राष्ट्रीय पार्टी की सचिव लीना की दी गई चुनौती को दलितबाला हरिनाक्षी ने हंस कर स्वीकार कर लिया. लीना जबतब हरिनाक्षी को अपने आगे झुकाने के अवसर तलाशा करती लेकिन हरिनाक्षी के कानूनी दांवपेचों के आगे वह बेबस हो जाती. पढि़ए, राजीव रोहित की कहानी.