लुब्रिकैंट अपनाएं, सैक्स को मजेदार बनाएं

Sex News in Hindi: शादीशुदा जिंदगी को कामयाब व सुख से भरा बनाने के लिए जहां विश्वास, प्यार, समर्पण और तालेमल का अहम रोल रहता है, वहीं सैक्स (Sex) भी खास अहमियत रखता है. सैक्स संबंध पतिपत्नी को शारीरिक (Physical) ही नहीं, मानसिक (Mentally) रूप से भी एकदूसरे के करीब लाते हैं. अगर पतिपत्नी के बीच कामयाब सैक्स नहीं हो पाता है, तो शादीशुदा जिंदगी (Marriage Life) एक समय में आ कर बोझ सी बन जाती है. सैक्स को खुशनुमा बनाने में जहां एकांत, तनावरहित (Stressless) माहौल व पतिपत्नी (Husband Wife) का मूड में रहना जरूरी होता है, वहीं सैक्स को मजेदार बनाने और दूसरी परेशानियों से बचने के लिए लुब्रिकैंट (lubricant) का भी अहम रोल होता है.

आमतौर पर फोरप्ले के दौरान पतिपत्नी के अंगों में कुदरती तौर से ही लुब्रिकैंट बनना शुरू हो जाता है, लेकिन कुछ मामलों में बाहर के लुब्रिकैंट इस्तेमाल कर के सैक्स का मजा लेना पड़ता है.

औरतों में लुब्रिकैंट की मात्रा का लैवल इन हालात पर निर्भर करता है:

माहवारी के दौरान

माहवारी के समय एस्ट्रोजन हार्मोन औरतों के निजी अंगों के लुब्रिकेशन को गड़बड़ा देता है, जबकि ओवुलेशन के समय यह सब से ज्यादा होता है.

उम्र

रजोनिवृत्ति का समय निकल जाने के बाद औरतों को जोश में आने में काफी समय लगता है. ऐसा एस्ट्रोजन का लैवल कम हो जाने के चलते होता है.

तनाव

तनाव किसी भी संबंध को खराब करने का काम करता है. तनाव के चलते औरतों में सैक्स का जोश कम हो जाता है. इस के अलावा एकाग्रता, खून के दौरे और वेजाइना में नमी बनाए रखने में परेशानी होती है.

सैक्स के समय होने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए डाक्टर भी बाहरी लुब्रिकैंट को इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं. वैसे तो बाजार में कई तरह के लुब्रिकैंट मौजूद हैं लेकिन इन का इस्तेमाल औरतों की शारीरिक जरूरत के आधार पर ही करना चाहिए.

लुब्रिकैंट के बारे में कुछ अहम जानकारी:

तेल वाले लुब्रिकैंट

बेबी औयल, पैट्रोलियम वाली क्रीम या त्वचा पर लगाने वाली क्रीम तेल वाले लुब्रिकेट होते हैं. लेकिन इन के इस्तेमाल करने से कई बार वेजाइनल संक्रमण के खतरे बढ़ जाते हैं. सैक्स के बाद जब भी वेजाइना को साफ किया जाता है तो औयल ठीक से धुल नहीं पाता है और आगे चल कर यही फंगल या बैक्टीरियल इंफैक्शन का रूप लेने लगता है, जिस से वेजाइना में खुजली, बारबार पेशाब आना और दर्द जैसी समस्याएं होने लगती हैं. इस के अलावा घरों में लंबे समय तक रखने पर कई बार इन की क्वालिटी में भी खराबी आ जाती है. साथ ही, ये शुक्राणुओं की क्वालिटी में भी कमी ला सकते हैं. तेल वाले लुब्रिकैंट से कंडोम के फटने का भी खतरा होता है, जिस से अनचाहे बच्चे के ठहरने का भी डर बना रहता है.

पानी वाले लुब्रिकैंट

इस तरह के लुब्रिकैंट के लिए बाजार में कई तरह की चीजें मौजूद हैं. इन में नमक का लैवल कम होता है और औरत की प्रजनन ताकत पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता है. इस के अलावा ये संवेदनशील त्वचा पर भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं.

सिलिकौन वाले लुब्रिकैंट

ये पानी वाले लुब्रिकैंट से भी ज्यादा महफूज होते हैं. इस के साथ ही इस के इस्तेमाल से त्वचा ज्यादा नरम और मुलायम हो जाती है.

ध्यान रखने वाली बातें

लुब्रिकैंट का इस्तेमाल करने से पहले इस बात का ध्यान रखें कि आप इन लुब्रिकैंट का इस्तेमाल अपने शरीर के संवेदनशील हिस्सों पर कर रहे हैं, इसलिए हमेशा ऐसे लुब्रिकैंट का इस्तेमाल करें जिस से आप की त्वचा को नुकसान न पहुंचे.

लुब्रिकेशन में कुछ जोड़े थूक का इस्तेमाल करते हैं. थूक में कीटाणुओं की भरमार होती?है, जो आसानी से वेजाइना में जा कर बैक्टीरियल इंफैक्शन की समस्या पैदा कर सकते हैं. इस के इस्तेमाल से जननांगों में होने वाली हरपीज और यीस्ट इंफैक्शन जैसी खतरनाक बीमारियों का भी डर बना रहता है.

फ्लेवरफ्री लुब्रिकैंट के इस्तेमाल से सैक्स सुख भले ही मिल जाए लेकिन वेजाइना में सूखेपन की समस्या हो जाती है. जब जोड़ा एकसाथ नहा रहा हो तो कंडीशनर या बौडी जैल जैसी चीजें चरम सुख पाने के लिए उस एक पल के लिए सुखद जरूर लगती हैं, पर उस के बाद वेजाइना में परेशानी हो सकती है.

कैसे करें इस्तेमाल

लुब्रिकैंट का इस्तेमाल करना या न करना केवल जोड़ों की निजी इच्छा पर निर्भर करता है. अगर लुब्रिकैंट पहली बार इस्तेमाल किया जा रहा है तो सब से पहले थोड़ी मात्रा में लुब्रिकैंट को खरीद कर इस के असर को देखें, फिर इस की बड़ी मात्रा खरीदें. लुब्रिकैंट को अपने बिस्तर के पास ही रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर इस का इस्तेमाल किया जा सके. याद रखें, सैक्स का मजा बढ़ाने के लिए सब से पहले थोड़ी मात्रा में ले कर इस का इस्तेमाल करें.

मैं अपने स्टूडेंट के साथ सेक्स करना चाहती हूं, मैं क्या करूं?

सवाल

मेरी जिंदगी में एक लड़का आया है जो मुझ से कम उम्र का है. वह मुझे बहुत चाहता है. वह मेरे पास मैथ्स की क्लासेज लेने आता था. धीरे-धीरे हमारे बीच अजीब सा आकर्षण पैदा हुआ. मैं मानती हूं कि यह गलत है, क्योंकि मैं शादीशुदा हूं. मगर मैं स्वयं नहीं जानती कि ऐसा कैसे हो गया. आप ही बताएं, मैं क्या करूं?

जवाब

आप के और उस लड़के के बीच आकर्षण का पैदा होना स्वाभाविक प्रक्रिया है. विपरीतलिंगी व्यक्ति के साथ जब आप समय बिताते हैं तो सहज ही आप के बीच ऐसा रिश्ता कायम हो सकता है. मगर इस रिश्ते को आप को अपने जीवन की गलती नहीं बनानी चाहिए.

आप का अपना परिवार है. यह संबंध परिवारों में तनाव पैदा कर सकता है. उस लड़के से आप कम से कम मिलें. उस के साथ सिर्फ हैल्दी फ्रैंडशिप का रिश्ता रखें.

कुछ महिलाएं इस वजह से भी अपने से कम उम्र के पुरुषों के प्रति आकर्षित हो जाती हैं क्योंकि वे अपने पति की बढ़ती उम्र, उदासीनता और सपाट रवैए से नाखुश रहने लगती हैं. यदि ऐसा है तो अपने पति से इस संदर्भ में बात करें. इस प्रकार का दिल का संबंध आमतौर पर तर्क व व्यावहारिकता नहीं देखता और नितांत प्राकृतिक है. आप अपराधबोध नहीं रखेंगी तो ज्यादा खुश रहेंगी.

कैसा था उस लड़की का खुमार

दरवाजा खुला. जिस ने दरवाजा खोला, उसे देख कर चंद्रम हैरान रह गया. वह अपने आने की वजह भूल गया. वह उसे ही देखता रह गया.

वह नींद में उठ कर आई थी. आंखों में नींद की खुमारी थी. उस के ब्लाउज से उभार दिख रहे थे. साड़ी का पल्लू नीचे गिरा जा रहा था. उस का पल्लू हाथ में था. साड़ी फिसल गई. इस से उस की नाभि दिखने लगी. उस की पतली कमर मानो रस से भरी थी.

थोड़ी देर में चंद्रम संभल गया, मगर आंखों के सामने खुली पड़ी खूबसूरती को देखे बिना कैसे छोड़ेगा? उस की उम्र 25 साल से ऊपर थी. वह कुंआरा था. उस के दिल में गुदगुदी सी पैदा हुई.

वह साड़ी का पल्लू कंधे पर डालते हुए बोली, ‘‘आइए, आप अंदर आइए.’’

इतना कह कर वह पलट कर आगे बढ़ी. पीछे से भी वह वाकई खूबसूरत थी. पीठ पूरी नंगी थी.

उस की चाल में मादकता थी, जिस ने चंद्रम को और लुभा दिया था. उस औरत को देखने में खोया चंद्रम बहुत मुश्किल से आ कर सोफे पर बैठ गया. उस का गला सूखा जा रहा था.

उस ने बहुत कोशिश के बाद कहा, ‘‘मैडम, यह ब्रीफकेस सेठजी ने आप को देने को कहा है.’’

चंदम ने ब्रीफकेस आगे बढ़ाया.

‘‘आप इसे मेज पर रख दीजिए. हां, आप तेज धूप में आए हैं. थोड़ा ठंडा हो जाइएगा,’’ कहते हुए वह साथ वाले कमरे में गई और कुछ देर बाद पानी की बोतल, 2 कोल्ड ड्रिंक ले आई और चंद्रम के सामने वाले सोफे पर बैठ गई.

चंद्रम पानी की बोतल उठा कर सारा पानी गटागट पी गया. वह औरत कोल्ड ड्रिंक की बोतल खोलने के लिए मेज के नीचे रखे ओपनर को लेने के लिए झुकी, तो फिर उस का पल्लू गिर गया और उभार दिख गए. चंद्रम की नजर वहीं अटक गई.

उस औरत ने ओपनर से कोल्ड ड्रिंक खोलीं. उन में स्ट्रा डाल कर चंद्रम की ओर एक कोल्ड ड्रिंक बढ़ाई.

चंद्रम ने बोतल पकड़ी. उस की उंगलियां उस औरत की नाजुक उंगलियों से छू गईं. चंद्रम को जैसे करंट सा लगा.

उस औरत के जादू और मादकता ने चंद्रम को घायल कर दिया था. वह खुद को काबू में न रख सका और उस औरत यानी अपनी सेठानी से लिपट गया. इस के बाद चंद्रम का सेठ उसे रोजाना दोपहर को अपने घर ब्रीफकेस दे कर भेजता था. चंद्रम मालकिन को ब्रीफकेस सौंपता और उस के साथ खुशीखुशी हमबिस्तरी करता. बाद में कुछ खापी कर दुकान पर लौट आता. इस तरह 4 महीने बीत गए.

एक दोपहर को चंद्रम ब्रीफकेस ले कर सेठ के घर आया और कालबेल बजाई, पर घर का दरवाजा नहीं खुला. वह घंटी बजाता रहा. 10 मिनट के बाद दरवाजा खुला.

दरवाजे पर उस की सेठानी खड़ी थी, पर एक आम घरेलू औरत जैसी. आंचल ओढ़ कर, घूंघट डाल कर.

उस ने चंद्रम को बाहर ही खड़े रखा और कहा, ‘‘चंद्रम, मुझे माफ करो. हमारे संबंध बनाने की बात सेठजी तक पहुंच गई है. वे रंगे हाथ पकड़ेंगे, तो हम दोनों की जिंदगी बरबाद हो जाएगी.

‘‘हमारी भलाई अब इसी में है कि हम चुपचाप अलग हो जाएं. आज के बाद तुम कभी इस घर में मत आना,’’ इतना कह कर सेठानी ने दरवाजा बंद कर दिया.

चंद्रम मानो किसी खाई में गिर गया. वह तो यह सपना देख रहा था कि करोड़पति सेठ की तीसरी पत्नी बांहों में होगी. बूढ़े सेठ की मौत के बाद वह इस घर का मालिक बनेगा. मगर उस का सपना ताश के पत्तों के महल की तरह तेज हवा से उड़ गया. ऊपर से यह डर सता रहा था कि कहीं सेठ उसे नौकरी से तो नहीं निकाल देगा. वह दुकान की ओर चल दिया.

सेठानी ने मन ही मन कहा, ‘चंद्रम, तुम्हें नहीं मालूम कि सेठ मुझे डांस बार से लाया था. उस ने मुझ से शादी की और इस घर की मालकिन बनाया. पर हमारे कोई औलाद नहीं थी. मैं सेठ को उपहार के तौर पर बच्चा देना चाहती थी. सेठ ने भी मेरी बात मानी. हम ने तुम्हारे साथ नाटक किया. हो सके, तो मुझे माफ कर देना.’ इस के बाद सेठानी ने एक हाथ अपने बढ़ते पेट पर फेरा. दूसरे हाथ से वह अपने आंसू पोंछ रही थी.

मेरे प्रेमी ने शादी करने का वादा कर के मेरे साथ संबंध बना लिए थे पर अब वह शादी करने से मना कर रहा है, मैं क्या करुं?

सवाल
मेरे प्रेमी ने शादी करने का वादा कर के मेरे साथ हमबिस्तरी कर ली थी, मगर अब वह शादी करने से मना कर रहा है. मुझे क्या करना चाहिए?

जवाब
आप का प्रेमी धोखेबाज है. उस ने चालाकी से आप का इस्तेमाल किया है. आप फौरन उस बेईमान से नाता तोड़ लें और आइंदा उस की मीठी बातों में न आएं. अगर आप में जरा भी समझ है, तो अब शादी से पहले किसी के साथ हमबिस्तरी न करें.

ये भी पढ़ें…

इंसान में सेक्स करने की इच्छा बहुत ही स्वाभिक होती है. एक खास उम्र में तो इसका जुनून ही सवार रहता है लेकिन ज्यादातर लोगों को सेक्स के बारे में सही जानकारी ही नहीं होती. इसे लेकर कई तरह के भ्रम भी रहते हैं जिसका मुख्य कारण होता है सेक्स के बारे में सही जानकारी न होना.

सेक्स संबंधी भ्रम के कारण जहां लोग इसका आनंद नही उठा पाते वहीं कई बार संबंधों में दरार पड़ जाती है और कभी कभी तो अज्ञानता की वजह से बीमारियां भी हो जाती हैं. आइए हम आपको बताते हैं क्या हैं सेक्स संबंधी भ्रम और सच्चाई.

  1.  भ्रम – ओरल सेक्स से कोई खतरा नही होता है. पुरुष हमेशा सेक्स के लिए तैयार रहते हैं.

सच्चाई – ओरल सेक्स से सेक्सुअली ट्रांसमिटेड बीमारियों के फैलने का अधिक खतरा होता है. ओरल सेक्स के दौरान अगर मुंह या गले में कही कटा हो तो बीमारियों के होने का खतरा होता है. तनाव और थकान की वजह से अक्सर पुरष की रुचि सेक्स में कम होने लगती है. एक रिसर्च के अनुसार 14 फीसदी पुरुष सेक्स के बारे में हर 7 मिनट में सोचते हैं.

2. भ्रम- साइज मैटर नही करता है. फोरप्ले नही करना चाहिए.

सच्चाई- लिंग के साइज़ को लेकर आम धारणा है कि इसकी अच्छे सेक्स और पार्टनर को संतुष्ट करने में अहम भूमिका होती है लेकिन ये एकदम गलत है. साइज का सेक्स संबंध पर कोई असर नहीं होता. सेक्स के दौरान जरूरी है कि आप अपने पार्टनर की भावनाओं को समझें. सेक्स का आनंद लेने के लिए फोरप्ले बहुत जरूरी है. फोरप्ले के सही तरीके अपनाकर आप अपने पार्टनर को खुश कर सकते हैं.

3. भ्रम- प्रीमेच्योर इजेकुलेशन (शीघ्रपतन) बीमारी नही है. सेक्स के आसन नही करने चाहिए.

सच्चाई- यह बीमारी पुरुषों में सबसे सामान्य है. सेक्स के लिए तैयार होते वक्त फोरप्ले के दौरान ही अगर सीमन बाहर आता है तो इसे प्रीमेच्योर इजैकुलेशन कहते हैं. ऐसी स्थित में पुरुष अपनी महिला पार्टनर को संतुष्ट नही कर पाता है. सेक्स संबंध बनाते वक्त विभिन्न तरीके के आसनों को किया जा सकता है. लेकिन सुरक्षित और आसान आसनों का ही प्रयोग कीजिए.

4. भ्रम– सेक्स के दौरान सेक्स पॉवर बढ़ाने वाली दवाओं का प्रयोग करना चाहिए.

सच्चाई- बाजारों में मिलने वाली विभिन्न प्रकार की दवाओं का प्रयोग करके कुछ समय के लिए आप अपनी सेक्स क्षमता को बढ़ा सकते हैं लेकिन इन दवाओं का साइड इफेक्ट ज्यादा होता है. इसलिए इन दवाओं का प्रयोग नहीं करना चाहिए और अच्छे डॉक्टर की ही सलाह पर इसका इस्तेमाल करें.

5. भ्रम- गर्भावस्था के दौरान सेक्स नही करना चाहिए. मेनोपॉज के बाद महिलाओं की सेक्स लाइफ समाप्त हो जाती है.

सच्चाई- गर्भावस्था के दौरान भी सेक्स संबंध बनाये जा सकते हैं. लेकिन गर्भावस्था की निश्चित अवधि के बाद सेक्स बिलकुल नही करना चाहिए. मेनोपॉज बंद होने के बाद भी महिलाएं सेक्स संबंध बना सकती हैं. मेनोपौज बंद होने का मतलब यह नही कि महिलाओं की सेक्स लाइफ समाप्त हो गई.

6. भ्रम- खान-पान का सेक्स लाइफ पर असर नहीं होता है.

सच्चाई- जी नहीं, खान-पान का सेक्स लाइफ पर पूरा असर पड़ता है. सेक्स पावर आपकी डाइट चार्ट पर निर्भर करती है. अगर आप हेल्थी और पोषणयुक्त भोजन करते हैं तो आपकी सेक्स पॉवर ज्यादा होगी.

मैंने भाभी की बहन के साथ संबंध बनाए हैं, पर उसका किसी और से भी रिश्ता है, मैं क्या करूं?

सवाल
मैं 23 साल का हूं और भाभी की चचेरी बहन से प्यार करता था. उस के साथ 7 बार जिस्मानी रिश्ता भी बना चुका हूं, पर वह किसी और लड़के के साथ भी हमबिस्तर हो चुकी है, इसलिए मैं ने उस से बोलना छोड़ दिया है. मगर सोते वक्त उस की याद आती है. मैं क्या करूं?

जवाब
जब आप बिना शादी के किसी को हमबिस्तर बनाएंगे, तो यह होगा ही. अगर आप उसे जैसी है वैसी अपना सकते हैं, तो ज्यादा एतराज करे बिना दोस्ती बनाए रखें.

ये भी पढ़ें…

सेठ मंगतराम अपने दफ्तर में बैठे फाइलों में खोए हुए थे, तभी फोन की घंटी बजने से उन का ध्यान टूट गया. फोन उन के सैक्रेटरी का था. उस ने बताया कि अनीता नाम की एक औरत आप से मिलना चाहती है. वह अपनेआप को दफ्तर के स्टाफ रह चुके रमेश की विधवा बताती है.

सेठ मंगतराम ने कुछ पल सोच कर कहा, ‘‘उसे अंदर भेज दो.’’

सैक्रेटरी ने अनीता को सेठ के केबिन में भेज दिया. सेठ मंगतरात अपने काम में बिजी थे कि तभी एक मीठी सी आवाज से वे चौंक पड़े. दरवाजे पर अनीता खड़ी थी. उस ने अंदर आने की इजाजत मांगी. सेठ उसे भौंचक देखते रह गए.

अनीता की न केवल आवाज मीठी थी, बल्कि उस की कदकाठी, रंगरूप, सलीका सभी अव्वल दर्जे का था.

सेठ मंगतराम ने अनीता को बैठने को कहा और आने की वजह पूछी. अनीता ने उदास सूरत बना कर कहा, ‘‘मेरे पति आप की कंपनी में काम करते थे. मैं उन की विधवा हूं. मेरी रोजीरोटी का कोई ठिकाना नहीं है. अगर कुछ काम मिल जाए, तो आप की मेहरबानी होगी.’’

सेठ मंगतराम ने साफ मना कर दिया. अनीता मिन्नतें करने लगी कि वह कोई भी काम कर लेगी.

सेठ ने पूछा, ‘‘कहां तक पढ़ी हो?’’

यह सुन कर अनीता ने अपना सिर झुका लिया.

सेठ मंगतराम ने कहा, ‘‘मेरा काम सर्राफ का है, जिस में हर रोज करोड़ों रुपए का लेनदेन होता है. मैं यह नहीं समझ पा रहा हूं कि तुम्हें कहां काम दूं? खैर, तुम कल आना. मैं कोई न कोई इंतजाम कर दूंगा.’’

अनीता दूसरे दिन सेठ मंगतराम के दफ्तर में आई, तो और ज्यादा कहर बरपा रही थी. सभी उसे ही देख रहे थे. सेठ भी उसे देखते रह गए.

अनीता को सेठ मंगतराम ने रिसैप्शनिस्ट की नौकरी दे दी और उसे मौडर्न ड्रैस पहनने को कहा.

अनीता अगले दिन से ही मिनी स्कर्ट, टीशर्ट, जींस और खुले बालों में आने लगी. देखते ही देखते वह दफ्तर में छा गई.

अनीता ने अपनी अदाओं और बरताव से जल्दी ही सेठ मंगतराम का दिल जीत लिया. उस का ज्यादातर समय सेठ के साथ ही गुजरने लगा और कब दोनों की नजदीकियां जिस्मानी रिश्ते में बदल गईं, पता नहीं चला.

अनीता तरक्की की सीढि़यां चढ़ने लगी. कुछ ही समय में वह सेठ मंगतराम के कई राज भी जान गई थी. वह सेठ के साथ शहर से बाहर भी जाने लगी थी.

सेठ मंगतराम का एक बेटा था. उस का नाम राजीव था. वह अमेरिका में ज्वैलरी डिजाइन का कोर्स कर रहा था. अब वह भारत लौट रहा था.

सेठ मंगतराम ने अनीता से कहा, ‘‘आज मेरी एक जरूरी मीटिंग है, इसलिए तुम मेरे बेटे राजीव को लेने एयरपोर्ट चली जाओ.’’

अनीता जल्दी ही एयरपोर्ट पहुंची, पर उस ने राजीव को कभी देखा नहीं था, इसलिए वह एक तख्ती ले कर रिसैप्शन काउंटर पर जा कर खड़ी हो गई.

राजीव उस तख्ती को देख कर अनीता के पास पहुंचा और अपना परिचय दिया.

अनीता ने उस का स्वागत किया और अपना परिचय दिया. उस ने राजीव का सामान गाड़ी में रखवाया और उस के साथ घर चल दी.

राजीव खुद बड़ा स्मार्ट था. वह भी अनीता की खूबसूरती से प्रभावित हुए बिना नहीं रह सका. अनीता का भी यही हालेदिल था.

घर पहुंच कर राजीव ने अनीता से कल दफ्तर में मुलाकात होने की बात कही.

अगले दिन राजीव दफ्तर पहुंचा, तो सारे स्टाफ ने उसे घेर लिया. राजीव भी उन से गर्मजोशी से मिल रहा था, पर उस की आंखें तो किसी और को खोज रही थीं, लेकिन वह कहीं दिख नहीं रही थी.

राजीव बुझे मन से अपने केबिन में चला गया, तभी उसे एक झटका सा लगा.

अनीता राजीव के केबिन में ही थी. वह अनीता से न केवल गर्मजोशी से मिला, बल्कि उस के गालों को चूम भी लिया.

आज भी अनीता गजब की लग रही थी. उस ने राजीव के चूमने का बुरा नहीं माना.

इसी बीच राजीव के पिता सेठ मंगतराम वहां आ गए. उन्होंने अनीता से कहा, ‘‘तुम मेरे बेटे को कंपनी के बारे में सारी जानकारी दे दो.’’

अनीता ने ‘हां’ में जवाब दिया.

मंगतराम ने आगे कहा, ‘‘अनीता, आज से मैं तुम्हारी टेबल भी राजीव के केबिन में लगवा देता हूं, ताकि राजीव को कोई दिक्कत न हो.’’

इस तरह अनीता का अब ज्यादातर समय राजीव के साथ ही गुजरने लगा. इस वजह से उन दोनों के बीच नजदीकियां भी बढ़ने लगीं.

आखिरकार एक दिन राजीव ने ही पहल कर दी और बोला, ‘‘अनीता, मैं तुम से प्यार करने लगा हूं. क्या हम एक नहीं हो सकते?’’

अनीता यह सुन कर मन ही मन बहुत खुश हुई, पर जाहिर नहीं किया. कुछ देर चुप रहने के बाद वह बोली, ‘‘राजीव, तुम शायद मेरी हकीकत नहीं जानते हो. मैं एक विधवा हूं और तुम से उम्र में भी 4-5 साल बड़ी हूं. यह कैसे मुमकिन है.’’

राजीव ने कहा, ‘‘मैं ऐसी बातों को नहीं मानता. मैं अपने दिल की बात सुनता हूं. मैं तुम्हें चाहता हूं…’’ इतना कह कर राजीव अचानक उठा और अनीता को अपनी बांहों में भर लिया. अनीता ने भी अपनी रजामंदी दे दी.

राजीव और अनीता अब खूब मस्ती करते थे. बाहर खुल कर, दफ्तर में छिप कर. राजीव अनीता पर बड़ा भरोसा करने लगा था. उस ने भी अनीता को अपना राजदार बना लिया था.

इस तरह कुछ ही दिनों में अनीता ने कंपनी के मालिक और उस के बेटे को अपनी मुट्ठी में कर लिया. अनीता ने अपने जिस्म का पासा ऐसा फेंका, जिस में बापबेटे दोनों उलझ गए.

अनीता ने सेठ मंगतराम के घर पर भी अपना सिक्का जमा लिया था. उस ने सेठजी की पत्नी व नौकरों पर भी अपना जादू चला दिया. वह अपने हुस्न के साथसाथ अपनी जबान का भी जादू चलाती थी.

एक दिन राजीव ने अनीता से कहा, ‘‘मैं तुम से शादी करना चाहता हूं.’’

अनीता बोली, ‘‘मैं भी तुम्हें पसंद करती हूं, पर सेठजी ने तो तुम्हारे लिए किसी अमीर घराने की लड़की पसंद की है. वे हमारी शादी नहीं होने देंगे.’’

राजीव बोला, ‘‘हम भाग कर शादी कर लेंगे.’’

अनीता ने जवाब दिया, ‘‘भाग कर हम कहां जाएंगे? कहां रहेंगे? क्या खाएंगे? सेठजी शायद तुम्हें अपनी जायदाद से भी बेदखल कर दें.’’

अनीता की बातें सुन कर राजीव चौंक पड़ा. वह सोचने लगा, ‘क्या पिताजी इस हद तक नीचे गिर सकते हैं?’

अनीता ने मुसकराते हुए कहा, ‘‘मैं पिछले 2 साल से सेठजी के साथ हूं. जहां तक मैं जान पाई हूं, सेठजी को अपनी दौलत और समाज में इज्जत बहुत प्यारी है. क्यों न ऐसा तरीका निकाला जाए कि सेठजी जायदाद से बेदखल न कर पाएं.’’

राजीव ने पूछा, ‘‘वह कैसे?’’

अनीता ने बताया, ‘‘क्यों न सेठजी के दस्तखत किसी तरह जायदाद के कागजात पर करा लिए जाएं?’’

राजीव बोला, ‘‘यह कैसे मुमकिन है? पिताजी कागजात नहीं पढ़ेंगे क्या?’’

अनीता बोली, ‘‘सेठजी मुझ पर काफी भरोसा करते हैं. दस्तखत कराने की जिम्मेदारी मेरी है.’’

कुछ दिनों के बाद अनीता सेठजी के केबिन में पहुंची, तो उन्होंने पूछा, ‘‘बड़े दिन बाद आई हो? क्या तुम्हें मेरी याद नहीं आई?’’

अनीता ने कहा, ‘‘दफ्तर में काफी काम था. आज भी मैं आप के पास काम से ही आई हूं. कुछ जरूरी फाइलों पर आप के दस्तखत लेने हैं.’’

सेठ मंगतराम बुझे मन से बिना पढ़े ही फाइलों पर दस्तखत करने लगे. अनीता ने जायदाद वाली फाइल पर भी उन से दस्तखत करा लिए.

सेठजी ने अनीता से कहा, ‘‘कुछ देर बैठ भी जाओ मेरी जान,’’ फिर उस से पूछा, ‘‘सुना है कि तुम मेरे बेटे से शादी करना चाहती हो?’’

यह सुन कर अनीता चौंक पड़ी, पर कुछ नहीं बोली.

सेठजी ने बताया, ‘‘राजीव की शादी एक रईस घराने में तय कर दी गई है. तुम रास्ते से हट जाओ.’’

अनीता ने कहा, ‘‘सेठजी, मैं अपनी सीमा जानती हूं. मैं ऐसा कोई काम नहीं करूंगी, जिस से मैं आप की नजरों में गिर जाऊं.’’

वैसे, अनीता ने एक शक का बीज यह कह कर बो दिया कि शायद राजीव ने विदेश में किसी गोरी मेम से शादी कर रखी है.

सेठजी अनीता की बातों से चौंक पड़े. यह उन के लिए नई जानकारी थी. उन्होंने अनीता को राजीव से जुड़ी हर बात की जानकारी देने को कहा.

अनीता ने अपनी दस्तखत कराने की योजना की कामयाबी की जानकारी राजीव को दी. वह खुशी से झूम उठा.

राजीव ने अनीता से कहा, ‘‘डार्लिंग, मैं ने कई बार ज्वैलरी डिजाइन की है. इन डिजाइनों की कीमत बाजार में करोड़ों रुपए है. मैं इस के बारे में अपने पिताजी को बताने वाला था, पर अब मैं इस बारे में उन से कोई बात नहीं करूंगा.’’

अनीता ने जब ज्वैलरी डिजाइन के बारे में सुना, तो वह चौंक पड़ी. उस ने मन ही मन एक योजना बना डाली.

एक दिन अनीता सेठजी के केबिन में बैठी थी, तब उस ने चर्चा छेड़ते हुए कहा, ‘‘राजीवजी के पास लेटैस्ट डिजाइन की हुई ज्वैलरी है, जिस की बाजार में बहुत ज्यादा कीमत है. आप का बेटा तो हीरा है.’’

यह सुन कर सेठजी चौंक पड़े और बोले, ‘‘मुझे तो इस बारे में तुम से ही पता चला है. क्या पूरी बात बताओगी?’’

अनीता ने कहा, ‘‘शायद राजीवजी आप से खफा होंगे, इसलिए उन्होंने इस सिलसिले में आप से बात नहीं की.’’

अनीता ने चालाकी से सेठजी के दिमाग में यह कह कर शक का बीज बो दिया कि शायद राजीव अपना कारोबार खुद करेंगे.

सेठ चिंतित हो गए. वे बोले, ‘‘अगर ऐसा हुआ, तो हमारी बाजार में साख गिर जाएगी. इसे रोकना होगा.’’

अनीता ने कहा, ‘‘सेठजी, अगर डिजाइन ही नहीं रहेगा, तो वे खाक कारोबार कर पाएंगे?’’

सेठजी ने पूछा, ‘‘तुम क्या पहेलियां बुझा रही हो? मैं कुछ समझा नहीं?’’

अनीता ने मुसकराते हुए कहा, ‘‘सेठजी, अगर वह डिजाइन किसी तरह आप के नाम हो जाए, तो आप राजीव को अपनी मुट्ठी में कर सकते हैं.’’

‘‘यह होगा कैसे?’’ सेठजी ने पूछा.

अनीता बोली, ‘‘मैं करूंगी यह काम. राजीवजी मुझ पर भरोसा करते हैं. मैं उन से दस्तखत ले लूंगी.’’

सेठजी ने कहा, ‘‘अगर तुम ऐसा कर दोगी, तो मैं तुम्हें मालामाल कर दूंगा.’’

अनीता ने यहां भी पुराना तरीका अपनाया, जो उस ने सेठजी के खिलाफ अपनाया था. राजीव से फाइलों पर दस्तखत लेने के दौरान ज्वैलरी राइट के ट्रांसफर पर भी दस्तखत करा लिए.

सेठ चूंकि सोने के कारोबारी थे, इसलिए काफी मात्रा में सोना व काले धन अपने घर के तहखाने में ही रखते थे, जिस के बारे में उन्होंने किसी को नहीं बताया था. पर बुढ़ापे का प्यार बड़ा नशीला होता है. लिहाजा, उन्होंने अनीता को इस बारे में बता दिया था.

इस तरह कुछ दिन और गुजर गए. एक दिन राजीव ने अनीता से कहा, ‘‘अगले सोमवार को हम कोर्ट में शादी कर लेंगे. तुम ठीक 9 बजे आ जाना.’’

अनीता ने भी कहा, ‘‘मैं दफ्तर से छुट्टी ले लेती हूं, ताकि किसी को शक न हो.’’

फिर अनीता सेठजी के पास गई. उन्हें बताया, ‘‘सोमवार को राजीव कोर्ट में किसी विदेशी लड़की से शादी करने जा रहा है. मुझे उस ने गवाह बनने को बुलाया है.’’

सेठजी गुस्से से आगबबूला हो गए.

तब अनीता ने सेठजी को शांत करते हुए कहा, ‘‘कोर्ट पहुंच कर आप राजीव को एक किनारे ले जा कर समझाएं. शायद वह मान जाए. आप अभी होहल्ला न मचाएं. आप की ही बदनामी होगी.’’

सेठजी ने अनीता से कहा, ‘‘तुम सही बोलती हो.’’

सोमवार को राजीव कोर्ट पहुंच गया और अनीता का इंतजार करने लगा, तभी उस के सामने एक गाड़ी रुकी, जिस में अपने पिताजी को देख कर वह चौंक पड़ा.

सेठजी ने राजीव को एक कोने में ले जा कर समझाया, ‘‘क्यों तुम अपनी खानदान की इज्जत उछाल रहे हो? वह भी दो कौड़ी की गोरी मेम के लिए.’’

यह सुन कर राजीव हंस पड़ा और बोला, ‘‘क्यों नाटक कर रहे हैं आप? मैं किसी गोरी मेम से नहीं, बल्कि अनीता से शादी करने वाला हूं. पता नहीं, वह अभी तक क्यों नहीं आई?’’

अनीता का नाम सुन कर अब चौंकने की बारी सेठजी की थी. उन्होंने कहा, ‘‘क्या बकवास कर रहे हो? अनीता ने मुझे बताया है कि तुम आज एक गोरी मेम से शादी कर रहे हो, जिस के साथ तुम विदेश में रहते थे.’’

राजीव ने झुंझलाते हुए कहा, ‘‘आप क्यों अनीता को बीच में घसीट रहे हैं? मैं उसी से शादी कर रहा हूं.’’

सेठजी को अब माजरा समझ में आने लगा कि अनीता बापबेटों के साथ डबल गेम खेल रही है. उन्होंने राजीव को समझाते हुए कहा, ‘‘बेटे राजीव, वह हमारे बीच फूट डाल कर जरूर कोई गहरी साजिश रच रही है. अब वह यहां कभी नहीं आएगी.’’

राजीव को भी अपने पिता की बातों पर विश्वास होने लगा. उस ने अनीता के घर पर मोबाइल फोन का नंबर मिलाया, पर कोई जवाब नहीं मिला.

दोनों सीधे दफ्तर गए, तो पता चला कि अनीता ने इस्तीफा दे दिया है. दोनों सोचने लगे कि आखिर उस ने ऐसा क्यों किया?

कुछ दिनों के बाद जब सेठजी को कुछ सोने और पैसों की जरूरत हुई, तो वे अपने तहखाने में गए. तहखाना देख कर वे सन्न रह गए, क्योंकि उस में रखा करोड़ों रुपए का सोना और नकदी गायब हो चुकी थी.

सेठजी के तो होश ही उड़ गए. वे तो थाने में शिकायत भी दर्ज नहीं करा सकते थे, क्योंकि वे खुद टैक्स के लफड़े में फंस सकते थे.

सेठजी ने यह सब अपने बेटे राजीव को बताया. राजीव ने कहा, ‘‘कोई बात नहीं. मेरे पास कुछ डिजाइन के कौपी राइट्स हैं, उन्हें बेचने पर काफी पैसे मिलेंगे.’’

पर यह क्या, राजीव जब शहर बेचने गया, तो पता चला कि वे तो 12 महीने पहले किसी को करोड़ों रुपए में बेचे जा चुके हैं.

यह सुन कर राजीव सन्न रह गया. उस पर धोखाधड़ी का केस भी दर्ज हुआ, सो अलग.

सेठजी ने साख बचाने के लिए अपनी कंपनी को गिरवी रखने की सोची, ताकि बाजार से लिया कर्ज चुकाया जा सके.

पर यहां भी उन्हें दगा मिली. एक फर्म ने दावा किया और बाद में कागजात भी पेश किए, जिस के मुताबिक उन्होंने करोड़ों रुपए बतौर कर्ज लिए थे और 4 महीने में चुकाने का वादा किया था.

देखतेदेखते सेठजी का परिवार सड़क पर आ गया. उन्होंने अनीता की शिकायत थाने में दर्ज कराई, पर वह कहां थी किसी को नहीं पता.

पुलिस ने कार्यवाही के बाद बताया कि रमेश की तो शादी ही नहीं हुई थी, तो उस की विधवा पत्नी कहां से आ गई.

आज तक यह नहीं पता चला कि अनीता कौन थी, पर उस ने आशिकमिजाज बापबेटों को ऐसी चपत लगाई कि वे जिंदगीभर याद रखेंगे.

महिलाएं चाहती हैं कि सेक्स के बारे में ये 10 बातें जरूर जानें पुरुष

सेक्स के दौरान क्या आपको भी कभी-कभी नहीं लगता कि काश आपका पार्टनर आपके दिल की बात पढ़ ले? हां, तो आप अकेली ही ऐसी नहीं हैं! यहां हम उन 10 बातों की सूची पेश कर रहे हैं, जिनके बारे में हर महिला चाहती है कि उनका पार्टनर जरूर जानें.

  1. हमें सुरक्षित रहना बहुत पसंद है. तो जब भी हम सेक्स का आनंद ले रहे हों आप इस बात का पूरा ध्यान रखिए कि आपने प्रोटेक्शन का इस्तेमाल किया है.
  2. आपको मालूम होना चाहिए कि सेक्स कोई प्रतियोगिता नहीं है, जिसमें आपको फिनिश लाइन पर पहुंचने की जल्दी है और जैसे हम स्टार्टिंग लाइन पर ही खड़े रहना चाहते हैं. यह साथ-साथ साथ चलने की बात है.
  3. सेक्स एक टू-वे प्रक्रिया है. यदि इसमें हमने आपको किसी खास तरह का सुख दिया है तो हमें भी वैसा ही सुख देना आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए.
  4. यह ठीक है कि कभी-कभार हमें वाइल्ड सेक्स पसंद आता है, पर अक्सर हम इसे पसंद नहीं करते हैं!
  5. साइज हमारे लिए मायने नहीं रखता, पर ये बात जरूर बहुत मायने रखती है कि आपके पास है जो है, आपने उसका सही इस्तेमाल किया है या नहीं.
  6. जब हम बिस्तर पर हों तो हमें आपकी पूर्व प्रेमिका का जिक्र पूरी तरह नापसंद है. जी हां, पूरी तरह.
  7. यदि आप कुछ नया करना चाहते हैं या कोई चीज आपको पसंद नहीं आ रही है तो हमसे बात करें. क्योंकि हमें भी आपकी ही तरह दिमाग पढ़ना नहीं आता.
  8. बिस्तर पर कोई अजीबोगरीब ट्रिक बिना हमारी जानकारी में लाए न करें. वहां बेहूदे सप्राइजेज हमें अच्छे नहीं लगते हैं.
  9. सबसे खास बात ये कि वह सेशन जिसमें हम दोनों सहज और संतुष्ट हों, उससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता. हम बिल्कुल नहीं चाहते हैं कि यह किसी ऐड्वेंचर की तरह हो.
  10. ये जानना बहुत जरूरी है कि हमें सेक्स के बाद का प्यार-दुलार बहुत पसंद है. यदि यह एक औपचारिक रिश्ता है तो हम ऐसा न कर पाना समझ सकते हैं, लेकिन यदि हमें आपके साथ समय बिताते हुए काफी वक्त गुजर चुका है तो हम इस प्यार से क़तई वंचित नहीं रहना चाहते.

अंग का टेढ़ापन : इसे समझना जरूरी है

कबीर ने अपनी परेशानी लिखी, ‘मेरा अंग टेढ़ा है, इसलिए मैं हमबिस्तरी का सुख नहीं ले पा रहा हूं. मैं क्या करूं?’ इसी तरह मोहन का कहना था कि उस का अंग टेढ़ा है. इस वजह से वह अपनी बीवी को खुश नहीं कर पाता है. अंग के टेढे़पन की वजह से हमबिस्तरी करने से पहले ही सफेद लिसलिसा पानी सा निकल जाता है. इस का समाधान बताएं?

करण की शादी होने वाली है. वह अपने अंग के ढीलेपन से परेशान है. करण की परेशानी की वजह उस की होने वाली बीवी है. वह कहता है कि शादी के बाद बीवी को बिस्तर का सुख दे पाऊंगा या नहीं? करण का मानना है कि उस का अंग ढीला है और टेढ़ा भी.

ये कुछ मिसालें हैं. इन लोगों को लगता है कि उन का अंग अपने सही आकारप्रकार में नहीं हैं. इन की तरह ज्यादातर लोग अपने अंग को ले कर परेशान होते हैं. इसी बात का फायदा नीमहकीम और गलीगली में तथाकथित जड़ीबूटियां बेचने वाले झोलाछाप उठाते हैं.

इस की अहम वजह यह भी है कि ऐसे लोग शर्म के मारे डाक्टर के पास नहीं जाते हैं. किसी दोस्त को यह बात बताना भी वे अपनी तौहीन समझते हैं, बल्कि इधरउधर से सैक्स की अधकचरी जानकारी बटोर लेते हैं या कहीं से बेहूदा किताबें खरीद  लेते हैं. ये किताबें बेनामी नुसखों द्वारा लोगों को लूटने का काम करती हैं.

इन किताबों में बचकाने इश्तिहार छपे होते हैं, जिन में लिखा होता है कि आप का अंग टेढ़ा है, तो आप नामर्द हो सकते हैं. इस वजह से आप अपनी बीवी को खुश नहीं कर पाएंगे. अगर आप मर्दाना ताकत पाना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए नंबर पर फोन कर के दवा मंगा सकते हैं. कहीं ऐसा न हो कि आप मौका चूक जाएं और हमेशाहमेशा के लिए अपनी मर्दाना ताकत खो दें.

लुभावने इश्तिहार देख कर नौजवान इन के फेर में जल्दी आ जाते हैं. इसी का फायदा उठा कर ये बेनामी दवा बेच कर लाखों रुपए कमा लेते हैं. ऐसी दवाओं के इस्तेमाल से नौजवानों को फायदा होने के बजाय नुकसान ज्यादा होता है.

अब यह जानने की कोशिश करें कि क्या किसी का अंग वाकई टेढ़ा होता है?

शरीर विज्ञान के मुताबिक, हर शख्स का शरीर व उस के सामान्य अंग अपने आकारप्रकार में सही होते हैं. कुदरत ने इनसानी शरीर के हर अंग को अपनी अलग खूबी दी है. उसी खूबी के मुताबिक वह अपना काम करता है. आंखें सही देख पाती हैं, तो वह अपने रूप, आकारप्रकार में सही हैं. पैर चलने में परेशानी नहीं दे रहे हैं, तो कुदरती रूप से बिलकुल सही हैं.

फिर गुप्त अंग के बारे में यह सोच कहां से पनपी कि वह सही आकारप्रकार में नहीं है? इस की वजह यह है कि ज्यादातर लोग इस बात को ले कर शक पाल लेते हैं. जब कभी अकेले में वे अपने अंग को देखते हैं, तब उस के बारे में सोचते रहते हैं कि अंग लटका हुआ क्यों है? वह इधरउधर टेढ़ामेढ़ा क्यों हिल रहा है? वगैरह.

यह सोच ऐसे लोगों के दिमाग में परेशानी का सबब बन जाती है. तब वे किसी सीधी चीज से अपने अंग की तुलना करने लगते हैं. इस से उन्हें यह भरम हो जाता है कि उन का अंग वाकई टेढ़ा है.

इस बारे में डाक्टरों का कहना है कि हर शख्स का अंग टेढ़ा ही होता है. वह जिस तरह चाहे उस तरह अंग को घुमा सकता है. इस की वजह यह है कि अंग की बनावट ही कुछ इस तरह की होती है.

मर्दाना अंग मांसपेशियों से बना होता है. वह सामान्य हालत में हमेशा लटका हुआ रहता है. जब भी उसे इधरउधर हिलातेडुलाते हैं, तब वह वैसा ही हिलताडुलता रहता है, मानो वह कोई मांस का लोथड़ा हो.

अंग को कितना भी सीधा किया जाए, वह हमेशा टेढ़ा ही रहता है. अगर उसे हाथ से पकड़ कर सीधा किया जाए, तो वह कुछ देर तक ही सीधा रहता है. हाथ से छोड़ते ही फिर वह टेढ़ा हो जाता है.

कुछ लोग सैक्सी फिल्में देख कर यह गलत सोच पाल लेते हैं कि जिस का अंग सीधा होता है, वही ठीक तरह से सैक्स कर सकते हैं. सैक्स का सही मजा लेने के लिए लड़के का अंग सीधा व तना हुआ रहना ज्यादा जरूरी है. इस वजह से वे सोचते हैं कि उन का अंग सीधा होना ज्यादा जरूरी है.

अब हम अंग के स्वभाव के बारे में जानने की कोशिश करें. सामान्य हालत में अंग टेढ़ा ही होता है. टेढ़ापन अंग का स्वभाव है. वह मूल रूप से कभी सीधा नहीं हो सकता है. अगर वह सीधा होगा, तो अपना मूल काम नहीं कर पाएगा.

जब अंग में खून का भराव होता है, तब वह कठोर हो जाता है. तब इस का आकार अपने स्वभाव के हिसाब से गोल और सीधा होता है. वैसे, अंग का मूल काम पेशाब करना व वीर्य निकालना होता है. यह इसी काम के लिए बना हुआ है. अगर यह बिना किसी रुकावट के काम कर रहा है, तो उस का आकारप्रकार सही है.

औरत को तकलीफ न हो, इसलिए आदमी के अंग की बनावट उसी तरह बनाई गई है. वह औरत के अंग में जा कर उसी के हिसाब से अपना आकार बना लेता है. औरत का अंग भी आदमी के अंग के हिसाब से अपने अंग को फैला व सिकोड़ लेता है, तभी आदमीऔरत सैक्स सुख ले पाते हैं.

लिहाजा, मर्दों को यह भरम पालना छोड़ देना चाहिए कि उन का अंग टेढ़ा होता है. यह सोच कर वे अपनी पारिवारिक जिंदगी में आग न लगाएं.

मेरा दोस्त मेरे साथ सैक्स करना चाहता है, पर मैं इसे गलत समझती हूं, बताएं मैं क्या करूं?

सवाल
मैं 28 वर्षीय युवती हूं. 6 सालों से एक युवक से मित्रता है. 2 सालों से हमारे संबंध काफी घनिष्ठ हो गए हैं. हमारी शादी के लिए हमारे परिवार वाले राजी नहीं होंगे और हम घरवालों के खिलाफ नहीं जा सकते. कुछ महीनों से मेरा मित्र मेरे साथ सैक्स करना चाहता है, पर मैं इसे गलत समझती हूं. इसलिए कोई न कोई बहाना कर के बचती रहती हूं. जब भी वह मिलता है बातोंबातों में अपनी इच्छा जाहिर कर देता है. बताएं मैं क्या करूं?

जवाब
इतने सालों तक जिस तरह आप लोग दोस्त रहे हैं उसी तरह इस रिश्ते को चलने दें. जब आप दोनों जानते हैं कि आप को अन्यत्र शादी करनी है तो एकतरफा यह शारीरिक संबंध बना कर अपने लिए मुश्किल क्यों पैदा करना चाहते हैं. लड़का इच्छा जाहिर करता है तो आप मना कर सकती हैं. हो सकता है उसे बुरा लगे. इस से आप की दोस्ती भी प्रभावित हो सकती है. ऐसे में अच्छा यही है कि आप माता पिता को मनाएं.

मेरे संबंध मेरी विधवा भाभी से हो गए हैं जो 2 बच्चों की मां भी है, क्या ऐसा करना ठीक रहेगा?

सवाल
मैं 23 साल का बीए फाइनल का छात्र हूं. इस बीच मेरे संबंध मुझ से 7-8 साल बड़ी मेरी विधवा भाभी से हो गए हैं, जो 2 बच्चों की मां है. घर वाले इस बात से खुश नहीं हैं. भाभी पहले बदमिजाज थीं, पर अब वे सुधर गई हैं. क्या ठीक रहेगा?

जवाब
यह किस्सा गलत है, आपको इस तरह के संबंध बनाने से बचना चाहिए. आप अपनी पढ़ाई में ध्यान लगाइये.

ये भी पढ़ें…

जानिए आखिर महिलाएं सेक्स क्यों करती हैं

महिलाएं किसी पुरुष को आखिर क्‍यों पसंद करती हैं? और ऐसी कौन सी खास बात है जिससे प्रभावित होकर वह किसी पुरुष के साथ सेक्‍सुअल संबंध बनाने के लिए अपने आप को राजी करती हैं? इस तथ्‍य पर रिसर्च करने के बाद टैक्‍सास विवि के मनोविज्ञान विभाग के प्रोफेसर्स सिंडी मेस्टन और डेविड बस ने एक किताब लिखी है. इस किताब का नाम है वौय वुमन हैव सेक्‍स. किताब सेक्‍स संबंधों को लेकर महिलाएं क्‍या सोचती हैं? इस सवाल पर कई रोचक खुलासे करती है, किताब में इस बात के 200 कारण बताए गए है, जिनके चलते महिलाएं किसी पुरुष के साथ सेक्‍सुअल संबंध बनाती हैं या उसे पसंद करती हैं.

टेक्सस यूनिवर्सिटी में साइकौलजी के प्रोफेसर्स सिंडी मेस्टन और डेविड बस की लिखी किताब – वाय वुमेन हेव सेक्स ( महिलाएं सेक्स क्यों करती हैं ) में करीब 200 कारणों को बताया गया है.

रिसर्च के दौरान देखा गया कि ज्यादातर पुरुषों को महिलाएं सेक्सुअली अट्रैक्टिव लगती हैं , जबकि महिलाओं को पुरुषों में ऐसी कोई बात नज़र नहीं आती. रिसर्च के दौरान 1000 महिलाओं का इंटरव्यू किया , जिसमें महिलाओं ने पुरुषों के साथ सोने के अपने कारण बताए.

एक महिला ने बताया – वह सेक्स इसलिए करती है ताकि बोरियत दूर कर सके क्योंकि सेक्स करना लड़ने से कहीं आसान है. जबकि कुछ दूसरी महिलाओं के लिए यह माइग्रेन और सिरदर्द दूर भगाने का उपचार है.

रिसर्च में कुछ महिलाओं ने ऐसी बातें भी कहीं जिन्हें सुनकर हैरानी हो सकती है. कुछ महिलाएं महज दया की वजह से पुरुषों के साथ सोती हैं जबकि कुछ महिलाएं अपने स्वार्थ के लिए सेक्स का इस्तेमाल करती हैं जैसे रुपये – पैसों के लिए और दूसरी कीमतों चीजों को हासिल करने के लिए.

कुछ ने कहा – मैंने किसी पुरुष के साथ इसलिए संबंध बनाए क्योंकि उसने मेरे लिए एक शानदार डिनर का आयोजन किया या उसने मुझ पर काफी रुपये खर्च किए.

यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों पर किए गए इस सर्वे में 10 में से 6 ने माना कि वह आमतौर पर ऐसे पुरुष के साथ सो चुकी हैं जो उनका बौयफ्रेंड नहीं हैं. कुछ ने कहा – वह सेक्स इसलिए करती हैं ताकि अपनी सेक्सुअल परफौर्मंस को इंप्रूव कर सकें. यही बताते हुए एक विद्यार्थी ने कहा – मैंने अपने बौयफ्रेंड के साथ इसलिए सेक्स किया ताकि मैं अपने सेक्सुअल स्किल्स को और बेहतर बना सकूं.

इस रिसर्च में यह भी पता चला कि महिलाएं ऐसे पुरुषों पर ज्यादा आकर्षित होती हैं जो लंबे हों, जिनकी आवाज़ रौबदार हो और जिनके शरीर से मदहोश कर देने वाली महक आती हो.

मेरे बौयफ्रेंड का व्यवहार काफी बदल गया है और मिलने के लिए भी हफ्तों इंतजार करना पड़ता है, क्या करूं?

सवाल
मैं 24 वर्षीय युवती हूं. एक लड़के से पिछले 4 वर्षों से बहुत प्यार करती हूं. कुछ समय पहले तक सब कुछ सही था. वह भी मुझ से पूरी शिद्दत से प्यार करता था. हम ने जीवनभर साथ रहने के सपने देखे थे. हम हर रोज मिलते थे. फोन पर ढेरों बातें करते थे. पर कुछ महीनों से उस के व्यवहार में काफी बदलाव आया है. मिलने के लिए हफ्तों इंतजार करना पड़ता है और आने के बाद उसे लौटने की जल्दी रहती है. इतना ही नहीं, अब पहले की तरह वह खुद फोन भी नहीं करता. पूछने पर अनापशनाप बहाने बनाता है. कहीं व किसी और से तो प्यार नहीं करने लगा? यदि ऐसा हुआ तो क्या होगा? मैं उस के बिना जी नहीं सकती. कृपया बताएं मैं क्या करूं?

जवाब
4 वर्षों का लंबा अरसा काफी होता है. यदि आप को लगता है कि आप का बौयफ्रैंड आप के प्रति कुछ ज्यादा ही बेरुखी दिखा रहा है, आप से मिलने से कतराता है, फोन नहीं करता, तो आप को उस से खुल कर बात करनी चाहिए और यह जानना चाहिए कि उस की उदासीनता की वजह क्या है? हो सकता है कि वह आहत हुआ हो या उस का परिवार इस संबंध को नहीं चाहता हो. आप को मिलबैठ कर बात करनी चाहिए. यदि कोई उलझन है तो उसे आप से साझा करनी चाहिए. वजह जानने के बाद समाधान भी मिल जाएगा. अगर वह छोड़ना चाहे तो तैयार रहना चाहिए.

मुझे एक लड़की से प्यार हो गया है हमने सेक्स भी किया हुआ है, मैं क्या करूं?

सवाल

मुझे एक लड़की से प्यार हो गया है. उस की नानी का घर मेरे पड़ोस में है. काफी पहले मौका पा कर मैं ने उस के साथ सेक्स भी किया था. मुझे यह नहीं पता कि वह भी मुझ से प्यार करती है या नहीं. मैं क्या करूं?

जवाब

आप ने उस के साथ हमबिस्तरी करने की हिम्मत तो कर ली, पर यह पूछने में शर्म आ रही है कि वह आप से प्यार करती है या नहीं. अब जब भी मौका मिले, तो उस से पूछ लें. अगर वह प्यार का इकरार करे तो ठीक है, वरना उस का पीछा करना छोड़ दें.

ये भी पढ़ें- मैं अपने स्टूडेंट के साथ सेक्स करना चाहती हूं, मैं क्या करूं?

क्या आप भी अनचाहे सेक्स की शिकार हैं

दिन ब दिन बलात्कार की घटनाओं में बढ़ोतरी होती जा रही है. इस के कई कारण हैं, जिन में एक है मानसिक हिंसा की प्रवृत्ति का बढ़ना. बलात्कार शब्द से एक लड़की या युवती पर जबरदस्ती झपटने वाले लोगों के लिए हिंसात्मक छवि उभर कर सामने आती है. इस घृणित कार्य के लिए कड़े दंड का भी प्रावधान है. मगर बहुत कम लोग इस बात को जानते हैं कि वैवाहिक जिंदगी में भी बलात्कार वर्जित है और इस के लिए भी दंड दिया जाता है. मगर इसे बलात्कार की जगह एक नए शब्द से संबोधित किया जाता है और वह शब्द है अनचाहा सेक्स संबंध.

आज अनचाहे सेक्स संबंधों की संख्या बढ़ गई है. समाज जाग्रत हो चुका है और अपने शरीर या आत्मसम्मान पर किसी भी तरह का दबाव कोई बरदाश्त नहीं करना चाहता है. इस विषय पर हम ने समाज के विभिन्न वर्ग के लोगों से बातचीत भी की और जानने की कोशिश की कि आखिर क्या है यह अनचाहा सेक्स संबंध?

डा. अनुराधा परब, जो एक प्रसिद्ध समाजशास्त्री हैं, बताती हैं, ‘‘बलात्कार और अनचाहे सेक्स में बहुत महीन सा फर्क है. बलात्कार अनजाने लोगों के बीच हुआ करता है और एक पक्ष इस का सशरीर पूर्ण विरोध करता है. अनचाहा सेक्स परिचितों के बीच होता है और इस में एक पक्ष मानसिक रूप से न चाह कर भी शारीरिक रूप से पूर्णत: विरोध नहीं करता है. सामान्यत: यही फर्क होता है. मगर गहराई से जाना जाए तो बहुत ही सघन भेद होता है. ‘‘अनचाहा सेक्स ज्यादातर पतिपत्नी के बीच हुआ करता है और आजकल प्रेमीप्रेमिका भी इस संबंध की चपेट में आ गए हैं. आधुनिक युग में शारीरिक संबंध बनाना एक आम बात भले ही हो गई हो, फिर भी महिलाएं इस से अभी भी परहेज करती हैं. कारण चाहे गर्भवती हो जाने का डर हो या मानसिक रूप से समर्पण न कर पाने का स्वभाव, मगर अनचाहे सेक्स संबंध की प्रताड़नाएं सब से ज्यादा महिलाओं को ही झेलनी पड़ती हैं.’’

वजह वर्कलोड

एक एडवरटाइजिंग कंपनी में मार्केटिंग मैनेजर के पद पर कार्यरत पारुल श्रीनिवासन, जिन का विवाह 6 साल पहले हुआ था, एक चौंका देने वाला सत्य सामने लाती हैं. वह बताती हैं, ‘‘मैं अपने पति को बेहद प्यार करती हूं. उन के साथ आउटिंग पर भी अकसर जाती रहती हूं, मगर सेक्स संबंधों में बहुत रेगुलर नहीं हूं. इस का कारण जो भी हो, मगर मुझे ऐसा लगता है कि इस का मुख्य कारण है, हम दोनों का वर्किंग  होना. शुरूशुरू में 1 महीना हम दोनों छुट्टियां ले कर हनीमून के लिए हांगकांग और मलयेशिया गए थे. वहां से आने के बाद अपनेअपने कामों में व्यस्त हो गए. रात को बेड पर जाने के बाद सेक्स संबंध बनाने की इच्छा न तो मुझे रहती है, न मेरे पति को. पति कभी आगे बढ़ते भी हैं तो मैं टालने की पूरी कोशिश करती हूं.’’

ये भी पढ़ें- मेरा बौयफ्रेंड मेरी जांघ, पीठ आदि पर हाथ फेरने लगता है जबकि मैं उस से प्रेमभरी बातें करना चाहती हूं, मैं क्या करूं?

कारण की तह तक पहुंचने पर पता चला कि शुरूशुरू के दिनों में पति सेक्स संबंध बनाना चाहता था. मगर पारुल को अपनी मार्केटिंग का वर्कलोड इतना रहता था कि वह उसी में खोई रहती थी. पति के समक्ष अपना शरीर तो समर्पित कर देती थी, मगर मन कहीं और भटकता रहता था. पति को यह प्रक्रिया बलात्कार सी लगती. कई बार समझाने, मनाने की कोशिश भी उस ने की. मगर पारुल हमेशा यही कहती कि आज मूड नहीं बन रहा है. और एक दिन पारुल ने खुल कर कह ही दिया कि वह यदि सेक्स संबंधों में रत होती भी है तो बिना मन और इच्छा के. वह अनचाहा सेक्स संबंध जी रही है. पति को यह बुरा लगा और धीरेधीरे सेक्स के प्रति उसे भी अरुचि होती चली गई.

भयमुक्त करना जरूरी

ऐसी कई पत्नियां हैं, जो अनचाहा सेक्स संबंध बनाने पर विवश हो जाती हैं. मगर तबस्सुम खानम की कहानी कुछ और ही है.  26 वर्षीय तबस्सुम एक टीचर हैं, उन के पति उन से 12 साल बड़े हैं. उन की एक दुकान है. वह बताती हैं, ‘‘जब मैं किशोरी थी, तभी से मुझे सेक्स संबंधों के प्रति भय बना हुआ था. सहेलियों से इस को ले कर सेक्स अनुभव की बातें करती थीं और मुझे सुन कर डर सा लगता था. मैं सहेलियों से कहती थी कि मैं तो अपने शौहर से कहूंगी कि बस मेरे गले लग कर मेरे पहलू में सोए रहें. इस से आगे मैं उन्हें बढ़ने ही नहीं दूंगी. सभी सहेलियां खूब हंसती थीं. जब मेरी शादी हुई तो शौहर हालांकि बड़े समझदार हैं, मगर शारीरिक उत्तेजना की बात करें तो खुद पर संयम नहीं रख पाते हैं.’’

थोड़ा झिझकती हुई, थोड़ा शरमाती हुई तबस्सुम बताती हैं, ‘‘मेरे पति ने मेरे लाख समझाने पर भी सुहागरात के दिन ही मुझे अपनी मीठीमीठी बातों में बहला लिया. उन का यह सिलसिला महीनों चलता रहा, मुझे आनंद का अनुभव तो होता, मगर भय ज्यादा लगता था. मेरा भय बढ़ता गया. जब भी रात होती, मेरे पति बेडरूम में प्रवेश करते, मैं डर से कांप उठती थी. हालांकि मेरे पति के द्वारा कोई भी अमानवीय हरकत कभी नहीं होती. काफी प्यार और भावुकता से वे फोरप्ले करते हुए, आगे बढ़ते थे. मगर मेरे मन में जो डर समाया था, वह निकलता ही न था. 3 महीनों के बाद जब मैं गर्भवती हो गई तो डाक्टर ने हम दोनों के अगले 2 महीनों तक शारीरिक संबंध बनाने पर प्रतिबंध लगा दिया था. मुझे तो ऐसा लगाजैसे एक नया जीवन मिल गया. मेरा बेटा हुआ. इस बीच मैं ने धीरेधीरे पति को अपने डर की बात बता दी और वे भी समझ गए. मेरे पति ने भी परिपक्वता दिखाई और मुझ से दूर रह कर मुझे धीरेधीरे समझाने लगे. वे सेक्स संबंधों को स्वाभाविक और जीवन का एक अंश बताते. अंतत: उन्होंने मेरे मन से भय निकाल ही दिया.’’

इच्छा अनिच्छा का खयाल

विनोद कामलानी, जो एक प्रसिद्ध मनोचिकित्सक हैं, अपना क्लीनिक चलाते हैं, बताते हैं, ‘‘तबस्सुम के मन में बैठा हुआ सेक्स का डर था. बहुत सी लड़कियां इस भय से भयातुर हुआ करती हैं. मगर बहुत कम पति ऐसे होते हैं, जो धीरेधीरे इस भय को निकालते हैं. ऐसे कई केस मेरे पास आते हैं. पुरुषों के भी होते हैं, मगर अनचाहे सेक्स की शिकार ज्यादातर महिलाएं ही हुआ करती हैं.’’ डा. कामलानी के ही एक मरीज तरुण पटवर्धन ने बताया कि उन की शादी को 3 साल हो गए हैं, मगर आज तक उन्होंने अनचाहा सेक्स संबंध ही जीया है.

ये भी पढ़ें- मैं अपनी चाची के साथ सेक्स करना चाहता हूं, मैं क्या करूं?

तरुण के अनुसार, विवाहपूर्व उन का प्रेम अपने पड़ोस की एक लड़की से था. किसी कारणवश शादी नहीं हो पाई, मगर प्रेम अभी भी बरकरार है. उस लड़की ने तरुण की याद में आजीवन कुंआरी रहने की शपथ भी ले रखी है. यही कारण है कि जब भी तरुण अपनी पत्नी से शारीरिक संबंध बनाने की पहल करते हैं, उन की प्रेमिका का चेहरा सामने आ जाता है. उन्हें एक ‘गिल्ट’ महसूस होता है और वे शांत हो कर लेट जाते हैं. वे अपनी पत्नी से यह सब कहना भी नहीं चाहते हैं वरना उस के आत्मसम्मान को चोट पहुंचेगी. चूंकि उन की पत्नी तरुण को सेक्स प्रक्रिया बनाने में अयोग्य न समझे, उन्हें अपनी पत्नी के साथ सेक्स संबंध बनाना पड़ता है. वे सेक्स संबंध बिना मन, बिना रुचि के बनाते हैं और इस तरह वे अनचाहा सेक्स संबंध ही जी रहे हैं.

एक सर्वे के अनुसार, आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में काम की होड़ और आगे निकलने की चाह ने इनसान को मशीन बना दिया है. पैसा कमाना ही एक मात्र ध्येय बन चुका है. ऐसी भागदौड़ में इनसान सेक्स संबंधों के प्रति इंसाफ नहीं कर पाता है और बिना मन और बिना प्रोपर फोरप्ले के बने हुए सेक्स संबंध, मन में सेक्स के प्रति अरुचि पैदा कर देते हैं. यहीं से शुरुआत होती है अनचाहे सेक्स संबंधों की. अपने पार्टनर की खुशी के लिए संबंध बनाना कभीकभी विवशता भी होती है. अंतत: यही संबंध ऊब का रूप धारण कर लेते हैं या पार्टनर बदलने की चाह मन में उठती है. यद्यपि यह अनचाहा सेक्स पश्चिमी देशों में तेजी से बढ़ रहा है, भारत भी इस से अछूता नहीं है, परंतु यहां का अनुपात अन्य देशों के मुकाबले नगण्य है.

अगर आपकी भी ऐसी ही कोई समस्या है तो हमें इस ईमेल आईडी पर भेजें- submit.rachna@delhipress.biz
 
सब्जेक्ट में लिखे…  सरस सलिल- व्यक्तिगत समस्याएं/ Personal Problem
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिएसब्सक्राइब करें