Honor Killing. एक 6 साल के बच्चे के दिमाग में एक ऐसी बात घर कर चुकी थी, जो समय के साथसाथ नासूर बन चुकी थी. फिर एक दिन उस ने इतना बड़ा और कड़ा फैसला लिया कि किसी की दुनिया ही उजड़ गई.
32 साल की वसीमा अपने पति इरशाद और 3 बच्चों के साथ गौतमपुरी इलाके में रहती थी. इरशाद फल बेचता था. वसीमा के मायके वाले दिल्ली के ही जाफराबाद इलाके में रहते थे. वैसे, वे उत्तर प्रदेश के मेरठ इलाके से थे.
शुक्रवार, 17 जुलाई को पुलिस ने बताया कि रात के तकरीबन सवा 8 बजे सूचना मिली कि गौतमपुरी की गली नंबर-17 में एक लड़के मोहम्मद अनस ने वसीमा को गोली मार दी है.
पुलिस मौके पर पहुंची तो वसीमा खून से लथपथ पड़ी थी. उस के सीने में गोली लगी थी. उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, पर वहां डाक्टरों ने उसे मरा हुआ बता दिया.
इधर, इस वारदात के कुछ ही देर बाद जाफराबाद थाने के हैड कांस्टेबल नफीस गश्त पर थे. चौहान बांगर की गली नंबर-10 में उन्हें एक लड़का भागता हुआ दिखाई दिया. रोक कर तलाशी लेने पर उस के पास से एक देशी पिस्टल और 6 कारतूस बरामद हुए.
पूछताछ में उस लड़के की पहचान मोहम्मद अनस निवासी सरधना गांव मेरठ के रूप में हुई. उस ने स्वीकार किया कि उस ने अपनी बहन वसीमा की गौतम पुरी के घर में गोली मार कर हत्या की है.
पुलिस सूत्रों ने बताया कि वसीमा पहले भी एक बार प्रेम प्रसंग के चलते घर छोड़ कर चली गई थी, लेकिन कुछ समय बाद लौट आई थी. इस के बाद वह दूसरी बार घर से चली गई और इरशाद नामक लड़के से लव मैरिज कर ली.
वसीमा के इस कदम से अनस बेहद नाराज था. इसी वजह से उस ने बहन की हत्या की साजिश रची. वह मेरठ से देशी पिस्तौल और कारतूस ले कर दिल्ली आया और मौका मिलते ही बहन को गोली मार दी.
पुलिस हैरान है कि जिस समय वसीमा ने लव मैरिज की थी, उस समय आरोपित अनस सिर्फ 6 साल का था. अनस ने पुलिस को बताया कि बचपन से ही वह यह सुनता आया था कि बहन के लव मैरिज करने से परिवार को गांव में बेइज्जती का सामना करना पड़ा.
इस के चलते उस ने इस वारदात को अंजाम दिया. Honor Killing




