मेरी बीवी हमेशा नाराज रहती है, मैं क्या करुं?

सवाल

मेरी शादी को 3 साल हो गए हैं. मैं अपनी बीवी से बहुत प्यार करता हूं. लेकिन पता नहीं क्यों वह हर समय मुझ से नाराज रहती है और कुछ बताती भी नहीं है. मैं ने कई बार पूछा भी लेकिन वह चुप्पी साध लेती?है. मैं क्या करूं?

जवाब

मुमकिन है कि आप की पत्नी ने अपनी पसंद से शादी न की हो लेकिन 3 साल में उस की नाराजगी की वजह कुछ भी हो, दूर हो जानी चाहिए थी. हालांकि, यह भी जरूरी नहीं है कि इस की कोई वजह हो. कई लोगों का?स्वभाव ही ऐसा होता है कि वे हर किसी से खिंचेखिंचे से रहते हैं. बेहतर होगा कि आप अपनी पत्नी से खुल कर बात करें.

आखिर कैसे सेक्स लाइफ को प्रभावित करती है शराब, पढ़े खबर

मशहूर नाटककार शेक्सपियर ने कहा है कि शराब कामेच्छा तो जगाती है, पर काम को बिगाड़ती भी है. यह बात सौ फीसदी सच है. अगर लंबे समय तक शराब का सेवन किया जाए तो उत्तेजना में कमी आ जाती है. यही नहीं और भी कई तरह की परेशानियां शराब के कारण हो जाती हैं.

इस बारे में सेक्सोलौजिस्ट डाक्टर बीर सिंह का कहना है, ‘‘शराब सेक्स के लिए जहर है. यह बात और है कि शराब पी लेने के बाद चिंता थोड़ी कम हो जाती है और शराब पीने वाला ज्यादा आत्मविश्वास से सहवास कर पाता है. लेकिन कोई व्यक्ति लंबे समय तक शराब का सेवन करता रहे तो वह नामर्दी तक का शिकार हो सकता है.’’

आइए, जानें कि शराब किस तरह से सेक्स के लिए हानिकारक है:

छवि का खराब होना

सुहागरात से पहले शराब का सेवन करने से जीवनसाथी की नजर में छवि खराब होती है. ऐसे में यह भी संभव है कि वह अपने जीवनसाथी का विश्वास पहली ही रात को खो दें. सुहागरात नए रिश्ते की शुरुआत की रात होती है. इस मौके पर अपने जीवनसाथी के साथ प्रेमपूर्वक व्यवहार करें. उसे समझें और खुद को भी उसे समझने का मौका दें. आप के शराब पी कर आने पर वह आप के बारे में अच्छा नहीं सोच पाएगी.

स्पर्म काउंट कम होने की संभावना

शराब के अधिक सेवन और जरूरत से ज्यादा तनाव लेने से पुरुषों के स्पर्म काउंट कम होने की संभावना भी रहती है. हाल ही में एक रिसर्च से पता चला है कि लगातार शराब के सेवन से शुक्राणुओं पर बुरा असर पड़ता है. जितनी अधिक शराब का सेवन उतनी ही खराब क्वालिटी का वीर्य. शराब के दुष्प्रभाव से हारमोन का संतुलन भी बिगड़ता है, जिस से शुक्राणुओं पर बुरा असर पड़ता है.

नशा उतरने पर अफसोस होता है

शराब के सेवन के बाद आप अपने होश में नहीं रहते हैं और कुछ ऐसा कर जाते हैं, जिस के बारे में आप ने सोचा नहीं होता. नशे में आप को वह महिला भी आकर्षक नजर आती है जिसे आप होश में होने पर पसंद नहीं करते. नशे में आप उस के साथ काफी आगे तक बढ़ जाते हैं. लेकिन जब नशा उतरता है तो पता चलता है कि आप से क्या हो गया, क्योंकि तब आप को वह उतनी आकर्षक नहीं लगती जितनी कि नशे में लग रही थी. तब आप को अफसोस होता है कि आप ने ऐसा क्यों किया.

परफौर्मैंस गिराती है

शराब के नशे में नियंत्रण खो देना आम बात है. खासकर जब 1 या 2 पैग ज्यादा ले लिए जाएं. लेकिन जब आप बिस्तर में पहुंचते हैं तो आप को लगता है कि काश कम पी होती, क्योंकि आप होश में नहीं होते और खुद पर नियंत्रण नहीं रख पाते. इस का असर आप की परफौर्मैंस पर पड़ता है. शायद इसी वजह के चलते शैक्सपीयर ने कहा है कि शराब डिजायर बढ़ाती है पर परफौर्मैंस गिराती है.

खतरे से भरी सेक्स लाइफ

शराब के असर से लोग अकसर अविवेकपूर्ण सेक्स में लिप्त हो जाते हैं. इस का परिणाम सेक्स संक्रमित रोग होना, गर्भ ठहरना और पुराने रिश्तों के टूटने में हो सकता है. इस के अलावा और भी कई तरह की बीमारियां हो जाती हैं. महिलाओं में शराब की वजह से मासिकधर्म की दिक्कतें शुरू हो जाती हैं. हारमोन संतुलन भी बिगड़ जाता है, जिस का असर सेक्स लाइफ पर पड़ता है. शराब के सेवन से लिवर खराब हो जाता है, पाचनतंत्र पर असर पड़ता है, कैंसर की संभावना बढ़ जाती है. अधिक मात्रा में शराब का सेवन दिल को कमजोर करता है, क्योंकि शराब पीने के बाद रक्तसंचार बढ़ जाता है जिस कारण दिल ज्यादा तेजी से धड़कता है.

नशे की हालत में भूल

नशे की हालत में अकसर गर्भनिरोधक का इस्तेमाल करना भूल जाना आम बात है, क्योंकि आप अपने होश में नहीं होते. आप में सही और गलत के बीच फर्क करने की क्षमता नहीं होती. फिर जब सुबह आंख खुलती है और नशा उतर गया होता है तब एहसास होता है कि हम गलती कर बैठे. लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी होती है और उस गलती का खमियाजा भुगतना पड़ता है.

गर्भावस्था के लिए हानिकारक

जब आप गर्भवती हो जाएं तो आप का शराब से दूर रहना आवश्यक है, क्योंकि यह एक कटु सत्य है कि अगर मां शराब पी रही है तो बच्चा भी शराब पी रहा है. मां के द्वारा पी गई शराब बच्चे के रक्तप्रवाह का हिस्सा बन जाती है. इस का प्रभाव शिशु के मानसिक विकास पर भी पड़ता है. अधिक शराब के सेवन से शिशु के शरीर का आकार कम हो सकता है.

उत्तेजना में कमी आती है

अधिक शराब पीने से लिंग की उत्तेजना में कमी आ जाती है. इसी तरह यदि महिला ने भी शराब पी हो, तो उस के लिए भी चरम सुख तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है.

सेक्स का मजा किरकिरा हो जाता है

सेक्स क्रिया को ऐंजौय करने और मिलन का समय बढ़ाने के लिए जरूरी है कि आप शराब या अन्य नशीले पदार्थ का सेवन न करें, क्योंकि नशे में आप को जल्दी नींद आ सकती है, जिस से सेक्स का मजा किरकिरा हो सकता है.

कुछ भी करने को मजबूर कर देती है

नशे की लत लोगों को कुछ भी करने को मजबूर कर देती है. नशे के लिए लोग अच्छे और बुरे में फर्क को भूल जाते हैं. जब शराब की लत लगती है तो वे इस के लिए कुछ भी करने से गुरेज नहीं करते. महिलाएं पैसे के लिए अपना शरीर बेचने तक को तैयार हो जाती हैं.

आस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में अस्मत के एक ऐसे लुटेरे का मामला सामने आया, जो शराब और सिगरेट देने के एवज में लड़कियों की इज्जत लूटता था. यह व्यक्ति फ्री में शराब और सिगरेट देने के एवज में लड़कियों से शारीरिक संबंध बनाता था. मन भर जाने पर उन से किनारा कर लेता था. पर उधर लड़कियों को नशा करने की लत लग गई होती थी. तब वे अपनी इस लत को पूरा करने के लिए अपनी मरजी से उस के साथ सेक्स करने के लिए तैयार हो जाती थीं. सिडनी की एक जिला अदालत में उस व्यक्ति पर सेक्स, बलात्कार और नशे का लालच देने जैसे कई मामलों में केस चल रहे हैं.

इन 7 टिप्स से जाने कुछ ऐसे काम, कि बन जाए आप की शाम

यह बहुत पुराना सवाल है. आप जो चाहती हैं, उसे कैसे पाएं? और वो भी इस तरह कि वे यह सोचने पर मजबूर हो जाएं कि ये तो उनका ही विचार था. यही तो हम बता रहे हैं.

मोमबत्तियां जली हुई हैं, हवा में इत्र की सौम्य गंध पसरी है, बिस्तर पर सिल्क की चादर बिछी है और आप गाउन उतार रही हैं. ‘‘ओह! सौरी,’’ वे दरवाजे की ओर मुंह कर हकलाते हुए कहते हैं,‘‘तुम कपड़े बदल रही हो. मैं बाद में आता हूं.’’ आप सही समझ रही हैं, उन्हें लुभाने में आप असफल हो गई हैं.

क्या आप चाहती हैं कि वे यह सोचें कि आप जो चाहती हैं, उसे आप नहीं, बल्कि वे चाहते हैं और जो आपकी योजना है, वह वास्तव में उनकी है. और यह भी कि वह आपसे ज़्यादा चालाक हैं? पीढ़ी दर पीढ़ी महिलाओं ने यह सच्चाई महसूस कर ली है और अपनी रणनीतियों को बेहतरीन परिणाम पाने के लिए बदल लिया है. अब वे ध्यान रखती हैं कि हमें जो चाहिए और जब चाहिए, हमारा साथी ठीक तभी और वैसा ही करे.

ऐसा करने के लिए हमें इस पूरी प्रक्रिया को संजीदगी से संभालना होता है. फिर चाहे बात शुरुआत की हो, पहला क़दम बढ़ाने की, अच्छी से अच्छी या बुरी से बुरी हो. जब आपकी इच्छा हो, लेकिन वह आगे न बढ़ रहे हों तो यह जानना महत्वपूर्ण है कि वे ऐसा क्यों कर रहे हैं?

  1. किसने की पहल?

शोध आश्चर्यजनक रूप से बताते हैं कि रोमैंटिक मिलाप में 90 प्रतिशत बार तो महिलाएं ही पहल करती हैं-लेकिन जैसे आप सोच रही हैं, वैसे नहीं. महिलाएं अपनी आंखों, चेहरे और शरीर से हल्के संकेत देंगी. और बदलाव की प्रक्रिया तो यही कहती है कि जो सोता है, वह खोता है. जो पुरुष इन संकेतों को अच्छी तरह समझ पाते हैं, वे पहल करते हुए पहला कदम बढ़ाते हैं.

दुर्भाग्यवश, बहुत सारे पुरुष इन हल्के इशारों को समझ नहीं पाते, बायोलौजी के कारण. पुरुषों में १० से २० गुना ज्यादा टेस्टोस्टेरौन होता है, जो उन्हें संकेतों को गलत ढंग से समझाता है. और सच कहें तो इसमें महिलाओं का भी हाथ है: वे विरोधाभासी संकेत देते हैं. जो असमंजस पैदा करते हैं, वे हाथ पर हाथ धरे बैठे रहते हैं और आपको झल्लाहट होती है. तो आप इसे रोकने के लिए क्या कर सकती हैं? बहुत कुछ.

2. पहला कदम : मादक नजरें

उन भूरी आंखों को दांव पर लगाएं और हो सकता है कि वे आपके हो जाएं. जरनल औफ रिसर्च इन पर्सनैलिटी के एक अध्ययन के मुताबिक दो मिनट तक एकटक एक-दूसरे की आंखों में देखने से प्यार के जुनून का एहसास बढ़ जाता है. यदि आप अजनबी हैं तो लगभग तीन सेकेंड्स उनका ध्यान आकर्षित करने के लिए काफी है. एक बार आप दोनों की नजरें मिल गईं तो वे आपको बार-बार पलटकर देखेंगे कि आप उन्हें अब भी देख रही हैं या नहीं. और उन्हें यह जताने के लिए कि आप उनमें रुचि ले रही हैं, ऐसा तीन बार कर सकती हैं. आपको क्या लगता है ‘एक नज़र में प्यार’ कहावत यूं ही बन गई है?

3. दूसरा कदम : शारीरिक हावभाव

मुस्कान से शुरुआत करें; यदि आप अब भी आश्वस्त नहीं हैं तो आधी मुस्कान दें. हम पर विश्वास करें, वह आधी मुस्कान भी, रहस्मयी निगाहों के साथ आपके मन की पूरी बात कह सकती है. कैनेडियन रिसर्चर्स द्वारा साल 2011 में 1000 से ज्यादा पुरुषों पर किए गए एक अध्ययन में पुरुषों ने कहा कि वे मुस्कुराती हुई महिलाओं की तस्वीरों की ओर ज़्यादा आकर्षित होते हैं.

पौश्चर पर ध्यान दें, शरीर सीधा रखें, कटावों को उभरने दें और पैरों को क्रौस कर लें. ये अदा तो हम महिलाओं को सदियों से आती है. अगर आप खड़ी हैं तो कुछ ऐसे खड़ी हों कि आपके फिगर की सुंदरता बढ़ी हुई नज़र आए. बहुत महिलाएं फ्लर्ट करते हुए सिर को टेढ़ा कर लेती हैं, ताकि सुडौल गर्दन साफ नज़र आए, अपने आउटफिट से छेड़खानी करती हैं, बालों से खेलती हैं, यहां तक कि अपने होंठों को जीभ से छूती हैं.

4. तीसरा कदम : स्पर्श सब कह देता है

साल 2007 के सोशल इन्फलुएंस के अध्ययन के अनुसार तीन प्रकार के स्पर्श होते हैं. एक होता है हल्का, ‘दोस्ताना’ स्पर्श, शुरुआत करनेवालों के लिए या जब आप उस व्यक्ति को नहीं जानतीं. दूसरा होता है ‘स्वीकार्य-अस्वीकार्य’ स्पर्श; करीब-करीब आकस्मिक स्पर्श, तुम बहुत मजाकिया हो, ओह! क्या तुम वर्कआउट करते हो कहते हुए कलाई, कंधे और पीठ पर हाथ लगाना. और अंतत: ‘न्यूक्लियर’ स्पर्श. जहां आप उनके माथे से बालों को हल्के-से पीछे करती हैं. या दोनों के हाथों को एक साथ जोड़ती हैं. या अपना सिर उनके कंधे पर रखती हैं या उनकी हथेली पर कोई आकार बनाती हैं.

5. कुछ काम नहीं आ रहा? इन्हें आजमाएं

यदि इनमें से कुछ भी काम नहीं कर रहा और आप अब भी उनके हाथों में हाथ डालकर बैठी हैं तो समय आ गया है अपनी कोशिशों को एक कदम आगे ले जाने का. अबला नारी की तरह लड़खड़ाएं और सहारा पाने के लिए उन्हें पकड़ लें. हां, हम जानते हैं कि यह हमें उनके सामने झुका देगा, पर मन की इच्छा तो पूरी हो जाएगी…

सबसे बेहतर है उनकी गोद में गिर जाएं. या हौरर मूवी शुरू करें और कांपते हुए उनसे सट जाएं. जब भी उनसे मिले उन्हें लंबे समय तक के लिए गले लगाएं. हेलो और थैंक यू कहने के लिए किस करें. यह चुंबन जितना हल्का हो, बेहतर होगा. यदि आप आश्वस्त नहीं हैं तो उनके गालों पर किस करें; यह निश्चित रूप से उन्हें बाक़ी जगहों पर किस करने के लिए प्रोत्साहित करेगा.

6. निश्चित तौर पर कारगर

नकल करना: यह क्लासिक फार्मूला असफल नहीं होगा. उनकी गतिविधियों को हूबहू दोहराएं, फिर चाहे वे आपके हाथ छू रहे हों या पैर क्रौस कर रहे हों.

7. सुरक्षित कदम

डांस करना! चाहे उनके साथ या फिर अकेले ही. उन्हें एक सेक्सी शो दिखाएं या कामुक साल्सा मूव्स, जैसे-हिप-टू-हिप, चेस्ट-टू-चेस्ट में उन्हें शामिल करें. और उन्हें अपना नियंत्रण खोने दें.

मैं एक हिंदू लड़की से प्यार करता हूं पर अब किसी और से उस की शादी हो गई है, मैं क्या करूं?

सवाल-

मैं 25 साल का मुसलिम हूं. मैं पिछले 4 सालों से एक हिंदू लड़की से प्यार करता हूं, अब किसी और से उस की शादी हो गई है, पर वह मेरे पास आने के लिए बेताब है. वह कहती है कि मेरे बगैर वह जान दे देगी. मैं भी उस के बिना जी नहीं पा रहा हूं. मैं क्या करूं?

जवाब-

आप दोनों में इतना प्यार था, तो उस की कहीं और शादी होने से पहले ही आप लोगों को अदालती शादी कर लेनी चाहिए थी. अब चूंकि उस की शादी हो चुकी है, इसलिए समझदारी यही होगी कि आप लोग इस प्यार को यहीं खत्म कर दें. तलाक ले कर दूसरी शादी करना आसान नहीं.

सैक्स स्टार्वेशन से खुद को बचाएं

कोरोना वायरस के चलते लोगों का जीवन उथलपुथल हो गया. इस ने न केवल लोगों के दिलोदिमाग बल्कि उन की सैक्सलाइफ में भी भारी दखल दिया है. ऐसे में कपल्स के जीवन में सैक्स स्टार्वेशन नाम की नई समस्या पैदा हो गई. आइए जानते हैं, यह है क्या?

कोरोना के कहर के बाद लगे लौकडाउन के दौरान लोगों की जिंदगी किस तरह प्रभावित हुई, इस के दीर्घकालिक नतीजे काफी दिनों बाद आएंगे क्योंकि विभिन्न एजेंसियां अभी सर्वे और स्टडी कर रहीं हैं. लेकिन, तात्कालिक नतीजों से एहसास होता है कि उन दिनों और एक हद तक इन दिनों में भी सबकुछ पहले जैसा और एकदम सामान्य नहीं है. लोग अभी भी खुद को असहज महसूस कर रहे हैं क्योंकि कोरोना की दहशत उन के दिलोदिमाग पर छाई हुई है. और जब तक जिंदगी उलटपुलट कर देने वाले इस वायरस की वैक्सीन नहीं आ जाएगी तब तक सबकुछ सामान्य हो जाने की उम्मीद करना मनबहलाऊ बात ही होगी.

खानपान, रहनसहन और परंपराओं सहित लोगों की सैक्सलाइफ पर भी इस दौरान असर हुआ लेकिन कैसे, यह जानना किसी दिलचस्प उपन्यास पढ़ने जैसा काम है.

ये भी पढ़ें- अगर आप भी कर रही हैं पार्टनर को सेक्स के लिए मना तो जरूर पढ़ें ये खबर

आइए कुछ सर्वे और स्टडी रिपोर्ट्स पर नजर डालें.

यूके की एक स्टडी के मुताबिक, लौकडाउन के शुरुआती दौर में कपल्स ने साथ रहते हुए भी सैक्स संबंधों से परहेज रखा. जबकि, उम्मीद यह की जा रही थी कि अकेले रह रहे कपल्स सैक्स को एंजौय करेंगे. जून के दूसरे सप्ताह में यूके की एंग्लिया यूनिवर्सिटी के प्रोफैसर्स मार्क टुली और ली स्मिथ ने बताया था कि इस वक्त लोग महामारी की चिंता के चलते अच्छे मूड में नहीं थे, इसलिए उन्होंने सैक्स से दूरी बनाए रखी. जो लोग शादीशुदा नहीं हैं वे भी अपने सैक्सुअल पार्टनर से नहीं मिल पाए.

इस स्टडी के एकदम उलट एक दिलचस्प वाकेआ दक्षिण अफ्रीका से सामने आया था जहां की एक महिला ने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करते हुए सरकार से शिकायत की थी कि लौकडाउन में उस का पति दिनरात सैक्स करता रहता है. इस से उस का जीना दूभर हो गया है. लिहाजा, सरकार लौकडाउन हटा ले. फिर देखते ही देखते सैकड़ों महिलाओं ने सरकार से मांग कर डाली कि लौकडाउन खत्म करो और पतियों को काम पर भेजो. एक पीडि़त पत्नी ने तो यह तक कह डाला था कि जैसे ही उस की नींद खुलती है, पति सैक्स के लिए तैयार खड़ा मिलता है. पहले पति को संतुष्ट करो, फिर खाना बनाओ, लेकिन खाने के बाद वह फिर सैक्स के लिए तैयार हो जाता है. क्या सरकार ने लौकडाउन सैक्स के लिए किया है.

हैरानी की बात यह है कि हमारे देश में सैक्स पर चर्चा करना भी वर्जित है, हालांकि, लौकडाउन के दौरान यहां सैक्सटौयज की बिक्री में 65 फीसदी का इजाफा हुआ. एक वैबसाइट, डेट्स पर्सनल डौट कौम, की एनालिटिकल रिपोर्ट ‘इंडिया अनकवर्ड – इनसाइटफुल एनालिसिस औफ सैक्स प्रोडक्ट्स ट्रैंड्स इन इंडिया’ में खुलासा किया गया कि भारतीय बाजार में सैक्स प्रोडक्ट्स की बिक्री के रु झानों और ग्राहकों के व्यवहार का अंदाजा लगता है. सैक्सटौयज की बिक्री में महाराष्ट्र पहले, कर्नाटक दूसरे और तमिलनाडु तीसरे नंबर पर रहे जबकि शहरों के लिहाज से देखें तो मुंबई पहले, बेंगलुरु दूसरे और नई दिल्ली तीसरे नंबर पर रहे. इस लंबेचौड़े ब्योरे में यह भी बताया गया कि सैक्सटौयज खरीदने वाले अधिकांश उम्मीदवारों की उम्र 25 से 34 साल के बीच है.

यह सैक्स स्टार्वेशन है

अलगअलग देशों के लोगों ने लौकडाउन के दौरान अलगअलग यौन व्यवहार प्रदर्शित किया, लेकिन, हमारे देश में सैक्सटौयज की बढ़ती बिक्री यह बताती है कि लोगों, खासतौर से युवाओं, ने सैक्स की अपनी भूख मिटाने के लिए कृत्रिम तरीके का सहारा ज्यादा लिया, क्योंकि उन का सैक्सपार्टनर से मिल पाना दूभर हो गया था और जो लोग सैक्स के लिए रैडलाइट इलाकों में जाया करते हैं उन्हें भी या तो इन्हीं खिलौनों का सहारा लेना पड़ा या फिर वे भी मन मसोस कर गुजर करते रहे. सैक्स स्टार्वेशन की इस से ज्यादा सटीक व्याख्या कोई हो भी नहीं सकती कि संतुष्टि उपलब्ध तो थी लेकिन पहुंच से दूर थी. खौफ कोरोना और पुलिस दोनों का था.

प्रोफैसर ली स्मिथ की बात पर गौर करें तो लोग सैक्स से डरते रहे, जबकि संतुष्टि का माध्यम यानी पार्टनर उन के पास था. निश्चितरूप से यह भी सैक्स स्टार्वेशन से बहुत ज्यादा भिन्न बात नहीं है कि थाली सामने रखी थी लेकिन लोग भूखे ही रहे. दूसरी तरफ अफ्रीका के लोग भूख न होते हुए भी भुक्खड़ों की तरह थाली पर टूटे रहे. भारत में ज्यादातर लोगों ने अलग तरीका अपनाया जिस से लगता है कि अधिकतर युवाओं की पार्टनर की कमी खिलौनों से दूर हुई. जो लोग, जिन में होस्टलर्स और पीजी में रहने वाले ज्यादा थे, जिन बदनाम इलाकों में सैक्स की भूख मिटाने जाया करते थे, वहां की सैक्सवर्कर्स भूखों मरने की कगार पर हैं. दिल्ली का जीबी रोड हो, कोलकाता का सोनागाछी हो, या फिर मुंबई का कमाठीपुरा इलाका हो, वहां की सैक्सवर्कर्स कैसेकैसे फाके कर रही हैं, यह अभी तक खबरों की सुर्खियों में रहता है.

यौन अतृप्ति से बचें

लौकडाउन के दौरान और अभी भी लोगों का सैक्स व्यवहार सामान्य नहीं है. भोपाल के वरिष्ठ मनोविज्ञानी डाक्टर विनय मिश्रा बताते हैं, ‘‘सैक्स स्टार्वेशन का एक मतलब यौन अतृप्ति भी है.’’ क्या यह लौकडाउन के दौरान ज्यादा पनपी, इस सवाल पर वे कहते हैं, ‘‘निश्चितरूप से कई मामलों में ऐसा हुआ, खासतौर से उन युवाओं के साथ जिन का पार्टनर उन के पास या साथ नहीं था या नहीं है.’’
बकौल डाक्टर विनय मिश्रा, ‘‘एक युवा कपल साल में औसतन 54 बार सैक्स करता है. लेकिन लौकडाउन में जिन का यह क्रम या सिलसिला, वजह कुछ भी हो, टूटा, उन्हें दिक्कत पेश आई. सैक्स जिंदगी के हर पहलू को प्रभावित करता है और इस का सेहत से भी गहरा संबंध है.’’ वहीं, हालिया एक सर्वे में 27 फीसदी कपल्स ने माना था कि लौकडाउन के दौरान उन के सैक्स संबंध सुधरे, लेकिन 42 फीसदी ने इसी दौरान सैक्स संबंध बिगड़ने की भी बात कही थी.

इस सर्वे में शामिल ज्यादातर लोग शादीशुदा थे. लेकिन जो युवा यहांवहां से कभीकभार अपने पार्टनर से सैक्स की जरूरत और इच्छा पूरी कर रहे थे, सही मानो में उन्हें ही सैक्स स्टार्वेशन का असल मतलब सम झ आया होगा. पर, वे कर भी कुछ नहीं सकते थे और तय है कि कोरोना वैक्सीन के आने तक उन्हें जैसेतैसे काम चलाना पड़ेगा. लेकिन डाक्टर विनय मिश्रा की मानें तो इस दौरान उन्हें सुरक्षित कृत्रिम तरीकों या हस्तमैथुन का सहारा लेने से हिचकिचाना नहीं चाहिए.

मेरा होने वाला पति मुझसे 11 साल बड़ा है. उम्र का ये फर्क शादी के बाद परेशान करेगा?

सवाल

मेरी उम्र 19 साल है और मेरे होने वाले पति की उम्र 30 साल है. क्या शादी  के बाद उम्र का यह फर्क हमारे रिश्ते में आड़े तो नहीं आएगा?

जवाब

उम्र में 11 साल का फर्क आगे चल कर आड़े आ सकता है लेकिन जब शादी तय हो ही गई  है तो आगे की सोचें कि आप के पति आप से जल्दी बूढ़े हो जाएंगे. आप की और उन की पसंद और नापसंद, शौक और दूसरे मामलों में भी फर्क हो  सकता?है. लिहाजा, अभी से खुद को पति के हिसाब से ढालना शुरू कर दें, तो यह कोई बड़ी समस्या नहीं रह जाएगी. बड़ी उम्र का पति ज्यादा अच्छी  देखभाल करता है.

ये भी पढ़ें : मैं अपने ब्वायफ्रैंड के साथ सैक्स कर चुकी हूं. अब वह मुझ से कटता है, जबकि मेरा मन उसे पाने को करता है. क्या करूं.

ये भी पढ़ें : मैं एक लड़के के साथ डेढ़ साल से सेक्स कर रही हूं. लड़के के घर वाले उस की कहीं और शादी करना चाहते हैं. मैं क्या करूं.

 

सेक्स और प्यार!

सच्चे प्रेम से खिलवाड़ करना किसी बड़े अपराध से कम नहीं है. प्रेम मनुष्य को अपने अस्तित्व का वास्तविक बोध करवाता है. प्रेम की शक्ति इंसान में उत्साह पैदा करती है. प्रेमरस में डूबी प्रार्थना ही मनुष्य को मानवता के निकट लाती है.

मुहब्बत के अस्तित्व पर सेक्स का कब्जा

आज प्रेम के मानदंड तेजी से बदल रहे हैं. त्याग, बलिदान, निश्छलता और आदर्श में खुलेआम सेक्स शामिल हो गया है. प्रेम की आड़ में धोखा दिए जाने वाले उदाहरणों की शृंखला छोटी नहीं है और शायद इसी की जिम्मेदारी बदलते सामाजिक मूल्यों और देरी से विवाह, सच को स्वीकारने पर डाली जा सकती है. प्रेम को यथार्थ पर आंका जा रहा है. शायद इसी कारण प्रेम का कोरा भावपक्ष अस्त हो रहा है यानी प्रेम की नदी सूख रही है और सेक्स की चाहत से जलराशि बढ़ रही है.

विकृत मानसिकता व संस्कृति

आज के मल्टी चैनल युग में टीवी और फिल्मों ने जानकारी नहीं मनोरंजन ही परोसा है. समाज द्वारा किसी भी रूप में भावनाओं का आदर नहीं किया जाता. प्रेम का मधुर एहसास तो कुछ सप्ताह तक चलता है. अब तन के उपभोग की अपेक्षा है.

क्षणिक होता मुहब्बत का जज्बा

प्रेम अब सड़क, टाकीज, रेस्तरां और बागबगीचों का चटपटा मसाला बन गया है. वर्तमान प्रेम क्षणिक हो चला है, वह क्षणभर दिल में तूफान ला देता है और अगले ही पल बिलकुल खामोश हो जाता है. युवा आज इसी क्षणभर के प्रेम की प्रथा में जी रहे हैं. एक शोध के अनुसार, 86% युवाओं की महिला मित्र हैं, 92% युवक ब्लू फिल्म देखते हैं, तो 62% युवक और 38% युवतियों ने विवाहपूर्व शारीरिक संबंध स्थापित किए हैं.

यही है मुहब्बत की हकीकत

एक नई तहजीब भी इन युवाओं में गहराई से पैठ कर रही है, वह है डेटिंग यानी युवकयुवतियों का एकांत मिलन. शोध के अनुसार, 93% युवकयुवतियों ने डेटिंग करना स्वीकार किया. इन में से एक बड़ा वर्ग डेटिंग के समय स्पर्श, चुंबन या सहवास करता है. इस शोध का गौरतलब तथ्य यह है कि अधिकांश युवक विवाहपूर्व यौन संबंधों के लिए अपनी मंगेतर को नहीं बल्कि किसी अन्य युवती को चुनते हैं. पहले इस आयु के युवाओं को विवाह बंधन में बांध दिया जाता था और समय आने तक जोड़ा दोचार बच्चों का पिता बन चुका होता था.

अमीरी की चकाचौंध में मदहोश प्रेमी

मृदुला और मनमोहन का प्रेम कालेज में चर्चा का विषय था. दोनों हर जगह हमेशा साथसाथ ही दिखाई देते थे. मनमोहन की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी. वह मध्यवर्गीय परिवार से था, लेकिन मृदुला के सामने खुद को थोड़ा बढ़ाचढ़ा कर दिखाने की कोशिश में रहता था. वह मृदुला को अपने दोस्त की अमीरी और वैभव द्वारा प्रभावित करना चाहता था. दूसरी ओर आदेश पर भी अपना रोब गांठना चाहता था कि धनदौलत न होने पर भी वह अपने व्यक्तित्व की बदौलत किसी खूबसूरत युवती से दोस्ती कर सकता है. लेकिन घटनाचक्र ने ऐसा पलटा खाया कि जिस की मनमोहन ने सपने में भी कल्पना नहीं की थी. उस की तुलना में अत्यंत साधारण चेहरेमुहरे वाला आदेश अपनी अमीरी की चकाचौंध से मृदुला के प्यार को लूट कर चला गया.

मनमोहन ने जब कुछ दिन बाद अपनी आंखों से मृदुला को आदेश के साथ उस की गाड़ी से जाते देखा तो वह सोच में पड़ गया कि क्या यह वही मृदुला है, जो कभी उस की परछाईं बन उस के साथ चलती थी. उसे अपनी बचकानी हरकत पर भी गुस्सा आ रहा था कि उस ने मृदुला और आदेश को क्यों मिलवाया. कालेज में मनमोहन की मित्रमंडली के फिकरों ने उस की कुंठा और भी बढ़ा दी.

प्रेम संबंधों में पैसे का महत्त्व

प्रेम संबंधों के बीच पैसे की महत्ता होती है. दोस्ती का हाथ बढ़ाने से पहले युवक की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रख कर निर्णय लेना चाहिए. प्रेमी का यह भय सही है कि यदि वह अपनी प्रेमिका को महंगे उपहार नहीं देगा तो वह उसे छोड़ कर चली जाएगी. कोई भी युवती अपने प्रेमी को ठुकरा कर एक ऐसा नया रिश्ता स्थापित कर सकती है, जिस का आधार स्वाभाविक प्यार न हो कर केवल घूमनेफिरने और मौजमस्ती करने की चाह हो. युवकों को पैसे के अनुभव के बावजूद अपनी प्रेमिकाओं और महिला मित्रों को प्रभावित करने के लिए हैसियत से ज्यादा खर्च करना होगा.

प्रेम में पैसे का प्रदर्शन, बचकानी हरकत

छात्रा अरुणा का विचार है कि अधिकतर युवक इस गलतफहमी का शिकार होते हैं कि पैसे से युवती को आकर्षित किया जा सकता है. यही कारण है कि ये लोग कमीज के बटन खोल कर अपनी सोने की चेन का प्रदर्शन करते हैं. सड़कों, पान की दुकानों या गलियों में खड़े हो कर मोबाइल पर ऊंची आवाज में बात करते हैं या गाड़ी में स्टीरियो इतना तेज बजाते हैं कि राह चलते लोग उन्हें देखें.

हैसियत की झूठी तसवीर पेश करना घातक

अरुणा कहती है कि कुछ लोग प्रेमिका से आर्थिक स्थिति छिपाते हैं तथा अपनी आमदनी, वास्तविक आय से अधिक दिखाने के लिए अनेक हथकंडे अपनाते हैं. इसी संबंध में उन्होंने अपने एक रिश्तेदार का जिक्र किया जो एक निजी कंपनी में नौकरी करते थे. विवाह के तुरंत बाद उन्होंने पत्नी को टैक्सी में घुमाने, उस के लिए ज्वैलरी खरीदने तथा उसे खुश रखने के लिए इस कदर पैसा उड़ाया कि वे कर्ज में डूब गए. कर्ज चुकाने के लिए जब उन्होंने कंपनी से पैसे का गबन किया तो फिर पकड़े गए. परिणामस्वरूप अच्छीखासी नौकरी चली गई. इतना ही नहीं, पत्नी भी उन की ऐसी स्थिति देख कर अपने मायके लौट गई. अगर शुरू से ही वह चादर देख कर पैर फैलाते, तो यह नौबत न आती.

समय के साथ बदलती मान्यताएं

मीनाक्षी भल्ला जो एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं, का कहना है कि प्यार में प्रेमीप्रेमिका दोनों ही जहां एकदूसरे के लिए कुछ भी कर गुजरने की भावना रखते हैं, वहीं अपने साथी से कुछ अपेक्षाएं भी रखते हैं.

व्यापार बनता आज का प्रेम

इस प्रकार के रवैए ने प्यार को एक प्रकार का व्यापार बना दिया है. जितना पैसा लगाओ, उतना लाभ कमाओ. कुछ मित्रों का अनुभव तो यह है कि जो काम प्यार का अभिनय कर के तथा झूठी भावुकता दिखा कर साल भर में भी नहीं होता, वही काम पैसे के दम पर हफ्ते भर में हो सकता है. अगर पैसे वाला न हो तो युवती अपना तन देने को तैयार ही नहीं होती.

नोटों की ऐसी कोई बौछार कब उन के लिए मछली का कांटा बन जाए, पता नहीं चलेगा. ऐसी आजाद खयाल या बिंदास युवतियों का यह दृष्टिकोण कि सच्चे आशिक आज कहां मिलते हैं, इसलिए जो भी युवक मौजमस्ती और घूमनेफिरने का खर्च उठा सके, आराम से बांहों में समय बिताने के लिए जगह का इंतजाम कर सके, उसे अपना प्रेमी बना लो.

शरीर के ये हिस्से बनाते हैं सेक्स को मजेदार

यदि आप उनके शरीर के कुछ विशेष हिस्सों पर ध्यान देंगी तो सेक्शुअल रिश्तों पर इसका जादुई असर होगा और आपकी सेक्शुअल लाइफ पहले से ज़्यादा संतुष्टिदायक हो जाएगी.

कमाल आंखों का!

कमरे के अलग-अलग हिस्सों पर खड़े होकर उन पर लगातार एक-दो सेकेंड तक नज़र डालें. नजरों से समझाएं कि आप उनका साथ चाहती हैं. ये प्रक्रिया जितनी शरारतभरी और फ्लर्ट अंदाज में होगी, उनका दिल उतने ही जोर से धड़केगा. और हां, हाई हील्स पहनिए. लंबे पैर हमेशा पुरुषों का ध्यान आकर्षित करते हैं. तब भी, जब आप चलते हुए उनसे दूर जा रही हों.

ये भी पढ़ें- ये सेक्स पौजिशन पड़ सकती है पुरुषों को भारी

सुगंध, जो मदहोश कर दे

शनेल नंबर 5, की खुशबू पुरुषों को आकर्षित नहीं करती. उन्हें मदहोश करनेवाली खुशबू है-पम्प्किन पाई की मीठी-तीखी सुगंध. ‘‘परफ्यूम्स को फेंक दीजिए और पम्प्किन पाई खरीद लाइए,’’ कहना है शिकागो के स्मेल ऐंड टेस्ट ट्रीटमेंट सेंटर के डॉ ऐलेन हिअर्श का.

शोध बताते हैं कि इसकी खुशबू पुरुषों को महिला की चाहत से भर देती है. यदि इसे लैवेंडर की खुशबू के साथ मिला देंगी तो आपको उनके उफान को शांत करने के लिए एक बाल्टी ठंडे पानी की ज़रूरत पड़ेगी. पम्प्किन की खुशबू से प्रतिभागियों के पीनियल (शिश्न) रक्त-प्रवाह में औसतन 40% की बढ़ोतरी पाई गई. वनीला की ख़ुशबू का भी जबरदस्त असर होता है. संतुष्टिदायक सेक्स जीवनवाले पुरुषों ने माना कि स्ट्रॉबेरी की महक भी उन्हें पसंद है.

हाथों का जादू

उनका हाथ थामे रहें. यूनिवर्सिटी कौलेज, लंदन द्वारा वर्ष 2013 में कराए गए एक अध्ययन के अनुसार, जब कभी आप तनावपूर्ण स्थिति से गुजर रहे हों अपने जीवनसाथी का हाथ थाम लें, ऐसा करने से मस्तिष्क का वह क्षेत्र शांत हो जाता है, जहां खतरे की आशंका की शुरुआत होती है. साथ ही, शरीर का तनाव कम हो जाता है.

कान महत्वपूर्ण हैं

कानों को हम भूल जाते हैं. लेकिन यह वो हिस्सा है जो सुखदायी होने के साथ-साथ उन्हें उत्तेजित कर सकता है. अपना अंगूठा और अनामिका उंगली उस जगह पर रखें, जहां उनका ईयर लोब और चेहरा आपस में मिलते हैं. हल्का-सा नीचे की ओर खींचते हुए अपनी उंगलियों को वहां फिसलने दें, ताकि आप दोबारा शुरू कर सकें. और देखें कि उनकी प्रतिक्रिया कैसी होती है.

होंठों का आकर्षण

पुरुष के होंठ स्वाभाविक जगह हैं, जहां स्पर्श उन्हें पसंद होता है. पर उनके निचले होंठ और ठोढ़ी के बीच की ढलान पर आपका स्पर्श उन्हें आनंद से भर देगा. ‘‘हमने पाया है कि ये छोटा, नाज़ुक और वक्रीय हिस्सा बहुत संवेदनशील नर्व रिसेप्टर है,’’ लो पेजेट ने अपनी किताब द बिग ओ में यह बात कही है.

ये भी पढ़ें- हेल्दी सेक्स चहिए तो सेक्स के दौरान करें ऐसी बातें

घुटनों का आनंद

घुटनों के पीछे की त्वचा नर्म-मुलायम होती है और पुरुषों को इसकी मालिश अच्छी लगती है. ‘‘शरीर के ऐसे हिस्से जहां कम बाल होते हैं, पुरुषों के लिए ज़्यादा संवेदनशील और उत्तेजक होते हैं,’’ कहना है न्यू यॉर्क की सेक्स कोच ऐमि लेविन का. ‘‘उनकी इच्छा को उभारने के लिए उनके घुटनों के पीछे के हिस्से की मालिश अपनी उंगलियों के पोरों से गोलाकार गति में करके देखिए.’’

पैरों से खेलें

एड़ी और टखने (ऐंग्कल) की हड्डी के बीच पीछे की ओर एक फ़िंगर-टिप साइज़ का प्रेशर पॉइंट है, जिसमें उत्तेजना की अपार संभावनाएं छिपी हैं, यह बात लॉरा नॉर्मैन ने अपनी किताब फीट फर्स्ट में बताई है. ‘‘यह जगह सेक्स अंगों से जुड़ी होती है,’’ लॉरा कहती हैं, जो आनंद का एहसास जगाती है. जरनल औफ सेक्शुअल मेडिसिन के सर्वे में भाग लेनेवाले आधे से ज्यादा पुरुषों का कहना था कि निपल (वक्षाग्र) पर किए गए स्पर्श ने न सिर्फ उनकी उत्तेजना को बढ़ाया, बल्कि उनके जोश को चरम पर पहुंचा दिया.

तृप्ति और खुशियों का खजाना भी हैं कामुक किताबें

ज्ञान हासिल करना है तो किताबें पढ़ें, किसी की सक्सेज स्टोरी जाननी हो तो किताबें पढ़ें, तनाव खत्म करना हो तो किताबें पढ़ें, यहां तक कि दिल में बेचैनी हो, किसी चीज में मन न लग रहा हो, सब कुछ बोझिल सा महसूस हो रहा हो तो मनोविद कहते हैं कि कामुक किताबें पढ़ें. जी हां, आप बिल्कुल सही पढ़ रहे हैं. किताबें सेक्स में काफी सहायक सिद्ध होती हैं. हालांकि पिछले कुछ सालों से बड़े पैमाने पर किताबों को वीडियो ने रिप्लेस करने की कोशिश की है, लेकिन एक तो अभी ज्यादातर वीडियोज में उस तरह की मैच्योरिटी नहीं है, जो किताबों में है.

दूसरी बात वीडियो चूंकि हर कोई बना रहा है, चाहे उसे उस विषय के बारे में कोई ज्ञान हो या न हो, इसलिए अभी वीडियोज में वह स्टैंड नहीं है, जैसा किताबों में है. निःसंदेह बहुत सारे वीडियोज ऐसे हैं, लेकिन आमतौर पर वीडियोज किताबों से अभी बेहतर नहीं है.

खैर हमें तुलना में नहीं उलझना सिर्फ यह जानना है कि विशेषज्ञ आखिर कामुक किताबों के पढ़ने के फायदे क्या बताते हैं? कुछ सालों पहले एक अध्ययन में पाया गया कि कामुक कहानियां या फिर फोटोग्राफ्रस देखने से दिल तरोताजा हो जाता है. यही नहीं, ये कहानियां और तस्वीरें स्वास्थ्य के नजरिये से भी बहुत लाभदायक पायी गईं. यह सामग्री खास तौरपर उन कपल्स के लिए तो बहुत ही उपयोगी हैं, जिन्हें उत्तेजित होने में वक्त लगता है. शायद यूं ही नहीं कहा गया है कि किताबें हमारी सबसे अच्छी मित्र होती हैं. यह न सिर्फ तकनीकी रूप से मित्र होती हैं बल्कि ये हमारे एहसास का हिस्सा भी होती हैं.

दरअसल प्रेम कहानियां व साहित्य, कामुक कहानियां यह सब सीधे हमारे दिल के तार से जुड़ जाती हैं जिससे ये हमें सेक्सुअल एहसास में कई गुना ज्यादा आनंदित करती हैं. मनोविदो के मुताबिक कामुक किताबें हमारे जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालती हैं. मनोविद उन दंपतियों को जो काफी मुश्किल से या देर से उत्तेजित होते हैं, उन्हें सेक्स से पहले कुछ इरोटिक किताबें पढ़ने का सुझाव देते हैं.

अगर किताबें उपलब्ध न हों तो इंटरनेट में जाकर पोर्न साइट्स को भी देखा जा सकता है. आजकल भारत में भी ऐसा खुलापन देखा जा रहा है. लड़कियां ऐसी साइट्स देखने में हिचकिचाती नहीं हैं बल्कि अपने पार्टनर को पूरा सपोर्ट करती हैं. उन्हें इस बात से कोई गुरेज नहीं है कि उनका पार्टनर इन साइट्स को देखने व दिखाने में इंटरेस्ट दिखा रहा है बल्कि अपने साथी को पूरा सहयोग करती हैं. वो भी दिल खोलकर. आमतौर पर सेक्सोलॉजिस्ट स्वीकारते हैं कि पोर्नोग्राफी और इरोटिक विषय, दिमाग से तनाव को दूर करते हैं. सो इसे रोगोपचार भी कहा जा सकता है.

यह एक ऐसा नुस्खा है जिसमें कोई चिकित्सा नहीं मगर बेहतर स्वास्थ्य पर बेहतर असर है. इसमें सबसे अच्छी बात यह है कि अगर दंपति या पार्टनर्स साथ-साथ ऐसी किताबें पढ़ें तो उनके लिए ज्यादा लाभदायक होती हैं.

मुम्बई स्थित केईएम अस्पताल के डॉ-प्रकाश कोठारी बताते हैं कि उनके पास जितने भी दंपति चिकित्सा के लिए आते हैं उनमें से ज्यादातर इरोटिक किताबें, पोर्न साइट्स देखना पसंद करते हैं. वह कहते हैं, फ्इरोटिक किताबें पढ़ना आज के दौर में जीवन का एक हिस्सा जैसा बनता जा रहा है. यह एक किस्म से फोरप्ले का काम करता है. इससे उत्तेजित होने में आसानी होती है. इससे दोनों पार्टनर्स बहुत ही जल्द एक दूसरे में खो जाते हैं.य् चाहे नवदंपति हाें या फिर किसी की शादी के 20 साल गुजर चुके हों.

अगर सेक्स में नयापन चाहिए या फिर सेक्स में एकरसता आ गई हो और उसे दूर करना चाहते हों तो सबसे आसान उपाय यही है कि कुछ ऐसी तस्वीरें देखी जाएं जो उत्तेजित कर सकें या फिर ऐसी साइट सर्च की जाए जिसमें तस्वीरों के साथ-साथ रोमांच कर देने वाली कहानियां हाें.

इससे जीवन में खुशियां नए सिरे से शामिल हो जाएंगी. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि दंपति कितने नए हैं या कितने पुराने हैं. यह न सिर्फ बिस्तर में काम करता है बल्कि सोच को भी सकारात्मक कर देता है.

ये कहानियां या किताबें कल्पनाओं तक सीमित होती हैं और कल्पनाओं की कोई सीमा नहीं होती. इसलिए हम जो कुछ अपनी कल्पनाओं में कर सकते हैं या करते हैं वह हम हकीकत में करने की सोच भी नहीं सकते. इस किस्म की किताबों को पढ़ने से हमारी सोच में तब्दीलियां आएंगी. एक किस्म से यह व्यक्ति के अंदर मौजूद ऊर्जा को बढ़ाती हैं. यह सिर्फ शारीरिक तौरपर ही लाभदायक नहीं हैं. इससे रिश्ते भी मजबूत होते हैं और भविष्य बेहतर होने की संभावना बरकरार रहती है. कई चिकित्सकों का मानना है कि अगर हम ‘फोरप्ले’ शब्द को परिभाषित करते हैं तो यह एक बहुत बड़ा विषय है जिसका विवरण हम चंद शब्दों में नहीं दे सकते.

इसलिए अगर कहें कि किताबें पढ़ना एक तरह से फोरप्ले ही है तो गलत न होगा. वास्तव में यह आसानी से पुरुषों को उत्तेजित कर सकता है और सेक्स के दौरान उन तमाम घटनाओं को अपनी कल्पना में शामिल कर सकता है जो कि उसने पढ़ी थी.

सेक्सोलॉजिस्ट, मनोविद और विशेषज्ञ ही इन तमाम बातों से सहमत नहीं हैं. इन तमाम बाताें को अपने जीवन में इख्तियार करने वाले दंपति भी इससे सहमत हैं. कामुक कहानियां पढ़ने वाले या इस तरह के साहित्य को किसी भी फॉर्मेट में देखने, सुनने या पढ़ने वाले दंपति जब एक दूसरे को छूते हैं तो उनका स्पर्श इतना प्यार भरा होता है कि शब्दों में बयान करना नामुमकिन होता है. इससे उनका सारे दिन का तनाव भी खत्म हो जाता है और हर आने वाला दिन नई ऊर्जा से भरा होता है.

लेकिन कई ऐसे दंपति भी हैं जो इस बात से सहमत नहीं हैं. ऐसा नहीं है कि वह किताबें पढ़ने या तस्वीर देखने को उत्तेजक न मानते हों. वह इसके खिलाफ भी नहीं हैं. दरअसल कई महिलाओं को लगता है कि हमारे पास जितनी भी किताबें या साइट्स में कहानियां या फोटोग्राफ उपलब्ध हैं, वह कहीं न कहीं हर रूप में मेल ओरिएंटेड यानी पुरुषों को जहन में रखकर बनाई गई हैं.

इसलिए उसमें महिलाओं को उत्तेजित करने वाले तथ्य मौजूद नहीं होते. पुरुष ही इन किताबों को पढ़कर उत्तेजित होते हैं. उत्सुक होते हैं और इस वजह से बिस्तर में भी बेहतर प्रदर्शन करते हैं_ लेकिन इसमें महिलाओं को कोई खास मदद नहीं मिलती.

इसलिए कई दंपति ऐसे हैं जहां पुरुष इन किताबों को अकेला पढ़ता है. उनकी पत्नियां उनका इन किताबों को पढ़ने में साथ देने को, अपने वक्त को जाया करना मानती हैं. लेकिन किसी हद तक यह भी सच है कि महिलाएं भी इन किताबों का पूरा आनंद लेना चाहती हैं. एक दौर था जब महिलाएं कामुक किताबों को पढ़ना तो दूर उन्हें अपने घर पर रखने की इजाजत भी नहीं देती थीं. मगर आज यह गुजरे जमाने की बीती बातें हो चुकी हैं.

आज हम इन पौराणिक विचारधाराओं को अपने जीवन से कोसो दूर छोड़ चुके हैं. आज न सिर्फ पुरुष बल्कि महिलाएं भी इन तमाम विषयों में बढ़ चढ़कर अपनी भागीदारी दर्शाती हैं. कई अविवाहित नवयुवक अपनी शारीरिक मांग को इन किताबों के जरिए शांत करते हैं.

उनका मानना है कि यह शरीर को ठंडक पहुंचाती है. यह इतना प्रभावशाली होता है कि इन कामुक किताबों को पढ़ने के बाद कोई भी कठिन से कठिन उलझन भी आसानी से सुलझ जाती है. सेक्सोलॉजिस्टों के मुताबिक पोर्नोग्राफी वाकई शरीर को तृप्त करने का एक बेहतरीन साधन है. अगर हम देखें कि जितने भी साधन किताबों, नेट या फिर कहीं भी उपलब्ध होते हैं, उनमें जो तस्वीरें मौजूद होती हैं वह पुरुषों को ज्यादा आकर्षित करती हैं, जबकि लिखित मैटर महिलाओं की उत्तेजना को बढ़ाता है.

खैर! जो भी है, हकीकत यही है कि इसमें सेक्स की कोई समस्या नहीं होती. किसी किस्म का कोई दबाव नहीं होता, किसी खास की तलाश करने की भी कोई जरूरत नहीं होती. यह तो कल्पनाओं की उड़ान को ऊंचा और ऊंचा और भी ऊंचा ले जाती है. जहां कोई तनाव, समस्या, परेशानियां नहीं होतीं.

आपकी सेक्स लाइफ खराब कर रहा है टीवी, जानें कैसे

दिनभर के काम के बाद सबसे आरामदेह होता है मैड मेन के क्रेडिट्स पर आंखे गड़ाना और फिर अपने बिस्तर के आगोश में समा जाना. यदि आप अकेली हैं तो ऐसा करना बिल्कुल सही है, लेकिन यदि आप अपने पार्टनर के साथ हैं और फिर भी उनसे बात करने के बजाय डेरेक ऐंड मेरेडिथ देखना पसंद करती हैं तो ये चिंता की बात है.

केवल एक आप ही नहीं हैं, जिसके अच्छे-भले सेक्शुअल जीवन में, दोस्त समझे जानेवाले बुद्धू बक्से ने सेंध लगा दी है. इटली में हुए एक अध्ययन के मुताबिक, ऐसे जोड़े जिनके बेडरूम में टीवी है, उनके बीच सेक्शुअल संबंधों की संख्या, ऐसे जोड़े की तुलना में जिनके बेडरूम में टीवी नहीं है, आधी होती है.

मुंबई के सेक्शुअल मेडिसिन कंसल्टेंट राज ब्रह्मभट्ट इस अध्ययन का समर्थन करते हैं. ‘‘बेडरूम में टीवी आपके सेक्शुअल जीवन को बर्बाद कर देता है,’’ वे आगे बताते हैं,‘‘इन दिनों घर के हर कमरे में टीवी होना फैशन बन गया है. लेकिन इसका विपरीत परिणाम ये है कि कई कपल्स सेक्स के लिए समय निकालने के बजाय सीरियल देखना पसंद करते हैं.’’

सेक्स विनाशक

‘‘मैं अपना पसंदीदा टीवी सीरियल, लिविंग रूम के बजाय आराम से अपने बेडरूम में देखना पसंद करूंगी,’’ कहना है पीआर एग्जेक्यूटिव रितिका साहनी, का. ‘‘पर समस्या ये है कि मेरे और मेरे पति के पसंदीदा प्रोग्राम अलग-अलग हैं. जब तक मैं अपना सीरियल देखकर सोने के लिए तैयार होती हूं, वे अपने प्रोग्राम्स, खबरें या ऐक्शन मूवीज देखना शुरू कर देते हैं. सेक्स का तो नंबर ही नहीं आ पाता.’’

एक तर्क ये हो सकता है कि रिमोट उठाकर टीवी को बंद करने की ही देर है कि अंतरंग पल जिए जा सकते हैं, लेकिन ये इतना आसान नहीं है. ‘‘कई बार कोई सेक्सी फिल्म देखने के बाद हम निजी पल जीने के मूड में आ जाते हैं,’’ ये बताते हुए मीडिया प्रोफेशनल तनिका बसक कहती हैं, ‘‘पर अधिकतर समय हम न्यूज देखते हैं और इसे देखकर निजता की कोई भावना नहीं उभरती.’’

रचनात्मक तरीके

राज बताते हैं, ‘‘मेरे बहुत-से पेशेंट्स बेडरूम से टीवी हटाने के मेरे सुझाव का विरोध करते हैं. पर ये महसूस करना ज़रूरी है कि एल्कोहल की ही तरह टीवी देखने से इच्छाएं तो बढ़ती हैं, लेकिन सक्रियता कम हो जाती है. अत: इसे लिविंग रूम में रखें, ताकि आप इसे अन्य परिजनों के साथ ही देखें. आप इसे देखने के समय में कटौती करने से भी शुरू कर सकते हैं. यदि आप रोज छह घंटे टीवी देखती हैं तो इसे तीन घंटों तक सीमित कर दें. और ये समय ऐसा रखें कि आप दोनों को दाम्पत्य जीवन के सहज पलों को साथ बिताने का पूरा समय मिले.’’

ये कठिन ज़रूर है, पर पूरी तरह संभव है. अपने सेक्शुअल संबंधों की गर्माहट को पुनर्जीवित करें. फिर आपको ख़ुद ही महसूस होने लगेगा कि वास्तविक जीवन का यह एपिसोड टीवी सीरियल्स के एपिसोड से कहीं ज्यादा अच्छा अनुभव है.

अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिएसब्सक्राइब करें