प्यार में हद पार करने का खतरनाक नतीजा

अगस्त, 2016 की सुबह मध्य प्रदेश के जिला ग्वालियर के थाना पुरानी छावनी के खेरिया गांव के अटल गेट के पास खेत में 24-25 साल के एक युवक की लाश पड़ी होने की सूचना गांव वालों ने पुलिस को दी तो अधिकारियों को सूचना दे कर थानाप्रभारी प्रीति भार्गव पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंच गईं. वह घटनास्थल और लाश का निरीक्षण कर रही थीं कि एसपी हरिनारायण चारी मिश्र और एएसपी दिनेश कौशल भी घटनास्थल पर पहुंच गए. घटनास्थल पर गांव वालों की भीड़ लगी थी.

थानाप्रभारी प्रीति भार्गव ने लाश और घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद वहां मौजूद लोगों से लाश की शिनाख्त करानी चाही, लेकिन कोई भी मृतक को पहचान नहीं सका. इस से साफ हो गया कि मृतक वहां का रहने वाला नहीं था. मृतक की जेबों की तलाशी ली गई तो उस की पैंट की जेब से मोटरसाइकिल की चाबी मिली. लाश से थोड़ी दूरी पर एक मोटरसाइकिल खड़ी थी. पुलिस ने मृतक की जेब से मिली चाबी उस मोटरसाइकिल में लगाई तो वह स्टार्ट हो गई. इस से पुलिस को लगा कि इस मोटरसाइकिल से मृतक की शिनाख्त हो सकती है.

पुलिस ने मोटरसाइकिल जब्त कर अन्य तमाम काररवाई निपटा कर लाश को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया. लेकिन जब पुलिस ने आरटीओ औफिस से मोटरसाइकिल के बारे में पता किया तो पता चला कि वह मोटरसाइकिल विनयनगर, सेक्टर 3, पत्रकार कालोनी के रहने वाले संतोष किरार की थी.

पुलिस ने उस के घर जा कर पता किया तो घरवालों ने बताया कि संतोष एक अगस्त की सुबह अपनी मोटरसाइकिल से निकला है तो अब तक घर लौट कर नहीं आया है. इस से पुलिस को लगा कि खेत में पड़ी लाश संतोष की हो सकती है. लेकिन जब पुलिस ने वह लाश उस के पिता रामकिशोर को दिखाई तो उन्होंने बताया कि यह लाश उन के बेटे संतोष की नहीं है. इस के बाद पुलिस को लगा कि इस हत्याकांड में संतोष की कोई न कोई भूमिका जरूर है.

प्रीति भार्गव लाश की शिनाख्त कराने की कोशिश कर रही थीं कि शाम को थाना हजीरा के रहने वाले तुलसीराम पिछली शाम से गायब अपने बेटे की तलाश करतेकरते उन के पास आ पहुंचे. दरअसल, पिछली शाम को घर से निकला उन का बेटा शीतल न लौट कर आया था और न उस का फोन मिला था, तब परेशान हो कर वह थाना हजीरा में उस की गुमशुदगी दर्ज कराने पहुंच गए थे.

वहां से जब उन्हें बताया गया कि थाना पुरानी छावनी पुलिस ने एक लड़के की लाश बरामद की है तो वह थाना पुरानी छावनी पहुंच गए थे. थाना पुरानी छावनी पुलिस ने तुलसीराम को बरामद लाश दिखाई तो वह फफकफफक कर रोने लगे. इस के बाद उन्होंने खेतों में मिली लाश की शिनाख्त अपने बेटे शीतल की लाश के रूप में कर दी थी.

प्रीति भार्गव ने हत्यारे का पता लगाने के लिए तुलसीराम से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि उन की किसी से ऐसी दुश्मनी नहीं थी कि उन के बेटे की इस तरह हत्या कर दी जाती. उन से पत्रकार कालोनी के रहने वाले संतोष के बारे में पूछा गया तो उन्होंने उस के बारे में जानने से मना कर दिया. तुलसीराम के बताए अनुसार, उन की किराने की दुकान थी. दोपहर को दुकान पर उन का बेटा शीतल बैठता था. इस तरह वह पिता के कारोबार में हाथ बंटाता था.

पुलिस ने हत्याकांड के खुलासे के लिए जितने भी लोगों से पूछताछ की, उन में से कोई भी ऐसी बात नहीं बता सका, जिस से वह हत्यारे तक पहुंच पाती. प्रीति भार्गव की समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर शीतल खेरिया गांव क्यों गया? अगर वह संतोष के साथ वहां गया था तो उन के बीच ऐसा क्या हुआ कि संतोष ने उसे मौत के घाट उतार दिया? यह सब जानने के लिए पुलिस को संतोष की तलाश थी. आखिर आठवें दिन काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया.

पुलिस पूछताछ में वह असलियत छिपा नहीं सका और उस ने शीतल की हत्या का अपना अपराध स्वीकार कर लिया. इस के बाद उस ने शीतल की हत्या की जो कहानी सुनाई वह हैरान करने वाली तो थी ही, साथ ही आज के युवाओं में स्त्रीसुख की जो लालसा उपजी है, उस की हकीकत बयां करने वाली थी. पत्रकार कालोनी का रहने वाला इलेक्ट्रिशियन संतोष 31 जुलाई, 2016 की शाम घर लौट रहा था तो रेलवे स्टेशन के बाहर सड़क पर खड़े एक युवक ने उसे हाथ दे कर रोक कर कहा, ‘‘भाई साहब, मैं यहां काफी देर से किसी सवारी का इंतजार कर रहा हूं, लेकिन कोई सवारी मिल नहीं रही है. अगर आप मुझे अपनी मोटरसाइकिल से लिफ्ट दे दें तो बड़ी मेहरबानी होगी.’’

संतोष ने उसे मोटरसाइकिल पर बैठा लिया. इस के बाद उस युवक ने अपना नाम शीतल बताते हुए कहा, ‘‘हजीरा के इंद्रनगर में मेरे पिता की किराने की दुकान है. मैं उसी पर बैठता हूं. लेकिन अब मेरा मन दुकान पर बैठने को नहीं होता, इसलिए मैं नौकरी खोज रहा हूं. इंटरव्यू देने ही मैं झांसी जा रहा था, लेकिन दुर्भाग्य से मेरी ट्रेन छूट गई.’’

‘‘कोई बात नहीं, यार, मैं तुम्हारी नौकरी यहीं लगवा दूंगा.’’ संतोष ने कहा. विजयनगर पहुंचतेपहुंचते दोनों में ऐसी दोस्ती हो गई कि उन्होंने पीनेपिलाने का प्रोग्राम बना डाला. फिर इस नई दोस्ती के नाम पर दोनों में एकदूसरे को शराब पिलाने की होड़ लग गई, जिस में करीब 500 रुपए खर्च हो गए. शराब के नशे ने अपना असर दिखाया तो संतोष ने जाने कितनी बार शीतल को भरोसा दिलाया कि जल्द ही वह उस की नौकरी ग्वालियर में लगवा देगा. उसे यह शहर छोड़ कर कहीं दूसरी जगह जाना नहीं पड़ेगा.

संतोष शीतल से बातें कर रहा था, तभी उस की प्रेमिका रेखा (बदला हुआ नाम) का उस के मोबाइल पर फोन आ गया. शीतल से उस की दोस्ती हो ही चुकी थी, इसलिए उस से बिना कुछ छिपाए वह रेखा से अश्लील यानी शारीरिक संबंधों की बातें करने लगा. संतोष रेखा से जो बातें कर रहा था, उन्हें सुनसुन कर शीतल उत्तेजित हो उठा. तब उस ने बिना किसी संकोच के संतोष से कहा, ‘‘कल तुम अपनी प्रेमिका से मिलने जा रहे हो न, मुझे भी कल उस से मिलवा दो.’’

‘‘तुम उस से मिल कर क्या करोगे?’’ संतोष ने कहा तो जरा भी झिझके बिना शीतल ने कहा, ‘‘जो तुम करोगे, वही मैं भी करूंगा.’’

इस पर संतोष नाराज होते हुए बोला, ‘‘रेखा ऐसी लड़की नहीं है. वह केवल मुझ से ही बातें करती है और केवल मुझ से उस के शारीरिक संबंध हैं.’’ उस समय तो संतोष ने शीतल को समझाबुझा कर उस के घर भेज दिया. लेकिन सुबह होते ही शीतल संतोष को फोन कर के कहने लगा कि वही उस का सच्चा दोस्त है. सिर्फ एक बार वह अपनी प्रेमिका से उसे भी मौजमजा ले लेने दे. यही नहीं, उस ने यहां तक पूछ लिया कि वह कितनी देर में रेखा को उस के पास भिजवा रहा है.

नए दोस्त के मुंह से सुबहसुबह प्रेमिका के बारे में ऐसी बातें सुन कर संतोष को गुस्सा आ गया. किसी तरह अपने गुस्से पर काबू पाते हुए उस ने कहा, ‘‘एक घंटे के भीतर तू मेरे घर आ जा, आज मैं तुझे रेखा से मिलवा ही देता हूं. तू भी याद करेगा कि कोई दोस्त मिला था.’’ शीतल के आने से पहले संतोष ने तय कर लिया था कि प्रेमिका पर बुरी नजर रखने वाले शीतल को अब वह जिंदा नहीं छोड़ेगा. जैसे ही शीतल उस के घर पहुंचा, वह उसे ले कर निकल पड़ा.

संतोष ने ठेके से शराब की 2 बोतलें खरीदीं और मोटरसाइकिल से शीतल को ले कर पुरानी छावनी की ओर चल पड़ा. वहां एक पेड़ के नीचे बैठ कर दोनों ने शराब पी. अपनी योजना के अनुसार संतोष ने शीतल को कुछ ज्यादा शराब पिला दी थी. शीतल को जैसे ही शराब का नशा चढ़ा, उस ने कहा, ‘‘चलो बुलाओ रेखा को. तुम ने उस के साथ बहुत मजा लिया है, आज मैं उस के साथ ऐसा मजा लूंगा कि वह भी याद करेगी.’’

संतोष रात से ही शीतल की इन बातों से जलाभुना बैठा था. उस ने पैंट की जेब में रखा चाकू निकाला और एक ही झटके में शीतल का गला रेत कर उस की हत्या कर दी. इस के बाद उस ने शराब की बोतल उठा कर एक ही सांस में पूरी शराब पी ली और शीतल की लाश को वहीं अटल गेट के पास एक खेत में छोड़ कर चला आया. मोटरसाइकिल वह इसलिए नहीं ला सका, क्योंकि उस की मोटरसाइकिल रास्ते में शीतल ने चलाने के लिए ले ली थी और उस की चाबी उस ने अपनी जेब में रख ली थी.

इसलिए शीतल की हत्या करने के बाद जब संतोष ने अपनी जेब में मोटरसाइकिल की चाबी देखी. चाबी न पा कर नशे में होने की वजह से उसे लगा कि चाबी कहीं गिर गई है. हड़बड़ाहट में वह गाड़ी वहीं छोड़ कर घर चला और घर से कानपुर चला गया. उसे उम्मीद थी कि पुलिस उस तक कभी नहीं पहुंच पाएगी. एक सप्ताह तक वह निश्चिंत हो कर कानपुर में रहा. लेकिन शायद उसे पता नहीं था कि अपराध चाहे कितनी भी चालाकी से क्यों न किया जाए, एक न एक दिन उस का राज खुल ही जाता है. पैसे खत्म होने के बाद संतोष पैसे लेने के लिए जैसे ही घर आया, थानाप्रभारी प्रीति भार्गव ने उसे पकड़ लिया. संतोष से पूछताछ में पता चला कि उस ने शीतल की हत्या जिस खेत में की थी, लाश वहां नहीं मिली थी.

पुलिस ने खेत की रखवाली करने वाले सोनू कुशवाह से पूछताछ की तो उस ने बताया कि उस ने लाश पड़ी देखी तो डर के मारे उस ने अपने रिश्तेदार सैकी कुशवाह की मदद से लाश ले जा कर खेरिया मोड़ पर अटल गेट के पास रमेश शर्मा के खेत में फेंक दी थी. पुलिस ने सोनू और सैकी को हिरासत में ले लिया. इन का दोष यह था कि इन्होंने लाश पड़ी होने की सूचना पुलिस को नहीं दी थी, इस के अलावा सबूत नष्ट किए थे. पूछताछ के बाद पुलिस ने तीनों को अदालत में पेश किया, जहां से सभी को जेल भिजवा दिया गया.

– कथा पुलिस सूत्रों पर आधारित

सहयोग : रंजीत सुर्वे

सेक्स लाइफ में हो इन चीजों की ‘नो एंट्री’

दिलीप ने जब रुही से यह कहा कि वह बिस्तर पर अब पहले जैसा साथ नहीं देती, तो वह यह सुन कर परेशान हो उठी. फिर रुही ने सैक्स ऐक्सपर्ट डा. चंद्रकिशोर कुंदरा से संपर्क किया. डा. कुंदरा के मुताबिक, सैक्स सफल दांपत्य जीवन का महत्त्वपूर्ण आधार है. इस की कमी पतिपत्नी के रिश्ते को प्रभावित करती है. पतिपत्नी की एकदूसरे के प्रति चाहत, लगाव, आकर्षण खत्म होने के कई कारण होते हैं जैसे शारीरिक, मानसिक, लाइफस्टाइल. ये सैक्स ड्राइव को कमजोर बनाते हैं.

तनाव:

औफिस, घर का वर्कलोड, आर्थिक समस्या, असमय खानपान आदि का सीधा असर तनाव के रूप में नजर आता है, जो हैल्थ के साथसाथ सैक्स लाइफ को भी प्रभावित करता है.

डिप्रैशन:

यह सैक्स का सब से बड़ा दुश्मन है. यह पतिपत्नी के संबंधों को प्रभावित करने के साथसाथ परिवार में कलह को भी जन्म देता है. डिप्रैशन के कारण वैसे ही सैक्स की इच्छा में कमी आ जाती है. ऊपर से डिप्रैशन की दवा का सेवन भी कामेच्छा को खत्म करने लगता है.

नींद पूरी न होना:

4-5 घंटे की नींद से हम फ्रैश फील नहीं कर पाते, जिस से धीरेधीरे हमारा स्टैमिना कम होने लगता है. इतना ही नहीं सैक्स में भी हमारा इंट्रैस्ट नहीं रहता है.

गलत खानपान:

वक्तबेवक्त खाना और जंक फूड व प्रोसैस्ड फूड का सेवन भी सैक्स ड्राइव को खत्म करता है.

टेस्टोस्टेरौन की कमी:

शरीर में मौजूद यह हारमोन हमारी सैक्स इच्छा को कंट्रोल करता है. इस की कमी से पतिपत्नी दोनों ही प्रभावित होते हैं.

बर्थ कंट्रोल पिल्स:

बर्थ पिल्स महिलाओं में टेस्टोस्टेरौन लैवल को कम करती हैं, जिस से महिलाओं में सैक्स संबंधों को ले कर विरक्ति हो जाती है. पतिपत्नी का दांपत्य जीवन तभी सफल होता है, जब सैक्स में दोनों एकदूसरे को सहयोग करें. सैक्स एक दोस्त की तरह भी जीवन में रंग भर देता है. शादीशुदा जिंदगी से प्यार की कशिश और इश्क का रोमांच खत्म होने लगा है तो सावधान हो जाएं.

यदि आप की सैक्स लाइफ अच्छी है तो इस का सकारात्मक प्रभाव आप की सेहत पर भी पड़ता है.

जानिए, सैक्स के सेहत से जुड़े कुछ फायदे:

शारीरिक तथा मानसिक पीड़ा में राहत दिलाता है:

सैक्स के समय शरीर में हारमोन पैदा होते हैं, जो दर्द की अनुभूति कम करते हैं. भले ही कुछ समय के लिए.

सर्दीजुकाम के असर को कम करता है:

सैक्स गरमी, सर्दीजुकाम के प्रभाव को काफी हद तक कम कर देता है. अमेरिका स्थित ओहियो यूनिवर्सिटी के अध्ययन बताते हैं कि चुंबन एवं प्यारदुलार करने से रक्त में बीमारियों से लड़ने वाले टी सैल्स की तादाद बढ़ जाती है.

मानसिक तनाव को कम करता है:

सैक्स मन को शांति देने के साथसाथ मूड को भी बढि़या बनाने वाले हारमोन ऐंडोर्फिंस के उत्पादन में वृद्धि करता है. इस के मानसिक तनाव कम हो जाता है.

मासिकधर्म के पूर्व की कमी को कम करता है:

सैक्स में लगातार गरमी के चलते ऐस्ट्रोजन स्तर काफी हद तक कम होता है. इस दौरान शरीर में थकान कम महसूस होती है.

दिल के रोग और दौरों की आशंका कम होती है:

अकसर दिल के मरीजों को सैक्स संबंध बनाने से दूर रहने की सलाह दी जाती है. मगर अपोलो अस्पताल के वरिष्ठ हृदयरोग विशेषज्ञ, डा. के.के. सक्सेना के अनुसार, पत्नी के साथ सैक्स संबंध बनाने से पूरे शरीर का समुचित व्यायाम होता है, जिस से दिमाग तनावरहित हो जाता है. दिल के दौरों की आशंका कम हो जाती है. सैक्स संबंध बनाने से धमनियों में रक्त का प्रवाह और हृदय की मांसपेशियों की क्षमता बढ़ती है.

कहीं आपका पार्टनर भी तो चीटर नहीं, इन 6 संकेत पर रखें नजर

इस दुनिया में किसी के लिए भी सब से मीठा एहसास होता है प्यार. आप किसी शख्स को दिल से चाहें और वह भी आप को उतनी ही निष्ठा के साथ प्रेम करे, तो इस से अच्छी और कोई फिलिंग हो ही नहीं सकती. प्रेम करने वाला बदले में प्रेम की ही आस रखता है. लेकिन इंसान प्यार में हमेशा वफादार रहे यह जरूरी नहीं है. विश्वासघात, बेवफाई, धोखा, चीटिंग ये सब सिर्फ शब्द नहीं हैं, बल्कि मजबूत से मजबूत रिश्ते की नींव हिलाने के लिए काफी हैं. कई लोग अपने पार्टनर को चीट करते हैं. एक स्टडी के मुताबिक, कुछ सालों में ऐसे काफी सारे केसेस सामने आए हैं, जिन में अकसर शादी के बाद पार्टनर चीट करते हैं और आज के समय तो ये समस्या बेहद आम हो गई है.

लेकिन इस बात का पता लगाना कि आप का पार्टनर वास्तव में आप के साथ चीट कर रहा है या नहीं, जानना थोड़ा मुश्किल है. कटाकटा रहना, आदतों में एकदम से बदलाव, काफी हद तक रिलेशनशिप में चीटिंग को दर्शाता है. आप का पार्टनर विश्वासपात्र है या नहीं और कहीं वह आप को धोखा तो नहीं दे रहा. जानिए इन संकेतों से जो बताते हैं कि कहीं आप का पार्टनर आप के साथ चीटिंग तो नहीं कर रहा.

व्यवहार में बदलाव: सब से बड़ी पहचान यही है कि पार्टनर के व्यवहार में बदलाव होने लगता है. ‘मैं बोर हो गया हूं’ जैसे शब्दों से समझ में आने लगता है कि कहीं कुछ तो गड़बड़ है. दीप्ति माखीजा के अनुसार, पार्टनर जब चीट करने लगता है तो अपनेआप ही कुछ क्लू या बातें सामने आने लगती हैं, जिन्हें बस समझने की देरी है. जैसे उस के बोल होने लगते हैं, ‘तुम्हें बोलने का तरीका नहीं है? अपना वजन कम करो, मोटी हो गई हो. साथ ही, आप के पार्टनर आप की तुलना किसी दूसरेतीसरे से करने लगते हों. बेवजह आप की गलती निकालने लगे हों, आप की किसी एक छोटी सी गलती पर आप को गैरजिम्मेदार ठहराने लगे हों, तो आप को सचेत हो जाना चाहिए. खास कर तब जब ऐसा पहले कभी नहीं होता था. यह न समझें कि अब वह ऐसा कर के आप को शर्मिंदा महसूस कराने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसा कोई इंसान तभी करता है जब वह अपने पुराने रिश्ते को तोड़ कर किसी और के साथ रिश्ते बनाना चाहता है.

दिनचर्या में बदलाव: दैनिक दिनचर्या में लगातार आने वाले बदलाव भी पार्टनर के आप को धोखा देने के संकेत हो सकते हैं. जैसे, अचानक अपने वार्डरोब में कपड़ों को बदलना, खुद पर ज्यादा ध्यान देने लगना. आईने में खुद को निहारते रहना, आप के आने पर सतर्क हो जाना इत्यादि यदि ऐसा होता है तो समझा जाए कि कुछ तो गड़बड़ है. पहले की तरह आप में रुचि न दिखाना, क्योंकि पहले आप दोनों एकदूसरे के नजदीक जाने के बहाने ढूंढा करते थे और अब आप का पार्टनर आप से दूर जाने के बहाने ढूंढने लगें. कमिटमैंट से घबराने लगे तो समझिए वह आप को धोखा दे रहे हैं. इस के अलावा आप से बेवजह लड़ाइयां होने लगना. आप के हर काम में नुक्स निकालने लगना. पहले की तरह व्यक्तिगत बातें, कैरियर संबंधित बातें आदि आप से साझा न करने लगें, तो समझ लीजिए कि वह आप से दूर होने की कोशिश कर रहे हैं.

आप के प्रति प्यार कम होना: पहले जहां आप की हर बातें उन्हें प्यारी लगती थी. पर अब आप की हर बात पर वह झल्लाने लगें. मूवी देखने या कहीं बाहर जाने में आनाकानी करने लगें. ज्यादा समय औफिस में बिताने लगें. इन बातों से साफ पता चलता है कि आप का पार्टनर आप को चीट कर रहा है. हो सकता है आप का पार्टनर किसी और बात को ले कर परेशान हो या कुछ और वजह हो सकती है. लेकिन इस सब के साथ आप का पार्टनर कोई फैसला लेने में आप से आप की राय नहीं पूछते या आप से अपनी बातें शेयर नहीं करते, तो यह धोखे का संकेत हो सकता है.

फोन से जुड़े सवाल: यदि आप अपने पार्टनर की फोन से जुड़ी गतिविधियों में बदलाव को नोटिस करते हैं, तो यह धोखा देने का संकेत हो सकता है. जैसे आप का पार्टनर जरूरत से ज्यादा फोन पर व्यस्त रहने लगे. औफिस में उन का फोन कईकई घंटों तक व्यस्त आता हो. आप से अपने फोन और मैसेज छिपाने लगे हों. फोन का पासवोर्ड बदल दिया हो और आप को अपना पासवोर्ड न बताएं और न ही अपना फोन छूने दें, तो यह धोखे का संकेत हो सकता है. इस के अलावा उन की सोशल मीडिया की आदतों में भी बदलाव हो सकता है, जैसे ज्यादा फोटो अपलोड करना या बारबार अपनी प्रोफाइल बदलते रहना, बारबार मैसेज अलर्ट चेक करना, जैसे कई छोटेछोटे बदलाव धोखे का संकेत हो सकते हैं.

छोटीछोटी बातों पर झूठ बोलने लगना: यदि आप का साथी आप से हर छोटीछोटी बात पर झूठ बोलने लगे, बातें छिपाने लगे, तो समझिए जरूर कुछ गड़बड़ है.

आंखें चुराने लगे: यदि आप का साथी आप से बात करने से बचने लगे या बात करते वक्त अपनी आंखें न मिला पाए, इधरउधर देखने लगे, आप की बातों को अनसुना करने लगे, आप की किसी भी बात को गंभीरता से न ले, वही काम करे जो आप को पसंद नहीं है, अपनी गलती न मानने के बजाए आप की ही गलती निकालने लगे, आप का फोन न उठाए और न ही आप के किसी मैसेज का जवाब दे, तो समझ लेना चाहिए कि आप का पार्टनर आप को नजरअंदाज करने की कोशिश कर रहा है.

धोखा देने वाला हमेशा कोई करीबी ही होता है और शायद यही वजह है कि जब इंसान को धोखा मिलता है तो सबकुछ बिखर जाता है. खासतौर पर जब धोखा देने वाला आप का पार्टनर हो.

फिर क्या करें जब पार्टनर के धोखे का पता चल जाए:

पूरा समय लें: अगर आप अपने पार्टनर के धोखा देने की बात से परेशान हैं तो जल्दबाजी करने से बचें. पूरा समय लें. आप को किसी से भी इस बारे में बात करने की जरूरत नहीं है. अपने पार्टनर से तो बिलकुल नहीं. आप को गुस्सा तो आ रहा होगा, लेकिन नाराजगी में कहे शब्द नुकसान अधिक पहुंचाते हैं.

न बहस करे न लड़े: विरोध दर्ज करना जरूरी है और सामने वाले को भी तो पता चलना चाहिए कि कुछ ऐसा हुआ है जिस की वजह से आप परेशान हैं. लेकिन अपनी आवाज और शब्दों पर संयम रखें. पार्टनर को यह जरूर बताएं कि आप कैसा महसूस कर रहे हैं.

‘वो’ को दोष न दें: ज्यादातर मामलों में धोखा देने वाले पार्टनर को दोषी मानने के बजाए उस लड़की या लड़के को दोषी मान लिया जाता है, जिस की वजह से धोखा दिया गया. ऐसा करना सही नहीं है. क्योंकि जो शख्स आप के प्यार को झुठला कर आगे निकल गया, तो गलती उस की ही है.

अपने मामले में किसी और को बोलने न दे: अगर आप चाहते हैं कि आप के और आप के पार्टनर के बीच सब कुछ ठीक हो जाए तो बेहतर यह होगा कि आप इस बात की चर्चा किसी और से न करें. किसी तीसरे को इन बातों में शामिल करना आप के लिए ही खतरनाक हो सकता है.

एक मौका और दें: अगर आप को लगे कि आप के पार्टनर को अपनी गलती का एहसास हो गया है और वह सब कुछ ठीक करना चाहता है तो उसे वक्त दें. हो सकता है सब फिर पहले जैसा हो जाए. इस के लिए आप दोनों का साथ रहना और साथ वक्त बिताना जरूरी है, ताकि आप दोनों के बीच की गलतफहमी खत्म हो सके.

जानें कौन सा समय है सेक्स के लिए सबसे सुरक्षित

बेहतर सेक्स लाइफ न सिर्फ पति-पत्नी के संबंधों को रुमानी बनाने के लिए जरूरी है बल्कि सेहत के लिए भी इसके फायदे किसी से छिपे नहीं हैं. ऐसे में अगर सेक्स उस समय हो जब इसका फायदा न सिर्फ आपका मूड बनाएगा बल्कि आपके लिए सेहत से जुड़े कई फायदों की वजह हो सकता है. क्वीन्स यूनिवर्सिटी के शोध के आधार पर जानिए सुबह के समय सेक्स करने के बड़े फायदों के बारे में.

दिन भर रहेंगे टेंशन फ्री

सेक्स की प्रक्रिया के दौरान शरीर से ऑक्सीटोसिन नामक हार्मोन रिलीज होते हैं जो मूड अच्छा रखने और आपको तनावमुक्त रखने में सहायक होता है.

इंफेक्शन से दूर

यूनिवर्सिटी ऑफ वाइक बैरे के अनुसार, सुबह के समय सेक्स के दौरान शरीर में इम्यूनोग्लोबिन ए नामक एंडीबॉडी तत्व बनता है जो शरीर की प्रतिरोधी क्षमता को बढ़ाता है और दूसरों की अपेक्षा संक्रमण का खतरा 30 प्रतिशत तक कम करता है.

वजन घटाने में मददगार

शोधों में माना जा चुका है कि एक घंटे तक संभोग की प्रक्रिया के दौरान करीब 300 कैलोरी बर्न होती है जो वजन घटाने के लिए किसी दिलचस्प कसरत से कम नहीं.

वीर्य की गुणवत्ता

सिडनी आईवीएफ क्लीनिक के शोध की मानें तो सुबह के समय सेक्स से वीर्य की गुणवत्ता 12 प्रतिशत बढ़ जाती है. इससे सेक्स संबंधी कई समस्याओं में आराम हो सकता है.

ग्लोइंग स्किन

यूवायर यूनिवर्सिटी के शोध की मानें तो सुबह के समय सेक्स से शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर अधिक तेजी से बढ़ता है जिससे ऑक्सीजन का संचार त्वचा और बालों में अच्छी तरह होता है.

मेरे पति का औफिस की एक लड़की के साथ फिजिकल रिलेशन है, मैं क्या करूं?

सवाल

मैं शादीशुदा महिला हूं. विवाह को 15 वर्ष हो चुके हैं. मैं अपने पति को बहुत प्यार करती हूं और वे भी मुझे बहुत प्यार करते हैं. हमारा दांपत्य जीवन सुखपूर्वक बीत रहा था कि एक रोज मुझे पता चला कि उन का अपने औफिस की एक लड़की से अफेयर चल रहा है और दोनों के शारीरिक संबंध भी बन चुके हैं.

मैं ने जब इस बाबत उन से पूछा तो उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया और गलती के लिए माफी भी मांगी. मैं ने उन्हें माफ तो कर दिया, लेकिन उन की बेवफाई को चाह कर भी भुला नहीं पा रही. समझ में नहीं आता कि क्या करूं?

जवाब

यह सच है कि जिसे हम प्यार करते हैं, वह जब बेवफाई करता है तो बहुत दुख होता है. इसे आसानी से भुलाया नहीं जा सकता पर दूसरा कोई विकल्प भी नहीं है. पति पत्नी का रिश्ता परस्पर विश्वास पर टिका होता है, इसलिए आप के पति ने यदि अपनी गलती स्वीकार ली है.

आप से माफी भी मांग ली है और आइंदा आप को शिकायत का मौका न देने का भरोसा दिलाया है, तो आप को उन पर यकीन कर लेना चाहिए. पर साथ ही आप को भविष्य के लिए थोड़ा सतर्क रहना चाहिए.

सेक्स को लेकर बदल रही है महिलाओं की सोच

कौमेडी सीरियल ‘भाबीजी घर पर हैं’ की कहानी कई बार सैक्स फैंटेसीज दिखाने की कोशिश करती है. इस सीरियल में अनिता और विभू मिश्रा नामक पतिपत्नी एक रोमांटिक कपल है. अनीता के करैक्टर में वह कई बार समाज की सैक्स फैंटेसीज को दिखाने की कोशिश भी करती है. अनीता जब बहुत रोमांटिक मूड में होती है, तो पति विभू से कहती है कि वह किसी दूसरे रूप में प्यार करना चाहती है. कभी वह उसे प्लंबर बनने को कहती है, कभी इलैक्ट्रीशियन तो कभीकभी गुंडामवाली तक बनने को कहती है. पति विभू उसी गैटअप में आता है. वह पत्नी से उसी अंदाज में बात करता है. इस से पत्नी अनीता को बहुत खुशी महसूस होती है. वह दोगुनी ऐनर्जी से प्यार करती है. यह कौमेडी सीरियल भले ही हो, पर इस में पतिपत्नी संबंधों को बहुत ही नाटकीय ढंग से दिखाया जा रहा है.

सैक्स को ले कर महिलाओं पर रूढिवादी सोच हमेशा हावी रही है. लेकिन अब समय के साथ यह टूटने लगी है. अब पुरुषों की ही तरह महिलाएं भी सैक्स को पूरी तरह ऐंजौय करना चाहती हैं. इसे ले कर उन के मन में कई तरह के सपने भी होते हैं. अब ये बातें भी पुरानी हो गई हैं कि कौमार्य पति की धरोहर है. अब शादी के पहले ही नहीं शादी के बाद भी सैक्स की वर्जनाएं टूटने लगी हैं. शादी के बाद पतिपत्नी खुद भी ऐसे अवसरों की तलाश में रहते हैं जहां वे खुल कर अपनी हसरतें पूरी कर सकें.

परेशानियों से बचाव

सैक्स के बाद आने वाली परेशानियों से बचाव के लिए भी महिलाएं तैयार रहती हैं. प्लास्टिक सर्जन डाक्टर रिचा सिंह बताती हैं, ‘‘शादी से कुछ समय पहले लड़कियां हमारे पास आती हैं, तो उन का एक ही सवाल होता है कि उन्होंने शादी के पहले सैक्स किया है. इस बात का पता उन के होने वाले पति को न चले, इस के लिए वे क्या करें? लड़कियों को जब इस बारे में सही राय दी जाती है तो भी वे मौका लगते ही सैक्स को ऐंजौय करने से नहीं चूकतीं. शादी के कई साल बाद महिलाएं हमारे पास इस इच्छा से आती हैं कि वे शारीरिक रूप से कुंआरी सी हो जाएं.’’

विदेशों में तो सैक्स को ले कर तमाम तरह के सर्वे होते रहते हैं पर अपने देश में ऐसे सर्वे कम ही होते हैं. कई बार ऐसे सैंपल सर्वों में महिलाएं अपने मन की पूरी बात सामने रखती हैं. इस से पता चलता है कि सैक्स को ले कर उन में नई सोच जन्म ले रही है. डाक्टर रिचा कहती हैं कि शादी से पहले आई एक लड़की की समस्या को एक बार सुलझाया गया तो कुछ दिनों बाद वह दोबारा आ गई और बोली कि मैडम एक बार फिर गलती हो गई.

सैक्स रोगों की डाक्टर प्रभा राय बताती हैं कि हमारे पास ऐसी कई महिलाएं आती हैं, जो जानना चाहती हैं कि इमरजैंसी पिल्स को कितनी बार खाया जा सकता है. कई महिलाएं तो बिना डाक्टर की सलाह के इस तरह की गोलियों का प्रयोग करती हैं. कुछ महिलाएं तो गर्भ ठहर जाने के बाद खुद ही मैडिकल स्टोर से गर्भपात की दवा ले कर खा लेती हैं. मैडिकल स्टोर वालों से बात करने पर पता चलता है कि बिना डाक्टर की सलाह के इस तरह की दवा का प्रयोग करने वाले पतिपत्नी नहीं होते हैं.

बदल रही सोच

सैक्स अब ऐंजौय का तरीका बन गया है. शादीशुदा जोड़े भी खुद को अलगअलग तरह की सैक्स क्रियाओं के साथ जोड़ना चाहते हैं. इंटरनैट के जरीए सैक्स की फैंटेसीज अब चुपचाप बैडरूम तक पहुंच गई है, जहां केवल दूसरे मर्दों के साथ ही नहीं पतिपत्नी भी आपस में तमाम तरह की सैक्स फैंटेसीज करने का प्रयास करते हैं. इंटरनैट के जरीए सैक्स की हसरतें चुपचाप पूरी होती रहती हैं. सोशल मीडिया ग्रुप फेसबुक और व्हाट्सऐप इस में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं. फेसबुक पर महिलाएं और पुरुष दोनों ही अपने निक नेम से फेसबुक अकाउंट खोलते हैं और मनचाही चैटिंग करते हैं. इस में कई बार महिलाएं अपना नाम पुरुषों का रखती हैं ताकि उन की पहचान न हो सके. वे चैटिंग करते समय इस बात का खास खयाल रखती हैं कि उन की सचाई किसी को पता न चल सके. यह बातचीत चैटिंग तक ही सीमित रहती है. बोर होने पर फ्रैंड को अनफ्रैंड कर नए फ्रैंड को जोड़ने का विकल्प हमेशा खुला रहता है.

इस तरह की सैक्स चैटिंग बिना किसी दबाव के होती है. ऐसी ही एक सैक्स चैटिंग से जुड़ी महिला ने बातचीत में बताया कि वह दिन में खाली रहती है. पहले बोर होती रहती थी. जब से फेसबुक के जरीए सैक्स की बातचीत शुरू की है तब से वह बहुत अच्छा महसूस करने लगी है. वह इस बातचीत के बाद खुद को सैक्स के लिए बहुत सहज अनुभव करती है. पत्रिकाओं में आने वाली सैक्स समस्याओं में इस तरह के बहुत सारे सवाल आते हैं, जिन्हें देख कर लगता है कि सैक्स की फैंटेसी अब फैंटेसी भी नहीं रह गई है. इसे लोग अपने जीवन का अंग बनाने लगे हैं.

समाजशास्त्री डाक्टर मधु राय कहती हैं, ‘‘पहले ऐसी बातचीत को मानसिक रोग माना जाता था. समाज भी इसे सही नहीं मानता था. अब इस तरह की घटनाओं को बदलती सोच के रूप में देखा जा रहा है. हमारे पास सैक्स समस्याओं पर चर्चा करने आए व्यक्ति ने बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ सैक्स करने में असमर्थ था. उस ने कई डाक्टरों से अपना इलाज भी करवाया, लेकिन कोई लाभ न हुआ. ऐसे में उस की पत्नी ने घर के नौकर के साथ संबंध बना लिए. एक दिन पति ने पत्नी को नौकर के साथ संबंध बनाते देख लिया. मगर उसे गुस्सा आने के बजाय अपने में बदलाव महसूस हुआ. उस दिन उस ने अपनी पत्नी के साथ खुद भी सैक्स संबंध बनाने में सफलता पाई. अब वह खुद को सहज महसूस करने लगा था.’’

तरह तरह के लोग

फेसबुक को देखने, पसंद करने और चैटिंग करने वालों में हर वर्ग के लोग हैं. ज्यादातर लोग गलत जानकारी देते हैं. व्यक्तिगत जानकारी देना पसंद नहीं करते.

छिबरामऊ की नेहा पाल की उम्र 20 साल है. वह पढ़ती है. वह लड़के और लड़कियों दोनों से दोस्ती करना चाहती है. 32 साल की गीता दिल्ली में रहती है. वह नौकरी करती है. उस की किसी लड़के के साथ रिलेशनशिप है. वह केवल लड़कियों से सैक्सी चैटिंग पसंद करती है. उस की सब से अच्छी दोस्त रीथा रमेश है, जो केरल की रहने वाली है. वह दुबई में अपने पति के साथ रहती है. अपने पति के साथ शारीरिक संबंधों पर वह खुल कर गीता से बात करती है. ऐसे ही तमाम नामों की लंबी लिस्ट है. इन में से कुछ लड़कियां अपने को खुल कर लैस्बियन मानती हैं और लड़कियों से दोस्ती और सैक्सी बातों की चैटिंग करती हैं. कुछ गृहिणियां भी इस में शामिल हैं, जो अपने खाली समय में चैटिंग कर के मन को बहलाती हैं. कुछ लड़केलड़कियां और मर्द व औरतें भी आपस में सैक्सी बातें और चैटिंग करते हैं.

कई लड़केलड़कियां तो अपने मनपसंद फोटो भी एकदूसरे को भेजते हैं. फेसबुक एकजैसी रुचियां रखने वाले लोगों को आपस में दोस्त बनाने का काम भी करता है. एक दोस्त दूसरे दोस्त को अपनी फ्रैंडशिप रिक्वैस्ट भेजता है. इस के बाद दूसरी ओर से फ्रैंडशिप कन्फर्म होते ही चैटिंग का यह खेल शुरू हो जाता है. हर कोई अपनीअपनी पसंद के अनुसार चैटिंग करता है. कुछ लड़कियां तो ऐसी चैटिंग करने के लिए पैसे तक वसूलने लगी हैं. वाराणसी के रहने वाले राजेश सिंह कहते हैं, ‘‘मुझ से चैटिंग करते समय एक लड़की ने अपना फोन नंबर दिया और कहा इस में क्व500 का रिचार्ज करा दो. मैं ने नहीं किया तो उस ने सैक्सी चैटिंग करना बंद कर दिया.’’

इसी तरह से लखनऊ के रहने वाले रामनाथ बताते हैं, ‘‘मेरी फ्रैंडलिस्ट में 4-5 लड़कियों का एक ग्रुप है, जो मुझे अपने सैक्सी फोटो भेजती हैं. मेरे फोटो देखना भी वे पसंद करती हैं. कभीकभी मैं उन का नैटपैक रिचार्ज करा देता हूं. इन से बात कर मैं बहुत राहत महसूस करता हूं. मुझे यह अच्छा लगता है, इसलिए मैं कुछ रुपए खर्च करने को भी तैयार रहता हूं.’’ फेसबुक के अलावा अब व्हाट्सऐप पर भी इस तरह की चैटिंग होने लगी है.

पुरुष भी होते है सेक्सुअल हैरेसमैंट का शिकार

राघवन को समझ में नहीं आ रहा था कि अचानक उन के 20 वर्षीय बेटे को क्या हो गया है. फर्स्ट ईयर में उस ने टौप किया था. इस सैमेस्टर में अचानक फेल कैसे हो गया? डरासहमा रहता है सो अलग? राघवन समझदार पिता हैं. पहले उन्हें लगा कि शायद बुली का मामला है. कालेज में ऐसा थोड़ाबहुत सब के साथ होता ही है. काउंसलर से कई सैशन काउंसलिंग कराने के बाद मामला खुला तो राघवन भी सकते में आ गए. उन के बेटे रोहित के साथ 2 नाइजीरियन युवकों ने दुष्कर्म किया था. उस के बाद रोहित मन ही मन रोता रहता था. उस ने दोस्तों को भी इस घटना के बारे में नहीं बताया. उस ने गर्लफ्रैंड के फोन उठाने भी बंद कर दिए. पुलिस के पास जाने का तो सवाल ही नहीं था.

राघवन का हैरत और गुस्से के मारे बुरा हाल था. उन्होंने रोहित के लाख मना करने पर भी थाने में एफआईआर दर्ज करा दी. वैसे पुलिस का रवैया भी लचर ही था.

‘‘इतने दिन बाद शिकायत दर्ज कराने का क्या तुक है,’’ थाना इंचार्ज ने रोहित से पूछा तो वह काफी परेशान हो गया और काफी समय बाद सामान्य हो पाया, लेकिन अब वह अच्छीभली नौकरी कर रहा है. लव लाइफ भी ठीकठाक है.

यह किसी भी युवक के साथ हो सकता है. शारीरिक शोषण कितने ही युवकों का उन के परिचितों, रिश्तेदारों सीनियर या किसी पड़ोसी द्वारा भी किया जा सकता है या यों कहें कि आप के आसपास या मित्रों में कोई भी युवक शोषण का शिकार हो सकता है.

यहां तक कि टीचर या प्रोफैसर भी शोषक हो सकते हैं. यदि आप या आप का कोई परिचित किसी न किसी प्रकार से शोषण का शिकार है तो इसे न सहें.

युग 9वीं कक्षा का छात्र है. उस के पीटीआई टीचर ने उस का शारीरिक शोषण करने की कोशिश की, लेकिन बगैर देर किए उस ने इस बारे में अपने दोस्तों को बता दिया. दोस्तों ने आगे अपने सीनियर्स को बताया तथा वहां से फैलते हुए यह बात टीचर्स में फैल गई. परिणाम यह हुआ कि पीटीआई टीचर स्कूल से खुद ही रिजाइन कर के चला गया.

ऐसा ही कुछ रियाज अहमद के साथ भी हुआ. उस के एक बेहद करीबी रिश्तेदार ने उस के साथ गलत हरकत की. इस के बारे में किसी को बताने पर उसे धमकी भी दी कि यदि तुम ने इस बारे में किसी को बताया तो तुम्हारे परिवार के साथ मैं कुछ बुरा कर दूंगा. बेचारा रियाज उस की इस धमकी से डर गया और परेशान रहने लगा. कुछ समय बाद रियाज ने इसे अपनी करनी का फल मान लिया.

आखिर क्या कारण है कि युवकों के शारीरिक शोषण के बारे में काफी कम घटनाएं सामने आ पाती हैं जबकि सचाई इस के एकदम विपरीत है.

युवक सामाजिक रूप से अधिक रफटफ बने रहना चाहते हैं. उन्हें लगता है वे दोस्तों और समाज में हंसी का पात्र बन जाएंगे. कई बार परिवार भी उन्हें सपोर्ट नहीं करता.

क्या करें

– कड़े और स्पष्ट शब्दों में प्रतिरोध करें.

– यदि इस तरह की हरकत किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा की जाती है जो आप का करीबी है, तो उसे चेतावनी दें.

– अगर आप के प्रतिरोध को धमकी या नुकसान द्वारा दबाया जाता है तो भी न डरें. किसी जिम्मेदार व्यक्ति को पूरी बात बताएं.

– पार्टी में किसी अनजान व्यक्ति द्वारा गलत हरकत करने पर शोर मचाएं और प्रथम प्रयास में ही खुद को सुरक्षित करने पर ध्यान दें.

क्या न करें

– चुपचाप न सहें. याद रखें पहली हार में आप की चुप्पी है.

– खुद को दोषी न ठहराएं.

– हर किसी को इस प्रसंग के बारे में न बताएं.

– अगर आप ने अपने साथ हुए व्यवहार का विरोध किया है और दोस्तों के बीच व परिवार में आप अपनी उपेक्षा महसूस करते हैं, तो खुद पर गर्व करें कि आप ने अपने लिए कदम उठाया.

– ऐसी घटनाएं या तो आप को तोड़ती हैं या फिर मजबूत बनाती हैं.

जरूर करें

– ऐसे समय में अच्छे साहित्यिक व प्रेरणादायक सामग्री का उपयोग अवश्य करें.

– एक सब से आवश्यक बात जो आप को कठिन समय से उबार लेगी, अच्छी तरह से कोई नई स्किल सीखें.

जानिए आखिर कैसे होती है परफेक्ट Kiss

हांगकांग, सिंगापुर, कनाडा, औस्ट्रेलिया, अमेरिका और ब्रिटेन में 10,000 से ज्यादा लोगों के सर्वे से पता चला है कि एक परफेक्ट किस क्या होता है. हर देश में सर्वे के रिजल्ट जरा अलग हैं, लेकिन एक बात तो स्पष्ट है कि जब आप किसी को डेट कर रहे होते हैं तो मिलने और फिर मुलाकीात के बाद किस करना सभी को पसंद आता है. और पहला किस तो दोनों के ही लिये बहुत महत्वपूर्ण और यादगार होता है.

किस का अध्ययन करने वाले philematologists के अनुसार दुनिया में 90 फीसदी लोग किस करते हैं. हम यहां आपको बता रहे हैं कि दस हजार लोगों के अनुसार परफेक्ट किस क्या होता.

1. जरूरी नही कि सब डेट के अंत में किस करना चाहें

हैरानी की बात है कि सर्वे से पता चला है कि हर कोई जरूरी नहीं कि डेट के खत्म होने पर किस करना पसंद करता हो. सिर्फ 41 प्रतिशत लोगों का कहना है कि वे डेट के अंत में किस करना पसंद करेंगे. सर्वे में ये नहीं बताया गया कि बाकी (59%) क्या चाहते हैं. दिलचस्प बात ये है कि डेट खत्म होने पर किस करने वालों का प्रतिशत 50 से कम है.

2. 2 से 5 सैकंड का होता है परफेक्ट किस

सर्वे के अनुसार 61 फीसदी पुरुष और महिलाओं का मानना है कि डेट खत्म होने पर बस 2 से 5 सैकंड का किस ही परफेक्ट होता है. सवाल ये है कि पांच सैकंड में क्या कोई फीलिंग हो सकती है?

3. मुंह से बदबू सबसे बदतर

इससे कोई चौंकेगा नहीं क्योंकि कोई भी नहीं चाहता कि जिसे वह किस कर रहा है उसके मुंह से बदबू आए. 38 फीसदी लोगों का मानना है बदबू से बदतर और कुछ हो नहीं सकता और इनकी शिकायत भी यही है. हमारा सुझाव है कि अगर आप सिगरेट पीते हैं तो डेट पर जाने के पहले नींबू जरूर चूस कर जाएं.

4. किस करना नहीं आता तो कोई बात नहीं रिश्ते नहीं टूटेंगे

हम सभी चाहते हैं कि हमें ऐसा कोई मिले जो बिल्कुल वैसे ही किस करे जैसा हम करते हैं लेकिन ऐसा हमेशा नहीं होता. लेकिन उन लोगों को डरने की जरूरत नहीं है जिन्हें ठीक से किस करना नहीं आता. सर्वे के अनुसार 32 फीसदी पुरुष अपनी महिला को ठीक से किस करना सिखाने में दिलचस्पी रखते हैं जबकि 38 फीसदी महिलाएं अपने पार्टनर को किस सीखने के लिये समय देने को तैयार हैं.

5. लोग सिर्फ होंठों पर ही किस नहीं चाहते

हालंकि होंठ ऐसी जगह है जहां अक़्सर लोग किस करते हैं या चाहते हैं लेकिन सिंगापुर, हांगकांग और ऑस्ट्रेलिया में लोग माथे पर किस करना या करवाना ज्यादा पसंद करते हैं. अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन में गाल पर किस करना, करवाना पसंद किया जाता है.

6. दो तरह से किस करने/करवाने का इशारा

हांगकांग, सिंगापुर, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया में अगर कोई किस चाहता है तो वह आंखों में आंखें डालकर देखेगा/देखेगी हालंकि कितनी देर तक देखेगा/देखेगी, ये सर्वे में साफ नही है. अमेरिका और कनाडा में लोग इस मामले में लोग जरा निर्लज्ज होते हैं यानी तपाक से किस.

7. टंग किसिंग

कहते हैं टंग किसिंग फ्रांस की देन है लेकिन ये बस उसी देश में पसंद की जाती है क्योंकि बाकी दुनिया टंग किसिंग की कोई खास दीवानी नहीं है. हांगकांग और सिंगापुर में 44 फीसदी लोगों को लाइट और सहज किस पसंद है, लेकिन हां थोड़ा बहुत टंग का स्पर्श चलेगा. ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, अमेरिका और ब्रिटेन में 46 फीसदी टंग के बगैर डीप किस पसंद करते हैं.

सेक्स में और्गेज्म होना है आनंद से भरपूर

तनु के विवाह को 6 महीने हो गए थे. वह मायके आई हुई थी. विवाह के बाद अनुभव पूछते हुए उस की हमउम्र भाभी रेखा उस के साथ छेड़छाड़ करने लगी.

तब तनु ने बुझे स्वर में कहा, ‘‘मुझे तो कुछ अच्छा नहीं लगता. सब बोरिंग ही लगता है.’’

सुन कर रेखा हैरान हुई. फिर विस्तार से खुल कर बात करने पर रेखा को महसूस हुआ कि तनु ने अब तक चरमसुख का आनंद लिया ही नहीं है. सैक्स उसे एक रूटीन की तरह लग रहा है कि बस, पति का साथ देना, चाहे अच्छा लगे या बुरा.

रेखा अपनी एक रिश्तेदार डाक्टर मीनाक्षी से बात कर तनु को उन के पास ले गई. दोनों को अकेले छोड़ वहां से हट गई. डाक्टर ने बातोंबातों में उसे और्गेज्म के बारे में समझाया तो तनु झिझकती हुई सब बातें सुनतीसमझती रही. अगली बार मायके आने पर जब उस का खिला, चमकता चेहरा देख रेखा ने फिर आंखों ही आंखों में शरारती सवाल पूछा तो तनु शरमा कर हंस दी. तब रेखा को तसल्ली हो गई कि अब उस की ननद शारीरिक और मानसिक रूप से वैवाहिक जीवन का पूरापूरा आनंद ले रही है.

सेक्स की हमारे जीवन में महत्त्वपूर्ण भूमिका है. विशेष रूप से महिलाएं स्वयं को बहलाती हैं कि मजबूत रिश्ते के लिए अच्छा सैक्स जरूरी नहीं है. उन के लिए यह पार्टनर से जुड़े रहने के लिए ही है.

25 वर्षीय कविता का कहना है, ‘‘मेरा पार्टनर आसानी से उत्तेजित हो जाता था, जबकि मेरा मूड बनने में काफी समय लगता था. मैं उसी के लिए सैक्स करती थी. हर बार मुझे खाली और अधूरा लगता था.’’

फोरप्ले के महत्त्व के बारे में बताते हुए कंसल्टैंट मनोवैज्ञानिक हेल्थेनबेर इंडिया से अदिति आचार्य का कहना है, ‘‘जहां 90% पुरुष शारीरिक संबंध में चरमसुख का अनुभव करते हैं वहीं 30% महिलाओं ने अपने जीवन में चरमसुख का अनुभव कभी किया ही नहीं है. एक महिला को मानसिक रूप से इस खेल में शामिल होने में समय लगता है. 15 से 40 मिनट लगते हैं.’’

फुट स्पा, बौडी मसाज से यौवन, सौंदर्य वृद्धि होती है पर यह सब करवाना रोज तो

संभव नहीं हो सकता न? ‘द और्गेज्म आंसर गाइड’ में मनोवैज्ञानिक कैरल रिंकलेव एलिसन के द्वारा किए गए अध्ययन में एलिसन ने 23 से 90 साल उम्र की 2,632 महिलाओं का इंटरव्यू लिया था, जिस में पता चला था कि इन में से 39% ने ही स्वयं को रिलैक्स करने के लिए इस का आनंद उठाया है. विशेषज्ञ इस का श्रेय औक्सिटोसिन हारमोन को देते हैं. मनोवैज्ञानिक और सैक्सोलौजिस्ट डा. श्याम मिथिया बताते हैं, ‘‘जब एक महिला उत्तेजित होती है, तो औक्सीटोसिन नामक फीलगुड हारमोन हाइपोथेलेमस में नर्व्स सैल्स से खून में प्रवाहित होता है. औक्सीटोसिन न सिर्फ तनाव कम करता है, बल्कि जोश और आराम की भावना भी उत्पन्न करता है. यह रिश्ते को मजबूत करता है.’’

बिग 0 (चरमसुख) से शरीर को लाभ ही लाभ है. इस से यौनांगों में बेहतर रक्तप्रवाह होता है, शरीर को प्राकृतिक डिटौक्सीफिकेशन होता है, संतानोत्पत्ति की क्षमता बढ़ती है, याद्दाश्त सुधरती है, रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, स्वस्थ ऐस्ट्रोजन हारमोन का स्तर बढ़ता है. यह औस्टियोपोरोसिस, हृदयरोग और स्तन कैंसर से भी सुरक्षा करता है.

37 वर्षीय अध्यापिका कविता गोयल कहती हैं, ‘‘चाहे दिन कितना भी खराब बीते, मैं और मेरे पति लगभग प्रतिदिन अच्छे सैक्स का आनंद उठा कर ही सोते हैं. यह एक ऐस्प्रिन खाने से तो अच्छा ही है और जब आप हर सुबह चेहरे की प्राकृतिक चमक के साथ उठें तो मेकअप की भी क्या जरूरत है.’’

चरमसुख के दौरान उत्पन्न होने वाले ऐंडोर्फिंस हारमोन सिरदर्द, मासिक उथलपुथल, आर्थ्राइटिस के लिए दर्दनिवारक का काम करते हैं.

आप ने कभी सफल, आनंददायक सैक्स के बाद अपने चेहरे की चमक देखी है? उस का श्रेय डीएनईए को जाता है. यह हारमोन त्वचा की चमक बढ़ाता है, नष्ट हुए टिशूज की मरम्मत करता है और त्वचा को जवान बनाए रखता है. यह हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाता है. काफी अध्ययनों से यह सिद्ध हुआ है कि जो लोग हफ्ते में कम से कम 3 बार शारीरिक संबंध बनाते हैं वे अपनी उम्र से 10 साल छोटे लगते हैं. सैक्स कोच आनंदिति सेन कहती हैं, ‘‘अरोमाथेरैपी वाली कैंडल्स के बारे में सोचो, लाइट्स हलकी करो, आंखें बंद कर के कल्पना के घोड़ों को दौड़ने दें.’’

फिल्मों में महिलाओं को सैक्सुअल आनंद में ही लीन दिखाया जाता है, जबकि वास्तविकता में 20% महिलाएं ही चरमसुख को पाती हैं. तो क्या अच्छी सैक्स लाइफ न होने से आप का रिश्ता प्रभावित होता है? इस संबंध में फिटनैस ट्रेनर शिवानी जोशी का कहना है, ‘‘बिलकुल. पार्टनर का ध्यान रखना भी बहुत जरूरी है. उसे साफसाफ बताना बहुत जरूरी है कि आप को क्या अच्छा लगता है क्या नहीं.’’

तो सारी चिंताएं, संदेह छोड़ कर पार्टनर के साथ सैक्स का आनंद लें. इसे बोझ नहीं, तनमन के लिए एक औषधि की तरह समझें. इस का अनुभव कर प्राकृतिक रूप से स्वस्थ और सुखी रहें. पुरानी मानसिकता से बाहर निकलें, पार्टनर को अपनी पसंदनापसंद, इच्छाअनिच्छा बताएं और खुल कर जीएं.

जानें पत्नी को सेक्स के लिए कैसे मनाएं

सुबह से शाम तक मन होता है कि एकदूसरे को जितना महसूस कर सकते हैं करते रहें, हर पल साथ रहें, सेक्स एन्जौए करें. लेकिन, शादी को जब कुछ महीने या कहें साल गुजर जाते हैं तो सेक्स के प्रति पत्नी की उदासीनता बढ़ती जाती है. घर के काम, बच्चों की जिम्मेदारी और रोमांस के लगभग खत्म होने के साथ ही उस की सेक्स की इच्छा भी खत्म होने लगती है. ऐसे में पति के लिए बहुत जरूरी है कि वह अपनी पत्नी को सेक्स के लिए इस तरह मनाए कि वह सेक्स के लिए केवल हां न कहे बल्कि पूरी तरह उस का आनंद भी ले.

रोमांस को रखें बरकरार

अकसर पति काम से थक हारकर घर आता है तो खाना खा कर सीधा बिस्तर पर पसर जाता है. वह उम्मीद करने लगता है कि पत्नी बिस्तर पर आए और वे दोनों सेक्स करना शुरू कर दें. लेकिन, ऐसे में या तो पत्नी सेक्स के लिए स्पष्टरूप से मना कर देगी या फिर फिर हां कहेगी भी तो बेमन से. इस तरह पति खुद भी सेक्स का लुत्फ़ नहीं उठा पाते. पति होने के नाते आप का काम सीधा सेक्स करना ही नहीं है बल्कि उस से पहले थोड़ा रोमांस करना भी है. पत्नी कोई काम कर रही हो तो उसे जा कर थोड़ा छेड़ आएं, कभी उस की बाहें पकड़ें तो कभी उस के कान में फुसफुसाएं कि वह कितनी खूबसूरत लग रही है. उस के लिए उस की पसंद की चीज़े लाएं तो कभी उस के खाने की तारीफ कर दें. ऐसे रोमांस बरकरार रहेगा और सेक्स के लिए पत्नी का मन भी करेगा.

पत्नी को नजरअंदाज न करें

आप यदि हर बात पर पत्नी को उलाहनाएं देते रहते हैं, उस की बुराई करते हैं, उस की बातों, चिंताओं और परेशानियों पर गौर नहीं करते तो भला कैसे वह अपना दिमाग खाली कर पाएगी और सेक्स में मन लगा पाएगी? आप की पत्नी वैसे आप के लिए हर काम करती है लेकिन  सेक्स ऐसी क्रिया है जिसे यदि वह न करना चाहे तो उस का शरीर भी ‘न’ की मुद्रा में आ जाता है. इसलिए जरूरी है कि आप अपनी पत्नी को केवल अपनी जरुरत न समझें बल्कि उस पर ध्यान दें और उसे खुश रखने की कोशिश करें.

प्यार का इजहार करना न भूलें

किसी महान व्यक्ति का कहना है कि सेक्स के समय किया गया प्यार का इजहार असल में प्यार नहीं होता, वह उस मोमेंट की नजाकत में निकले कुछ शब्दभर होते हैं जो किसी के भी मुंह से निकल सकते हैं. इसलिए कभी भी अपने प्यार का इजहार सेक्स के समय के लिए बचाकर न रखें बल्कि अपनी पत्नी को जब मौका मिले बताएं कि आप उस से कितना प्यार करते हैं. इस से उसे आप के प्रति प्यार भी उभरेगा और सेक्स के लिए उस में उत्सुकता भी जागेगी.

खुद की ग्रूमिंग पर ध्यान दें

वह आप की पत्नी है तो इस का मतलब यह नहीं की आप यह सोचें कि जैसे हैं वैसे ही वह आप को पसंद करे. माना आप दोनों पतिपत्नी हैं लेकिन इस का मतलब यह तो नहीं कि आप अपनी तरफ से कोई एफर्ट डाले ही न. अच्छे कपड़े पहनें, अपने इंटिमेट एरिया को क्लीन रखें, दांत, नाक, सब साफ़ रखें. खुद को साफसुथरा और आकर्षित बनाएंगे तो आप की पत्नी भी आप की तरफ आकर्षित होगी.

सेक्स में पत्नी की इच्छाओं का ध्यान रखें

आप की पत्नी को सेक्स से ओर्गास्म या प्लेजर नहीं मिलता तो वह सेक्स के प्रति हमेशा उदासीन ही रहेगी. इसलिए इस बात का ध्यान रखें कि सेक्स करते समय आप वह पोजेज व मूव्स भी करें जो आप की पत्नी को पसंद हों. उसे वहांवहां छुएं जहां उसे सब से ज्यादा प्लेअजर मिलता हो, शरीर में सनसनी होती हो. सेक्स के समय इतने वाइल्ड भी न हों कि पत्नी को दर्द या तकलीफ हो. औरतों को सेक्स जितना ही मजा फोरप्ले में आता है या कहें उस से ज्यादा ही, तो फोरप्ले को इगनोर न करें. यह सब कर के यकीनन आप की पत्नी का सेक्स करने का मन होगा और वह आप को मना नहीं करेगी.

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