Hindi Story: लखनऊ छोड़ कर गाजियाबाद में नौकरी करने आई सना का सामना मिस्टर कुमार से हुआ जो उस का बौस था. एक दिन कुमार ने उसे अपने घर बुला कर धोखे से उस की इज्जत लूट ली. सबा को अपने बीमार अब्बू का खयाल आया. क्या वह हालात को संभाल पाई?

जिंदगी में चाहे जितनी बार भी इंटरव्यू दिया जाए, हर बार घबराहट होना लाजिमी ही है. यही हाल सना का भी था. आज गाजियाबाद केओरियन मौलमें उस का इंटरव्यू था.
सना ने हलके आसमानी रंग का सूट पहना था और अपने बालों को खुला रहने दिया था. होंठों पर नैचुरल कलर की लिपस्टिक लगा कर उस ने अपनेआप को देखा, तो अपनी खूबसूरती पर रश्क किए बिना रह सकी.


कैब में बैठने के ठीक 30 मिनट के बाद ही सनाओरियन मौलके सामने थी. कैब का भुगतान करने के बाद सना उस मौल के मौडर्न गेट से अंदर दाखिल हुई. अभी सुबह के 10 ही बज रहे थे. मौल में भीड़भाड़ का आना अभी शुरू नहीं हुआ था. भीतर चारों तरफ रूम फ्रैशनर की खुशबू फैली हुई थी. सना ने अपनी नजरें दौड़ाईं, तो पाया कि इस मौल की विशालता और खूबसूरती के आगे वे सब मौल और शोरूम फीके हैं, जिन में वह पहले काम कर चुकी है. सना ने 5वें फ्लोर पर जाने के लिए लिफ्ट का बटन दबाया. कुछ ही सैकंड्स के बाद लिफ्ट खुल गई. ट्रांसपेरेंट लिफ्ट ऊपर जा रही थी और सना अपनी उत्सुकता भरी नजरों से चारों तरफ मौल की भव्यता को देख रही थी.


5वें फ्लोर पर लिफ्ट खुली तो सना ने देखा कि फ्लोर के एक कोने पर मार्बल का बड़ा सा काउंटर बना हुआ है जिस के पीछे एक दुबलीपतली सी खूबसूरत रिसैप्शनिस्ट बैठी हुई है. सना ने आत्मविश्वास भरे लहजे में उस से बात शुरू की, ‘‘गुड मौर्निंग मैम, आज मु? अकाउंट औफिसर के इंटरव्यू के लिए बुलाया गया है.’’ सना की बात आगे सुनने से पहले ही वह रिसैप्शनिस्ट मुसकराई और उस ने एक बटन दबा कर चपरासी को बुलाया और सना के लिए कौफी लाने को कहा. थोड़ी देर में ही कौफी भी गई.
दिव्या नाम की उस रिसैप्शनिस्ट ने सना को एक ओर रखे सोफे पर बैठने और कौफी पीने का इशारा किया, तो सना  ‘थैंक्सकह कर कौफी पीने लगी.


कौफी खत्म करते ही सना तेजी से उठ कर रिसैप्शनिस्ट के पास पहुंची तो रिसैप्शनिस्ट ने सना को बताया कि उस का इंटरव्यू आज नहीं हो पाएगा, क्योंकि अकाउंट मैनेजर कुमार सर बाहर गए हुए हैं और उन की गैरमौजूदगी में किसी का भी इंटरव्यू नहीं हो सकता. सना को पूरे 2 दिन का इंतजार करना होगा. सना बु? मन से अपने होटल में लौट गई और अपनी खिसियाहट और थकान मिटाने के लिए एक शावर लिया और कमरे में ही पिज्जा मंगवा कर खाया और मोबाइल साइलैंट मोड पर लगा कर सो गई. जब सना जागी तो मोबाइल में अब्बू की 3 मिस कौल्स थीं. सना ने ?ाट से अब्बू को फोन मिलाया. अब्बू सना का हालचाल और खैरियत जानना चाह रहे थे.


सना ने अपनी बातों से अब्बू को निश्चिंत कर दिया था कि वह ठीक है और अपना ध्यान खुद रख सकती है.
अब्बू ने फोन अम्मी को पकड़ा दिया तो अम्मी की वही पुरानी नसीहतें फिर से शुरू हो गई थीं, ‘‘जमाना बहुत खराब है. आदमी की जात पर कभी भरोसा मत करना और देर रात तक घर के बाहर रहना बिलकुल ठीक नहीं.’’ सना मुसकरा रही थी और अम्मी की हर बात का जवाब देते जा रही थी. बातचीत के बाद सना ने फोन रखा और खाना खाने के लिए बाहर गई और अगले 2 दिन उस ने घूमनेफिरने में बिताए और वह सुबह भी ही गई जब सना को अपना इंटरव्यू देने जाना था. अगली सुबह सना रिसैप्शनिस्ट दिव्या से जा कर मिली.


दिव्या ने एक मुसकराहट से सना का स्वागत किया और उसे बताया कि आज सना को निराश नहीं होना पड़ेगा, क्योंकि कुमार सर गए हैं और थोड़ी देर में अपने औफिस में जाएंगे, तब तक सना को उन का इंतजार करना होगा. सना एक ओर रखे सोफे में धंस गई थी. थोड़ी देर बाद दिव्या ने सना को कर बताया कि कुमार सर अपने छठी मंजिल पर बने औफिस में चुके हैं और सना अब जा कर इंटरव्यू दे सकती है. सना लिफ्ट ले कर छठे फ्लोर पर पहुंची. लिफ्ट से बाहर निकल कर बाईं तरफ एक शानदार केबिन बना हुआ था जिस के बाहर कुमार के नाम की नेम प्लेट लगी हुई थी. सना ने धड़कते दिल से दरवाजा खोला और बोली, ‘‘सर, क्या मैं अंदर सकती हूं?’’


सना के सामने एक 30-32 साल का आदमी बैठा हुआ था, जो अपनेआप को काफी बिजी दिखा रहा था. उस की टेबल पर 2 लैपटौप रखे हुए थे, जिन पर वह बारबार नजरें गड़ा रहा था. ‘‘मैं ने आप का बायोडाटा देखा, काफी अच्छी परफौर्मैंस रही है आप की,’’ मिस्टर कुमार के मुंह से अपनी तारीफ सुन कर सना खुश हुई. ‘‘पर एक बात नहीं सम? आई?’’ सना मिस्टर कुमार के इस सवाल से थोड़ा ठिठक गई. मिस्टर कुमार ने सना से यह जानना चाहा कि वह तो रहने वाली लखनऊ की है और लखनऊ में तो शौपिंग मौल्स की कमी है और तो अकाउंट से रिलेटेड किसी भी काम की, तो फिर उसे लखनऊ छोड़ कर गाजियाबाद क्यों आना पड़ा?


‘‘जी ,दरअसल, गाजियाबाद में मेरे कुछ दोस्त और कई रिश्तेदार रहते हैं. वे बता रहे थे कि बड़ी जगह काम करने से एक्सपोजर ज्यादा मिलता है और फिर जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए बहुत सी बातों को छोड़ना पड़ता हैं. और फिर मेरे अब्बू की किडनी में इंफैक्शन है, जिस के कारण उन का इलाज काफी महंगा है. पैसे की जरूरत भी मेरे यहां आने की एक वजह है,’’ सना ने जवाब दिया. कुछ और औपचारिक सवाल पूछने के बाद मिस्टर कुमार ने सना से बाहर इंतजार करने को कहा. सना बाहर कर बैठ गई, पर अब उसे अच्छा नहीं लग रहा था. पता नहीं उसे यह नौकरी मिले भी या मिले, पर सना की यह सोच जल्द ही खत्म हो गई जब मिस्टर कुमार ने सना को अंदर बुलाया और उस को बधाई देते हुए कहा कि उसे अकाउंट औफिसर की जौब के लिए रख लिया गया है और वह कल से ही काम पर सकती है. सना ने कैब बुला ली और होटल में वापस गई. आते ही उस ने एक पीजी रूम खोजना शुरू कर दिया. औफिस से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर पीजी रूम मिला.


सना ने अगले दिन से ही औफिस जौइन कर लिया. कुमार सर के ठीक बगल में सना का केबिन था. वह मेहनत और लगन से काम करती थी और सारे खर्चे और पैसों के लेनदेन का पूरा हिसाब रखती थी.
उस दिन जब सना औफिस से घर जाने के लिए निकली तभी कुमार भी अपनी कार पार्किंग से निकाल कर रहा था. सना को देख कर उस ने कार रोकी और अंदर आने का इशारा किया. सना पहले तो हिचकिचाई पर फिर कार के अंदर बैठ गई. कुमार ने सना से उस के पीजी रूम का पता पूछा तो सना ने पता बताया. कुमार सना से कहने लगा कि उस का पीजी तो औफिस से बहुत दूर पड़ता है.
‘‘जी सर, औफिस के आसपास तो पीजी रूम मैं अफोर्ड नहीं कर सकती.’’ बदले में कुमार मुसकरा दिया था. इस के बाद कुमार सना को कार से उस के पीजी पर छोड़ने लगा. एक दिन कुमार ने सना से पास ही बनी सिविल लाइंस कालोनी के उस के फ्लैट में चल कर एक कप कौफी पीने को कहा, तो सना को तनिक
भी हिचकिचाहट नहीं हुई.


सिविल लाइंस एक बेहद शानदार कालोनी थी, जिस के अंदर मौल, जिम, स्विमिंग पूल जैसी कई सुविधाएं
मुहैया थीं. कुमार का 3 कमरों का फ्लैट देख कर सना को अजीब सा जरूर लगा कि अकेले आदमी के लिए तो एक कमरे का फ्लैट ही काफी होगा, फिर 3 कमरे का खासा बड़ा फ्लैट क्यों ले रखा है?
इतने में कुमार खुद ही कौफी बना कर ले आया था और सना से कौफी पीने को कहा और खुद मोबाइल पर दूसरे कमरे में जा कर बात करने लगा. जब तक कुमार आया, तब तक सना कौफी पी चुकी थी. कुमार सना को देख कर मुसकराए जा रहा था. सना ने कुछ देर बाद ही महसूस किया कि उस का सिर भारी हो रहा है और आंखों के सामने धुंधलापन छा रहा है. सना को तेज़ी से नींद रही थी.


सना की बेहोशी कब टूटी उसे पता नहीं था. उसे इतना जरूर सम? गया था कि उस के बदन से उस के कपड़े गायब हैं और पास में ही कुमार भी बिना कपड़ों के बेशर्मी से लेटा हुआ था. ‘‘तुम भी और लोगों की तरह नीच और कमीने निकले. मैं चुप नही बैठूंगी, बल्कि पुलिस में तुम्हारी रिपोर्ट करूंगी,’’ सना चीख रही थी. कुमार ने मुसकराते हुए सना की तरफ मोबाइल की स्क्रीन घुमा दी, जिस में एक वीडियो क्लिपिंग चल रही थी जिस में कुमार सना के नंगे जिस्म से खेल रहा था. सना अचकचा कर रह गई, ‘‘नहींइसे डिलीट करो.’’ कुमार पर सना की बात का कोई असर नहीं हुआ क्योंकि अब तो उस के हाथ में तुरुप का पत्ता लग गया था, जिसे वह इस्तेमाल कर के सना को जब चाहे तब मजबूर कर सकता था.


कुमार पर भरोसा करना सना को बहुत भारी पड़ गया था और अब तो उस क्लिपिंग के बल पर कुमार उसे ब्लैकमेल करेगा और सना का अंदाजा सही था. आने वाले दिनों में कुमार लगातार सना को वीडियो वायरल करने की धमकी दे कर उस से शारीरिक संबंध बनाता रहा. करीब 2 महीने हो चुके थे. इस बीच कुमार ने कई बार सना को ब्लैकमेल किया. पर उस दिन सना को पता नहीं क्या हुआ कि वह कुमार के औफिस में जा कर रोने और गिड़गिड़ाने लगी, ‘‘प्लीज, आप को जो करना था आप मेरे साथ कर चुके हैं अब तो वह क्लिप डिलीट कर दीजिए, नहीं तो खुदकुशी करना ही मेरे लिए आखिरी उपाय रह जाएगा.’’ सना को इस तरह रोता देख कर कुमार का मन भर आया और उस ने अपने मोबाइल से वह क्लिप सना को सैंड कर दी और तुरंत ही अपने मोबाइल से डिलीट भी कर दी.


सना के मन से मानो बहुत भारी बो? उतर गया था. उस की न्यूड क्लिप डिलीट हो चुकी थी और अब कुमार उसे ब्लैकमेल नहीं कर पाएगा, पर ऐसा सोचना सना की गलतफहमी थी. 2 दिन के बाद कुमार का फोन फिर आया और उस ने सना को अपने फ्लैट पर बुलाया और आने पर क्लिप को वायरल करने और औफिस में सब को उन के नाजायज रिश्ते की बात बता देने की धमकी देने लगा. ‘‘पर अब तुम मु? ब्लैकमेल नहीं कर सकते. वह क्लिप तो तुम ने डिलीट कर दी थी,’’ सना ने तीखी आवाज में कहा तो कुमार ठहाके मार कर हंसने लगा और कुटिल अंदाज में उस ने बताया कि सना जैसी खूबसूरत लड़की के नंगे जिस्म के साथ गुजारे हुए पलों की वीडियो की एक नहीं, बल्कि कई कौपी रखी जाती हैं और इतना कह कर कुमार ने सना की एक और वीडियो क्लिप उसे सैंड कर दी.


सना यह देख कर हैरान थी कि यह वीडियो क्लिप उस की बेहोशी वाले दिन की नहीं है, बल्कि बाद के किसी दिन ही है, जो कमरे में छिपे हुए कैमरे से शूट की गई है और ऐसी जाने कितनी वीडियो क्लिप उस के पास होंगी और उन के बल पर वह जाने कितने दिनों तक उस का शोषण करता रहेगा
अब तो सना को नौकरी छोड़ कर लखनऊ वापस चले ही जाना चाहिए. पर तब भी तो कुमार उस का पीछा नहीं छोड़ेगातो क्या खुदकुशी करना ही आखिरी उपाय है? पर तब अम्मीअब्बू क्या सोचेंगे? और फिर उन के बुढ़ापे में उन का साथ कौन देगा? सना परेशान होती जा रही थी   और कुमार के लगातार आते फोन और मैसेज उसे और भी परेशान कर रहे थे. सना पिछले 4 दिन से औफिस भी नहीं गई थी और मन ही मन उस ने यह फैसला ले लिया था कि अब कुमार उसे लगातार ब्लैकमेल करता रहेगा, इसलिए उस के लिए इस्तीफा दे कर वापस जाना ही ठीक रहेगा, बाद में जो होगा वह देखा जाएगा.


सना ने तुरंत ही अपने लैपटौप पर इस्तीफा टाइप किया और अपना सामान पैक करने लगी. उस ने आननफानन में  कैब बुला कर गाजियाबाद छोड़ने की तैयारी कर ली थी. कैब में बैठ कर सना ने राहत की सांस ली. वह सोच रही थी कि स्टेशन पर पहुंच कर अपना इस्तीफा कंपनी को सैंड कर देगी. सना की कैब सिविल लाइंस वाले इलाके से निकल रही थी. वह एक अजीब सी उल?ान से भर उठी थी. उस ने नजरें नीची कर लीं और जल्दी से स्टेशन पहुंच जाने के बारे में सोचने लगी, पर लाल बत्ती के चलते कैब रुकी, तो सना ने अपने अगलबगल की गाडि़यों पर नजर डाली. सना ने तभी देखा कि बगल वाली गाड़ी में कुमार अपनी पत्नी और एक बच्चे के साथ बैठा हुआ था. कुमार अपने बीवीबच्चे के साथ बहुत खुश नजर रहा था, पर यह कुमार की पत्नी है या कोई और, सना सम? नहीं पाई.

कुछ सोच कर सना ने रिसैप्शनिस्ट दिव्या को फोन लगाया और बातोंबातों में कुमार के शादीशुदा होने के बारे में जानकारी मांगी, तो उसे पता चला कि कुमार ने उस से अविवाहित होने का ?ाठ बोला था. सच तो यह था कि उस का एक बच्चा भी है और उस की पत्नी सरकारी नौकरी में है और उस के पास गाजियाबाद आती रहती है. सना के चेहरे पर कई रंग आते और जाते रहे. इस दौरान ड्राइवर ने स्टेशन पर जा कर कैब रोक दी, पर सना उतरी नहीं, बल्कि उस ने कैब वापस ले चलने को कहा और कुछ देर बाद एक बार फिर से सना पीजी रूम में वापस चुकी थी. सना अगले 2-3 दिन तक औफिस नहीं गई. इस बीच कुमार ने भी उसे कोई फोन नहीं किया.


उस दिन कुमार बहुत खुश था, क्योंकि उस के बेटे का बर्थडे था. कुमार शाम को जल्दी घर वापस गया था. घर को उस की पत्नी ने पूरी तरह से सजा दिया था, पर कुमार यह देख कर बुरी तरह चौंक गया था कि उस की पत्नी के साथ सना भी उस के काम में हाथ बंटा रही थी. कुमार सवालिया नजरों से सना की तरफ देखे जा रहा था. बदले में सना सिर्फ मुसकराए जा रही थी. ‘‘इन से मिलो, ये सना हैं. मार्केट में मिली तो दोस्ती हो गई. अभी थोड़ी परेशान हैं, क्योंकि इन का बौस इन्हें तंग कर रहा है. मेरे हिसाब से ऐसे बौस को तो जेल में होना चाहिएआप बैठिए, मैं चाय ले कर आती हूं,’’ कुमार की पत्नी एक सांस में कह गई थी.
कुमार को सना पर बहुत गुस्सा रहा था, लेकिन वह नौर्मल रहने का दिखावा करने के अलावा कुछ नहीं कर सकता था. सना बच्चे के केक कटने तक वहां रुकी रही थी. कुमार ने देखा कि उस का बेटा भी सना से बहुत लगाव दिखा रहा था.


अगले दिन सना औफिस भी गई थी और अपना काम कर रही थी. कुमार ने उसे फोन कर के बुलाया.
‘‘मेरे घर क्यों गई थी?’’ गुस्से से कुमार ने पूछा. ‘‘मैं तो इस से पहले भी कई बार आप के घर जा चुकी हूं और आप के बिस्तर पर सो भी चुकी हूंभूल गए क्या आप?’’ सना ने यह बात कुछ इस ढंग से कही थी कि कुमार को मिर्ची सी लग गई थी. सना अपनी कुरसी से उठ कर बात करने लगी थी, ‘‘अगर आप यह सोचते हैं कि मेरा न्यूड वीडियो वायरल कर के आप मु? अब भी ब्लैकमेल कर सकते हैं, तो ऐसा सोचना छोड़ दें, क्योंकि अब वे वीडियो मेरे मोबाइल पर भी आप मु? भेज चुके हैं,’’ सना ने कहा तो कुमार को याद आया कि उस के मोबाइल पर कुमार ने ही तो वीडियो क्लिप भेजी थी, ताकि सना डर जाए.


सना ने आगे यह भी कहा कि कुमार ने अगर उसे ब्लैकमेल किया, तो वह खुद औफिस में सब को वह न्यूड वीडियो दिखा देगी क्योंकि उस वीडियो में कुमार भी तो न्यूड ही नजर रहा है और अगर बेइज्जती सना की होगी तो कुमार की भी तो बेइज्जती होगी और यह भी शक किया जाएगा कि इस तरह जाने कितनी लड़कियों का यौन शोषण किया होगा कुमार ने. इस के बाद सना यह वीडियो मीडिया में दे देगी और कुमार पर नशा दे कर रेप करने का आरोप लगाएगी. और तो और अब तो कुमार की पत्नी भी यहां पर है. सोचो जरा जब कुमार की पत्नी अपने पति को किसी दूसरी औरत के साथ ऐसी हालत में देखेगी, तो उस पर क्या गुजरेगी? ‘‘इसलिए मिस्टर कुमार, अब यह सना तुम्हारी धमकियों से नहीं डरेगी, बल्कि अब तुम्हें मु? से डरना होगा, क्योंकि यह वीडियो में तुम्हारी पत्नी को सैंड करने जा रही हूं,’’ मोबाइल हाथ में घुमाते हुए सना ने कहा.

कुमार थूक निगल रहा था. उसे सना की आंखों में चिनगारियां और आवाज में कठोरता सम? में गई थी. वह सम? गया था कि सना की उंगली की एक थिरकन उस के बसेबसाए घर को उजाड़ सकती है और उस के औफिस में बनी इमेज को मिट्टी में मिला सकती है. और हो सकता है कि सना इस वीडियो के सहारे उसे जेल की हवा भी खिला दे. कुमार एकदम से सना के पैरों में गिर गया था, ‘‘मु? माफ कर दो. मु? से गलती हो गई. मैं अभी तुम्हारी सारी वीडियो डिलीट करता हूं, बस तुम मेरी पत्नी से यह सब मत बताना,’’ कहते हुए कुमार ने अपने मोबाइल और लैपटौप से सना के सारे न्यूड वीडियो डिलीट कर दिए थे.
सना की मांग पर कुमार ने उसे नौकरी में प्रमोशन और डबल इंक्रीमैंट भी दे दिया था.

सना मुसकरा रही थी. उस ने मजबूरी में कुमार के आगे घुटने तो टेक दिए थे, मगर ठंडे दिमाग और शातिराना चाल चल कर उस ने अपनेआप को दलदल में गिरने से बचा लिया था. सना का फोन बजा तो उस ने देखा कि अब्बू की वीडियो काल थी. सना रिलैक्स हो कर अब्बूअम्मी से बात कर रही थी, ‘‘यहां सब ठीक है अब्बू. आप की बेटी अपना ध्यान रख सकती है. आप लोग अपना खयाल रखना.’’ सना अब सच में अपना ध्यान रख सकती थी.  Hindi Story                 

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