आखिर कब पड़ती है किसी और की जरूरत

Sex News in Hindi: वैवाहिक जीवन (Married Life) में सैक्स की अहम भूमिका होती है. लेकिन यदि पति किसी ऐबनौर्मल सैक्सुअल डिसऔर्डर (Abnormal Sexual Disorder) से ग्रस्त हो, तो पत्नी की जिंदगी उम्र भर के लिए कष्टमय हो जाती है. (Sexologist) सैक्सोलौजिस्ट डा. सी.के. कुंदरा ऐबनौर्मल सैक्सुअल डिसऔर्डर के बारे में बताते हुए कहते हैं कि उन की क्लीनिक में शादी के बाद कृष्णानगर की मृदुला अपनी मां के साथ आई. हुआ यह था कि शादी के बाद मृदुला एकदम बुझीबुझी सी मायके आई, तो उस की मां उसे देख कर परेशान हो गईं. लेकिन मां के लाख पूछने पर भी उस ने कोई वजह नहीं बताई. उस ने अपनी सहेली आशा को बताया कि वह अब ससुराल नहीं जाना चाहती, क्योंकि उस के पति महेश उस से संबंध बनाने के दौरान उस के यौनांग में बुरी तरह से चिकोटी काटते हैं और पूरे शरीर को हाथ फेरने के बजाय नाखूनों से खरोंचते हैं. जिस से घाव बन जाते हैं, हलका खून निकलता है. उसे देख कर महेश खुश होते हैं. फिर संबंध बनाते हैं. यह कह कर मृदुला रोने लगी. डा. कुंदरा ने आगे बताया कि आशा ने जब उस की मां को यह बात ताई तो वे मृदुला को ले कर मेरे पास आईं.

मृदुला की तरह कई महिलाएं अपनी पीड़ा को व्यक्त नहीं कर पाती हैं. मृदुला का पति ऐबनौर्मल सैक्सुअल डिसऔर्डर से ही पीडि़त था. इस स्थिति में स्त्री के लिए पूरी जिंदगी ऐसे पुरुष के साथ बिताना असंभव हो जाता है. उसे ऐसे किसी व्यक्ति की जरूरत महसूस होने लगती है, जो उस के मन की बात को समझे और उसे क्या करना चाहिए, इस के बारे में बताए.

कारण

सैक्सोलौजिस्ट डा. रामप्रसाद शाह के मुताबिक, ऐबनौर्मल सैक्सुअल डिसऔर्डर से व्यक्ति कई कारणों से ग्रसित होता है:

सैक्सफेरामौन: यानी गंध के प्रति कामुकता. ऐेसे पुरुष स्त्री देह की गंध से उत्तेजित हो कर सैक्स करते हैं. ऐसे में कोई भी स्त्री, जिस की देह गंध से ऐसा व्यक्ति उत्तेजित हुआ हो, उसे हासिल करने के लिए वह किसी भी हद तक जा सकता है.

ऐक्सेसिव डिजायर: दीपक की उम्र 60 साल से ऊपर है. इस के बावजूद भी वह घर से बाहर सब्जी बेचने वाली, घरों में काम करने वाली और सस्ती कालगर्ल से कभीकभी सुबह तो कभी रात भर रख कर संबंध बनाता है. संबंध बनाने के लिए वह शराब का भी सहारा लेता है. घर वाले उस से परेशान रहते हैं, इसलिए उस से अलग और दूर रहते हैं. ऐसे शारीरिक संबंध बनाने वाला व्यक्ति ऐक्सेसिव डिजायर  पीडि़त होता है.

फेटिशिज्म: इस में व्यक्ति उन चीजों के प्रति आकर्षित रहता है, जो उस की सैक्स इच्छाओं को पूरा करने में सहायक होती हैं. जैसे सैक्सी किताबें, महिलाओं के अंडरगारमैंट्स और दोस्तों से सैक्स की बातें करना.

लक्ष्मी नगर की निशा का कहना है कि उस के पति दिनेश हमेशा दोस्तों के साथ किनकिन महिलाओं के साथ सहवास कबकब और कैसेकैसे किया जैसी बातें हमेशा करते हैं. उस के बाद वह निशा से संबंध बनाने की कोशिश करते हैं. ऐसे व्यक्ति महिलाओं को छिप कर देखने के साथ उन के साथ संबंध बनाने के लिए आतुर भी रहते हैं.

बस्टियैलिटी: ऐसे पुरुष पर सैक्स इतना हावी हो जाता है कि वह किसी से भी सहवास करने में नहीं झिझकता. जयपुर का रमेश अपनी इसी आदत की वजह से अपनी साली की 14 साल की लड़की से शारीरिक संबंध बना बैठा. ऐसे पुरुषों द्वारा अकसर रिश्तों की मर्यादा को ताक पर रख कर ऐसे संबंध बनाए जाते हैं. ऐसे में असहाय महिलाएं, लड़कियां, यहां तक कि पशु भी गिरफ्त में आ जाते हैं.

ऐग्जिबिशनिज्म: इस से ग्रस्त व्यक्ति अपने गुप्तांग को महिला या छोटेछोटे बच्चेबच्चियों को जबरदस्ती दिखाता है. इस से उसे खुशी के साथ संतुष्टि भी मिलती है. लेकिन इस से अप्रत्यक्ष रूप से ही सही हानि होती है इसलिए इसे अब गैरकानूनी की धारा में रखा जाता है. इस में जुर्माना और कैद भी है.

पीडोफीलिया: इस सैक्सुअल डिसऔर्डर से पीडि़त पुरुष अकसर छोटी उम्र की लड़कियों व लड़कों से संबंध बना कर अपनी कामवासना को संतुष्ट करता है. नरेंद्र की उम्र 50 के ऊपर हो चुकी थी पर वह बारबार 14 से 15 साल की नाबालिग लड़की से शारीरिक संबंध बनाने की लालसा रखता था. आखिर उस ने नाबालिग से संबंध बना ही डाला और कई दिनों तक सहवास करता रहा. अंत में पकड़े जाने पर नेपाल की जेल में 14 साल की सजा काट रहा है.

वैवाहिक रेप

हालांकि यह अजीब सा लगता है कि विवाह के बाद पति द्वारा पत्नी का रेप. लेकिन इस में कोई दोराय नहीं कि आज भी कई विवाहित महिलाओं को इस त्रासदी से गुजरना पड़ता है, क्योंकि अकसर पति अपनी पत्नी की इच्छाओं, भावनाओं को भूल कर जबरन यौन संबंध बनाता है. यह यौन शोषण और बलात्कार की श्रेणी में आता है. हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 375 और 379 के तहत पत्नी को अधिकार है कि वह ऐसा होने पर कानूनी तौर पर तलाक ले सकती है.

समाधान

सैक्सोलौजिस्ट डा. रामप्रसाद शाह का कहना है कि ऐसी स्थिति में नईनवेली दुलहन को संयम से काम लेना चाहिए. वह पति की उपेक्षा न कर के व ताना न दे कर प्यार से उसे समझाए.

सामान्य सहवास के लिए प्रेरित करे. ऐसे लोगों का मनोचिकित्सक द्वारा इलाज किया जा सकता है. ऐसे मरीज की काउंसलिंग की जाती है और बीमारी किस हद तक है पता चलने पर सलाह दी जाती है. अगर पति तब भी ठीक न हो और मानसिक व शारीरिक पीड़ा पहुंचाए, तो पत्नी तलाक ले कर अपनी जिंदगी को नई दिशा दे सकती है.

वैज्ञानिकों का मानना है कि मस्तिष्क में स्थित न्यूरो ट्रांसमीटर में किसी प्रकार की खराबी, मस्तिष्क में रासायनिक कोशिकाओं में कमी, जींस की विकृति आदि इस समस्या की वजहें होती हैं और अकसर 60 साल से ज्यादा उम्र के व्यक्ति इस के शिकार होते हैं. गलत संगत, अश्लील किताबें पढ़ना, ब्लू फिल्में देखना आदि भी इस में सहायक होते हैं.

अगर सेक्स की चिंता सताती है तो घबराएं नहीं

आपको अपने बौयफ्रेंड के साथ सेक्स करते हुए तीन महीने हो गए हैं. लेकिन आपको लग रहा है कि चीजें वैसी नहीं हैं जैसी होनी चाहिए. ऐसा नहीं है कि आपके साथी को कोई लिंग समस्या है बस कई बार वो उतना देर नहीं रुक पाता जितना कि आप चाहती हैं. लेकिन आपकी समस्या बिलकुल अलग है. आपको कभी अच्छा ही नहीं लगता. असल में आपके लिए यह हमेशा कष्टदायक है. और आपको कभी भी ओर्गास्म नहीं हुआ है – और हुआ भी हो तो कम से कम आपको तो पता नहीं चला.

यह जानकर अच्छा लगेगा… कि आप अकेले नहीं है

वास्तव में किशोर और युवा वयस्कों में सेक्स सम्बंधित समस्याएं बहुत आम हैं. लेकिन अभी तक हुए इस आयु वर्ग के अधिकांश अध्ययनों ने अवांछित गर्भधारण और एसटीडी जैसी चीजों पर ही ध्यान केंद्रित किया है.

उन्नत शिश्न से लेकर ओर्गास्म तक

यही कारण है कि कनाडाई शोधकर्ताओं के एक समूह ने इस अध्ययन में भाग लेने के लिए 16 से 21 वर्ष की आयु के 400 से अधिक छात्रों को इक्कठा किया. शुरुआत में, और फिर दो साल तक, हर छह महीने में छात्रों ने अपने यौन जीवन के बारे में औनलाइन सर्वेक्षण भरा.

शोधकर्ताओं ने उन लोगों से सिर्फ ‘शीघ्र स्खलन’ जैसी युवाओं की आम समस्याओं के बारे में ही नहीं पूछा. बल्कि, उनके सवाल उन समस्याओं के बारे में भी थे जिन्हें आप 30 से ऊपर के वयस्कों के साथ जोड़ते हैं. जैसे लिंग को उन्नत करने में परेशानी या ज्यादा देर तक टिके रहने की समस्याएं. इसी दौरान लड़कियों ने लुब्रिकेशन, ओर्गास्म और संभोग के दौरान दर्द जैसी समस्याओं के बारे में अपने विचार व्यक्त किये.

अधिकांश युवाओं के लिए सेक्स पूरी तरह से संतोषजनक नहीं है

सर्वेक्षण ने दर्शाया कि लगभग 80 प्रतिशत लोगों ने हाल ही में सेक्स के दौरान कुछ समस्या का सामना किया था. और लगभग आधे लोगों के लिए, यह मुद्दा तनावपूर्ण था.

शोधकर्ताओं ने जाना कि एक चीज है जिससे फर्क पड़ता है – यौन आत्मसम्मान. वे लड़के-लडकियां जो सेक्स के दौरान अपने प्रदर्शन और वे कैसे दिखते हैं, इस बारे में निश्चिन्त रहते हैं, यौन समस्याओं से भी उनका सामना कम ही होता है.

सबसे आम समस्याएं

पुरुषों के लिए, एक सामान्य चिंता है … अनुमान लगाएं. आप सोच रहे होंगे कि शायद सेक्स नहीं मिलना? चलिए सोचने का एक मौका और देते हैं! दरअसल, सेक्स के लिए कम इच्छा होना सबसे आम समस्या है! सेक्स के दौरान पूर्ण संतुष्टि ना हो पाना भी लड़को में एक आम समस्या है. असल में, अध्ययन में भाग लेने वाले लगभग आधे लोगों ने यौन संतुष्टि की कमी या कम कामेच्छा का अनुभव किया था. उन्नत शिश्न से जुड़ी समस्याएं – जैसे लम्बे समय तक टिके रहना – भी लगभग आधे लोगों के लिए परेशानी से कम नहीं थी.

दूसरी ओर, महिलाओं के लिए सबसे बड़ी समस्या थी ओर्गास्म तक नहीं पहुंच पाना. लगभग 60 प्रतिशत महिलाएं सेक्स के दौरान चरमोत्कर्ष से दूर रह जाती थी. लगभग आधी महिलाओं ने यह भी कहा कि वे संभोग के दौरान यौन संतुष्ट नहीं हैं और दर्द का अनुभव करती हैं.

सेक्स हुआ बेहतर!

महिलाओं के लिए अच्छी खबर यह है कि उम्र के साथ सेक्स बेहतर हो जाता है! जैसा कि अध्ययन आगे बढ़ा और महिलाओं ने भी और सेक्स किया उन्हें आभास होना शुरू हो गया कि उन्हें क्या पसंद है और क्या नहीं और शायद इससे उनके यौन आत्म-सम्मान में भी वृद्धि हुई – तनावपूर्ण समस्याएं धीरे-धीरे  कम आम होती चली गयी. जो महिलाएं बिस्तर पर अपनी पसन्द और नापसंदियों को कहने में सहज थी, उनके साथ भी सेक्स से जुड़ी समस्याओं के कम होने की संभावना थी.

इसलिए यदि आप युवा हैं और जवान हैं लेकिन सेक्स की नौका कभी-कभी डगमगा जाती है तो आप अकेले नहीं है!

युवा लोगों की सेक्स समस्याओं से निपटने के लिए कुछ सुझाव

1. सेक्स के दौरान दर्द

फोरप्ले में बहुत समय बिताएं – चूमना, सहलाना, चाटना – जिससे सेक्स से वातावरण में उत्तेजना और योनि में नमी बढ़ जाए. शायद आपको लुब्रीकेंट की जरुरत नहीं है लेकिन लुब्रीकेंट से मजा कई गुना बढ़ सकता है!

2. ओर्गास्म नहीं हो रहा?

संभोग अद्भुत है, लेकिन वास्तव में ज्यादातर महिलाओं के लिए यह ओर्गास्म नहीं है. वो चाहती हैं कि उनकी योनि पर और ध्यान दिया जाए – चुंबन, सहलाना, थपथपाना, चाटना और समय देना! (क्यों जल्दबाज़ी करनी है, इससे बेहतर और क्या कर सकते हैं आप?)

3. लिंग समस्याएं?

चुप रहने से काम नहीं चलेगा. अपने साथी से बात करने की हिम्मत करें. साथ ही साथ लिंग से ध्यान हटाकर सेक्स की अन्य मज़ेदार बातों का मज़ा उठाएं – जैसे अपने साथी को आनंद देना. और फिर आप पाएंगे कि आपका लिंग भी और मज़े करना चाहता है!

4. शीघ्र स्खलन

ऐसा नहीं होने का बहाना करने से अच्छा है अपने साथी से बात करें. धीरे-धीरे रुक-रुक कर आगे बढ़ें. छोटे-छोटे ब्रेक लेते रहें और अभ्यास के साथ आप सेक्स की अवधि जरूर बड़ा पाएंगे.

5. सेक्स के कारण तनाव?

इस बारे में परेशान होना ही कई समस्याओं का कारण हो सकता है. अपनी चिंताओं के बारे में अपने साथी से बात करने की हिम्मत जुटाना असल में फायदेमंद हो सकता है. और अवांछित गर्भावस्था या एसटीडी को चिंता ना बनने दें- कंडोम और गर्भनिरोधक का उपयोग करें.

क्या आप जानते हैं कि लोग Kiss क्यों करते हैं?

Kiss एक सबसे आम रोमांटिक बर्ताव है. दरअसल एक रिसर्च के अनुसार यह दुनिया भर की 90 प्रतिशत संस्कृतियों का हिस्सा है. इसलिए आप शोधकर्ताओं से अपेक्षा कर सकते हैं कि वो इससे जुड़े तथ्यों का गहन अध्ययन करें कि आखिर क्यों सभी मनुष्य Kiss करते हैं. लेकिन है इसका उलटा, चुंबनों के बारे में ऐसा बहुत कुछ है जिसके बारे में हम अभी भी अनिभज्ञ हैं.

अमेरिका के एक शोधकर्ता समूह ने तय किया कि अब यह जानने का समय आ गया गई कि क्यों इंसान एक दुसरे के मुंह में मुंह डाल कर ये अजीब सी क्रिया करते हैं. वो इसके पीछे की वजह और जरूरत जानना चाहते थे. वो ये भी जानना चाहते थे कि Kiss के मामले में महिला और पुरुष एक दूसरे से किस तरह अलग हैं, और क्या उम्र, आपके व्यक्तित्व और रिश्ते में होने न होने का इस रूमानी बर्ताव पर कोई प्रभाव पड़ता है.

मैं खुद को नहीं रोक सका

अंततः उन्होंने 18 से 74 वर्ष की उम्र के 461 लोगों को एक प्रश्नावली भरने को कहा जिसका नाम था ‘वाई किस’? कारणों की सूची को दो भागों में विभाजित किया गया. पहले वो लोग थे, जिनके लिए ये एक महत्वकांशा का मुद्दा था और इसका रोमांस से कोई लेना देना नहीं था.

‘इनके कारण कुछ ऐसे थे, ‘मुझे ऑफिस में प्रमोशन चाहिए था’ या ‘मुझे अपने मां बाप के आदेश की अवहेलना करनी थी’. ये वो श्रेणी थी जिसमे Kiss के पीछे कोई खास वजह या महत्वकांक्षा थी, जो कि सकारात्मक नहीं थी जैसे कि, “मुझे उसको मज़ा चखाना है”.

दूसरी श्रेणी ‘शारीरिक संबंध’ वाली थी. इनमे ‘मूड बनाने के लिए’ से लेकर ‘उसे निर्वस्त्र देख कर मुझसे काबू नहीं हुआ जैसे कारण थे.

मजा और लगाव

हिस्सा लेने वाले अधिकतर लोगों ने 16 की उम्र से पहले अपनी पहली रोमांटिक किस अनुभव कर ली थी. वयस्क उम्र आने तक वो लगभग 20 लोगों के साथ Kiss कर चुके थे. पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उन्हें Kiss ‘बहुत’ पसंद है.

तो यह कोई आश्चर्य की बात नहीं थी कि Kiss का सबसे लोकप्रिय और आम कारण ‘शारीरिक संबंध’ वाली श्रेणी था. और इस कारण में महिला और पुरुष, दोनों का पहलू एक जैसा था.

मनचाही ची

वो कौन है जो Kiss रोमांटिक कारण के लिए नहीं बल्कि कुछ पाने के लिए करते हैं, महिला या पुरुष? पुरुष! उन्होंने Kiss के ऐसे कारणों के बारे में बताया जिनका रोमांस से दूर दूर तक कोई वास्ता नहीं था. जैसे कि,’ मैं चाहता था कि मेरा इस व्यक्ति से पीछा छूट जाये’ या ‘मैं अपनी धाक जमाना चाहता था’.

पुरुष इस तरह के कारणों को लेकर Kiss के प्रति उत्साहित क्यों रहते हैं? यदि अंदाजा लगाया जाये तो शायद इसका संबां पुरुषों के इस बात को समाज के सामने सिद्ध करने से हो सकता है कि वो शारीरिक संबंधों की शुरुआत को नियंत्रित करते हैं.

Kiss के पांच मुख्य शारीरिक संबंध कारण

  1. मैं इस व्यक्ति को उसके प्रति, अपना लगाव दिखाना चाहता था.
  2. इससे अच्छा महसूस होता है
  3. मैं प्रेम प्रदर्शित करना चाहता था.
  4. वो बेहद आकर्षक था.
  5. मैं उस व्यक्ति के साथ जुड़ाव रखना चाहता था.

Kiss के पांच मुख्य उपलब्धि सम्बंधित कारण

  1. मैं चाहता था कि लोग मुझ पर ध्यान दें
  2. मैं अपने बारे में बेहतर महसूस करना चाहता था
  3. मुझे यह करने के लिए बाध्य महसूस हुआ
  4. मैं शक्तिशाली महसूस करना चाहता था
  5. मैं अपनी Kiss क्षमताओं के बारे में उत्सुक था

सेक्स समस्याएं: महिला और पुरुष को झेलनी पड़ती हैं ये परेशानियां

स्वस्थ सेक्स का आपकी जीवनशैली से गहरा रिश्ता होता है. आज के समय में तनाव भरी जीवनशैली के कारण सेक्स समस्याएं बढ़ती जा रही हैं. अगर आप तनाव में हैं तो जाहिर है आप सेक्स का आनंद नही ले सकते और इसका आपके रिश्तों पर भी नकारात्मक असर पड़ने लगता है.

वैसे भारत में सेक्स समस्या बढ़ने की मुख्य वजह है लोगों में सेक्स के प्रति जागरूकता की कमी. लोग डॉक्टर व काउंसलर से सेक्स समस्याओं के बारे में खुल कर बात करने में संकोच करते हैं. महिलाओं और पुरुषों में कुछ सामान्य सेक्स समस्याएं होती हैं जिनसे लोग आमतौर पर ग्रस्त रहते हैं.

-यहां हम आपको बता रहे हैं सेक्स संबंधी 10 समस्याएं.

1. पुरुषों की सेक्स समस्याएं

  • पुरुष के लिंग में उत्तेजना न आना, उत्तेजना आकर शीघ्र ही खत्म हो जाना, उत्तेजना आते ही semen (वीर्य) निकल जाना आदि पुरूषों में आम सेक्स समस्याएं हैं.
  • पुरूषों का स्त्री के सामने आते ही घबरा जाना, semen निकल जाना इत्यादि सेक्स समस्याओं के तहत ही आता है. इस समस्या की वजह से अक़्सर पुरूष स्त्री से दूर-दूर भागने लगते हैं और अपनी बीमारी को छिपाने की कोशिश करते हैं.
  • पुरुष के semen में शुक्राणु होते हैं. ये शुक्राणु ही गर्भ धारण के लिये जिम्मेदार होते हैं. semen में इन शुक्राणुओं की संख्या कम होने से महिला गर्भवति नहीं हो पाती. शुक्राणु की कमी को ओलिगोस्पर्मिया कहते हैं जो पुरूषों में होने वाली एक गंभीर सेक्स समस्या है.
  • कई पुरूषों के semen में शुक्राणुओं ही नहीं होते, इस स्थिति को एज़ूस्पर्मिया कहा जाता है. इस समस्या के होने पर पुरुष संतान पैदा करने योग्य नहीं होते हैं. यह भी पुरूषों के लिए एक गंभीर सेक्स समस्या है.
  • पुरूषों में उम्र के बढ़ने के साथ टेस्टोस्टेरोन नामक हार्मोन का स्तर कम हो जाता है और इसके कारण सेक्स इच्छा में कमी भी हो जाती है.

2. महिलाओं की सेक्स समस्याएं

  • महिलाओं को सबसे अधिक शिकायत यौनेच्छा की कमी होती है. कई महिलाओं की सेक्स करने में बिल्कुल भी रूचि नहीं होती. उनकी सेक्स भावना बिल्कुल खत्म हो चुकी होती है जो कि एक गंभीर सेक्स समस्या है. कई बार ये स्थिति मेनोपोज के बाद आती है लेकिन कई महिलाओं में मेनोपोज से पहले ही सेक्स के प्रति इच्छा ख़त्म हो जाती है.
  • योनि से सफेद, चिपचिपा गाढ़ा स्राव होना आज युवावस्था की महिलाओं के लिए भी आम समस्या हो गई है. सामान्य भाषा में इसे सफेद पानी यानी ल्यूकोरिया कहा जाता है.
  • कई कारणों से महिलाओं को योनि में itching (खुजली) होने लगती है. इसके कई कारण होते हैं जैसे इन्फेक्शन, ठीक से सफाई न होना, रोज़ाना कब्ज रहना. इसके अलवा संभोग करने वाले व्यक्ति के यौनांगों में इन्फेक्शन से भी ये समस्या हो जाती है.
  • कई बार प्यूबिक हेयर्स की ठीक से सफाई न करने से उसमें मौजूद कीटाणु योनि मार्ग में चले जाते हैं जिससे योनि गर्भाशय संबंधी समस्याएं पैदा हो जाती हैं. इसीलिये यौनांगों की ठीक तरह से सफाई बेहद ज़रुरी है.
  • कई बार स्तनों में दर्द होने पर लड़कियां इसे आम बीमारी समझ कर लापरवा‍ही करती हैं लेकिन ये दर्द बढ़कर स्तन कैंसर का रूप भी ले सकता है. इसीलिए किसी भी तरह के बड़े ख़तरे को टालने के लिए जरूरी है डॉक्टर की सही समय पर सलाह लेना.

मैं 12वीं में पढ़ती हूं. हमारे घर में ऊपर की मंजिल पर एक पति-पत्नी रहते हैं जो…

सवाल…

मैं 12वीं में पढ़ती हूं. हमारे घर में ऊपर की मंजिल पर एक पति-पत्नी रहते हैं जो आए दिन झगड़ते रहते हैं. उन के चीखने-चिल्लाने की आवाजें इतनी तेज होती हैं कि मैं पढ़ना तो दूर सहम जाती हूं. माता-पिता से बात करती हूं तो वे किराए की दुहाई दे कर मुझे चुप रहने के लिए कहते हैं. इस से  मेरा पढ़ाई में मन नहीं लगता है. मैं क्या करूं?

जवाब…

आप अपने माता-पिता को समझाएं कि किराए से ज्यादा अहम आप की पढ़ाई व कैरियर है. अगर आप लोग  किराएदार हैं तो मकान बदल लें और खुद मकान मालिक?हैं तो दूसरा किराएदार रख लें. अगर कलह के चलते आप का रिजल्ट बिगड़ा तो उस की जिम्मेदारी  लेने कोई आगे नहीं आएगा. वैसे भी कलह के दूसरे भी नुकसान होते हैं, इसलिए झगड़ालू पड़ोसियों से दूर चले जाना ही बेहतर है?.

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