Honor Killing. अब तक यही समझा जाता रहा है कि कब कोई लड़का या लड़की अपनी मरजी से किसी दूसरे धर्म या जाति में शादी कर ले तो समाज में अपनी साख बचाने की खातिर उन के परिवार वाले लड़की या लड़की को पहले समझाते हैं और अगर नतीजा मनमुताबिक न आए तो हत्या करने जैसा बड़ा जुर्म भी कर बैठते हैं. ऐसा ही कुछ साल 2023 में हुआ था, जिस का अदालत का फैसला अब आया है.

यह मामला बुलंदशहर के डिबाई थाना क्षेत्र के गांव दौरऊ का है, जहां 23 साल के किशन उर्फ कालू का अपने ही पड़ोसी महेश कुमार की बेटी रजनी से पिछले 4 साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था.

आज से तकरीबन 3 साल पहले 27 या 28 मार्च, 2023 की रात को तकरीबन 1 बजे किशन अपनी प्रेमिका रजनी से मिलने उस के घर गया था, लेकिन इसी दौरान रजनी के पिता महेश, भाई सोनू उर्फ संतोष और राजू ने उसे देख लिया. बस, फिर क्या था. गुस्से से तिलमिलाए उन तीनों ने किशन को बंधक बना कर बैल्ट और लाठीडंडों से अधमरा होने तक पीटा.

अपनी खुंदक उतारने के बाद उन आरोपियों ने किशन के परिवार को बुला कर उसे सौंप दिया. पिता भोजराज सिंह उसे घर ले कर आए.

परिवार के मुताबिक, दर्द से कराह रहे किशन ने पिता से पानी मांगा और सो गया, पर सुबह के तकरीबन 6 बजे अचानक उस की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई. एक लोकल डाक्टर को बुलाया गया, लेकिन चोटें इतनी गंभीर थीं कि सुबह के साढ़े 6 बजे किशन की मौत हो गई.

यह मामला कोर्ट में गया और अब सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता प्रवेंद्र सिंह लोधी ने बताया कि एडीजे कोर्ट अनूपशहर के न्यायाधीश राजेश कुमार (तृतीय) ने गवाहों और पुख्ता सुबूतों के आधार पर तीनों आरोपियों को कुसूरवार पाया. कोर्ट ने उन्हें धारा 304 (भाग-1) में उम्रकैद और धारा 323/34 में 1-1 साल की सजा सुनाई. जुर्माना न देने पर कुसूरवारों को अतिरिक्त जेल काटनी होगी.

अदालत ने बेटी के प्रेमी की बेरहमी से पीटपीट कर हत्या करने के मामले में लड़की के पिता और उस के 2 भाइयों को दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है. कोर्ट ने तीनों दोषियों पर 51-51 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है.

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