संसर्ग के समय चरमोत्कर्ष पर पहुंचने के 2 कारण हैं. इन में केवल पुरुष के अंग का आकार ही नहीं, बल्कि उस की पोजिशन, रीढ़ की मजबूती और स्त्री के निजी अंग की दीवारें व मानसिक एकाग्रता भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.