आज मीरा की खुशी का ठिकाना न था. वह पिछले 1 वर्ष से 1 लाख रुपए जुटाने में लगी थी. इस रहस्यमयी धनराशि के बारे में उस के परिवार का कोई भी सदस्य नहीं जानता था.