वह एक प्रदेश के विद्युत एवं उद्योग मंत्री हैं. एक रोज उन्हें सूझा कि अब दौरों में किसी गरीब के घर भोजन किया करेंगे. यह मंत्रीइच्छा सचिव को बताई गई. बस, देर क्या थी, फौरन अमल हुआ.