आखिर क्या है पेड और वेब सेक्स, जानें यहां

सोशल वेबसाइट सर्वे करने वाली एक आईटी कंपनी की हालिया रिपोर्ट चौंकाती है, जिस में पोर्न बेस्ड सर्वे के आधार पर ये आंकड़े दिए गए हैं कि देश में 22 से 34 आयुवर्ग के युवा पोर्नोग्राफी, पेड सेक्स, बैव सेक्स चैट के जरिए अपनी पौकेट ढीली कर रहे हैं. उन की कमाई का लगभग 20 से 30त्न हिस्सा पेड सेक्स के लिए जा रहा है.

माध्यम चाहे जो भी हो, सेक्स के लिए मोटी रकम अदा करनी पड़ रही है यानी सेक्स अब सस्ता व सुलभ नहीं, बल्कि महंगा और अनअफोर्डेबल है. पेड सेक्स की बढ़ती लोकप्रियता व चलन ने सेक्स को आम लोगों की पहुंच से दूर कर दिया है. अब यह पैसे वालों का शौक बन गया है. सेक्स की बढ़ती मांग और आपूर्र्ति के बीच गड़बड़ाए तालमेल ने सेक्स बाज़ार के रेट आसमान पर पहुंचा दिए हैं. इस का दूसरा बड़ा कारण है मोटी जेब वालों की सेक्स तक आसान पहुंच. जहां जैसी जरूरत हो, मोटी रकम दे कर सेक्स बाज़ार से सेक्स खरीद लिया, नो बारगेनिंग, नो पचड़ा. इस का नतीजा हाई रेट्स पेड सेक्स के रूप में सामने आया. सेक्स वर्कर्स ने भी मांग के आधार पर अपनी दरें ऊंची कर लीं.

क्या है पेड सेक्स

सेक्स के लिए जो रकम अदा की जाती है उसे पेड सेक्स कहा जाता है. इस के कई रूप हो सकते हैं. वर्चुअल सेक्स से ले कर लाइव फिजिकल सेक्स तक. औनलाइन सेक्स मसलन, पोर्न वीडियो, पोर्नोग्राफी, औनलाइन पेड फ्रैंडशिप, वीडियो सेक्स, वैब औरिएंटेड सेक्स. औफलाइन सेक्स मसलन, ब्रोथल पिकअप सेक्स, कौलगर्ल औन डिमांड आदि. सेक्स के इन तमाम माध्यमों में कहीं न कहीं प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पैसे इनवैस्ट किए जाते हैं. सेक्स के तमाम माध्यमों में सीधे इनवैस्टमैंट को पेड सेक्स कहते हैं.

सेक्स की राह नहीं आसान

कुछ दशक पहले तक सेक्स तक आम लोगों की आसान पहुंच थी. छोटीमोटी रकम अदा कर के यौनसुख का आनंद उठाया जा सकता था, पर सेक्स के विभिन्न मौडल सामने आने के बाद उस की दरों में कई गुणा वृद्धि हुई है.

क्या है इन की कैटेगरी व प्रचलित दरें

– औनलाइन पेड सेक्स : प्रति मिनट डेटा चार्जेज.

– फोन फ्रैंडशिप : 2 से 3 हजार रुपए प्रतिमाह सदस्यता.

–       कौलगर्ल औन डिमांड : 2 से 10 हजार रुपए प्रति घंटा.

–       स्कौर्ट सर्विस (श्रेणी एबीसी ) शुरुआती दर.

–       ब्रोथल सेक्स : 500 से 1,500 रुपए तक नाइट/आवर.

–       हाउस सर्विस : पर शौट (हाउसवाइफ, कालेज/वर्किंग वूमन)  3 से 5 हजार रुपए पर शौट.

मार्केट में चल रही इन दरों को देख कर आसानी से यह कहा जा सकता है कि ऐक्स्ट्रा मैरिटल सेक्स की चाह रखने वालों को अब मनी कैपेबिलिटी भी ऊंची रखनी होगी. यौनतृप्ति की राह आसान नहीं है. सेक्स के बाजार ने एक बड़ा रूप ले लिया है, जहां जिस की जितनी हैसियत है उस हिसाब से यौन संतुष्टि पा सकता है. आम व सामान्य लोगों के लिए यौनलिप्सा के दरवाजे लगभग बंद होते प्रतीत हो रहे हैं.

मैं गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल कर रही हूं, क्या पति को कंडोम यूज करना चाहिए?

सवाल
मैं एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में काम करती हूं. अभी मैं और मेरे पति परिवार नियोजन के लिए तैयार नहीं हैं. मैं यह जानना चाहती हूं कि यदि मैं गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल कर रही हूं तो क्या पति को कंडोम का भी प्रयोग करना चाहिए?

जवाब
जन्म नियंत्रक विधियां जैसेकि गर्भनिरोधक गोली आईयूएस या गर्भनिरोधक इंजैक्शन आदि अनचाहे गर्भ को रोकने में कारगर साबित होते हैं. लेकिन ये सभी यौन संक्रमण से किसी भी प्रकार की सुरक्षा प्रदान नहीं करते. जन्म नियंत्रण के तौर पर कंडोम का प्रयोग यौन रोगों से बचाता है, साथ ही अनचाहे गर्भ की भी समस्या को खत्म करता है.

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बचाव इलाज से ज्यादा अच्छा होता है, महिला गर्भनिरोधक उपायों पर यह बात बिलकुल सही बैठती है. बाजार में काफी पहले से महिला गर्भनिरोधक मौजूद हैं, लेकिन आज भी भारत में लाखों महिलाएं ऐसी हैं, जो नहीं जानतीं कि उन के लिए कौन सा गर्भनिरोधक उपाय सही है. इस वक्त तो महिलाओं के लिए अनचाहे गर्भ से बचने और बच्चों में अंतर रखने के लिए कई तरह के उपाय बाजार में मौजूद हैं. इन में ओरल पिल्स से ले कर इंप्लांट्स तक कई विकल्प हैं. लेकिन आमतौर पर इन में से सही विकल्प का चुनाव महिलाएं नहीं कर पातीं. ज्यादातर महिलाएं विज्ञापनों, सहेलियों या रिश्तेदारों के कहने पर गर्भनिरोधकों का इस्तेमाल करने लगती हैं, लेकिन जानकारी की कमी और गलत विकल्प का चुनाव महिलाओं के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन जाता है.

मूलचंद अस्पताल की सीनियर गायनाकौलोजिस्ट डा. मीता वर्मा के मुताबिक, ‘‘महिलाएं गर्भनिरोधकों के बारे में जानती हैं, लेकिन भारतीय समाज में ऐसी कई भ्रांतियां हैं, जो महिलाओं के लिए मुश्किल पैदा कर देती हैं. भारत में अभी भी बच्चों को कुदरत की देन मान कर परिवार नियोजन की सोच को ही खत्म कर दिया जाता है. कई महिलाओं में यह सोच भी विकसित हो जाती है कि गर्भनिरोधकों का इस्तेमाल करने से उन की प्रजनन क्षमता और होने वाले बच्चे के विकास पर गलत प्रभाव पड़ेगा. इसी तरह के और भी न जाने कितने मिथक महिलाओं के मन में घर किए रहते हैं, लेकिन आज के समय में जरूरी है कि डाक्टर की सलाह से सही गर्भनिरोधक का इस्तेमाल किया जाए.’’

डा. मीता बताती हैं कि ज्यादातर जोड़े ऐंजौयमैंट को ज्यादा तरजीह देते हैं, जिस के चलते वे कंडोम या किसी भी तरह के दूसरे कौन्ट्रासैप्टिव का इस्तेमाल नहीं करते और जब गर्भ ठहर जाता है, तो गर्भपात कराने से भी नहीं हिचकते. लेकिन यहां वे यह भूल जाते हैं कि गर्भपात इस का हल नहीं है, क्योंकि बारबार गर्भपात से बच्चेदानी पर बुरा असर पड़ता है, जो महिलाओं के लिए बड़ी मुसीबत बन जाती है. इसलिए युवा और नवविवाहित जोड़े अगर गर्भपात को आसान रास्ता मान रहे हैं तो यह उन की भूल है.

इस वक्त महिला गर्भनिरोधक के बाजार में 2 तरह के कौन्ट्रासैप्टिव मौजूद हैं-

हारमोन बेस्ड कौन्ट्रासैप्टिव्स.

नौनहारमोनल कौन्ट्रासैप्टिव्स.

हारमोन बेस्ड कौन्ट्रासैप्टिव्स : इस तरह के कौन्ट्रासैप्टिव सब से ज्यादा चलन में हैं. ये ऐसे कौन्ट्रासैप्टिव्स हैं, जिन के इस्तेमाल से शरीर के अंदर हारमोनल बदलाव के जरिए अनचाहे गर्भ को रोका जाता है. 35 से कम उम्र की कोई भी स्वस्थ महिला जो कुछ समय तक बच्चा नहीं चाहती, डाक्टर की सलाह से इन का प्रयोग कर सकती है. लेकिन अगर कोई महिला हार्ट या लिवर की बीमारी से पीडि़त है या उसे अस्थमा और ब्लडप्रैशर की शिकायत रहती है, तो हारमोन बेस्ड कौन्ट्रासैप्टिव्स उस के लिए ठीक नहीं हैं. इस से अलग जो महिलाएं धूम्रपान या शराब का सेवन करती हैं या जिन का वजन ज्यादा है उन्हें भी इस तरह के कौन्ट्रासैप्टिव्स से बचना चाहिए.

इस वक्त बाजार में इस कैटेगरी के सब से ज्यादा कौन्ट्रासैप्टिव्स उपलब्ध हैं.

ओरल पिल्स

यह सब से ज्यादा इस्तेमाल में लाया जाने वाला उपाय है. इसे महीने में 21 दिन खाना होता है. यह इसलिए भी ज्यादा चलन मेें है, क्योंकि इस का इस्तेमाल काफी आसान है और यह उपाय सस्ता भी है. लेकिन ओरल पिल्स को बिना डाक्टर की सलाह के न लें, क्योंकि ये सभी को सूट नहीं करतीं. इन्हें सही तरह से इस्तेमाल करने पर ही ये बचाव कर सकती हैं. लेकिन ज्यादातर महिलाएं सही पिल्स का चुनाव नहीं कर पातीं, जिस का नतीजा होता है अनचाहा गर्भ. ओरल पिल्स कई महिलाओं में वजन बढ़ाने और उल्टियों की समस्या का भी कारण बनती हैं. ओरल पिल्स के अलावा बाजार में मिनी पिल्स भी उपलब्ध हैं, जो ज्यादा कारगर और सेफ हैं. मिनी पिल्स भी प्रोजैस्ट्रौन और दूसरे हारमोंस के कौंबिनेशन से बनी होती हैं, जिन्हें दूध पिलाने वाली मां भी इस्तेमाल कर सकती है.

इमरजेंसी पिल्स

इस तरह की गर्भनिरोधक गोलियां ओरल पिल्स की पूरक हैं. अगर कोई महिला ओरल पिल्स लेना भूल जाती है और असुरक्षित सैक्स संबंध बनाती है, तो अनचाहे गर्भ से बचने के लिए 72 घंटे के अंदर वह इस का इस्तेमाल कर सकती है. इसीलिए इसे मौर्निंग आफ्टर पिल भी कहा जाता है. लेकिन यह उपाय भी सुरक्षा की पूरी गारंटी नहीं देता. इसलिए इसे केवल मजबूरी में ही इस्तेमाल करें, इसे आदत न बनाएं. लगातार इस्तेमाल से यह महिलाओं के लिए मुसीबत भी बन सकती है.

हारमोन इंजैक्शन

यह एक बेहद प्रभावशाली उपाय है. जो महिलाएं रोजाना गोलियां नहीं खाना चाहतीं, वे इस का इस्तेमाल कर सकती हैं. इस में महिला को प्रोजैस्ट्रौन का इंजैक्शन दिया जाता है. यह इंजैक्शन यूटरस की दीवार पर मौजूद म्यूकस को गाढ़ा कर देता है ताकि स्पर्म अंदर न जाएं और औव्यूलेशन को रोका जा सके. इस इंजैक्शन को लेने के 24 घंटों के अंदर ही इस का असर शुरू हो जाता है. यह 10 से 13 हफ्तों तक सुरक्षा देता है, जिस के बाद फिर इंजैक्शन लेना होता है. कुछ महिलाओं का इस से वजन बढ़ सकता है और उन के पीरियड्स अनियमित भी हो सकते हैं. इस के इस्तेमाल के बाद कंसीव करने में भी कुछ महीनों का वक्त लग सकता है.

इंप्लांट

इस प्रक्रिया में एक बेहद पतली प्लास्टिक रौड हाथ के ठीक निचले हिस्से में फिट कर दी जाती है. यह रौड शरीर में प्रोजैस्ट्रौन रिलीज करती है, जिस से औव्यूलेशन नहीं हो पाता. यह यूटरस में मौजूद म्यूकस का नेचर बदल देता है, जिस से प्रैग्नैंसी को रोका जा सकता है. इसे सब से सेफ औप्शन माना जाता है. यह इंप्लांट 3 से 5 साल तक के लिए प्रैग्नैंसी से बचाव करता है. लेकिन भारत में अभी यह उपलब्ध नहीं है. 

नौनहारमोनल कौन्ट्रासैप्टिव्स: ये ऐसे कौन्ट्रासैप्टिव्स हैं जिन से किसी तरह के हारमोन शरीर के अंदर नहीं जाते. ये उन महिलाओं के लिए कारगर हैं, जिन्हें हार्ट, लिवर, अस्थमा या ब्लडप्रैशर की शिकायत रहती है. लेकिन नौनहारमोनल कौन्ट्रासैप्टिव्स के इस्तेमाल से पहले डाक्टरी सलाह बेहद जरूरी है.

फीमेल कौन्ट्रासैप्टिव्स की इस कैटेगरी में भी कई विकल्प मौजूद हैं.

फीमेल कंडोम

गर्भनिरोधकों की श्रेणी में महिलाओं के लिए कंडोम एक नई चीज है. यह कंडोम लुब्रिकेटेड पौलीथिन शीट का बना होता है. भारत में महिलाओं के लिए बने ये कंडोम हाल में ही बाजार में उतारे गए हैं. इसे भी पुरुष कंडोम की ही तरह एक ही बार इस्तेमाल में लाया जा सकता है. ये प्रैग्नैंसी रोकने में पूरी तरह से कारगर हैं, बशर्ते सैक्स के दौरान इस की पोजीशन ठीक रहे. यह प्रैग्नैंसी रोकने के अलावा एचआईवी जैसे रोगों से भी सुरक्षा देता है. लेकिन यह एक महंगा विकल्प है. महिला कंडोम की कीमत बाजार में 80 रुपए तक है, इसलिए डाक्टर पुरुष कंडोम की सलाह देते हैं, क्योंकि वह ज्यादा सस्ता विकल्प है.

इंट्रायुटेराइन कौन्ट्रासैप्टिव डिवाइस

इस डिवाइस को कौपर टी या मल्टीलोड डिवाइस के नाम से ज्यादा जाना जाता है. यह एक तरह की लचीली प्लास्टिक की डिवाइस होती है जिसे कौपर के तार के साथ यूटरस में लगा दिया जाता है. इसे डाक्टर की सहायता से फिट किया जाता है. कौपर वायर यूटरस में ऐसा असर पैदा करता है जिस से शुक्राणु और अंडाणु आपस में मिल नहीं पाते और गर्भ नहीं ठहरता. यह 98% तक सुरक्षा देता है. इसे 3 या 5 साल के लिए लगवाया जा सकता है. सरकारी हैल्थ सैंटरों में यह मुफ्त उपलब्ध है, जबकि बाजार में इस की कीमत 375 रुपए से 500 रुपए के बीच है. इस से पीरियड ज्यादा होना और पैरों में दर्द रहना आम बात है. जिन्हें कौपर से ऐलर्जी है उन के लिए इस का इस्तेमाल नुकसानदेह हो सकता है.

स्पर्मिसाइड जैली

इस तरह के कौन्ट्रासैप्टिव्स भी काफी अच्छे विकल्पों में गिने जाते हैं. अगर महिलाएं कंडोम या किसी तरह के डिवाइस को इस्तेमाल नहीं करना चाहतीं, तो इस तरह की जैली या फोम बेस्ड कौन्ट्रासैप्टिव इस्तेमाल कर सकती हैं. इसे सैक्स से ठीक पहले वजाइना में लगाना होता है. इस में मौजूद ‘नोनोक्सिनोल 9 कैमिकल’ स्पर्म को संपर्क में आते ही खत्म कर देता है. कुछ मेल कंडोम में भी स्पर्मिसाइड होते हैं. यह उपाय काफी कारगर है, लेकिन कुछ महिलाओं को इस से ऐलर्जी भी होती है, इस का ध्यान रखना जरूरी है.

मैंने सुना है कि शराब पीने से सैक्स क्षमता बढ़ जाती है ,क्या ये बात सच है ?

सवाल
मैं 32 वर्षीय पुरुष हूं. मैं ने सुना है कि मदिरापान से सैक्स क्षमता बढ़ जाती है. क्या यह बात सच है? क्या किसी हलकेफुलके नशे का कामोन्माद पर कोई असर पड़ता है?

जवाब

मदिरापान और यौन क्षमता के बीच के संबंध को न केवल समाज में, बल्कि पुराने चलचित्रों और नाटकों में भी तरह तरह से उकेरा गया है. शायद इसी के चलते समाज में यह धारणा भी बहुप्रचलित है कि मदिरा सेवन से यौन क्षमता बढ़ जाती है.

मदिरा थोड़ी लें या अधिक स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालती है. मदिरा से प्रेम के सुर झंकृत होते हों, ऐसा ठीक नहीं मालूम होता. मदिरा लेने के बाद संवेदनशीलता भी किसी सीमा तक कम हो जाती है.

60 मिलीलीटर से अधिक मात्रा में ली गई मदिरा यौन क्षमता को पक्के तौर पर घटाती है. सचाई से नाता टूटने के कारण तरह तरह के भ्रम भी जन्म ले सकते हैं. लंबे समय तक निरंतर मदिरा सेवन करते रहने से पुंसत्वहीनता भी उत्पन्न हो जाती है.

हलकेफुलके नशे से आप का तात्पर्य क्या है, यह समझ पाना मुश्किल है. पर गांजा, चरस और कोकीन का लंबे समय तक बराबर सेवन यौन सामर्थ्य समाप्त कर सकता है. दूसरे नशों और कुछ दवाओं के सेवन पर भी यही समस्या आम देखी जाती है.

इसी प्रकार प्रशांतक दवाएं जैसे डायजेपाम, लोराजेपाम, सिडेटिव दवाएं, अल्सररोधी दवा रैनिटिडाइन और ब्लडप्रैशर घटाने के लिए दी जाने वाली कुछ उच्च रक्तचापरोधक दवाएं भी पुरुष यौन सामर्थ्य के आड़े आ सकती हैं.

सैक्स का सुख पाने के लिए किसी भी प्रकार के नशे पर निर्भर रहने के बजाय आपसी प्रेम होना अधिक माने रखता है.

मैं 2 बार रिलेशनशिप में रह चुकी हूं, यह जान कर मेरा दोस्त मुझसे कटने लगा है, क्या करूं?

सवाल

मेरी उम्र 18 वर्ष है. मैं बीकौम प्रथम वर्ष की छात्रा हूं. कालेज के तीसरे महीने में ही मेरी मुलाकात एक लड़के से हुई. वह देखने में हैंडसम और पढ़नेलिखने में बहुत इंटैलिजैंट है. उस ने मुझ से मेरे बारे में पूछा तो मैं ने उसे अपनी पहचान बताते हुए यह भी बताया कि मैं पहले भी 2 बार रिलेशनशिप में रह चुकी हूं. यह जान कर वह मुझ से कटने लगा है.

अब पहले की तरह बात नहीं करता. उस की पहले कभी कोई गर्लफ्रैंड नहीं रही, शायद इसीलिए वह यह एक्सैप्ट नहीं कर पा रहा कि लड़की हो कर मैं रिलेशनशिप में कैसे रही. क्या मैं ने पहले रिलेशनशिप में आ कर गलती की? क्या मुझे उस लड़के से बात करनी चाहिए या माफी मांगनी चाहिए? मैं उसे बेहद पसंद करने लगी हूं और उस का मेरे साथ परायों जैसा व्यवहार मेरे लिए असहनीय होता जा रहा है. कृपया सुझाव दें.

जवाब

पहले तो मैं आप को यह बताना चाहूंगी कि आप ने पहले 2 बार रिलेशनशिप में आ कर कोई गलती नहीं की और इस के लिए आप को किसी भी तरह से गिल्टी फील करने की या किसी से माफी मांगने की कोई जरूरत नहीं है. रही बात उस लड़के की तो यदि वह पहले रिलेशनशिप में नहीं आया तो इस में प्रौब्लम ही क्या है. ऐसा भी नहीं है कि आप उसे जज कर रही हों जो वह आप को दोष दे. आखिर खुद को जज करना, आप से अपनी तुलना करने वाला है भी तो वह खुद ही. आप उस से बात करना चाहें तो करें लेकिन जिस लड़के की सोच यह हो कि लड़कियों को रिलेशनशिप में नहीं आना चाहिए या केवल एक ही रिलेशनशिप में रहना चाहिए तो ऐसा लड़का आप को डिजर्व नहीं करता. किसी का हैंडसम होना या इंटैलिजैंट होना ही सबकुछ नहीं होता, व्यक्ति की सोच अच्छी होनी भी जरूरी है. मेरा सुझाव यही है कि आप उस से बात करें. अपनी बात कौन्फिडैंस के साथ रखें, डरें नहीं, झिझकें नहीं. जब तक आप अपनी बात रखेंगी नहीं, तब तक कुछ भी क्लीयर नहीं होगा. आप की उलझन बढ़ती जाएगी और आप पसोपेश में फंसी रहेंगी.

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मैं एक समलैंगिक लड़का हूं लेकिन…

सवाल

मैं एक समलैंगिक लड़का हूं और मेरी बहन के देवर के साथ मेरा जिस्मानी रिश्ता है. उस ने अपने दोस्तों को भी मेरे बारे में बता दिया है. वे सब मेरा मजाक उड़ाते हैं. कभीकभार तो मेरा खुदकुशी करने का मन करता है. कोई उपाय बताएं?

जवाब

अब समलैंगिकता को कानूनी मंजूरी मिल गई है. अगर आप का पार्टनर तैयार हो तो उसे शादी के लिए कहें. रही बात मजाक की तो दुनिया वालों की परवाह न करें, कुछ दिनों बाद सब शांत हो जाएंगे. खुदकुशी का खयाल दिल से निकाल दें, क्योंकि आप ने कोई गुनाह नहीं किया, बल्कि प्यार किया है.

मेरे पति चाहते हैं रोजाना सैक्स संबंध बनाऊं, मैं क्या करूं?

सवाल

मैं 49 वर्षीय महिला हूं. 18 की उम्र में ही शादी हो गई थी. मेरे 2 बच्चे हैं. दोनों बड़े और सैटल हैं. पति अभी भी मुझे बहुत प्यार करते हैं. वे चाहते हैं कि मैं रोजाना सैक्स संबंध बनाऊं. पीरियड्स के दिनों भी पति सैक्स करना चाहते हैं. मैं क्या करूं?

जवाब

आप के पति आप को इतना प्यार करते हैं, यह तो बेहद अच्छी बात है. पतिपत्नी के बीच नियमित सहवास न सिर्फ आपसी संबंधों को मजबूती देता है, दांपत्य जीवन सदैव खुशहाल रहता है. दूसरा, सैक्स कुदरत का दिया एक अनमोल तोहफा है और शरीर के लिए शानदार टौनिक भी. पति के साथ सैक्स संबंध का जम कर आनंद उठाएं. रही बात पीरियड्स में सैक्स करने की तो इस से कोई शारीरिक नुकसान नहीं होता. इन दिनों भी आप सैक्स का लुत्फ उठा सकती हैं.

सवाल

मैं 30 साल की शादीशुदा औरत हूं. मैं ज्यादातर अपने मायके में ही रहती हूं क्योंकि मेरा पति शराबी है और बेवजह मुझ से मारपीट भी करता है. जब मैं अपनी ससुराल में थी, तब भी उस के भाई ही हमारा खर्च चलाते थे. इस से मुझे बहुत तकलीफ होती थी. क्या मुझे तलाक मिल सकता है?

जवाब

यह बात सही है कि शराबी पति निकम्मा भी हो तो किसी गंभीर समस्या से कम नहीं होता. बेवजह नशे में मारपीट करने वाले पतियों से निभाना मुश्किल ही होता है. आप को अगर लगता है कि अब और नहीं निभ पाएगी, तो तलाक मिल सकता है. अपने शहर के किसी अच्छे वकील से मिल कर आप तलाक का मुकदमा दायर कर सकती हैं, लेकिन बच्चे अगर हों तो उस को रास्ते पर लाने की कोशिश करें. अगर बात न बने तो फिर अदालत जाएं. अदालतों से भी तलाक आसानी से नहीं मिलता. वहां कई साल लग जाते हैं.

मैं 35 साल की एक आंटी को पसंद करता हूं, क्या यह सही है?

सवाल

मैं 19 साल का एक लड़का हूं. मेरे पड़ोस में 35 साल की एक आंटी रहती हैं, जो मुझे बहुत पसंद हैं. वे इतनी ज्यादा खूबसूरत हैं कि रात को मेरे सपने में आती हैं. सपने में मैं बहक जाता हूं, पर असली जिंदगी में वे मु झ से बात भी नहीं करती हैं. मैं उन आंटी को देखते ही बौरा जाता हूं और उन्हीं के बारे में सोचता रहता हूं. मेरा पढ़ाई में भी मन नहीं लगता है. मैं क्या करूं?

जवाब

आप जो कर सकते हैं, वह तो कर ही रहे हैं कि आंटी को पहलू में दबोच कर उन से सैक्स करते हुए खुद हस्तमैथुन करना, जो कतई हर्ज की बात नहीं. आप यही करते रहें और आंटी के बारे में सोचना बंद करें.

आंटी रात को सपने में कोई पूजा का थाल ले कर नहीं आती होंगी, बल्कि आप को वह सब देने आती होंगी, जो आप उस से चाहते हैं. असल जिंदगी में वे आप को घास नहीं डालतीं. इस का सीधा सा मतलब है कि आप में उन की कोई दिलचस्पी नहीं है, इसलिए किसी हमउम्र लड़की से दोस्ती करें, लेकिन उस के भी पहले अपनी पढ़ाई व कैरियर के सपने देख कर उन्हें अमल में लाने की कोशिश करें.

मकान मालिक की पत्नी मेरे साथ रिश्ता बनाना चाहती है, मैं क्या करूं?

सवाल-

मैं दिल्ली में किराए के मकान में रहता हूं और बीए की तैयारी कर रहा हूं. मेरे मकान मालिक का किसी दूसरी औरत के साथ नाजायज रिश्ता है, ऐसा उस की पत्नी मु झे बताती है. वह अपने पति को सबक सिखाने के लिए मेरे साथ रिश्ता बनाना चाहती है. वह औरत भरेपूरे बदन की है. उसे देख कर मेरा भी ईमान डगमगाने लगता है. मैं क्या करूं?

जवाब-

अपने ईमान को काबू में रखें. आप के मांबाप ने दिल्ली में आप को पढ़ने के लिए भेजा है, भरेपूरे बदन का नाप लेने नहीं. अगर सबकुछ बिना किसी अड़ंगे के हो जाए तो अपनी ख्वाहिश पूरी कर लें, वरना ऐसे मामलों में कई बार लेने के देने भी पड़ जाते हैं, खासतौर से छात्रों का तो कैरियर बरबाद हो जाता है.

मुमकिन है कि आप की मकान मालकिन आप को हासिल करने के लिए पति के बाबत  झूठ बोल रही हो और इस के लिए वह आप के लिए अभी कुछ भी करने को तैयार हो सकती है. अब यह आप के सब्र और सम झ के ऊपर है कि आप हालात का फायदा कैसे उठाते हैं, भरेपूरे बदन के साथ कुछ और भी हासिल कर पाते हैं.

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मेरी सास पूरे दिन बेटी के घर की खोज खबर लेती रहती हैं, क्या करूं?

सवाल
मेरी ननद की शादी को अभी केवल 4 महीने हुए हैं. वर का चुनाव घर वालों ने स्वयं किया था अर्थात ननद की अरेंज्ड मैरिज है. बावजूद इस के मेरी सास बेटी की ससुराल के सदस्यों के बारे में मीनमेख निकालती रहती हैं, जबकि सभी लोग काफी शिष्ट और शालीन हैं. सास दिन में कई कई बार फोन कर के बेटी के घर की खोज खबर लेती रहती हैं. उसे अनापशनाप सलाह देती हैं. उन का व्यवहार कहां तक उचित है? चाह कर भी मैं उन्हें मना नहीं कर सकती. क्या करूं कि वे अनावश्यक दखलंदाजी बंद कर दें?

जवाब

आप बहू हैं इसलिए यदि सास को कोई सलाह देंगी तो उन्हें नागवार गुजरेगा. इसलिए आप पति से कहलवाएं. वे अपनी मां को समझाएं कि वे बेटी के परिवार में हस्तक्षेप न करें. बेटे को समझाना आप की सास को अखरेगा नहीं और आप की चिंता भी दूर हो जाएगी.

मैं डायबिटीज का मरीज हूं, मैं अपने खाने पीने पर कंट्रोल कैसे करूं?

सवाल-

मेरी उम्र 48 साल है और मैं पिछले कई साल से डायबिटीज का मरीज हूं. इस के बावजूद मेरा मन उन्हीं चीजों को खाने का ज्यादा करता है, जिन्हें डाक्टर मुझे खाने से मना करते हैं. मैं इस समस्या से कैसे छुटकारा पाऊं?

जवाब-

जब आप टाइप 2 डायबिटीज से पीडित हों तो आप जो खाते हैं, उस से आप को ब्लड शुगर को कंट्रोल करने, भूख को कम करने में मदद मिलती है और लंबे समय तक पेट के भरे होने का अहसास होता है.

डायबिटीज तब होती है, जब आप का ब्लड शुगर या ग्लूकोज लैवल सामान्य से ज्यादा होता है. कार्बोहाइड्रेट से भरपूर चीजें जैसे रोटियां, अनाज, चावल, पास्ता, फल, दूध और मिठाई की वजह से इस की बढ़ोतरी होती है. इन का ज्यादा सेवन करने से बचें.

आप के खाने में फाइबर से भरपूर प्रोटीन और कम वसा वाली चीजें होनी चाहिए. आप को हमेशा डाक्टरी सलाह ले कर कम मात्रा में ऐसा खाना चाहिए जो आप को पसंद हो.

मेरी पत्नी दूसरे मर्दों से ज्यादा हंसबोल लेती है जिससे मुझे बहुत परेशानी होती है, मैं क्या करूं?

सवाल-

मेरी उम्र 28 साल है और मैं 2 बच्चों का पिता हूं. मेरी पत्नी वैसे तो मुझ से बहुत प्यार करती है और घर को भी अच्छी तरह से संभालती है, पर वह दूसरे मर्दों से भी हंसबोल लेती है, जिस से मुझे बड़ी पीड़ा होती है. मैं उसे समझाता हूं तो वह कहती है कि मुझे उस के किरदार पर शक नहीं करना चाहिए. मैं बहुत तनाव में रहता हूं. मैं क्या करूं?

जवाब-

पराए मर्दों से हंसबोल लेना कोई गुनाह नहीं है. आप अपनी पत्नी पर बेवजह शक या गुस्सा कर रहे हैं. उसे प्यार से समझाएं कि आप को यह पसंद नहीं और इस से आप को पीड़ा होती है, तो वह मान भी सकती है. लेकिन याद रखें कि यह उस के साथ ज्यादती ही होगी.

यह अकेले आप ही की नहीं, बल्कि कई पतियों की पीड़ा है, जिन की पत्नियां दूसरे मर्दों से हंसबोल लेती हैं. हर पति अपनी पत्नी को जायदाद या चाबी वाली गुडिया समझता है, जो उस की ख्वाहिश के मुताबिक चले. इस सोच से खुद को बचा कर रख पाएं, तो आप की समस्या अपनेआप हल हो जाएगी.

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