आप को ओवरथिंकिंग कह कर चुप कराना चाहता है तो यह भावनात्मक लापरवाही है.

सब से कठिन, लेकिन सब से जरूरी बात खुद को पकड़ कर रखना. जिस रिश्ते में आप रोज टूट रही हैं, वहां सिर्फ प्यार के नाम पर ठहरना धीरेधीरे आप को खो देगा. प्यार वह नहीं होता जिस में आप को बारबार अपनी अहमियत साबित करनी पड़े. अगर वह सच में आप का है तो वह आप को असुरक्षा में नहीं छोड़ेगा और अगर नहीं तो खुद को बचा कर निकलना हार नहीं, आत्मसम्मान की जीत है.

आप अभी दर्द में हैं, इसलिए साफ सोचना मुश्किल है लेकिन याद रखिए आप किसी की औप्शन बनने के लिए नहीं, बल्कि किसी की चौइस बनने के लायक हैं.

मैं 25 साल की युवती हूं और मेरा बौयफ्रैंड मुझ से शादी का वादा करता है, लेकिन जब भी मैं घरवालों से बात करने की बात करती हूं तो वह टाल देता है. वह कहता है कि अभी सही समय नहीं है. मुझे डर लगता है कि कहीं वह टाइम पास तो नहीं कर रहा. मुझे क्या फैसला लेना चाहिए.

हम आप की परेशानी समझ रहे हैं. भविष्य को ले कर अनिश्चिता होना बहुत चिंता देता है. केवल वादा करना और सच में कदम उठाना-दोनों अलग बातें हैं. आप को उन से साफसाफ पूछना चाहिए कि वे शादी के बारे में कब और कैसे आगे बढ़ना चाहते हैं. उन से एक तय समय पूछें और जानें कि वे क्या तैयारी कर रहे हैं.

अगर वे ईमानदारी से अपनी वजह बताते हैं और सच में कुछ कदम उठाने को तैयार हैं तो थोड़ा इंतजार करना ठीक हो सकता है. लेकिन अगर वे हर बार बहाना बनाते हैँ और कोई साफ जवाब नहीं देते तो आप को अपने आत्मसम्मान और भविष्य के बारे में सोचना चाहिए. किसी भी रिश्ते में साफ बात और सच्ची नीयत बहुत जरूरी होती है.   

खुल्लमखुल्ला प्यार करेंगे हम दोनों

सोशल मीडिया पर लोग खुल कर अपनी लव लाइफ से जुड़ी बातें शेयर करना पसंद कर रहे हैं और तसवीरों व वीडियो के जरीए दूसरों से तारीफ पाना चाहते हैं और खुद को बेहतर दिखाना चाहते हैं.

सोशल मीडिया पर अपने पार्टनर से जुड़ी जानकारी शेयर करना आजकल आम बात हो गई है, लेकिन कई बार यह सब समस्याओं को जन्म देने की वजह बन सकता है. इस से परिवार और दोस्त भी प्रभावित हो सकते हैं.

हो सकता है कि ऐसा करना कुछ समय के लिए अच्छी फीलिंग देता हो, लेकिन फिर भी ऐसी कई चीजें होती हैं, जिन्हें उन्हें सोशल मीडिया पर बिलकुल शेयर नहीं करना चाहिए. वजह, सोशल मीडिया पर पर्सनल बातों को शेयर करने के कई नुकसान उठाने पड़ सकते हैं.

42 साल की रिचा और 42 साल के रितेश, जो पिछले 10 सालों से शादी के रिश्ते में बंधे हैं, दोनों सोशल मीडिया पर पर्सनल बातों को शेयर करने के खिलाफ हैं. उन का मानना है कि रिलेशनशिप में प्राइवेसी इंटीमेसी को बढ़ावा देती है.

जब आप अपने पार्टनर की बातों को प्राइवेट रखते हैं, तो इस से रिश्ते में गहराई बढ़ती है और आपस में गलतफहमियां पैदा होने का खतरा कम होता है. वैसे भी कुछ निजी बातें ऐसी होती हैं, जो सिर्फ एक जोड़े के बीच ही रहें तो ही अच्छा रहता है.

इस के अलावा अपने रिश्ते की बातों को प्राइवेट रखने से सोशल मीडिया पर शेयर नहीं करने से खुश दिखने का प्रैशर भी नहीं होता. साथ ही, एक बार सोशल मीडिया पर अपने रिश्ते को दिखाने और बताने की आदत हो जाने के बाद एक समय के बाद यह आदत मजबूरी बन जाती है, जो जोड़े के बीच लड़ाई की वजह भी बन सकती है.

जानिए, किन बातों को सोशल मीडिया पर शेयर करना आप के रिश्ते में दूरियां ला सकता है :

पर्सनल बातें न करें शेयर

आजकल बहुत से जोड़े लाइक व व्यूज बढ़ाने के चक्कर में अपने निजी पलों की तसवीरें भी सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं. ऐसा करने से बचना चाहिए. कभीकभार उन पर्सनल तसवीरों का लोग गलत तरीके से इस्तेमाल कर लेते हैं, जिस से उन्हें बाद में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है.

इस के अलावा कई बार पर्सनल रिलेशन की बातों को पब्लिक करने से जोड़े पर परफैक्ट दिखने का प्रैशर भी बढ़ जाता है.

कई बार असलियत में आदर्श जोड़ा न होने के बाद भी उन्हें खुद को परफैक्ट दिखाना पड़ता है और इस चक्कर में जोड़े के बीच क्लेश हो जाता है.

लोकेशन शेयर मत करें

कुछ लोग तो जब अपने पार्टनर के साथ कहीं घूम रहे होते हैं, तो अपनी लोकेशन भी शेयर कर देते हैं.  ऐसा नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से उन्हें परेशानी हो सकती है. घरपरिवार या रिश्तेदारों में से कोई भी उन तक पहुंच सकता है और उन के स्पैशल पलों को खराब कर सकता है.

पर्सनल चैट न करें शेयर

आजकल जोड़ों द्वारा इंटरनैट पर चैट व वौइस काल को शौर्ट वीडियो की तरह शेयर करने का चलन काफी बढ़ गया है. कुछ लोग अकसर अपने पार्टनर से की हुई पर्सनल चैट को रिकौर्ड कर के या फिर उस की तसवीरें क्लिक कर के सोशल मीडिया पर या फिर दोस्तों के साथ शेयर कर देते हैं.

ऐसा कर के वे बहुत बड़ा रिस्क लेते हैं, क्योंकि नहीं पता कि उन की यह पर्सनल चैट किसकिस के पास पहुंच जाए. इस से उन की इज्जत और रिश्ते दोनों पर नैगेटिव असर पड़ सकता है.

इमेज हो सकती है खराब

कई बार अपने पार्टनर की परमिशन के बिना उस की पर्सनल जानकारी पब्लिकली शेयर करने से उस की प्राइवेसी का उल्लंघन हो सकता है. हो सकता है कि उसे यह सब पसंद न हो. हो सकता है कि पर्सनल बातों को सोशल मीडिया पर शेयर करना उस के स्वभाव में न हो और इस से आप के रिश्ते में अनबन हो सकती है. साथ ही, कई बार सोशल मीडिया पर अपने पर्सनल रिश्ते को ले कर शेयर की गई पर्सनल बातें यूजर्स द्वारा गलत तरीके से समझ जा सकती हैं.

यूजर्स और फौलोअर्स आप के पार्टनर के बारे में उन की लुक्स या आप दोनों के मैच को कुछ गलत राय बना सकते हैं, कमैंट्स सैक्शन में उसे ट्रोल कर सकते हैं. इस से आप दोनों के रिश्ते में तनाव पैदा हो सकता है.

ब्रेकअप न करें शेयर

जब दो लोग साथ में होते हैं, तो उन के बीच बहुत सी बातों को ले कर असहमति बनती है. यहां तक कि झगड़े भी होते हैं. कई बार झगड़े इस हद तक बढ़ जाते हैं कि दोनों पार्टनर अलग होने का मन बना लेते हैं, लेकिन कई बार लोग जल्दबाजी में या गुस्से में अपने ब्रेकअप की बातें भी सोशल मीडिया पर शेयर कर देते हैं.

ऐसा करना किसी भी लिहाज से सही नहीं होता है. हो सकता है कि ब्रेकअप के बाद आप का पैचअप भी हो जाए. ऐसे में ब्रेकअप की बात सोशल मीडिया पर बिलकुल भी शेयर नहीं करनी चाहिए. इस से आप की परेशानी व दुख कम होने के बजाय बढ़ सकते हैं.

सेफ्टी का खतरा

आप की कुछ पोस्ट या तसवीरें आप की और आप के पार्टनर की पर्सनल जानकारी को पब्लिक कर सकती हैं, जिस से पार्टनर की सेफ्टी को खतरा हो सकता है.

आज के डिजिटल युग में जब डाटा चोरी और प्रोफाइल हैक जैसी घटनाओं के चलते औनलाइन सिक्योरिटी खतरे में पड़ रही है, तब तो यह बहुत जरूरी हो जाता है कि अपनी और अपने पार्टनर की पर्सनल जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर न की जाए.

ओवर शेयरिंग का नतीजा

आप शायद नहीं जानते होंगे कि कई बार किसी के द्वारा सोशल मीडिया पर अपलोड की गई एक सिंपल सी तसवीर भी उस के लिए खतरा बन सकती है खासकर वह तसवीर, जिस में किसी के हाथों की उंगलियों के निशान साफ दिख रहे हों.

कई मामलों में ऐसा देखने में आया है कि साइबर अपराधियों ने अपलोड की गई इनसान की उंगलियों के निशान का उपयोग कर के आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम से रुपए निकाल लिए हैं और दूसरे कई गैरकानूनी कामों को भी अंजाम दिया है.

नोएडा, उत्तर प्रदेश में ऐसे 10 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं, जिन में ठगों ने लोगों की तसवीरों से उन के फिंगरप्रिंट का क्लोन तैयार किया और उस का गलत इस्तेमाल किया.

Friendship Day Special: जानिए क्यों नहीं करना चाहिए अपने बेस्ट फ्रैंड से प्यार

अक्सर हर किसी के लाइफ में कोई न कोई बेस्ट फ्रैंड होता ही है. हम अपनी सारी बातें बेस्ट फ्रैंड से शेयर करते हैं, और ज्यादा समय उसी के साथ बिताना चाहते हैं. ऐसे में अगर बेस्ट फ्रैंड अपोजिट सैक्स का हो तो प्यार होने की संभावना ज्यादा होती है. लेकिन ये कतई जरूरी नहीं है कि अगर आप अपने बेस्ट फ्रेंड से प्यार करते हैं तो वो भी आपसे प्यार करें.

ऐसे में आपका दिल तो दुखेगा ही और इसके साथ ही आपकी दोस्ती भी इफेक्ट होती है. तो चलिए जानते हैं, बेस्ट फ्रेंड से प्यार क्यों नहीं करना चाहिए.

प्यार के कारण दोस्ती में भी दरार पड़ सकती है –  प्यार के कारण दोस्ती में भी दरार पड़ सकती है. ऐसा जरूरी नहीं है कि जैसा आप अपने बेस्ट फ्रेंड के बारे में सोच रहे हैं,  वे भी आपको लेकर वैसा ही महसूस करें. हो सकता है, वह आपको केवल बेस्ट फ्रैंड मानता हो या मानती हो. और उन्हें किसी और से प्यार हो जाएं तो यह भी आपके लिए एक दुख का कारण बन सकता है. इससे आपकी आपकी दोस्ती भी खराब हो सकती है.

आपको सलाह देने वाला कोई नहीं रहेगा – अपने लाइफ के सबसे अच्छे सलाहकार को खो सकते हैं. अगर आप परेशान होते हैं तो आपको समझाने वाला आपका बेस्ट फ्रैंड आपसे दूर चला जाएगा. आप दोनों के बीच हुई समस्या को सुलझाने वाला भी कोई नहीं रहेगा जिसकी वजह से आपका झगड़ा लंबे समय तक चल सकता है.

दोस्ती फिर पहले की तरह नहीं रहेगी – किसी भी  रिश्ते में गांठ पड़ जाती हैं तो बहुत मुश्किल होता है उस गांठ को सुलझाने में. वैसे ही आपकी दोस्ती का भी रिश्ता है. तो अगर आपके दोस्ती  में गाठ पड़ती हैं तो  फिर आपके लिए बहुत कठिन होगा उसे ठीक करना.

जी हां अगर आप अपने बेस्ट फ्रेंड को गर्लफ्रैंड या बौयफ्रैंड बनाने के बारे में सोच रहें हैं तो आपको सबसे पहले अपनी दोस्ती के बारे में सोचना चाहिए, क्योंकि प्यार की वजह से आप अपने बेस्ट फ्रैंड को खो सकते हैं.

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