Health : हाई ब्लड प्रैशर, 20 साल के नौजवान भी चपेट में

Health. अब से कुछ समय पहले एक बड़े अखबार के मारफत डाक्टर भुवन चंद्र तिवारी, (तब के) प्रोफैसर और एचओडी, लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ ने बताया था कि हाई ब्लड प्रैशर अब 20 साल की उम्र के नौजवानों में भी देखने में आ रहा है. जांच नहीं करने से ज्यादातर लोग इस से अनजान बने रहते हैं. इस से 30-45 साल में ही हार्ट अटैक, 40 साल में स्ट्रोक, 30 साल में किडनी फेल होने जैसी समस्याएं उभर रही हैं.

यहां नौजवानों को डराया नहीं जा रहा है, पर यह कड़वी हकीकत है कि अब नई उम्र के लोगों में भी हाई ब्लड प्रैशर की समस्या बढ़ती जा रही है. एक स्टडी के मुताबिक, यह 20 से 40 साल की उम्र के तकरीबन 8 में से एक बालिग को भी प्रभावित करता है.

ब्लड प्रैशर होता क्या है

आसान शब्दों में समझे तो ब्लड प्रैशर का मतलब है कि जब आप का दिल पूरे शरीर में खून पंप करता है, तो वह खून आप की नसों की दीवारों पर कितना दबाव डालता है.

अमूमन डाक्टर 120/80 के ब्लड प्रैशर को एकदम नौर्मल या आदर्श मानते हैं. ये 2 नंबर हैं, जैसे ऊपर वाला 120 और नीचे वाला 80. यह एक यूनिट है, जिसे मिलीमीटर औफ मर्करी कहते हैं.

ऊपर वाले 120 को सिस्टोलिक प्रैशर कहते हैं. मतलब, दिल जब धड़क कर खून को धमनियों में पंप करता है, तब नसों की दीवार पर जो सब से ज्यादा दबाव पड़ता है, वह 120 है. आसान भाषा में इसे दिल के सिकुड़ने का प्रैशर कह सकते हैं.

नीचे वाले को 80 या डायस्टोलिक प्रैशर कहते हैं. मतलब, दिल की 2 धड़कनों के बीच जब दिल आराम करता है और खून भरता है, तब नसों में जो सब से कम दबाव रहता है, वह 80 है. आसान भाषा में कहें तो दिल के आराम करने का प्रैशर.

सवाल उठता है कि 120/80 क्यों आदर्श माना जाता है? इस का जवाब यह है कि इसी लैवल पर दिल को न ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, न ही दिमाग, किडनी, आंखों की नसों पर एक्स्ट्रा दबाव पड़ता है. हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक का रिस्क सब से कम रहता है. अगर किसी इनसान में इस से ज्यादा ब्लड प्रैशर लगातार बना रहता है, मान लो 140/90 (सिर्फ उदाहरण के लिए), तो वहां समस्या पैदा होने लगती है या पैदा हो सकती है.

हाई ब्लड प्रैशर के नुकसान

जिंदल अस्पताल, हिसार, हरियाणा में सीनियर कंसल्टैंट कार्डियोलौजिस्ट डाक्टर दीपक भारद्वाज ने बताया, ‘‘हाई ब्लड प्रैशर एक बहुत ही गंभीर बीमारी है. आमतौर पर इस का कोई लक्षण नहीं होता है, इसलिए इसे ‘साइलैंट किलर’ कहा जाता है. इस की दर उम्र के साथ बढ़ती है, इसलिए यह बड़ी उम्र के लोगों में ज्यादा आम है.

‘‘ज्यादातर लोगों में इस की कोई वजह नहीं मिलती, जिन में इसे इडियोपैथिक (जिस की वजह पता न हो) कहा जाता है. कुछ लोगों में इस की साफ वजह मिलती है. इसे सैकेंडरी हाइपरटैंशन कहते हैं.

‘‘कम उम्र के लोगों में सैकेंडरी हाइपरटैंशन होने का डर ज्यादा होता है. इस की खास वजह गुर्दे (किडनी) से जुड़ी बीमारी, कोर्क्टेशन औफ एओर्टा (महाधमनी में संकुचन), रीनोवास्कुलर हाइपरटैंशन (किडनी की धमनियों में ब्लौकेज) और हार्मोनल डिसऔर्डर होते हैं.’’

‘‘आजकल डाइट और लाइफस्टाइल से जुड़ी गलत आदतों के चलते कम उम्र के लोगों में भी हाई ब्लड प्रैशर काफी कौमन है, इसलिए हम सब को नियमित रूप से अपना ब्लड प्रैशर कम से कम साल में एक बार चैक करना चाहिए.

‘‘हाई ब्लड प्रैशर के इलाज में सब से पहले हमें यह देखना होता है कि यह इडियोपैथिक हाइपरटैंशन है या सैकेंडरी हाइपरटैंशन. इस के लिए हार्ट, गुर्दे और ब्लड टैस्ट करने होते हैं. अगर माइल्ड हाइपरटैंशन है, तो हमें लाइफस्टाइल में बदलाव करना होता है. अगर यह कंट्रोल में न आए तो दवाएं लेनी पड़ती हैं.

‘‘हाई ब्लड प्रैशर की बहुत सारी कारगर दवाएं हैं, जिन के मिनिमल साइड इफैक्ट्स हैं. लाइफस्टाइल में बदलाव के लिए हमें नियमित कसरत करनी चाहिए, नमक की मात्रा कम रखनी चाहिए, अपने वजन को कंट्रोल में रखना चाहिए, स्मोकिंग बंद करनी चाहिए, ताजा फल और सब्जियां खानी चाहिए, जंक फूड से परहेज करना चाहिए और अच्छी गहरी नींद लेनी चाहिए.

‘‘हाई ब्लड प्रैशर का बुरा असर दिल, किडनी, आंख, दिमाग और नसों पर पड़ता है. इस से हार्ट फेल, किडनी फेल और ब्रेन स्ट्रोक भी हो सकता है.’’

अगर नौजवान हाई ब्लड प्रैशर को हलके में ले रहे हैं, तो वे बहुत बड़ी गलती कर रहे हैं. मोबाइल और लैपटौप की स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताना, अपनी पढ़ाई और काम की टैंशन लेना, देर रात तक जागना उन्हें हाई ब्लड प्रैशर का मरीज बना सकता है. लिहाजा, नौजवानों को अपने लाइफस्टाइल में बदलाव करना चाहिए और अगर कोई समस्या पैदा हो रही है, तो डाक्टर से जरूर सलाह लें. Health

जिन पुरुषों को होती है High Blood Pressure की परेशानी, कैसे करें बचाव

हाइपरटेंशन या हाई ब्लड प्रेशर की दिक्कत कॉमन हो चुकी है.ये बीमारी आज हर घर के पुरुषों में पाई जा सकती है. इसकी सबसे बड़ी परेशानी है कि लोगों कोपता ही नहीं होता कि उन्हें हाई ब्लड प्रेशर की प्रौब्लम है.अगर हाई ब्लड प्रेशर की दिक्कत को लंबे समय तक नजरअंदाज किया जाए, तो इससे कई और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है.

 

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हाई ब्लड प्रेशर की दिक्कत पुरुषों में ज्यादा पाई जाती है. इसकी सामान्य वजह है कि अधिकतर पुरुष घर के बाहर का काम संभालते हैंजैसे बिजनेस, जॉब. इस कारण टेंशन से उन्हें हाई ब्लड प्रेशर की परेशानी को झेलना पड़ता है. यहां जानिए किस तरह पुरुष हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण पहचान सकते हैं और किस तरह की डाइट का सवेन करें कि आप इस परेशानी से बच सकें.

पुरुषोंमें हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण:

  • सीने में दर्द होना हाई ब्लड प्रेशर के शुरूआती लक्षणों में शामिल है.
  • ब्लड प्रेशर बढ़ने पर लगातार सिर में दर्द बना रहता है.
  • सांस लेने में दिक्कत महसूस होना भी हाई बीपी के शुरूआती लक्षणों में शामिल है.
  • हाइपरटेंशन (Hypertension) के कारण देखने में परेशानी होने लगती है. जिन पुरुषों को धुंधला नजर आने लगा है. उन्हें हाई ब्लड प्रेशर की जांच करवा लेनी चाहिए.
  • हाई ब्लड प्रेशर के कारण नाक से खून बहने लगता है.

अगर ब्लड प्रेशर 120/80 mmHg है तो यह बेहतर माना जाता है.लेकिन इससे ज्यादा हो तो सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है और ये किन कारणों से होता है यहां जानें:

  • स्मोकिंग
  • डायबिटीज
  • किडनी से जुड़ी बीमारियां
  • फिजिकल एक्टिविटी की कमी के कारण
  • मोटापे की वजह से
  • अनियमित जीवनशैली के कारण
  • पुरुषों में 45 वर्ष बाद गर्भ निरोधक दवाओं को लेने पर
  • कोलेस्टॉल की मात्रा बढ़ने पर
  • लगातार अल्कोहल लेने से

ब्लड प्रेशरको कंट्रोल करने के लिए क्या खाएं

  • गेहूं, मूंग, मसूर, तूर, परवल, सिंघाड़ा, टमाटर, जीरा, लौकी, तोरई, करेला, कददू, हरे पत्तेदार मौसमी सब्जियां खानी चाहिए.
  • ज्यादा कार्बोहइड्रेट वाले आहार लें जैसे-–आलू ,चावल, पास्ता और ब्रेड को सीमित मात्रा से लें.
  • ज़यादा मात्रा में पानी पिएं, ये शरीर में ड्राइनेस रोकता है
  • फलों का करें सेवन: सेब, केला, कीवी, तरबूज, संतरा जैसे फलों का सेवन करें.

ब्लड प्रेशर के मरीज क्या ना खाएं

  • अचार, पेस्ट्री, नमकीन बिस्किट, अंडा, अधिक मक्खन, नमक
  • सख्त मना : औयली, मसालेदार भोजन, बेकरी प्रोडक्ट, जंक फ़ूड, डिब्बाबंद भोजन
  • इसके अलावा हाई ब्लड प्रेशर वाले पुरूष नमक, कॉफी, चाय, चावल, दूध, दही, शराब और धुम्रपान से बचें.

Summer Special: खाने में कुछ बदलाव, हाई ब्लड प्रेशर को रखेंगे दूर

कहा जाता है अगर आपके के पेट में सही आहार जा रहा है और नियमित रुप से अपने डाइट प्लान में बदलाव करते है तो आप कई सारी बीमारियों से बच सकते है. इंसान के शरीर खाने और पानी की जरुरत होती है जिसके चलते हमें कम से कम तीन टाईम खाने की जरुरत होती है पर अगर हम जरुरत से ज्यादा खाए या शरीर को जरुरत को भूल कर बस जीभ का स्वाद ध्यान में रखे तो काफी समस्या पैदा हो सकती है.

अगर आपका डाइट प्‍लान सही नहीं है तो आपको कई स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं हो सकती हैं. ये स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं ही आगे चलकर ह्रदय रोगों, ब्‍लड प्रेशर की समस्‍या, कैंसर, डायबिटीज जैसी बीमारियों का रूप ले लेती हैं. ब्‍लड प्रेशर को नियमित करने के लिए स्‍वस्‍थ और पोषणयुक्‍त आहार की बहुत जरूरत है.

बेकार खाना ही है हाई ब्लड प्रेशर का कारण

हाई ब्लड प्रेशर होने का सबसे बड़ा कारण है खाना. अगर आप सही आहार वाला खाना नही खा रहे है तो आपके लिए खतरे की घंटी है. हाई ब्लड प्रेसर वाले मरीज के लिए सबसे बेहतर होगा की वो नमक और सोडियम की मात्रा कम हो ऐसा खाना खाएं. एक सामन्य व्यक्ति को 72 to 99 ब्‍लड का प्रेशर होता है. अगर इससे ज्यादा हो तो वो हाई ब्लड प्रेशर का शिकार है.

फलों और सब्जियों को खाएं

हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को ज्यादा मात्रा में भोजन नहीं करना चाहिए. खाने में नियमित रूप से ताजे फलों और सीजनल हरी सब्जियों का सेवन ज्यादा करना चाहिए. लहसुन, प्याज, साबुत अनाज, सोयाबीन का सेवन करने से ब्‍लड प्रेशर सामान्‍य रहता है.

खाने में सोडियम कम  

ब्‍लड प्रेशर के मरीज के खाने में में पोटेशियम की मात्रा ज्यादा हो और सोडियम की मात्रा कम होनी चाहिए. यदि हाई ब्लड प्रेशर की समस्‍या है तो नमक का सेवन कम करना चाहिए. साथ ही डेयरी उत्पादों, चीनी, रिफाइंड खाद्य-पदार्थों, तली-भुनी चीजों, कैफीन और जंक फूड से परहेज करना चाहिए.

पानी पीना है जरुरी

ब्‍लड प्रेशर के मरीज को ज्‍यादा पानी का सेवन करना चाहिए. दिन में कम से कम 10-12 गिलास पानी अवश्य पीना चाहिए.

हाई ब्लड प्रेशर से बचने के लिए 5 चीजों को करें परहेज

अगर हाई ब्लड प्रेशर से आप भी परेशान हैं तो अपने खाने में कुछ चीजों को परहेज करना होगा. इससे आप इस समस्या से बच सकते हैं. हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को बहुत सी खाने पीने की चीजों से परहेज होता है.

हाई ब्लड प्रेशर का अगर समय पर इलाज नहीं किया जाता है, तो यह हार्ट समस्याओं को पैदा कर सकता है. आज आपको ऐस ही फूड्स के बारे में बार में बताना जा  रहे हैं जिनका सेवन हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को नहीं करना चाहिए.

  1. मसाले

अधिक मसाले वाला खाना ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए नुकसानदायक हो सकता है. खाने में इस्तेमाल होने वाला मसाला ब्लड प्रेशर की समस्या को और बढ़ा सकता है.

2. नमक

हाई ब्लड प्रेशर के मरीज अपने खाने में नमक का कम सेवन करनें. हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए नमक का अधिक सेवन उच्च रक्तचाप और हार्ट समस्याओं का कारण बन सकता है.

3. कैफीन

हाई ब्लड प्रेशर के मरीज कैफीन वाली चीजों से दूर ही रहें तो बेहतर. चाय, कॉफी और सोडा जैसे ड्रिंक नुकसानदेह साबित हो सकते हैं.

4. पैक फूड्स

हाई ब्लड प्रेशर के रोगियों को पैक फूड्स से भी बचकर रहना चाहिए. डिब्बाबंद और पैक किए गए स्टाक में सोडियम की मात्रा अधिक होती है. सोडियम हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को बढ़ा सकता है.

5. शुगर

हाई ब्लड प्रेशर के रोगियों को शुगर या मीठी चीजों से बचना चाहिए. शुगर का अधिक सेवन करने से मोटापा बढ़ सकता है, जो हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए हानिकारक हो सकता है.

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