15 मार्च, 2026 की पटना की वह शाम कुछ अलग ही थी. हवा में एक खास तरह की उत्सुकता घुली हुई थी. ऐसा लग रहा था कि पटना शहर किसी बड़े उत्सव का इंतजार कर रहा हो. जैसे ही सूरज ढला, बिहार की राजधानी का दिल बापू सभागार रोशनी, रंगों और रौनक से जगमगाने लगा. हर ओर सजीधजी भीड़, कैमरों की चमक, रैड कार्पेट पर कदम रखते कलाकार और उन के स्वागत में गूंजती तालियां, सब मिल कर एक ऐसा नजारा बना रहे थे, जिसे शब्दों में बांधना आसान नहीं.
इस बार के अवार्ड्स शो में एक खास बदलाव देखने को मिला. डिजिटल प्लेटफार्म्स को ध्यान में रखते हुए पुरस्कारों को 3 भागों में बांटा गया… थिएटर रिलीज, ओटीटी कंटैंट और यूट्यूब/टीवी रिलीज. यह बदलाव इस बात का संकेत था कि भोजपुरी सिनेमा अब समय के साथ कदम से कदम मिला कर चल रहा है. डिजिटल माध्यमों ने न सिर्फ कलाकारों को नया मंच दिया है, बल्कि दर्शकों तक अपनी पहुंच को भी कई गुना बढ़ा दिया है.
शाम के तकरीबन 6 बजते ही सभागार के दरवाजे पूरी तरह खुल चुके थे. अंदर प्रवेश करते ही ऐसा लगता था मानो आप किसी भव्य फिल्मी सैट पर आ गए हों. दीवारों पर ?िलमिलाती रोशनी, मंच की शानदार सजावट और हर सीट पर बैठा एक उत्साहित दर्शक, हर कोई उस पल का इंतजार कर रहा था जब भोजपुरी फिल्मों के सितारे मंच पर उतरेंगे. धीरेधीरे पूरा हाल खचाखच भर गया. दर्शकों में नौजवान से ले कर बुजुर्ग तक शामिल थे, हर उम्र का आदमी भोजपुरी सिनेमा के इस उत्सव का हिस्सा बनने आया था.
अतिथियों के कमैंट्स के साथ भव्य शुरुआत 7वें सरस सलिल भोजपुरी सिने अवार्ड्स शो की शुरुआत बेहद गरिमामय और भव्य अंदाज में हुई, जहां मंच पर आए अतिथियों के कमैंट्स ने कार्यक्रम को एक नई दिशा और ऊंचाई दे दी. इस भव्य समारोह के मुख्य अतिथि बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डाक्टर प्रेम कुमार रहे, जबकि विशिष्ट अतिथियों में भोजपुरी जगत के जानेमाने गीतकार व संगीतकार और लौरिया विधायक विनय बिहारी, बैकुंठपुर विधायक मिथिलेश तिवारी, ओबरा विधायक डाक्टर प्रकाश चंद्रा, डेहरी विधायक राजीव रंजन सिंह उर्फ सोनू सिंह, फिल्म फैडरेशन औफ इंडिया एंड इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के वर्तमान अध्यक्ष अभय सिन्हा और फिल्म फैडरेशन औफ इंडिया के उपाध्यक्ष
व इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के जनरल सैक्रेटरी निशांत उज्ज्वल समेत कई गणमान्य हस्तियां मौजूद रहीं.
इस 7वें सीजन के अवार्ड समारोह के मुख्य प्रायोजक सवेरा फर्नीचर और सहप्रायोजक सेन्को गोल्ड एंड डायमंड्स के वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे, जिस से कार्यक्रम की भव्यता और भी बढ़ गई. अपने संबोधन में डाक्टर प्रेम कुमार ने कहा, ‘‘भोजपुरी सिनेमा हमारी संस्कृति, परंपरा और लोकजीवन का सशक्त माध्यम है. आज यह इंडस्ट्री जिस मुकाम पर पहुंची है, वह कलाकारों की मेहनत और दर्शकों के प्रेम का परिणाम है. ऐसे आयोजनों से न सिर्फ कलाकारों का मनोबल बढ़ता है, बल्कि हमारी भाषा और संस्कृति को भी नई पहचान मिलती है.’’ विनय बिहारी ने अपने भावुक और जोशीले अंदाज में कहा, ‘‘भोजपुरी सिर्फ एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी आत्मा है. सिनेमा के माध्यम से हम अपनी मिट्टी की खुशबू पूरे देश और दुनिया तक पहुंचा रहे हैं. सरस सलिल का यह प्रयास काबिले तारीफ है, जो कलाकारों को सम्मान दे कर उन्हें और आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है.’’
मिथिलेश तिवारी ने कहा, ‘‘भोजपुरी सिनेमा तेजी से विकास कर रहा है और अब यह सीमाओं से बाहर निकल कर वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है. हमें इसे और सशक्त बनाने के लिए सकारात्मक और पारिवारिक कंटैंट पर ध्यान देना होगा.’’ दिल्ली प्रैस के संपादक और प्रकाशक परेश नाथ ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘दिल्ली प्रैस हमेशा से समाज को मजबूत करने वाले प्रयासों के साथ खड़ा रहा है. सरस सलिल के माध्यम से हम भोजपुरी सिनेमा और उस से जुड़े कलाकारों को एक सशक्त मंच देने का कार्य कर रहे हैं.’’ दिल्ली प्रैस के कार्यकारी प्रकाशक अनंत नाथ ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा, ‘‘हम सभी गणमान्य अतिथियों और कलाकारों का हृदय से स्वागत करते हैं. यह मंच सिर्फ अवार्ड देने का नहीं, बल्कि भोजपुरी सिनेमा की उपलब्धियों को सैलिब्रेट करने का अवसर है. हमें गर्व है कि हम इस यात्रा का हिस्सा हैं.’’
स्टेज पर छाया शुभम और माही का जादू 7वें सरस सलिल भोजपुरी सिने अवार्ड्स की चमचमाती शाम में वैसे तो सितारों की कोई कमी नहीं थी, लेकिन जैसे ही मंच पर शो के एंकर और दमदार अभिनेता शुभम तिवारी और ग्लैमरस अदाकारा माही खान की एंट्री हुई तो पूरा माहौल ही बदल गया. तालियों की गड़गड़ाहट, सीटियों की आवाज और दर्शकों का उत्साह साफ बता रहा था कि अब शो का असली मजा शुरू हो चुका है.
आर्यन बाबू की धमाकेदार परफौर्मैंस
सितारों की मौजूदगी, उन के चेहरे की मुसकान, दर्शकों की ओर हाथ हिलाना और कैमरों के सामने उन की सहजता… इस पूरी शाम को किसी फिल्मी क्लाइमैक्स जैसा बना रही थी. लेकिन इन सब के बीच जिस ने सच में महफिल लूट ली, वे थे ‘लिटिल स्टार’ आर्यन बाबू. जैसे ही आर्यन बाबू ने स्टेज पर कदम रखा, माहौल पूरी तरह बदल गया. अपने चुलबुले अंदाज और जोशीले गानों के साथ उन्होंने दर्शकों को ?ामने पर मजबूर कर दिया. उन की हर बीट पर लोग खुद ब खुद ठुमके लगाने लगे. उन की मासूमियत, एनर्जी और मंच पर पकड़ इतनी शानदार थी कि हर कोई उन की परफौर्मैंस में खो गया.
मोबाइल फ्लैश से जगमगा उठा हाल परफौर्मैंस के दौरान एक खास पल ऐसा आया, जब पूरे आडिटोरियम की लाइट्स अचानक बु?ा दी गईं. अंधेरे के उस माहौल में दर्शकों ने अपने मोबाइल के फ्लैश औन कर दिए और देखते ही देखते पूरा हाल तारों की तरह जगमगा उठा. अतिथि भी खुद को रोक न पाए
आर्यन बाबू ने जैसे ही अपने ठेठ बिहारी अंदाज में गाना शुरू किया, मंच के सामने बैठे विशिष्ट अतिथि भी खुद को रोक नहीं पाए. बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डाक्टर प्रेम कुमार ने अपने अंदाज में गमछा लहराते हुए शुरू कर दिया. उन के साथसाथ अन्य अतिथि और दर्शक भी इस मस्ती में शामिल हो गए. पूरा माहौल ऐसा बन गया मानो यह सिर्फ एक अवार्ड शो नहीं, बल्कि एक भव्य उत्सव हो, जहां हर कोई संगीत की धुन पर एकसाथ थिरक रहा हो.
रंगारंग प्रस्तुतियां, गीत, संगीत और डांस ने बांध दिया समां 7वें सरस सलिल भोजपुरी सिने अवार्ड्स की यह शाम सिर्फ पुरस्कारों तक सीमित नहीं रही, बल्कि एक भव्य ‘स्टार नाइट’ में तबदील हो गई, जहां हर प्रस्तुति अपने आप में एक उत्सव बन कर सामने आई. मंच पर जैसेजैसे कलाकारों की एंट्री होती गई, माहौल और भी रंगीन होता चला गया. दर्शकों की उत्सुकता, तालियों की गूंज और रोशनी से जगमगाता मंच, सबकुछ मिल कर इस शाम को खास बना रहा था. चाइल्ड एक्ट्रेस चाहत राज, दिव्या सिंह, आर्यन बाबू, ढोलू यादव और स्वास्तिका राय ने अपने शानदार और ऊर्जा से भरपूर डांस परफौर्मैंस से कार्यक्रम की शुरुआत को ही यादगार बना दिया. उन की मासूम अदाओं और जबरदस्त स्टेज प्रेजैंस ने दर्शकों का दिल जीत लिया.
कार्यक्रम में इस के अलावा भी कई सितारों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया. गायिका अनुपमा यादव की सुरीली आवाज, दीपक दिलदार का जोश, माही खान का ग्लैमरस अंदाज, पल्लवी गिरि की शानदार प्रस्तुति और सीपी भट्ट ‘ढेला बाबा’ और ईशिका सिंह का अनोखा अभिनय और डांस, हर कलाकार ने अपने अंदाज में दर्शकों का दिल जीत लिया. यहां गीत, संगीत, नृत्य और अभिनय का ऐसा अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां हर प्रस्तुति पिछली से बेहतर नजर आ रही थी. कलाकारों ने अपने हिट गीतों पर जिस ऊर्जा और जुनून के साथ प्रस्तुति दी, उस ने पूरे माहौल को जीवंत बना दिया. तालियों की गूंज, दर्शकों की सीटियों की आवाज और मंच पर कलाकारों की शानदार अदाएं, ये सब मिल कर उस रात को एक अविस्मरणीय अनुभव बना रहे थे.
‘कल्लू’ के गानों पर उठा हाल
इस के बाद जैसे ही भोजपुरी स्टार अरविंद अकेला ‘कल्लू’ ने अपने सुपरहिट गानों की धुन छेड़ी, पूरा माहौल ही बदल गया. दर्शक अपनी सीटों से उठ कर लगे और पूरे सभागार में एक कौन्सर्ट जैसा नजारा देखने को मिला. इसी बीच जब एक्ट्रेस रक्षा गुप्ता मंच पर उन के साथ जुड़ीं, तो तालियों की गड़गड़ाहट ने पूरे हाल को गुंजा दिया. दोनों की कैमिस्ट्री और लाइव परफौर्मैंस ने दर्शकों को बांधे रखा. कार्यक्रम की सब से खास बात यह रही कि इस में आधुनिकता के साथसाथ भोजपुरी लोक संस्कृति भी पूरी तरह जिंदा रही. लोकगीतों और पारंपरिक नृत्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को अपनी जड़ों से जोड़ दिया. यह सिर्फ मनोरंजन नहीं था, बल्कि एक सांस्कृतिक अनुभव था, जहां हर गीत और हर ताल में मिट्टी की खुशबू महसूस हो रही थी.
हर नाम के साथ गूंज उठा सभागार
सरस सलिल भोजपुरी सिने अवार्ड्स शो की इस भव्य शाम में जहां एक ओर रंगारंग प्रस्तुतियों ने माहौल को ऊर्जा से भर रखा था, वहीं दूसरी ओर अवार्ड्स की घोषणाएं पूरे आडिटोरियम में रोमांच की नई लहर पैदा कर रही थीं. जैसे ही मंच पर एंकर शुभम तिवारी और माही खान की जोड़ी एकएक कर विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं के नामों की घोषणा करती थी, पूरे हाल में सन्नाटा और उत्सुकता एकसाथ महसूस होती थी. हर कोई अपनी सांसें थामे बैठा था, इस इंतजार में कि अगला नाम किस का होगा.
वह पल किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था, जब किसी कलाकार या टैक्नीशियन का नाम पुकारा जाता और पूरा सभागार तालियों की गूंज से भर उठता. सीटों पर बैठे कलाकार अचानक मुसकान के साथ खड़े हो जाते.
इस भव्य आयोजन में तकरीबन
75 विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार दिए गए, जो यह दिखाता है कि भोजपुरी सिनेमा अब कितनी तेजी से विस्तार और विविधता की ओर बढ़ रहा है. यह इस बात का संकेत था कि अब सिर्फ परदे पर दिखने वाले चेहरों को ही नहीं, बल्कि परदे के पीछे काम करने वाले हर शख्स की मेहनत को भी बराबर पहचान मिल रही है.
ओवरआल कैटेगरी में ये रहे बैस्ट
सब से बड़ा आकर्षण रहा बैस्ट एक्टर (ओवरआल) का खिताब, जिसे हीरो अरविंद अकेला ‘कल्लू’ ने फिल्म ‘मेरी बीवी से बचाओ’ के लिए जीता. इसी फिल्म ने बाकी कई कैटेगरी में भी अपना दबदबा बनाए रखा. इस फिल्म के लिए निशांत उज्ज्वल के प्रोडक्शन में बैस्ट फिल्म (ओवरआल) का अवार्ड मिला, जबकि रोहित सिंह ‘मटरू’ ने इसी फिल्म के लिए बैस्ट कौमिक एक्टर (ओवरआल) का अवार्ड जीत कर दर्शकों को हंसी से सराबोर करने की अपनी कला को साबित किया.
संगीत के क्षेत्र में भी ‘तोहार कातिल बा फिगर’ गीत का जादू सिर चढ़ कर बोला. अरविंद अकेला ‘कल्लू’ को बैस्ट वायरल सिंगर मेल (ओवरआल), आशुतोष तिवारी को बैस्ट गीतकार (ओवरआल) और प्रियांशु सिंह को बैस्ट म्यूजिक डायरैक्टर (अल्बम, ओवरआल) का अवार्ड मिला. वहीं मीरा म्यूजिक को बैस्ट म्यूजिक कंपनी (ओवरआल) का अवार्ड दे कर इस गीत की कामयाबी को बढ़ा दिया.
फिल्म ‘घर का बंटवारा’ ने भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई. इस फिल्म के लिए संजय कुमार श्रीवास्तव को बैस्ट डायरैक्टर (ओवरआल) और रिंकू भारती को बैस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस (ओवरआल) का अवार्ड मिला. इस के अलावा विद्या मौर्य को इसी फिल्म के लिए बैस्ट कौस्ट्यूम डिजाइनर (ओवरआल) का अवार्ड दिया गया.
एक्टिंग के दूसरे क्षेत्रों में भी कई कलाकारों ने अपनी छाप छोड़ी. सीपी भट्ट को फिल्म ‘पुनर्जन्म’
के लिए बैस्ट नैगेटिव एक्टर (ओवरआल) और संजय पांडेय को भी इसी फिल्म के लिए बैस्ट सपोर्टिंग एक्टर (ओवरआल) का अवार्ड मिला.
वहीं अंजना सिंह को ‘बड़की दीदी छोटकी दीदी’ के लिए बैस्ट एक्ट्रेस (ओवरआल) का खिताब मिला और आलोक कुमार को इसी फिल्म के लिए बैस्ट मेल प्लेबैक सिंगर (ओवरआल) के रूप में सम्मानित किया गया. प्रियंका सिंह को ‘मातृ देवो भव:’ के लिए बैस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर (ओवरआल) का अवार्ड मिला.
नई प्रतिभाओं में बाल कलाकारों ने भी शानदार प्रदर्शन किया. ‘बिन पिया डोली बिन पिया गवना’ के लिए आर्यन बाबू को बैस्ट चाइल्ड एक्टर (ओवरआल) और स्वास्तिका राय को बैस्ट चाइल्ड एक्ट्रेस (ओवरआल) को सम्मान मिला.
तकनीकी और रचनात्मक क्षेत्रों में भी बैस्ट काम को सराहा गया. प्रसून यादव को बैस्ट कोरियोग्राफर (ओवरआल), जनार्दन पांडेय ‘बबलू’ को बैस्ट लाइन प्रोड्यूसर (ओवरआल) और सुरेंद्र मिश्रा व विवेक मिश्रा को मेरी बीवी से बचाओ’ के लिए बैस्ट राइटर (ओवरआल) का अवार्ड मिला. वहीं मनोज भावुक को ‘दुलहनिया नाच नचाए’ के लिए बैस्ट लिरिसिस्ट (ओवरआल) चुना गया.
डिजिटल प्लेटफार्म की बढ़ती लोकप्रियता को ध्यान में रखते हुए ‘जान लेगी सोनम’ को बैस्ट भोजपुरी वैब सीरीज (ओवरआल) का खिताब दिया गया. इस के अलावा रंजन सिन्हा को बैस्ट पीआरओ (ओवरआल) के रूप में सम्मानित किया गया, जिन्होंने भोजपुरी सिनेमा के प्रचारप्रसार के क्षेत्र में अपना अहम योगदान दिया है.
अवार्ड शो को कामयाब बनाने में इन का रहा बड़ा रोल
7वें सरस सलिल भोजपुरी सिने अवार्ड्स शो को कामयाब बनाने में जिन का खास योगदान रहा उन में गायक और एक्टर विवेक पांडेय एक नाम थे, जिन्होंने आयोजन को कामयाब बनाने के लिए दिनरात एक कर दिया. उन्होंने न केवल फिल्म हस्तियों से तालमेल किया, बल्कि उन्हें अवार्ड में निमंत्रित करने का जिम्मा भी संभाला.
अरविंद अकेला ‘कल्लू’ ने कहा, ‘‘यह अवार्ड मेरे लिए सिर्फ सम्मान नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है. सरस सलिल जैसे प्रतिष्ठित मंच से बैस्ट एक्टर का सम्मान मिलना मेरे कैरियर का खास पल है. मैं अपने दर्शकों और टीम का दिल से धन्यवाद करता हूं.’’
अंजना सिंह बोलीं, ‘‘यह सम्मान मेरे लिए बेहद खास है. सरस सलिल के इस अवार्ड शो ने जो पहचान दी है, वह और बेहतर काम करने की प्रेरणा देती है. यह अवार्ड मेरी पूरी टीम और मेरे दर्शकों को समर्पित है.’’
संजय पांडेय ने यह अवार्ड मिलने पर कहा, ‘‘सहायक अभिनेता के रूप में यह सम्मान मिलना मेरे लिए गर्व की बात है. यह साबित करता है कि मेहनत और ईमानदारी से किया गया काम कभी व्यर्थ नहीं जाता. सरस सलिल का मैं दिल से आभारी हूं.’’
कुणाल सिंह बोले, ‘‘भोजपुरी सिनेमा ने एक लंबा और संघर्षपूर्ण सफर तय किया है. आज यह इंडस्ट्री जिस मुकाम पर है, वह इस के कलाकारों, निर्माताओं और दर्शकों की लगातार कोशिश का नतीजा है. आने वाला समय भोजपुरी सिनेमा के लिए और भी स्वर्णिम होगा.’’
इंपा के अध्यक्ष अभय कुमार सिन्हा बोले, ‘‘बिहार भोजपुरी सिनेमा की आत्मा है. यहीं से इस इंडस्ट्री की शुरुआत हुई और आज भी इस की जड़ें यहीं मजबूत हैं. यहां के दर्शकों का प्यार ही इस सिनेमा की असली ताकत है.
‘‘भोजपुरी सिनेमा अब सिर्फ क्षेत्रीय सिनेमा नहीं रहा, बल्कि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान
बना रहा है. इस तरह के अवार्ड शो इंडस्ट्री को आगे बढ़ाने में खास रोल निभाते हैं.’’
निशांत उज्ज्वल ने अपनी बात रखते हुए कहा, ‘‘भोजपुरी सिनेमा तेजी से आगे बढ़ रहा है. कंटैंट और टैक्नोलौजी दोनों में सुधार हो रहा है. हमें अब वर्ल्ड लैवल पर अपनी पहचान बनाने के लिए और बेहतर कहानियों और क्वालिटी पर ध्यान देना होगा.’’
संजना पांडेय बोलीं, ‘‘इस मंच से सम्मानित होना मेरे लिए सपने जैसा है. यह और मेहनत करने और अपने दर्शकों के लिए बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा देता है.’’
अपर्णा मलिक ने बताया, ‘‘यह अवार्ड मेरे संघर्ष और मेहनत का नतीजा है. सरस सलिल जैसे प्रतिष्ठित मंच से मिला यह सम्मान मेरे कैरियर में नई ऊर्जा भरता है. मैं अपने दर्शकों और पूरी टीम का धन्यवाद करती हूं.’’
देव सिंह बोले, ‘‘7वां सरस सलिल भोजपुरी सिने अवार्ड्स जिस भव्यता और गरिमा के साथ आयोजित किया गया, वह वाकई काबिल ए तारीफ है. मंच सज्जा से ले कर प्रस्तुति तक हर चीज में एक प्रोफैशनल टच दिखाई दिया. यह आयोजन भोजपुरी सिनेमा के बढ़ते स्तर और उस की पहचान को दर्शाता है.’’
7वें सीजन में ये रहे प्रायोजक
‘सरस सलिल भोजपुरी सिने अवार्ड्स शो के 7वें सीजन में मुख्य प्रायोजक सवेरा फर्नीचर रहा जो एक भरोसेमंद फर्नीचर ब्रांड है. यह मौडर्न डिजाइन, मजबूत क्वालिटी और किफायती कीमतों के लिए जाना जाता है.
इस अवार्ड शो का सह प्रायोजक सेन्को गोल्ड एंड डायमंड्स रहा जो सेन्को गोल्ड लिमिटेड (कंपनी) का
एक ब्रांड है और जिस का 80 से ज्यादा साल का शानदार इतिहास है. कंपनी ने कार्यक्रम में कई गिफ्ट हैंपर भी इनाम के रूप में दिए.
सरस सलिल भोजपुरी सिने अवार्ड्स का ओटीटी पार्टनर भोजपुरी सिनेमा के नामचीन
सरस सलिल भोजपुरी सिने अवार्ड्स के 7वें सीजन में डिजिटल दुनिया की मजबूत मौजूदगी भी देखने को मिली. इस भव्य आयोजन का आधिकारिक ओटीटी पार्टनर स्टेज ऐप रहा, जो आज क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों और वैब सीरीज के लिए तेजी से उभरता हुआ सब से लोकप्रिय प्लेटफार्म बन चुका है.
स्टेज ऐप ने कम समय में ही अपने अनूठे कंटैंट और क्षेत्रीय भाषाओं पर खास फोकस के चलते दर्शकों के दिलों में खास जगह बना ली है. भोजपुरी, हरियाणवी, राजस्थानी समेत कई भाषाओं में मुहैया कंटैंट इसे दूसरे ओटीटी प्लेटफार्मों से अलग पहचान दिलाता है.
सरस सलिल भोजपुरी सिने अवार्ड्स जैसे बड़े मंच से जुड़ कर स्टेज ऐप ने न सिर्फ अपनी पहुंच को और मजबूत किया, बल्कि क्षेत्रीय सिनेमा को वर्ल्ड लैवल पर पहचान दिलाने की दिशा में भी एक अहम कदम उठाया है.
आज के डिजिटल समय में जहां दर्शक अपनी भाषा और संस्कृति से जुड़े कंटैंट को अहमियत दे रहे हैं, वहीं स्टेज ऐप उन की इस मांग को बेहतरीन तरीके से पूरा कर रहा है.




