सैक्स को उम्र के दायरे में बांधना न सिर्फ संबंधों की गरमाहट को खत्म करता है बल्कि जीवन में रसहीनता पैदा भी करता है. जीवन के सूर्यास्त में सैक्स की भूमिका बेहद जरूरी होती है.