सरस सलिल विशेष

दिल्ली सरकार ने नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है. इसकी महत्वपूर्ण बात यह है कि शराब की दुकान खुले या नहीं और खुले तो कहां, यह मोहल्ला सभा तय करेगी.

आबकारी विभाग के सूत्रों का कहना है कि शराब की दुकान खुल जाने के बाद सबसे अधिक विरोध जगह को लेकर सामने आते हैं. इस विरोध को दुकान खोलने के बाद नहीं उठाना पड़े, इसके लिए मोहल्ला सभा से भी दुकान के लिए अनुमति लेनी होगी.

इसके बाद भी यदि किसी दुकान के खोलने को लेकर विवाद है और 10 प्रतिशत सदस्य भी इसका विरोध करते हैं, तो इसके लिए आरडब्ल्यूए का पक्ष लिया जाएगा और इनमें 33 फीसदी महिलाएं होना जरूरी है. यदि दो तिहाई लोग दुकान हटाने की सिफारिश करते हैं तो उसे हटा लिया जाएगा.

शराब के दाम नहीं बढ़ेंगे

आने वाले तीन माह तक शराब पुरानी ही दरों पर उपलब्ध रहेगी. इसके लिए दिल्ली सरकार ने नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है. अब इन नीति के तहत ही दिल्ली में शराब की दुकानों के लिए प्रावधान लागू होंगे. यह नीति मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता वाली कैबिनेट में पेश की गई. जिसे सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई है.

1 जनवरी 2018 से लागू होगी नई नीति

इस नीति को दिल्ली में 1 जनवरी 2018 से लागू कर दिया जाएगा. हालांकि यह नीति मार्च के बाद ही आ जानी चाहिए. सरकार ने करीब आठ माह देरी से इस नीति को स्वीकार किया है. आबकारी विभाग के सूत्रों का कहना है कि यह पॉलिसी देरी से आई है लेकिन आगामी वित्त वर्ष की पॉलिसी के लिए सरकार को तय समय से काम करना चाहिए ताकि वक्त पर सभी आदेशों को सख्ती से लागू किया जा सके. आने वाले तीन माह में कोई नई दुकान नहीं

सूत्रों ने बताया कि स्वीकार की गई नीति 31 मार्च तक के लिए लागू होगी. इस नीति के प्रावधान बीते वर्ष की नीति जैसे ही रखे गए हैं और इसमें कोई बड़ा बदलाव नहीं किय गया है. वही, दिल्ली सरकार आने वाले तीन माह में भी दिल्ली सरकार की कोई नई दुकान नहीं खोलेगी. इसके अतिरिक्त इन दुकानों के आसपास सक्रिय असामाजिक तत्वों पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी. इसके लिए नीति में सख्त प्रावधान किया गया है.

मैनेजर को दुकान की सीधी निगरानी करनी होगी

दुकान के पास हो रही सभी गतिविधियों की सीधी निगरानी मैनेजर के माध्यम से होगी. यदि दुकान के आसपास कोई भी संदिग्ध गतिविधि नजर आती है तो आबकारी विभाग द्वारा तुरंत इस पर कार्रवाई की जाएगी. इसके लिए भी नई नीति में स्पष्ट प्रावधान किया गया है. इस प्रकार की परेशानियां रिहायशी इलाकों के आसपास होने वाली दुकानों में अधिक आती है क्योंकि ये दुकानें प्रमुख मार्गो के आसपास होती है. दिल्ली सरकार ने निर्देश दिया है कि इन मामलों में यदि किसी भी प्रकार की शिकायत आती है तो उस पर तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए.