Funny Short Story. मोबाइल युग में सावित्री टैलीग्रामी नामक एक कन्या की दोस्ती सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अत्यंत व्यस्त सत्यवान यूट्यूबी नामक लड़के से हुई. आभासी मंच पर दोनों के दिल मिले और उन्हें आभास हुआ कि मिलन जरूरी है. दोनों ने प्रेम गली में लुकाछिपी करते हुए एकदूसरे के मोबाइल नंबर जुगाड़ कर लिए. फिर क्या… वे दिनरात प्रेम संदेशों का आदानप्रदान करने लगे.

सत्यवान यूट्यूब से बाहर निकल कर मोबाइल से चिपक गया. अब दोनों मोबाइल में आकंठ डूबे रहते थे. प्यारभरी इमोजियों, हग्स, शेर ओ शायरी का आदानप्रदान अल सुबह से देर रात तक चलता रहा.

आभासी दुनिया से निकल कर एकदूजे से मिलन की आस में एक दिन दोनों साक्षात मिले और प्यार के मंदिर में शादी कर ली. कुछ माह बाद शादी का हैंगओवर तो उतर गया पर मोबाइल का हैंगओवर उतरने का नाम ही नहीं ले रहा था.

आलम यह है कि बाहर ही नहीं, घर में भी दोनों मोबाइल पर ही संदेशों के जरीए ही प्रेमालाप करते थे. जनमजनम तक साथ रहने के वादे करने वाले मुखद्वार बंद पड़े रहते थे.

एक दिन नदी किनारे रील बनाते हुए सत्यवान यूट्यूबी अचानक नदी में गिर गया. दुर्भाग्य कि प्यार में तरने वाले को तैरना नहीं आता था. सत्यवान को लाख कोशिशों के बाद भी बचाया नहीं जा सका. उधर यमराज तुरंत अपनी ड्यूटी पर आया और सत्यवान को ले कर स्वर्गलोक की ओर बढ़ चला.

पतिव्रता सावित्री टैलीग्रामी ने उस का पीछा पूरे प्राणप्रण से किया. यमराज से आग्रह किया, ‘‘मेरे प्रियतम के प्राण बख्श दीजिए.’’

पर यमराज निरंतर सावित्री को वापस लौट जाने को कहता रहा, क्योंकि उस के प्राण लौटाना उस के क्षेत्राधिकार से बाहर था.

जब सावित्री नहीं लौटी तो यमराज ने कहा, ‘‘तुम सत्यवान की जान के अलावा कोई भी वरदान मांग लो, मिलेगा.’’

सावित्री भी चतुर थी. उसे यकीन था कि वरदान मांग कर भी वह अपने पति के प्राण वापस ले लेगी.

सावित्री ने यमराज से अपने मोबाइल पर ताउम्र मुफ्त अनलिमिटेड रीचार्ज करवाने, उस के सभी सोशल मीडिया खातों में प्रतिदिन लाखों कमैंट्स और लाइक्स दिलवाने जैसे वरदान मांगे. धनधान्य के साथ ही जीवन में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप न होने के वरदान भी मांग लिए.

यमराज ने पीछा छुड़वाने के लिए ‘तथास्तु’ कहते हुए सावित्री को सभी वरदान दे दिए.

तेजी से आगे बढ़ते हुए यमराज ने पीछे मुड़ कर देखा, सावित्री फिर भी सत्यवान टैलीग्रामी के पीछेपीछे आ रही थी. यमराज जैसे ही स्वर्ग के द्वार पर पहुंचा, तब अचानक उस के दिमाग की ट्यूबलाइट जल उठी. उस ने सावित्री से कहा, ‘‘पुत्री, पृथ्वी पर जा कर देख, तुम्हारे मोबाइल पर सभी सोशल मीडिया खातों में कमैंट्स और लाइक्स की बाढ़ आ रही है.

‘‘जाओ, उन्हें देखो और जवाब में सब का आभार प्रकट करो. तुम्हारे सभी सोशल मीडिया खाते मोनिटाइज भी हो चुके हैं.’’

यह सुन कर अधीर सावित्री पति के बिछोह को भूलते हुए वापस पृथ्वी पर लौट आई. घर आ कर उसने देखा, मोबाइल पर लगातार टनटनाटन हो रही थी. शोकाकुल सावित्री अश्रुधारा के बीच उन कमैंट्स को देर रात तक देखतीपढ़ती रही.

अचानक उस के मोबाइल पर सत्यवान का संदेश आया, ‘प्रिये, तुम अपने कमैंट्स और लाइक्स देखने की अधीरता में यमराज से मेरे प्राण वापस लेना ही भूल गई.’

सावित्री ने लाल रंग की ब्रेकिंग न्यूज टाइप प्यारी इमोजी भेजते हुए जवाब दिया, ‘स्वामी, जन्म और मृत्यु 2 शाश्वत सत्य थे. पर पुत्र मोह की लालसा में इनसान ने, कोख में ही  भ्रूण की हत्या करवा, जन्म के सत्य को तो झूठठला दिया. लेकिन मृत्यु का दिन फिर भी न रोक पाया. तुम जहां भी रहो, खुश रहो. मोबाइल से जुड़े रहना,’ कहते हुए वह आगे के मैसेज पढ़ने लगी.

अचानक तेज स्वर में मोबाइल की घंटी घनघनाई और सावित्री की नींद एक झटके के साथ खुल गई. सुबह का अलार्म बज रहा था.

घबराहट और पसीने से नहाई सावित्री ने अपने हाथ से चिपके मोबाइल को एक तरफ फेंकते हुए सत्यवान की तरफ देखा. वह अलसुबह मोबाइल पर जीवन के सत्य का अन्वेषण कर रहा था.

सावित्री ने प्यार से पति के हाथ से मोबाइल छीनते हुए दूर रखा. कई दिनों बाद, दोनों सोशल मीडिया से दूर, प्यार की वादियों में विचरण कर जीवन का आनंद ले रहे हैं. Funny Short Story

-प्रभात गोस्वामी

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