kahani

सुरभि और उस की सास कौशल्या का अंधविश्वास था कि उन का वत्सल तांत्रिकों और ओझाओं द्वारा किए गए उपायों का फल है. उस की तबीयत खराब होने पर भी वे दोनों स्वामीजी के चक्कर में उलझे रहे और तब तक बहुत देर हो चुकी थी.

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