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7वां सरस सलिल भोजपुरी सिने अवार्ड्स 15 मार्च 2026 को, पटना में !
कहानी
अमूल्य धरोहर : क्या बच पाई रवि बाबू की कुर्सी
मलयेशिया में 4 दिन पलक झपकते ही बीत गए. लगे हाथों सिंगापुर में भी घूमने का कार्यक्रम बन गया था.
Digital Team
,
Jul 23, 2022
भाग - 1
राजनीतिक चाल चल कर रवि बाबू स्वयं बन गए दल के अध्यक्ष. लेकिन वह अपने असंतुष्ट विधायकों को कैसे शांत करें ताकि वे भी चुप रहें और उन की कुरसी भी बची रहे.
भाग - 2
मुझे शांत करने से क्या होगा भाई साहब. शांत ही करने की बात है तो हाईकमान से कहिए कि आग में घी डालने के स्थान पर पानी डालें जिस से आग नियंत्रण में रह सके
भाग - 3
मुख्यमंत्रीजी ने सीडी खरीद ली. कहने लगे, दल की नाक का प्रश्न है. कोई जनतांत्रिक दल के विधायकों पर उंगली उठाए यह उन से सहन नहीं होगा,’’ रवि बाबू का स्वर भीग गया था.
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