अंबाला शहर में परिवार के लोग हरिद्वार गंगा स्नाबन के लिए गए थे और घर में पिता-पुत्री रह गए थे. घर में बेटी को अकेली देख पिता की नीयत खराब हो गई और उसने उसे दुष्कीर्म का शिकार बना डाला.