सुशांत सिंह राजपूत करेंगे इस फाइटर का किरदार

बौलीवुड में मौलिक काम करने की बजाय सभी नकल करने पर आमादा रहते हैं. अब लगातार असफलता का दंश झेल रहे अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत भी उसी श्रेणी में आ गए हैं. वह पौढ़ी गढ़वाल के शहीद जसवंत सिंह रावत के जीवन पर फिल्म ‘राइफलमैन’ में राइफल मैन जसवंतसिंह रावत का किरदार निभाने जा रहे हैं. सवाल यह है कि सुशांत सिंह राजपूत को अब यह ख्याल क्यों आया?

ज्ञातव्य है कि 18 जनवरी को जसवंत सिंह रावत के जीवन व कृतित्व पर आधारित लेखक, निर्माता व निर्देशक अविनाश धानी की फिल्म ‘72 आवर्सः द मार्टीयर हू नेवर डाइड’ प्रदर्शित हो चुकी है. इस फिल्म में अविनाश धानी ने ही जसवंत सिंह रावत का किरदार निभाया है. मजेदार बात यह है कि यह फिल्म पिछले एक साल से सुर्खियों में रही है, मगर अब जब यह फिल्म सिनेमा घरों में पहुंची, तो सुशांत सिंह राजपूत ने इस किरदार को निभाने की घोषणा की.

सुशांत सिंह राजपूत का दावा है कि वह काफी लंबे समय से राइफलमैन जसवंत सिंह रावत पर शोधकार्य कर रहे थे.

कौन थे शहीद राइफलमैन जसवंत सिंह रावत

1962 में भारत-चीन युद्ध के समय अरूणाचल प्रदेश के नाफा बौर्डर पर तीन सौ चीनी सैनिकों के साथ लगातर 72 घंटे तक युद्ध करते हुए राइफलमैन जसवंत सिंह रावत ने शहादत पायी थी. पौढ़ी गढ़वाल निवासी राइफलमैन/सैनिक जसवंत सिंह रावत ने चीनी सैनिकों के खिलाफ जंग पर जाते समय कहा था-‘‘हम लोग लौटें ना लौटें, ये बक्से लौटें न लौटें, लेकिन हमारी कहानियां लौटती रहेंगी…’ उन्हे महावीर चक्र से भी नवाजा गया था.

‘केदारनाथ’ पर चल रहे विवाद पर सारा खान ने तोड़ी चुप्पी

सैफ अली खान की बेटी सारा अली खान अपनी फिल्म केदारनाथ के साथ बौलीवुड में डेब्यू करने जा रही हैं. इस फिल्म में उनके अपोजिट सुशांत सिंह राजपूत हैं. फिल्म का ट्रेलर देखने के बाद दर्शकों ने दोनों की काफी तारीफे की. लोगों को इनकी केमेस्ट्री काफी पसंद आई. पर कुछ लोगों ने इसमें केवल नफरत ढूंढी. कुछ हिंदूवादी संगठनों ने इसपर ‘लव जिहाद’ का आरोप लगाया. लोगों का कहना है कि इस फिल्म की वजह से लव जिहाद को बढ़ावा मिलेगा. इस मामले पर लगातार चल रहे विवाद पर आखिरकार सारा ने चुप्पी तोड़ी है.

एक हिंदी चैनल के मुताबिक सारा ने कहा कि ‘अपनी जिंदगी के अनुभवों से मैं ये बता सकती हूं कि ऐसी कोई चीज हमें प्रभावित नहीं करती. हमारी फिल्म लव जिहाद की मानसिकता को बिल्कुल भी बढ़ावा देने वाली नहीं है. ये वाकई इस तरह की फिल्म नहीं है. फिल्म में तो यह दिखाने की कोशिश की गई है कि केदारनाथ की दुनिया, जितनी मुक्कू यानी सारा की है, उतनी ही मंसूर यानी सुशांत की भी है.’

आपको बता दें कि 7 दिसंबर को रिलीज होने वाली इस फिल्म में सुशांत सिंह राजपूत और सारा अली खान की अहम भूमिका हैं. 2013 में  केदारनाथ में आई प्राकृतिक आपदा को केंद्र में रख कर बनाई गई इस फिल्म पर केदारनाथ के पुजारियों के एक संगठन ने विरोध जताया है. पुजारियों के संगठन ने धमकी दी है कि अगर इस फिल्म को बैन नहीं किया गया तो वो आंदोलन करेंगे. क्योंकि ये फिल्म लव जिहाद को बढ़ावा देती है. इससे हिंदू भावनाएं आहत होती हैं.

 

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